Wednesday, February 11, 2026
Home Blog Page 5

कलेक्टर से मिला सरपंच प्रतिनिधि मंडल, ग्राम विकास कार्यों पर हुई अहम चर्चा

श्योपुर, 15 जनवरी 2026
विकासखण्ड विजयपुर अंतर्गत ग्राम पंचायतों के सरपंच प्रतिनिधि मंडल ने आज कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भेंट कर ग्राम पंचायतों से जुड़े विभिन्न विकास विषयों पर चर्चा की। इस दौरान जनपद अध्यक्ष विजयपुर बदन सिंह रावत सहित अनेक ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 15 फरवरी तक योजना के पोर्टल की लॉगइन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी, जिसके बाद अनुमत कार्यों को कराया जा सकेगा। उन्होंने सरपंचों से अपेक्षा की कि योजना के अंतर्गत केवल जनहितैषी, उपयोगी एवं अनुमत कार्यों का ही चयन किया जाए तथा प्रशासकीय व तकनीकी स्वीकृति के पश्चात ही मस्टर जारी कर कार्य प्रारंभ किए जाएं।

कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और समुदाय के लिए दीर्घकालिक लाभ देने वाले कार्यों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में शांतिधाम (मुक्तिधाम) का निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाए। जो शांतिधाम जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, उनकी मरम्मत कराई जाए।

उन्होंने जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग की राशि से शांतिधाम की मरम्मत, बाउंड्रीवाल, एप्रोच रोड जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। साथ ही मुक्तिधाम में पेयजल, वृक्षारोपण, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के निर्देश भी दिए।

बैठक के दौरान सरपंच प्रतिनिधि मंडल ने टर्राकलां में रेलवे लाइन अंडरपास निर्माण के लिए कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

इस अवसर पर ग्राम विकास को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ और सरपंचों ने प्रशासन के साथ मिलकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भरोसा दिलाया।

सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर प्रशासन सख्त, 15 दिन में 10 गांवों तक पहुंचेगा पानी


किसानों के साथ बैठक में कलेक्टर ने तय किया टाइमलाइन, डीपीआर अनुसार होगा पूरा क्रियान्वयन

श्योपुर, 15 जनवरी 2026
चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को लेकर प्रशासन ने अब निर्णायक रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में कमांड क्षेत्र के किसानों और विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्पष्ट किया गया कि परियोजना का क्रियान्वयन डीपीआर के अनुरूप शत-प्रतिशत कराया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने क्रियान्वयन एजेंसी को निर्देश दिए कि अगले 15 दिवस में कम से कम 10 ग्रामों के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाकर दिखाया जाए। इसके लिए मौके पर पानी चलाकर प्रदर्शन किया जाएगा। 15 दिवस बाद पुनः बैठक आयोजित कर फील्ड स्तर पर पानी पहुंचने की वास्तविक समीक्षा की जाएगी।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री चैतन्य चौहान, उप संचालक कृषि जीके पचौरिया, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी डब्ल्यूपीआईएल के प्रतिनिधि दिग्विजय सिंह, अन्य अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

12 हजार हेक्टेयर सिंचाई लक्ष्य पर फोकस

कलेक्टर ने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का उद्देश्य 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराया जाएगा। कमांड क्षेत्र के किसानों की सभी समस्याओं का समाधान कर हर खेत तक पानी पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि परियोजना को सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। 15 दिवस में 10 ग्रामों में पानी पहुंचने के बाद स्वयं फील्ड निरीक्षण किया जाएगा और किसानों से फीडबैक लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इजरायली तकनीक से बनी है परियोजना

डब्ल्यूपीआईएल कंपनी द्वारा निर्मित यह सूक्ष्म सिंचाई परियोजना इजरायली तकनीक पर आधारित है। खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रेशर और दबाव तकनीक से पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसमें स्प्रिंकलर सिस्टम के माध्यम से सिंचाई का प्रावधान है।

परियोजना अंतर्गत हिरनीखेड़ा में इंटेक वेल और पंप हाउस, जबकि लून्ड में बूस्टर पंप स्थापित किया गया है। कंपनी को 5 वर्षों तक परियोजना के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। कुल 782.43 किलोमीटर ग्रेविटी लाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि मैन लाइन का कार्य अलग से किया गया है।

जल वितरण के लिए 413 बॉक्स प्रस्तावित हैं, जिनमें से 404 बॉक्स स्थापित किए जा चुके हैं। प्रत्येक 30 हेक्टेयर क्षेत्र पर एक बॉक्स लगाया गया है, जिससे 4 से 5 आउटलेट दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जीएम-1 और जीएम-2 की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है, जबकि जीएम-3 की ट्रायल टेस्टिंग जारी है।

प्रशासन का साफ संदेश:
अब केवल कागजी प्रगति नहीं चलेगी, खेतों तक पानी पहुंचे—यही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की सफलता का असली पैमाना होगा।

पाइपलाइन कार्य से उखड़ी सड़कों का तुरंत रिस्टोरेशन करें डीएम के सख्त निर्देश, वार्डों में जाकर मौके पर सुलझें समस्याएं

श्योपुर, 15 जनवरी 2026
जलावर्धन योजना के तहत शहर में पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी जा रही सड़कों और सीसी रोड की बदहाल स्थिति को लेकर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश अर्बन डवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुदाई के बाद सड़कों का रिस्टोरेशन तत्काल और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाए

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि अधिकारी वार्डों का नियमित भ्रमण करें और स्थानीय नागरिकों व पार्षदों द्वारा बताई गई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करें। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर सिंह सिसौदिया, सुजीत गर्ग, नगरपालिका सीएमओ राधेरमण यादव, नगर पालिका श्योपुर के पार्षदगण एवं एमपीयूडीसी के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के लिए कटर के माध्यम से ही सीसी सड़क की खुदाई की जाए, जिससे सड़क का अन्य हिस्सा अनावश्यक रूप से क्षतिग्रस्त न हो। पाइपलाइन डालने के बाद तत्काल टेस्टिंग कराकर सड़क का रिस्टोरेशन किया जाए, ताकि आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि वार्ड पार्षदों द्वारा जैसे ही किसी समस्या की जानकारी दी जाए, उसी समय तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहर के विभिन्न वार्डों में लंबित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।

बैठक में एमपीयूडीसी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि जलावर्धन योजना के अंतर्गत 65 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शहरी क्षेत्र में शेष कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं पार्षदों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन पर अमल करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन का संदेश स्पष्ट
विकास कार्यों के नाम पर नागरिकों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है।

शहर में अज्ञात चोर गिरोह द्वारा एटीएम मशीन से कैश चोरी की वारदात का पुलिस ने किया खुलासा

 

शहर में अज्ञात चोर गिरोह द्वारा एटीएम मशीन से कैश चोरी की शिकायतो के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक श्योपुर  सुधीर अग्रवाल के निर्देशन, अति. पुलिस अधीक्षक श्योपुर  प्रवीण भूरिया, एसडीओपी श्योपुर श्री राजीव गुप्ता के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा ए.टी.एम. कैश चोरी की बारदात का खुलासा

श्योपुर दिनांक 14 जनवरी 2026

दिनांक 13.01.2026 को सुबह के समय थाना प्रभारी कोतवाली श्योपुर निरीक्षक सत्यमसिंह गुर्जर को सूचना मिली कि बायपास रोड पर स्थित बैंक ऑफ इण्डिया के एटीएम पर एक संदिग्ध व्यक्ति एटीएम मशीन से कैश चुराने की ताक में घूम रहा है। जिस पर थाना प्रभारी द्वारा कोतवाली श्योपुर पर पदस्थ सउनि बृजराजसिंह यादव को मय फोर्स तत्काल मौके पर रवाना किया मौके पर पहुंचकर देखा तो एक संदिग्ध व्यक्ति एटीएम मशीन में कैश निकलने के स्थान पर काला टेप लगाकर ग्राहको के निकले हुए पैसे को चुराने का प्रयास कर रहा था। जैसे ही पुलिस पहुची तो उक्त व्यक्ति भागने का प्रयास करने लगा तब मौके पर पुलिस ने आमजन की सहायता से उक्त व्यक्ति को पकडा व नाम पता पूछा तो अपना नाम इमरान पुत्र इब्राहिम मुसलमान उम्र 23 साल निवासी अनन्तपुरा कोटा राजस्थान का होना बताया। तब आरोपी को पकड कर थाने लाया गया एवं अपराध क्र. 14/26 धारा 62,305 (ई), 332 (सी) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। ज्ञात हो कि आरोपी पर पूर्व में भी एटीएम मशीन काटकर पैसा निकालने का भी अपराध पंजीबद्ध है जिस प्रकरण में आरोपी दो माह पहले ही जेल से जमानत पर छूटा है 

सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली श्योपुर निरीक्षक सत्यमसिंह गुर्जर, व उनकी टीम सउनि बृजराजसिंह यादव, सउनि संजयसिंह यादव, प्र. आर.412 अंसार खांन, आर.285 बृजमोहन यादव, आर. 616 रविन्द्र त्यगी, आर.313 दीपक लाहोटी, आर.342 बनेश मल्लाह, आर.456 देवेन्द्र गुर्जर, आर.500 कमल गुर्जर, आर.631 करतार गुर्जर की विशेष सराहनीय भूमिका रही।

सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस पर वीरों का सम्मान, देशभक्ति से गूंजा कलेक्ट्रेट पूर्व सैनिकों व परिजनों को शॉल-श्रीफल भेंट कर किया गया गौरव अभिनंदन

श्योपुर, 14 जनवरी 2026


10वें सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिले के पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभक्ति और सम्मान का वातावरण देखने को मिला।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस पर पूर्व सैनिक कैप्टन राजेश कुमार सिंह, हवलदार पवन कुमार शर्मा, सूबेदार महेन्द्र सिंह, रायफलमैन कादर अली, नायक मांगीलाल, नायक सूबेदार सुल्लखन सिंह, नायक रामनाथ आर्य, सवार संदीप सिंह राठौर, हवलदार तैयय्ब अली, हवलदार बापू सिंह, हवलदार लोकेन्द्र राठौर, हवलदार सूबेदार सिंह को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

इसके साथ ही शहीद पूर्व सैनिक हवलदार नंदलाल की धर्मपत्नी मांगीबाई को भी सम्मानित कर प्रशासन की ओर से श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम में कहा गया कि पूर्व सैनिकों का योगदान केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका अनुशासन, साहस और राष्ट्रभक्ति समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। सशस्त्र बल वेटरन्स दिवस पर वीर जवानों और उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कराहल जनपद की पंचायतों में औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर गिरी गाज सीईओ जिला पंचायत के सख्त तेवर, मानदेय राजसात से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई

श्योपुर, 14 जनवरी 2026
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने जनपद पंचायत कराहल अंतर्गत ग्राम पंचायत पहेला, झिरन्या, सूसवाडा एवं रीछी का औचक निरीक्षण कर जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण में जनपद पंचायत कराहल के सीईओ राकेश शर्मा, परियोजना अधिकारी वाटरशेड पी.एस. राजपूत, परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह जाट सहित बीसी आवास के अधिकारी उपस्थित रहे।

पहेला पंचायत में कड़ी कार्रवाई

ग्राम पंचायत पहेला में आरजीएसए अंतर्गत निर्माणाधीन पंचायत भवन का निरीक्षण किया गया। आंगनबाड़ी भवन व परिसर में स्वच्छता बनाए रखने तथा शांतीधाम में मरम्मत, साफ-सफाई, चबूतरे की ऊंचाई बढ़ाने और मुख्य द्वार निर्माण के निर्देश दिए गए।

पंचायत में निर्मित परिसंपत्तियों का सत्यापन कर पोर्टल पर दर्ज करने, प्रधानमंत्री आवास एवं समग्र ई-केवाईसी को 7 दिवस में शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अव्यवस्थाओं पर सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक का 15 दिवस का मानदेय राजसात करने तथा सचिव की एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश जारी किए गए।

स्कूल, आयुष औषधालय और छात्रावास की जांच

सीईओ ने निर्माणाधीन नवीन सांदीपनी स्कूल भवन का निरीक्षण किया और पुराने भवन में पढ़ रहे बच्चों से संवाद कर शिक्षकों को पाठ्यक्रमानुसार अध्यापन कराने के निर्देश दिए। किचन शेड निरीक्षण में छात्रों की संख्या के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण गर्म भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

आयुष औषधालय बंद पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शासकीय आदिवासी जूनियर बालक छात्रावास में 50 पंजीकृत छात्रों में से केवल 12 छात्र उपस्थित पाए जाने पर छात्रावास अधीक्षक को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।

नलजल योजना बंद मिलने पर संबंधित उपयंत्री के विरुद्ध कार्रवाई कर योजना को शीघ्र सुचारू करने के निर्देश दिए गए।

झिरन्या, सूसवाडा और रीछी में निर्देश

ग्राम पंचायत झिरन्या में संचालित गौशाला का निरीक्षण किया गया, जहां 70 गोवंश पाए गए। संचालन संतोषजनक मिलने पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं की सराहना की गई। शासकीय भूमि सुरक्षा के लिए सीपीडब्ल्यू निर्माण स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत सूसवाडा में शांतीधाम की साफ-सफाई एवं मरम्मत कार्य 7 दिवस में पूर्ण करने, पंचायत परिसंपत्तियों को पोर्टल पर दर्ज करने, मनरेगा कार्य पूरे करने और ई-केवाईसी 3 दिवस में शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत रीछी में गौशाला निरीक्षण के दौरान शेष कार्य 7 दिवस में पूर्ण करने और स्व-सहायता समूह का चयन कर संचालन प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। यहां भी शासकीय भूमि सुरक्षा के लिए सीपीडब्ल्यू निर्माण के निर्देश जारी किए गए।

प्रशासन का संदेश साफ
जमीनी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

टोंक खजाना कांड का पर्दाफाश: अघोरी बाबा ने जमीन में गाड़ा था नकली सोना, ऐसे रची साजिश

 

दिनांक  7/1/26

टोंक के देवरी गांव में जमीन से खजाना मिलने की खबर महज एक ठगी की साजिश निकली. ‘तत्काल अघोरी महाराज’ बनने वाले मुकेश मीणा ने लोगों को ठगने के लिए जयपुर से पुरानी हांडी खरीदकर उसमें 5 किलो नकली सोना दबाया था.
टोंक जिले के देवरी गांव में 3 जनवरी को दौरान जमीन से धातु की एक हांडी मिली. लोग उस जगह पर खजाना होने की बात कहने लगे. ये बात जब फैली तो अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई. पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा. और पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि यहां कोई खजाना नहीं था. बल्कि मासूम लोगों को ठगने की एक झूठी कहानी तैयार की गई है. इस केस में मुकेश मीणा उर्फ अघोरी बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मुकेश ने ही जयपुर से हांडी मंगवाई थी और उसमें नकली सोने की ईंटें रखीं थी फिर उसे जमीन में दबा दिया और लोगों को ठगने की योजना बनाई थी.

केसे बना पूरा मामला ?
3 जनवरी को ग्राम पंचायत सीदड़ा क्षेत्र में खुदाई के दौरान जब बड़ी हांडी मिली थी. इलाके में खजाने की चर्चा फैल गई थी. शुरुआती पूछताछ में मुकेश की भूमिका संदिग्ध लगी. लेकिन उसने अपनी भूमिका से इनकार किया लेकिन पुलिस रिमांड के दौरान सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी साजिश कबूल कर ली.

जयपुर से खरीदी थी पुरानी हांडी
पुलिस के अनुसार, मुकेश पहले जयपुर जिले के चाकसू में इसी तरह की ठगी कर चुका था, जिसमें करीब पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी. इसके बाद उसने अपने गांव के पास देवरी के चरागाह क्षेत्र को अगला निशाना बनाया.

क्या रहा पूरा मामला 

टोंक जिले के देवरी गांव में 3 जनवरी को दौरान जमीन से धातु की एक हांडी मिली. लोग उस जगह पर खजाना होने की बात कहने लगे. ये बात जब फैली तो अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई. पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा.इस बीच ग्रामीणों ने सोसल मिडिया पर लाइव चला दिया  और जे सी बी बुल्डोजर मंगवाया गया और खुदाई शुरू हुई थोड़ी खुदाई में चप्पल  मिलने से मर्डर कर बॉडी  गाढने का केस लगा फिर करीब 22 मिनिट खुदाई के बाद हांड़ी निकली जिसे सोसल मिडिया पर साफ देखा गया की गाँव की भीड़ उसे लूटती नजर आई है जिससे समूचे चेत्र में सनसनी फेल गई 

पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि यहां कोई खजाना नहीं था. बल्कि मासूम लोगों को ठगने की एक झूठी कहानी तैयार की गई है. इस केस में मुकेश मीणा उर्फ अघोरी बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मुकेश ने ही जयपुर से हांडी मंगवाई थी और उसमें नकली सोने की ईंटें रखीं थी फिर उसे जमीन में दबा दिया और लोगों को ठगने की योजना बनाई थी.

प्राप्त सोर्श गूगल Tonk handi case,tonktonk
social share
google news

रामेश्वर धाम में जाट प्रतिभा सम्मान समारोह बना ऐतिहासिक 218 प्रतिभाओं का सम्मान, छात्रावास भूमि आदेश सौंपा, 51 लाख की राशि समाज को समर्पित

श्योपुर, खंडार जिला सवाई मधोपुर 13 जनवरी 2026


रामेश्वर धाम में आयोजित 12वें जाट प्रतिभा सम्मान समारोह में समाज के बीच उपस्थित होकर गौरव और आत्मिक संतोष का वातावरण देखने को मिला। समारोह में शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 218 प्रतिभाओं का सम्मान किया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि जाट समाज निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

                 विडियो देखे 

हमारे संवाददाता गिर्राज प्रसाद जाट ने बताया कि समारोह के दौरान नरेंद्र सिंह चौधरी प्रधान, पंचायत समिति खंडार ने जाट समाज के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए छात्रावास निर्माण हेतु भूमि आवंटन का आदेश समाज को सौंपा गया। इसके साथ ही समाज की भावना और आग्रह को सम्मान देते हुए ₹51 लाख (इक्यावन लाख रुपये नगद) छात्रावास निर्माण के लिए समाज को समर्पित किए गए। यह घोषणा समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण रही।

नरेंद्र सिंह चौधरी प्रधान, पंचायत समिति खंडार द्वारा ₹51 लाख सप्रेम भेंट

कार्यक्रम में कहा गया कि समाज की सेवा सौभाग्य और कर्तव्य दोनों है और समाज यदि किसी भी प्रकार की सेवा का आदेश देगा, तो उसके लिए सदैव तत्पर रहेंगे। यह संकल्प समाज के प्रति प्रतिबद्धता और समर्पण को दर्शाता है।

इस गरिमामय अवसर पर खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल का मार्गदर्शन, सहयोग और समाज के प्रति सकारात्मक सोच सभी के लिए प्रेरणास्रोत रही। उनके विचारों ने युवाओं में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

समारोह के समापन पर समाजजनों, आयोजकों, अतिथियों एवं युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने वाला एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का बड़ा अभियान, शासकीय भूमि की होगी सख्त जांच प्लाटिंग-रास्तों में सरकारी जमीन शामिल मिली तो बेदखली, जुर्माना और धारा 248 की कार्रवाई

श्योपुर, 13 जनवरी 2026
जिले में अवैध कॉलोनाइजिंग पर शिकंजा कसते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सभी एसडीएम को निर्देश जारी किए हैं कि अवैध कॉलोनियों में प्लाटिंग एवं रास्तों के निर्माण में शासकीय भूमि के उपयोग की गहन जांच की जाए। यदि किसी भी स्थान पर सरकारी भूमि का अनाधिकृत उपयोग पाया गया, तो संबंधित व्यक्तियों एवं कॉलोनाइजरों के विरुद्ध धारा 248 के तहत बेदखली और जुर्माना लगाया जाएगा।

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि अभियान मोड में ऐसी कॉलोनियों को चिन्हित किया जाए, जहां शासकीय भूमि को शामिल कर प्लाटिंग की गई है। इन स्थलों पर संयुक्त दल गठित कर सीमांकन कराया जाए तथा राजस्व अभिलेखों के आधार पर शासकीय भूमि की सटीक पहचान की जाए।

सीमांकन के उपरांत शासकीय भूमि की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए तार फेसिंग, स्थायी मुड्डियां एवं चिन्हांकन किया जाएगा, ताकि भविष्य में अतिक्रमण न हो सके। शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और प्लाटिंग वाले स्थलों की सूची तैयार कर स्थल निरीक्षण भी किया जाएगा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जहां कहीं भी शासकीय भूमि का दुरुपयोग पाया जाएगा, वहां संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और भूमि को मुक्त कराया जाएगा। सभी एसडीएम को यह कार्यवाही 15 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

आम नागरिकों से अपील

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिन कॉलोनियों में शासकीय भूमि को शामिल कर अवैध रूप से प्लाटिंग की गई है, वहां प्लाट न खरीदें। ऐसे मामलों में प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।

उन्होंने बताया कि भू-खण्ड की वैधता की जानकारी एवं उचित परामर्श उपलब्ध कराने के लिए कलेक्ट्रेट में कॉलोनी सेल का गठन किया गया है। नागरिक वैध कॉलोनी में प्लाट खरीदने से पहले डिप्टी कलेक्टर संजय जैन से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशासन का सख्त संदेश:
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनाइजिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय है।

बिना लाइसेंस काटी कॉलोनी पर सख्त एक्शन, 50 हजार का जुर्माना अवैध घोषित कॉलोनी, प्लॉटों की खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक

श्योपुर, 13 जनवरी 2026
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशों के तहत जिले में अवैध कॉलोनाइजिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में बिना लाइसेंस कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजर पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही संबंधित कॉलोनी को अवैध घोषित करते हुए प्लॉटों की खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा दी गई है।

एसडीएम गगन सिंह मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि बड़ौदा तहसील के ग्राम मूंडला स्थित विभिन्न सर्वे नंबरों की भूमि पर खाटूश्याम कंस्ट्रक्शन सर्विस के नाम से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। जांच में पाया गया कि सर्वे क्रमांक 233/32/1 (0.036 हे.), 233/3/2 (0.225 हे.), 235/4/1 (0.800 हे.), 233/4/2 (1.290 हे.) की भूमि पर बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस प्राप्त किए तथा बिना ले-आउट स्वीकृति के कॉलोनी काटी गई।

मामले में योगेश सिंह तोमर, चंद्रशेखर सिंह तोमर एवं राकेश श्रीवास (निवासी ग्वालियर, वर्तमान निवासी ग्राम मूंडला) के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 एवं मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत (कॉलोनियों का विकास नियम) 2014 के तहत कार्रवाई की गई। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व न्यायालय श्योपुर में प्रकरण क्रमांक 0001/अ-89(13)/2025-26 दर्ज कर नोटिस जारी किए गए।

तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं सचिव के संयुक्त दल द्वारा की गई जांच में अवैध कॉलोनाइजिंग की पुष्टि हुई। प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय द्वारा 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया और कॉलोनी में किसी भी प्रकार की प्लॉट बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।

इसके साथ ही नायब तहसीलदार पांडोला, तहसील बड़ौदा को उक्त आदेश की प्रविष्टि राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि सर्वे क्रमांक 219/4/5 की शासकीय भूमि (कुल रकबा 0.418 हे.) में से 0.261 हे. पर अवैध अतिक्रमण किया गया है। इस पर एमपीएलआरसी की धारा 248 के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश
बिना अनुमति और नियमों के विरुद्ध कॉलोनी विकसित करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, और अवैध कॉलोनाइजिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।