श्योपुर झालावाड़ दिनांक 15/3/2026
राजस्थान के झालावाड़ जिले की मनोहरथाना तहसील अंतर्गत आंवलहेड़ा पंचायत की गुराड़ी गौशाला में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय गौ रक्षा महासंघ की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया तो हालात चौंकाने वाले मिले। टीम के अनुसार जिस गौशाला में 270 गौवंश के नाम पर सरकारी अनुदान लिया जा रहा है, वहां करीब 200 गौवंश कुपोषित और बेहद कमजोर हालत में पाए गए।
प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह पंवार राजपूत के नेतृत्व में हुई जांच में मौके पर मौजूद गौवंश की गणना की गई। निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग की 12 क्रमांक की टेकिंग सील लगे छोटे-बड़े गौवंश नजर आए, जबकि कुछ गायें गौशाला से बाहर भटकती हुई भी मिलीं।
तहसीलदार को दी गई सूचना Gaushala

मामले की जानकारी तुरंत मनोहरथाना तहसीलदार माधव लाल बेरवा को दी गई। गौ रक्षा महासंघ का आरोप है कि पशुपालन विभाग के कुछ अधिकारियों की पहले भी गौशालाओं में मिलीभगत सामने आ चुकी है, इसलिए उन्हें इस बार पूर्व सूचना नहीं दी गई।
समिति का दावा है कि पहले कई बार निरीक्षण से पहले अधिकारियों को सूचना देकर औपचारिक जांच कर ली जाती थी और कमियों को छिपाने के लिए फर्जी सील लगाकर कागजी कार्रवाई पूरी कर दी जाती थी।
CowProtection भूसा भंडार भरा, लेकिन चारे का अभाव

निरीक्षण में गुराड़ी गौशाला के भूसा भंडार में स्टॉक तो नजर आया, लेकिन गौवंश के लिए हरा चारा और अन्य पोषक आहार की व्यवस्था लगभग नदारद मिली। गौशाला में पोषाहार के नाम पर केवल चार कट्टे यानी करीब दो क्विंटल चारा ही उपलब्ध मिला।
70 पंजीकृत गौवंश भी नहीं मिले
JhalawarNewsगौशाला के रिकॉर्ड में दर्ज 70 गौवंश भी मौके पर नहीं मिले। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि गौशाला में मौजूद पशु वही हैं या नहीं जिनके नाम पर अनुदान लिया जा रहा है।
समिति सदस्य गायब, दस्तावेज नहीं मिले
निरीक्षण के दौरान गौशाला के अधिकांश समिति सदस्य मौजूद नहीं मिले। सचिव मथुरा लाल लोधा भी मौके पर नहीं पहुंचे। प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे नंदलाल लोधा से चर्चा की गई, लेकिन दो घंटे तक इंतजार के बावजूद गौशाला के रजिस्टर और अन्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
मौके पर केवल एक बुजुर्ग दंपति गौसेवा करते हुए मिला। जानकारी मिली कि गौवंश को जंगल में चराने के लिए अलग से दो मजदूर रखे गए हैं।
पांच साल के रिकॉर्ड की होगी जांच
CorruptionAlert मामले को गंभीर मानते हुए अब उपखंड अधिकारी और तहसीलदार मनोहरथाना के नेतृत्व में जांच कराई जाएगी। गौशाला के पिछले पांच साल के बैठक रजिस्टर, प्रस्ताव रजिस्टर, अनुदान रजिस्टर और भौतिक सत्यापन से जुड़े दस्तावेजों की जांच होगी।
सूत्रों के अनुसार जिले की दो अन्य गौशालाओं में भी पहले जांच के दौरान करीब 1000 गौवंश गायब मिलने का मामला सामने आया था।
घटती संख्या और कुपोषण पर उठे सवाल RajasthanNews
ManoharThanaगौ रक्षा महासंघ का कहना है कि सरकारी अनुदान मिलने के बावजूद गौशालाओं में गौवंश की संख्या लगातार घट रही है और दूध देने वाली गायें लगभग नहीं के बराबर हैं। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि गौशालाओं को मिलने वाला सरकारी और ग्रामीण सहयोग आखिर किस दिशा में खर्च हो रहा है।
मामले ने पूरे झालावाड़ जिले में गौशालाओं की व्यवस्था और अनुदान के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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