श्योपुर दिनांक 28/3/26
श्योपुर। पिछले लगभग 9 वर्षों से फाइलों में अटके चंबल अटल एक्सप्रेस-वे को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। हाल ही में शासन ने इसे पुराने एलाइनमेंट के अनुसार ही बनाने का निर्णय लिया है, जिसके बाद जिले में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। नए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद अब श्योपुर जिले में इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की संभावना है।
ChambalExpressway यह एक्सप्रेस-वे चंबल संभाग के तीन जिलों—श्योपुर, मुरैना और भिण्ड—से होकर गुजरेगा। श्योपुर जिले में इसकी कुल लंबाई 95.59 किलोमीटर प्रस्तावित है, जो 57 गांवों की सीमा से होकर निकलेगी। केंद्र सरकार द्वारा 3 मार्च 2022 को जारी गजट नोटिफिकेशन के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3(क) के तहत भू-अर्जन की कार्रवाई की जाएगी।
श्योपुर के 36 और वीरपुर के 21 गांव होंगे प्रभावित
इस एक्सप्रेस-वे में श्योपुर तहसील के 36 और वीरपुर तहसील के 21 गांव शामिल होंगे। श्योपुर तहसील के प्रमुख गांवों में खिरखिरी, विलौनी, बगदरी, जगदिया, धीरोली, सेवापुर, सिरसौद, जवासा, जैनी, सामरसा, ऊंचाखेड़ा, बिचपुरी, दांतरदाकला, मोहम्मदपुर, बनवाड़ा, जालेरा, फतेहपुर, डाबरसा, जलालपुरा, पानडी, चकज्वाड़ा, विठ्ठलपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं।
वहीं वीरपुर तहसील के अंतर्गत मुखवास, भूरेंडी, खरोदाकला, मिलावली, बरौली, चैनपुर, जेतपुरा, नदीगांव, लोलोली, दिमरला, नितनवास, हीरापुर, मुठारा, वालपुरा, धोरीबावड़ी, दुबावली और पार्वतीपुरा जैसे गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे।
3 साल से रुकी प्रक्रिया अब फिर हुई शुरू
Development इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2018 में चंबल नदी के किनारे एक्सप्रेस-वे निर्माण की परिकल्पना के साथ हुई थी। इसके बाद कई बार इसका नाम बदला गया—चंबल एक्सप्रेस-वे, चंबल प्रोग्रेस-वे, चंबल अटल एक्सप्रेस-वे और अटल प्रगति पथ। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने इसका गजट नोटिफिकेशन जारी किया था।
Infrastructure हालांकि वर्ष 2023 में किसानों के विरोध के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस परियोजना को होल्ड कर दिया था और नए एलाइनमेंट की बात कही गई थी। अब 2026 में शासन द्वारा पुराने एलाइनमेंट पर ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है, जिससे प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है।
किसानों की जमीन कम, सरकारी जमीन ज्यादा होगी उपयोग
AtalProgressWay नई योजना के अनुसार इस बार एक्सप्रेस-वे के निर्माण में किसानों की निजी भूमि का कम से कम उपयोग किया जाएगा, जबकि सरकारी जमीन को प्राथमिकता दी जाएगी। श्योपुर-कोटा मार्ग पर अहवाड़ गांव से लेकर मुरैना जिले की सीमा तक यह मार्ग विकसित किया जाएगा।
फैक्ट फाइल
कुल लंबाई (तीनों जिले): 311.85 किमी
श्योपुर जिले में लंबाई: 95.59 किमी
कुल प्रभावित गांव: 57
श्योपुर तहसील: 36 गांव
वीरपुर तहसील: 21 गांव
कलेक्टर का बयान
श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा के अनुसार, “चंबल अटल प्रोग्रेस-वे को लेकर शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। उन्हीं के अनुरूप जिले में जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”