- 👉 “जय भीम की गूंज से जागा श्योपुर, युवाओं ने उठाया संविधान का मुद्दा”
- 👉 “पदयात्रा से जागरूकता तक—अंबेडकर जयंती पर युवा एकजुट”
- 👉 “नई पीढ़ी का संकल्प—संविधान और समरसता के रास्ते पर”
श्योपुर/कराहल, 14 अप्रैल 2026
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर श्योपुर जिले में जगह-जगह कार्यक्रमों की धूम रही। कहीं जय भीम पदयात्रा निकाली गई, तो कहीं जागरूकता कार्यक्रम और संगोष्ठियों के जरिए युवाओं को संविधान और समानता का पाठ पढ़ाया गया।
श्योपुर में निकली जय भीम पदयात्रा, युवाओं का जोश हाई
शासकीय पीएम एक्सीलेंस स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में—
👉 प्राचार्य ओपी शर्मा ने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
👉 पदयात्रा महाविद्यालय से गांधी नगर, पाली रोड होते हुए वापस कॉलेज पहुंची
👉 पूरे रास्ते संविधान और समानता के नारे गूंजते रहे
👉 एनसीसी, एनएसएस और जन अभियान परिषद के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया
संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन
👉 एनसीसी अधिकारी अरविंद कुमार दोहरे ने
👉 सभी प्रतिभागियों को संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया
वक्ताओं ने बताया बाबा साहेब का विजन
👉 वक्ताओं ने कहा—
- बाबा साहेब ने समानता और न्याय की मजबूत नींव रखी
- युवाओं को संविधान और अधिकारों की समझ होना जरूरी
- समाज में समरसता ही असली ताकत है
कराहल में भी जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों को मिला संदेश
इसी कड़ी में कराहल ब्लॉक मुख्यालय के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में भी व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित हुआ।
👉 कार्यक्रम की शुरुआत
- राकेश शर्मा
- नेहा सिंह
- नीतू गौतम
द्वारा दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से की गई।
“शिक्षा और समानता ही आगे बढ़ने का रास्ता”
👉 राकेश शर्मा ने कहा—
- अंबेडकर संविधान के मुख्य शिल्पी और महान समाज सुधारक थे
- उन्होंने शोषितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया
👉 नेहा सिंह ने कहा—
- “अपना रास्ता खुद बनाना होगा, शिक्षा अपनानी होगी”
युवाओं की सक्रिय भागीदारी
👉 सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राएं
👉 परामर्शदाता और स्थानीय सहभागी बड़ी संख्या में मौजूद रहे
साफ संदेश— नई पीढ़ी अंबेडकर के विचारों पर चलने को तैयार
श्योपुर से कराहल तक हुए इन आयोजनों ने यह साफ कर दिया कि
👉 युवा अब संविधान, अधिकार और सामाजिक समरसता को लेकर जागरूक हो रहे हैं
👉 अंबेडकर के विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं