Friday, March 6, 2026
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रामपुराडांग में 23 बीघा से ज्यादा जमीन पर चला प्रशासन का डंडा, अवैध पट्टे निरस्त कर भूमि शासकीय घोषित

श्योपुर, 07 मार्च 2026
श्योपुर जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। न्यायालय अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने निगरानी प्रकरण क्रमांक 0105/निगरानी/2024-25 में बड़ा फैसला सुनाते हुए तहसील श्योपुर के ग्राम रामपुराडांग की 23 बीघा 16 बिस्वा भूमि को शासकीय घोषित कर दिया है।

जांच में सामने आया कि उक्त जमीन पर पूर्व में अवैधानिक तरीके से पट्टे जारी कर दिए गए थे। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी अभिलेख जांच शाखा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

Sheopur Rampuradang land case,

तीन अवैध पट्टे किए गए निरस्त

आदेश के अनुसार वर्ष 1994 में तहसीलदार न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 10/अ-86/93-94 के तहत सलीम पुत्र जलालुद्दीन निवासी बगवाज के नाम ग्राम रामपुराडांग के सर्वे क्रमांक 30 की 06 बीघा 07 बिस्वा भूमि पर पट्टा दर्ज किया गया था।

इसी प्रकार वर्ष 1995 में नायब तहसीलदार न्यायालय वृत्त गोरस के प्रकरण क्रमांक 28/94-95/अ-86 में पारित आदेश के तहत सिराज पुत्र नन्हे खां निवासी बगवाज के नाम सर्वे क्रमांक 46 मिन एवं 182 मिन की कुल 08 बीघा 14 बिस्वा भूमि तथा सलमा पुत्री इस्लाममुद्दीन निवासी बगवाज के नाम सर्वे क्रमांक 182 मिन की 08 बीघा 15 बिस्वा भूमि दर्ज की गई थी।

Sheopur government land action

जांच में पाया गया कि ये तीनों पट्टे अवैधानिक तरीके से प्राप्त किए गए थे, जिसके चलते न्यायालय ने सभी पट्टों को निरस्त करते हुए कुल 23 बीघा 16 बिस्वा भूमि को शासकीय घोषित कर दिया है।

Sheopur illegal patta cancelled

सरकारी जमीन पर कब्जों के खिलाफ सख्त संकेत

प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। आदेश के बाद संबंधित जमीन अब पूरी तरह से शासकीय अभिलेखों में दर्ज होगी।


श्योपुर रामपुराडांग जमीन मामला,

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श्योपुर के सुनियोजित विकास की बड़ी पहल: विकास प्रकोष्ठ का गठन, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय बने नोडल अधिकारी

श्योपुर, 06 मार्च 2026
श्योपुर शहर के सुनियोजित और व्यवस्थित विकास को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर “विकास प्रकोष्ठ” का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, भूमि प्रबंधन और भविष्य की विकास योजनाओं को व्यवस्थित रूप से लागू करना है।

इस प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय होंगे, जबकि इसका संचालन शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से किया जाएगा। समिति में एडिशनल एसपी, एसडीएम, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग के ईई, जिला परिवहन अधिकारी, सीएमओ श्योपुर और तहसीलदार श्योपुर को शामिल किया गया है।

Sheopur Vision Document 2047,

शहर के भविष्य के लिए तैयार होगा विजन डॉक्यूमेंट 2047

विकास प्रकोष्ठ का मुख्य उद्देश्य शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार, पुनर्धनत्वीकरण योजना तैयार करना और उसके क्रियान्वयन की निगरानी करना होगा। इसके साथ ही शहर में नए ट्रांसपोर्ट नगर और आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण सहित अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर भी यह प्रकोष्ठ नजर रखेगा।

प्रकोष्ठ द्वारा “विजन डॉक्यूमेंट 2047 – श्योपुर” भी तैयार किया जाएगा, जिसमें शहर के दीर्घकालीन विकास की रूपरेखा तय की जाएगी।

Sheopur Transport Nagar Plan

शासकीय भूमि का बनेगा लैण्ड बैंक

प्रकोष्ठ शहर और आसपास के क्षेत्रों की शासकीय भूमि का लैण्ड बैंक तैयार करेगा। भविष्य में किसी भी विभाग को भूमि की आवश्यकता होने पर इसी प्रकोष्ठ के माध्यम से भूमि चिन्हांकित कर आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Sheopur Land Bank

खाली पड़ी या गलत उपयोग वाली भूमि पर कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन विभागों को भूमि आवंटित होने के बावजूद दो वर्ष से अधिक समय तक उपयोग नहीं किया गया है, या आवश्यकता से अधिक भूमि ली गई है, उनसे भूमि वापस लेने की कार्रवाई भी की जाएगी।

इसके साथ ही ऐसे मामलों पर भी कार्रवाई होगी, जहां आवंटित भूमि का उपयोग मूल उद्देश्य से अलग किया जा रहा है

ट्रैफिक और प्रदूषण पर भी सख्ती

विकास प्रकोष्ठ को उन शासकीय और गैरशासकीय प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई के अधिकार भी दिए गए हैं, जिनके कारण शहर में भीड़भाड़, भारी वाहनों की आवाजाही और प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।

Sheopur City Development Plan

नगर विकास योजना पर होगी सतत पहल

प्रकोष्ठ संयुक्त संचालक नगर एवं ग्राम निवेश से समन्वय कर श्योपुर नगर विकास योजना और जिले के अन्य निवेश क्षेत्रों के विकास की योजनाओं को तैयार करने की दिशा में लगातार प्रयास करेगा।

नोडल अधिकारी समय-समय पर बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंगे।


श्योपुर विकास प्रकोष्ठ,

Sheopur Development Cell

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खाड़ी देशों में फंसे मध्यप्रदेशवासियों के लिए 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय

मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में हेल्पडेस्क स्थापित, फोन–व्हाट्सएप–ईमेल से मिलेगी त्वरित सहायता

श्योपुर दिनांक 4 मार्च २०२6 भोपाल/नई दिल्ली

खाड़ी देशों में रह रहे मध्यप्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वर्तमान अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन ने मध्यप्रदेश भवन, नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है।

यह हेल्पडेस्क खाड़ी देशों में अध्ययन, रोजगार, व्यवसाय, पर्यटन या अन्य कारणों से रह रहे प्रदेशवासियों को तत्काल सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। किसी भी प्रकार की आपात या सामान्य सहायता की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या उनके परिजन सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं।

खाड़ी देशों में मध्यप्रदेश निवासी


भारत सरकार से होगा समन्वय

कंट्रोल रूम के माध्यम से जरूरत पड़ने पर भारत सरकार और अन्य संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य साफ है—विदेश में रह रहे प्रदेशवासियों को संकट की घड़ी में अकेला न छोड़ना।

मध्यप्रदेश 24×7 कंट्रोल रूम

मध्यप्रदेश 24×7 कंट्रोल रूम24×7 कंट्रोल रूम संपर्क विवरण

📞 दूरभाष: 011-26772005
📱 व्हाट्सएप: 9818963273
📧 ई-मेल: mphelpdeskgulf@gmail.com

मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली हेल्पडेस्क


प्रदेश शासन ने खाड़ी देशों में रह रहे सभी मध्यप्रदेशवासियों से अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध संपर्क माध्यमों का उपयोग करें।

संदेश स्पष्ट—विदेश में रहें निश्चिंत, संकट में मध्यप्रदेश शासन आपके साथ।

त्रिवेणी संगम तीर्थक्षेत्र के अनुरक्षण को प्रशासनिक कवच

रामेश्वर महादेव समेत प्रमुख देवस्थानों के जीर्णोद्धार हेतु समिति गठित, अपर कलेक्टर की निगरानी में होगा काम

श्योपुर | Crime National News  03 मार्च 2026

श्योपुर स्थित पवित्र तीर्थक्षेत्र श्री रामतीर्थ रामेश्वर त्रिवेणी संगम में देवस्थानों के संरक्षण और विकास को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने त्रिवेणी संगम क्षेत्र में स्थित प्रमुख मंदिरों और परिसर में मौजूद ऐतिहासिक संरचनाओं के जीर्णोद्धार, संधारण और अनुरक्षण के लिए एक प्रशासकीय समिति का गठन किया है।

यह समिति अपर कलेक्टर श्योपुर के पर्यवेक्षण में कार्य करेगी और तीर्थक्षेत्र में विकास कार्यों की सतत निगरानी और समीक्षा सुनिश्चित करेगी।

Ramteerth Rameshwar Triveni Sangam


इन देवस्थानों का होगा संरक्षण

गठित समिति द्वारा जिन प्रमुख देवस्थानों के संरक्षण और विकास कार्य कराए जाएंगे, उनमें शामिल हैं—

  • श्री रामेश्वर महादेव मंदिर

  • श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर

  • श्री राधाकृष्ण मंदिर

इसके अलावा परिसर में स्थित लघु देवस्थानों, सिद्ध संतों-महापुरुषों की समाधियों, छतरियों, बावड़ी, धर्मशालाओं एवं अन्य भवनों का भी जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

Triveni Sangam Committee


समिति में शामिल अधिकारी

जारी आदेश के अनुसार समिति में एसडीएम श्योपुर, अधीक्षक राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य श्योपुर, एसडीओ पीडब्ल्यूडी, तहसीलदार श्योपुर अथवा नायब तहसीलदार मानपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत श्योपुर, रेंज ऑफिसर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य गेम रेंज सबलगढ़, उपयंत्री जनपद पंचायत श्योपुर, आर्किटेक्ट श्योपुर, संबंधित मंदिरों के पुजारी, राजस्व निरीक्षक/पटवारी मानपुर तथा सचिव ग्राम पंचायत मानपुर को शामिल किया गया है।

Religious Tourism MP


जनसहयोग से होगा विकास

तीर्थक्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने और अन्य आनुषंगिक कार्य स्वैच्छिक जनसहयोग से प्राप्त राशि और सामग्री से कराए जाएंगे।

  • जनसहयोग से प्राप्त राशि की विधिवत रसीद दी जाएगी।

  • राशि भारतीय स्टेट बैंक, स्टेशन रोड श्योपुर शाखा के निर्धारित खाते में जमा कराई जाएगी।

  • निर्माण सामग्री का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा।

  • खर्च का भुगतान अनुविभागीय अधिकारी श्योपुर की मांग अनुसार होगा।

  • आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा समय-समय पर जनसमुदाय से गठित त्रिवेणी संगम सेवा समिति के संज्ञान में लाया जाएगा।


Temple Renovation Sheopur

मासिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य

समिति द्वारा किए गए कार्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट अपर कलेक्टर के माध्यम से कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।

तीर्थक्षेत्र के संरक्षण और सुव्यवस्थित विकास के लिए उठाया गया यह कदम श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Sheopur News 

होली पर शुष्क दिवस घोषित, 4 मार्च को शराब बिक्री पर पूरी तरह रोक

धुलेण्डी के दिन सुबह से शाम 4 बजे तक मदिरा दुकानें और बार बंद

श्योपुर, 02 मार्च 2026

 होली पर्व के मद्देनजर जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने शुष्क दिवस घोषित किया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है।

जारी आदेश के अनुसार 04 मार्च 2026 (बुधवार) को होली (धुलेण्डी) के दिन प्रातः काल से अपरान्ह 04:00 बजे तक श्योपुर जिले की समस्त कम्पोजिट मदिरा दुकानें एवं एफएल-3 बार पूर्णतः बंद रहेंगे। इस अवधि में मदिरा का क्रय-विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।


शांति व्यवस्था के लिए फैसला

यह आदेश मप्र राजपत्र (असाधारण) क्रमांक 47, दिनांक 14 फरवरी 2025 में प्रकाशित कम्पोजिट मदिरा फुटकर बिक्री दुकानों के निष्पादन की व्यवस्था वर्ष 2025-26 की शर्तों की कण्डिका 48.1 के तहत जारी किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य होली पर्व के दौरान जिले में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।


उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

साफ संदेश—होली खुशियों का पर्व है, शांति भंग करने वालों पर सख्ती तय है।

होली की भाईदूज पर 05 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित

कलेक्टर के आदेश, बैंक–कोषालय व परीक्षाओं पर लागू नहीं होगा अवकाश

श्योपुर, 02 मार्च 2026

 होली पर्व के अवसर पर श्योपुर जिले में भाईदूज (05 मार्च 2026) को स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा वर्ष 2026 के लिए घोषित स्थानीय अवकाशों के क्रम में यह निर्णय लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार श्योपुर जिले में 05 मार्च 2026 (होली की भाईदूज) तथा 11 नवंबर 2026 (दीपावली की भाईदूज) को संपूर्ण जिले में स्थानीय अवकाश प्रभावी रहेगा।


अन्य स्थानीय अवकाश भी घोषित

  • 12 सितंबर 2026 (शनिवार) — मेला छिमछिमा हनुमान जी मंदिर, विजयपुर के अवसर पर तहसील क्षेत्र विजयपुर एवं वीरपुर में स्थानीय अवकाश।

  • 22 सितंबर 2026डोल ग्यारस / जल झूलनी एकादशी पर तहसील क्षेत्र श्योपुर, बड़ौदा एवं कराहल में स्थानीय अवकाश।


इन पर नहीं होगा अवकाश लागू

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय एवं उप-कोषालयों पर लागू नहीं होगा। साथ ही, जिन शैक्षणिक संस्थानों में इन तिथियों पर परीक्षाएं निर्धारित हैं, वहां भी यह अवकाश प्रभावशील नहीं रहेगा।

संदेश स्पष्ट—भाईदूज पर जिले में अवकाश, लेकिन आवश्यक सेवाएं और परीक्षाएं यथावत रहेंगी।

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन: पंजीयन की अंतिम तिथि 07 मार्च

एमपी किसान ऐप से घर बैठे मुफ्त रजिस्ट्रेशन, जिले में 33 केंद्र सक्रिय

श्योपुर, 02 मार्च 2026

 रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशन में जिले में पंजीयन 07 फरवरी से जारी है, जो 07 मार्च 2026 तक कराया जा सकता है।

प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए जिले में 33 पंजीयन केंद्र निर्धारित किए हैं, जहां निःशुल्क पंजीयन किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान एमपी किसान ऐप के माध्यम से मोबाइल से घर बैठे भी मुफ्त पंजीयन करा सकते हैं।


इन 33 केंद्रों पर हो रहा पंजीयन

आवदा, कराहल, बड़ौदा, बोरदादेव, नयागांव तेखण्ड, राडेप, लुहाड़, फिलोजपुरा, तलावड़ा, नयागांव ढोढपुर, उतनवाड़, ओछापुरा, रघुनाथपुर, वीरपुर, विजयपुर, सहसराम, श्योपुर, जलालपुरा, नागदा, सोईकलां, नागरगांवडा, आसीदा, बिजरपुर, ननावद, गोहेड़ा, दांतरदा कलां, मानपुर, सोठवा, जावदेश्वर, तलावदा, गुरूनावदा और पाण्डोला स्थित सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं पर पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।


किसानों के लिए जरूरी सूचना

प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय का लाभ सुनिश्चित करें।

स्पष्ट संदेश—07 मार्च से पहले पंजीयन अनिवार्य, तभी मिलेगा समर्थन मूल्य का लाभ।

होली पर सख्ती: कानून-व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं—कलेक्टर के कड़े निर्देश

अधिकारी मुख्यालय में रहेंगे तैनात, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक

श्योपुर, 2 मार्च 2026

 होली एवं धुलेण्डी पर्व के मद्देनजर जिले में शांति, सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं के निर्बाध संचालन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं।

जारी आदेश के अनुसार 03 मार्च और 04 मार्च 2026 को शासकीय अवकाश तथा 05 मार्च 2026 को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके बावजूद पर्व अवधि में सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।


बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कलेक्टर की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। कानून-व्यवस्था ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को अपने निर्धारित स्थल पर पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहना होगा।


मोबाइल ऑन, आपात स्थिति में ही अवकाश

प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल फोन ‘ऑन मोड’ में रखें। केवल अत्यंत गंभीर चिकित्सीय आपात स्थिति में ही मुख्यालय अवकाश पर विचार किया जाएगा, वह भी संबंधित विभाग प्रमुख की अनुशंसा और अनुमोदन के बाद।


आवश्यक सेवाओं पर विशेष फोकस

पर्व के दौरान स्वच्छता, जल प्रदाय, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

स्पष्ट संदेश—होली खुशी का पर्व है, लेकिन शांति और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।

कूनो में ऐतिहासिक कार्यक्रम, लेकिन सवालों के घेरे में जनप्रतिनिधियों की गैरहाजिरी

पर्यावरण संरक्षण बना उपलब्धि, पर लोकतांत्रिक मर्यादा पर उठे सवाल—आमजन में गहरी चर्चा 

सोशल मीडिया पर भी दिखी गर्माहट, लोगों ने कमेंट कर जताया विरोध

श्योपुर दिनांक 1 मार्च 2026

 श्योपुर जिले में पर्यावरण और पर्यटन की दृष्टि से एक ऐतिहासिक कदम उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र की कूनो नदी में घड़ियाल और कछुओं का रिलीज कार्यक्रम कर विलुप्तप्राय जीवों के संरक्षण का संकल्प लिया। पालपुर फोर्ट के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित श्योपुर से ग्वालियर और भोपाल तक के जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल आमजन के बीच चर्चा का विषय बन गया—जिस जिले में कार्यक्रम हुआ, उसी जिले की दोनों विधानसभा सीटों के निर्वाचित विधायक कार्यक्रम में नजर क्यों नहीं आए?


विधायकों की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, श्योपुर विधानसभा-1 से विधायक बाबू जड़ेल और श्योपुर विधानसभा-2 से विधायक मुकेश मल्होत्रा की अनुपस्थिति को लेकर आमजन में असमंजस है। लोगों का कहना है कि यह शासकीय कार्यक्रम था या किसी राजनीतिक दल का आयोजन? यदि यह सरकार का कार्यक्रम था, तो जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की मौजूदगी अपेक्षित थी।


‘शासकीय कार्यक्रम या पार्टी कार्यक्रम?’—जनता के बीच बहस

आम चर्चा यह है कि हालिया शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे यह संदेश जा रहा है कि कार्यक्रम जनता या प्रशासन के नहीं, बल्कि किसी दल विशेष के हैं। स्थानीय मत के अनुसार, इससे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की भावना को ठेस पहुंचती है।

लोग यह भी याद दिला रहे हैं कि श्योपुर की जनता ने बार-बार विधानसभा में कांग्रेस को चुना, यहां तक कि उपचुनाव में भी पार्टी बदलने के बाद उम्मीदवार को जनता ने स्वीकार नहीं किया। “यहां चेहरा नहीं, जनता ने पार्टी चुनी”—ऐसी धारणा लंबे समय से बनी रही है।

कूनो कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की गैरहाजिरी बनी बहस का मुद्दा

कूनो नेशनल पार्क में आयोजित घड़ियाल–कछुआ रिलीज कार्यक्रम को लेकर उठे सवाल अब सोशल मीडिया तक पहुंच गए हैं। फेसबुक, और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर लोगों ने खुलकर कमेंट और पोस्ट के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया

यूजर्स का कहना है कि जिस जिले में शासकीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, उसी जिले के जनता द्वारा चुने गए विधायकों की गैरमौजूदगी समझ से परे है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि यह सरकारी कार्यक्रम था या किसी राजनीतिक दल का, क्योंकि मंच और उपस्थिति से जनता में अलग ही संदेश गया।

कमेंट्स में यह भी लिखा गया कि

  • जनता के प्रतिनिधियों को बुलाए बिना कार्यक्रम करना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है”

  • “शासकीय आयोजन को पार्टी कार्यक्रम की तरह पेश किया जा रहा है”

  • “श्योपुर की जनता को हल्के में लिया जा रहा है”

सोशल मीडिया पर बढ़ती प्रतिक्रियाओं से साफ है कि मामला सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आमजन के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं


राजनीतिक छवि और आने वाले संकेत

स्थानीय मत यह भी है कि यदि निर्वाचित विधायकों की उपेक्षा की छवि मजबूत होती गई, तो इसका असर आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। लोग इसे जनता के प्रतिनिधियों का नहीं, बल्कि जनता का तिरस्कार मान रहे हैं—यह बात हम नहीं, आम श्योपुरवासी कह रहे हैं, ऐसा स्थानीय चर्चा में सुनाई दे रहा है।


निष्कर्ष:
कूनो में घड़ियाल–कछुआ रिलीज जैसे कार्यक्रमों ने श्योपुर को राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से रखा है। लेकिन लोकतंत्र की आत्मा—जनप्रतिनिधियों की सहभागिता—पर उठे सवाल यह संकेत देते हैं कि उपलब्धियों के साथ समावेश और प्रतिनिधित्व भी उतना ही जरूरी है।

कूनो नदी में मुख्यमंत्री ने छोड़े घड़ियाल–कछुए, जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती

पर्यावरण और पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

शासकीय कार्यक्रम या पार्टी कार्यक्रम?’—जनता के बीच बहस तो सोशल मीडिया पर भी दिखी गर्माहट

श्योपुर 1मार्च 2026

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क स्थित कूनो नदी में 53 घड़ियाल और 25 कछुओं को रिलीज किया। मुख्यमंत्री ने इसे पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर बताया और कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है, इस वर्ष प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


विलुप्तप्राय जीवों के संरक्षण का संकल्प

राष्ट्रीय चंबल राष्ट्रीय अभयारण्य के तत्वावधान में आयोजित घड़ियाल रिलीज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि घड़ियाल और कछुओं का संरक्षण–संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विलुप्त होते जीवों के संरक्षण के संकल्प के साथ सरकार लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट कूनो में निरंतर सफलता की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में बोत्सवाना से आए 9 चीतों के बाद प्रदेश में चीतों की संख्या 48 हो गई है।


पालपुर फोर्ट के सामने हुआ रिलीज कार्यक्रम

कूनो नेशनल पार्क के भीतर पालपुर फोर्ट के सामने कूनो नदी किनारे आयोजित कार्यक्रम में

  • 53 घड़ियाल (Gavialis gangeticus) — जिनमें 28 नर और 25 मादाएं

  • 25 कछुए (Three Striped Roofed Turtle – Batagur dhongoka)
    नदी में छोड़े गए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, देवरी (मुरैना) की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी किए घड़ियाल रिलीज

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे और उन्होंने भी घड़ियाल रिलीज किए।

शासकीय कार्यक्रम या पार्टी कार्यक्रम?’—जनता के बीच बहस

आम चर्चा यह है कि हालिया शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे यह संदेश जा रहा है कि कार्यक्रम जनता या प्रशासन के नहीं, बल्कि किसी दल विशेष के हैं। स्थानीय मत के अनुसार, इससे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की भावना को ठेस पहुंचती है।

लोग यह भी याद दिला रहे हैं कि श्योपुर की जनता ने बार-बार विधानसभा में कांग्रेस को चुना, यहां तक कि उपचुनाव में भी पार्टी बदलने के बाद उम्मीदवार को जनता ने स्वीकार नहीं किया। “यहां चेहरा नहीं, जनता ने पार्टी चुनी”—ऐसी धारणा लंबे समय से बनी रही है। सोशल मिडिया पर भी लोग तंज कसते दिखे 


जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

कार्यक्रम में पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत, सहरिया विकास प्राधिकरण अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा तुरसनपाल बरिया, उपाध्याय राज्य मंत्री दर्जा सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रशासनिक स्तर पर एसीएस वन संदीप यादव, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी चंबल सचिन अतुलकर, कलेक्टर अर्पित वर्मा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल