श्योपुर, 07 मार्च 2026
श्योपुर जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। न्यायालय अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने निगरानी प्रकरण क्रमांक 0105/निगरानी/2024-25 में बड़ा फैसला सुनाते हुए तहसील श्योपुर के ग्राम रामपुराडांग की 23 बीघा 16 बिस्वा भूमि को शासकीय घोषित कर दिया है।
जांच में सामने आया कि उक्त जमीन पर पूर्व में अवैधानिक तरीके से पट्टे जारी कर दिए गए थे। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी अभिलेख जांच शाखा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
Sheopur Rampuradang land case,
तीन अवैध पट्टे किए गए निरस्त
आदेश के अनुसार वर्ष 1994 में तहसीलदार न्यायालय के प्रकरण क्रमांक 10/अ-86/93-94 के तहत सलीम पुत्र जलालुद्दीन निवासी बगवाज के नाम ग्राम रामपुराडांग के सर्वे क्रमांक 30 की 06 बीघा 07 बिस्वा भूमि पर पट्टा दर्ज किया गया था।
इसी प्रकार वर्ष 1995 में नायब तहसीलदार न्यायालय वृत्त गोरस के प्रकरण क्रमांक 28/94-95/अ-86 में पारित आदेश के तहत सिराज पुत्र नन्हे खां निवासी बगवाज के नाम सर्वे क्रमांक 46 मिन एवं 182 मिन की कुल 08 बीघा 14 बिस्वा भूमि तथा सलमा पुत्री इस्लाममुद्दीन निवासी बगवाज के नाम सर्वे क्रमांक 182 मिन की 08 बीघा 15 बिस्वा भूमि दर्ज की गई थी।
Sheopur government land action
जांच में पाया गया कि ये तीनों पट्टे अवैधानिक तरीके से प्राप्त किए गए थे, जिसके चलते न्यायालय ने सभी पट्टों को निरस्त करते हुए कुल 23 बीघा 16 बिस्वा भूमि को शासकीय घोषित कर दिया है।
Sheopur illegal patta cancelled
सरकारी जमीन पर कब्जों के खिलाफ सख्त संकेत
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है। आदेश के बाद संबंधित जमीन अब पूरी तरह से शासकीय अभिलेखों में दर्ज होगी।
श्योपुर रामपुराडांग जमीन मामला,
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