CrimeNationalNews बिजली बिल की गड़बड़ी, मीटर खराबी और कनेक्शन संबंधी परेशानियों से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जिलेभर में 14 मई से विशेष “संपर्क अभियान” शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत गांव-गांव और शहर के वार्डों में शिविर लगाकर बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। ElectricityCamp
महाप्रबंधक लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने बताया कि अभियान के तहत बनाए गए क्लस्टरों में विद्युत वितरण केंद्रवार कैंप लगाए जाएंगे, जहां बिल सुधार, मीटर खराबी, सर्विस केबल, नए कनेक्शन, भुगतान और तकनीकी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। MPNews
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से कहा है कि वे अपने बिजली बिल, आधार कार्ड और संबंधित दस्तावेज साथ लेकर शिविर में पहुंचे, ताकि समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके।
मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित Kuno National Park में रविवार को वन्यजीव संरक्षण के इतिहास का एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कूनो के खुले जंगल में दो मादा चीतों को रिलीज कर ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई उड़ान दे दी।
चीतों के बाड़े से बाहर निकलते ही दोनों मादा चीते तेज रफ्तार से जंगल की ओर दौड़ पड़ीं। इस रोमांचक पल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अपने परिवार का हिस्सा बना लिया है। प्रोजेक्ट चीता अब सिर्फ वन्यजीव संरक्षण नहीं, बल्कि देश के गौरव का प्रतीक बन चुका है।”
MP बना ‘चीता स्टेट’, दुनिया देख रही कूनो मॉडल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना परियोजना लगातार सफलता की नई इबारत लिख रही है।
उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश देशभर में “चीता स्टेट” के रूप में पहचान बना चुका है। वर्तमान में देश में चीतों की कुल संख्या 57 हो चुकी है, जिनमें 54 चीते कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण्य में मौजूद हैं। KunoNationalPark
मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो का इको-सिस्टम अब चीतों के लिए पूरी तरह अनुकूल साबित हो रहा है। कई चीते राजस्थान सहित अन्य इलाकों तक विचरण कर रहे हैं, जो इस परियोजना की सफलता का बड़ा संकेत है।
बोत्सवाना से आए थे 9 चीते, अब 2 खुले जंगल में आजाद
वन विभाग के अनुसार इसी वर्ष फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते भारत लाए गए थे, जिनमें 6 मादा और 3 नर शामिल थे। सभी चीतों को पहले क्वारंटीन किया गया, फिर छोटे बाड़ों में रखकर स्थानीय वातावरण के अनुरूप तैयार किया गया। ProjectCheetah
इन्हीं में से दो मादा चीतों को रविवार को खुले जंगल में छोड़ा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं, जिससे भारत में स्वस्थ और दीर्घकालिक चीता आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब धर्म, निवेश और जैनेटिक जैव विविधता का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से लाए गए चीतों का सफल पुनर्वास दुनिया के लिए उदाहरण बन गया है। CheetahInIndia
उन्होंने वन विभाग, मेडिकल टीम, स्थानीय ग्रामीणों और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि “चीतों और इंसानों के बीच सह-अस्तित्व का ऐसा मॉडल दुनिया में कम देखने को मिलता है।”
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर Sheela Dahima, पुलिस अधीक्षक Sudhir Kumar Agrawal, डीएफओ R Thirukural सहित वन एवं प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
इस मौके पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री Rakesh Shukla, वन विकास निगम अध्यक्ष Ramnivas Rawat, भाजपा जिला अध्यक्ष Shashank Bhushan समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। BreakingNews
विशेषज्ञों के मुताबिक प्रोजेक्ट चीता सिर्फ वन्यजीव संरक्षण नहीं बल्कि भारत के जंगलों में जैव विविधता संतुलन का बड़ा अभियान है। आने वाले समय में कूनो के साथ गांधी सागर और नौरादेही अभ्यारण्य में भी चीतों को बसाने की तैयारी चल रही है। CheetahState
कूनो अब सिर्फ श्योपुर की पहचान नहीं, बल्कि भारत की वाइल्डलाइफ क्रांति का नया चेहरा बन चुका है।
अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- ‘प्रोजेक्ट चीता’ में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी
– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण – प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते – अब देश में चीतों की संख्या हुई 57 – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना
दिनांक 11/5/26 भोपाल/श्योपुर।
मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं।
मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास
भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं।
वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा।
ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है।
कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।
947 मामलों का मौके पर निपटारा, करोड़ों की वसूली और परिवारों में फिर लौटी खुशियां
श्योपुर 9 मई 2026
CrimeNationalNews श्योपुर जिला न्यायालय और तहसील न्यायालय विजयपुर में आयोजित नेशनल लोक अदालत न्याय और समझौते का बड़ा मंच बनकर सामने आई। एक ही दिन में कुल 947 प्रकरणों का आपसी सुलह और समझौते से निराकरण किया गया। अदालत परिसर में पूरे दिन पक्षकारों की भारी भीड़ रही और कई वर्षों से लंबित विवादों का समाधान मुस्कुराहट के साथ हुआ। NationalLokAdalat
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष कपिल मेहता द्वारा मां सरस्वती और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
इस दौरान संजय गोयल, सुशील कुमार, प्रतिष्ठा अवस्थी, बबीता होरा शर्मा, वर्षा सूर्यवंशी मजुमदार, ओमप्रकाश गुप्ता सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
करोड़ों की वसूली, सैकड़ों मामलों में समझौता
लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के 406 मामलों का निराकरण करते हुए करीब 50 लाख 76 हजार 454 रुपए की वसूली की गई।SheopurCourt
बिजली विभाग के 189 मामलों में 26 लाख से ज्यादा की वसूली
नगर पालिका के 25 मामलों में करीब 2.89 लाख की रिकवरी
चेक बाउंस के 45 मामलों में 1 करोड़ से अधिक राशि का समझौता
मोटर दुर्घटना के 5 मामलों में 43 लाख 35 हजार रुपए का मुआवजा
आपराधिक मामलों सहित कई अन्य प्रकरणों का भी निपटारा
जिला न्यायालय श्योपुर और तहसील न्यायालय विजयपुर की खंडपीठों ने कुल 541 न्यायालयीन मामलों का समाधान कराया। MPNews
टूटता परिवार फिर जुड़ा, लोक अदालत बनी नई जिंदगी की वजह KapilMehta
नेशनल लोक अदालत में एक ऐसा भावुक पल भी देखने को मिला जिसने पूरे आयोजन को खास बना दिया।
करीब दो साल से अलग रह रहे एक पति-पत्नी ने अदालत की समझाइश के बाद फिर से साथ रहने का फैसला लिया। दोनों का विवाह वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हुआ था और उनके तीन बच्चे हैं। पारिवारिक विवाद के चलते दोनों अलग-अलग रह रहे थे।
लोक अदालत की खंडपीठ, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों ने फिर से रिश्ते को मौका देने का निर्णय लिया। इस अवसर पर दंपति को पौधा भेंट कर नई जिंदगी की शुभकामनाएं दी गईं। महिला पक्ष को सुहाग सामग्री और साड़ी भी भेंट की गई। JusticeForAll
अदालत परिसर में लगे समाधान के स्टॉल
लोक अदालत में बिजली विभाग, वन विभाग, नगर पालिका, बैंक और बीएसएनएल सहित विभिन्न विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोग मौके पर ही अपने मामलों का समाधान कराने पहुंचे।
समझौते वाले पक्षकारों को स्मृति चिन्ह के रूप में फलदार पौधे भी वितरित किए गए।
कलेक्टर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा, त्रिवेणी घाट पर होगा दीपदान और कलश यात्रा आयोजन
श्योपुर 9 मई 2026
CrimeNationalNews श्योपुर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और आस्था के केंद्र रामेश्वर त्रिवेणी संगम पर गंगा दशहरा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर शीला दाहिमा ने रामेश्वर पहुंचकर त्रिवेणी संगम घाट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि 25 मई को यहां भव्य धार्मिक आयोजन कराए जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि गंगा दशहरा पर त्रिवेणी संगम में कलश यात्रा, दीपदान और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि लोगों की आस्था और सहभागिता बढ़े। उन्होंने सीईओ जनपद को घाटों की साफ-सफाई कराने और जन अभियान परिषद के माध्यम से आयोजन कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रामेश्वर स्थित लक्ष्मी नारायण भगवान मंदिर और शंकर महादेव मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की। GangaDussehra
जैनी क्षेत्रपाल मंदिर में भी पहुंचीं कलेक्टर
फूल-मालाओं से धूपबत्ती बनाने का दिया सुझाव
रामेश्वर दौरे से पहले कलेक्टर शीला दाहिमा जैनी के प्रसिद्ध क्षेत्रपाल जी महाराज मंदिर भी पहुंचीं। यहां उन्होंने मंदिर महंत से चर्चा करते हुए सुझाव दिया कि पूजा में चढ़ने वाले फूल-मालाओं को फेंकने के बजाय उनका उपयोग धूपबत्ती निर्माण में किया जाए। RameshwarSangam
कलेक्टर की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक स्वच्छता से जोड़कर देखा जा रहा है।
रामेश्वर मंदिर निर्माण को लेकर बनी रणनीति
हर उप तहसील में लगेंगे 100 पौधे, ‘दाना-पानी अभियान’ भी होगा तेज Sheopur
प्रेमसर तहसील में आयोजित “श्री रामतीर्थ रामेश्वर त्रिवेणी संगम समिति” की बैठक में मंदिर निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने की।
बैठक में तय हुआ कि रामेश्वर मंदिर निर्माण के लिए अधिक से अधिक जनसहयोग जुटाया जाएगा और लोगों को धन संग्रह के लिए प्रेरित किया जाएगा। JalSanrakshan
इसके साथ ही प्रेमसर, मानपुर, गोरस, अगरा और गसवानी क्षेत्र में वन विभाग के माध्यम से प्रत्येक उप तहसील में 100-100 पौधे लगाए जाएंगे।
बैठक में कलेक्टर शीला दाहिमा के “दाना-पानी अभियान” को भी आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसके तहत पटवारी और राजस्व अमला अपने घरों पर पक्षियों के लिए पानी के सकोरे रखेगा और अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा।
इसके अलावा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने और आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कैलाश पाराशर, आदित्य चौहान, जयसिंह जादौन सहित राजस्व अमला, कृषक और समाजसेवी मौजूद रहे। #DanaPaniAbhiyan
दीवारों पर उभरे जल संरक्षण के संदेश, गांवों में जनजागरण शुरू
श्योपुर 8 मई 2026
जल संकट को लेकर जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” अब जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था सुमन युवा शक्ति ग्राम विकास समिति बलावनी द्वारा गांव में दीवार लेखन कर लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
अभियान के तहत दीवारों पर “जल का हम समझे मोल, मिले सहज पर है अनमोल” और “जल की रक्षा, देश की सुरक्षा” जैसे जागरूकता नारों का लेखन किया गया।
कार्यक्रम जिला समन्वयक नेहा सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ। सचिव रामलखन सुमन और परामर्शदाता बबलू सिंह नायक ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में समझाया और पानी के दुरुपयोग को रोकने की अपील की। MPNews
ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने भी अभियान में भाग लेकर जल बचाने का संकल्प लिया।
श्योपुर जिले में जनगणना-2027 को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर से कलेक्टर शीला दाहिमा ने जनगणना जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब यह एलईडी प्रचार वाहन जिले के गांव-गांव और प्रमुख चौराहों तक पहुंचकर लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक करेगा। BreakingNews
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, प्रभारी जिला योजना अधिकारी गिर्राज शर्मा, राकेश निगम सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। JanGanana
प्रभारी जिला योजना अधिकारी गिर्राज शर्मा ने बताया कि 1 मई से 30 मई तक जिले में मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य चल रहा है। इसी अभियान को सफल बनाने के लिए एलईडी प्रचार वाहन के जरिए जनगणना-2027 से जुड़ी वीडियो क्लिप और जरूरी संदेश लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
प्रशासन का फोकस साफ है—हर घर तक सही जानकारी पहुंचे और कोई भी परिवार जनगणना से छूटे नहीं। Census2027
देश के सबसे चर्चित वन्यजीव प्रोजेक्ट ‘चीता प्रोजेक्ट’ को लेकर एक बार फिर कूनो नेशनल पार्क सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 11 मई को कूनो नेशनल पार्क में दो चीतों को खुले जंगल में रिलीज करेंगे। इस हाईप्रोफाइल कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।KunoNationalPark
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव 10 मई की शाम कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगे और रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद 11 मई की सुबह करीब 8 बजे कूनो रेस्ट हाउस के पास कूनो नदी किनारे स्थित साइट से दो चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।CheetahProject
कार्यक्रम को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर शीला दाहिमा और एसपी सुधीर अग्रवाल ने कूनो पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने हैलीपेड, सुरक्षा व्यवस्था और चीता रिलीज साइट का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। BreakingNews
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन दो चीतों को रिलीज किया जाना है, उन्हें खुले जंगल के वातावरण में पूरी निगरानी के साथ छोड़ा जाएगा, ताकि उनका मूवमेंट और व्यवहार ट्रैक किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान डीएफओ आर थिरूकुराल, सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, एडिशनल एसपी प्रवीण भूरिया, एसडीएम बीएस श्रीवास्तव और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। ForestDepartment
कूनो में चीतों की मौजूदगी ने पहले ही देश-विदेश का ध्यान आकर्षित किया है। अब खुले जंगल में चीता रिलीज कार्यक्रम को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। SheopurNews
कूनो प्रोजेक्ट सिर्फ वन्यजीव संरक्षण नहीं, बल्कि भारत की जैव विविधता और वन प्रबंधन की बड़ी परीक्षा भी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि खुले जंगल में छोड़े जाने के बाद चीते प्राकृतिक वातावरण में कितनी तेजी से खुद को स्थापित कर पाते हैं। MPTourism
मानसून से पहले श्योपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर शीला दाहिमा ने गुरुवार को नगर परिषद बड़ौदा पहुंचकर बाढ़ राहत तैयारियों, जनकल्याण योजनाओं और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखते हुए अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
कलेक्टर ने नगर परिषद बड़ौदा में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का बिंदुवार जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए पहले से सभी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए।BreakingNews
इसके बाद कलेक्टर शीला दाहिमा ने बड़ौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की स्थिति देखी गई। अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी गई। AdministrationAction
मानसून से पहले बड़ौदा में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दिया। कलेक्टर शीला दाहिमा ने नगर परिषद बड़ौदा में अधिकारियों की बैठक लेकर साफ शब्दों में कहा कि सभी अधिकारी सेल्फ मोटिवेशन के साथ काम करें और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।
कलेक्टर ने बड़ौदा शहर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्य नालों की बारिश से पहले सफाई, गहरीकरण और चौड़ीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय रहते तैयारी पूरी नहीं हुई तो जिम्मेदारी तय होगी।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और हितग्राही मूलक योजनाओं की भी समीक्षा की गई। आंगनबाड़ी भवनों के अधूरे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्राचीन कुओं, बावड़ियों और जल संरचनाओं के संरक्षण के निर्देश भी दिए गए।
बारिश के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने बड़ौदा क्षेत्र के प्रमुख नालों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पानी निकासी की व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सफाई कार्य तेज करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। BarodaNews
प्रशासनिक सख्ती के बीच कलेक्टर का यह दौरा साफ संकेत दे रहा है कि इस बार बारिश और बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन पहले से तैयारी में जुट गया है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। nhttp://MonsoonPreparation
नालों पर पहुंचीं कलेक्टर, मौके पर दिए निर्देश
बैठक के बाद कलेक्टर शीला दाहिमा अधिकारियों के साथ सीधे बड़ौदा के मुख्य नालों का निरीक्षण करने पहुंचीं। भट्टा महाराज के पास स्थित पुलिया, अस्पताल क्षेत्र और रतोदन दरवाजे के नालों की स्थिति देखकर अधिकारियों को तेजी से निर्माण और सफाई कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने साफ कहा कि बारिश आने से पहले आबादी वाले क्षेत्रों में पानी निकासी की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए।
बड़ौदा में बनेंगी 3 नई पुलियाएं
बड़ी खबर यह भी रही कि एमपीआरडीसी द्वारा बड़ौदा में तीन नई पुलियाओं का निर्माण कराया जाएगा। बीएसएनएल टावर, थाना क्षेत्र और भट्टा महाराज के पास बनने वाली इन पुलियाओं के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाली ये पुलियाएं वर्षाकाल में पानी निकासी को सुगम बनाएंगी और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम करेंगी।
अस्पताल का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौदा पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत भी परखी। उन्होंने मरीजों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ओपीडी, दवा वितरण कक्ष, लैब और प्रसूति वार्ड का भी जायजा लिया गया।
Crime National News Analysis
हर साल बारिश में जलभराव और अव्यवस्थाओं से जूझने वाले बड़ौदा में इस बार प्रशासन पहले से सक्रिय नजर आ रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अधिकारियों के निरीक्षण के बाद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं सुधरेंगी या फिर हर साल की तरह बारिश आने के बाद ही सिस्टम जागेगा?
CrimeNationalNewsश्योपुर में फर्जी पट्टे के सहारे सरकारी जमीन पर कब्जा और फिर नेशनल हाईवे के मुआवजे की राशि हड़पने का मामला उजागर हुआ है। अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए न सिर्फ पट्टा निरस्त कर दिया है, बल्कि करीब 7.89 लाख रुपये की वसूली के आदेश भी जारी कर दिए हैं। मामले में तत्कालीन राजस्व अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है।
अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय की अदालत में चली निगरानी जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि दांतरदा कलां की सर्वे नंबर 221/1 की 0.732 हेक्टेयर चरनोई भूमि को वर्ष 2001 में कथित रूप से फर्जी प्रकरण का हवाला देकर काबिलकाश्त दिखाया गया। इसके बाद वर्ष 2002 में उक्त जमीन का पट्टा कमला पत्नी गजानंद खाती निवासी दांतरदा कलां के नाम कर दिया गया। SheopurNews
इतना ही नहीं, वर्ष 2009-10 में अधिकार अभिलेख तैयार करते समय सर्वे नंबर 221/1 को बदलकर 298 कर दिया गया। बाद में एनएच-552 के लिए भूमि अधिग्रहण हुआ और इसी जमीन में से 0.398 हेक्टेयर अधिग्रहित होने पर 7 लाख 89 हजार 130 रुपये का मुआवजा भी प्राप्त कर लिया गया।
जांच में पूरा खेल सामने आने के बाद अपर कलेक्टर न्यायालय ने फर्जी तरीके से जारी पट्टा निरस्त करते हुए शेष भूमि को पुनः शासकीय चरनोई घोषित कर दिया। साथ ही मुआवजे की पूरी राशि संबंधित व्यक्ति से नायब तहसीलदार मानपुर के माध्यम से वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं। NH552
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन नायब तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश एसडीएम श्योपुर को दिए गए हैं। FakePatta
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में फर्जी पट्टों और सरकारी जमीनों के खेल में शामिल लोगों में हड़कंप मच गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि वर्षों तक सरकारी रिकॉर्ड में यह हेरफेर आखिर किसके संरक्षण में चलता रहा? BreakingNews
सरकारी जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा और फिर सरकारी मुआवजा हड़पने का यह मामला राजस्व तंत्र की बड़ी लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि समय रहते जांच नहीं होती, तो सरकारी खजाने को लाखों का नुकसान स्थायी रूप से हो सकता था। अब देखना होगा कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त शिकंजा कसता है।
कलेक्टर का संदेश—जल संरक्षण हमारी जिम्मेदारी, हर घर बने ‘वाटर वॉरियर’
श्योपुर दिनांक 5/5/2026
CrimeNationalNews श्योपुर में पानी को लेकर चेतावनी की घंटी बज चुकी है। “बिन पानी सब सून” विषय पर निषादराज भवन में आयोजित जल संवाद कार्यक्रम में प्रशासन और विशेषज्ञों ने साफ कहा—अब नहीं संभले तो भविष्य प्यासा होगा।
कलेक्टर शीला दाहिमा ने दो टूक कहा— 👉 जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी 👉 “जल गंगा संवर्धन अभियान” से जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर 👉 कुएं, बावड़ी और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर फोकस
वैज्ञानिक का बड़ा खुलासा—98% पानी हो रहा बर्बाद!
भूगर्भ जल विशेषज्ञ सुनील चतुर्वेदी ने चौंकाने वाले आंकड़े रखे— 👉 सिर्फ 2% बारिश का पानी जमीन में जाता है 👉 बाकी 98% पानी बहकर बर्बाद हो जाता है
👉 1000 स्क्वायर फीट छत से 90 हजार लीटर पानी हर साल बेकार 👉 सिर्फ 5-6 हजार रुपये में रिचार्ज पिट बनाकर बचा सकते हैं पानी