Sunday, March 29, 2026
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जेल पहुंचते ही बदला तेवर: ‘जूनियर मजिस्ट्रेट’ बताकर पहचान छुपाई, घर का खाना मांगा; 48 घंटे हिरासत के बाद नौकरी पर संकट

 

दिनांक 29/3/26
CrimeNationalNews  श्योपुर/शिवपुरी। बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तार तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का जेल पहुंचते ही अलग ही रवैया देखने को मिला। शिवपुरी की महिला जेल में दाखिल होते वक्त उन्होंने अपनी असली पहचान छुपाते हुए खुद को सिर्फ “जूनियर मजिस्ट्रेट” बताया। लेकिन कुछ ही देर में उनके तेवर सामने आ गए। HindiNews
ShivpuriJail  जेल सूत्रों के मुताबिक, अमिता सिंह ने जेल का खाना खाने से साफ इनकार कर दिया और घर से भोजन मंगाने की जिद पर अड़ गईं। इस पर जेल प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया कि जेल मैन्युअल के तहत बाहरी खाना अंदर नहीं लाया जा सकता और हर बंदी को समान नियमों का पालन करना होगा।


AmitasinghTomar  गौरतलब है कि गिरफ्तारी के बाद पहले ही उनका एक वीडियो वायरल हो चुका है, जिसमें वे मीडिया कर्मियों पर भड़कती नजर आईं और कथित तौर पर कहती सुनी गईं—“तुम्हारी पत्रकारिता निकाल दूंगी।” इस व्यवहार ने उनके खिलाफ जनाक्रोश को और बढ़ा दिया है।  FloodScam 
उधर, मामला अब सिर्फ घोटाले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनकी नौकरी पर भी तलवार लटक गई है। सेवा नियमों के अनुसार 48 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रहने वाले शासकीय अधिकारी को स्वतः निलंबित माना जाता है। ऐसे में अमिता सिंह तोमर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।
Corruption  बाढ़ राहत जैसे संवेदनशील मुद्दे में कथित गड़बड़ी और फिर जेल में इस तरह का रवैया—यह पूरा प्रकरण प्रशासनिक ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
BreakingNews

Sheopur 

विधि महाविद्यालय में वृहद विधिक साक्षरता शिविर, न्याय तक आसान पहुंच पर जोर

 

प्रधान जिला न्यायाधीश कपिल मेहता ने बताई वैकल्पिक विवाद समाधान की अहमियत

श्योपुर  दिनांक: 28 मार्च 2026

सड़क हादसे में अब तुरंत इलाज: ₹1.5 लाख तक कैशलेस सुविधा लागू

‘राह-वीर’ बनें, जान बचाएं और पाएं ₹25 हजार इनाम

श्योपुर  दिनांक: 28 मार्च 2026

श्योपुर।  RoadSafety श्योपुर में सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए राहत भरी खबर है। भारत सरकार की पीएम राहत (कैशलेस उपचार) योजना अब पूरे देश में लागू हो चुकी है, जिसके तहत हादसे में घायल व्यक्ति को ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज सरकारी और चिन्हित निजी अस्पतालों में मिलेगा।

गोल्डन ऑवर में इलाज से बचेगी आधी जानें

PMReliefScheme  विशेषज्ञों के अनुसार दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने पर करीब 50% मौतों को रोका जा सकता है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति 112 डायल कर एम्बुलेंस और नजदीकी अस्पताल की जानकारी ले सकता है।

7 दिन तक मिलेगा मुफ्त इलाज

  CashlessTreatment  योजना के तहत प्रत्येक पात्र घायल को दुर्घटना के बाद 7 दिनों तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक कैशलेस उपचार मिलेगा।

  • सामान्य मामलों में 24 घंटे तक
  • गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्टेबलाइजेशन इलाज

यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम और पुलिस सत्यापन के तहत संचालित होगी।

राह-वीर योजना: मददगार को मिलेगा इनाम

GoodSamaritan  सरकार ने मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए राह-वीर योजना भी लागू की है।

  • गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25,000 नगद इनाम
  • राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 10 राह-वीरों को ₹1 लाख का पुरस्कार

श्योपुर में मिल चुका है लाभ

  SheopurNews कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जिले में अब तक 2 राह-वीरों को सम्मानित भी किया जा चुका है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि हादसे के समय आगे आकर घायलों की जान बचाएं।

सरकार की यह पहल न केवल मुफ्त इलाज सुनिश्चित करती है, बल्कि आम लोगों को भी “जीवन रक्षक” बनने का मौका देती है।

CrimeNationalNews

श्योपुर जिले में 57 गांवों से होकर निकलेगा चंबल अटल एक्सप्रेस-वे, फिर शुरू हुई प्रक्रिया

 

श्योपुर दिनांक 28/3/26

श्योपुर। पिछले लगभग 9 वर्षों से फाइलों में अटके चंबल अटल एक्सप्रेस-वे को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। हाल ही में शासन ने इसे पुराने एलाइनमेंट के अनुसार ही बनाने का निर्णय लिया है, जिसके बाद जिले में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। नए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद अब श्योपुर जिले में इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की संभावना है।

ChambalExpressway  यह एक्सप्रेस-वे चंबल संभाग के तीन जिलों—श्योपुर, मुरैना और भिण्ड—से होकर गुजरेगा। श्योपुर जिले में इसकी कुल लंबाई 95.59 किलोमीटर प्रस्तावित है, जो 57 गांवों की सीमा से होकर निकलेगी। केंद्र सरकार द्वारा 3 मार्च 2022 को जारी गजट नोटिफिकेशन के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3(क) के तहत भू-अर्जन की कार्रवाई की जाएगी।

श्योपुर के 36 और वीरपुर के 21 गांव होंगे प्रभावित

इस एक्सप्रेस-वे में श्योपुर तहसील के 36 और वीरपुर तहसील के 21 गांव शामिल होंगे। श्योपुर तहसील के प्रमुख गांवों में खिरखिरी, विलौनी, बगदरी, जगदिया, धीरोली, सेवापुर, सिरसौद, जवासा, जैनी, सामरसा, ऊंचाखेड़ा, बिचपुरी, दांतरदाकला, मोहम्मदपुर, बनवाड़ा, जालेरा, फतेहपुर, डाबरसा, जलालपुरा, पानडी, चकज्वाड़ा, विठ्ठलपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं।

वहीं वीरपुर तहसील के अंतर्गत मुखवास, भूरेंडी, खरोदाकला, मिलावली, बरौली, चैनपुर, जेतपुरा, नदीगांव, लोलोली, दिमरला, नितनवास, हीरापुर, मुठारा, वालपुरा, धोरीबावड़ी, दुबावली और पार्वतीपुरा जैसे गांव इस परियोजना के दायरे में आएंगे।

3 साल से रुकी प्रक्रिया अब फिर हुई शुरू

Development  इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 2018 में चंबल नदी के किनारे एक्सप्रेस-वे निर्माण की परिकल्पना के साथ हुई थी। इसके बाद कई बार इसका नाम बदला गया—चंबल एक्सप्रेस-वे, चंबल प्रोग्रेस-वे, चंबल अटल एक्सप्रेस-वे और अटल प्रगति पथ। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने इसका गजट नोटिफिकेशन जारी किया था।

  Infrastructure हालांकि वर्ष 2023 में किसानों के विरोध के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस परियोजना को होल्ड कर दिया था और नए एलाइनमेंट की बात कही गई थी। अब 2026 में शासन द्वारा पुराने एलाइनमेंट पर ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया है, जिससे प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है

किसानों की जमीन कम, सरकारी जमीन ज्यादा होगी उपयोग

  AtalProgressWay नई योजना के अनुसार इस बार एक्सप्रेस-वे के निर्माण में किसानों की निजी भूमि का कम से कम उपयोग किया जाएगा, जबकि सरकारी जमीन को प्राथमिकता दी जाएगी। श्योपुर-कोटा मार्ग पर अहवाड़ गांव से लेकर मुरैना जिले की सीमा तक यह मार्ग विकसित किया जाएगा।

फैक्ट फाइल

कुल लंबाई (तीनों जिले): 311.85 किमी

श्योपुर जिले में लंबाई: 95.59 किमी

कुल प्रभावित गांव: 57

श्योपुर तहसील: 36 गांव

वीरपुर तहसील: 21 गांव

कलेक्टर का बयान

श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा के अनुसार, “चंबल अटल प्रोग्रेस-वे को लेकर शासन से दिशा-निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। उन्हीं के अनुरूप जिले में जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”

 

अमिता सिंह 48 घंटे से अधिक हिरासत में, जमानत पर 1 अप्रैल को सुनवाई संभव

श्योपुर दिनांक 28/3/26

CrimeNationalNews बाढ़ राहत घोटाले की आरोपी तत्कालीन बड़ौदा तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी को शनिवार शाम 48 घंटे पूरे हो गए हैं। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अनुसार, किसी भी शासकीय अधिकारी के 48 घंटे से अधिक हिरासत में रहने पर उसे स्वतः निलंबित माना जाता है। ऐसे में अमिता सिंह तोमर के निलंबन की स्थिति बन गई है।

Shivpuri  अमिता सिंह तोमर को 26 मार्च को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया था। 27 मार्च को रामनवमी के अवकाश के चलते जमानत आवेदन प्रस्तुत नहीं हो सका। शनिवार को आवेदन देने का प्रयास किया गया, लेकिन केस डायरी उपलब्ध न होने के कारण तत्काल सुनवाई संभव नहीं हो पाई। इसके बाद रविवार और सोमवार (महावीर जयंती) के अवकाश के कारण प्रक्रिया और टल गई। अब जमानत आवेदन पर सुनवाई 1 अप्रैल को होने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कलेक्टर कार्यालय द्वारा शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके आधार पर अंतिम निलंबन आदेश राजस्व विभाग द्वारा जारी किया जाएगा।  Gwalior

जेल पहुंचते ही बिगड़ी तबीयत, घर का खाना मांगा

TehsildarCase गिरफ्तारी के बाद अमिता सिंह ने शिवपुरी सर्किल जेल की महिला सेल में शुक्रवार-शनिवार की रात बिताई। जेलर रमेश आर्य के अनुसार, जेल में प्रवेश करते ही उन्हें चक्कर आने की शिकायत हुई। उन्होंने जेल का खाना खाने से इनकार करते हुए घर से भोजन मंगाने की मांग की। इस पर जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाहरी खाना अनुमति के बिना अंदर नहीं लाया जा सकता और उन्हें जेल नियमों का पालन करना होगा। वर्तमान में अमिता सिंह अन्य 27 महिला बंदियों के साथ सेल में रह रही हैं।

AmitasinghTomar 2.57 करोड़ गबन मामला: कार्रवाई पर उठे सवाल

  FloodReliefScam  बाढ़ राहत घोटाले में लगभग 2.57 करोड़ रुपए के गबन के मामले में अब तक 110 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। इनमें पटवारी, उनके परिजन और तहसीलदार शामिल हैं। हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार तीन पटवारियों को बर्खास्त किया गया है, जबकि कई अन्य आरोपी अभी भी सेवा में बने हुए हैं। समान आरोपों के बावजूद अलग-अलग कार्रवाई से पारदर्शिता और निष्पक्षता पर प्रश्न उठ रहे हैं।

एक्सपर्ट व्यू: जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष जल्दबाजी BreakingNews

CorruptionCase  पूर्व शासकीय अधिवक्ता व्हीके शर्मा के अनुसार, किसी भी प्रकरण में सभी आरोपियों की भूमिका समान नहीं होती। जमानत के दौरान न्यायालय केस डायरी में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रत्येक आरोपी की भूमिका का प्रारंभिक आकलन करता है। इसमें यह देखा जाता है कि कौन आरोपी प्रत्यक्ष रूप से शामिल है और कौन परोक्ष रूप से। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और आरोप पत्र प्रस्तुत होने के बाद ही सामने आता है। इसलिए वर्तमान स्थिति में किसी भी आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम निर्णय देना जल्दबाजी होगी।

 

बाढ़ राहत घोटाले में बड़ी कार्रवाई: तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार

 

केबीसी में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार, 

श्योपुर/ग्वालियर, 26 मार्च 2026

CrimeNationalNews  श्योपुर जिले के चर्चित बाढ़ राहत घोटाले में बड़ा एक्शन लेते हुए पुलिस ने आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार कर लिया। कभी “कौन बनेगा करोड़पति” में 50 लाख रुपए जीतकर सुर्खियों में आईं तोमर अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरी हुई हैं।

फर्जी नामों पर मुआवजा, असली पीड़ितों से धोखा

FloodReliefScam  जांच में खुलासा हुआ है कि बड़ौदा तहसीलदार रहते हुए अमिता सिंह तोमर ने राहत राशि वितरण में बड़ा खेल किया। आरोप है कि काल्पनिक और अपात्र लोगों के नाम पर मुआवजा जारी किया गया, जबकि वास्तविक बाढ़ पीड़ित अपने हक से वंचित रह गए। इस संगठित फर्जीवाड़े से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।

कोर्ट से नहीं मिली राहत, गिरफ्तारी तय

Gwalior मामले में पहले ही बड़ौदा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जा चुका था। जांच में आरोप पुष्ट होने के बाद आरोपी ने हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की कोशिश की, लेकिन दोनों जगह से राहत नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

एसडीओपी के नेतृत्व में ग्वालियर से गिरफ्तारी

MPPolice  एसडीओपी बड़ौदा अवनीत शर्मा के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी और पुलिस टीम ने ग्वालियर पहुंचकर यह कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल ने की है।

मीडिया पर भड़की आरोपी, वीडियो वायरल

ViralVideo  थाने पहुंचते ही आरोपी का रवैया तीखा नजर आया। मीडिया कर्मियों को देखकर वह झल्ला उठीं और कथित तौर पर पत्रकारों से कह दिया—“तुम्हारी पत्रकारिता निकाल दूंगी।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

‘पहले चोरी, ऊपर से सीना जोरी’—जनता में नाराजगी

CorruptionExposed  घोटाले के आरोपों और फिर मीडिया से इस तरह के व्यवहार को लेकर आम लोगों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि गरीबों की राहत राशि में गड़बड़ी करना और फिर इस तरह का व्यवहार “पहले चोरी, ऊपर से सीना जोरी” जैसा है।

KBCWinner  केबीसी विजेता से आरोपी तक का सफर

AmitasinghTomar  अमिता सिंह तोमर कभी “कौन बनेगा करोड़पति” में महानायक अमिताभ बच्चन के साथ 50 लाख रुपए जीतने के बाद चर्चा में आई थीं। लेकिन अब उन्हीं पर बाढ़ राहत राशि में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।

जांच में और नाम आने के संकेत

HindiNews  एसपी सुधीर अग्रवाल के अनुसार पूछताछ के दौरान इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

BreakingNews

मलेरिया पर अलर्ट: खितरपाल में जागरूकता बैठक, मच्छरों पर वार का अभियान तेज

पानी जमा न होने दें, बुखार को हल्के में न लें” – स्वास्थ्य विभाग की सख्त सलाह

श्योपुर  दिनांक 25 मार्च 2026

श्योपुर। श्योपुर जिले के खितरपाल गांव में मलेरिया नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जमीनी स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ एसएन बिंदल के निर्देशन में समुदाय बैठक आयोजित कर ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव के उपाय बताए गए।

घर-आसपास पानी जमा हुआ तो बढ़ेगा खतरा”

बैठक में एमटीएस साहिब कुरैशी ने साफ चेतावनी दी कि घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह है। मच्छरदानी के नियमित उपयोग और शाम के समय नीम की पत्तियों का धुआं करने की सलाह भी दी गई।

हर बुखार को समझें गंभीर

स्वास्थ्य टीम ने बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया का संकेत हो सकता है, इसलिए लापरवाही न करें। बुखार आते ही तुरंत खून की जांच कराना जरूरी है, ताकि समय पर उपचार मिल सके

जमीनी अमला रहा मौजूद

कार्यक्रम में बीसीएम कमल किशोर, जितेन्द्र शाक्य सहित आशा सुपरवाइजर और आशा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही, जिन्होंने घर-घर जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

स्वास्थ्य विभाग का साफ संदेश है—सावधानी ही मलेरिया से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

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राजस्व मामलों पर सख्त डीएम: एक हफ्ते में निपटाएं सभी अविवादित नामांतरण-बटवारा

 

टेम्पल रिकॉर्ड पोर्टल की आपत्तियों पर भी तुरंत कार्रवाई के निर्देश

श्योपुर  दिनांक 25 फरवरी 2026

श्योपुर। श्योपुर में राजस्व प्रकरणों की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ निर्देश दिए कि अविवादित नामांतरण और बटवारे के सभी लंबित प्रकरण इसी सप्ताह हर हाल में निराकृत किए जाएं।

  RevenueCases  “कोर्ट में नियमित बैठें अधिकारी, टालमटोल नहीं चलेगी”

बैठक में डीएम ने दो टूक कहा कि सभी राजस्व अधिकारी अपने न्यायालयों में नियमित रूप से बैठें और नामांतरण, सीमांकन व बटवारे के मामलों का समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करें। लापरवाही पर जवाबदेही तय करने के संकेत भी दिए गए। DMAction

आंकड़ों में खुली हकीकत

  LandRecords समीक्षा में सामने आया कि गोरस वृत्त में नामांतरण का निराकरण मात्र 86.60% रहा, जबकि विजयपुर ने 94.90% के साथ बेहतर प्रदर्शन किया।

बटवारा प्रकरणों में पहेला सबसे पीछे (58.14%) रहा, जबकि गोरस और रघुनाथपुर ने 100% निराकरण कर उदाहरण पेश किया।

सीमांकन मामलों में कुल निराकरण 98.60% दर्ज हुआ, वहीं विजयपुर, प्रेमसर, पाण्डोला, वीरपुर, अगरा और मानपुर ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की।

राजस्व वसूली और फार्मर रजिस्ट्री पर भी जोर

  SheopurNews डीएम ने अ-16 प्रकरणों में वसूली तेज करने और नए राजस्व वर्ष की शुरुआत के साथ अप्रैल से ही अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री शत-प्रतिशत पूर्ण करने को कहा।

टेम्पल रिकॉर्ड पोर्टल पर आई आपत्तियों का त्वरित निपटारा

डीएम ने टेम्पल रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। यह पोर्टल मंदिर भूमि से जुड़ी जानकारी को पारदर्शी बनाने और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

प्रशासन की इस सख्ती से साफ है कि अब राजस्व मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।

CrimeNationalNews

विस्थापितों को बड़ी राहत: 36 लाख की एफडीआर राशि जारी

 

कलेक्टर के निर्देश पर 3 हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 12-12 लाख

श्योपुर दिनांक: 24 मार्च 2026

श्योपुर। श्योपुर जिले के कूनो वन मंडल के बागचा से विस्थापित तीन हितग्राहियों को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर 36 लाख रुपये की एफडीआर राशि रिलीज कर संबंधित हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा कराने की कार्रवाई की गई।  KunoProject

एक दिन में हुआ निराकरण

DisplacementRelief  ग्राम बागचा से विस्थापित बाली आदिवासी, बतुला राठौर और मुकेश राठौर ने कलेक्टर को आवेदन देकर एफडीआर राशि जारी करने की मांग की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने एक ही दिन में बैंक को पत्र जारी कर 12-12 लाख रुपये की राशि खातों में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।

रोजगार और जमीन खरीद में करेंगे उपयोग

DBT हितग्राहियों ने बताया कि मिली राशि से वे जमीन खरीदने और छोटा व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिससे आजीविका मजबूत होगी।

विस्थापन में दिए गए थे दो विकल्प

MPNews कूनो विस्थापन योजना के तहत पात्र 223 परिवारों में से 53 ने विकल्प-1 (15 लाख एकमुश्त राशि) और 170 परिवारों ने विकल्प-2 (2 हेक्टेयर भूमि + 3 लाख आवास राशि) का चयन किया था। नियम अनुसार एफडीआर राशि कलेक्टर की अनुमति से ही जारी की जाती है।

प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और आजीविका के नए रास्ते खुलेंगे।

CrimeNationalNews

श्योपुर-शिवपुरी रोड पर तेजी के निर्देश

 

कलेक्टर ने सर्वे का लिया जायजा, 256 करोड़ की सड़क जल्द शुरू करने के आदेश

दिनांक: 24 मार्च 2026  श्योपुर

श्योपुर।  CrimeNationalNews  श्योपुर से शिवपुरी तक बनने वाली महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को लेकर प्रशासन एक्टिव मोड में आ गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने एमपीआरडीसी के तहत चल रहे सर्वे कार्य का मौके पर निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के सख्त निर्देश दिए।

ShivpuriRoad  निरीक्षण के दौरान एमपीआरडीसी के एजीएम सुनील पुआरे सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

256 करोड़ से बनेगी 85 किमी लंबी सड़क

MPRDC   अधिकारियों ने बताया कि यह सड़क परियोजना 256 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही है, जिसकी कुल लंबाई 85.24 किलोमीटर होगी। सड़क को टू-लेन मानक के अनुसार विकसित किया जाएगा।

शिवपुरी में काम जारी, श्योपुर में सर्वे तेज

RoadProject वर्तमान में शिवपुरी जिले में पोहरी से शिवपुरी तक निर्माण कार्य जारी है, जबकि श्योपुर जिले में सड़क एलाइमेंट और शोल्डर के लिए सर्वे कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार बारिश के बाद गोरस से शिवपुरी तक का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

दो साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

Infrastructure परियोजना की निर्माण अवधि दो वर्ष तय की गई है। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क का निर्माण तय समय सीमा, गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

इस सड़क के बनने से श्योपुर-शिवपुरी के बीच आवागमन आसान होगा और विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

#SheopurNews #CrimeNationalNews