केंद्रीय वन मंत्री ने 3 चीतों को क्वारंटाइन बाड़े में किया रिलीज, भारत में चीतों की संख्या 48 हुई
श्योपुर, 28 फरवरी 2026
भारत में चीता पुनर्वास की ऐतिहासिक पहल को नई मजबूती मिली है। बोत्सवाना से लाए गए 9 चीते (6 मादा, 3 नर) आज सुबह करीब 9.30 बजे कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। ग्वालियर एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टरों के माध्यम से चीतों को सुरक्षित रूप से कूनो लाया गया।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बोत्सवाना से आए 9 चीतों में से 3 चीतों को प्रतीकात्मक रूप से क्वारंटाइन बाड़े में रिलीज किया। शेष चीतों को भी निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कुछ समय तक निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा जाएगा।
प्रभारी मंत्री, सांसद सहित कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, सहरिया विकास प्राधिकरण अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा तुरसनपाल बरैया, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रशासनिक स्तर पर डीजी वन्यजीव भारत सरकार सुशील कुमार अवस्थी, एसीएस वन संदीप यादव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स वीएन अम्बाडे, कलेक्टर अर्पित वर्मा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, डीएफओ कूनो आर. थिरूकुराल, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत–बोत्सवाना की ऐतिहासिक साझेदारी

चीता रिलीज कार्यक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह भारत और बोत्सवाना के बीच जैव विविधता संरक्षण की ऐतिहासिक साझेदारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल से चीता प्रोजेक्ट को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रयासों से आज 97 देश जैव विविधता संरक्षण मंच से जुड़ चुके हैं।
भारत में चीतों की वर्तमान स्थिति
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बोत्सवाना से 9 चीतों के आगमन के बाद देश में कुल चीते: 48
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45 चीते कूनो नेशनल पार्क में
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3 चीते गांधी सागर अभयारण्य में
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नामीबिया मूल की स्थापित आबादी: 20 (17 भारतीय जन्मे शावक सहित)
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दक्षिण अफ्रीकी मूल की स्थापित आबादी: 19 (11 भारतीय जन्मे शावक सहित)
साफ संदेश—कूनो नेशनल पार्क अब सिर्फ राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर चीता संरक्षण का सबसे सफल मॉडल बनकर उभरा है।


