जिले में खाद्य सुरक्षा नियमों को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में खाद्य पदार्थों से संबंधित व्यवसाय करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य पंजीयन एवं लाइसेंस नवीनीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। BreakingNews
फूड सेफ्टी ऑफिसर धर्मेंद्र जैन ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य व्यवसाय संचालित करने वाले सभी व्यापारियों के लिए खाद्य पंजीयन और लाइसेंस अनिवार्य है। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री का व्यवसाय करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
खाद्य विभाग के अनुसार किराना दुकान, मेडिकल स्टोर, दूध डेयरी, दूध विक्रेता, फल-सब्जी विक्रेता, फास्टफूड सेंटर, रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार, आटा चक्की, ऑयल स्पेलर, पान दुकान, कैंटीन एवं खाने-पीने की सामग्री बेचने वाले सभी व्यवसायियों को खाद्य पंजीयन कराना अनिवार्य है।
जिन व्यापारियों ने पहले से पंजीयन या लाइसेंस बनवा रखा है, वे शिविर में पहुंचकर उसका नवीनीकरण भी करा सकते हैं। FoodRegistration
ये दस्तावेज साथ लाना होगा जरूरी
खाद्य पंजीयन एवं लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय आवेदक को—
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना खाद्य पंजीयन या वैध लाइसेंस के खाद्य सामग्री का कारोबार करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सभी खाद्य व्यवसायी निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर अपना पंजीयन एवं लाइसेंस संबंधी कार्य पूर्ण कराएं।
सुबह-सुबह निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल, एनआरएलएम, मनरेगा और विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी अनुपस्थित
श्योपुर, 29 मई 2026
CrimeNationalNews जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद ने अचानक निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। निरीक्षण के दौरान 31 कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद सीईओ ने सभी के खिलाफ एक-एक दिन का वेतन राजसात करने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह 10:30 बजे हुए इस औचक निरीक्षण में कार्यालय की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया गया। जांच के दौरान कई शाखाओं में कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद मिले, जिससे कार्यालयीन अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए। MPNews
एनआरएलएम के जिम्मेदार अधिकारी भी मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमईडी गिर्राज मीणा, जिला प्रबंधक सूक्ष्म वित्त अभिषेक भाले, जिला प्रबंधक कौशल उन्नयन प्रमोद कुमार राय, प्रभारी जिला वित्त प्रबंधक अनिल सक्सैना, विकासखंड प्रबंधक श्योपुर जुगलकिशोर सोनी तथा भृत्य पप्पूलाल बिसारिया अनुपस्थित पाए गए।
इसके अलावा आउटसोर्स अकाउंटेंट विशाल मुदगल और आउटसोर्स ऑपरेटर कृष्णा मीणा भी मौके पर मौजूद नहीं मिले। MGNREGA
विभिन्न शाखाओं के 23 कर्मचारी भी नहीं पहुंचे कार्यालय
जिला पंचायत की विभिन्न शाखाओं के निरीक्षण में पीसीओ रामबाबू राठौर, बाबूलाल आर्य, भगत सिंह जाट, घनश्याम जाटव, सहायक ग्रेड-2 विपिन त्रिपाठी, सहायक ग्रेड-3 मनीष शिवहरे, कमल जाटव, तरुण त्रिपाठी और अमित तोमर अनुपस्थित पाए गए।
इसके अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर रागिनी शर्मा, माध्यमिक शिक्षक शैलेन्द्र दीक्षित, हरिराम सिंह जाट, प्राथमिक शिक्षक गुणेन्द्र शर्मा, भृत्य अमरलाल आदिवासी, जितेन्द्र बंसल, हेमंत माहौर, बृजमोहन पांचाल तथा जीआरएस रामलखन मीणा भी गैरहाजिर मिले। GovernmentEmployees
आउटसोर्स कर्मचारियों में शंकरलाल पयोरिया, डीसी आरजीएसए रामभरत जाटव, ऑपरेटर गोपालकृष्ण मुदगल, विनोद सुमन, राहुल राजौरिया तथा डीपीसी के आउटसोर्स भृत्य भी अनुपस्थित पाए गए।
सीईओ सौम्या आनंद ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासनहीनता और समय पर उपस्थित न रहने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी 31 अनुपस्थित कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों के विरुद्ध एक-एक दिन का वेतन राजसात करने की कार्रवाई की गई है।
जिला पंचायत के इस औचक निरीक्षण के बाद कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही और पूरे कार्यालय में प्रशासनिक सख्ती की चर्चा होती रही।
जनसुनवाई में न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे एक बुजुर्ग फरियादी की मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। गणेश बाजार निवासी देवेंद्र गोयल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने प्रशासनिक संवेदनहीनता, जनसुनवाई व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि देवेंद्र गोयल पिछले 87 दिनों से अपनी दुकान और सामान पर कथित कब्जे की शिकायत लेकर थाना, एसपी कार्यालय, एसडीएम और कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे थे। 2 मार्च से 26 मई तक उन्होंने कई आवेदन दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। न्याय नहीं मिलने से टूट चुके देवेंद्र आखिरकार जनसुनवाई में जहर खाकर गिर पड़े। #Sheopur
घटना क्रम की पूरी कहानी वीडियो में देखे
दुकान छीनी दुकान छीनी गई, फिर साइकिल पर बेचने पड़े गोली-बिस्किटMadhyaPradesh
देवेंद्र गोयल पहले अपनी छोटी दुकान से परिवार का पालन-पोषण करते थे। आरोप है कि हिस्से की दुकान पर छोटे भाई ने कब्जा कर उसे किराए पर दे दिया। इसके बाद देवेंद्र के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। उम्र बढ़ने के बावजूद वे भीषण गर्मी में साइकिल पर गोली-बिस्किट बेचकर परिवार चला रहे थे।
उनका एक बेटा जयपुर में नौकरी करता है, दूसरा भोपाल में पढ़ाई कर रहा है। दो बेटियों में से एक की शादी हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक तंगी ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था।
मौत से पहले का वीडियो वायरल, कई नाम लेकर सुनाई अपनी पीड़ा
घटना से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देवेंद्र गोयल बेहद टूटे और परेशान दिखाई दे रहे हैं। वे बार-बार कहते सुनाई दे रहे हैं कि, “मैं कई बार आवेदन दे चुका हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
वीडियो में देवेंद्र गोयल अपनी दुकान को लेकर चल रहे विवाद और कथित कब्जे की पूरी कहानी भी बताते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने दुकान के टीन-शेड और सामान तक निकाल लिया। वीडियो में मनोज, साडू और गोलू ठेकेदार नाम सामने आ रहे हैं। देवेंद्र गोयल का आरोप था कि इन लोगों ने दुकान को अपनी बताते हुए कब्जा कर लिया, जबकि वे लगातार प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जहरीला पदार्थ खाने के बाद भी वे काफी देर तक तड़पते रहे। वायरल वीडियो में तहसीलदार मनीषा मिश्रा मौके पर मौजूद दिखाई दे रही हैं। लोगों का आरोप है कि समय रहते उपचार की व्यवस्था कराने की बजाय घटना का वीडियो बनाया जाता रहा।
इसी दौरान मौके पर मौजूद पत्रकार साथी मुन्ना राठौर ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एम्बुलेंस बुलवाई और देवेंद्र गोयल को जिला चिकित्सालय भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब देवेंद्र गोयल की बेटी ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले भी शिकायत और रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें कथित रूप से धमकाया गया। बेटी का आरोप है कि पुलिस की ओर से कहा गया कि “यहां आए तो जान से मार देंगे।”
घटना के बाद पूरे शहर में प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि फरियादी की शिकायतों को समय रहते गंभीरता से लिया जाता और मानवीय संवेदनशीलता दिखाई जाती, तो शायद एक बुजुर्ग को इस तरह मौत को गले लगाने की नौबत नहीं आती।
मृतक के बड़े बेटे कन्हैया गोयल ने कहा कि अब उनके पिता इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन यह पता लगना जरूरी है कि आखिर वे इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर क्यों हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी।
कन्हैया ने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो न्याय की उम्मीद में गई उनके पिता की जान व्यर्थ मानी जाएगी।
जानकारी के अनुसार देवेंद्र गोयल ने समाज स्तर पर भी मदद की गुहार लगाई थी। अग्रवाल समाज के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए हस्तक्षेप से दूरी बना ली।
देवेंद्र गोयल की मौत के विरोध में 27 मई बुधवार सुबह 9 बजे कोतवाली गुलंबर जयस्तम्भ चोक पर अग्रवाल वैश्य समाज और व्यापारियों के समर्थन से डेडबॉडी रख कर बसपा नेता बिहारी सिंह सोलंकी की अगुआई में धरना -प्रदर्शन किया । बसपा नेता और सच्चे जनसेवक बिहारी सिंह सोलंकी भी प्रदर्शन में शामिल रहे ।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए, दुकान से कब्जा हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
श्योपुर कलेक्ट्रेट में हुई यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का कड़वा सच है जहां फरियादी न्याय की उम्मीद लेकर आता है और बदले में उसे उपेक्षा, संवेदनहीनता और निराशा मिलती है। PoliceNegligence
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जनसुनवाई में ही फरियादी सुरक्षित नहीं है, यदि उसकी पीड़ा सुनने की बजाय उसे नजरअंदाज किया जाएगा, तो फिर आम नागरिक न्याय की उम्मीद आखिर किससे करे?
देवेंद्र गोयल की मौत अब पूरे जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक फरियादी इसी तरह व्यवस्था की बेरुखी के शिकार होते रहेंगे?
श्योपुर जिला गठन के 28वें स्थापना दिवस पर रविवार को पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में श्योपुर की संस्कृति, विकास और प्राकृतिक वैभव का गौरवपूर्ण चित्र सामने आया। कार्यक्रम में कलेक्टर शीला दाहिमा ने कहा कि श्योपुर केवल एक जिला नहीं, बल्कि विविध संस्कृतियों, प्राकृतिक संपदा और संभावनाओं से भरी जीवंत पहचान है। आज यह जिला स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, परिवहन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
“चीता प्रोजेक्ट ने बदली श्योपुर की तस्वीर”
कलेक्टर शीला दाहिमा ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क और चीता प्रोजेक्ट ने श्योपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। 60 प्रतिशत वन क्षेत्र से आच्छादित यह जिला प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बनता जा रहा है। राजस्थानी संस्कृति, विजयपुर की ब्रजभाषी लोक परंपरा और कराहल की सहरिया संस्कृति श्योपुर को विशेष पहचान देती है।
उन्होंने कहा कि विकास केवल भवन और सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति और संस्कृति को बचाते हुए आगे बढ़ना ही असली प्रगति है।
युवाओं को दिया बड़ा संदेश
कार्यक्रम में युवाओं से संवाद करते हुए कलेक्टर ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा—
“सोशल मीडिया मंजिल नहीं, केवल एक माध्यम है। इसका उपयोग अपनी प्रतिभा, सकारात्मक सोच और रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए करें।”
उन्होंने युवाओं से जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
“हर घर में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम” MPNews
कलेक्टर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भूजल संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में हर नागरिक का दायित्व है कि वह अपने घर और संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए। उन्होंने “दाना-पानी अभियान” का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन पक्षियों और बेजुबान जीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कैलाश नारायण गुप्ता ने 1972 से शुरू हुए जिला बनाओ आंदोलन की यादें साझा करते हुए कहा कि 25 मई 1998 को श्योपुर को जिला बनाने का सपना साकार हुआ था। उन्होंने आंदोलन में शहीद हुए जुम्मा खान, गप्पूलाल मंगल, वजीर खान और मुंशी मोहम्मद हुसैन को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि आज श्योपुर मेडिकल कॉलेज, ब्रॉडगेज रेलवे लाइन, एनएच-552, सिंचाई परियोजनाओं और डीआरडीओ जैसी बड़ी उपलब्धियों के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इतिहासकार और पुरातत्वविद कैलाश पाराशर ने कहा कि एक समय श्योपुर को दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्र के रूप में “कालापानी” कहा जाता था, लेकिन आज चीता प्रोजेक्ट ने इसे वैश्विक मंच पर पहुंचा दिया है। उन्होंने जिले की ऐतिहासिक धरोहरों, बावड़ियों और प्राचीन संरचनाओं के संरक्षण की सराहना की।
विकास कार्यों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र MadhyaPradesh
कार्यक्रम से पहले कलेक्टर शीला दाहिमा ने शिक्षा विभाग द्वारा लगाई गई विकास कार्यों की प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। प्रदर्शनी में जिले की शिक्षा, सड़क, पर्यटन, सिंचाई और अधोसंरचना विकास से जुड़े मॉडल और तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। KunoNationalPark
कार्यक्रम में अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, एसडीएम गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, विजय शाक्य, प्राचार्य डॉ. ओपी शर्मा, बीईओ मधु शर्मा सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, समाजसेवी, शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
श्योपुर जिले के कराहल थाना क्षेत्र अंतर्गत पनवाड़ा गांव में जमीन जोतने के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। विवाद के दौरान हुई गोलीबारी में गंगाराम आदिवासी की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक 23 मई 2026 को पनवाड़ा गांव में खेत जोतने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद इतना बढ़ा कि फायरिंग शुरू हो गई। गोली लगने से गंगाराम आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। http://MPNews
तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी रिमांड पर BreakingNews
कराहल थाना पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 54/26 दर्ज कर बीएनएस की धारा 296, 115(2), 103(1) एवं एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले में आरोपी जगवीर जाट निवासी पनवाड़ा, पतासी देवी निवासी पनवाड़ा और बलराम जाट निवासी सिलपुरी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। Karahal
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी जगवीर जाट को पुलिस रिमांड पर भेजा गया, जबकि पतासी देवी और बलराम जाट को जेल भेज दिया गया है। पनवाड़ा_हत्याकांड
पुलिस का कहना है कि वारदात में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।
घटना के बाद पनवाड़ा और आसपास के इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। SCSTAct
श्योपुर जिले के दूरस्थ मजरे-टोले अब जल्द ही बारहमासी पक्की सड़कों से जुड़ते नजर आएंगे। मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना के तहत वर्ष 2026-27 में जिले की 61 नई सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। प्रस्तावों को मंजूरी मिलते ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के माध्यम से निर्माण कार्य शुरू होगा। Development
करीब 27 करोड़ 28 लाख रुपए की लागत से बनने वाली ये सड़कें ग्रामीण इलाकों में विकास की नई रफ्तार लेकर आएंगी। योजना के तहत 38.97 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाकर उन बस्तियों और टोलों को जोड़ा जाएगा, जहां आज भी बारिश के दिनों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
PMGSY के महाप्रबंधक सतेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि जिलेभर के कई मजरे-टोले योजना में शामिल किए गए हैं। इनमें कंवरसली, बमूली गुंसाई, चंदनदेह, अडूसा, बालापुरा, टोडी कलमुण्डा, बनवाड़ा, लुहाड़, गुवाड़ी, सहराना, धोकड़ी, सूंडी, ब्रम्हपुरा, रावतपुरा, किशनपुरा, चैनपुरा, बागा, पाच्यापुरा, रजपुरा, गुरनावदा, रामगढ़, रघुनाथपुर, मकड़ावदा, बिलदा आदिवासी सहराना, पातालगढ़ और पारोंद सहित कई ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। BreakingNews
इन सड़कों के बनने से ग्रामीणों को सबसे बड़ा फायदा वर्षाकाल में मिलेगा। अभी कई गांवों और टोलों का संपर्क बारिश में टूट जाता है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की सुविधाओं पर असर पड़ता है। सड़क निर्माण के बाद ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी और विकास योजनाओं की पहुंच भी आसान होगी। गांव_की_सड़क
योजना के जरिए प्रशासन का लक्ष्य गांवों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके। सड़क बनने से खेती-किसानी, व्यापार और ग्रामीण रोजगार को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। VillageRoads
प्रशासन का दावा है कि यह योजना श्योपुर जिले के ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
गंगा दशहरा पर श्योपुर जिले में आस्था, संस्कृति और जल संरक्षण का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में 25 मई को जिलेभर में दीपदान, कलश यात्रा, जल स्रोत पूजन और वृक्ष पूजन जैसे भव्य धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संवाद और मानव श्रृंखला बनाकर लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। रामेश्वर_धाम
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 मई की शाम 5 बजे रामेश्वर धाम त्रिवेणी संगम पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद पवित्र त्रिवेणी संगम पर भव्य दीपदान और महाआरती का आयोजन होगा। हजारों दीपों की रोशनी से संगम घाट जगमगाएगा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
जिले के अन्य प्रमुख जल स्रोतों पर भी श्रद्धा और संस्कृति के कार्यक्रम आयोजित होंगे।
श्योपुर में सीप नदी के जती घाट से पंडित घाट तक कलश यात्रा निकाली जाएगी।
भुवनेश्वर महादेव मंदिर में पूजन के बाद सीप नदी में दीपदान और आरती होगी।
बड़ौदा के चन्द्रसागर तालाब और विजयपुर की क्वारी नदी पर भी सामूहिक धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। जल_गंगा_संवर्धन_अभियान
जल संरक्षण का भी दिया जाएगा संदेश
गंगा दशहरा के अवसर पर प्रशासन धार्मिक आयोजनों के साथ पर्यावरण और जल संरक्षण को भी जोड़ रहा है। गांव-गांव में जल संवाद, मानव श्रृंखला और वृक्ष पूजन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को पानी बचाने और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा। धार्मिक_आयोजन
जिला प्रशासन और नगर निकायों ने आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। घाटों की साफ-सफाई, सजावट, रंगोली और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ जनभागीदारी से जल संरक्षण का बड़ा संदेश देना है।
दिशा बैठक में सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के सख्त निर्देश, बोले- “जिले के विकास के लिए सभी मिलकर करें काम”
श्योपुर श्योपुर, 22 मई 2026
CrimeNationalNews श्योपुर जिले के विकास कार्यों को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में बड़े फैसले लिए गए। मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।
बैठक में सबसे बड़ी राहत की खबर श्योपुर रेलवे परियोजना को लेकर सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि मार्च-2027 तक श्योपुर तक ब्रॉडगेज रेलवे ट्रैक का काम पूरा कर ट्रायल भी कर लिया जाएगा।
वीरपुर तक पूरा हुआ रेलवे ट्रैक, अब श्योपुर की बारी
रेलवे विभाग की समीक्षा के दौरान सांसद तोमर ने श्योपुर तक रेल लाइन का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उत्तर मध्य रेलवे के सहायक कार्यपालन यंत्री मनीष गर्ग ने जानकारी दी कि वीरपुर तक रेलवे ट्रैक तैयार हो चुका है और सफल ट्रायल भी हो गया है।
अब अगले चरण में श्योपुर तक रेलवे लाइन बिछाने का कार्य तेज गति से चल रहा है और मार्च-2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सांसद ने पुराने रेलवे स्टेशन से बर्धा बुजुर्ग स्थित नए स्टेशन तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
सांसद तोमर ने कूनो नेशनल पार्क और चीता प्रोजेक्ट को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर प्रमोशन किया जाए और प्रमुख मार्गों सहित आसपास के जिलों में होर्डिंग लगाए जाएं।
उन्होंने सेसईपुरा से टिकटोली तक फोरलेन सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। वहीं वन विभाग ने बताया कि चीता सफारी के लिए एप्को द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है।
वन विभाग ने बैठक में जानकारी दी कि इस वर्ष जिले में 1987 हेक्टेयर क्षेत्र में 14 लाख 65 हजार 615 पौधे लगाए जाएंगे। वहीं तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य 28 हजार 225 मानक बोरा तय किया गया है।
जल जीवन मिशन और स्कूल भवनों पर भी फोकस
सांसद ने सांदीपनि स्कूल भवनों का निर्माण जून तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और जल जीवन मिशन योजनाओं का जनप्रतिनिधियों के साथ सत्यापन कराने को कहा। KunoNationalPark
सांसद देंगे टीबी मरीजों को 100 फूड बॉस्केट
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने 100 टीबी मरीजों को पोषण आहार के लिए फूड बॉस्केट उपलब्ध कराने की घोषणा की।
पीएम जनमन योजना में 61 सड़कों के प्रस्ताव
पीएमजीएसवाय अधिकारियों ने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत जिले में 61 नई सड़कों के प्रस्ताव भेजे गए हैं। प्रथम चरण में 57 सड़कें और द्वितीय चरण में 4 सड़कें प्रस्तावित की गई हैं।
कलेक्टर शीला दाहिमा ने दिए तेजी से काम पूरे करने के निर्देश
बैठक में शीला दाहिमा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को समय सीमा में पूरा किया जाए और नए प्रस्ताव सांसद कार्यालय को उपलब्ध कराए जाएं ताकि उच्च स्तर पर उन्हें स्वीकृति मिल सके।
श्योपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को कलेक्टर शीला दाहिमा पूरे एक्शन मोड में नजर आईं। बटांकन के एक मामले में राजस्व विभाग की लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा— “यदि खसरे में नंबर नहीं है तो नया नंबर जनरेट करें, यह राजस्व विभाग का काम है। इस आधार पर जनता का आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता।”
दरअसल, बड़ौदा खुर्द निवासी हजारी कुशवाह ने शिकायत की थी कि उनकी भूमि के बटांकन और सीमांकन का आवेदन सिर्फ इसलिए निरस्त कर दिया गया क्योंकि खसरा नंबर रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं था। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने तहसीलदार विजयपुर को फटकार लगाते हुए नया नंबर जनरेट कर बटांकन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में पहुंचे 250 आवेदन, कई समस्याओं का तुरंत समाधान Jansunwai
जनसुनवाई में कुल 250 आवेदन पहुंचे, जिनमें कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। विजयपुर निवासी छोटू जंगम की समग्र आईडी में पिता के नाम की गलती तुरंत सुधारी गई, जिससे परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही परेशानी खत्म हुई। SheopurNews
वहीं, पांचो मोहनपुरा निवासी शिक्षक केदारलाल जाटव की आधार लिंकिंग समस्या भी तत्काल दूर कराई गई। उनका आधार किसी दूसरे व्यक्ति की समग्र आईडी से जुड़ गया था, जिससे ई-सर्विस बुक अपडेट नहीं हो पा रही थी।
जनसुनवाई में इंसानियत का भावुक चेहरा भी देखने को मिला। ग्राम बगवाज निवासी अरबाज ने अपने तीन वर्षीय बेटे अजलान के दिल में छेद होने की जानकारी दी। इस पर कलेक्टर ने तत्काल मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के तहत निशुल्क ऑपरेशन कराने के निर्देश दिए। अब आरबीएसके योजना के तहत मासूम अजलान का इलाज कराया जाएगा।
पीएम किसान, राशन पर्ची और आर्थिक सहायता पर त्वरित फैसले RevenueDepartment
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े कई लंबित मामलों का परीक्षण कर पात्र किसानों को लाभ देने के निर्देश दिए। वहीं खाद्यान पात्रता पर्ची से जुड़े आवेदनों को मौके पर ही ऑनलाइन कराया गया। BreakingNews
वीरपुर क्षेत्र की कजरी बाई के पति की चंबल नहर में डूबने से मौत के मामले में आरबीसी के तहत 4 लाख रुपये सहायता राशि का प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए गए।
नेटवर्क नहीं तो होगी टेलीकॉम कंपनियों की बैठक
ग्राम बुढेरा में नेटवर्क समस्या की शिकायत सामने आने पर कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस प्रबंधक धर्मेंद्र मीणा को जिले की सभी टेलीकॉम कंपनियों की बैठक बुलाने के निर्देश दिए। प्रशासन अब नेटवर्क संकट पर भी सख्ती दिखाने के मूड में नजर आ रहा है। PMKisan
श्योपुर जिले में अब अनफिट और नियम तोड़ने वाली यात्री बसों पर प्रशासन का शिकंजा कसने वाला है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा बैठक में कलेक्टर शीला दाहिमा ने परिवहन विभाग को साफ निर्देश दिए कि जिले के सभी मार्गों पर चलने वाली यात्री बसों की नियमित फिटनेस जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को तुरंत जब्त किया जाए। Sheopur
बसों में गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामान पर रोक
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि किसी भी यात्री बस में गैस सिलेंडर, डीजल, केमिकल या अन्य ज्वलनशील सामग्री का परिवहन नहीं होना चाहिए। इसके लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाने और दोषी वाहन संचालकों पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। BusChecking
प्रशासन ने बसों में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था, इमरजेंसी प्रबंध और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की भी समीक्षा के निर्देश दिए हैं।
खरीफ सीजन से पहले खाद संकट रोकने की तैयारी
बैठक में खरीफ वर्ष 2026 की तैयारियों को लेकर भी बड़ा फोकस रहा। कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। जिले में यूरिया, डीएपी, एसएसपी, एमओपी और एनपीके सहित कुल 63 हजार 156 मैट्रिक टन खाद की मांग के अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा गया। FertilizerSupply
साथ ही ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी और व्यवस्थित खाद वितरण करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीएम ने वर्षाकाल से पहले नालों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और जलमग्न होने वाली पुलियाओं पर चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में मुक्तिधाम तक पहुंच मार्ग दुरुस्त करने और सफाई व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। WaterConservation
गंगा दशहरा पर होंगे बड़े आयोजन
25 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर जिलेभर में दीपदान, कलश यात्रा, जल स्त्रोत पूजन, वृक्ष पूजन और जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रामेश्वर धाम त्रिवेणी संगम पर मुख्य कार्यक्रम होगा, जहां भव्य दीपदान और आरती का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन ने घाटों की सजावट और जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।