श्योपुर जिले में जनगणना-2027 का पहला चरण तेजी से अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य अब 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है। प्रशासनिक मॉनिटरिंग और जमीनी अमले की सक्रियता के चलते श्योपुर जिले ने जनगणना कार्य में रफ्तार पकड़ ली है। SmartGovernance
कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन और जिला जनगणना अधिकारी सौम्या आनंद के निर्देशन में जिलेभर में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) स्तर पर युद्धस्तर पर काम जारी है। प्रशासन के मुताबिक जिले में बनाए गए 1379 एचएलबी में से 1245 का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष 134 ब्लॉकों का काम भी जल्द पूरा होने की बात कही जा रही है। Census2027
बड़ौदा ने मारी बाजी, सबसे पहले पूरा किया लक्ष्य
जनगणना अभियान में नगर परिषद बड़ौदा पूरे जिले में अव्वल साबित हुआ है। यहां बनाए गए सभी 36 एचएलबी में 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रशासन ने इसे टीमवर्क और बेहतर मॉनिटरिंग का परिणाम बताया है।MPAdministration
तहसीलवार प्रगति ने दिखाई प्रशासनिक रफ्तारBreakingNews
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक—
विजयपुर तहसील में 266 में से 238 एचएलबी पूर्ण
नगर परिषद विजयपुर में 33 में से 29 पूर्ण
वीरपुर तहसील में 178 में से 170 पूर्ण
श्योपुर तहसील में 349 में से 316 पूर्ण
नगरपालिका श्योपुर में 140 में से 133 पूर्ण
बड़ौदा तहसील में 167 में से 160 पूर्ण
कराहल तहसील में 210 में से 163 एचएलबी पूर्ण
इन आंकड़ों से साफ है कि जिला प्रशासन जनगणना अभियान को समय सीमा में पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक चुका है।MadhyaPradeshNews
सुपरवाइजर मुदगल बने मिसाल
श्योपुर तहसील के सुपरवाइजर शिवकुमार मुदगल ने सबसे पहले अपने अधीन सभी एचएलबी का कार्य पूरा कर प्रशासनिक अमले के लिए मिसाल पेश की है। ग्राम सेमल्दा और नसीरपुरा में आवंटित चारों ब्लॉकों का कार्य पूरा कर नजरी नक्शा भी जमा करा दिया गया है।
प्रशासन का फोकस: “हर घर की सही गणना”
जनगणना-2027 को लेकर प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि किसी भी परिवार या मकान का रिकॉर्ड छूट न सके। अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा आने वाले वर्षों की सरकारी योजनाओं और विकास की दिशा तय करेगा।
श्योपुर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर Sheela Dahima के मार्गदर्शन में जिलेभर की समितियों पर खरीदी का काम लगातार जारी है। FarmerNews
ताजा आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 94 हजार 593 मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। वहीं खरीदे गए गेहूं में से 92 हजार 46 मैट्रिक टन गेहूं का परिवहन गोदामों और वेयरहाउस तक किया जा चुका है।MSP2026
99.47% परिवहन पूरा, प्रशासन की बड़ी उपलब्धि
प्रशासन के अनुसार गेहूं परिवहन का प्रतिशत 99.47 तक पहुंच चुका है, जिसे खरीदी व्यवस्था की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जिले में 33 सोसायटियों के माध्यम से किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है।KisanSamman
किसानों को मिला 231 करोड़ से ज्यादा भुगतान
समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को अब तक 231 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। भुगतान सीधे किसानों के खातों में भेजा गया है।GehuKharidi
प्रशासन का दावा है कि खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुचारू हैं और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।BreakingNews
21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले आयुष विभाग एक्टिव, गांव-गांव पहुंच रहा योग
श्योपुर 15 मई 2026
CrimeNationalNews अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को लेकर श्योपुर जिले में “घर-घर योग, हर व्यक्ति निरोग” अभियान तेज हो गया है। कलेक्टर Sheela Dahima के निर्देश पर आयुष विभाग गांव-गांव योग पहुंचाने में जुट गया है। HarGharYoga
आयुष विभाग द्वारा जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लगातार योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और योग के महत्व से जोड़ा जा रहा है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. जीपी वर्मा ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर बगवाज, पाण्डोला, सूसवाड़ा, इकलौद, सोठवा और कराहल में 11 मई से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 9 बजे तक योग अभ्यास कराया जा रहा है। SheopurNews
योग शिविरों में लोगों को प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न योग आसनों का अभ्यास कराया जा रहा है। आयुष विभाग का कहना है कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन की कुंजी है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी योग शिविर में पहुंचकर नियमित योग करें और परिवार को भी निरोगी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। HealthyIndia
गांव-गांव तक पहुंच रहा योग अभियान
जिले में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ योग दिवस मनाना नहीं, बल्कि हर घर तक स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाना है। ग्रामीण इलाकों में भी लोगों का उत्साह देखने को मिल रहा है। MPNews
अदालत से गायब रहने वालों पर गिरेगी गाज, बारिश से पहले जलभराव रोकने के निर्देश
श्योपुर 14 मई 2026
CrimeNationalNews श्योपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर Sheela Dahima ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अब राजस्व प्रकरणों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। जिन अधिकारियों को न्यायालयीन कार्य सौंपे गए हैं, वे रोजाना अदालत में बैठकर शत-प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण करें। बिना अनुमति कोर्ट से गायब रहने पर डायज-नॉन जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर कलेक्टर Rupesh Upadhyay, एसडीएम गगन सिंह मीणा, बीएस श्रीवास्तव, अभिषेक मिश्रा सहित सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
नामांतरण-बंटवारे में फिसड्डी निकला कराहल
समीक्षा के दौरान सामने आया कि अविवादित नामांतरण प्रकरणों में कराहल का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा, जहां केवल 31 प्रतिशत निराकरण हुआ। वहीं पाण्डोला वृत्त 61 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा।
अविवादित बंटवारा मामलों में भी कराहल महज 18 प्रतिशत निराकरण के साथ पिछड़ा मिला, जबकि पहेला वृत्त ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। RevenueDepartment
सीमांकन प्रकरणों में श्योपुर, अगरा, गसवानी, मानपुर, प्रेमसर और पाण्डोला में 100 प्रतिशत निराकरण दर्ज किया गया।
“बारिश से पहले जल निकासी दुरुस्त करो”
कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर जलभराव वाले स्थान चिन्हित करें और पंचायतों के साथ मिलकर नालों की सफाई तथा पानी निकासी की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बड़ौदा में चल रहे नाला निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा करने और अतिरिक्त संसाधन लगाने के भी निर्देश दिए गए। CollectorSheelaDahima
बैठक में डीएम ने कहा कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। साथ ही “टैम्पल रिकॉर्ड पोर्टल” पर दर्ज आपत्तियों का भी तत्काल निराकरण करने को कहा गया।
यह पोर्टल मंदिरों की जमीन संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है, जहां आम नागरिक भी आपत्ति या सुझाव दर्ज कर सकते हैं। RajswaVibhag
अब न्यायालयीन और गैर-न्यायालयीन काम अलग
शासन के नए आदेश के तहत राजस्व अधिकारियों का कार्य विभाजन कर दिया गया है। अब तहसीलदार और नायब तहसीलदार अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालेंगे। FarmerRegistry
मनीषा मिश्रा को तहसीलदार न्यायालय श्योपुर की जिम्मेदारी
टीएस लकड़ा को मानपुर राजस्व न्यायालय
दर्शनलाल बौद्ध को श्योपुर क्षेत्र का कार्यपालिक मजिस्ट्रेट
राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण और लॉ एंड ऑर्डर को अलग-अलग संभालने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का दावा है कि इससे कोर्ट मामलों की पेंडेंसी कम होगी और जनता को तेज न्याय मिल सकेगा।
CrimeNationalNews बिजली बिल की गड़बड़ी, मीटर खराबी और कनेक्शन संबंधी परेशानियों से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जिलेभर में 14 मई से विशेष “संपर्क अभियान” शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत गांव-गांव और शहर के वार्डों में शिविर लगाकर बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। ElectricityCamp
महाप्रबंधक लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने बताया कि अभियान के तहत बनाए गए क्लस्टरों में विद्युत वितरण केंद्रवार कैंप लगाए जाएंगे, जहां बिल सुधार, मीटर खराबी, सर्विस केबल, नए कनेक्शन, भुगतान और तकनीकी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। MPNews
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से कहा है कि वे अपने बिजली बिल, आधार कार्ड और संबंधित दस्तावेज साथ लेकर शिविर में पहुंचे, ताकि समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके।
मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित Kuno National Park में रविवार को वन्यजीव संरक्षण के इतिहास का एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कूनो के खुले जंगल में दो मादा चीतों को रिलीज कर ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई उड़ान दे दी।
चीतों के बाड़े से बाहर निकलते ही दोनों मादा चीते तेज रफ्तार से जंगल की ओर दौड़ पड़ीं। इस रोमांचक पल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अपने परिवार का हिस्सा बना लिया है। प्रोजेक्ट चीता अब सिर्फ वन्यजीव संरक्षण नहीं, बल्कि देश के गौरव का प्रतीक बन चुका है।”
MP बना ‘चीता स्टेट’, दुनिया देख रही कूनो मॉडल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन से शुरू हुई चीता पुनर्स्थापना परियोजना लगातार सफलता की नई इबारत लिख रही है।
उन्होंने कहा कि अब मध्यप्रदेश देशभर में “चीता स्टेट” के रूप में पहचान बना चुका है। वर्तमान में देश में चीतों की कुल संख्या 57 हो चुकी है, जिनमें 54 चीते कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण्य में मौजूद हैं। KunoNationalPark
मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो का इको-सिस्टम अब चीतों के लिए पूरी तरह अनुकूल साबित हो रहा है। कई चीते राजस्थान सहित अन्य इलाकों तक विचरण कर रहे हैं, जो इस परियोजना की सफलता का बड़ा संकेत है।
बोत्सवाना से आए थे 9 चीते, अब 2 खुले जंगल में आजाद
वन विभाग के अनुसार इसी वर्ष फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते भारत लाए गए थे, जिनमें 6 मादा और 3 नर शामिल थे। सभी चीतों को पहले क्वारंटीन किया गया, फिर छोटे बाड़ों में रखकर स्थानीय वातावरण के अनुरूप तैयार किया गया। ProjectCheetah
इन्हीं में से दो मादा चीतों को रविवार को खुले जंगल में छोड़ा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना से आए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं, जिससे भारत में स्वस्थ और दीर्घकालिक चीता आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब धर्म, निवेश और जैनेटिक जैव विविधता का बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से लाए गए चीतों का सफल पुनर्वास दुनिया के लिए उदाहरण बन गया है। CheetahInIndia
उन्होंने वन विभाग, मेडिकल टीम, स्थानीय ग्रामीणों और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि “चीतों और इंसानों के बीच सह-अस्तित्व का ऐसा मॉडल दुनिया में कम देखने को मिलता है।”
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर Sheela Dahima, पुलिस अधीक्षक Sudhir Kumar Agrawal, डीएफओ R Thirukural सहित वन एवं प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
इस मौके पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री Rakesh Shukla, वन विकास निगम अध्यक्ष Ramnivas Rawat, भाजपा जिला अध्यक्ष Shashank Bhushan समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। BreakingNews
विशेषज्ञों के मुताबिक प्रोजेक्ट चीता सिर्फ वन्यजीव संरक्षण नहीं बल्कि भारत के जंगलों में जैव विविधता संतुलन का बड़ा अभियान है। आने वाले समय में कूनो के साथ गांधी सागर और नौरादेही अभ्यारण्य में भी चीतों को बसाने की तैयारी चल रही है। CheetahState
कूनो अब सिर्फ श्योपुर की पहचान नहीं, बल्कि भारत की वाइल्डलाइफ क्रांति का नया चेहरा बन चुका है।
अब खुले जंगल में घूमेंगे और 2 चीते, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- ‘प्रोजेक्ट चीता’ में रोज कीर्तिमान रच रहा एमपी
– मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया कूनो नेशनल पार्क का भ्रमण – प्रदेश के मुखिया ने बाड़े से आजाद किए दो मादा चीते – अब देश में चीतों की संख्या हुई 57 – प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलता से आगे बढ़ रही चीता परियोजना
दिनांक 11/5/26 भोपाल/श्योपुर।
मध्यप्रदेश वाइल्डलाइफ के लिए 11 मई का दिन खास रहा। दो और चीते अपने बाड़े से निकल कर खुले जंगल में पहुंच गए। अब दोनों प्रदेश के साथ-साथ दूसरे राज्यों के इको-सिस्टम को मजबूत करने में सहयोग करेंगे। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। उन्होंने यहां दो मादा चीतों को बाड़े से मुक्त कर दिया। बाड़े से निकलते ही दोनो चीते उछलते-कूदते जंगल की ओर चले गए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अंगीकृत कर अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगभग साढ़े तीन वर्ष पूर्व कूनो में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। भारत में चीता पुनःस्थापना की यह परियोजना सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। चीता पुनर्विस्थापन के इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान रच रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म, निवेश एवं जैनेटिक जैव विविधता के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देश में चीता स्टेट के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य में हैं।
मध्यप्रदेश ने बनाया एक नया इतिहास
भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मध्यप्रदेश ने एक नया इतिहास बनाया है। हमने आज कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए दो मादा चीतों को छोड़ा है। हमने सह-अस्तित्व की भावना प्रकट करते हुए दोनों को खुले जंगल में, खुले वातावरण में प्रकृति के साथ रहने के लिए छोड़ा है। मैं श्योपुर और चंबल के क्षेत्र के लोगों को बधाई देता हूं। इन चीताों का बसेरा अब 5 हजार किमी में हुआ है। हमारे लिए गौरव की बात है कि अब ये हमारे साथ परिवार की तरह रहने लगे हैं। हमें पता ही नहीं चलता कि कब हमारा चीता दौड़ते-दौड़ते राजस्थान पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि चीते चंबल के इलाकों ग्वालियर-शिवपुरी-राजगढ़ सहित कई इलाकों में दस्तक दे रहे हैं। हमें इन चीतों के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सौगात दी है। मैं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को भी बधाई देता हूं। मैं उन सभी अधिकारियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने प्रोजेक्ट चीता के लिए अथक पसीना बहाया है। उन्होंने कहा कि कूनो नेशनल पार्क प्रोजेक्ट चीता का नया रिकॉर्ड बना रहा है। हमारे फॉरेस्ट के अधिकारी, मेडिकल स्टाफ के लोग, यहां के संरक्षक, स्थानीय जनों और चीतों ने एक-दूसरे को परिवार मान लिया है। यह विश्व की अनूठी घटना है। यह फॉरेस्ट विभाग के लिए गौरव की बात है। चीते जीवन बिताने के लिए इस माहौल में ढल गए हैं। यह इको-सिस्टम के लिए अच्छा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जो चीते मिले थे, धीरे-धीरे हम उनको खुले वातावरण में छोड़ रहे हैं। हम जीयो और जीने-दो के सिद्धांत पर विश्वास करते हैं।
वाइल्डलाइफ में जुड़ा अहम अध्याय गौरतलब है कि, इसी साल फरवरी के अंत में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। इनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। यहां लाने के बाद इन सभी को क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद सभी को छोटे बाड़ों में रखा गया। इससे वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढल गए। इन्हीं 9 में से 2 चीतों को आज खुले जंगल में छोड़ा गया है। इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने से ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई गति मिलेगी। इससे भारत की वाइल्डलाइफ के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ेगा।
ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए बोत्सवाना की चीते वाइल्डलाइप एक्सपर्ट्स का मानना है कि बोत्सवाना से लाए गए चीते ज्यादा जेनेटिक विविधता लेकर आए हैं। इनसे कूनो में चीतों की स्वस्थ और दीर्घकालिक आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स ने यह भी उम्मीद जताई है कि ये चीते कूनो के वातावरण में तेजी से घुल-मिल जाएंगे। इन चीतों को गांधी सागर और नौरादेही जैसे अन्य अभ्यारण्यों में भी बसाने की तैयारी की जा रही है।
कब-कब कहां-कहां से लाए गए चीते इन चीतों के साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो गई है। बता दें, नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को 8, वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे। बोत्सवाना से आए चीतों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान के माध्यम से ग्वालियर लाया गया था। यहां से उन्हें हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य प्रदेश से लुप्त हुये चीतों की प्रजाति को पुनर्स्थापित करना, उनकी संख्या में वृद्धि करना और उन्हें स्वतंत्र रूप से शिकार और विचरण के लिए तैयार करना है।
947 मामलों का मौके पर निपटारा, करोड़ों की वसूली और परिवारों में फिर लौटी खुशियां
श्योपुर 9 मई 2026
CrimeNationalNews श्योपुर जिला न्यायालय और तहसील न्यायालय विजयपुर में आयोजित नेशनल लोक अदालत न्याय और समझौते का बड़ा मंच बनकर सामने आई। एक ही दिन में कुल 947 प्रकरणों का आपसी सुलह और समझौते से निराकरण किया गया। अदालत परिसर में पूरे दिन पक्षकारों की भारी भीड़ रही और कई वर्षों से लंबित विवादों का समाधान मुस्कुराहट के साथ हुआ। NationalLokAdalat
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष कपिल मेहता द्वारा मां सरस्वती और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
इस दौरान संजय गोयल, सुशील कुमार, प्रतिष्ठा अवस्थी, बबीता होरा शर्मा, वर्षा सूर्यवंशी मजुमदार, ओमप्रकाश गुप्ता सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
करोड़ों की वसूली, सैकड़ों मामलों में समझौता
लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के 406 मामलों का निराकरण करते हुए करीब 50 लाख 76 हजार 454 रुपए की वसूली की गई।SheopurCourt
बिजली विभाग के 189 मामलों में 26 लाख से ज्यादा की वसूली
नगर पालिका के 25 मामलों में करीब 2.89 लाख की रिकवरी
चेक बाउंस के 45 मामलों में 1 करोड़ से अधिक राशि का समझौता
मोटर दुर्घटना के 5 मामलों में 43 लाख 35 हजार रुपए का मुआवजा
आपराधिक मामलों सहित कई अन्य प्रकरणों का भी निपटारा
जिला न्यायालय श्योपुर और तहसील न्यायालय विजयपुर की खंडपीठों ने कुल 541 न्यायालयीन मामलों का समाधान कराया। MPNews
टूटता परिवार फिर जुड़ा, लोक अदालत बनी नई जिंदगी की वजह KapilMehta
नेशनल लोक अदालत में एक ऐसा भावुक पल भी देखने को मिला जिसने पूरे आयोजन को खास बना दिया।
करीब दो साल से अलग रह रहे एक पति-पत्नी ने अदालत की समझाइश के बाद फिर से साथ रहने का फैसला लिया। दोनों का विवाह वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हुआ था और उनके तीन बच्चे हैं। पारिवारिक विवाद के चलते दोनों अलग-अलग रह रहे थे।
लोक अदालत की खंडपीठ, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों की समझाइश के बाद दोनों ने फिर से रिश्ते को मौका देने का निर्णय लिया। इस अवसर पर दंपति को पौधा भेंट कर नई जिंदगी की शुभकामनाएं दी गईं। महिला पक्ष को सुहाग सामग्री और साड़ी भी भेंट की गई। JusticeForAll
अदालत परिसर में लगे समाधान के स्टॉल
लोक अदालत में बिजली विभाग, वन विभाग, नगर पालिका, बैंक और बीएसएनएल सहित विभिन्न विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोग मौके पर ही अपने मामलों का समाधान कराने पहुंचे।
समझौते वाले पक्षकारों को स्मृति चिन्ह के रूप में फलदार पौधे भी वितरित किए गए।
कलेक्टर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा, त्रिवेणी घाट पर होगा दीपदान और कलश यात्रा आयोजन
श्योपुर 9 मई 2026
CrimeNationalNews श्योपुर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और आस्था के केंद्र रामेश्वर त्रिवेणी संगम पर गंगा दशहरा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर शीला दाहिमा ने रामेश्वर पहुंचकर त्रिवेणी संगम घाट का निरीक्षण किया और अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि 25 मई को यहां भव्य धार्मिक आयोजन कराए जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि गंगा दशहरा पर त्रिवेणी संगम में कलश यात्रा, दीपदान और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि लोगों की आस्था और सहभागिता बढ़े। उन्होंने सीईओ जनपद को घाटों की साफ-सफाई कराने और जन अभियान परिषद के माध्यम से आयोजन कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रामेश्वर स्थित लक्ष्मी नारायण भगवान मंदिर और शंकर महादेव मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना भी की। GangaDussehra
जैनी क्षेत्रपाल मंदिर में भी पहुंचीं कलेक्टर
फूल-मालाओं से धूपबत्ती बनाने का दिया सुझाव
रामेश्वर दौरे से पहले कलेक्टर शीला दाहिमा जैनी के प्रसिद्ध क्षेत्रपाल जी महाराज मंदिर भी पहुंचीं। यहां उन्होंने मंदिर महंत से चर्चा करते हुए सुझाव दिया कि पूजा में चढ़ने वाले फूल-मालाओं को फेंकने के बजाय उनका उपयोग धूपबत्ती निर्माण में किया जाए। RameshwarSangam
कलेक्टर की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक स्वच्छता से जोड़कर देखा जा रहा है।
रामेश्वर मंदिर निर्माण को लेकर बनी रणनीति
हर उप तहसील में लगेंगे 100 पौधे, ‘दाना-पानी अभियान’ भी होगा तेज Sheopur
प्रेमसर तहसील में आयोजित “श्री रामतीर्थ रामेश्वर त्रिवेणी संगम समिति” की बैठक में मंदिर निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने की।
बैठक में तय हुआ कि रामेश्वर मंदिर निर्माण के लिए अधिक से अधिक जनसहयोग जुटाया जाएगा और लोगों को धन संग्रह के लिए प्रेरित किया जाएगा। JalSanrakshan
इसके साथ ही प्रेमसर, मानपुर, गोरस, अगरा और गसवानी क्षेत्र में वन विभाग के माध्यम से प्रत्येक उप तहसील में 100-100 पौधे लगाए जाएंगे।
बैठक में कलेक्टर शीला दाहिमा के “दाना-पानी अभियान” को भी आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसके तहत पटवारी और राजस्व अमला अपने घरों पर पक्षियों के लिए पानी के सकोरे रखेगा और अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा।
इसके अलावा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढ़ावा देने और आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कैलाश पाराशर, आदित्य चौहान, जयसिंह जादौन सहित राजस्व अमला, कृषक और समाजसेवी मौजूद रहे। #DanaPaniAbhiyan
दीवारों पर उभरे जल संरक्षण के संदेश, गांवों में जनजागरण शुरू
श्योपुर 8 मई 2026
जल संकट को लेकर जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान-2026” अब जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था सुमन युवा शक्ति ग्राम विकास समिति बलावनी द्वारा गांव में दीवार लेखन कर लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
अभियान के तहत दीवारों पर “जल का हम समझे मोल, मिले सहज पर है अनमोल” और “जल की रक्षा, देश की सुरक्षा” जैसे जागरूकता नारों का लेखन किया गया।
कार्यक्रम जिला समन्वयक नेहा सिंह के निर्देशन में आयोजित हुआ। सचिव रामलखन सुमन और परामर्शदाता बबलू सिंह नायक ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में समझाया और पानी के दुरुपयोग को रोकने की अपील की। MPNews
ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने भी अभियान में भाग लेकर जल बचाने का संकल्प लिया।
श्योपुर जिले में जनगणना-2027 को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आ रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर से कलेक्टर शीला दाहिमा ने जनगणना जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब यह एलईडी प्रचार वाहन जिले के गांव-गांव और प्रमुख चौराहों तक पहुंचकर लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक करेगा। BreakingNews
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, प्रभारी जिला योजना अधिकारी गिर्राज शर्मा, राकेश निगम सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। JanGanana
प्रभारी जिला योजना अधिकारी गिर्राज शर्मा ने बताया कि 1 मई से 30 मई तक जिले में मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य चल रहा है। इसी अभियान को सफल बनाने के लिए एलईडी प्रचार वाहन के जरिए जनगणना-2027 से जुड़ी वीडियो क्लिप और जरूरी संदेश लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
प्रशासन का फोकस साफ है—हर घर तक सही जानकारी पहुंचे और कोई भी परिवार जनगणना से छूटे नहीं। Census2027