Sunday, November 1, 2026
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बच्चों की सुरक्षा पर न्यायिक पहल: सांदीपनि स्कूल में ‘उड़ान’ कार्यशाला, पॉक्सो और साइबर अपराधों से बचाव के बताए तरीके

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को बाल अधिकार, लैंगिक हिंसा, ऑनलाइन उत्पीड़न और कानूनी संरक्षण की दी जानकारी; न्यायिक अधिकारियों ने किया जागरूक

श्योपुर, 01 नवंबर 2026 

CrimeNationalNews

 बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था की भी सामूहिक जवाबदेही है। इसी उद्देश्य से श्योपुर के सांदीपनि (सीएम राइज) विद्यालय में सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत एक दिवसीय ‘उड़ान’ कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम, पॉक्सो अधिनियम-2012, साइबर सुरक्षा और किशोरों के स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बी.एल. प्रजापति ने किया। राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम माननीय कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में ऑनलाइन यू-ट्यूब के माध्यम से आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से की गई।

न्यायिक अधिकारियों ने किया कार्यशाला का शुभारंभ

राज्य स्तरीय ऑनलाइन कार्यक्रम के बाद सांदीपनि विद्यालय में स्थानीय कार्यशाला का शुभारंभ प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रतिष्ठा अवस्थी तथा द्वितीय सिविल न्यायाधीश वरिष्ठ खंड अमोघ अग्रवाल ने किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा और उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। 

जागरूकताकार्यक्रम

पॉक्सो कानून और शिकायत प्रक्रिया समझाई

कार्यशाला में तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश बबीता होरा शर्मा तथा तृतीय सिविल न्यायाधीश कनिष्ठ खंड मंदीप कौर सहमी ने बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम और पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के मामलों में शिकायत और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया किस प्रकार अपनाई जा सकती है। 

पॉक्सोअधिनियम

सोशल मीडिया पर सावधानी, साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए 

साइबरसुरक्षा

डिजिटल दौर में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। सहायक उपनिरीक्षक एवं प्रभारी साइबर सेल श्योपुर संजय यादव ने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन जोखिम और साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने उपलब्ध कानूनी उपचारों के बारे में भी जानकारी दी। 

बालअधिकार

करियर से लेकर आधुनिक कृषि व्यवसाय तक मार्गदर्शन

शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के उच्चतर माध्यमिक शिक्षक सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने करियर मार्गदर्शन और भविष्य की तैयारी पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों, जरूरी कौशल, लक्ष्य निर्धारण, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक अवसरों के बारे में बताया। साथ ही आधुनिक तकनीक आधारित कृषि व्यवसाय की संभावनाओं पर भी मार्गदर्शन दिया।

सांदीपनिविद्यालय

किशोरों के स्वास्थ्य और भावनात्मक मजबूती पर जोर

इस्कॉन के बृजेन्द्र कृष्ण दास ने ऑनलाइन माध्यम से किशोरों के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण पर व्याख्यान दिया। उन्होंने शारीरिक स्वास्थ्य, पोषण, अच्छी जीवनशैली, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य, पर्याप्त नींद, व्यायाम और डिजिटल संतुलन के महत्व को समझाया।

जिला विधिक सहायता अधिकारी अंकिता शांडिल्य ने किशोर स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने तनाव, मित्रों के दबाव, आत्मविश्वास, शारीरिक छवि, भावनात्मक मजबूती, संवाद और लैंगिक संवेदनशीलता जैसे विषयों पर चर्चा की।

समूह गतिविधियों से समझाए संवेदनशील मुद्दे

कार्यशाला में समूह कार्य और रोल प्ले गतिविधियों के माध्यम से लैंगिक हिंसा, बुलिंग तथा ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे गंभीर विषयों को समझाया गया। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों की पहचान करने, सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य अशोक खण्डेलवाल, शिक्षकगण तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्योपुर के कर्मचारी उपस्थित रहे।

सुरक्षित बचपन अभियान का संदेश स्पष्ट है—बच्चों को उनके अधिकारों की जानकारी, सुरक्षित वातावरण और समय पर कानूनी सहायता मिले, ताकि वे भयमुक्त होकर अपना भविष्य संवार सकें।

वनरक्षक से मारपीट करने वाले दो आरोपियों को एक-एक साल की सजा, 3 हजार रुपये जुर्माना

श्योपुर के झरेर में वृक्षारोपण क्षेत्र में गाय चराने को लेकर हुआ था विवाद; वन अपराध की कार्रवाई के बाद वनकर्मी से मारपीट का मामला, विशेष एससी-एसटी न्यायालय ने सुनाया फैसला

श्योपुर, 01 नवंबर 2026

शासकीय ड्यूटी कर रहे वनरक्षक के साथ मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में विशेष न्यायालय ने दो आरोपियों को सजा सुनाई है। न्यायालय ने चौन्या उर्फ चौनाराम गुर्जर और गिरधारी गुर्जर को दोषसिद्ध ठहराते हुए प्रत्येक को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास और 1,500-1,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों आरोपियों पर कुल 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक को 20 दिन का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

विशेष न्यायालय, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, श्योपुर ने यह निर्णय 15 अक्टूबर 2026 को सुनाया। प्रकरण में न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 221 तथा धारा 121(1) के साथ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत आरोपियों को दोषसिद्ध किया।

वृक्षारोपण क्षेत्र में गाय चराने को लेकर हुआ था विवाद

अभियोजन के अनुसार, घटना 2 फरवरी 2025 की सुबह लगभग 7:45 से 8:30 बजे के बीच ग्राम झरेर स्थित कक्ष क्रमांक आर.एफ. 472 के ग्रीन इंडिया मिशन वृक्षारोपण क्षेत्र की है। उस समय वनरक्षक मनोज आदिवासी अपने साथी वनकर्मियों के साथ शासकीय कार्य कर रहे थे।

इसी दौरान वृक्षारोपण क्षेत्र में गाय चराने को लेकर विवाद हो गया। आरोप था कि वन अपराध की कार्रवाई किए जाने के बाद आरोपियों ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर वनरक्षक के साथ मारपीट की। इस घटना में वनरक्षक के शरीर पर चोटें आई थीं।

बरगवां थाने में दर्ज हुआ था मामला

घटना के संबंध में थाना बरगवां में अपराध क्रमांक 09/2025 दर्ज किया गया था। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई और अभियोजन की ओर से मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए।

कुछ आरोपों में दोषमुक्ति, शेष अपराधों में सजा

विशेष न्यायाधीश सुशील कुमार ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 132, 221 तथा धारा 121(1) सहपठित एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(va) के अंतर्गत दोषसिद्ध किया।

वहीं, न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं 3(1)(r) और 3(1)(va) के आरोपों से दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

शेष सिद्ध अपराधों के लिए प्रत्येक आरोपी को एक वर्ष का सश्रम कारावास और 1,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि आरोपियों ने पहले न्यायिक अभिरक्षा में जितनी अवधि बिताई है, उसे उनकी कारावास की सजा में समायोजित किया जाएगा।

न्यायालय के इस फैसले से स्पष्ट है कि शासकीय कार्य के दौरान वनकर्मी के साथ मारपीट और कार्य में बाधा डालने के मामले में सुनवाई के बाद दोषसिद्ध आरोपियों को कारावास की सजा दी गई है।

श्योपुर में दो दिन में पहुंचा 2,832 मीट्रिक टन डीएपी, समितियों को 1,486 टन उपलब्ध कराने का दावा

आईपीएल और कृभको की रैक से मिली खाद; डबल लॉक केंद्रों और पैक्स समितियों को किया गया वितरण

श्योपुर, 19 अक्टूबर 2026

 जिले में रबी सीजन के दौरान किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध कराने के लिए आपूर्ति जारी है। जिला प्रशासन के अनुसार, पिछले दो दिनों में आईपीएल और कृभको के माध्यम से श्योपुर जिले को कुल 2,832 मीट्रिक टन डीएपी प्राप्त हुआ। इसमें से 1,486 मीट्रिक टन डीएपी सहकारी समितियों को उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है।

कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में किसानों की मांग के अनुसार उर्वरक आपूर्ति किए जाने की बात कही गई है। उप संचालक कृषि आरके सिंह के अनुसार, आईपीएल की रैक से जिले को 1,927 मीट्रिक टन डीएपी मिला। इसमें डबल लॉक केंद्र श्योपुर को 600 मीट्रिक टन, बड़ौदा को 182 मीट्रिक टन और विजयपुर को 350 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा मार्केटिंग सोसायटी कराहल को 27 मीट्रिक टन तथा पैक्स समितियों को 768 मीट्रिक टन डीएपी दिया गया।

इसी तरह कृभको कंपनी के माध्यम से डबल लॉक केंद्र श्योपुर को 347 मीट्रिक टन, बड़ौदा को 163 मीट्रिक टन और विजयपुर को 177 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध हुआ। पैक्स समितियों को भी 218 मीट्रिक टन डीएपी दिया गया।

कृषि विभाग के मुताबिक, सहकारी समितियों को उनकी मांग के अनुसार डीएपी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही डबल लॉक केंद्रों पर भी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की जानकारी दी गई है।

किसानों के लिए जरूरी बात: जिले में डीएपी की आपूर्ति का आंकड़ा जारी किया गया है, लेकिन किसी विशेष समिति या केंद्र पर वर्तमान स्टॉक की स्थिति अलग हो सकती है। खाद लेने जाने से पहले संबंधित समिति या डबल लॉक केंद्र पर उपलब्धता की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा। 

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सीप नदी पर 4.5 करोड़ के स्टॉप डैम की मांग, कलेक्टर ने किया मौका मुआयना

सोईकलां में ग्रामीणों की मांग पर पहुंचीं कलेक्टर शीला दाहिमा; 180 मीटर लंबे डैम का स्टीमेट भोपाल भेजा, स्वीकृति के लिए दोबारा पत्र भेजने के निर्देश

श्योपुर, 13 अक्टूबर 2026    CrimeNationalNews

सीप नदी पर स्टॉप डैम निर्माण की ग्रामीणों की मांग को लेकर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सोईकलां में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नदी पर स्टॉप डैम बनवाने की मांग रखी। इसके बाद कलेक्टर शीला दाहिमा अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं और प्रस्तावित निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली।

जिला पंचायत के अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि सीप नदी पर 180 मीटर लंबे स्टॉप डैम के निर्माण के लिए करीब 4.5 करोड़ रुपये का स्टीमेट भोपाल भेजा जा चुका है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्टॉप डैम की स्वीकृति के लिए उनकी ओर से दोबारा पत्र भेजा जाए, ताकि प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई की जा सके।  SheopurNews 

180 मीटर लंबे डैम के प्रस्ताव पर आगे बढ़ेगी कार्रवाई

ग्रामीणों की सामूहिक मांग के बाद कलेक्टर का मौके पर पहुंचना इस प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति जानने और संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की दिशा में उठाया गया कदम है। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित स्टॉप डैम के संबंध में प्रचलित प्रक्रिया की जानकारी ली गई।

अधिकारियों के अनुसार, निर्माण के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये का स्टीमेट पहले ही भोपाल भेजा जा चुका है। अब स्वीकृति के लिए दोबारा पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, फिलहाल निर्माण की मंजूरी मिलने या काम शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है।    Soykalan

शांतिधाम का भी किया निरीक्षण, साफ-सफाई और मरम्मत के निर्देश

स्टॉप डैम के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर शीला दाहिमा ने शांतिधाम परिसर का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां साफ-सफाई और उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति देखी तथा परिसर के नियमित रख-रखाव पर जोर दिया।  MadhyaPradeshNews

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शांतिधाम की उचित देखरेख सुनिश्चित की जाए और मरम्मत योग्य जरूरी कार्य पूरे कराए जाएं, ताकि परिसर में आवश्यक सुविधाएं व्यवस्थित बनी रहें।

निरीक्षण के दौरान अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कार्तिकेय जायसवाल, एसडीएम गगन सिंह मीणा, जनपद पंचायत के सीईओ अभिषेक त्रिवेदी, सरपंच हरि सिंह रावत और उपयंत्री सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।  SeepRiver

अब ग्रामीणों की मांग के अनुरूप प्रस्ताव की स्वीकृति और आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। स्टॉप डैम को मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण की समय-सीमा और अन्य कार्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Crime National News | श्योपुर की जनसमस्याओं और प्रशासनिक गतिविधियों की खबरें।

 

श्योपुर में 15 बीघा भूदान भूमि के नामांतरण पर सवाल, दो प्रभारी राजस्व निरीक्षकों को नोटिस

काशीपुर की जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में गड़बड़ी का मामला; एसडीएम गगन सिंह मीणा ने दीवान सिंह बाजोरिया और वीर सिंह पिप्पल से मांगा जवाब

श्योपुर, 12 अक्टूबर 2026। ग्राम काशीपुर की 15 बीघा भूदान भूमि के राजस्व रिकॉर्ड और नामांतरण प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। भूमि सर्वे क्रमांक 400/2 के मामले में एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा ने दो प्रभारी राजस्व निरीक्षकों—दीवान सिंह बाजोरिया और वीर सिंह पिप्पल—को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। मामला भूदान भूमि के रिकॉर्ड में नाम दर्ज किए जाने और रजिस्ट्री के आधार पर नामांतरण किए जाने की प्रक्रिया से जुड़ा है।

प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में भूमि के पुराने राजस्व रिकॉर्ड, भूदान से जुड़े तथ्यों और नामांतरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। दोनों अधिकारियों से संबंधित मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। हालांकि, नोटिस जारी होना अपने आप में किसी अधिकारी के दोषी साबित होने का अंतिम निष्कर्ष नहीं है।

पुराने खसरे में भूदान कृषक के रूप में दर्ज था नाम

दीवान सिंह बाजोरिया को जारी नोटिस के अनुसार, ग्राम काशीपुर स्थित सर्वे क्रमांक 400/2, रकबा 15 बीघा भूमि के पुराने खसरा रिकॉर्ड में मथुरालाल पुत्र भंवरलाल नाई, निवासी मानपुर, का नाम संवत 2044 से 2048 तक भूदान कृषक के रूप में दर्ज था। मथुरालाल की मृत्यु के बाद भूमि का नाम उसके पुत्र प्रभुलाल के नाम दर्ज हुआ।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि इसके बाद प्रभुलाल नाई के स्थान पर रामनाथ पुत्र ऊकार और प्रहलाद पुत्र ऊकार बैरवा के नाम भूमि दर्ज कर दिए गए, जबकि इसके लिए कोई सक्षम आदेश नहीं होने की बात कही गई है। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि संबंधित भूमि पूर्व से भूदानधारी तथा विक्रय से वर्जित दर्ज थी।

इसी आधार पर भूमि के रिकॉर्ड में नाम दर्ज किए जाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

भूदान के तथ्यों को छिपाकर नामांतरण करने का आरोप

वीर सिंह पिप्पल को जारी नोटिस में इसी भूमि के मामले में भूदान से संबंधित तथ्यों को छिपाते हुए रजिस्ट्री के आधार पर सीधे शांति बाई के नाम नामांतरण किए जाने को त्रुटिपूर्ण बताया गया है।

प्रशासन ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा है। मामले में भूदान भूमि से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जवाब के बाद स्पष्ट होगी आगे की कार्रवाई

ग्राम काशीपुर की इस भूमि के मामले में दो प्रभारी राजस्व निरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज प्रविष्टियों और नामांतरण की प्रक्रिया पर प्रशासनिक जांच का विषय सामने आया है। अब संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा है। मामले में अंतिम निष्कर्ष या किसी दंडात्मक कार्रवाई की पुष्टि अभी नहीं की गई है।

Crime National News | श्योपुर की प्रशासनिक गतिविधियों और जनहित से जुड़े मामलों पर नजर।

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श्योपुर के 22,261 हितग्राहियों के खातों में पहुंची 1.33 करोड़ रुपये की पेंशन राशि

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के 35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों को 213.41 करोड़ रुपये से ज्यादा की पेंशन राशि की अंतरित; जिले में आठ पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को मिला लाभ

श्योपुर, 11 अक्टूबर 2026   

CrimeNationalNews.com

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों के खातों में रविवार को पेंशन राशि का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से समग्र पेंशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में 213.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस प्रक्रिया के तहत श्योपुर जिले के 22,261 हितग्राहियों को कुल 1 करोड़ 33 लाख 56 हजार 600 रुपये की पेंशन राशि प्राप्त हुई।

कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में श्योपुर स्थित प्रेरणा वृद्धाश्रम में स्थानीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रभारी उप संचालक सौरभ राय, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी ओमवीर रघुवंशी और पेंशन योजनाओं के हितग्राही उपस्थित रहे।

आठ पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों को मिला लाभ

श्योपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन और संबंधित सहायता योजनाओं के अंतर्गत अलग-अलग श्रेणियों के हितग्राहियों को राशि मिली। इनमें वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, कल्याणी पेंशन और कन्या अभिभावक पेंशन सहित विभिन्न योजनाएं शामिल हैं।

जिले में योजना-वार लाभार्थियों का विवरण इस प्रकार है:

  • मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन योजना: 13,208 हितग्राही
  • सामाजिक सुरक्षा निशक्त पेंशन: 4,110 हितग्राही
  • वृद्धावस्था पेंशन: 2,990 हितग्राही
  • दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन सहायता: 1,019 हितग्राही
  • मानसिक दिव्यांग एवं बहु दिव्यांग आर्थिक सहायता: 457 हितग्राही
  • कन्या अभिभावक पेंशन योजना: 329 हितग्राही
  • परित्यक्ता पेंशन: 145 हितग्राही
  • मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना: 3 हितग्राही

इन सभी श्रेणियों में कुल 22,261 हितग्राही शामिल हैं। यह राशि जिले में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचाई गई। 

मध्यप्रदेशसमाचार

प्रदेश स्तर पर 35.56 लाख से अधिक खातों में अंतरण

राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से पेंशन राशि का अंतरण किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदेश में 35.56 लाख से अधिक हितग्राहियों के बैंक खातों में 213.41 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई।

श्योपुर जिले के आंकड़ों के अनुसार, इस बार 22,261 हितग्राहियों को 1.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

प्रेरणा वृद्धाश्रम में हुआ स्थानीय कार्यक्रम

श्योपुर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में पेंशन अंतरण कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसमें प्रभारी उप संचालक सौरभ राय और सामाजिक सुरक्षा अधिकारी ओमवीर रघुवंशी सहित हितग्राही उपस्थित रहे। 

पेंशनयोजना

पेंशन योजनाओं से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र श्रेणियों के हितग्राहियों को आर्थिक सहायता मिलती है। जिले में योजना-वार लाभार्थियों की संख्या यह दर्शाती है कि सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के दायरे में विभिन्न जरूरतमंद समूह शामिल हैं।

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मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट से पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, 177 स्टॉलों में दिखी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने किया प्रदर्शनी का शुभारंभ; पर्यटन ग्राम पंचवटी में ग्रामीण जीवन, होमस्टे और जनजातीय संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र

भोपाल 8/10/26  CrimeNationalNews

मध्यप्रदेश के पर्यटन, आतिथ्य और स्थानीय हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 अहम मंच बनकर उभरा है। आयोजन के दूसरे दिन मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं, व्यावसायिक साझेदारी और वैश्विक स्तर पर पर्यटन कारोबार बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन का लगातार विस्तार हो रहा है और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखने को मिल रही है। राज्य के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए स्थानीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैवल मार्ट टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और होमस्टे संचालकों को एक मंच पर लाकर नए व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

ट्रैवल ऑपरेटर्स और होटल व्यवसायियों से सीधा संवाद

प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान मुख्य सचिव ने देश-विदेश से आए ट्रैवल-टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और होमस्टे संचालकों से बातचीत की। उन्होंने उनके टूर पैकेज, भविष्य की योजनाओं और मध्यप्रदेश में पर्यटन विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया।

बर्णवाल ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को प्रदेश के पर्यटन ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाने वाला बताते हुए मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, वन्यजीव विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण पर्यटन अनुभवों को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।

177 स्टॉलों पर पर्यटन और आतिथ्य कारोबार की झलक

मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट के सातवें संस्करण में इस बार ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े 177 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से पर्यटन व्यवसाय, होटल सेवाओं, टूर पैकेज, होमस्टे और अन्य संबंधित गतिविधियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को और गति देना तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच व्यावसायिक संपर्क मजबूत करना है।

प्रदर्शनी में टूर ऑपरेटर्स, हॉस्पिटेलिटी, आर्ट एंड क्राफ्ट, टेबल स्पेस और ग्रामीण पर्यटन से जुड़े स्टॉल प्रमुख आकर्षण बने हुए हैं।

डिजिटल तकनीक से दिखाया मध्यप्रदेश का पर्यटन वैभव

मध्यप्रदेश के पवेलियन में राज्य के ऐतिहासिक किलों, वन्यजीव अभयारण्यों और प्राकृतिक स्थलों की झलक आकर्षक तरीके से प्रस्तुत की गई है। बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन के माध्यम से आगंतुकों को प्रदेश के पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जा रही है।

इसके साथ ही इंटरैक्टिव कियोस्क और डिजिटल डिस्प्ले जैसी तकनीकी सुविधाओं से आगंतुक अपनी रुचि के अनुसार पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्य सचिव ने प्रदर्शनी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डिजिटल पहलों की जानकारी भी ली। तकनीक और पर्यटन के इस मेल से पर्यटकों तक जानकारी पहुंचाने के नए रास्ते खुलने की संभावनाएं हैं।

पर्यटन ग्राम पंचवटी में जीवंत हुआ ग्रामीण जीवन

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के ग्रामीण पर्यटन कार्यक्रम की झलक ट्रैवल मार्ट परिसर में तैयार की गई विशेष प्रतिकृति पर्यटन ग्राम पंचवटी में देखने को मिली। यहां ग्रामीण जीवनशैली, पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय अनुभवों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

पंचवटी में होमस्टे अनुभव, तारों को निहारने की गतिविधि, बैलगाड़ी की सवारी, साइकिलिंग, जनजातीय लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां और तीर-कमान चलाने की कला जैसी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा हस्तकलाओं की प्रदर्शनी, गोंड पेंटिंग, प्राकृतिक झरने और राष्ट्रीय उद्यानों की झलक भी प्रस्तुत की गई है।

जनजातीय समुदाय के लोगों द्वारा अपनी जीवनशैली और परंपराओं से जुड़ी कहानियों का प्रस्तुतिकरण ग्रामीण पर्यटन को समझने का अवसर दे रहा है। यह पहल पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति और गांवों के वास्तविक जीवन से जोड़ने का प्रयास है।

बाघ प्रिंट, चंदेरी साड़ियों और जनजातीय कला को मिला मंच

ट्रैवल मार्ट में मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों के विशेष स्टॉल भी लगाए गए हैं। इनमें बाघ प्रिंट, चंदेरी साड़ियां, भील आर्ट, भैरवा क्राफ्ट और बाटिक प्रिंट प्रमुख रूप से प्रदर्शित किए गए हैं।  ChanderiSaree

इन स्टॉलों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान देने के साथ स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों की कला को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। पर्यटन और हस्तशिल्प को एक साथ प्रस्तुत करने से स्थानीय उत्पादों के प्रचार तथा संभावित व्यावसायिक संपर्कों के अवसर भी बन सकते हैं।

मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में पर्यटन और ग्रामीण संस्कृति की प्रदर्शनी
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में पर्यटन और ग्रामीण संस्कृति की प्रदर्शनी का अवलोकन

वरिष्ठ अधिकारी और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में सचिव पर्यटन एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक इलैयाराजा टी., मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर, फिक्की मध्यप्रदेश के चेयरमैन महेंद्र प्रताप सिंह सहित संबंधित अधिकारी, ट्रैवल एवं टूर ऑपरेटर्स, प्रदर्शक और होटल व्यवसायी उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 के जरिए प्रदेश के पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासत, ग्रामीण अनुभवों और आतिथ्य सेवाओं को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। अब इस आयोजन की सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि यहां बने संपर्क प्रदेश में पर्यटन कारोबार, स्थानीय रोजगार और शिल्पकारों के अवसरों को किस हद तक आगे बढ़ाते हैं।

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न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने मंच पर बिखेरे हुनर के रंग, ‘उल्लास: एक अभिनव प्रयोग’ का भव्य समापन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ खेल प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित, गांधी जयंती के उपलक्ष्य में 1 से 9 अक्टूबर तक चला कार्यक्रम

श्योपुर, 11 अक्टूबर 2026 

CrimeNationalNews

न्यायालय की गंभीर कार्यप्रणाली के बीच आपसी सौहार्द, सांस्कृतिक प्रतिभा और सामूहिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्योपुर द्वारा आयोजित ‘उल्लास: एक अभिनव प्रयोग’ का भव्य सांस्कृतिक संध्या एवं समापन समारोह निषादराज भवन, जिला पंचायत परिसर में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। 1 से 9 अक्टूबर 2026 तक चले इस आयोजन में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और न्यायालयीन कर्मचारियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में सकारात्मक सहभागिता, आपसी समन्वय और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ खेलकूद और बौद्धिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।  श्योपुर

दीप प्रज्ज्वलन और वंदे मातरम् के साथ हुआ शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बी.एल. प्रजापति एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का वादन हुआ।

जिला विधिक सहायता अधिकारी अंकिता शांडिल्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। समारोह का संचालन सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भव्या गुप्ता एवं अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जाट ने किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,

फैंसी ड्रेस से लेकर गायन और नृत्य तक दिखी प्रतिभा

सांस्कृतिक संध्या में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने समारोह को खास बना दिया। प्रतिभागियों ने फैंसी ड्रेस, गायन, वाद्ययंत्र और एकल नृत्य प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ भाग लिया। प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। 1 से 9 अक्टूबर के दौरान क्विज, कैरम, शतरंज और बैडमिंटन जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को अतिथियों ने शील्ड और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

श्योपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उल्लास कार्यक्रम की सांस्कृतिक संध्या
श्योपुर में ‘उल्लास: एक अभिनव प्रयोग’ में मंचासीन न्यायालय के माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/समारोह का दृश्य।

न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की सामूहिक सहभागिता बनी खास पहचान

‘उल्लास: एक अभिनव प्रयोग’ की प्रमुख विशेषता यह रही कि इसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और न्यायालयीन कर्मचारियों ने एक साथ सहभागिता की।

कार्यक्रम ने न्यायालयीन परिवेश में आपसी मेलजोल, टीम भावना और रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान किया। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए अतिथियों ने उनके प्रयासों की सराहना की।

बी.एल. प्रजापति ने की सामूहिक प्रयासों की सराहना

पुरस्कार वितरण के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष बी.एल. प्रजापति ने अपने संबोधन में कार्यक्रम की सफलता और सभी प्रतिभागियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया।  सांस्कृतिक संध्या,

इस अवसर पर विशेष न्यायाधीश सुशील कुमार, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष ओ.पी. गुप्ता, यूनियन बैंक के प्रबंधक सतीश चंद्र नागर सहित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

आभार प्रदर्शन और राष्ट्रगान के साथ समापन  गांधी जयंती

समारोह के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वर्षा सूर्यवंशी मजूमदार ने उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके बाद राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सांस्कृतिक संध्या का विधिवत समापन हुआ।

‘उल्लास: एक अभिनव प्रयोग’ ने न्यायिक समुदाय को सांस्कृतिक, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों के साझा मंच पर जोड़ते हुए आपसी सहभागिता और सौहार्द का संदेश दिया।

श्योपुर जिले में 11 पटवारी निलंबित, फार्मर रजिस्ट्री और सीमांकन में लापरवाही पर कार्रवाई

कराहल, श्योपुर और विजयपुर तहसील क्षेत्र के पटवारियों पर गिरी गाज; तीनों एसडीएम ने जारी किए निलंबन आदेश

श्योपुर, 09 अक्टूबर 2026

श्योपुर जिले में शासकीय कार्यों में लापरवाही और फार्मर रजिस्ट्री में उदासीनता बरतने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले की विभिन्न तहसीलों में पदस्थ 11 पटवारियों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई कराहल, श्योपुर और विजयपुर क्षेत्र में की गई है। सीमांकन के प्रकरण लंबित रहने, फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने और अन्य शासकीय दायित्वों में लापरवाही के अलग-अलग मामलों में संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीएम कराहल बीएस श्रीवास्तव ने तीन पटवारियों, एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा ने चार पटवारियों तथा एसडीएम विजयपुर अभिषेक मिश्रा ने चार पटवारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। इस तरह जिले में कुल 11 पटवारियों पर कार्रवाई की गई है।

कराहल में तीन पटवारी निलंबित

कराहल क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में उदासीनता, सीमांकन के प्रकरण लंबित रहने सहित अन्य शासकीय कार्यों में लापरवाही के अलग-अलग कारणों से तीन पटवारियों को निलंबित किया गया है।

एसडीएम कराहल बीएस श्रीवास्तव द्वारा की गई कार्रवाई के तहत निम्न पटवारी शामिल हैं:

  • शिशुपाल सेमरिया — पटवारी, खिरखिरी एवं लहरौनी
  • जयनारायण शर्मा — पटवारी, रीछी
  • मनीष गुप्ता — पटवारी, बरगवा

श्योपुर क्षेत्र में चार पटवारियों पर कार्रवाई

श्योपुर अनुविभाग में भी प्रशासन ने शासकीय कार्यों में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लेते हुए चार पटवारियों को निलंबित किया है। एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जद में आए पटवारी हैं:

  • सियाराम जाटव — कलारना
  • राहुल शर्मा — पच्चीपुरा
  • द्वारिका माहौर — शंकरपुर, तहसील श्योपुर
  • रामनरेश जाटव — बावड़ीचापा, तहसील बड़ौदा

विजयपुर क्षेत्र के चार पटवारी भी निलंबित

विजयपुर अनुविभाग में भी विभिन्न कारणों से चार पटवारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। एसडीएम विजयपुर अभिषेक मिश्रा द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इनमें शामिल हैं:

  • रोहित तोमर — पटवारी, चिमलवानी
  • राजकुमार शर्मा — पटवारी, बबनवास एवं डोडरीकलां
  • दीपक परते — पटवारी, हीरापुरा एवं सुमरेरा
  • गोविंद अनंत — पटवारी, धौरीबावड़ी

शासकीय कार्यों में लापरवाही पर प्रशासन का सख्त संदेश

जिले में एक साथ 11 पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई को राजस्व संबंधी कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री और सीमांकन जैसे कार्य किसानों तथा आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे कार्यों में देरी या लापरवाही से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए संबंधित अधिकारियों ने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीरता बरतने का संदेश दिया है। हालांकि, प्रत्येक पटवारी के निलंबन का सटीक कारण संबंधित आदेश में दर्ज तथ्यों के अनुसार ही माना जाना चाहिए।

Crime National News की नजर जिले की प्रशासनिक कार्रवाई और राजस्व विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर बनी रहेगी।

ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ निकली सेवा ज्योति यात्रा, विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का वर्चुअल संबोधन | रामनिवास रावत बोले—विकसित भारत के निर्माण में सभी निभाएं अपनी जिम्मेदारी

श्योपुर, 07 अक्टूबर 2026   http://CrimeNationalNews

विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा को सामाजिक दायित्व से जोड़ने के उद्देश्य से श्योपुर में सेवा ज्योति यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। शहर के श्री हजारेश्वर महादेव मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में ज्योति प्रज्ज्वलित कर विधानसभा क्षेत्रों के लिए सेवा ज्योति यात्रा को रवाना किया गया। इस दौरान आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का लाइव उद्बोधन भी प्रसारित किया गया।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, भाजपा पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में विकसित भारत के निर्माण तथा जनसेवा के संकल्प को दोहराया गया।

विकसित भारत के निर्माण में सभी निभाएं अपनी जिम्मेदारी: रामनिवास रावत

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन विकास निगम के अध्यक्ष रामनिवास रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर योगदान देना होगा। अपने-अपने क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए सभी को श्योपुर जिले को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। http://सेवा संकल्प अभियान

उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा के विचार को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उनके चेहरों पर प्रसन्नता लाना ही जनसेवा का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।

रामनिवास रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्योपुर जिले को चीता परियोजना के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सभी से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।

ज्योति प्रज्ज्वलित कर सेवा ज्योति यात्रा को किया रवाना

श्री हजारेश्वर महादेव मेला मैदान के रंगमंच पर उपस्थित अतिथियों ने ज्योति प्रज्ज्वलित कर सेवा ज्योति यात्रा का शुभारंभ किया। इसके बाद यात्रा को विधानसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। http://श्योपुर की अन्य खबरें

इस अवसर पर रामनिवास रावत ने उपस्थित लोगों को विकसित भारत के निर्माण के लिए संकल्प पत्र का सामूहिक वाचन भी कराया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।

वंदेमातरम् से शुरुआत, राष्ट्रगान के साथ समापन

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् के साथ हुई। इसके बाद अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण किया। उपस्थित अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। स्कूली विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों की सुमधुर प्रस्तुतियां देकर माहौल को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम का संचालन सुशील दुबे ने किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में कलेक्टर शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान, सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त गुड्डी बाई आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी, प्राधिकरण उपाध्यक्ष सीताराम आदिवासी, नगरपालिका अध्यक्ष रेणु सुजीत गर्ग, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय और बृजराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर सिंह सिसौदिया, कैलाश नारायण गुप्ता और रामलखन नापाखेडली उपस्थित रहे।

इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष गोपाल आचार्य, अशोक गर्ग, सुरेन्द्र जाट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट, विजयपुर नगर परिषद अध्यक्ष कमलेश कुशवाह, नगरपालिका उपाध्यक्ष संजय महाना, बड़ौदा नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि राजू सुमन, उपाध्यक्ष दारा सिंह बंजारा, जिला पंचायत सदस्य गिरधारी बैरवा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राघवेन्द्र जाट, सरोज तोमर और लवली मीणा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

भाजपा जिला महामंत्री संजय अकोदिया और अरविंद जादौन, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष गौरीशंकर मीणा, कराहल मंडल अध्यक्ष हरनाथ देवरिया, सांसद प्रतिनिधि सुजीत गर्ग, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष मोनू सोनी, परीक्षित धाकड़, दिनेश दुबोलिया, ओम राठौर, महावीर मित्तल, मेहरवान सिंह यादव, नगर मंडल अध्यक्ष संजय मंगल, गिर्राज चौधरी, यदुराज जाट, जगदीश मिश्रा, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष नेहा कुलश्रेष्ठ, मिथलेश तोमर, जगदीश गौड़ और विजयपुर मंडल अध्यक्ष शुभम मुदगल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पार्षद और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों में जिला पंचायत सीईओ कार्तिकेय जायसवाल, एसडीएम गगन मीणा, डिप्टी कलेक्टर शिवलाल शाक्य और विजय शाक्य तथा एसडीओपी आनंद कुमार राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

संदेश स्पष्ट है—विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकारी संकल्प से नहीं, बल्कि जनभागीदारी, जवाबदेही और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के सामूहिक प्रयासों से साकार होगा।