राष्ट्रपति के आगमन को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने अधिकारियों को सौंपे जिम्मे
21 जून को कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगी राष्ट्रपति, 22 जून को करेंगी प्रस्थान
हेलीपेड से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन
श्योपुर, 04 जून 2026
देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का श्योपुर जिले में दो दिवसीय दौरा प्रस्तावित होने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। राष्ट्रपति के संभावित आगमन को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर शीला दाहिमा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को अपराह्न लगभग 3 बजे श्योपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगी और यहीं रात्रि विश्राम करेंगी। अगले दिन 22 जून को प्रातः 10 बजे कूनो से प्रस्थान करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कसी कमर
राष्ट्रपति के संभावित प्रवास को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है। कलेक्टर शीला दाहिमा ने अधिकारियों को राष्ट्रपति प्रोटोकॉल के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सुरक्षा, आवागमन, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, संचार व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
हेलीपेड को सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश
कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कूनो स्थित हेलीपेड को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। साथ ही राष्ट्रपति के आगमन एवं प्रस्थान मार्ग की व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल, कूनो डीएफओ आर. थिरूकुराल, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद, सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी के.एस. रंधावा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक अमला अभी से सक्रिय हो गया है और कूनो नेशनल पार्क सहित जिले में तैयारियों का दौर तेज हो गया है।
नामांतरण नहीं होने का लगाया आरोप, जांच में निकले तथ्य उलट
आत्महत्या की धमकी और सोशल मीडिया पर भ्रामक बयानबाजी के मामले में प्रशासन सख्त
श्योपुर, 02 जून 2026
CrimeNationalNews जनसुनवाई में प्रस्तुत की गई एक शिकायत अब शिकायतकर्ता के लिए ही मुश्किल बनती नजर आ रही है। जिला प्रशासन ने भ्रामक तथ्यों के आधार पर शिकायत दर्ज कराने, आत्महत्या की चेतावनी देने और सोशल मीडिया पर कथित रूप से गलत जानकारी प्रसारित कर प्रशासन की छवि धूमिल करने के मामले में वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डिप्टी कलेक्टर संजय जैन ने बताया कि 02 जून को आयोजित जनसुनवाई में आरटीओ कार्यालय के समीप निवासी जगदीश पुत्र सुरजनमल अग्रवाल ने तहसीलदार और पटवारी पर नामांतरण नहीं करने का आरोप लगाते हुए आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में आत्महत्या करने की चेतावनी भी दी गई थी, जिसके बाद मामले की जांच कराई गई। http://AdministrativeActionAdministrativeAction
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि आवेदक वर्ष 2009 के पंजीकृत विक्रय पत्र के आधार पर नामांतरण नहीं किए जाने की शिकायत कर रहा था, जबकि नामांतरण के लिए न्यायालय तहसीलदार श्योपुर के समक्ष कोई आवेदन प्रस्तुत ही नहीं किया गया था। SheopurNews
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित प्रकरण न तो लंबित था और न ही किसी स्तर पर विचाराधीन था। BreakingNews
तहसीलदार श्योपुर के समक्ष दर्ज कराए गए बयान में जगदीश अग्रवाल ने स्वीकार किया कि नामांतरण के लिए कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया था।
उन्होंने यह भी माना कि आवेदन में एक लाख रुपये लेकर नामांतरण किए जाने संबंधी आरोप जल्दबाजी में लिख दिए गए थे, जबकि किसी अधिकारी या पटवारी द्वारा उनसे किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की गई थी।
जांच के दौरान प्रशासन के संज्ञान में यह भी आया कि शिकायतकर्ता द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित रूप से भ्रामक बयान दिए गए, जिससे जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई और प्रशासन के प्रति आक्रोश पैदा करने का प्रयास किया गया।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां जनसुनवाई जैसे जनहितकारी कार्यक्रमों की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं और आम जनता के बीच गलत संदेश पहुंचाती हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई किए जाने के लिए थाना कोतवाली श्योपुर तथा पुलिस अधीक्षक श्योपुर को पत्र प्रेषित कर दिया है।
अब इस मामले में पुलिस स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। LawAndOrder
प्रशासन का संदेश: तथ्यहीन शिकायतों पर होगी सख्ती
जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जनसुनवाई जैसे मंचों का दुरुपयोग, गलत तथ्यों के आधार पर शिकायत और सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाने के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर शीला दाहिमा का संवेदनशील और सक्रिय प्रशासनिक चेहरा देखने को मिला। जनसुनवाई में 350 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
फरियादी को पानी पिलाकर सुनी समस्या
जनसुनवाई के दौरान नामांतरण की समस्या लेकर पहुंचे जगदीश प्रसाद अग्रवाल की बात कलेक्टर शीला दाहिमा ने गंभीरता से सुनी। आवेदक की परेशानी समझते हुए उन्हें तसल्ली दी और बैठाकर पानी पिलाया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को प्लॉट नामांतरण प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्ट्रेट में मौजूद लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना की।
दो महिलाओं को मिली कल्याणी पेंशन की सौगात
जनसुनवाई के दौरान ग्राम नयागांव ढोढपुर निवासी गुलाब बाई और जावदेश्वर निवासी शांति वाल्मिक के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन स्वीकृत करने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। CollectorSheelaDahima
दोनों महिलाओं को पति की मृत्यु के बाद मिलने वाली पेंशन का लाभ दिलाने के लिए सामाजिक न्याय विभाग को तत्काल निर्देश दिए गए। KalyaniPension
समग्र आईडी अपडेट, महिला को मिलेगा पेंशन लाभ
मानपुर निवासी पूजा आर्य ने समग्र आईडी में पति की मृत्यु के बाद भी वैवाहिक स्थिति अपडेट नहीं होने की शिकायत की। समस्या के कारण उन्हें कल्याणी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था।
कलेक्टर के निर्देश पर ई-गवर्नेंस टीम ने मौके पर ही समग्र आईडी में आवश्यक संशोधन कर विधवा श्रेणी में अपडेट किया, जिससे अब महिला को प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
कमला केवट को संबल योजना का लाभ दिलाने के निर्देश
ग्राम खिरखिरी निवासी कमला केवट ने अपने पति उम्मेद सिंह केवट की सामान्य मृत्यु पर मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि की मांग की।
कलेक्टर शीला दाहिमा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्रता अनुसार दो लाख रुपये की सहायता राशि दिलाने की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए। GoodGovernance
जनसुनवाई में वार्ड 15 के पार्षद प्रतिनिधि महावीर सुमन ने जलावर्धन योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क का रिस्टोरेशन नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई।
इस पर कलेक्टर ने जल निगम अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 8 दिन के भीतर सड़क पुनर्निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
ग्राम काठोदी निवासी सियाराम मीणा ने खेत तक जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण होने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि रास्ता बंद होने से ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खेत तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेतों के रास्तों पर हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए और इस प्रकार के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। BreakingNews
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जनसुनवाई BreakingNews
जनसुनवाई कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद, एसडीएम गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और आवेदकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में शामिल हुए।
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को उम्मीद की किरण तब दिखाई दी जब कई मामलों में तत्काल राहत और समाधान देखने को मिला।
CrimeNationalNews उत्तर प्रदेश के चर्चित सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बकरीद के दिन 17 वर्षीय छात्र सूर्या की निर्मम हत्या करने वाला मुख्य आरोपी असद रविवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अभय खंड इलाके में हुई इस कार्रवाई को खोड़ा और इंदिरापुरम थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
पुलिस के अनुसार सूर्या हत्याकांड के बाद से असद फरार चल रहा था और उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। मुठभेड़ के दौरान असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह ढेर हो गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आठ महीने पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच और परिजनों के अनुसार सूर्या और असद के बीच करीब आठ महीने पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए असद ने कथित रूप से पूरी साजिश रची थी।
बकरीद के दिन उसने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया और पहले से तैयार योजना के तहत उस पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि सूर्या अपने कुछ दोस्तों के साथ वहां पहुंचा था, जहां यह खौफनाक वारदात हुई। SuryaMurderCase
जांच में सामने आया कि असद नेसूर्या से कहा था, “क्या कभी बकरा कटते हुए देखा है, आओ दिखाता हूं।” जब सूर्या ने उसकी बात मानने से इनकार किया तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि इसी दौरान असद ने चाकू निकालकर सूर्या पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने छात्र के पेट में कई बार चाकू घोंपा।
200 मीटर तक भागा, लेकिन नहीं बच सकी जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद सूर्या जान बचाने के लिए करीब 200 मीटर तक दौड़ता रहा। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण वह सड़क पर गिर पड़ा।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। LawAndOrder
बेटे के हत्यारे के लिए मां ने मांगी थी कड़ी सजा
सूर्या की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया था। मृतक की मां सरोज और बहन ने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी। UttarPradesh
मां का कहना था कि जिस बेरहमी से उनके बेटे की हत्या की गई, उसी प्रकार हत्यारे को भी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया था कि सूर्या परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद था, क्योंकि परिवार का बड़ा बेटा दिव्यांग है। LatestNews
पुलिस कार्रवाई से शांत हुआ जनाक्रोश http://UPNewsUPNews
सूर्या हत्याकांड के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला था। लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद मामले का एक बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है। हालांकि पुलिस अभी भी मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद का यह हत्याकांड प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ था और अब पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लोगों की नजरें आगे की जांच पर टिकी हुई हैं।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष से नई दिल्ली में मुलाकात, जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया
“कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत”, युवा नेतृत्व को आगे लाने की वकालत
मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कार्यकर्ताओं की पीड़ा से कराया अवगत
नई दिल्ली, 02 जून 2026
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल ने मंगलवार को भाजपा राष्ट्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से भेंट कर संगठन और कार्यकर्ताओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान बाबूजी ने पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं, संवादहीनता और बढ़ती VIP संस्कृति पर चिंता व्यक्त करते हुए संगठनात्मक मजबूती के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई।
“कार्यकर्ता ही भाजपा की रीढ़”
बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल ने कहा कि जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक संगठन को मजबूत बनाने में लाखों कार्यकर्ताओं ने अपना योगदान दिया है। कई कार्यकर्ताओं ने संघर्ष, त्याग और समर्पण के बल पर पार्टी को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का सम्मान और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान संगठन की प्राथमिकता होना चाहिए। कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत और रीढ़ हैं।
ऊर्जावान युवाओं को मिले संगठन में जिम्मेदारी BreakingNews
बैठक में राष्ट्रीय विचार मंच की ओर से संगठन में ऊर्जावान और सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं को दायित्व देने संबंधी अनुशंसा पत्र भी सौंपा गया। बाबूजी ने कहा कि नई ऊर्जा और नई सोच के साथ युवा नेतृत्व को आगे लाने से संगठन और अधिक मजबूत होगा।
बाबूजी ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भाजपा को मिली सफलता जनता और कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम है। भय और चुनौतियों के बीच भी कार्यकर्ताओं ने डटकर काम किया, जिससे जनता का विश्वास भाजपा के प्रति मजबूत हुआ।
उन्होंने कहा कि यह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Politics
जमीनी स्तर की शिकायतों पर जताई चिंता
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि कई राज्यों में कार्यकर्ताओं के छोटे-छोटे कार्य लंबित रहते हैं, जबकि विपक्ष से जुड़े लोगों के काम आसानी से हो जाते हैं। कुछ स्थानों पर भय का माहौल बनाए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। ShyamaPrasadMukherjee
बाबूजी ने इन मामलों पर त्वरित संज्ञान लेकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई कार्यकर्ता संगठन के बड़े नेताओं और पदाधिकारियों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रहे हैं। यह स्थिति संगठनात्मक दृष्टि से चिंता का विषय है। कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच सीधा संवाद बढ़ाने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। MadhyaPradesh
बैठक के अंत में बाबूजी सुशील कुमार सरावगी जिंदल ने आग्रह किया कि समर्पित, कर्मठ और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को संगठन में उचित स्थान देकर भाजपा को और अधिक सशक्त बनाया जाए, ताकि राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लक्ष्य को और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
यह प्रेस विज्ञप्ति राष्ट्रीय विचार मंच के मध्यप्रदेश अध्यक्ष नरेश धाकड़, श्योपुर द्वारा जारी की गई।
जिला चिकित्सालय में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर मानव सेवा और सामाजिक जागरूकता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। ब्लड बैंक के सहयोग से पुष्पाश्री फाउंडेशन एवं प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रैमासिक रक्तदान शिविर में 25 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जबकि भविष्य में आकस्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिए 20 लोगों ने रक्तदान संकल्प पत्र भी भरे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है जो किसी जरूरतमंद को नया जीवन देता है। उन्होंने कहा कि सभी प्रकार के दान महत्वपूर्ण हैं, लेकिन रक्तदान सबसे श्रेष्ठ दान है। श्योपुर जिले में रक्तदान को लेकर जिस प्रकार की जागरूकता देखने को मिल रही है, वह प्रदेश के बहुत कम जिलों में दिखाई देती है।
58वीं बार रक्तदान कर महावीर गुप्ता ने रचा नया रिकॉर्ड
शिविर का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब रहा जब महावीर गुप्ता ने 58वीं बार रक्तदान कर जिले में सर्वाधिक रक्तदान करने के अपने रिकॉर्ड को और मजबूत किया। वे वर्ष 2005 में स्वर्गीय मुकेश गुप्ता की स्मृति में आयोजित पहले रक्तदान शिविर से लगातार इस अभियान से जुड़े हुए हैं।
वहीं योग शिक्षक दिनेश साहू ने 55वीं बार और पूर्व पार्षद राजू पारेता ने 39वीं बार रक्तदान कर समाज के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। BreakingNews
22 साल की छोटी पहल बनी जनआंदोलन
पुष्पाश्री फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण ओसवाल ने कहा कि 22 वर्ष पहले शुरू हुई रक्तदान जागरूकता की छोटी सी पहल आज जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित शिविरों के माध्यम से रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियां दूर हो रही हैं और लोग स्वेच्छा से आगे आकर रक्तदान कर रहे हैं।
ब्लड बैंक को पिछले वर्ष मिली 5000 यूनिट रक्त की आपूर्ति
सिविल सर्जन डॉ. आरबी गोयल ने बताया कि स्वयंसेवी संस्थाओं और रक्तदाताओं के सहयोग से पिछले वर्ष ब्लड बैंक को 5000 यूनिट रक्त की आपूर्ति संभव हो सकी। हालांकि मांग की तुलना में शिविरों से मिलने वाला रक्त अभी भी कम है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। BloodDonationCamp
उन्होंने रक्तदान शिविर आयोजित करने वाली संस्थाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ब्लड मोटिवेटरों की सराहना की।
शिविर में भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर सिंह सिसोदिया, कैलाश नारायण गुप्ता, जिला महामंत्री संजय अकोदिया तथा सांसद प्रतिनिधि सुजीत गर्ग ने रक्तदाताओं का माल्यार्पण और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया। BloodDonationhttp://BloodDonation
कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष अखिल भदौरिया ने सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों और सामाजिक संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा जताई।
बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
रक्तदान शिविर में सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, स्काउट एवं गाइड टीम, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, समाजसेवियों और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल दान नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
अपेक्स बैंक प्रशासक ने ली मैराथन समीक्षा बैठक, सदस्यता महाअभियान और हरित सहकार अभियान को दी रफ्तार
ऊर्जा बचाओ, स्थानीय अपनाओ और हरित सहकार को बनाओ जनआंदोलन: महेंद्र सिंह यादव
श्योपुर, 30 मई 2026 CrimeNationalNews
#CrimeNationalNews#CrimeNationalNews मध्य प्रदेश को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में नई पहचान देने की दिशा में सहकारिता विभाग ने कमर कस ली है। अपेक्स बैंक (मध्य प्रदेश राज्य सहकारी बैंक भोपाल) के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने जिला पंचायत सभागार में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मुरैना के शाखा प्रबंधकों एवं पैक्स प्रबंधकों की समीक्षा बैठक लेकर किसान हित से जुड़े अभियानों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। BJP
बैठक में सहकारिता विस्तार, सदस्यता महाअभियान, ऊर्जा संरक्षण और हरित सहकार अभियान की समीक्षा करते हुए महेंद्र सिंह यादव ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है और किसानों के उत्थान में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
हर किसान को सहकारिता से जोड़ने का लक्ष्य
बैठक में 14 अप्रैल से 30 जून 2026 तक चल रहे सदस्यता महाअभियान की समीक्षा की गई। महेंद्र सिंह यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों का सदस्य बनाया जाए तथा निर्धारित समय सीमा में अभियान के लक्ष्य पूरे किए जाएं।
उन्होंने सुझाव दिया कि बी-पैक्स संस्थाओं की वार्षिक आमसभा में चयनित सदस्य किसानों को सम्मानित कर उन्हें सहकारिता आंदोलन का प्रेरक बनाया जाए।
बैठक में वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ईंधन बचाओ-ऊर्जा बचाओ” आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही गई। कृषि और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ऊर्जा संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने की अपील की गई।
महेंद्र सिंह यादव ने स्थानीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बैंक मुख्यालय और पैक्स स्तर पर पौधरोपण के लक्ष्य समय पर पूरे करने को कहा।
उन्होंने कहा कि हरित सहकार अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा जनआंदोलन है।
भाजपा और सहकारिता जगत के कई वरिष्ठ चेहरे रहे मौजूद
बैठक में अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, पूर्व सांसद एवं पूर्व महापौर मुरैना अशोक अर्गल, भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश कुशवाह, वरिष्ठ भाजपा नेता बनवारीलाल शुक्ला, दिनेश शर्मा, डॉ. योगेंद्र शर्मा, मंडल अध्यक्ष आकाश भदौरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमल मकाशरे सहित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मुरैना के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
किसान कल्याण, सहकारिता विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को लेकर हुई यह बैठक जिले में सहकारी गतिविधियों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
जिले में खाद्य सुरक्षा नियमों को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। कलेक्टर शीला दाहिमा के मार्गदर्शन में खाद्य पदार्थों से संबंधित व्यवसाय करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के लिए खाद्य पंजीयन एवं लाइसेंस नवीनीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। BreakingNews
फूड सेफ्टी ऑफिसर धर्मेंद्र जैन ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य व्यवसाय संचालित करने वाले सभी व्यापारियों के लिए खाद्य पंजीयन और लाइसेंस अनिवार्य है। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री का व्यवसाय करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
खाद्य विभाग के अनुसार किराना दुकान, मेडिकल स्टोर, दूध डेयरी, दूध विक्रेता, फल-सब्जी विक्रेता, फास्टफूड सेंटर, रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार, आटा चक्की, ऑयल स्पेलर, पान दुकान, कैंटीन एवं खाने-पीने की सामग्री बेचने वाले सभी व्यवसायियों को खाद्य पंजीयन कराना अनिवार्य है।
जिन व्यापारियों ने पहले से पंजीयन या लाइसेंस बनवा रखा है, वे शिविर में पहुंचकर उसका नवीनीकरण भी करा सकते हैं। FoodRegistration
ये दस्तावेज साथ लाना होगा जरूरी
खाद्य पंजीयन एवं लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय आवेदक को—
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना खाद्य पंजीयन या वैध लाइसेंस के खाद्य सामग्री का कारोबार करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए सभी खाद्य व्यवसायी निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर अपना पंजीयन एवं लाइसेंस संबंधी कार्य पूर्ण कराएं।
सुबह-सुबह निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल, एनआरएलएम, मनरेगा और विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी अनुपस्थित
श्योपुर, 29 मई 2026
CrimeNationalNews जिला पंचायत कार्यालय में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद ने अचानक निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति जांची। निरीक्षण के दौरान 31 कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिसके बाद सीईओ ने सभी के खिलाफ एक-एक दिन का वेतन राजसात करने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
सुबह 10:30 बजे हुए इस औचक निरीक्षण में कार्यालय की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की उपस्थिति का जायजा लिया गया। जांच के दौरान कई शाखाओं में कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद मिले, जिससे कार्यालयीन अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए। MPNews
एनआरएलएम के जिम्मेदार अधिकारी भी मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमईडी गिर्राज मीणा, जिला प्रबंधक सूक्ष्म वित्त अभिषेक भाले, जिला प्रबंधक कौशल उन्नयन प्रमोद कुमार राय, प्रभारी जिला वित्त प्रबंधक अनिल सक्सैना, विकासखंड प्रबंधक श्योपुर जुगलकिशोर सोनी तथा भृत्य पप्पूलाल बिसारिया अनुपस्थित पाए गए।
इसके अलावा आउटसोर्स अकाउंटेंट विशाल मुदगल और आउटसोर्स ऑपरेटर कृष्णा मीणा भी मौके पर मौजूद नहीं मिले। MGNREGA
विभिन्न शाखाओं के 23 कर्मचारी भी नहीं पहुंचे कार्यालय
जिला पंचायत की विभिन्न शाखाओं के निरीक्षण में पीसीओ रामबाबू राठौर, बाबूलाल आर्य, भगत सिंह जाट, घनश्याम जाटव, सहायक ग्रेड-2 विपिन त्रिपाठी, सहायक ग्रेड-3 मनीष शिवहरे, कमल जाटव, तरुण त्रिपाठी और अमित तोमर अनुपस्थित पाए गए।
इसके अलावा डाटा एंट्री ऑपरेटर रागिनी शर्मा, माध्यमिक शिक्षक शैलेन्द्र दीक्षित, हरिराम सिंह जाट, प्राथमिक शिक्षक गुणेन्द्र शर्मा, भृत्य अमरलाल आदिवासी, जितेन्द्र बंसल, हेमंत माहौर, बृजमोहन पांचाल तथा जीआरएस रामलखन मीणा भी गैरहाजिर मिले। GovernmentEmployees
आउटसोर्स कर्मचारियों में शंकरलाल पयोरिया, डीसी आरजीएसए रामभरत जाटव, ऑपरेटर गोपालकृष्ण मुदगल, विनोद सुमन, राहुल राजौरिया तथा डीपीसी के आउटसोर्स भृत्य भी अनुपस्थित पाए गए।
सीईओ सौम्या आनंद ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासनहीनता और समय पर उपस्थित न रहने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी 31 अनुपस्थित कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों के विरुद्ध एक-एक दिन का वेतन राजसात करने की कार्रवाई की गई है।
जिला पंचायत के इस औचक निरीक्षण के बाद कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही और पूरे कार्यालय में प्रशासनिक सख्ती की चर्चा होती रही।
जनसुनवाई में न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे एक बुजुर्ग फरियादी की मौत ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। गणेश बाजार निवासी देवेंद्र गोयल ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जहरीला पदार्थ खा लिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने प्रशासनिक संवेदनहीनता, जनसुनवाई व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि देवेंद्र गोयल पिछले 87 दिनों से अपनी दुकान और सामान पर कथित कब्जे की शिकायत लेकर थाना, एसपी कार्यालय, एसडीएम और कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे थे। 2 मार्च से 26 मई तक उन्होंने कई आवेदन दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। न्याय नहीं मिलने से टूट चुके देवेंद्र आखिरकार जनसुनवाई में जहर खाकर गिर पड़े। #Sheopur
घटना क्रम की पूरी कहानी वीडियो में देखे
दुकान छीनी दुकान छीनी गई, फिर साइकिल पर बेचने पड़े गोली-बिस्किटMadhyaPradesh
देवेंद्र गोयल पहले अपनी छोटी दुकान से परिवार का पालन-पोषण करते थे। आरोप है कि हिस्से की दुकान पर छोटे भाई ने कब्जा कर उसे किराए पर दे दिया। इसके बाद देवेंद्र के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। उम्र बढ़ने के बावजूद वे भीषण गर्मी में साइकिल पर गोली-बिस्किट बेचकर परिवार चला रहे थे।
उनका एक बेटा जयपुर में नौकरी करता है, दूसरा भोपाल में पढ़ाई कर रहा है। दो बेटियों में से एक की शादी हो चुकी है। परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक तंगी ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था।
मौत से पहले का वीडियो वायरल, कई नाम लेकर सुनाई अपनी पीड़ा
घटना से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देवेंद्र गोयल बेहद टूटे और परेशान दिखाई दे रहे हैं। वे बार-बार कहते सुनाई दे रहे हैं कि, “मैं कई बार आवेदन दे चुका हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
वीडियो में देवेंद्र गोयल अपनी दुकान को लेकर चल रहे विवाद और कथित कब्जे की पूरी कहानी भी बताते नजर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने दुकान के टीन-शेड और सामान तक निकाल लिया। वीडियो में मनोज, साडू और गोलू ठेकेदार नाम सामने आ रहे हैं। देवेंद्र गोयल का आरोप था कि इन लोगों ने दुकान को अपनी बताते हुए कब्जा कर लिया, जबकि वे लगातार प्रशासन और पुलिस से न्याय की गुहार लगाते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जहरीला पदार्थ खाने के बाद भी वे काफी देर तक तड़पते रहे। वायरल वीडियो में तहसीलदार मनीषा मिश्रा मौके पर मौजूद दिखाई दे रही हैं। लोगों का आरोप है कि समय रहते उपचार की व्यवस्था कराने की बजाय घटना का वीडियो बनाया जाता रहा।
इसी दौरान मौके पर मौजूद पत्रकार साथी मुन्ना राठौर ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एम्बुलेंस बुलवाई और देवेंद्र गोयल को जिला चिकित्सालय भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया जब देवेंद्र गोयल की बेटी ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले भी शिकायत और रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें कथित रूप से धमकाया गया। बेटी का आरोप है कि पुलिस की ओर से कहा गया कि “यहां आए तो जान से मार देंगे।”
घटना के बाद पूरे शहर में प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि फरियादी की शिकायतों को समय रहते गंभीरता से लिया जाता और मानवीय संवेदनशीलता दिखाई जाती, तो शायद एक बुजुर्ग को इस तरह मौत को गले लगाने की नौबत नहीं आती।
मृतक के बड़े बेटे कन्हैया गोयल ने कहा कि अब उनके पिता इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन यह पता लगना जरूरी है कि आखिर वे इतना बड़ा कदम उठाने को मजबूर क्यों हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी।
कन्हैया ने कहा कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो न्याय की उम्मीद में गई उनके पिता की जान व्यर्थ मानी जाएगी।
जानकारी के अनुसार देवेंद्र गोयल ने समाज स्तर पर भी मदद की गुहार लगाई थी। अग्रवाल समाज के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने मामले को पारिवारिक विवाद बताते हुए हस्तक्षेप से दूरी बना ली।
देवेंद्र गोयल की मौत के विरोध में 27 मई बुधवार सुबह 9 बजे कोतवाली गुलंबर जयस्तम्भ चोक पर अग्रवाल वैश्य समाज और व्यापारियों के समर्थन से डेडबॉडी रख कर बसपा नेता बिहारी सिंह सोलंकी की अगुआई में धरना -प्रदर्शन किया । बसपा नेता और सच्चे जनसेवक बिहारी सिंह सोलंकी भी प्रदर्शन में शामिल रहे ।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए, दुकान से कब्जा हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
श्योपुर कलेक्ट्रेट में हुई यह घटना केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का कड़वा सच है जहां फरियादी न्याय की उम्मीद लेकर आता है और बदले में उसे उपेक्षा, संवेदनहीनता और निराशा मिलती है। PoliceNegligence
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जनसुनवाई में ही फरियादी सुरक्षित नहीं है, यदि उसकी पीड़ा सुनने की बजाय उसे नजरअंदाज किया जाएगा, तो फिर आम नागरिक न्याय की उम्मीद आखिर किससे करे?
देवेंद्र गोयल की मौत अब पूरे जिले में प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक फरियादी इसी तरह व्यवस्था की बेरुखी के शिकार होते रहेंगे?