श्योपुर अनाज मंडी में ओवरलोड ट्रकों का खेल आखिर कब रुकेगा?
श्योपुर में ओवरलोड माफिया का खुला खेल… प्रशासन मौन क्यों?
श्योपुर अनाज मंडी से हर रात ओवरलोड ट्रक निकलते हैं—टनों भर के अनाज से लदे, दो-दो मंजिला ऊँचे, कई थानों के सामने से गुजरते हुए। जिला भर में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के बावजूद न तो पुलिस को दिखाई देते हैं, न मंडी प्रशासन को, और न ही जिला प्रशासन को।
सवाल ये है—आखिर इतनी बड़ी गाड़ियां किस चादर में ओढ़कर निकल जाती हैं, जो दिखती ही नहीं?
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उधर, एक पत्रकार को धमकाते हुए एक व्यक्ति साफ कह रहा है—“ये काम आज का नहीं, सालों से चल रहा है।”
यानी ओवरलोडिंग का खेल कोई नया नहीं, बल्कि संगठित तरीके से चलने वाला ‘रूटीन सिस्टम’ बन चुका है।
सूत्रों के अनुसार मंडी के बाहर अनजान लोग ट्रकों को रोकते हैं, सेटिंग के बाद आगे बढ़ने का इशारा किया जाता है, और जब एक पत्रकार मौके पर पहुंचता है, तो उसे डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है।
ये सब कैमरे में साफ सुना जा रहा है।

❓ सबसे बड़ा सवाल
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छोटी ओवरलोड पिकअप गाड़ियां पुलिस को तुरंत कैसे दिख जाती हैं?
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लेकिन अनाज से भरे दो-दो मंजिला भारी ट्रक—वो भी लगातार—क्यों नहीं दिखते?
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रेत के डंपर नहीं दिखते, ओवरलोड अनाज ट्रक नहीं दिखते, आखिर प्रशासन को नजर आता क्या है?
🚧 सड़कें क्यों टूटती हैं?
हर बार सड़क बनती है, और कुछ ही महीनों बाद ओवरलोड वाहनों की वजह से गड्ढों में तब्दील हो जाती है।
फसल बेचने आने वाले किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
लेकिन प्रशासन मौन है।
न मंडी प्रशासन की तरफ से कोई बयान,
न पुलिस विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई,
न ही एसपी और कलेक्टर की ओर से कोई स्पष्ट संज्ञान।
जनता के मन में उठते सवाल
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क्या ओवरलोडिंग पर कार्रवाई सिर्फ दिखावे के लिए होती है?
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क्या बड़े ओवरलोड वाहनों पर कोई अदृश्य सुरक्षा कवच है?
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पत्रकार को धमकाने की घटना पर अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं?
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आखिर कोन हे ये व्यक्ति जिसके इशारे पर गाड़ी रुकी और चल भी दी

📢 अब ज़रूरत है खुली कार्रवाई की
अगर सीसीटीवी कैमरों के बीच से गुजरते हुए ओवरलोड ट्रक किसी को नहीं दिखते,
अगर वर्षों से चल रहे इस खेल पर कोई रोक नहीं लग पा रही,
और अगर पत्रकारों को धमकाया जा रहा है—
तो ये केवल कर्तव्य का उल्लंघन नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता है।
आखिर क्या है पुरे शोसल मिडिया पर वायरल विडियो का सच
जनता जानना चाहती है—
“आखिर यह पूरा मामला राज क्यों बना हुआ है?”
“कौन हैं वो लोग जो इतने बड़े ट्रकों को अदृश्य बना देते हैं?”