श्योपुर/27 नवंबर 2025
बड़ौदा में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम से ठीक पहले श्योपुर राजनीति में बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। स्थानीय कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को गुरुवार सुबह प्रशासन ने पहले घर पर नजरबंद किया, फिर कुछ देर बाद देहात थाने में बैठा लिया।
कांग्रेस ने इसे “स्पष्ट राजनीतिक दमन” बताया है, जबकि प्रशासन ने इसे “कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की कार्रवाई” कहा है।
1 लाख से ज्यादा किसानों को 100 करोड़ 83 लाख रुपये का मुआवजा
मुख्यमंत्री ने बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम से जिले के 1,03,000+ किसानों के खातों में फसल क्षति का 100 करोड़ 83 लाख रुपए की राहत राशि ट्रांसफर की।
सीएम ने इसे “किसानों को बड़ी राहत” बताया और भाजपा नेताओं को मंच पर खड़ा कर कहा—
“किसानों को मुआवजा इन नेताओं के आग्रह पर मिला है, नौटंकी करने वालों की वजह से नहीं।”
मंच पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
🔥 विधायक को सुबह 11 बजे घर पर रोका, फिर थाने ले जाया गया
कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने बताया—
“सुबह मुझे घर से बाहर निकलने तक नहीं दिया। फिर कुछ देर बाद पुलिस जबरन थाने ले आई। न गिरफ्तारी बताया, न कारण। यह पूर्णतः प्रोटोकॉल और संविधान का उल्लंघन है।”
प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि—
सरकारी मंच पर असहज सवाल न उठें, इसलिए विधायक को दूर रखा गया।
🔹 जंडेल किसानों के बिजली बिल, कर्ज माफी और मुआवजा सर्वे से जुड़ी शिकायतें सीएम के सामने रखना चाहते थे।
🔹 कांग्रेस नेताओं दिनेश सिकरवार और अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में रखा गया।
🔹 देर शाम तक थाने के बाहर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन चलता रहा।
🌧 धान फसल खराब — सर्वे विवाद — और कांग्रेस की भूख हड़ताल पृष्ठभूमि में
अक्टूबर के अंत में लगातार बारिश से जिले में धान की फसल चौपट हुई थी।
इसके बाद—
✔ विधायक जंडेल ने किसानों के मुद्दों पर धरना–प्रदर्शन व भूख हड़ताल की
✔ 21 नवंबर को जीतू पटवारी ने उनकी हड़ताल खत्म कराई
✔ चेतावनी दी गई कि 1 दिसंबर तक मुआवजा न मिला तो कांग्रेस विधायक विधानसभा में भूख हड़ताल पर बैठेंगे
इसी बीच भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण किसानों के प्रतिनिधि मंडल के साथ सीएम से मिले, जिसके बाद 27 नवंबर को मुआवजा वितरण की घोषणा हुई।
सीएम की घोषणाएँ और लोकार्पण/शिलान्यास
✦ घोषणाएँ
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भट्टा महाराज के पास पुलिया
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पुलिस थाने के पास नई पुलिया
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बड़ौदा में गीता भवन
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चन्द्रसागर पर्यटन केंद्र का PPP मॉडल पर विकास
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बड़ौदा के जलभराव का स्थायी समाधान
✦ लोकार्पण/शिलान्यास
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सेसईपुरा में 2.75 करोड़ का आदिवासी बालक आश्रम
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श्योपुर में 14.80 करोड़ की नर्सिंग कॉलेज बिल्डिंग
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14.95 करोड़ की 50 बिस्तर आयुष हॉस्पिटल
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96 लाख की लागत से खाद–प्रसंस्करण केंद्र
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लहरौनी, बलावनी और डाबीपुरा में 33/11 KV उपकेंद्र
सभा में सीएम का कांग्रेस पर हमला: ‘जाओ मथुरा, गोपाल कृष्ण की जय बोलकर दिखाओ’
सीएम यादव ने कांग्रेस पर राम मंदिर और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा—
“कांग्रेसी मथुरा में जाकर गोपाल कृष्ण की जय बोलकर दिखाएं, ऐसा वे एक खास वोट बैंक के डर से नहीं कर सकते।”
सभा के अंत में उन्होंने उपचुनाव में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए रामनिवास रावत का भी नाम लिया।
सीएम के कार्यक्रम में पेंशनर गिरे — वीडियो वायरल
सीएम को ज्ञापन देने के दौरान प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन के ओमप्रकाश टकसाली धक्का लगने से गिर पड़े।
कांग्रेस ने वीडियो को “सीएम की गाड़ी चढ़ने” की तरह प्रचारित किया, लेकिन मौके के पेंशनर्स ने इसे गलत बताया—
“वह केवल धक्का लगने से गिरे थे, उन्हें कोई चोट नहीं आई।”
नतीजा: प्रशासन की कार्रवाई और राजनीतिक तकरार केंद्र में
सीएम के कार्यक्रम ने जहाँ किसानों को राहत की सौगात दी, वहीं दूसरी ओर—
स्थानीय प्रशासन, कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच श्रेय–विवाद, नजरबंदी और राजनीतिक टकराव दिनभर चर्चा में रहा।
आम नागरिकों की चर्चा — ‘जब विधायक की नहीं सुनी गई, तो हमारी कौन सुनेगा?’
लोग सोशल मीडिया और गाँवों में खुलकर कह रहे हैं कि—
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“विधायक तक को पुलिस रोक ले, तो आम नागरिक तो और भी असुरक्षित हो गया।”
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“अगर सत्ता पक्ष सवालों से इतना डरता है, तो यह लोकतंत्र का कौन-सा मॉडल है?”
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“हमने जनप्रतिनिधि इसलिए चुने कि वो हमारी आवाज उठाएँ, लेकिन उन्हें ही चुप करा दिया जाता है।”
कई लोगों का यह भी कहना है कि प्रशासन का रवैया बताता है कि—
स्थानीय अधिकारियों और भाजपा नेताओं का गठजोड़ अब किसी भी असहज सवाल को उठने नहीं देना चाहता।
