Sunday, March 29, 2026
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विधिवत अनुमति के बिना तलघर निर्माण पर प्रशासन की कार्रवाई

श्योपुर, 03 जनवरी 2026
विधिवत अनुमति प्राप्त न होने के कारण शिवपुरी रोड पर किए जा रहे तलघर निर्माण को प्रशासन द्वारा रुकवा दिया गया। यह कार्रवाई तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा एवं नगरपालिका सीएमओ श्री राधेरमण यादव द्वारा संयुक्त रूप से की गई।

जानकारी के अनुसार शिवपुरी रोड स्थित श्रीमती राधा गुप्ता, पत्नी कैलाश गुप्ता द्वारा तलघर का निर्माण कराया जा रहा था, जिसके लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति उपलब्ध नहीं थी। इस पर तहसीलदार एवं नगरपालिका सीएमओ अमले के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल निर्माण कार्य रुकवाया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मामले में विधि अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान पटवारी पुरुषोत्तम राठौर एवं उपयंत्री पवन गर्ग भी मौके पर उपस्थित रहे।

द्वारिका–सोमनाथ यात्रा के लिए अनुरक्षक नियुक्त 11 जनवरी को शिवपुरी से रवाना होंगे श्योपुर जिले के 200 तीर्थ यात्री


11 जनवरी को शिवपुरी से रवाना होंगे श्योपुर जिले के 200 तीर्थ यात्री

श्योपुर, 03 जनवरी 2026
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत श्योपुर जिले से 200 तीर्थ यात्री द्वारिका–सोमनाथ की तीर्थ यात्रा पर जाएंगे। यह यात्रा 11 जनवरी 2026 से 17 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी, जिसमें तीर्थ यात्री 11 जनवरी को शिवपुरी से रवाना होंगे।

अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने बताया कि श्योपुर जिले के तीर्थ यात्रियों के साथ यात्रा व्यवस्था एवं समन्वय हेतु 4 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनुरक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार श्रीमती अमिता सिंह तोमर को यात्रा का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही अमित माहौर, सहायक ग्रेड-3 (मोबाइल नंबर 9669809675),  दिनेश सोनी, सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर (मोबाइल नंबर 9977125870) तथा  सत्यनारायण सेन, कैम्प अटेंडर (मोबाइल नंबर 9753677043) को सहायक अनुरक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है।

उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले को द्वारिका–सोमनाथ तीर्थ यात्रा के लिए 200 यात्रियों का कोटा प्राप्त हुआ है। प्राप्त आवेदनों में से कम्प्यूटरीकृत लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 200 हितग्राहियों का चयन किया गया है, जबकि 20 हितग्राहियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।

खातौली तिराहे पर अतिक्रमण हटाकर वेशकीमती शासकीय भूमि मुक्त ग्राम पंचायत मठेपुरा को सौंपी गई 0.585 हेक्टेयर जमीन


ग्राम पंचायत मठेपुरा को सौंपी गई 0.585 हेक्टेयर जमीन

श्योपुर, 03 जनवरी 2026
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार राजस्व अमले ने खातौली तिराहे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाकर शासकीय भूमि को मुक्त कराया। यह कार्रवाई तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा के नेतृत्व में की गई।

तहसीलदार श्रीमती मिश्रा ने बताया कि खातौली तिराहे स्थित मठेपुरा की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 27/2, 27/7 एवं 27/12 पर अतिक्रमण पाया गया था। अतिक्रमणकारियों को पूर्व में नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर आज जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

उक्त सर्वे नंबरों की कुल 0.585 हेक्टेयर वेशकीमती भूमि, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है, को अतिक्रमण से मुक्त कराकर ग्राम पंचायत मठेपुरा की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है। भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चारों ओर तार फेंसिंग कराने तथा शासकीय भूमि का बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस दौरान माइनिंग विभाग द्वारा भी मौके पर कार्रवाई की गई। अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखे गए पत्थर के स्टॉक को हटवाते हुए संबंधितों पर जुर्माना भी लगाया गया।

प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

शीतलहर से हो सकता है बड़ा नुकसान, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवायजरी

बुजुर्ग, बच्चे व बीमार व्यक्तियों को विशेष सतर्कता की जरूरत

श्योपुर, 02 जनवरी 2026
जिले में आगामी दिनों में ठंड की तीव्रता बढ़ने और शीतलहर की स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिलीप सिकरवार द्वारा यह एडवायजरी जारी करते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दिसम्बर एवं जनवरी माह के दौरान शीतलहर का प्रभाव अधिक रहता है। बढ़ती ठंड विशेष रूप से बुजुर्गों, नवजात एवं छोटे बच्चों, पहले से बीमार व्यक्तियों, दिव्यांगजनों तथा खुले स्थानों पर कार्य करने वाले श्रमिकों एवं छोटे व्यवसायियों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती है। विभाग ने बताया कि आगामी दिनों में सामान्य शीतलहर के साथ-साथ तीव्र शीतलहर की परिस्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

इन रोगियों पर अधिक खतरा

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, दमा एवं अन्य श्वांस संबंधी रोगों से ग्रसित मरीजों, वृद्धजनों तथा पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के शीतलहर से अधिक प्रभावित होने की आशंका रहती है। अत्यधिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, निमोनिया, अस्थमा के दौरे तथा हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

एडवायजरी में नागरिकों को सलाह दी गई है कि—

  • अत्यधिक ठंड के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें

  • शरीर को ढकने वाले गर्म कपड़ों का नियमित उपयोग करें

  • गुनगुना पानी पीएं और शरीर को गर्म रखने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें

  • घरों में पर्याप्त वेंटिलेशन बनाए रखें, ताकि बंद कमरों में गैस या धुएं का जमाव न हो

  • हृदय एवं श्वांस रोग से ग्रसित व्यक्ति विशेष सावधानी बरतें और बिना चिकित्सकीय परामर्श के कोई दवा न लें

लक्षण दिखें तो तुरंत संपर्क करें

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि ठंड के कारण किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई दें, जैसे अत्यधिक ठिठुरन, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी या तेज बुखार, तो बिना देरी के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सक से संपर्क करें

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सतर्कता एवं सावधानी ही शीतलहर से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार 17 स्थानों पर अवैध कॉलोनी निर्माण, 16 लोगों को नोटिस

बिना अनुमति भू-खंड विक्रय, 7 जनवरी तक जवाब नहीं देने पर एकपक्षीय कार्रवाई

अवैध कॉलोनी काटने वाले स्वयं दें कॉलोनी सेल में जानकारी

श्योपुर, 02 जनवरी 2026
जिले में अनियंत्रित एवं अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार एसडीएम श्योपुर  गगन सिंह मीणा द्वारा 17 अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से कॉलोनियों का निर्माण कर भू-खंडों का विक्रय किए जाने के मामलों में 16 व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी नोटिसधारकों को अपना पक्ष रखने हेतु 7 जनवरी 2026 तक का समय दिया गया है।

इन व्यक्तियों को जारी किए गए नोटिस

जारी नोटिस के अनुसार—

1.  मनोज कुमार मित्तल, पिता  ओमप्रकाश मित्तल

  • ग्राम रायपुरा

    • सर्वे क्रमांक 226/2, रकबा 0.8146 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 180/1/1/2, रकबा 0.576 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 180/1/2/1, रकबा 0.576 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 180/1/3/2, रकबा 0.575 हेक्टेयर

2.  धारा सिंह, पिता  चन्दन सिंह कुशवाह

  • ग्राम ढोढर

    • सर्वे क्रमांक 219/3/1/1/1, रकबा 0.536 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 219/2/1/2, रकबा 0.637 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 219/5, रकबा 0.167 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 220/3, रकबा 0.042 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 219/1/222, रकबा 0.209 हेक्टेयर

3. हरिशंकर, पिता गुलाबचंद, जाति ब्राह्मण

  • ग्राम ढोढर

    • सर्वे क्रमांक 219/3/1/1/1, रकबा 0.536 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 219/3/1/1/2, रकबा 0.045 हेक्टेयर

4.  आशाराम, पिता  औतार सिंह

  • ग्राम खोजीपुरा

    • सर्वे क्रमांक 349, रकबा 0.679 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 350/1, रकबा 0.209 हेक्टेयर

5.  मांगीलाल नागर, पिता  रामगोपाल नागर

  • ग्राम जाटखेड़ा

    • सर्वे क्रमांक 304/2/2, रकबा 0.3149 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 304/2/1, रकबा 0.3021 हेक्टेयर

6.  गिर्राज रावत, पिता  मदनमोहन रावत

  • ग्राम खोजीपुरा

    • सर्वे क्रमांक 349, रकबा 0.679 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 350/1, रकबा 0.209 हेक्टेयर

    • ( आशाराम का 1/2 भाग सम्मिलित)

7. त्रिलोक गोयल, पिता  शंभूदयाल गोयल

  • ग्राम जाटखेड़ा

    • सर्वे क्रमांक 250/2/2, रकबा 0.279 हेक्टेयर

8.  रामअवतार, पिता  बाबूलाल वैष्णव

  • ग्राम जाटखेड़ा

    • सर्वे क्रमांक 247/2, रकबा 0.2706 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 249/2, रकबा 0.2706 हेक्टेयर

9.  जसराम, पिता  बाबूलाल मीणा

  • ग्राम जाटखेड़ा

    • सर्वे क्रमांक 247/2, रकबा 0.2706 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 249/2, रकबा 0.2706 हेक्टेयर

10.  गिरिश कुमार गर्ग, पिता  लड्डूलाल गर्ग

  • ग्राम जाटखेड़ा

    • सर्वे क्रमांक 291, रकबा 0.721 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 290/2, रकबा 0.596 हेक्टेयर

11.  सिराज खान, पिता  शफीक खान

  • ग्राम रायपुरा

    • सर्वे क्रमांक 34/1/1/1, रकबा 0.209 हेक्टेयर

12.  अशोक कुमार सर्राफ, पिता कुंजबिहारी सर्राफ

  • ग्राम जैदा

    • सर्वे क्रमांक 75/8, रकबा 1.254 हेक्टेयर

13.  राकेश गोयल, पिता  रामकृष्ण गोयल

  • ग्राम जैदा

    • सर्वे क्रमांक 2/5/1, रकबा 0.956 हेक्टेयर

14. पुरूषोत्तम सिंहल, पिता  शंभूदयाल सिंहल

  • ग्राम जैदा

    • सर्वे क्रमांक 200, रकबा 0.042 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 201/1/1/1, 202, 203, कुल रकबा 0.4215 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 201/2, रकबा 0.0282 हेक्टेयर

    • सर्वे क्रमांक 201/2/1/2, रकबा 0.0313 हेक्टेयर

15.  जोयब अली, पिता  गुलाम अली

  • ग्राम जैदा

    • सर्वे क्रमांक 1/3, रकबा 1.254 हेक्टेयर

16.  जुगलकिशोर, पिता  जगदीश प्रसाद शर्मा

  • ग्राम ग्वाड़ी

    • सर्वे क्रमांक 118/1, 120/2/1, कुल रकबा 0.648 हेक्टेयर

कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन

जांच में पाया गया कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा—

  • बिना कॉलोनाइजर लाइसेंस कॉलोनियां विकसित की गईं

  • म.प्र. ग्राम पंचायत (कालोनाइजर रजिस्ट्रीकरण, निर्बंधन एवं शर्तें) नियम 1999 का उल्लंघन

  • म.प्र. ग्राम एवं नगर निवेश अधिनियम 1973 के अंतर्गत कॉलोनी अभिन्यास स्वीकृत नहीं

  • म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 के अंतर्गत भूमि का व्यपवर्तन नहीं

  • नजूल अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं

  • नालियां, सीवर, सैप्टिक टैंक, बिजली, सड़क, खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाएं अनुपस्थित

7 जनवरी तक जवाब नहीं तो सख्त कार्रवाई

एसडीएम  गगन सिंह मीणा ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित तिथि 7 जनवरी 2026 तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया अथवा उत्तर असंतोषजनक पाया गया, तो संबंधितों के विरुद्ध एकपक्षीय वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अवैध कॉलोनी काटने वाले स्वयं दें कॉलोनी सेल में जानकारी

जिला कॉलोनी सेल का गठन, 3 दिवस में विवरण देना अनिवार्य


जिले में अवैध एवं बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर सख्त नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार अवैध कॉलोनियों पर प्रभावी निगरानी एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तर पर जिला कॉलोनी सेल का गठन किया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि जिले की सीमा अंतर्गत जिन भी व्यक्तियों, कॉलोनाइज़रों अथवा संस्थाओं द्वारा बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के कॉलोनी का विकास किया गया है, वे संबंधित कॉलोनी की समस्त जानकारी स्वयं जिला कॉलोनी सेल में प्रस्तुत करें

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचना जारी होने की तिथि से 3 दिवस के भीतर संबंधित कॉलोनाइज़र अथवा विकासकर्ता द्वारा कॉलोनी से संबंधित विवरण—जैसे भूमि का स्थान, सर्वे नंबर, रकबा, विकसित भू-खंडों की संख्या, विक्रय की स्थिति तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी—अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। निर्धारित समय-सीमा में जानकारी प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी कॉलोनी अथवा भू-खंड को क्रय करने से पूर्व उसकी वैधता, कॉलोनी की स्वीकृति, कॉलोनाइज़र का लाइसेंस एवं अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच अवश्य कर लें, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

द्वारिका–सोमनाथ यात्रा हेतु 200 तीर्थ यात्रियों का चयन लाटरी प्रक्रिया से पारदर्शी चयन, सूची जारी

श्योपुर, 02 जनवरी 2026
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत द्वारिका–सोमनाथ तीर्थ यात्रा के लिए जिले के 200 हितग्राहियों का चयन कम्प्यूटरीकृत लाटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। यह प्रक्रिया एनआईसी कक्ष श्योपुर में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में पारदर्शी रूप से संपन्न हुई।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार हितग्राहियों का चयन पूर्णतः कम्प्यूटरीकृत प्रणाली से किया गया। लाटरी प्रक्रिया के दौरान अपर कलेक्टर  रूपेश उपाध्याय, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन, भाजपा जिला उपाध्यक्ष  महावीर मित्तल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

द्वारिका–सोमनाथ यात्रा के लिए कुल 850 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से आयु सीमा से कम होने के कारण 71 आवेदन अपात्र पाए गए। शेष 779 पात्र आवेदकों में से लाटरी द्वारा 200 हितग्राहियों का चयन किया गया, जबकि 20 हितग्राहियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है।

चयनित यात्रियों की सूची कलेक्टरेट कार्यालय एवं सभी तहसील कार्यालयों के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले को इस तीर्थ यात्रा के लिए 200 यात्रियों का कोटा प्राप्त हुआ है। यह यात्रा 11 जनवरी 2026 से 17 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।

नए साल में छोटे दुकानदारों को बड़ी राहत 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में अनावश्यक निरीक्षण पर रोक

श्योपुर, 01 जनवरी 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नववर्ष पर प्रदेश के छोटे दुकानदारों और उद्यमियों को बड़ी सौगात दी है। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा मध्यप्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है, जिसके तहत अब 20 से कम कर्मचारियों वाले दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में श्रम निरीक्षण केवल राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकेगा।

इस संशोधन का उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना तथा छोटे व्यापारियों पर अनावश्यक अनुपालन और निरीक्षण का बोझ कम करना है। इससे प्रदेश में अनावश्यक निरीक्षणों पर प्रभावी रोक लगेगी और व्यापारियों को राहत मिलेगी।

श्रम विभाग के अपर सचिव बसंत कुर्रे ने बताया कि इस निर्णय से छोटे दुकानदारों एवं उद्यमियों को बेवजह की परेशानियों से निजात मिलेगी। साथ ही स्व-अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा और व्यापार व रोजगार सृजन के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा। इससे समय, संसाधन और लागत की भी बचत होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार व्यापारियों के प्रति संवेदनशील नीति अपना रही है। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार निरीक्षण और दंड के बजाय विश्वास और सहयोग के माध्यम से व्यापार को प्रोत्साहित करना चाहती है।

श्रम विभाग ने सभी दुकानदारों, व्यापार संघों और उद्यमियों से अपील की है कि वे श्रम कानूनों का स्वेच्छा से पालन करते हुए इस सकारात्मक सुधार का लाभ उठाएं और अपने व्यवसाय का विस्तार करें।

एक पूर्ण गुरु के माध्यम से ही आत्मा-परमात्मा का मिलन संभव – साध्वी मेरुदेवा भारती जी

श्योपुर 31/12/25

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा 25 से 31 दिसंबर 2025 तक पुलिस स्टेशन ग्राउंड (कथा स्थल), बड़ोदा, जिला श्योपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सप्तम दिवस पर भागवताचार्या महामनस्विनी साध्वी मेरुदेवा भारती जी ने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मणी जी के विवाह प्रसंग का आध्यात्मिक सार भक्तों के समक्ष प्रस्तुत किया।

साध्वी जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण साक्षात परमात्मा हैं और रुक्मणी जी जीवात्मा का प्रतीक हैं, जो परमात्मा की प्राप्ति करना चाहती है। उनका मिलन तभी संभव हो पाया, जब एक पंडित उनके और भगवान श्रीकृष्ण के बीच माध्यम बने। इसी प्रकार जीवात्मा का लक्ष्य भी परमात्मा की प्राप्ति है, लेकिन यह तभी संभव होता है जब वह एक पूर्ण गुरु की शरण प्राप्त करती है।

उन्होंने कहा कि संत-महापुरुषों ने स्पष्ट किया है कि आत्मा और परमात्मा का मिलन केवल पूर्ण गुरु के मा

ध्यम से ही संभव है। पूर्ण गुरु वही है, जो इस मानव तन के भीतर ही ईश्वर का साक्षात्कार करा दे। गुरु गीता का उल्लेख करते हुए साध्वी जी ने बताया कि भगवान शिव ने पार्वती को गुरु की विभिन्न श्रेणियों का वर्णन किया है, जिनमें अंततः परम गुरु ही जीवात्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाता है।

साध्वी मेरुदेवा भारती जी ने कहा कि कुछ गुरु केवल मंत्र, शिक्षा या उपदेश देते हैं, परंतु जब तक जीवात्मा पूर्ण गुरु की शरण नहीं लेती, तब तक उसका वास्तविक कल्याण नहीं हो पाता। पूर्ण गुरु की कृपा से ही ईश्वर के आलौकिक रूप का दर्शन, उनके प्रकाश का अनुभव, ईश्वरीय संगीत का श्रवण तथा शाश्वत अमृत की अनुभूति संभव होती है।

उन्होंने संत वाणी के माध्यम से कहा कि पूर्ण गुरु की कृपा से अंधा भी देख सकता है, गूंगा बोल सकता है और लंगड़ा भी काशी पहुंच सकता है, क्योंकि काशी कोई स्थान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अवस्था है, जो पूर्ण गुरु द्वारा ही प्राप्त होती है।

साध्वी जी ने कहा कि गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से आज अनेकों जीवात्माएं सहज रूप से ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर अपने भीतर ईश्वर का दर्शन कर पा रही हैं और सच्चे आनंद की अनुभूति कर रही हैं। यही भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मणी जी के विवाह प्रसंग का आध्यात्मिक संदेश है।

कथा का समापन हवन एवं भंडारे के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

निवेश, पीएमश्री पर्यटन और हेलीकॉप्टर सेवा से नई ऊंचाइयों पर मध्यप्रदेश टूरिज्म


वर्ष 2025 बना नवाचार, रिकॉर्ड निवेश और पर्यटन विस्तार का स्वर्णिम अध्याय

भोपाल 31दिसम्बर 2025 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में हो रहे सतत प्रयासों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने वर्ष 2025 में पर्यटन, संस्कृति और निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की सक्रिय भूमिका से वर्ष 2025 प्रदेश के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।

वेबसाइट www.flyola.in / https://www.air.irctc.co.in/ पर ऑफर, शेड्यूल और किराया, टिकट बुकिंग।

वर्ष 2025 में प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा और पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा जैसी अभिनव पहलें शुरू की गईं। इन सेवाओं से इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, खजुराहो, रीवा, सिंगरौली सहित प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। इससे न केवल पर्यटकों की आवाजाही आसान हुई, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए।

ग्रामीण पर्यटन को नई मजबूती देते हुए पिछले दो वर्षों में 400 से अधिक होमस्टे प्रारंभ किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए साधन विकसित हुए हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 1000 होमस्टे विकसित करने का है। रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट जैसे आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे निजी निवेश को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला।

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में ओंकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा के पश्चात अद्वैत लोक के द्वितीय चरण के लिए 2424 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है। इन प्रयासों का सीधा असर पर्यटन आंकड़ों पर दिखा और वर्ष 2024 में प्रदेश में 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

संस्कृति संरक्षण और संवर्धन के लिए उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर और महेश्वर में संग्रहालयों की एक नई श्रृंखला विकसित की जा रही है। श्रीरामचंद्र वनगमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय, धार्मिक लोकों और सांस्कृतिक कॉरिडोर जैसी योजनाओं ने प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।

वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए। समावेशी और सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया। आगामी वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 500 नए होटल, 20 हजार कक्ष और 500 मार्ग सुविधा केंद्र विकसित किए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

कुल मिलाकर वर्ष 2025 मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के लिए नवाचार, निवेश और विस्तार का ऐसा स्वर्णिम अध्याय रहा, जिसने प्रदेश को भारत के अग्रणी पर्यटन राज्यों की पंक्ति में और अधिक सशक्त रूप से स्थापित कर दिया है।

कॉलोनाईजिंग से पहले सभी अनुमतियां अनिवार्य कालोनाईजर्स के लिए प्रशासन की एडवाइजरी जारी

श्योपुर, 31 दिसंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कॉलोनाईजर्स के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि कॉलोनी विकसित करने से पूर्व सभी आवश्यक वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति कॉलोनाईजिंग किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एडवाइजरी के अनुसार कॉलोनाईजर्स को कलेक्टर कार्यालय से कॉलोनाईजिंग लाइसेंस लेना होगा। अपंजीकृत कॉलोनाईजर द्वारा विकसित कॉलोनियां अवैध मानी जाएंगी। इसके साथ ही भूमि का डायवर्सन, टाउन एंड कंट्री प्लान (टीएनसीपी) से अप्रूवल तथा कलेक्टर कार्यालय से कॉलोनी विकास की अनुमति लेना आवश्यक होगा। शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत में कॉलोनी विकास शुल्क जमा करना होगा।

प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि प्लाट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता की जांच अवश्य करें। कॉलोनाईजर का लाइसेंस, भूमि डायवर्सन और सभी अनुमतियों की प्रतियां प्राप्त करें। वैध कॉलोनियों की जानकारी के लिए कलेक्ट्रेट में स्थापित कॉलोनी सेल से निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है।

कलेक्टर ने कहा कि अवैध कॉलोनियों में प्लाट खरीदने पर नामांतरण, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं और बैंक ऋण में समस्याएं आती हैं। इसलिए नागरिक केवल पूरी तरह वैध कॉलोनियों में ही प्लाट खरीदें।