श्योपुर/27 नवंबर 2025
श्योपुर जिले के बड़ौदा में गुरुवार को आयोजित विशाल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 6 जिलों के 3 लाख से अधिक किसानों को फसल क्षति राहत राशि का 238 करोड़ रुपये का भुगतान सिंगल क्लिक से किया।
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे और किसानों को राहत राशि देने के साथ-साथ जिले में कई विकास परियोजनाओं की भी सौगात दी।
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किसानों को राहत: 1,03,048 श्योपुर किसानों को मिला मुआवजा
कार्यक्रम में श्योपुर जिले के 1,03,048 किसानों को अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति का मुआवजा बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।
सीएम ने कहा—
“किसानों को उनकी हर कठिनाई में हम साथ देंगे, एक क्लिक से राशि सीधे आपके खातों में पहुंच रही है।”
करोड़ों के विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने किया ये ऐलान
सीएम ने इन प्रमुख परियोजनाओं की घोषणा की—
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नर्सिंग कॉलेज निर्माण
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बड़ौदा में बड़ा नाला प्रोजेक्ट
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चंद्र सागर तालाब पर पर्यटन केंद्र
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जिलेभर में कई सड़क और जनसुविधा कार्य
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर और कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
राहुल गांधी, जीतू पटवारी और विधायक बाबू जंडेल पर सीएम का तंज
मुख्यमंत्री ने भाषण के दौरान राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें “लल्लू-पप्पू” कहा।
वहीं श्योपुर–बड़ौदा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल को उन्होंने “नौटंकीबाज” बताया।
जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए कहा—
“मैं किसी के कहने पर नहीं, किसानों की समस्या को समझते हुए यहां आया हूँ।”
बाबू जंडेल पर बड़ा हमला: “चप्पल छोड़ने और कपड़े फाड़ने से पैसा नहीं मिलता”
सीएम ने विधायक बाबू जंडेल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा—
“चप्पल छोड़ने और कपड़े फाड़ने से पैसा नहीं मिलता… पैसा तो हमारे प्रभारी मंत्री लेकर आए हैं, जो आज किसानों के खाते में जा रहा है।”
उन्होंने जनता से यह भी पूछा कि—
दोनों बार श्योपुर की जनता ने कांग्रेस को क्यों चुना?
दोनों बार दोनों बिधन सभा पता नहीं उनको दोनों बार दे दी है?
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी – ‘स्थानीय नेता दबाते हैं, अधिकारी काम नहीं करते’
सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा—
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“सरकार काम कर रही है, पर स्थानीय नेता लोगों को दबाते हैं।”
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“किसी भी सरकारी काम के लिए कार्यालयों में बिना नेता के फोन के फाइल नहीं चलती।”
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“कांग्रेस शासन में शिकायत पर कार्रवाई होती थी, आज शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती।”
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“कर्मचारी काम रोककर किसानों को परेशान करते हैं।”
जनता का कहना है कि यही नाराजगी दोनों विधानसभा सीटों पर BJP की हार का बड़ा कारण बनी।
निष्कर्ष
बड़ौदा में आयोजित मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम ने किसानों को वित्तीय राहत देने के साथ-साथ राजनीतिक माहौल को भी गर्म कर दिया।
एक तरफ 238 करोड़ की सौगात, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पर सीएम की तीखी टिप्पणियाँ — दोनों कारणों से यह कार्यक्रम चर्चा का केंद्र बना रहा।
