Friday, February 13, 2026
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वर्षाकाल में पिकनिक स्थलों पर सतर्कता बरतें – कलेक्टर की नागरिकों से अपील खतरनाक स्थानों पर प्रवेश प्रतिबंधित, सुरक्षा के निर्देश जारी

श्योपुर, 27 जुलाई 2025।
वर्षा ऋतु के दौरान जलस्तर में अचानक वृद्धि और दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे पिकनिक स्थलों पर पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी स्थिति में नदियों, झरनों और टापुओं जैसे जोखिम भरे स्थानों के बीच न जाएं।

कलेक्टर ने कहा कि बरसात के मौसम में नदियों का बहाव तेज हो सकता है और पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान का खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी से भरे गड्ढों, झरनों और गहरे स्थानों से दूर रहें।

जिले के प्रमुख पिकनिक स्थलों पर विशेष सतर्कता के निर्देश:

बंजारा डेम, मोर डूंगरी, हाथी टीला, ढेंगदा वाले बालाजी, भूरी घाट (ढेगदा), बावंदा नाला, आवदा बांध, फूलदेह का झरना (कैलोर की गढ़ी), रामेश्वर घाट (मानपुर), भूतेश्वर महादेव (नागदा), डोब कुंड, देव खो आदि स्थानों पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के निर्देश पहले से ही जारी किए गए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी एसडीएम एवं एसडीओपी को निर्देशित किया गया है कि वे खतरनाक क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाएं, आवश्यकतानुसार चेतावनी संकेत लगाएं, और पुलिस बल एवं सुरक्षाकर्मी तैनात करें।

प्रमुख सुरक्षा उपायों के निर्देश:

  • खतरे वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

  • पुल-पुलियाओं, रपटों पर जलभराव की स्थिति में आवागमन प्रतिबंधित किया जाए।

  • नाव या अन्य गतिविधियों में लाइफ जैकेट का उपयोग अनिवार्य किया जाए।

  • आपातकालीन सेवाएं और उपकरण मौके पर उपलब्ध हों।

  • मद्यपान, तेज संगीत, और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर सख्त रोक रहेगी।

  • टापुओं या बीच नदी में पिकनिक मनाने जाने वालों को पुलिस द्वारा रोका जाएगा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पिकनिक स्थलों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें।

माखनाखेड़ली की 67 बीघा भूमि पर दर्ज अवैध नाम हटाने का आदेश अपर कलेक्टर ने भूमि को शासकीय घोषित कर दिए अभिलेख सुधार के निर्देश

श्योपुर, 27 जुलाई 2025।
ग्राम माखनाखेड़ली की करीब 67 बीघा भूमि पर वर्षों पूर्व दर्ज अवैध प्रविष्टियों को हटाकर उक्त भूमि को शासकीय घोषित किए जाने का महत्वपूर्ण आदेश न्यायालय अपर कलेक्टर  अतेन्द्र सिंह गुर्जर द्वारा पारित किया गया है।

यह आदेश डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी, अभिलेख जांच शाखा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर पारित किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि माखनाखेड़ली, तहसील श्योपुर की सर्वे क्रमांक 84/1/1, 84/1/7, 84/1/15, 84/1/11, 84/1/अ, 84/1/8 (प्रत्येक 2 हेक्टेयर) एवं 84/1/5 (1.463 हेक्टेयर) भूमि पर अलग-अलग समय पर कूटरचित तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम अवैध रूप से दर्ज किए गए थे

अभिलेखों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित 6 व्यक्तियों में से कोई भी ग्राम में निवासरत नहीं है, न ही इनका किसी भी भूखंड पर वास्तविक कब्जा पाया गया। इसके बावजूद वर्षों पूर्व इनके नाम भूमि दर्ज कर ली गई थी, जो राजस्व नियमों के विरुद्ध है।

इस गंभीर अनियमितता को ध्यान में रखते हुए अपर कलेक्टर ने सभी 6 व्यक्तियों की प्रविष्टियों को विलोपित कर भूमि को पुनः सरकारी खाते में दर्ज करने का आदेश पारित किया। साथ ही नायब तहसीलदार वृत्त प्रेमसर को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश का तत्काल अमल कर अभिलेखों में आवश्यक सुधार करें।

जिन व्यक्तियों के नाम से प्रविष्टियां हटाई गईं:

  • जामिर हुसैन पुत्र अब्दुल गफार

  • मुस्ताक पुत्र शब्बीर

  • सरदार पुत्र अब्दुल गफुर

  • अहमद पुत्र जुम्मा

  • अमर खॉ पुत्र बन्ने खॉ (दो प्रकरण)

  • मसूद इकबाल पुत्र अब्दुल खालिद

यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि की सुरक्षा और अवैध कब्जों पर नियंत्रण की दिशा में उठाया गया अहम कदम मानी जा रही है।

स्कूल भवनों की मरम्मत के प्रस्ताव 1 अगस्त तक प्रस्तुत करें – कलेक्टर क्षतिग्रस्त छत वाले स्कूलों में बच्चों को न बैठाएं, वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश


श्योपुर, 27 जुलाई 2025।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शुक्रवार, 1 अगस्त तक सभी शासकीय स्कूल भवनों की मरम्मत के प्रस्ताव अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग और डीपीसी समन्वय बनाकर यह कार्य समय पर सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्कूलों की छत क्षतिग्रस्त है और वर्षा के दौरान पानी टपक रहा है, उन भवनों में बच्चों को कतई न बैठाया जाए। मरम्मत होने तक इन स्कूलों में वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।

यह निर्देश कलेक्टर वर्मा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर, जिला शिक्षा अधिकारी एम.एल. गर्ग, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण राकेश गुप्ता, डीपीसी डॉ. पी.एस. गोयल, सहायक संचालक यश जैन, बीईओ श्योपुर श्रीमती मधु शर्मा, कराहल पी.के. श्रीवास्तव, बीईओ विजयपुर सहित तीनों विकासखंडों के बीआरसी, सीएसी, संकुल प्राचार्य एवं शिक्षा विभाग से जुड़े अभियंता मौजूद रहे।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संकुल प्राचार्य व सीएसी अपने-अपने क्षेत्र में स्कूल भवनों का भौतिक सत्यापन करें। मरम्मत योग्य भवनों एवं जिन स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित बीईओ एवं बीआरसी को शीघ्र प्रेषित करें।

मध्यान्ह भोजन पर विशेष निगरानी के निर्देश

कलेक्टर वर्मा ने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोजन मैन्यू और बच्चों की संख्या के अनुसार ही बने। वर्षाकाल को देखते हुए खास सतर्कता बरती जाए, ताकि कोई जहरीला कीड़ा आदि भोजन में न गिरे। एमडीएम का निर्माण खुले में न कर, केवल स्वच्छ किचन शेड में ही किया जाए।

सीएसी को सभी स्कूलों में एमडीएम निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले स्वसहायता समूहों को हटाने की कार्यवाही भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जर्जर स्कूल में पढ़ रहे मासूम, खतरे में भविष्य: भीमनगर स्कूल की हालत बद से बदतर, छत गिरने जैसी घटना को दावत

श्योपुर (कराहल), 26 जुलाई 2025
राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत और 35 बच्चों के घायल होने की दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन इसके बावजूद ज़मीनी हकीकत में अब भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। श्योपुर जिले के कराहल ब्लॉक से करीब 54 किलोमीटर दूर स्थित भीमनगर प्राथमिक विद्यालय के हालात सरकार और शिक्षा विभाग की उदासीनता को उजागर कर रहे हैं।

यहां स्कूल की हालत इतनी खराब है कि भवन में बच्चों को बैठाना भी खतरे से खाली नहीं है। छत से पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं और बीते 25 वर्षों से इस स्कूल की मरम्मत तक नहीं हुई है। विद्यालय में पढ़ाई से ज्यादा डर का माहौल है।

ग्रामीणों और पालकों का हंगामा, नवीन भवन और मरम्मत की मांग

गुरुवार को गांव के सैकड़ों पालकों और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर हंगामा किया। उनका कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों को बैठाना, उनके भविष्य और जान के साथ खिलवाड़ है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को ज्ञापन और सूचना दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। बारिश के मौसम में स्कूल के चारों तरफ जलभराव और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे कीड़े-मकोड़ों और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।

न शौचालय, न पीने का पानी — शिक्षक भी गैरहाज़िर

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। बच्चे और शिक्षक खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। यही नहीं, विद्यालय में पदस्थ शिक्षिकाओं में से एक पिछले एक सप्ताह से बिना सूचना के अनुपस्थित है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल में कुल 18 बच्चे पढ़ते हैं।

शिक्षा विभाग की टीम ने किया औपचारिक निरीक्षण, कार्रवाई शून्य

ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की बीआरसीसी टीम ने विद्यालय का केवल औपचारिक निरीक्षण किया। ना तो निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई और न ही किसी प्रकार की ठोस अनुशंसा की गई। निरीक्षण में स्कूल की सफाई, पोषण आहार, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, अनुपस्थित शिक्षिका और भवन की गंभीर स्थिति को चिन्हित किया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।


प्रशासन की चुप्पी, जिम्मेदार कौन?

भीमनगर जैसे क्षेत्रों में स्कूलों की बदहाली और लापरवाही यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है? जबकि राजस्थान की घटना के बाद पूरे प्रदेश में स्कूल भवनों की जांच के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि इन आदेशों का पालन आखिर हो क्यों नहीं रहा?

पंचायत उप निर्वाचन के तहत मतगणना संपन्न दलारना में मुकलेश, जाखदा में कुसुमा, मोरावन में बृजेश सरपंच निर्वाचित

 

श्योपुर, 26 जुलाई 2025
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देशन में पंचायत उप निर्वाचन अंतर्गत आज तीन पंचायतों के लिए सरपंच पद हेतु संबंधित विकासखण्ड मुख्यालयों पर मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

श्योपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत दलारना कलां से श्रीमती मुकलेश, विकासखण्ड कराहल की ग्राम पंचायत जाखदा से श्रीमती कुसुमा आदिवासी तथा मोरावन से बृजेश आदिवासी सरपंच निर्वाचित हुए।

दलारना पंचायत:
रिटर्निंग ऑफिसर श्रीमती मनीषा मिश्रा की उपस्थिति में हुई मतगणना में श्रीमती मुकलेश को कुल 430 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी श्रीमती शीला को 298 वोट प्राप्त हुए।

जाखदा पंचायत:
कराहल विकासखण्ड मुख्यालय पर रिटर्निंग ऑफिसर सुश्री रोशनी शेख की देखरेख में हुई मतगणना में श्रीमती कुसुमा आदिवासी को 526 मत प्राप्त हुए, वहीं श्रीमती पिस्ता आदिवासी को 414 मत मिले।

मोरावन पंचायत:
यहाँ पर बृजेश आदिवासी ने 717 मतों के साथ विजय प्राप्त की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी श्री रामचंद आदिवासी को 474 मत प्राप्त हुए।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) एवं डिप्टी कलेक्टर संजय जैन ने जानकारी दी कि सभी निर्वाचित प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उप निर्वाचन के तहत जिले की कुल 5 पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इनमें से दो पंचायतों — सिलपुरी एवं पिपरानी में सरपंच पद पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए थे, जबकि शेष तीन पंचायतों — दलारना कलां, मोरावन एवं जाखदा में 22 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ था।

जिले के सरकारी स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति पर सख्त कलेक्टर, तत्काल निरीक्षण और मरम्मत के निर्देश

श्योपुर, 25 जुलाई 2025
जिले में जारी बारिश के मौसम को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शासकीय स्कूल भवनों की भौतिक स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी और सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग को विशेष रूप से उन विद्यालयों का सतर्कता से निरीक्षण करने के लिए कहा है, जहां से छत से पानी टपकने, सीलन, दरारें या भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी प्राप्त हो रही है।

कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूल भवनों की स्थिति खराब है, वहां बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और मरम्मत का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए। यदि किसी भवन की छत या संरचना इतनी जर्जर है कि कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है, तो ऐसे में छात्रों को वैकल्पिक सुरक्षित स्थानों पर बैठाया जाए। किसी भी सूरत में क्षतिग्रस्त भवनों में शैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित न की जाएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण उपयंत्रियों (सब इंजीनियरों) से कराया जाए और विद्यालय भवन की सुरक्षा का प्रमाण पत्र लिया जाए।

कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा कि बच्चों की जान के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्यवाही का उद्देश्य स्कूलों को सुरक्षित बनाना और विद्यार्थियों को एक सुरक्षित एवं बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।

उगना के सहराना में रोगियों का फॉलोअप जारी, कलेक्टर ने पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा

श्योपुर, 25 जुलाई 2025
कराहल जनपद के उगना सहराना एवं किटर्रा का सहराना गांव में मौसमी बीमारियों के प्रकोप को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है। शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने अधिकारियों के साथ गांव का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित ग्रामीणों के घर जाकर उपचार की स्थिति की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया।

कलेक्टर  वर्मा ने प्रभावित चार परिवारों —  राजवीर आदिवासी,  गजराज आदिवासी, श्रीमती मछला आदिवासी एवं  भज्जी आदिवासी — को रेडक्रॉस के माध्यम से 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।

भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मेडिकल टीमें गांव में नियमित भ्रमण करें और सभी रोगियों का फॉलोअप सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाओं का समय पर सेवन करें और किसी भी लक्षण की स्थिति में तुरंत चिकित्सा टीम को सूचित करें।

गांव में सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है और जनपद पंचायत के माध्यम से स्वच्छता गतिविधियां तेज कर दी गई हैं।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम  मनोज गढ़वाल, तहसीलदार सुश्री रोशनी शेख, सीएमएचओ डॉ. दिलीप सिकरवार, जनपद सीईओ राकेश शर्मा, आयुष अधिकारी डॉ. जीपी वर्मा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर:
सीएमएचओ डॉ. सिकरवार ने बताया कि आज फिर से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने उगना सहराना में फॉलोअप किया, सभी रोगियों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। आयुष विभाग की टीम द्वारा भी घर-घर जाकर मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु सेवाएं दी जा रही हैं। फॉलोअप के दौरान किसी भी नए मरीज की पहचान नहीं हुई है, जो राहत की बात है।

मेडिकल कॉलेज श्योपुर की डॉ. अंजना निरंजन की टीम भी सक्रिय रूप से गांव में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है

प्रशासन की यह सक्रियता ग्रामीणों में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत कर रही है।

सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस, सुपरवाइजर निलंबित तीन चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारियों पर कार्रवाई

मौसमी बीमारियों की जानकारी छुपाने और लापरवाही पर कलेक्टर सख्त

श्योपुर, 24 जुलाई 2025।
उगना सहराना गांव में मौसमी बीमारियों के संक्रमण की गंभीर सूचना को समय रहते उच्चाधिकारियों तक न पहुंचाने और आवश्यक स्वास्थ्य प्रबंध न करने पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कराहल सीडीपीओ श्री नितिन मित्तल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती रेखा अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

 स्वास्थ्य अमले की लापरवाही पर कड़ी फटकार

मौसमी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिलीप सिकरवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कराहल के तीन चिकित्सकों —

  • डॉ. सुरेन्द्र मांझी (चिकित्सा अधिकारी)

  • डॉ. केके नुवाल (संविदा चिकित्सक)

  • डॉ. सौरभ कुशवाह
    को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

 नर्सिंग और फील्ड स्टाफ पर भी कार्रवाई

इसी क्रम में कराहल विकासखंड की बीपीएम श्रीमती वैशाली गोयल, स्टाफ नर्स श्रीमती गीता बहले, एएनएम श्रीमती ममता सेगर, आशा सुपरवाइजर श्रीमती प्रतिभा प्रभाकर तथा आशा कार्यकर्ता श्रीमती उर्मिला शर्मा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

 कलेक्टर ने जताई गंभीर चिंता

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि संक्रमण फैलाव की जानकारी छुपाना या विलंबित सूचना देना अत्यंत गंभीर लापरवाही है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक नियंत्रण एवं राहत कार्य शुरू किए जा सकें।

प्रशासन की सख्ती का संकेत

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि मौसमी बीमारियों या अन्य आपदा स्थितियों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी/कर्मचारी अपने कार्य में तत्परता और सजगता बनाए रखें।

संपर्क में रहें – सुरक्षित रहें। प्रशासन सतर्क है, और आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध भी।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल लाई रंग, केंद्र ने बढ़ाई गेहूं की मात्रा

अब पीडीएस में मिलेगा 75% गेहूं और 25% चावल, केंद्र का बड़ा फैसला

भोपाल, 24 जुलाई 2025
मध्यप्रदेश के पात्र हितग्राहियों को अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अधिक मात्रा में गेहूं मिलेगा। वर्षों से लंबित इस मांग को प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के सतत प्रयासों के चलते केंद्र सरकार ने आखिरकार स्वीकृति दे दी है। अब पात्र परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न में 75 प्रतिशत गेहूं और 25 प्रतिशत चावल वितरित किया जाएगा। जबकि पूर्व में यह अनुपात 60:40 (चावल:गेहूं) था।

खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में इस बदलाव की मांग लंबे समय से हो रही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका था। मंत्री बनने के बाद श्री राजपूत को जिलों के दौरे के दौरान बार-बार यह सुझाव मिला कि पीडीएस में गेहूं की मात्रा बढ़ाई जाए, क्योंकि मध्यप्रदेश की अधिकांश आबादी चावल की तुलना में गेहूं का अधिक उपयोग करती है।

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से की थी विशेष भेंट

हाल ही में गोविंद सिंह राजपूत ने दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर यह मुद्दा प्रभावशाली ढंग से उठाया। मंत्री राजपूत ने बताया कि राज्य में चावल की मांग अपेक्षाकृत कम है, और अधिक मात्रा में वितरित चावल का अक्सर दुरुपयोग या अवैध बिक्री हो जाती है। जबकि अगर लोगों को उनकी पसंद और आवश्यकता के अनुसार गेहूं मिले, तो यह व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और हितग्राही-केंद्रित होगी।

श्री जोशी को यह सुझाव व्यावहारिक और समसामयिक प्रतीत हुआ, और मात्र एक सप्ताह के भीतर केंद्र ने इस पर निर्णय लेकर आदेश जारी कर दिए।

केंद्र का फैसला बना नीतिगत बदलाव की मिसाल

यह निर्णय सिर्फ खाद्यान्न वितरण अनुपात में बदलाव नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि यदि मांग व्यवहारिक हो और नेतृत्व में इच्छाशक्ति हो, तो नीतिगत बदलाव संभव हैं। यह फैसला केंद्र और राज्य के समन्वय की एक सशक्त मिसाल बनकर सामने आया है।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की यह पहल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी दिशा-निर्देशक मॉडल बन सकती है। राज्य सरकार अब पीडीएस को और अधिक पारदर्शी व तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में काम कर रही है। आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल वितरण ट्रैकिंग, ई-केवाईसी जैसे उपायों को तेजी से अपनाया जा रहा है।

 राजपूत ने जताया आभार, बताया फैसला ऐतिहासिक

इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री श्री राजपूत ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा—

“पीडीएस में गेहूं की मात्रा बढ़ाने के अनुरोध को मात्र एक सप्ताह में मान लेना, यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार जनहित में त्वरित निर्णय लेने में सक्षम है।”

उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उपार्जन से लेकर वितरण तक की व्यवस्था में निरंतर सुधार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रह जाए।

अब गेहूं मिलेगा ज्यादा, हितग्राहियों को सीधा लाभ

राज्य में नए अनुपात के तहत अब लोगों को अधिक उपयोगी और पसंदीदा अनाज गेहूं मिलेगा, जिससे योजना की उपयोगिता और स्वीकार्यता दोनों में इज़ाफा होगा। यह कदम न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि गरीब एवं वंचित वर्ग को राहत पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित होगा।

मुख्य बिंदु संक्षेप में:

🔹 पहले: 60% चावल, 40% गेहूं
🔹 अब: 25% चावल, 75% गेहूं
🔹 मप्र की जनसंख्या की मांग अनुसार अनाज वितरण
🔹 दुरुपयोग की संभावना कम, पारदर्शिता अधिक
🔹 केंद्र–राज्य समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण

अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जाए — प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला


श्योपुर में बाढ़ राहत तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित

श्योपुर, 24 जुलाई 2025
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री  राकेश शुक्ला ने बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि अतिवृष्टि या बाढ़ की स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं, ताकि जनहानि और क्षति को रोका जा सके।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सूचना तंत्र को प्रभावी बनाया जाए और मैदानी अमले को बाढ़ संभावित चिन्हित गांवों में सतत निगरानी हेतु सक्रिय किया जाए। प्रभारी मंत्री ने यह निर्देश आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के माध्यम से दिए।

 बैठक के प्रमुख बिंदु:

  • जिले में बाढ़ की आशंका वाले 60 गांवों की पहचान की गई है, जिनकी निगरानी पटवारियों एवं पंचायत सचिवों द्वारा की जा रही है।

  • SDRF की टीमों को विजयपुर सहित संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।

  • नदी-नालों पर स्थित पुल-पुलियों एवं रपटों पर निगरानी रखी जा रही है।

  • बाढ़ की स्थिति में आवागमन बंद करने की कार्यवाही तत्समय की जाएगी।

  • राहत शिविरों का पहले से चिन्हांकन कर लिया गया है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने की सूचना समय पर प्राप्त होनी चाहिए और नदी किनारे ग्रामों में सतर्कता व निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली, सर्पदंश और डूबने जैसी दुर्घटनाओं में पीड़ितों को शासन के निर्देश अनुसार तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।

 बैठक में अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित:

बैठक में कलेक्टर  अर्पित वर्मा, डीएफओ कूनो  आर. थिरूकुराल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, भाजपा जिला अध्यक्ष  शशांक भूषण, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक  दुर्गालाल विजयबृजराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य  महावीर सिंह सिसौदियाकैलाशनारायण गुप्ताअशोक गर्ग, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि  राजू सुमन, उपाध्यक्ष  दारा सिंह बंजारा, मंडल अध्यक्ष  संजय मंगल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा

बैठक में विद्युत विभाग ने बताया कि

  • सलापुरा, पच्चीपुरा, हिरनीखेड़ा, और खैरघटा के सब स्टेशन शुरू कर दिए गए हैं।

  • मेखड़ाहेड़ी में निर्माणाधीन सब स्टेशन का कार्य 7 दिन में पूरा किया जाएगा।

  • आरडीएसएस योजना के द्वितीय चरण में सायपुरा, जाखदा जागीर, श्रीपुरा, बुढेरा, रानीपुरा, मेवाडा, रायपुरा, बरोली, करिरिया, बावड़ी मंदिर जावदेश्वर, आमल्दा, ढीमचौतरा, ओछापुरा और ककरधा में नवीन विद्युत उपकेंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।

आवदा डैम और रामेश्वर घाट का विकास प्रस्तावित

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जानकारी दी कि आवदा डैम की मरम्मत का प्रस्ताव जल संसाधन विभाग को भेजा गया है। साथ ही त्रिवेणी संगम रामेश्वर घाट को विकसित करने का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है।