Tuesday, March 31, 2026
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आपदा जन जागृति पर कार्यशाला आयोजित, पत्रकारगण, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित


श्योपुर, 09 सितंबर 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय के निर्देशन में निषादराज भवन में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जिला श्योपुर के तत्वाधान में आपदा जन जागृति प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस अवसर पर होमगार्ड के प्लाटून कमांडर राहुल शर्मा एवं प्रमोद डण्डोतिया द्वारा एसडीआरएफ जवानों के सहयोग से प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकारों, समाजसेवियों सहित जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीरज जाट, जिला पंचायत सदस्य गिरधारी बैरवा, जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुरेन्द्र मीणा, महावीर मीणा, जनपद सदस्य यश प्रताप सिंह चौहान, बीपी सिंह रावत, शौकत उल्ला खान, कैलाश पाराशर, अंजना मारवाड़ी, नेहा कुलश्रेष्ठ, डीपीएम एनआरएलएम सोहनकृष्ण मुगदल, परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा, आदित्य चौहान सहित विभिन्न पंचायतों के सरपंच एवं जनपद सदस्य उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण में भूकम्प, बाढ़, आग, भूस्खलन, सुरंग जैसी आपदाओं में बरती जाने वाली सावधानियों और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही सड़क व रेल दुर्घटना, हार्ट अटैक, गला चौकिंग जैसी आपात स्थितियों में की जाने वाली गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया।

बाढ़ के दौरान खाली बोतलों से लाइफ जैकेट बनाने की विधि बताई गई और बचाव सामग्री तैयार रखने की सलाह दी गई। भूकम्प आने पर सुरक्षित स्थान चुनने, मजबूत पिलर या टेबल के नीचे शरण लेने और लिफ्ट का उपयोग न करने जैसे निर्देश दिए गए।

कार्यशाला में हार्ट अटैक, खून बहने, गला चौकिंग की स्थिति में जीवन रक्षक उपायों का डेमो भी प्रस्तुत किया गया। सीपीआर देने की विधि समझाई गई और बताया गया कि हार्ट बंद होने के बाद शुरुआती 4 से 6 मिनट में सीपीआर देकर जान बचाई जा सकती है।

इसके अलावा आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में पोल, पेड़, पानी वाले स्थानों और छतरी से दूर रहने, एड़ी के बल सिकुड़कर बैठने और कान बंद करने जैसे उपायों की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर विभिन्न आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सतर्कता, सावधानियों और बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

दिव्यांग बालक को पेंशन योजना का लाभ, तीन हितग्राहियों को मिलेगा आवास योजना का लाभ


श्योपुर, 09 सितंबर 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान एसडीएम गगन सिंह मीणा एवं डिप्टी कलेक्टर संजय जैन ने आवेदकों की समस्याएँ सुनीं और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जनसुनवाई में कुल 129 आवेदन प्राप्त हुए।

दिव्यांग बालक को पेंशन योजना का लाभ
जनसुनवाई में किशनपुरा पंचायत पराष्ठा निवासी दिव्यांग बालक हेमराज पुत्र लालाराम बंजारा के पिता द्वारा पेंशन स्वीकृति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने पेंशन पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर प्रक्रिया पूर्ण कराई। अब बालक को अगले माह से प्रतिमाह 600 रुपये पेंशन राशि प्राप्त होगी। साथ ही, एलिम्को के माध्यम से दिव्यांग बालक को सहायक उपकरण प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए।

तीन हितग्राहियों को मिलेगा आवास योजना का लाभ
जनसुनवाई के दौरान तीन हितग्राहियों को आवास योजना का लाभ शीघ्र मिलने की जानकारी दी गई। इनमें ग्राम बगडूआ निवासी गिर्राज सुमन, उतनवाड़ निवासी महावीर प्रजापति और बुद्धिप्रकाश गुर्जर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि गिर्राज सुमन का नाम सर्वे सूची में 86वें क्रम पर दर्ज है और शीघ्र ही उन्हें आवास स्वीकृत होगा। वहीं, महावीर प्रजापति और बुद्धिप्रकाश गुर्जर के नाम आवास प्लस 2.0 सूची में सम्मिलित हैं और क्रम आने पर उन्हें भी योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हमारे किसान समझदार, सिर्फ दिशा देने की जरूरत : कलेक्टर अर्पित वर्मा पटवारियों व पंचायत सचिवों की बैठक में दिए पराली प्रबंधन के निर्देश

 

श्योपुर, 08 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा कि श्योपुर जिला कृषि की दृष्टि से समृद्ध है। यहां के किसान समझदार और सहयोगी स्वभाव के हैं। उन्हें केवल दिशा और प्रेरणा देने की जरूरत है। वे सोमवार को निषादराज भवन में पराली प्रबंधन को लेकर आयोजित पटवारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

बैठक में एसडीएम श्योपुर गगन सिंह मीणा, कराहल एसडीएम बी.एस. श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि जी.के. पचौरिया, डीपीएम एनआरएलएम सोहनकृष्ण मुदगल, सहायक कृषि यंत्री अंकित सेन, तहसीलदार व पटवारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने कहा कि पटवारी किसानों से सीधे जुड़े रहते हैं, इसलिए वे किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सुपर सीडर व अन्य कृषि यंत्र खरीदने हेतु प्रेरित करें। सरकार इन यंत्रों पर अनुदान भी दे रही है। उदाहरण स्वरूप, ढाई लाख रुपये की कीमत वाले सुपर सीडर पर 1.20 लाख रुपये की सब्सिडी उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि पराली जलाना पर्यावरण व भूमि की उर्वराशक्ति दोनों को नुकसान पहुंचाता है। किसानों को बेलर व सुपर सीडर जैसे विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रशासन द्वारा पंजाब से आए बेलर संचालकों से भी चर्चा की गई है और एनआरएलएम के माध्यम से 100 यूनिट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें बेलर, हे-रेक और सुपर सीडर शामिल हैं।

कलेक्टर ने पटवारियों व तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसान पराली जलाने के बजाय उचित प्रबंधन करें। यदि कोई किसान पराली जलाने का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा और भविष्य में उसके या परिवार के किसी सदस्य को शस्त्र लाइसेंस भी जारी नहीं किया जाएगा।

पंचायत सचिवों की बैठक
अपराह्न में पंचायत सचिवों के साथ बैठक कर कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक पंचायत सचिव कम से कम एक किसान को सुपर सीडर खरीदने के लिए प्रेरित करें। बैठक में सीईओ जनपद श्योपुर एस.एस. भटनागर, कराहल सीईओ राकेश शर्मा, परियोजना अधिकारी राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।


राडेप और ललितपुरा में किसानों से चर्चा, 20 किसान खरीदेंगे सुपर सीडर

इसी कड़ी में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने राडेप व ललितपुरा पहुंचकर किसानों से चर्चा की। चर्चा सार्थक रही और दोनों गांवों में 10-10 किसानों ने सुपर सीडर खरीदने की सहमति दी, साथ ही पराली नहीं जलाने का भरोसा भी दिलाया।

कलेक्टर ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरणीय नुकसान के साथ आगजनी की घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। इससे जमीन की उर्वरा शक्ति व मिट्टी में मौजूद उपयोगी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। इस वर्ष श्योपुर को पराली फ्री जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि सुपर सीडर अब 2.53 लाख रुपये में उपलब्ध है, जिस पर 1.20 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इस तरह किसानों को मात्र 1.33 लाख रुपये में सुपर सीडर उपलब्ध होगा, जिससे पराली प्रबंधन के साथ गेहूं की समय पर बुआई भी संभव हो सकेगी।

सहायक कृषि यंत्री अंकित सेन ने बताया कि हैप्पी सीडर व स्मार्ट सीडर पर 85-85 हजार रुपये, मल्चर पर 90 हजार, जी-टील सीड ड्रिल पर 50%, 15 लाख के बेलर पर 6.60 लाख, स्लेसर पर 27,500, रिवर्सिबल प्लग पर 50%, 3 लाख के रीपर पर 1.50 लाख, 5 लाख के रीपर कंबाइनर पर 2 लाख और हे-रेक पर 50% तक सब्सिडी उपलब्ध है। साथ ही, केंद्र सरकार ने जीएसटी को 12% से घटाकर 5% कर दिया है।

राधापुरा, बोरदादेव और भिलवाडिया में भी हुई जागरूकता चर्चा
कलेक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम गगन सिंह मीणा व कृषि विभाग के अधिकारियों ने इन गांवों में किसानों को पराली प्रबंधन के लाभ और अनुदानित कृषि यंत्रों की जानकारी दी।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए 18 सितंबर से शिविर, एलिम्को द्वारा मिलेंगे जीवन सहायक उपकरण

श्योपुर, 08 सितंबर 2025
राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत जिले में वरिष्ठ नागरिकों को जीवन सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) द्वारा सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित किए जा रहे हैं।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार यह शिविर 18 सितंबर को जनपद पंचायत कार्यालय विजयपुर एवं पंचायत भवन वीरपुर में, 20 सितंबर को जनपद पंचायत कराहल में तथा 22 सितंबर को डीडीआरसी भवन, बायपास रोड श्योपुर में आयोजित किए जाएंगे।

शिविरों में पात्र वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इनमें छड़ी, वॉकर, व्हीलचेयर, व्हीलचेयर कमोड, चेयर अथवा स्टूल कमोड, ट्राईपॉड्स, क्वार्डपॉड्स, श्रवण यंत्र, कृत्रिम दांत, नजर का चश्मा, सिलीकॉन फोम तकिया, नी ब्रेस, स्पाइनल सपोर्ट, सर्वाइकल कॉलर, लम्बोसेक्रल बेल्ट, रोलेटर व फुट केयर किट शामिल हैं।

कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के सीईओ व नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर वरिष्ठजनों को समय पर सूचना दी जाए।

दस्तावेज आवश्यक
उप संचालक सामाजिक न्याय श्रीमती शशिकिरण इक्का ने बताया कि शिविर में शामिल होने के लिए लाभार्थियों को इनमें से कोई एक दस्तावेज साथ लाना होगा –

  • बीपीएल राशन कार्ड

  • मनरेगा कार्ड

  • राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन का प्रमाण

  • आय प्रमाण पत्र (15 हजार रुपये मासिक से कम आय) जो राजस्व विभाग/माननीय सांसद/माननीय विधायक/ग्राम प्रधान द्वारा जारी हो।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक इन शिविरों से लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

पराली प्रबंधन पर फोकस : 8 सितंबर को पटवारियों व पंचायत सचिवों की बैठक

श्योपुर, 07 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार, 08 सितंबर को पराली प्रबंधन के विषय में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।

बैठक स्थल : निषादराज भवन, जिला पंचायत परिसर

  • सुबह 9 बजे : पटवारियों की बैठक
    (इसमें एसडीएम एवं तहसीलदार भी उपस्थित रहेंगे)

  • दोपहर 3 बजे : पंचायत सचिवों की बैठक
    (इसमें सीईओ जनपद पंचायत शामिल रहेंगे)

 बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर पराली प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना और इसे प्रभावी रूप से लागू करना है।

कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को समय पर उपस्थित रहने और पराली प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की जानकारी लेकर आने के निर्देश दिए हैं।

धार में मासूम से हैवानियत : निजी स्कूल के शिक्षक ने 5 साल की बच्ची से की अश्लील हरकत, आरोपी गिरफ्तार

श्योपुर, धार एम पी  दिनांक 7/9/2025
मध्यप्रदेश के धार जिले में एक बार फिर मासूम से हैवानियत का मामला सामने आया है। टांडा थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में पांच वर्षीय बच्ची के साथ शिक्षक द्वारा अश्लील हरकत करने की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। घटना के बाद आक्रोशित स्वजन और महिलाओं ने थाने का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। कुक्षी कस्बे में बाजार भी बंद रहा।

बच्ची ने घर आकर बताई आपबीती

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर ने बताया कि शुक्रवार को स्कूल से लौटी मासूम ने डरी-सहमी हालत में अपने स्वजन को पूरी घटना की जानकारी दी। स्वजन तत्काल उसे सरकारी अस्पताल, टांडा लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्ची का चेकअप किया और मेडिकल रिपोर्ट में घटना की पुष्टि हुई।

आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक सत्येंद्र त्यागी पुत्र सुरेश त्यागी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी श्योपुर जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गुरनावदा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। डॉक्टर की एमएलसी में पुस्टी होने के बाद उसके खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा में प्र.क्र.171/25 63 डी 64 [2]और 65[2]  एवं पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

स्कूल प्रबंधन की लापरवाही उजागर

इस शर्मनाक घटना में स्कूल प्रबंधन की भी लापरवाही सामने आई है। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से खराब थे, जिन्हें न तो बदला गया और न ही दुरुस्त किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि कैमरे चालू रहते तो आरोपी को इस कृत्य का मौका नहीं मिल पाता।

लोगों में भारी आक्रोश

घटना के बाद महिलाओं ने थाने का घेराव कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं कुक्षी में दुकानदारों ने बाजार बंद कर विरोध जताया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्कूल प्रबंधन और आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।

प्रशासन का बयान

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना बेहद गंभीर है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और जल्द से जल्द अदालत में पेश किया जाएगा।

 यह घटना न केवल स्कूल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि मासूमों की सुरक्षा को लेकर समाज में गहरी चिंता भी पैदा करती है।

कॉलोनाइजरों ने पूर्व आदेशों को किया हवा-हवाई, कॉलोनाइजरों की मनमानी पर सख्ती – अब हर साइट पर लगेंगे सूचना बोर्ड, कलेक्टर ने दिए आदेश

श्योपुर, 06 सितंबर 2025
जिले में अवैध कॉलोनियों की बाढ़ और कॉलोनाइजरों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने एक बार फिर एडवाइजरी जारी की है

पूर्व में भी प्रशासन द्वारा कॉलोनाइजरों को निर्देश दिए गए थे कि हर कॉलोनी की साइट पर सूचना बोर्ड लगाएँ, लेकिन आज तक शहर में कहीं भी ऐसा बोर्ड नहीं दिखा। नतीजतन, शहरवासियों के बीच यह आम चर्चा का विषय रहा कि आखिर कॉलोनाइजर आदेशों को कब तक हवा-हवाई करते रहेंगे।

कलेक्टर के नए निर्देश

कलेक्टर ने साफ कहा है कि अब हर कॉलोनी की साइट पर कॉलोनाइजरों को सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। इसमें यह जानकारी दर्ज करनी होगी –

  • कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन क्रमांक

  • टीएनसीपी की मंजूरी

  • भूमि का डायवर्जन आदेश

  • भूमि की रजिस्ट्री संख्या व नाम

 नागरिकों के लिए चेतावनी

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि –

  • प्लॉट खरीदने से पहले संपूर्ण जांच-पड़ताल अवश्य करें।

  • केवल वैध और स्वीकृत कॉलोनी में ही प्लॉट खरीदें।

  • भवन निर्माण कराने से पहले भवन स्वीकृति अवश्य लें।

 अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से होने वाली दिक्कतें

  • नामांतरण संभव नहीं होगा।

  • बैंक लोन की सुविधा नहीं मिलेगी।

  • बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा।

 प्रशासन की सख्ती

कलेक्टर ने तीनों एसडीएम को निर्देश दिए कि –

  • अपने-अपने क्षेत्र की कॉलोनियों में कॉलोनाइजर से सूचना पटल लगवाना सुनिश्चित करें।

  • अवैध कॉलोनी काटने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

अब शहरवासी यह देखने को उत्सुक हैं कि क्या इस बार कॉलोनाइजर वाकई आदेश का पालन करेंगे और साइटों पर बोर्ड लगाएंगे या फिर पहले की तरह टालमटोल करेंगे। निगाहें अब प्रशासन की सख्ती पर टिकी हैं।

श्योपुर जिले में हैप्पी सीडर, सुपर सीडर व स्मार्ट सीडर अनुदान पर खरीदने हेतु आवेदन शुरू

श्योपुर, 06 सितंबर 2025
जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है। अब हैप्पी सीडर, सुपर सीडर एवं स्मार्ट सीडर को अनुदान पर खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल (👉 farmer.mpdage.org) पर 02 सितंबर से आवेदन कर सकते हैं।

सीडर की खासियत
ये यंत्र धान कटाई के बाद बिना जुताई किए गेहूँ व अन्य फसलों की बोनी करने में सहायक हैं। खेत में बची नरवाई व पराली को मिट्टी में मिला देते हैं, जिससे पराली जलाने की जरूरत नहीं होती और वही खेत में खाद का काम करती है।

कीमत व अनुदान

  • हैप्पी सीडर: कीमत ₹2–2.50 लाख | अनुदान 40% या अधिकतम ₹86,400

  • सुपर सीडर: कीमत ₹2.50–3 लाख | अनुदान 40% या अधिकतम ₹1,20,000

  • स्मार्ट सीडर: कीमत ₹2–2.50 लाख | अनुदान 40% या अधिकतम ₹90,200

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड

  • जमीन की खतौनी व बी-1

  • 4500 रुपये का बैंक डिमांड ड्राफ्ट (सहायक कृषि यंत्री श्योपुर के नाम, किसान के स्वयं के खाते से)

  • ट्रैक्टर का पंजीयन (45 एचपी से अधिक)

  • बैंक खाते की प्रति

  • एससी/एसटी किसानों हेतु जाति प्रमाण पत्र

 आवेदन एमपी ऑनलाइन कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से किए जा सकते हैं।

उप संचालक कृषि  जी.के. पचौरिया ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ और खेतों में पराली न जलाएँ।

पराली प्रबंधन बैठक

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में पंजाब से आए बेलर संचालकों और बायोफ्यूल प्लांट संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में तय हुआ कि:

  • एनआरएलएम समूहों द्वारा 100 यूनिट पराली प्रबंधन सिस्टम (बेलर, सुपर सीडर, हे-रेक) खरीदे जाएंगे।

  • पंजाब के संचालक 22 बेलर मशीनें उपलब्ध कराएंगे, जो प्रतिदिन करीब 2000 बीघा पराली काटकर बंडल बनाएंगे और इन्हें श्योपुर के बायोफ्यूल प्लांट को देंगे।

  • एनआरएलएम समूहों को 80% सब्सिडी पर मशीनें दी जाएंगी, जिनसे प्रतिदिन लगभग 5000 बीघा पराली प्रबंधन होगा।

कलेक्टर का संदेश व दंड का प्रावधान

कलेक्टर वर्मा ने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाएँ, क्योंकि इससे भूमि की उर्वरता घटती है और पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि पराली जलाने वालों पर अर्थदंड लगाया जाएगा –

  • 2 एकड़ तक – ₹2,500

  • 2 से 5 एकड़ – ₹5,000

  • 5 एकड़ से अधिक – ₹15,000

जागरूकता अभियान

कृषि विभाग गांव-गांव में शिविर लगाकर किसानों को जागरूक कर रहा है। साथ ही एनआरएलएम की महिलाएं भी समूहों के माध्यम से गांवों में जाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करेंगी।

👉 जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष “नो पराली संकल्प” के साथ काम किया जा रहा है। किसानों को अनुदान व आधुनिक यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही भी होगी।

बड़ौदा स्वास्थ्य केंद्र में युवती के साथ अभद्रता दवा देने से इनकार, पर्ची फाड़ी – ग्रामीण बोले शर्मनाक!

श्योपुर/बड़ौदा दिनांक 6/9/2025
बड़ौदा स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही और अभद्रता का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है।  इंद्रपुरा निवासी युवती कृष्णा  बुखार और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते बड़ोदा स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं। डॉक्टर ने परामर्श के बाद दवाई की पर्ची दी, लेकिन जब वह दवा लेने काउंटर पर पहुँचीं तो स्टाफ ने न केवल उनकी पर्ची को नजरअंदाज किया बल्कि दवा देने से भी साफ इनकार कर दिया।

 डॉक्टर ने जांच के बाद दवा की पर्ची थमा दी, लेकिन जब वह दवा लेने स्टोर पर गई तो वहां बैठे स्टोर इंचार्ज स्टाफ ने पर्ची फाड़ दी और दवा देने से साफ इनकार कर दिया। 

युवती का आरोप है कि उस समय लाइन में सिर्फ पुरुष मरीज थे, महिला मरीज नहीं थी। नियम अनुसार महिला का नंबर होना चाहिए था, मगर दवा देने के बजाय स्टोर पर मौजूद स्टाफ ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया बल्कि युवती को डांट-डपट कर भगा दिया।

पंखे भी बंद, मरीज गर्मी से बेहाल

घटना के दौरान फार्मेसी विभाग में लगे पंखे भी बंद थे, जिससे मरीज पसीने से तर-बतर परेशान रहे। मामला बढ़ने के बाद ही पंखे चालू किए गए।

“आदिवासी महिलाओं से कैसा बर्ताव होता होगा?”

घबराई युवती दवा लिए बिना सीधे गांव लौट गई और ग्रामीणों को आपबीती सुनाई। उसने मीडिया से कहा –
“जब पढ़ी-लिखी और समझदार महिला मरीजों के साथ फार्मेसी स्टोर पर ऐसा बर्ताव हो सकता है तो दूर-दराज से आने वाली आदिवासी महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा, यह सोचकर ही डर लगता है।”

ग्रामीणों की मांग – कार्रवाई हो

ग्रामीणों ने इस घटना को बेहद शर्मनाक करार देते हुए जिम्मेदार कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कलेक्टर के नवाचार पर सवाल

गौरतलब है कि कलेक्टर अर्पित वर्मा हाल ही में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य परीक्षण और इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने हेतु नवाचार शुरू कर चुके हैं। लेकिन उनके ही अधीनस्थ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आदेशों की धज्जियां उड़ाकर महिलाओं को इलाज और दवा से वंचित कर रहे हैं।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यही कलेक्टर के नवाचार का असली रूप है? अधीनस्थों की कार्यप्रणाली महिलाओं के प्रति सम्मान दर्शाती है या उपेक्षा – यह मामला स्पष्ट करता है।

कृष्णा धाकड़ (युवती मरीज) ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा –

“मैं दर्द और परेशानी में थी, लेकिन स्टाफ ने मेरी पर्ची को गंभीरता से नहीं लिया। उल्टा, उन्होंने मुझसे बदतमीजी की और मेरी दवाई का पर्चा फाड़ दिया और जबरदस्ती हाथ में पकड़ा दिया। यह बहुत अपमानजनक था। क्या गरीब मरीजों को इलाज का हक भी नहीं है?”

उनकी यह बात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति और स्टाफ के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

कलेक्टर का नवाचार : अब हर महिला का होगा स्वास्थ्य परीक्षण

श्योपुर, 05 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की पहल पर जिले में नारी स्वास्थ्य संजीवनी अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के तहत 390 सहरिया बाहुल्य ग्रामों और सहरानों में नारी स्वास्थ्य कल्याण शिविर आयोजित किये जायेंगे। शिविरों का आयोजन 8 सितंबर से प्रारंभ होगा।

शिविरों की व्यवस्था व जिम्मेदारी

  • एसडीएम को नोडल अधिकारी, सीईओ जनपद पंचायतों को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।

  • मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मॉनीटरिंग और रिपोर्टिंग करेंगे।

  • पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक शिविर की व्यवस्थाएं देखेंगे।

  • स्वास्थ्य परीक्षण सीएचओ और एएनएम द्वारा किया जाएगा।

  • आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं का चिन्हांकन कर उन्हें शिविर स्थल तक लाने में मदद करेंगी।

👉 कुल बस्तियां

  • श्योपुर विकासखण्ड : 74

  • कराहल विकासखण्ड : 101

  • विजयपुर विकासखण्ड : 115

 शिविर में होंगी 8 प्रमुख जांचें

  1. एएनसी जांच

  2. एनसीडी स्क्रीनिंग एवं उपचार

  3. टीबी जांच

  4. हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच

  5. हीमोग्लोबिन जांच

  6. बीपी जांच

  7. शुगर जांच

  8. अन्य महिला स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण

 8 सितंबर को यहां लगेंगे शिविर

  • श्योपुर विकासखण्ड : सिसवाली, पदमपुरा, ज्वाड़, बगदरी, शाहपुरा, चन्द्रपुरा, मऊ, शंकरपुर, भीकापुर, पाण्डोला, हनुमानखेड़ा, फतेहपुर, महाराजपुरा, पानडी, मेखड़ाहेड़ी, मेडखेडी, हसनपुर हवेली, सेमल्दा, माकडोद, हिरनीखेड़ा।

  • कराहल विकासखण्ड : टिकटोली, झिरन्या, अभयपुरा, बावड़ीचापा, जाखदा, भेला, खोरी, बर्धाखुर्द, आवदा, पनार, बंधाली, चक रामपुरा, अजनोई, डोब, कर्राई, लटावनी, पहेला, ढेगदा, कलारना, बाढ, पनवाडा, सीलपुरी, अधवाडा, सेथपुर, बांसेड, अगरा, लहरौनी, कलमी।

  • विजयपुर विकासखण्ड : गोपालपुर सहराना, खितरपाल सहराना, गावंडी सहराना, बीसा सहराना, गोलीपुरा, ठकुरपुरा, ऊमरीकलां सहराना, अगरा सहराना, पिपरवास, चिलवानी, नथोलीपुरा, सेवला, सनखोरा, रामपुरा-भैरोपुरा, ओछापुरा, चक सीताराम, पकोड़िया सहराना, आकोरिया सहराना एवं टावर सहराना।

कलेक्टर ने कहा कि इस अभियान से ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा और गंभीर बीमारियों की पहचान समय रहते हो सकेगी।