Friday, February 13, 2026
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भीषण बारिश में जब शहर सोया था, तब छाता लिए सड़कों पर थे कलेक्टर – संवेदनशील कार्यों के लिए सम्मानित


श्योपुर, 04 अगस्त 2025

जब आसमान से मूसलधार बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी, जब सीप नदी का पानी खतरे की रेखा को पार कर शहर को डुबोने की ओर बढ़ रहा था, तब श्योपुर के कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा एक छाता लिए सड़कों पर डटे हुए थे। ना नींद की परवाह, ना आराम की चिंता – बस जनता की सुरक्षा का संकल्प और कर्तव्य की भावना।

इस मानवीय संवेदनशीलता, सजगता और कर्तव्यपरायणता को नमन करते हुए क्षत्रिय महासभा के संरक्षक भूपेन्द्र सिंह तोमर और बड़ौदा के गणमान्य नागरिकों ने कलेक्टर वर्मा को पगड़ी और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर  जयदीप तोमर, शिवजी मारवाड़ी सहित अन्य नागरिकों ने भी अपने भाव प्रकट किए।

गत मंगलवार-बुधवार की रात जब सीप नदी उफान पर थी, शहर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था। उस समय कलेक्टर वर्मा न सिर्फ कंट्रोल रूम से पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए थे, बल्कि खुद भारी बारिश में छाता लेकर गलियों और मोहल्लों का भ्रमण कर रहे थे। उन्होंने सूंडी, सांड, रेशम कॉलोनी जैसे प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान चलवाया, राहत शिविर बनवाए, और हर व्यक्ति तक मदद पहुंचाई।

बड़ौदा कस्बे में जलभराव की स्थिति देखने खुद जेसीबी में बैठकर बस्तियों तक पहुंचे, सड़कों की खुदाई करवाई, पानी निकासी के इंतजाम कराए, और जनजीवन सामान्य हो – इसके लिए हर जरूरी कदम उठाया।

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि भविष्य में बड़ौदा में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तीन स्थानों पर हाईराइज़ पुल निर्माण का प्रस्ताव एमपीआरडीसी को भेजा गया है, जिससे स्थायी समाधान संभव हो सके।

जब शहर संकट में था, तब एक प्रशासक नहीं, एक प्रहरी बनकर उतरे कलेक्टर वर्मा – जनता ने कृतज्ञता से झुकाया सिर।

15 अगस्त की तैयारियां जोरों पर — मुख्य समारोह वीर सावरकर स्टेडियम में, तिरंगा यात्रा 13 को


कलेक्टर ने दिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश

श्योपुर, 04 अगस्त 2025:
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर श्योपुर में तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ अतेन्द्र सिंह गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया, एसडीएम  गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन व बीएस श्रीवास्तव, एसडीओपी राजीव गुप्ता एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि जिला स्तरीय मुख्य समारोह वीर सावरकर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों, परेड, पौधरोपण एवं मध्यान्ह भोजन जैसी गतिविधियां शामिल रहेंगी। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्य अतिथियों के साथ बच्चों के मध्यान्ह भोजन हेतु विद्यालयों का चयन किया जाए।

🎭 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए SDM की अध्यक्षता में चयन समिति गठित होगी, और मुख्य समारोह से पूर्व नियमित रिहर्सल आयोजित की जाएगी।
🏫 15 अगस्त को सभी शासकीय कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में सुबह 8 बजे या उससे पूर्व ध्वजारोहण, और मुख्य समारोह में 9 बजे ध्वजारोहण के साथ मुख्यमंत्री जी का संदेश पढ़ा जाएगा।

13 अगस्त को निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा

हर घर तिरंगा अभियान के तहत 13 अगस्त को सुबह 8 बजे गांधी पार्क स्थित नगरपालिका भवन से तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील स्तर पर भी तिरंगा यात्राएं सुनिश्चित की जाएं।

24 सहरिया बाहुल्य गांवों में बन रहे मल्टी परपज सेंटर (MPC), एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएं

स्वास्थ्य, पोषण, स्किल डवलपमेंट और स्वरोजगार पर रहेगा विशेष फोकस

श्योपुर, 03 अगस्त 2025
पीएम जनमन योजना के तहत श्योपुर जिले के 24 सहरिया बाहुल्य ग्रामों में मल्टी परपज सेंटर (एमपीसी) का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। प्रत्येक केंद्र की निर्माण लागत लगभग 60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इन केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।

एमपीसी के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य, पोषण, स्किल डवलपमेंट, वोकेशनल एजुकेशन, वित्तीय साक्षरता और सांस्कृतिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जानकारी दी कि आरईएस को कार्य की क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसमें कुछ सेंटर नींव स्तर तक और कुछ छत स्तर तक पूर्ण हो चुके हैं।

जनजातीय समुदाय के लिए समर्पित पीएम जनमन योजना के तहत इन केंद्रों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत की जाएंगी। इसके लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु कौशल उन्नयन और परंपरागत व्यवसायों में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

एमपीसी को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यहां आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएं, बैंकिंग कियोस्क, प्रशिक्षण कक्ष, सांस्कृतिक हॉल और ऑफिस संचालन की सभी व्यवस्थाएं होंगी। इन केंद्रों का संचालन ग्राम सभा और जिला स्तरीय निगरानी समिति के माध्यम से किया जाएगा।

इन 24 ग्रामों में बन रहे हैं मल्टी परपज सेंटर:

  1. दांतरदा खुर्द (आदिवासी बस्ती)

  2. खाखरिया का सहराना धीरोली

  3. बर्धा बुजुर्ग मोहल्ला

  4. महू

  5. बागल्दा सहराना

  6. इन्द्रपुरी सहराना राडेप

  7. जखोदा सहराना अगरा

  8. छापर आरोदा (आदिवासी बस्ती)

  9. मोहनपुर कीजरी

  10. बुढेरा

  11. टर्राकला (सहरिया कॉलोनी)

  12. कलारना

  13. रतनपुर पनवाडा

  14. मयापुर

  15. आवदा (आदिवासी बस्ती)

  16. गोरस (इन्द्रा कॉलोनी)

  17. भोटूपुरा खेराई

  18. सेसईपुरा (सेटलमेंट बस्ती)

  19. पिपरानी (पच्चीस कॉलोनी)

  20. ककरधा (गणेश मोहल्ला)

  21. भेला (पुरानी सहराना)

  22. निमोदामठ (ऊँची कॉलोनी)

  23. अजनोई

  24. गणेश मोहल्ला ककरधा

2263 बच्चों को मिल रहा मिशन वात्सल्य योजना का लाभ

श्योपुर | 03 अगस्त 2025

प्रतिमाह 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता | कलेक्टर की संवेदनशील पहल से बढ़ी बच्चों की संख्या

श्योपुर जिले में निराश्रित और बेसहारा बच्चों के लिए राहत की खबर है। जिले के 2263 बच्चों को मिशन वात्सल्य योजना के तहत स्पॉन्सरशिप योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। इन बच्चों को प्रत्येक माह ₹4,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनके अध्ययन, पोषण और भरण-पोषण की जरूरतें पूरी हो सकें।

महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती रिशु सुमन ने जानकारी दी कि योजना का लाभ उन बच्चों को दिया जा रहा है जिनके माता-पिता नहीं हैं और वे अपने दादा-दादी या नाना-नानी के साथ रह रहे हैं, अथवा जिनके पिता नहीं हैं और वे अपनी मां के साथ रह रहे हैं।

2024-25 में 1942 बच्चों को मिला था लाभ

वित्तीय वर्ष 2024-25 में मिशन वात्सल्य योजना के तहत 1942 बच्चों के लिए ₹6 करोड़ 22 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था, जिसे सभी पात्र बच्चों के खातों में अंतरित किया जा चुका है।

2025-26 में बढ़कर 2263 हुए लाभार्थी

वर्ष 2025-26 में यह संख्या 2263 हो गई है। यह वृद्धि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की संवेदनशीलता एवं सतत निगरानी का परिणाम है। जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जा रहा है। कलेक्टर द्वारा ऐसे बच्चों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।


👉 उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले में मिशन वात्सल्य योजना अब एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है, जिससे कई निराश्रित बच्चों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की भावना पैदा हुई है।

🖊️ रिपोर्ट: क्राइम नेशनल न्यूज़
📞 संपर्क: www.crimenationalnews.com | @crimenewsindia

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा नगदी रहित उपचार


डिवीजनल कमिश्नर को योजना की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश
श्योपुर, 02 अगस्त 2025

देश में सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी पूरे देश में सड़क सुरक्षा की योजनाओं की निगरानी कर रही है। यह कमेटी राज्यों से रिपोर्ट लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन्स की समीक्षा कर सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवेदन प्रस्तुत करती है।

इसी सिलसिले में परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नगदी रहित उपचार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों के अनुसार, इस स्कीम एवं गाइडलाइन्स को मई और जून 2025 में जारी किया गया था। साथ ही 21 मई 2025 को ‘यूजर मैनेजमेंट पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत यदि पीड़ित वाहन का वैध थर्ड पार्टी बीमा होता है, तो इलाज का खर्च केंद्र सरकार द्वारा सामान्य बीमा कंपनियों के सहयोग से बनाए गए फंड से किया जाएगा। फंड से भुगतान स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) द्वारा अस्पताल के क्लेम को मंजूरी देने के 10 दिन के भीतर किया जाएगा, जिसमें जिला कलेक्टर की अनुमति भी आवश्यक होगी।

योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों के भीतर अस्पताल में भर्ती मरीज को प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹1.5 लाख तक नगदी रहित उपचार की सुविधा मिलेगी।

📞 आपात स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी जा सकती है।

नियमित समीक्षा के निर्देश

परिवहन सचिव द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जिला स्तर पर योजना की निगरानी के लिए किसी वरिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए। साथ ही, सभी संभागायुक्तों को भी योजना की आवश्यक गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

परिवहन विभाग ने इस योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भी जिला कलेक्टरों को भेज दिए हैं, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

पाली स्थित चंबल पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध


श्योपुर, 02 अगस्त 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने मोटरयान अधिनियम 1994 की धारा 215 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पाली स्थित चंबल नदी के पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 10 अगस्त 2025 तक प्रभावशील रहेगा।

जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण उपसंभाग ग्वालियर द्वारा चंबल पाली पुल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के उपरांत बताया गया कि यह पुल वर्ष 1995 में राजस्थान सरकार द्वारा बनाया गया था, जो वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-552 के एकरेखन में आता है।

निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख है कि पुल के दोनों ओर की एप्रोच स्लैबें “सेटल” हो गई हैं। इन सेटल स्लैबों को डिस्मेंटल कर रिटेनिंग वॉल का निर्माण कर बैकफिलिंग एवं कॉम्पैक्शन के उपरांत ही दोबारा एप्रोच स्लैब्स का निर्माण किया जाना उपयुक्त होगा। इस बीच सेटल हुई स्लैबों पर भारी वाहनों का आवागमन खतरनाक एवं अनुचित माना गया है।

इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्योपुर द्वारा भी चंबल पुल से भारी वाहनों (जैसे यात्री बसें और सभी प्रकार के लोडिंग वाहन) के यातायात को प्रतिबंधित करने की अनुशंसा की गई है।

उक्त प्रतिवेदन एवं तकनीकी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

“विधायक बाबू जंडेल का आरोप – मंत्री ने विधानसभा में बोला झूठ, 15 साल का पूछा था सवाल, सरकार ने सिर्फ 5 साल का दिया जवाब”

श्योपुर दिनांक 1/8/2025
विधायक बाबू जंडेल ने राज्य सरकार और राजस्व मंत्री पर विधानसभा में झूठ बोलने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया है। विधायक जंडेल ने विधानसभा के मानसून सत्र में प्रश्न क्रमांक 1005 के तहत यह जानकारी मांगी थी कि बीते 15 वर्षों में श्योपुर जिले में अनुसूचित जाति (SC) की शासकीय पट्टे की भूमि एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की भूमि को गैर-आदिवासियों को बेचने की धारा 165(6) के तहत कितनी अनुमति दी गई।

सरकार ने जवाब में सिर्फ पिछले 5 सालों की जानकारी दी और कहा कि इस अवधि में कलेक्टर द्वारा कोई अनुमति नहीं दी गई। इसे लेकर विधायक ने आपत्ति जताई और कहा कि यह सदन को झूठी और अपूर्ण जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास है।

विधायक के समर्थकों द्वारा मंत्री के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिसे लेकर लोग भी सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोग वीडियो में मंत्री के जवाब को लेकर मजाक करते हुए देखे गए।

विधायक बाबू जंडेल का कहना है कि

“सरकार भूमाफियाओं को संरक्षण दे रही है। एसटी-एससी वर्ग की ज़मीनों को लेकर चल रहे फर्जीवाड़े पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। यदि सदन में झूठ बोला जाएगा तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?”

उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई सदन से लेकर सड़क तक लड़ी जाएगी

  • 15 साल का पूछा गया था सवाल

  • सरकार ने केवल 5 साल की जानकारी दी

  • सोशल मीडिया पर मंत्री के बयान का वीडियो वायरल

  • विधायक बोले – एसटी/एससी जमीनों के फर्जी नामांतरण के मामले फाइलों में दबे पड़े हैं

श्योपुर में दर्दनाक हादसा: खेत में सामान बचाने निकले चाचा-भतीजे की डूबने से मौत, एक-दूसरे से लिपटे मिले शव


गांव में पसरा मातम, प्रशासन ने शुरू की आपदा राहत सहायता प्रक्रिया

श्योपुर (आमलदा), 31 जुलाई।
जिले के आमलदा गांव में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब खेत में सामान बचाने गए चाचा-भतीजे की पार्वती नदी के उफनते पानी में डूबने से मौत हो गई। गुरुवार सुबह दोनों के शव खेत के किनारे पानी में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया।

जानकारी के अनुसार, आमलदा गांव निवासी राजू यादव और उनका 13 वर्षीय भतीजा शिवम यादव बुधवार शाम अपने खेत की ओर गए थे। खेत में रखे पाइप और अन्य जरूरी सामान को बारिश और बहाव से बचाने के लिए दोनों घर से निकले थे। लेकिन रात तक दोनों वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले यह समझा कि वे खेत पर ही रुक गए होंगे, लेकिन देर रात तक कोई सूचना न मिलने और संपर्क नहीं हो पाने पर चिंता बढ़ गई।

रातभर गांव वालों और परिजनों ने की तलाश
राजू और शिवम की खोज में रातभर ग्रामीण और परिवारजन जुटे रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह जब पार्वती नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ, तो खोजबीन फिर शुरू की गई। इसी दौरान खेत के पास पानी में दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। माना जा रहा है कि चाचा ने भतीजे को बचाने की कोशिश की होगी, लेकिन वे खुद भी तेज बहाव में फंस गए।

गांव में छाया शोक, हर आंख नम
घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एएसआई नित्येंद्र राजावत ने बताया कि दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गांव के लोगों के अनुसार, राजू यादव एक मेहनतकश मजदूर थे, जो खेत में भी काम करते थे। उनका भतीजा शिवम पढ़ाई के साथ खेती में हाथ बंटाता था। दोनों की सादगी, मेहनत और आपसी लगाव पूरे गांव में मिसाल थी। उनकी अचानक हुई मौत से गांव में गहरा शोक है, हर घर में इस हादसे की चर्चा है।

प्रशासन ने की सहायता का आश्वासन
तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से भेंट की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही आपदा राहत सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

🔺 यह घटना फिर एक बार यह चेतावनी देती है कि बारिश और बाढ़ के समय खेतों, नालों और बहते पानी से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

जनसुनवाई में राहत के फैसले: संबल योजना, आवास, बीपीएल सूची में शामिल करने के निर्देश

142 आवेदनों पर हुई त्वरित सुनवाई, पीएचई और आवास विभाग को दिए आवश्यक निर्देश

श्योपुर, 29 जुलाई 2025
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में नागरिकों की समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जनसुनवाई की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने की। कार्यक्रम के दौरान कुल 142 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया।

संबल योजना के तहत विधवा को मिला न्याय

ग्राम बासरैया निवासी श्रीमती रचना आदिवासी ने बताया कि उनके पति स्व. पंचम आदिवासी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन आवेदन ऑनलाइन न होने के कारण संबल योजना का लाभ लंबित था। इस पर सीईओ  गुर्जर ने आवेदन को तत्काल ऑनलाइन कराने के निर्देश दिए। अब महिला को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगी।

🏠 आवास योजनाओं में तीव्र कार्यवाही

ग्राम आवदा निवासी रामचरण बैरागी के आवेदन पर आवास 2.0 योजना की सर्वे सूची में नाम जोड़ने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम कलारना के श्री पदम आदिवासी को पीएम जनमन योजना के तहत आवास स्वीकृत करने के लिए आवास प्रभारी श्रीमती सारिका पाटीदार को निर्देशित किया गया।

हसनपुर हवेली में नलजल योजना जल्द शुरू

हसनपुर हवेली से आए ग्रामीणों की मांग पर पीएचई विभाग को निर्देश दिए गए कि नलजल योजना को शीघ्र चालू किया जाए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एक योजना पहले से चालू है और दूसरी का कार्य विस्तार पर है। नई डीपी लग चुकी है, और एक-दो दिन में बिजली कनेक्शन के साथ जलप्रदाय शुरू हो जाएगा

बीपीएल सूची में दृष्टिहीन दंपती को मिलेगी राहत

श्योपुर निवासी सुरेश सुमन और उनकी पत्नी श्रीमती संतोष बाई ने बताया कि दोनों दृष्टिहीन हैं और बच्चों की देखरेख में असमर्थ हैं। उनकी सामाजिक स्थिति को देखते हुए सीईओ ने एसडीएम  बीएस श्रीवास्तव को बीपीएल सूची में नाम जोड़ने के निर्देश दिए।

👉 जनसुनवाई में मौजूद रहे अधिकारी:
कार्यक्रम में एसडीएम बीएस श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया गया।

📌 प्रशासन का उद्देश्य – जन समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान।


ग्वालियर में पत्रकारों की महापंचायत: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ने उठाई सुरक्षा, सम्मान और सुविधा की बुलंद मांग

ग्वालियर/श्योपुर , 28 जुलाई 2025
ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित बाल भवन में रविवार को पत्रकारों की ऐतिहासिक महापंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश के 20 से अधिक जिलों से पहुंचे पत्रकारों ने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाला आंदोलन और भी विकराल रूप लेगा।

इस क्रांतिकारी महापंचायत का आयोजन प्रेस क्लब एवं प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के संयुक्त आवाहन पर हुआ, जिसमें पत्रकारों ने कोरोना काल में शहीद हुए पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया। इस दौरान सैकड़ों पत्रकारों ने सरकार की उदासीनता पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भी अन्य तीन स्तंभों की तरह सुविधाएं और सुरक्षा दी जानी चाहिए।

पवैया ने दी चेतावनी – नहीं मानी मांगें, तो होगा बड़ा आंदोलन
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के रविन्द्र सिंह पवैया ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि – “पत्रकारों की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अगर सरकार ने हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।”

प्रदीप तोमर ने रखी मांग – मीडिया को मिले संवैधानिक दर्जा
वहीं वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि – “सरकार को चाहिए कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ घोषित करते हुए पत्रकारों को समान सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान करने का स्पष्ट शासनादेश जारी करे।” 

श्योपुर से भी दिखी मजबूत भागीदारी
महापंचायत में श्योपुर जिले से भी पत्रकारों की बड़ी भागीदारी रही। प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. भारत भूषण, जिला अध्यक्ष बनवारी “बंटी” सोनी, जितेंद्र सैनी, धर्मेंद्र शर्मा, देशराज जाट, धर्मेंद्र पांचाल, प्रदीप सोनी, बनवारीलाल दुबे, जमुना प्रसाद, जगदीश सोनी, जितेंद्र शर्मा एवं मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला उपाध्यक्ष रामप्रसाद पारेता सहित कई पत्रकार शामिल हुए।

डॉ. भारत भूषण और रामप्रसाद पारेता के ओजस्वी भाषण पर तालियों की गूंज
कार्यक्रम के दौरान जब डॉ. भारत भूषण एवं रामप्रसाद पारेता ने मंच से अपनी बात रखी तो पूरा बाल भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनके ओजपूर्ण भाषणों ने पत्रकारों में नई ऊर्जा और जोश भर दिया।

सम्मान एवं श्रद्धांजलि से हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र देकर गौरव सम्मान से नवाजा गया और सभी ने भोजन ग्रहण कर सायं प्रेस क्लब परिसर में ॐ के उच्चारण के साथ शहीद पत्रकारों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।

मुख्यमंत्री के नाम 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
महापंचायत के समापन के पश्चात पत्रकार प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम 13 सूत्रीय मांग पत्र तैयार कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पत्रकार आयोग का गठन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, सम्मान निधि, निशुल्क शिक्षा, आवासीय भूखंड जैसी मांगे शामिल रहीं।