श्योपुर (कराहल), 26 जुलाई 2025
राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत और 35 बच्चों के घायल होने की दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन इसके बावजूद ज़मीनी हकीकत में अब भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। श्योपुर जिले के कराहल ब्लॉक से करीब 54 किलोमीटर दूर स्थित भीमनगर प्राथमिक विद्यालय के हालात सरकार और शिक्षा विभाग की उदासीनता को उजागर कर रहे हैं।
यहां स्कूल की हालत इतनी खराब है कि भवन में बच्चों को बैठाना भी खतरे से खाली नहीं है। छत से पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं और बीते 25 वर्षों से इस स्कूल की मरम्मत तक नहीं हुई है। विद्यालय में पढ़ाई से ज्यादा डर का माहौल है।
ग्रामीणों और पालकों का हंगामा, नवीन भवन और मरम्मत की मांग
गुरुवार को गांव के सैकड़ों पालकों और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर हंगामा किया। उनका कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों को बैठाना, उनके भविष्य और जान के साथ खिलवाड़ है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को ज्ञापन और सूचना दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। बारिश के मौसम में स्कूल के चारों तरफ जलभराव और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे कीड़े-मकोड़ों और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।
न शौचालय, न पीने का पानी — शिक्षक भी गैरहाज़िर
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। बच्चे और शिक्षक खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। यही नहीं, विद्यालय में पदस्थ शिक्षिकाओं में से एक पिछले एक सप्ताह से बिना सूचना के अनुपस्थित है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल में कुल 18 बच्चे पढ़ते हैं।
शिक्षा विभाग की टीम ने किया औपचारिक निरीक्षण, कार्रवाई शून्य
ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की बीआरसीसी टीम ने विद्यालय का केवल औपचारिक निरीक्षण किया। ना तो निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई और न ही किसी प्रकार की ठोस अनुशंसा की गई। निरीक्षण में स्कूल की सफाई, पोषण आहार, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, अनुपस्थित शिक्षिका और भवन की गंभीर स्थिति को चिन्हित किया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन की चुप्पी, जिम्मेदार कौन?
भीमनगर जैसे क्षेत्रों में स्कूलों की बदहाली और लापरवाही यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है? जबकि राजस्थान की घटना के बाद पूरे प्रदेश में स्कूल भवनों की जांच के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि इन आदेशों का पालन आखिर हो क्यों नहीं रहा?
