Friday, April 10, 2026
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स्वसहायता समूहों का रिपेमेंट बेहतर, इन्हें सीसीएल ऋण दें-कलेक्टर विभिन्न स्वरोजगार मूलक योजनाओं की समीक्षा

डीएलसीसी की बैठक आयोजित
श्योपुर, 28 -6- 2024
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड ने जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिये कि एनआरएलएम अतंर्गत संचालित स्वसहायता समूहों का रिपेमेंट अच्छा है तथा कोई भी खाता एनपीए नही है, अतः स्वसहायता समूहो को बैंकर्स सीसीएल प्रदान करें, जिससे वे अपनी आजीविका गतिविधियों को ओर बेहतर बना सकें। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों में संचालित स्वरोजगार मूलक योजनाओं की समीक्षा करते हुए बैंकर्स को लक्ष्य अनुसार ऋण वितरण करने के निर्देश भी दिये।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड ने कहा कि स्वसहायता समूहों को इस साल सीसीएल वितरण के लिए 66 करोड का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उक्त लक्ष्य के अनुसार विभिन्न बैंको को लक्ष्य दिया गया है। मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक एवं अन्य बैंको द्वारा लक्ष्य के अनुसार सीसीएल वितरण की कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा कि स्टेट बैंक की शाखाएं भी सीसीएल वितरण में रूचि दिखाये। उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिये कि वे एसबीआई विजयपुर, गसवानी, कराहल में ऋण प्रकरणों की पृथक से समीक्षा कर पात्रता अनुसार ऋण स्वीकृति की कार्यवाही सुनिश्चित करायें। उन्होने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में रोजगारमूलक विभागो को प्राप्त लक्ष्य के आधार पर बैकर्स ऋण वितरण की कार्यवाही करें।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड ने जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र अंतर्गत पीएमईजीपी योजना अंतर्गत बैंको में गत वर्ष के लंबित प्रकरणो में स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महाप्रबंधक श्री गणेश कुमार हरने ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष के 38 प्रकरण विभिन्न बैंको में लंबित है, जिनमें 31 स्वीकृत हो चुके है। उप संचालक पशुपालन डॉ सुभाष बाबू दौहरे ने बताया कि पशुपालन केसीसी हेतु 11 हजार 40 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार आचार्य विद्यासागर योजना अंतर्गत डेयरी इकाई के 7 तथा बकरी पालन के 7 प्रकरणों का लक्ष्य मिला है। उद्यानिकी विभाग से श्री एसएस प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापना के लिए 85 यूनिट का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। योजना अंतर्गत आटा, डेयरी, मसाला, बेकरी आदि ऐसे उद्योग लगाये जा सकते है, जो खाद्य प्रसंस्करण की श्रेणी में आते है। सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण श्री एमपी पिपरैया ने बताया कि भगवान बिरसा मुण्डा स्वरोजगार योजना में जिले को 11 प्रकरणों का तथा ट्ंटया मामा आर्थिक कल्याण योजना में 105 प्रकरणों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। बैठक के दौरान आरसेटी प्रभारी द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सीईओ जिला पंचायत  अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एलडीएम रघुनाथ सहाय, नाबार्ड एजीएम, आरबीआई प्रतिनिधि  सौम्यदीप सहित विभिन्न स्वरोजगार मूलक विभागों के अधिकारी तथा बैंकर्स उपस्थित थे।

बीमा योजनाओ में तत्काल लाभ देने के निर्देश
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने सभी बैकर्स को निर्देश दिये कि बैंक खाताधारको के प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत बीमा किया जाता है, इन योजनाओ में बीसी के माध्यम से दायरा बढाया जाये तथा विपरित परिस्थितियों के समय बैंकर्स बीमित बैंक खाताधारक के परिजनो को उक्त योजनाओ में बीमा राशि का लाभ तत्काल प्रदान करें।

आकांक्षा योजना से कराई जायेगी जनजातीय विद्यार्थियों को जेईई, नीट और क्लैट की तैयारी टैबलेट पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करेंगे जनजातीय विद्यार्थी

जनजातीय विद्यार्थियों को भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में दी जायेगी प्रतियोगी परिक्षाओं की निरूशुल्क कोचिंग
श्योपुर, 28 -6- 2024
जनजातीय कार्य विभाग मध्यप्रदेश के जनजातीय विद्यार्थियों की उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से फ्री कोचिंग प्रदान करेगा। विभाग ने जनजातीय विद्यार्थियों को मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं लॉ की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षाओं जेईई, नीट और क्लैट की तैयारी करवाने के लिये आकांक्षा योजना बनाई है। जनजातीय विद्यार्थी इन प्रतियोगी परिक्षाओं में अपने शासकीय शिक्षकों की मदद लेकर स्वयं तैयारी कर विशेष स्थान प्राप्त कर रहे हैं। आकांक्षा योजना में 10वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के इच्छुक विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। आवेदक विद्यार्थियों का कोचिंग संस्था द्वारा ली गई प्रवेश परीक्षा में मिले प्राप्तांकों के आधार पर मेरिट पर वांछित कोचिंग के लिए चयन किया जायेगा।
प्रदेश के 800 जनजातीय विद्यार्थी पाएंगे निशुल्क कोचिंग
आकांक्षा योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2024-25 में राज्य स्तर पर प्रवेश परीक्षा से 400 विद्यार्थियों का चयन जेईई के लिए किया जाएगा। जेईई की कोचिंग भोपाल, नीट की कोचिंग इंदौर में एवं क्लैट की कोचिंग के लिए जबलपुर को चुना गया है, इनमें 200-200 विद्यार्थियों को चुना जाएगा।
टैबलेट से पढ़ेंगे जनजातीय विद्यार्थी, मिलेगी आवासीय सुविधा
आकांक्षा योजना में कोचिंग के लिए चयनित विद्यार्थियों को कोचिंग सेंटर पर भी आवासीय सुविधा दी जाएगी। साथ ही उन्हें इसकी तैयारी से संबंधित पुस्तकें और स्टेशनरी सहित मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इन विद्यार्थियों को टेबलैट भी दिया जाएगा, जिसके लिए इंटरनेट एवं डाटा प्लान की सुविधा भी निशुल्क प्रदान की जायेगी।

श्योपुर में स्थापित है देश का एकमात्र सहरिया संग्रहालय

श्योपुर में स्थापित है देश का एकमात्र,‘सहरिया संग्रहालय’,

सहरिया जनजाति की संस्कृति के संरक्षण के लिए सहरिया विकास प्राधिकरण एवं जिला पुरातत्व,पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् समिति के तत्त्वाधान मे सहरिया संग्रहालय की स्थापना की गयी है
1986 में बनी परिकल्पना, 1990 में हुई साकार जिसके बाद वर्ष 1990 में श्योपुर किला स्थिति बड़े भवन में सहरिया संग्रहालय स्थापित किया गया। पूरे देश में एकमात्र सहरिया संग्रहालय है जो श्योपुर में है,
श्योपुर. जिले में निवासरत सहरिया जनजाति की संस्कृति अद्वितीय है, तो उससे भी अद्वितीय है सहरिया आदिवासी संस्कृति से रूबरू कराता श्योपुर का सहरिया संग्रहालय है। ये संभाग या प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में एकमात्र सहरिया संग्रहालय श्योपुर की पहचान बन चुका है।


श्योपुर के ऐतिहासिक किला परिसर में संचालित इस संग्रहालय में सहरिया समाज की संस्कृति के जीवंत दर्शन होते हैं। सहरिया समाज के खान-पान, रहन-सहन, पहनावा, ज्वैलरी, आवास आदि के बारे में संग्रहालय में विस्तार से डिस्पले किया हुआ है। ज्वैलरी सेक्शन में सहरिया महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले आभूषण, वनोपज सेक्शन में सहरिया समाज की वनोपज आजीविका के बारे में भी अलग से बताया गया है। कुएं से पानी भरने, हथाई या बंगला, सहरियाओं के वाद्ययंत्र, सहरिया बच्चों के खिलौने आदि से सहरिया संस्कृति के अनूठेपन का अहसास कराते हैं।

यह है खास
ऐतिहासिक किले के दीवान-ए-खास में संचालित सहरिया संग्रहालय में प्रवेश करते ही सामने एक झोंपडीनुमा पाटौर दिखाई देती है। यह सहरियाओं का अस्थायी बंगला कहलाता है जहां उनकी सामाजिक बैठकें होती है। इसी स्थान पर पारिवारिक और सामाजिक झगडों के निपटारे के साथ आर्थिक विकास की योजनाएं तैयार की जाती है। आदिवासियों के यहां आने वाले मेहमानों को भी अस्थायी बंगले में ठहराया जाता है।

संग्रहालय में पेड़ की छाल से निर्मित रेहट जिससे प्राचीन काल में कुएं से पानी निकाला जाता था। पानी उलीचने की पारंपरिक तकनीक का साक्षी इस रेहट को देखकर यहां आने वाले पर्यटक अपलक निहारते रह जाते है । इसी के समीप आदिवासी समाज के देवी-देवताओं का स्थान बना हुआ है। जिसे आदिवासी अपनी भाषा में थान कहते है ।

आदिवासियों के लोक देवता तेजाजी का थानक भी संग्रहालय में बनाया गया है। थानक की दीवारों पर चित्रकारी के माध्यम से लोक देवता वीर तेजाजी के जीवन प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया है।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंधक देव सोनी ने बताया कि
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा सभी पर्यटक स्थलों एवं म्यूजियम आदि को विस्तारित एवं प्रचारित करने का सतत प्रयास लगातार जारी है।

पी. सी . महोबिया पुरातत्व विभाग 

श्योपुर किला रंग महल पर्यटन विभाग को चला गया है और सहरिया संग्रहालय लीज आउट कर दिया है  फिल हाल घुड़साल में मूर्तियाँ  संरक्षित कर रखवा दी है कोई असंरक्षित नहीं हुआ है हमारी टीम अब निरीक्षण करेगी एक या दो महीने में कुछ हल निकालेंगें 

पंजीकृत श्रमिकों के लिये 02 नई योजनाऐं प्रारंभ

श्योपुर, 26 जून 2024

मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के लिये 02 नई योजनाऐं प्रारंभ की गई है। पहली “भवन एवं अन्य संनिर्माण दिव्यांग सहायता अनुदान योजना एवं दूसरी “भवन एवं अन्य संनिर्माण ई-स्कूटर हेतु अनुदान योजना। पंजीकृत श्रमिकों को ई-स्कूटर की खरीदी के लिये क्रय मूल्य का 50 प्रतिशत जो कि अधिकतम 40 हजार रूपये होगा, की सहायता दी जायेगी, जबकि दिव्यांगजन श्रमिकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यो की दिव्यांगता की स्थिति में मोटर चलित त्रिपहिया साईकल एवं अन्य सभी दिव्यांग उपकरण क्रय करने पर 100 प्रतिशत राशि जो कि अधिकतम 35 हजार रूपये होगी, प्रदान की जायेगी। इसके लिये श्रम विभाग द्वारा 14 जून 2024 को राजपत्र में प्रकाशन किया गया है। योजना की शर्तों के अनुसार दिव्यांग श्रमिक के पारा 40 प्रतिशत दिव्यांगता का यूडीआईडी स्थाई कार्ड होना चाहिये, जो कि 01 अप्रैल 2023 या इसके पश्चात् बना हो। मोटर चलित साईकिल एवं अन्य दिव्यांग उपकरण आर्टिफिशियल लीम्ब्रा मेनुफेक्चरिंग कारपोरेशन ऑफ इण्डिया द्वारा निर्मित होने चाहिये। पंजीकृत श्रमिक एवं उसके परिवार के एक सदस्य को सिर्फ एक बार इस योजना का लाभ मिलेगा। कर्मकार कल्याण मण्डल के पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करने पर इस योजना का लाभ 30 दिन के अंदर मिलेगा।

ई-स्कूटर के लिये निर्माण श्रमिक का पंजीयन 05 साल पुराना होना अनिवार्य होगा। ई-स्कूटर के आरटीओ में रजिस्ट्रेशन का खर्च आवेदक श्रमिक को ही उठाना होगा। क्रय करने के बाद कर्मकार मंडल के पोर्टल पर अनुदान हेतु आवेदन करना होगा। जिसमें क्रय बिल, रजिस्ट्रेशन कार्ड, ड्राईविंग लायसेंस अपलोड करना होगा। 10 दिन के अंदर डीबीटी के तहत अनुदान राशि आवेदक के बैंक खाते में भेजी जायेगी। एक वित्त वर्ष में एक हजार श्रमिकों को पहले आयो, पहले पाओ के आधार पर योजना का लाभ दिया जायेगा तथा इसमें 60 ई-स्कूटर दिव्यांगजनों के लिये आरक्षित रहेंगे। शेष आवेदको को अगले वित्त वर्ष में योजना का लाभ दिया जायेगा। उक्त दोनो योजनाओं में क्रय के बाद गोटर चलित साईकिल एवं ई-स्कूटर 03 वर्ष तक बेची नही जा सकेगी तथा उस पर अनिवार्य रूप से लिखना होगा कि “कर्मकार कल्याण मण्डल के अनुदान से क्रय किया गया“ है। उक्त योजनाओं के लिये पदाभिहीत अधिकारी सहायक श्रमायुक्त, श्रम पदाधिकारी, सहायक श्रम पदाधिकारी को नियुक्त किया गया है। योजना के लिये आवेदन जिला श्रम कार्यालय में किया जाएगा।

करंट से भैसो की मृत्यु के मामले में मुआवजा देने के निर्देश कलेक्टर की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित

श्योपुर, 25 -6- 2024
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान निर्देश दिये कि ग्राम जैनी में करंट लगने से भैसो की मृत्यु के मामले में तत्काल मुआवजा देने की कार्यवाही सुनिश्चित की जायें तथा प्रकरण को अकारण लंबित रखने के मामले में जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध वेतन काटने की कार्यवाही की जाये।  इस अवसर पर कुल 205 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 13 आवेदन 24 घंटे की अवधि में निराकरण के लिए चिन्हित करते हुए तत्काल निराकरण के लिए अधिकारियों को व्हाट्सएप पर भेजे गये।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड द्वारा ग्राम जैनी निवासी श्री जगदीश प्रजापति एवं श्री रामचरण मीणा के आवेदन पर निर्देश दिये गये कि भैसो का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जायें। इस दौरान उन्होने अकारण विलम्ब करने वाले संबंधित अधिकारी को चिन्हित कर वेतन काटने की कार्यवाही के निर्देश दिये गये। इस मामले में कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड द्वारा मध्य क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी के एमडी से दूरभाष पर चर्चा करते हुए ऐसे मामलो में तत्काल निराकरण किये जाने के निर्देश वरिष्ठ स्तर से प्रसारित करने की अपेक्षा की गई। उक्त ग्रामीणो ने बताया था कि एफआईआर, पीएम रिपोर्ट, पंचनामा सभी दस्तावेज दिये जाने के बावजूद विधुत मंडल द्वारा मुआवजा नही दिया जा रहा है। इस पर कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड द्वारा असंतोष व्यक्त करते हुए उक्त मामले की फाईल बुलाई गई तथा लापरवाह अधिकारी पर कार्यवाही के निर्देश दिये गये।
संबल योजना के 12 प्रकरणों की जांच कर कार्यवाही के निर्देश
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा संबल योजना के हितग्राहियों को राशि नही मिलने के 12 प्रकरणों में निर्देश दिये कि उक्त मामले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के एसीएस को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए प्रतिपूर्ति राशि की मांग की जाये तथा इन प्रकरणो में स्वीकृत 28 लाख रूपये की राशि अन्य हितग्राहियो के खाते में डालने के मामले की जांच की जायें तथा लंबित इन प्रकरणों की जांच में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायें। उन्होने कहा कि तत्कालीन संबंधित क्लर्क के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की जायें।
हितग्राही को दिलाई अत्येष्टि सहायता की राशि
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा श्रीमती संतोष बैरवा निवासी सोठवा को पति स्व. श्री गुड्डू बैरवा की मृत्यु पर मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना अंतर्गत 5 हजार रूपये की अत्येष्टि सहायता राशि पंचायत सचिव को जनसुनवाई में तलब कर दिलाई गई। इसके साथ ही संबल योजना के तहत लाभ दिये जाने के निर्देश भी दिये गये। इसी प्रकार कोटरा निवासी श्रीमती कंतो बैरवा का संबल योजना के तहत लाभ दिये जाने संबंधी प्रकरण अपील में लिये जाने के निर्देश दिये गये। आवेदक महिला ने बताया कि उसके पति स्व. श्री रघुवीर बैरवा की मृत्यु हो गई है तथा संबल योजना के तहत लाभ नही मिला है।
आवास योजना में नॉमिनी बदले जाने के निर्देश
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड द्वारा ग्राम आवदा निवासी श्रीमती देवी आदिवासी के आवेदन पर आवास योजना के तहत नॉमिनी चेंज किये जाने के निर्देश जिला पंचायत के अधिकारियों को दिये गये। महिला ने बताया कि उसके पति स्व. श्री रामभरोस आदिवासी के नाम से प्रधानमंत्री आवासा योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था, जिसकी प्रथम किस्त मिलने पर दासे तक निर्माण कार्य कराया गया है, इसके उपरांत पति की मृत्यु हो गई और आवास की किस्त नही मिल पा रही है। इस पर पति के स्थान पर पत्नि को नॉमिनी बनाकर किस्त दिये जाने के निर्देश दिये गये।
24 घंटे में कब्जा हटाने के निर्देश
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा श्री रमेश आदिवासी के आवेदन पर उसकी नहरखेडा तहसील विजयपुर स्थित भूमि से कब्जा हटाने की कार्यवाही 24 घंटे में किये जाने के निर्देश एसडीएम विजयपुर को दिये गये है। श्री रमेश आदिवासी ने बताया कि उसकी नहरखेडा स्थित भूमि सर्वे नंबर 786/3 रकबा 1.3060 हेक्टयर भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरदस्ती कब्जा कर लिया गया है।

जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत  अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम  मनोज गढवाल, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन,  वायएस तोमर सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।

हर जिले में विकास का रोड मैप बनाया जाए रू मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकास कार्य प्राथमिकता निर्धारित कर पूरे किए जाएं

किसान, महिलाओं, गरीबों और युवाओं को पात्रतानुसार मिले जनहितैषी योजनाओं का लाभ
जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी सरकार के अंग हैं
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के विकास कार्यों की ली जानकारी
श्योपुर, 23 -6- 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकास के कार्य निरंतर चलते रहें। हर जिले में विकास कार्यों को पूरा करने के लिए रोड मैप तैयार कर लिया जाए। जिले के विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रवार भी विकास कार्यों का विभाजन कर लिया जाए। आगामी चार-पांच वर्षों के लिए यह रोड मैप तैयार किया जाए। विकास कार्यों को प्राथमिकता निर्धारित कर पूरा करने की योजना भी बनाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के विकास कार्यों की जानकारी ले रहे थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जिलों से मंत्रीमण्डल के सदस्य, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी वर्चुअली जुड़े। मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं को पात्रतानुसार मिले। कोई भी हितग्राही जनहितैषी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे अधिक लगभग चार करोड़ आयुष्मान कार्ड बने हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपलब्धि के लिये जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बधाई दी। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना का हितग्राहियों को वृहद स्तर पर लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से ध्यान देकर कार्य करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद योजना की मार्केटिंग हो। रोजगारपरक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की बेहतर भूमिका रहे। जल-गंगा संवर्धन अभियान और पौधरोपण अभियान बड़े पैमाने पर चलता रहे। पौधरोपण अभियान के तहत अच्छे छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि जबलपुर, इंदौर, भोपाल सहित विभिन्न जिलों में वृहद स्तर पर पौधे लगाने का कार्य अच्छा हुआ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कहा कि स्कूल चलें अभियान, कॉलेज चलें अभियान के अंतर्गत कोई भी विद्यार्थी प्रवेश से वंचित न रहे। आंगनवाड़ियों का संचालन बेहतर हो। आंगनवाड़ियों में केजी-1 और केजी-2 की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए प्रशिक्षण जल्द शुरू होगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावास और आश्रमों का भी भ्रमण कर जनप्रतिनिधि व्यवस्थाएं सुधारने में सहयोग करें। सभी स्थानीय निकायों के कार्यालय नियमित रूप से खुलें। जन प्रतिनिधियों का जिला प्रशासन से अच्छा समन्वय हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित करें। गौ-वंश अधिनियम के अंतर्गत गौ-वंश के अवैध परिवहन पर सख्ती से कार्यवाही की जाए। राज्य सरकार ने गौ-शालाओं को दी जाने वाली राशि दोगुनी कर दी है। प्रदेश में एक हजार गौ-शालाओं का संचालन किया जाना है। कोई भी गौ-माता बाहर सड़कों पर न घूमें, इसके लिए सब मिलकर प्रयास करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ से बचाव संबंधी सभी उपाय पहले से ही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संबंधी कार्यों का निराकरण शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में श्री अन्न (कोदो-कुटकी) को बढ़ावा देने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी-जनप्रतिनिधि सरकार के अंग हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में बेहतर समन्वय रहे। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के समुचित उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदर्श विधान सभाएं बनाने के लिए जरूरी विकास कार्य और उपाय सुनिश्चित किए जाएं। जिला स्तर पर बैठक कर विकास कार्यों का रोड मैप तैयार करें। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों पर कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी बनी रहे। सांसद और विधायक आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए ऐसी व्यवस्था बनाएं कि वे अपने कार्यालय से ही व्यक्तिगत रूप से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सकें।
राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश में पहली बार 30 लाख राजस्व प्रकरण निपटाए गए हैं। नामांकन, बटवारा, सीमांकन आदि के प्रकरण तेजी से निपटाए गए हैं। प्रदेश का राजस्व 75 प्रतिशत बढ़ा है। खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि पौधरोपण अभियान में फलदार और छायादार पौधे लगाने से आमजनों को लम्बे समय तक उनका लाभ मिलता रहेगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल के अनुरूप पात्र हितग्राहियों को आवास और आयुष्मान भारत योजना का प्रदेश में अच्छा लाभ मिला है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में जनप्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और मांगों से भी अवगत कराया।
एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  सतेन्द्र सिंह तोमर, भाजपा जिला महामंत्री  शंशाक भूषण उपस्थित थे।

कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने किया पल्स पोलियो का शुभारंभ

श्योपुर, 23 -6- 2024
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ जिला अस्पताल में कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी एवं नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग द्वारा किया गया। इस अवसर पर सपत्निक अस्पताल पहुंचे कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड के बेटे सहित अन्य बच्चों को दवा पिलाकर अभियान की शुरूआत की गई। कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग द्वारा जिला अस्पताल में बच्चों को पोलियो ड्राप्स पिलाकर किया गया।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ मुकेश मीणा ने बताया कि जिले में शत प्रतिशत कव्हरेज के लिए 1 लाख 44 हजार बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के पहले दिन शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को बूथ पर दवा पिलाने के लिए 661 बूथ बनाये गये है। इसके साथ ही ऐसी बसाहटे जहां बच्चो की संख्या कम है, उनके लिए बूथ-डे पर दवा पिलाने हेतु 235 टीमे लगाई गई है, जो पहले दिन ऐसी बसाहटो के बच्चों को घर-घर जाकर दवा पिलायेगी। उन्होने कहा कि 24 ट्रांजिस्ट टीमे एवं 7 मोबाइल टीमे दवा पिलाने के लिए लगाई गई है। बूथ-डे पर 80 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में कुल 927 टीमे बनाई गई है जो अभियान के दूसरे एवं तीसरे दिन अपने-अपने आवंटित क्षेत्र में शेष रहे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का कार्य करेंगी।
अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कराहल में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती उर्मिला डोभास्कर द्वारा बच्चों को दवा पिलाई गई। इस दौरान बीएमओ सहित अन्य स्टॉफ उपस्थित रहा।
विधायक ने जाटखेडा में पिलाई पोलियो की दवा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत श्योपुर विधायक श्री बाबू जण्डेल द्वारा जाटखेड़ा माता जी के पास स्थित आगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की एएनएम एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका आदि उपस्थित थी।
लगभग 1 लाख 5 हजार बच्चों को पिलाई गई पोलियो की दवा
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पहले दिन बूथ डे पर लगभग 1 लाख 5 हजार 643 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग के उप मीडिया अधिकारी श्री आरबी शाक्य ने बताया कि अभियान के पहले दिन लगभग 1 लाख 5 हजार 643 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई।

इस दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएन सक्सैना,  बिहारी सिंह सोलकी,  जयदीप तोमर, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ मुकेश मीणा, डॉ केएल पचौरिया, डीपीएम  सौमित्र बुधोलिया, बीसीएम  अमित श्रीवास, उप मीडिया अधिकारी  आरबी शाक्य, स्काउट एवं गाईड से जुडे  बुन्दू खान सहित अस्पताल का स्टॉफ उपस्थित था।
क्रमांक 217/2024 फोटो क्र.01 से 09 तक

जिला जेल के आवासीय परिसर में लगाया पोलियो बूथ
श्योपुर
राष्ट्रीय पल्स पोलियों कार्यक्रम के तहत जिला जेल आवासीय परिसर में पोलियों बूथ पर शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियों की दवा पिलाई गई। इस अवसर पर श्योपुर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, डीएफओ कूनो आर थिरूकुराल, डीएचओ डॉ जेएन सक्सैना, सीएमओ सतीश मटसेनिया,  रविन्द्र कौशल, अधीक्षक जिला जेल  व्हीएस मौर्य द्वारा अभियान के तहत बच्चों को पोलियों ड्राप्स पिलाई गई। जेल कॉलोनी में पल्स पोलियो अभियान के तहत जेलर  व्हीएस मौर्य के नेतृत्व में पल्स पोलियो बूथ पर 70 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई।

सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम कार्य में बाधा पहुंचाने पर एफआईआर दर्ज

श्योपुर, 22 -6-2024
नगरपालिका श्योपुर के अमले द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के विक्रय को प्रतिबंधित करने हेतु की जा रही कार्यवाही के दौरान कार्य में बाधा पहुंचाने तथा नगरपालिका अमले के साथ अभद्रता करने के मामले में पुलिस कोतवाली श्योपुर में संबंधित के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियो के निर्देश पर नगरपालिका अमले द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के विक्रय को प्रतिबंधित करने हेतु कार्यवाही की जा रही थी, नगरपालिका की टीम मुख्य बाजार से होकर पुल दरवाजा के पास पहुंची तभी अग्रवाल डिस्पोजल के संचालक द्वारा नगरपालिका के अमले के साथ अभद्रता की गई तथा जान से मारने की धमकी देकर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई, इस मामले में अग्रवाल डिस्पोजल के संचालक के विरूद्ध धारा 341, 353, 294, 506बी के तहत अपराध क्र. 284/24 दर्ज किया गया है।

किसान अपनी आवाज़ बुलंद रखें समर्थन मूल्य की कानूनन गारंटी किसानों को मिलने की अनुकूल परिस्थिति निर्मित हुई हैं – जगजीत सिंह डल्लेवाल

श्योपुर:दिनांक 21-6-2024
समर्थन मूल्य की वैधानिक गारंटी पूर्ण करजमुक्ति की मांगों के लिए 13 फरवरी से पंजाब के शंभु बॉर्डर और दातासिंह बॉर्डर पर दिल्ली आने से सरकार द्वारा रोके जाने पर मोर्चा लगाए बैठे किसान आंदोलन के प्रमुख स्तम्भ सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल अभिमन्यु कोहाड़ सहित विभिन्न किसान यूनियन के 8 शीर्ष नेता देश के विभिन्न राज्यों में सही समय पर आंदोलन को तीव्र करने के दृष्टिगत विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं।
इसी क्रम में कल श्योपुर आगमन पर स्वामीनाथन कमेटी की अनुशंसा अनुसार C2 +50 प्रतिशत की दर से अधिसूचित फसलों की MSP गारंटी कानून व किसानों की एक मुश्त ऋण मुक्ति सहित अन्य मांगों के राष्ट्रव्यापी किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं का संयुक्त किसान मोर्चा श्योपुर के किसान नेताओं ने अतिथियों की आगवानी कर स्वागत किया और किसान आंदोलन की मध्य्प्रदेश व श्योपुर जिले की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।
किसान नेता सरदार जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि हमारी वर्षों पुरानी msp गारंटी कानून की मांग के पूर्ण होने की सर्वाधिक अनुकूल परिस्थितियां वर्तमान राजनैतिक हालातो में देश मे निर्मित हुई हैं। जहां पहले किसान आंदोलन के लोगों को सरकार खालिस्तानी माओवादी कहकर बदनाम करती थी अब सरकार भी किसान किसान पुकारने लगी है।
ऐसे में किसानों को 4 महीने से पंजाब हरियाणा बॉर्डर्स पर चल रहे किसान आंदोलन को अपना मजबूत सक्रिय समर्थन देकर लंबित मांगों को पूर्ण करने की दिशा में पुरजोर प्रयास करना चाहिये।
किसान आंदोलन के युवा चेहरा अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि सरकार कहती है कि MSP कानून बनाने से कई लाख करोड़ का आर्थिक बोझ सरकार पर पडेगा लेकिन लाखों करोड़ का खाद्य तेल और दालें सरकार प्रतिवर्ष आयात कर जो खर्च उस पर करती है उतनी राशि को MSP गारंटी मद में ख़र्च करके देश की खाध पदार्थो की आयात निर्भरता समाप्त कर सकती है और किसानों की MSP गारंटी की मांग को भी पूरा किया जा सकता है। इन्हीं मांगों को मजबूती देने हम जयपुर श्योपूर अशोकनगर में मीटिंग प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए महाराष्ट्र के मालेगांव में सभा करेंगे तदुपरांत कर्नाटक में 70 किसान संगठनों के साथ आगामी योजना बनाएंगे साथ ही NDA सरकार के घटक दलों के दो प्रमुख सहयोगी नीतीश कुमार एवं चंद्रबाबू नायडू से भेंट कर MSP गारंटी कानून व किसानों की पूर्ण ऋण मुक्ति की मांग पूरी करने का दबाव वर्तमान सरकार पर बनाने अथवा सरकार से बाहर आने की मांग करेंगे।
किसान नेताओं ने श्योपुर किसान आंदोलन से जुड़े सभी किसान संगठनों और किसान नेताओं की भूमिका की प्रशंसा की और अपनी मांगों को पूरी एकजुटता के साथ मनवाने के लिए संगठित होकर आंदोलन को श्योपुर सहित पूरे मजबूत करने का आव्हान किया।
जनजागरण यात्रा में श्योपुर पहुंचे किसान नेताओं के स्वागत के लिए उपस्थित सँयुक्त किसान मोर्चा जिला संयोजक अनिल सिंह महामंत्री विजय शंकर एडवोकेट सरदार रेशम सिंह भाकियू जिलाध्यक्ष हरपाल सिंह , छोटे सिंह, वरियाम सिंह, हरदेव सिंह,देवेंद्र सिंह, हरजीत सिंह, विक्रम सिंह आदि किसान मौजूद थे

कूनो नेशनल पार्क चीता कर्मचारियो की हडताल युवा बोले कसाई नही हम चीता रूट ट्रेटिंग के साथ मांस कटवाने की रखी जा रही शर्त

श्योपुर खबर कूनो नैशनल पार्क की है जहां जानवरों के लिए आए मांस में से वहां के डाक्टर खाते है मांस सडाबुसा मांस खिलाते है चीतों को

 

खबर कूनो नेशनल पार्क की है जहां से चीतों के बडे बाडे है ट्रेक रूट चेक करने वाले कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी हैं हड़ताल की बजह सुनकर चौंक जाएंगे आप आजादी के समय मंगल पांडे से जो कार्य अंग्रेजों ने करवाया था वही कार्य अब ट्रेक रूट कर्मचारियों से कूनो प्रबंधक करवाना चाहता है। कर्मचारियों को कसाई बनाकर भैंस पाडा और बकरे का मांस कटवाना चाहता है जिसका युवाओं ने विरोध किया तो उन्हें नोकरी से निकाल दिया जब युवाओं से वाकया जानना चाहा तो बताया कि कसाई नही हिन्दू हे हम मांस नही काटेगें हम चीतों के लिए आएमांस को वहां के पदस्थ डाक्टर खाते है और सड़ा बुसा मांस चीतों को खिलाते हैं जब कि इस कार्य के लिए अलग भर्ती की जा सकती है किंतु नहीं रुपये बचाने के चक्कर में कूनो प्रबंधक युवाओं को ही कसाई बनना चाहता है