Monday, April 6, 2026
Home Blog Page 71

दिव्यांगजनो के मेडिकल बोर्ड से सर्टिफिकेट बनाये जाने शिविर लगेंगे 27 को वीरपुर, 29 को विजयपुर में लगेंगे शिविर

श्योपुर, 24 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा दिये गये निर्देशो के अनुसार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा श्योपुर जिले में 4 स्थानों पर दिव्यांगजनों के मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग सर्टिफिकेट यूडीआईडी कार्ड बनाये जाने हेतु शिविर लगाये जा रहे है। यह शिविर 27 मार्च को पंचायत भवन वीरपुर में, 29 मार्च को जनपद पंचायत कार्यालय विजयपुर में, 3 अपै्रल को जनपद पंचायत कार्यालय कराहल में तथा 8 अप्रैल को नगर परिषद कार्यालय बडौदा में लगायें जायेंगे
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जनपद पंचायतो के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं नगरपालिका तथा नगर परिषद के सीएमओ को निर्देश दिये है कि उक्त तिथियो में ग्राम पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायको के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजन जिनके प्रमाण पत्र नही बने है, उन्हें शिविर स्थल पर पहुंचाना सुनिश्चित करे। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र में वार्ड प्रभारियों को जिम्मेदारी सौपी गई है। उक्त शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश सीईओ और सीएमओ को दिये गये है।

सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं सभी त्योहार -कलेक्टर | नवदुर्गा, ईद एवं रामनवमी को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित

श्योपुर, 24 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा कि जिले में सभी त्यौहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाये जाने की परम्परा के अनुरूप भाईचारे के साथ नवदुर्गा, ईद, रामनवमी, गणगौर, महावीर जयंती, अम्बेडकर जयंती आदि त्यौहार मनाये जायें। उन्होंने त्योहारों के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए। वे आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नवदुर्गा, ईदुलफितर, रामनवमी, गणगौर, महावीर जयंती, अम्बेडकर जंयती आदि को लेकर शांति समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि नवदुर्गा, ईदुलफितर, रामनवमी, गणगौर, महावीर जयंती तथा अम्बेडकर जंयती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाए तथा नवदुर्गा के दौरान मंदिरो के आसपास साफ-सफाई कराई जाये। इसी प्रकार ईदुलफितर पर ईदगाह की ओर जाने वाले रास्तों पर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाए। ईदगाह पर वाहनों के लिए पार्किंग स्थल का निर्धारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ईद के दिन बिजली की व्यवस्था सुचारू रखी जाए तथा नलों के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शहरकाजी के जुलूस के रूप में ईदगाह पहुंचने वाले मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाए। उन्होंने कहा कि शहर के जिन स्थानों पर ईद की नमाज होगी उनके आसपास भी साफ-सफाई की जाए। इसी प्रकार 6 अप्रैल को रामनवमी पर आयोजित जुलूस के मार्ग में साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किये जायें तथा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जायें। इसी प्रकार 30 मार्च से नवदुर्गा एवं 31 मार्च से शुरू होने वाले गणगौर उत्सव के दौरान भी सभी इंतजाम सुनिश्चित किये जायें। महावीर जंयती के अवसर पर 10 अप्रैल को सरावगी मोहल्ले से निकलने वाले जुलूस, हनुमान जयंती पर 12 अपै्रल को तथा अम्बेडकर जंयती 14अप्रैल  के अवसर पर आयोजित जुलूस मार्ग पर भी सफाई के विशेष इंतजाम किये जायें। इसके अलावा बोहरा समुदाय की ईद को दृष्टिगत रखते हुए बोहरा बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई कराने तथा सुलभ आवागमन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये।
पुलिस अधीक्षक  वीरेन्द्र जैन ने बताया कि नवदुर्गा, ईदुलफितर, रामनवमी, गणगौर उत्सव, महावीर जयंती, हनुमान जयंती एवं अम्बेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों एवं जुलूस के दौरान पुलिस सुरक्षा के सभी इंतजाम किए जायेंगे। शहर में जिन स्थानों पर नमाज अदा की जाएगी वहां पर्याप्त पुलिसबल तैनात किया जाएगा। एसडीएम एवं एसडीओपी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वय करेंगे। ईदगाह पर पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी तथा ईदगाह पर पर्याप्त संख्या में पुलिसबल तैनात रहेगा। इसी प्रकार रामनवमी पर आयोजित जुलूस के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था चॉक-चौबंद रहेगी, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को डॉ भीमराव अम्बेडकर जंयती पर आयोजित जुलूस तथा गणगौर मेले के दौरान भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये जायेगे।
शहरकाजी अतीक उल्लाह कुरैशी ने बताया कि चॉद दिखने के आधार पर 31 मार्च अथवा 01अप्रैल को ईदुलफितर की नमाज ईदगाह पर प्रातः 09 बजे होगी। इसके अलावा जामा मजिस्द में 8.30 बजे, मस्जिद कुमैदान में 8.45 बजे, बडा इमामबाडा पर 7.45 बजे, मस्जिद खान सैय्यद किला 8 बजे, मस्जिद बस स्टैण्ड के पीछे 8.30 बजे, सलापुरा में 8.15 बजे एवं मस्जिद नारनौल किला में 9.15 बजे नमाज होगी।
श्रीराम जन्मोत्सव समिति के सचिव  सतीश सिंहल ने बताया कि 6 अप्रैल को रामनवमी पर श्रीराम मंदिर किला परिसर से सांय 04 बजे जुलूस निकाला जायेगा। यह जुलूस मैन बाजार होकर श्री रामतलाई हनुमान मंदिर पर पहुंचेगा तथा आरती के उपरांत जुलूस वापस श्रीराम मंदिर पर रात्रि 11 बजे तक पहुंचेगा। खण्डेलवाल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष सुरेशचंद जैन ने बताया कि महावीर जयंती पर 10 अप्रैल को सकल जैन समाज का प्रातः 8 बजे से जुलूस निकलेगा। बजरंग दल के जिला संयोजक कुलदीप सिंह सिसौदिया ने बताया कि 12अप्रैल को हनुमान जंयती के अवसर पर मेला ग्रांउड से जुलूस निकलेगा। कांशीराम सेंगर ने बताया कि 14 अप्रैल को बाबा साहब अम्बेडकर की जंयती अवसर पर अम्बेडकर पार्क, गांधी नगर, चैनपुरा बगवाज तथा अन्य स्थानों से जुलूस आयोजित होगे।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम  मनोज गढवाल, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवम्
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, पूर्व विधायक  दुर्गालाल विजय, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष श्रीमती मिथलेश तोमर, बसपा जिला अध्यक्ष गंगाधर जाटव, अंजुमन सदर शब्बीर नागौरी, विश्व हिन्दु परिषद महामंत्री विष्णु कुमार गर्ग, गणेश संस्थान अध्यक्ष रामस्वरूप गर्ग, सचिव सेवा भारती प्रद्युमन शर्मा, बक्फ बोर्ड जिलाध्यक्ष काजी असद उल्ला कुर्रेशी, मोहम्मद चीनी कुरैशी, श्रीमती उमा शर्मा,  बुन्दु खा,  जयदीप तोमर, शेरू धूलिया, जुगराज बैरवा, मोहम्मद साबीर,  अनवर रंगरेज,  शिशुपाल मीणा,  हनीफ भाई, अब्दुल लतीफ,  अखिलेश भदौरिया,  कृष्णकांत उपाध्याय, विधायक प्रतिनिधि  शहजाद अली,  रजाक खान,  हाफिज मोहम्मद आदिल आदि उपस्थित थे।

 

गौशालाओं में पानी, बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करें, खाद्य सामग्री की शुद्धता की नियमित जांच करें, पंजीयन के लिए कैम्प लगायें समय सीमा की बैठक आयोजित

श्योपुर, 24 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा है कि जिले में संचालित सभी गौशालाओं में पानी, बिजली की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जायें तथा गौशालाओं का पंजीयन करायें, इसके साथ ही जिले में कस्बा स्तर पर संचालित खाद्य सामग्री की शुद्धता की जांच भी नियमित रूप से की जायें तथा खाद्य सामग्री के सैम्पल लिये जायें। इसके साथ ही खाद्य वस्तुओं सामग्री का विक्रय करने वाले दुकानदारों के पंजीयन करने हेतु कैम्प लगाये जायें। वे आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्देश दिये कि गौशालाओं में पानी एवं बिजली की उपलब्धता के संबंध में पशुपालन विभाग द्वारा सूची उपलब्ध कराई जाये। सीईओ जिला पंचायत श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि मनरेगा के तहत जिले में 43 गौशालाएं स्वीकृत हुई थी, जिनमें से 41 पूर्ण हो गई है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने पीएचई अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्राम ढेगदा में नलजल योजना अंतर्गत पेयजल टंकी के विधुत कनेक्शन को शहरी क्षेत्र की बिजली से जोडने के लिए स्टीमेंट बनाकर प्रस्ताव भेजा जायें। सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण लालजीराम मीणा को निर्देश दिये कि आहार अनुदान योजना के तहत समस्याओं के निराकरण एवं नवीन स्वीकृति के लिए ग्राम स्तर पर कैम्प आयोजित किये जायें। उन्होने पीडीएस दुकानों से खाद्यान वितरण प्रणाली की सतत् निगरानी करने के निर्देश दिये तथा लापरवाही करने वाले पीडीएस विक्रेताओं पर कार्यवाही करने हेतु भी निर्देशित किया गया। कराहल विकासखण्ड के ग्राम निचलीखोरी में सडक निर्माण के संबंध में पीएमजीएसवाय के महाप्रबंधक सतेन्द्र चौहान ने जानकारी दी कि पीएम जनमन योजना के तहत उक्त सडक मार्ग को शामिल करते हुए स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल को निर्देश दिये कि नगरपालिका के शव वाहन के अतिरिक्त आवश्यकता पडने पर अस्पताल में उपलब्ध शव वाहन का भी उपयोग किया जायें। इसके साथ ही बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि गत माह जिले की रैकिंग 17 रही है, सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की ग्रेडिंग में ए रैंक प्राप्त करें तथा अगले माह टॉप-10 रैकिंग में आने का लक्ष्य रखकर शिकायतों का अधिक से अधिक सकारात्मक निदान सुनिश्चित करें।
एम्बुलेंस मामले में एजेंसी को नोटिस जारी
समय सीमा की बैठक के दौरान सीएमएचओ डॉ दिलीप सिकरवार ने बताया कि एम्बुलेंस से सवारियां ढोने के मामले में भोपाल स्तर पर एमडी द्वारा संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है, साथ ही इस माह का पेंमेंट भी होल्ड कर दिया गया है। उन्होने बताया कि एम्बुलेंस के ड्रायवर को टर्मिनेट करने की कार्यवाही भी की गई है।

संभल में क्या बोले अधिकारी नेजा मेले की नहीं दी अनुमति

संभल में हर साल होली के दूसरे मंगलवार को आयोजित होने वाले नेजा मेले को लेकर इस बार बड़ा विवाद खड़ा हो गया है|

प्रशासन ने इसे ‘देशद्रोह’ करार देते हुए रोक लगा दी, जिसके बाद मेले की आयोजन समिति और प्रशासन आमने-सामने हैं | यह मेला सैयद सालार मसूद गाजी की याद में आयोजित किया जाता है, जिनका नाम भारतीय इतिहास में विवादित व्यक्तित्वों में शुमार है. प्रशासन का तर्क है कि सालार मसूद गाजी एक विदेशी आक्रमणकारी थे, जिन्होंने भारत में लूटपाट की थी, जबकि आयोजकों का कहना है कि यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए|
यह विवाद केवल कानूनी या प्रशासनिक नहीं है, बल्कि इसका गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य भी है. इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि इस मामले को ऐतिहासिक घटनाओं के आईने में देखा जाए |

प्रशासन का कहना है कि आक्रमणकारियों की याद में आयोजन नहीं होना चाहिए.
आयोजन समिति इसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा बताकर बचाने की कोशिश कर रही है|

नेजा मेले की ऐतिहासिक जड़ें
संभल जिला जिसका इतिहास 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक जाता है, अनेक राजवंशों और शासकों के अधीन रहा. लोधी और मुगल काल से लेकर अशोक साम्राज्य तक इसका प्रभाव बना रहा. लेकिन सबसे चर्चित ऐतिहासिक घटनाओं में से एक 12वीं शताब्दी में पृथ्वीराज चौहान और सालार मसूद गाजी के बीच हुए युद्ध को माना जाता है. संभल जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली के अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने सालार मसूद गाजी के खिलाफ यहां दो भीषण युद्ध लड़े थे. पहले युद्ध में चौहान की जीत हुई थी, जबकि दूसरे युद्ध में सालार मसूद को बढ़त मिली थी. हालांकि, इन युद्धों के प्रमाण ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं और इन्हें लोककथाओं के रूप में देखा जाता है|
मसूद गाजी और पृथ्वीराज चौहान के युद्ध का वर्णन
इतिहासकार बृजेंद्र मोहन शंखधर की किताब Sambhal: A Historical Survey में इस युद्ध का विस्तार से वर्णन मिलता है. इसके पेज नंबर 9 और 10 पर छपी जानकारी का हिंदी अनुवाद यहां आगे दिया गया है. किताब में लिखा है- “पृथ्वीराज चौहान के संभल में रहने के दौरान, एक दिलचस्प कथा जुड़ी हुई है, जिसे संक्षेप में इस प्रकार बताया जाता है: सैयद पचासे नामक व्यक्ति, जिनकी कब्र मोहल्ला नाला कुस्साबान में है | संभल के किले के भीतर रहते थे. उनकी एक अत्यंत सुंदर कन्या थी, एक दिन संयोगवश राजघराने के एक राजकुमार ने उस लड़की को देखा और उसके प्रति आकर्षित हो गया. सैयद पचासे इस घटना से आक्रोशित होकर तुरंत गजनी पहुंचे और अपनी व्यथा सुनाई. इस पर सुल्तान मसूद की बहन का बेटे सैयद मसूद गाजी ने एक विशाल सेना के साथ मुल्तान, मेरठ और पुरनपुर (अमरोहा) होते हुए संभल पर आक्रमण कर दिया. इस युद्ध में दोनों ओर से हजारों सैनिक मारे गए |

किताब के मुताबिक अंततः संभल के किले पर कब्जा कर लिया गया और पृथ्वीराज चौहान को मैदान छोड़ने पड़ा. कहा जाता है कि अहमद और महमूद, जिनकी कब्रें किले के कुमायूं गेट की पूर्वी दीवार से सटी हुई हैं, इस किले में प्रवेश करने वाले पहले शख्स थे  ये दोनों पृथ्वीराज के पुत्र के साथ युद्ध करते हुए मारे गए. यह भी माना जाता है कि संभल की ओर बढ़ते समय जहां-जहां सालार मसूद गाजी ने डेरा डाला, वहां आज भी मेले आयोजित किए जाते हैं. इनमें मेरठ का नौचंदी मेला, पुरनपुर (अमरोहा) का नेजा मेला, थमला और संभल के मेले प्रमुख हैं. इसके अलावा, कई अन्य स्थानों पर उर्स भी मनाए जाते हैं |
वैसे इस किताब में यह भी लिखा है कि, हालांकि, इस घटना के ऐतिहासिक प्रमाणों पर पूरी तरह भरोसा करना कठिन है, क्योंकि इनमें कुछ प्रमाणिकता की कमी है. फिर भी, इन्हें पूरी तरह कल्पना कहकर खारिज करना भी उचित नहीं होगा. संभल में आज भी बड़ी संख्या में मकबरे, कब्रिस्तान और अन्य पुरानी संरचनाएं हैं, जिनका गहन अध्ययन किया जाना आवश्यक है|

यह उल्लेखनीय है कि पृथ्वीराज चौहान द्वारा सालार मसूद गाजी पर संभल में विजय प्राप्त करने की स्मृति में ‘ध्वजा उत्सव’ (Dwaja Festival) प्रतिवर्ष मनाया जाता है. इसमें हजारों पुरुष और महिलाएं भाग लेते हैं और झंडे लेकर ढोल-नगाड़ों की ध्वनि के बीच नृत्य करते हैं. यह उत्सव होली के अगले दिन चैत्र मास में आयोजित होता है. इसके तुरंत बाद, सालार मसूद गाजी की अंतिम विजय की स्मृति में ‘नेजा मेला’ आयोजित किया जाता है. यह मेला होली के बाद के पहले मंगलवार को आयोजित होता है. किताब के मुताबिक संभल के किले को जीतने के बाद, सालार मसूद गाजी बहराइच की ओर चला गया, जहां एक और युद्ध में मारा गया|
आपको बता दें कि बृजेंद्र मोहन शंखधर की किताब Sambhal: A Historical Survey 1971 में प्रकाशित हुई थी. यह किताब यूनिवर्सिटी ऑफ कालिकट की वेबसाइट के लाइब्रेरी कैटेलॉग के रिकॉर्ड में मेंशन भी है. इसे यहां क्लिक कर देखा जा सकता है|
अगर आप इस किताब को पढ़ना चाहते हैं, तो यह इंटरनेट आर्काइव पर मौजूद है. इसे यहां क्लिक कर पढ़ा जा सकता है| https://find.uoc.ac.in/Record/365199

क्या होता है नेजा का मतलब?
रेख्ता के अनुसार, नेजा का अर्थ (भाला, बल्लम, कुंत, शंकु, बरछी, कलम का नरकट, एक किस्म का बांस जो सीरिया में पैदा होता है) होता है |

  प्रशासन की सख्ती और नेजा मेले पर विवाद
नेजा मेले की परंपरा के अनुसार, यह आयोजन एक 30 फीट ऊंचे पोल (ढाल) को गाड़ने से शुरू होता है, जिसके शीर्ष पर हरा झंडा लगाया जाता है. यह आयोजन इस्लामी योद्धा सैयद सालार मसूद गाजी की याद में किया जाता है, जिनकी कब्र बहराइच में स्थित है. लेकिन इस साल प्रशासन ने इस मेले को आयोजित करने से साफ इनकार कर दिया. पुलिस प्रशासन का कहना है कि सालार मसूद गाजी भारत पर हमला करने वाले महमूद गजनवी के भांजे थे और उन्होंने सोमनाथ मंदिर सहित कई हिंदू मंदिरों को लूटा था |

संभल के एएसपी श्रीशचंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सोमनाथ मंदिर और हजारों हिंदू मंदिरों को लूटने वाले हमलावर के नाम पर किसी मेले का आयोजन नहीं होगा. जो भी इस लुटेरे के नाम पर आयोजन करेगा, वह भी अपराधी है. यह एक गलत परंपरा थी, जिसे अब खत्म किया जाएगा.” हालांकि, नेजा मेला कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी ने प्रशासन के इस कदम का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि, “यह आयोजन सैकड़ों वर्षों से होता आ रहा है. हमने 10 दिन पहले ही प्रशासन को सूचना दी थी, लेकिन अचानक इसे रोक दिया गया. हम इस मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाएंगे |

नेजा मेले की ऐतिहासिक प्रासंगिकता और वर्तमान बहस
नेजा मेला एक ऐतिहासिक लोक परंपरा रही है, जो समय के साथ धार्मिक और सामाजिक पहचान से जुड़ गई. लेकिन प्रशासन द्वारा इसे प्रतिबंधित करने का निर्णय इस सवाल को जन्म देता है कि क्या किसी ऐतिहासिक व्यक्ति के नाम पर आयोजित परंपरा को बंद किया जाना चाहिए, यदि वह आक्रमणकारी माना जाता हो? भारत में इतिहास को लेकर विभिन्न दृष्टिकोण रहे हैं. कुछ इतिहासकारों के अनुसार, सालार मसूद गाजी एक धार्मिक योद्धा थे, जिनका प्रभाव भारत के उत्तर क्षेत्र में रहा. वहीं, दूसरी दृष्टि से उन्हें एक आक्रमणकारी के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने भारतीय साम्राज्यों पर हमले किए|

संभल में नेजा मेले को रोके जाने का निर्णय केवल एक मेले की अनुमति से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह इतिहास और परंपरा बनाम प्रशासनिक फैसले का मुद्दा बन चुका है|

संभल का यह विवाद इतिहास, परंपरा, प्रशासनिक निर्णय और सांप्रदायिक भावनाओं के बीच एक जटिल मुद्दा बन चुका है. प्रशासन इसे भारत विरोधी परंपरा के रूप में देख रहा है, जबकि आयोजक इसे धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा मानते हैं|

यह मामला भविष्य में भी इतिहास और परंपरा पर उठने वाले सवालों का केंद्र बना रह सकता है सवाल यह है कि क्या ऐतिहासिक परंपराओं को आज के नजरिए से परखा जाना चाहिए| या फिर उन्हें सिर्फ परंपरा के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए

इतिहासकारों के मत भी बंटे हुए हैं – कुछ इसे ऐतिहासिक परंपरा मानते हैं तो कुछ इसे लोककथाओं का हिस्सा बताते हैं.

\|

संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त 26 मार्च से 2 अपै्रल तक मुरैना में आयोजित होगा विशाल स्वास्थ्य शिविर

श्योपुर, 23 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में श्योपुर जिले से चिन्हित मरीजो के उपचार हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले में रोगियों के चिन्हांकन हेतु सामुदायिक एवं प्राथमिक अस्पतालो में लगाये गये शिविरों के माध्यम से कुल 8 हजार 108 रोगियों का परीक्षण कर उपचार किया गया तथा 648 रोगी मुरैना शिविर के लिए चिन्हित किये गये है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि श्योपुर जिले में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाकर चिन्हित किये गये सभी रोगियों को मुरैना ले जाने के लिए समन्वय करते हुए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें। इसके लिए जिला स्तर पर सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर को नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा डीपीएम एनआरएलएम  सोहनकृष्ण मुदगल तथा परियोजना अर्थशास्त्री श्रीमती राजेश शर्मा को सहायक नोडल बनाया गया है। इसी प्रकार श्योपुर जिला अस्पताल सहित बीएमओ स्तर पर भी नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। श्योपुर के लिए सीईओ जनपद एसएस भटनागर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेएस राजपूत, बडौदा के लिए सीईओ जनपद श्योपुर एवं बीएमओ डॉ सुनील यादव, कराहल के लिए सीईओ जनपद कराहल राकेश शर्मा एवं बीएमओ डॉ सुरेश सोनी तथा विजयपुर के लिए सीईओ जनपद आफिसर सिंह गुर्जर एवं बीएमओ डॉ एसएन बिंदल को जिम्मेदारी सौपी गई है। रोगियों को ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ ही वाहन प्रभारी भी बनाये गये है।
उल्लेखनीय है कि रोटरी रीजनल मेडीकल मिशन के तहत मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल तक विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जायेगा। इस शिविर में देश के ख्यातिनाम चिकित्सक उपस्थित रहकर पीड़ित मरीजों का उपचार करेंगे। इस शिविर में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के मरीज उपचार हेतु शिविर में उपस्थित हो सकेंगे

चना, सरसों का उपार्जन 25 से, 7 केन्द्र निर्धारित

श्योपुर, 23 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा विपणन वर्ष 2025-26 में ई-उपार्जन पोर्टल पर चना, सरसों फसल की खरीदी के लिए श्योपुर जिले में 7 केन्द्रों का निर्धारण किया गया है। इन केन्द्रों पर खरीदी का कार्य 25 मार्च से शुरू होगा।
समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चने की खरीदी का कार्य श्योपुर में तीन स्थानों पर होगा, सेंट्रल वेयरहाउस श्योपुर प्रथम पर विपणन सहकारी संस्था मर्यादित श्योपुर, सेंट्रल वेयरहाउस द्वितीय जैदा पर सेवा सहकारी संस्था सोईकलां एवं स्टेट वेयरहाउस श्योपुर पर सेवा सहकारी समिति उतनवाड द्वारा खरीदी की जायेगी। इसी प्रकार कराहल स्थित स्टेट वेयरहाउस पर विपणन सहकारी संस्था कराहल, स्टेट वेयरहाउस मंडी बडौदा में वृहत्ताकार सेवा सहकारी संस्था बडौदा, कृषि उपज मंडी वीरपुर में विपणन सहकारी संस्था वीरपुर द्वारा तथा कृषि उपज मंडी विजयपुर में वृहत्ताकार सेवा सहकारी संस्था विजयपुर द्वारा खरीदी का कार्य किया जायेगा। शासन द्वारा चने का समर्थन मूूल्य 5650 तथा सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रूपये निर्धारित किया गया है।

खेतों में नरवाई न जलाएं, नरवाई जलाने से होते है हानिकारक प्रभाव कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की जिले के किसानों से अपील भूसा बनाने कंबाइंड हार्वेस्टर में स्ट्रॉ रीपर या स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम से कराए कटाई

श्योपुर, 23 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेटअर्पित वर्मा ने श्योपुर जिले के किसानों से अपील की है कि खेतो में नरवाई न जलाएं। नरवाई जलाने से हानिकारक प्रभाव होते है तथा कभी-कभी आग लगने की बडी घटनाएं भी हो जाती है, जो कई प्रकार से हानिकारण हो सकती है। इसलिए गेहूं की कटाई के समय कंबाई हॉर्वेस्टर में स्ट्रारीपर अथवा स्ट्रॉ मैनेजमेंट का उपयोग करते हुए कटाई कराई जाये, इससे पशुचारे के लिए भूसा प्राप्त होगा और किसानों को अतिरिक्त आय भी मिलेगी।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा कि रबी सीजन में गेहूं, सरसो, चना आदि फसलों की कटाई के पश्चात किसान फसल के अवशेष या नरवाई उपयोग न करके जलाकर नष्ट कर देते हैं । इससे मृदा में उपस्थित लाभप्रद सूक्ष्म जीवाणु एवं केंचुए नष्ट हो जाते हैं। जिससे खेत में जीवाणु पदार्थ की मात्रा कम होने से मृदा में कठोरता बढ़ रही है, जिसके कारण भूमि की जल धारण क्षमता कम हो जाती है। नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ मिट्टी में कार्बन की मात्रा कम हो जाती है और वातावरण प्रदूषण समस्या बड़ रही है। साथ ही मृदा में नाइट्रोजन फास्फोरस का अनुपात कम हो जाता है। आग लगने से कई बार घरों एवं गांव में आग लगने की संभावना बनी रहती है एवं खेतों की मेड़ों पर लगे पेड़-पौधों आदि को नुकसान पहुंचता है।
नरवाई न जलाने से लाभ
मिट्टी में कार्बनिक मात्रा बनी रहने से मिट्टी में भुरभुरापन बना रहता है। भूमि में उपस्थित केंचुओं की संख्या एवं लाभप्रद सूक्ष्म जीवों की संख्या में बढ़ोतरी होती रहती है। पशुओं के लिए चारे की समस्या नहीं रहती है। मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट नहीं होती है। मिट्टी के जल धारण क्षमता अच्छी बनी रहती है एवं मिट्टी का पीएच मान में भी सुधार होता है।
नरवाई का सही उपयोग करने के तरीके
रोटावेटर मशीन द्वारा खेत को तैयार करते समय फसल अवशेष को बारीक टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। इस प्रकार खेत में फसल अवशेष सड़ना प्रारंभ कर देते हैं तथा लगभग एक माह में आगे बोई जाने वाली फसल को पोषक तत्व दान करते हैं।

परिवहन विभाग की विजयपुर में चैकिंग 7 लाख रूपये से अधिक बकाया टैक्स की वसूली

श्योपुर, 22 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम में गत दिवस जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना कुशवाह के निर्देशन में परिवहन विभाग से श्री राजेश तोमर के नेतृत्व में परिवहन टीम द्वारा विजयपुर में वाहनों एवं स्कूल बसों की चैकिंग करते हुए बालाजी बस से 7 लाख 39 हजार 877 रूपये की बकाया टैक्स वसूली की गई। इसके साथ ही अन्य वाहनों पर चालानी कार्यवाही करते हुए 44 हजार रूपये राजस्व वसूल किया गया।
विजयपुर में परिवहन विभाग द्वारा बालाजी बस पर 7 लाख 39 हजार 877 रूपये टैक्स की बकाया राशि जमा कराने की कार्यवाही की गई। साथ ही बगैर फिटनेस दो बसों पर 10 हजार रूपये, बगैर परमिट एक वाहन पर 12 हजार 500 रूपये तथा अन्य वाहनों पर 11 हजार 500 रूपये के चालान करने की कार्यवाही की गई।

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए पंजीयन 31 मार्च तक 2600 रूपये प्रति क्विंटल पर होगी खरीदी

श्योपुर, 22 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशन में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों के पंजीयन का कार्य जारी है, जिले में 33 पंजीयन केन्द्र बनाये गये है। जिन पर किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। शासन द्वारा 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी की जायेगी, इसके अंतर्गत 2425 रूपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई है, जबकि 175 रूपये प्रति क्विंटल के मान से राज्य सरकार द्वारा किसानों को बोनस दिया जायेगा। इस प्रकार एक क्विंटल के विक्रय पर किसानों को 2600 रूपये प्राप्त होंगे।
फूड आफिसर सुनील शर्मा ने बताया कि पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था श्योपुर जिले की 33 सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर की गई है, इसके साथ ही एम.पी. किसान एप के माध्यम से भी निशुल्क पंजीयन किया जा सकता है। किसान स्वयं के मोबाईल से एम.पी. किसान एप के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर सकते है। इसके अलावा एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे के माध्यम से भी किसान पंजीयन करा सकते है।

5 और चीते कूनो के खुले जंगल में रिलीज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ट्वीट कर दी शुभकामनाएं

 

श्योपुर, 17 मार्च 2025

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क के खुले वन क्षेत्र में 5 और चीतो को छोडे जाने के अवसर पर ट्वीट करते हुए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह सौभाग्य की बात है कि चीतो के पुर्नस्थापन के लिए मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क को चुना गया। उन्होने इसे पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढने का कदम बताते हुए वन्यजीवो के संरक्षण के लिए फॉरेस्ट विभाग को भी बधाई दी है। 

उल्लेखनीय है कि आज 17 मार्च को वन विभाग द्वारा दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता गामिनी और उसके 4 शावक जिनमें दो नर और दो मादा शामिल है तथा इनकी उम्र 12 महीने है, को सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में खजुरी वन क्षेत्र में छोडा गया है। खजुरी वन क्षेत्र अहेरा पर्यटन जोन का हिस्सा है, अब पर्यटन क्षेत्र में चीतो की उपस्थिति के कारण पर्यटको को यात्रा के दौरान चीता देखने को अधिक अवसर प्राप्त होंगे। गामिनी और उसके चार शावकों को खुले जंगल में छोडने के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में 17 चीते (11 शावक सहित) हो गये है तथा सभी चीते स्वस्थ है और स्वछंद विचरण कर रहे