Saturday, February 14, 2026
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अब कलेक्ट्रेट में ही मिलेगी खेती-किसानी की हर जानकारी! श्योपुर में खुला ‘किसान सूचना केंद्र’

 

श्योपुर, 05 मई 2025

श्योपुर जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है! अब उन्हें खेती-किसानी और संबंधित विभागों की जानकारी के लिए अलग-अलग भटकना नहीं पड़ेगा। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की पहल पर, किसानों को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक जानकारी और योजनाओं का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट में एक विशेष ‘किसान सूचना केंद्र’ स्थापित किया गया है।

यह अभिनव केंद्र शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा, जहां किसान अपनी कृषि संबंधी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान पा सकेंगे।

इस केंद्र की खासियत यह है कि यहां सप्ताह के हर दिन अलग-अलग विभाग के विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। सोमवार को कृषि विभाग, मंगलवार को उद्यानिकी विभाग, बुधवार को पशुपालन विभाग, गुरुवार को मत्स्य विभाग और शुक्रवार को सहकारिता विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर रहेंगे।

ये अधिकारी अपने-अपने विभागों में संचालित योजनाओं से संबंधित पंपलेट, आवेदन फार्म और तकनीकी जानकारी के साथ उपस्थित रहेंगे। किसान सूचना केंद्र के माध्यम से किसानों को इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी और उन्हें लाभ दिलाने के लिए आवश्यक सहयोग और तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

कलेक्टर अर्पित वर्मा का कहना है कि इस केंद्र की स्थापना से किसानों को समय और ऊर्जा की बचत होगी और वे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। यह कदम किसानों को सशक्त बनाने और उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

श्योपुर के किसानों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि यह केंद्र उनकी कृषि यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। अब उन्हें अपनी खेती से जुड़े हर सवाल का जवाब और हर योजना की जानकारी कलेक्ट्रेट में ही मिल सकेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में 5 रुपये में मिलेंगे नए बिजली कनेक्शन: मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

 

मुरैना, 05 मई, 2025

 मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्षितिज सिंघल ने मुरैना, श्योपुर और भिण्ड जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुगम बनाने और पात्र परिवारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि इन जिलों के प्रत्येक गांव में पात्र लोगों को मात्र 05 रुपये में नए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे।

 सिंघल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य इन परिवारों को बिजली कंपनी के नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि वे अपने बच्चों को रोशनी में बेहतर शिक्षा दे सकें और उनके रहन-सहन के स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने प्रत्येक ग्राम में कम से कम 40 नए कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

प्रबंध संचालक ने किसानों को भी राहत देते हुए कहा कि मौजूदा विद्युत नेटवर्क के समीप होने की स्थिति में कृषि पंप कनेक्शन भी 05 रुपये में उपलब्ध कराए जाएंगे।

यह घोषणा सोमवार को मुरैना के चंबल भवन में आयोजित मुरैना, श्योपुर एवं भिण्ड के बिजली कंपनी के मैदानी अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए की गई। इस अवसर पर कंपनी के निदेशक वाणिज्यक  सुधीर कुमार श्रीवास्तव, निदेशक तकनीकी  दीप्तापाल सिंह यादव, मुख्य महाप्रबंधक ग्वालियर क्षेत्र अमित श्रीवास्तव सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान, सिंघल ने उपभोक्ताओं के परिसरों का निरीक्षण कर जले तथा खराब मीटरों को तत्काल बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे उपभोक्ता जिनके परिसर में खराब तथा जले मीटर लगे हैं, उनके परिसर का निरीक्षण कर लोड सर्वे करें और उसके बाद ही उन्हें नियमानुसार आंकलित खपत के देयक जारी किए जाएं।

उन्होंने उपभोक्ताओं की समग्र आईडी के साथ ई-केवायसी कराना सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि उपभोक्ताओं को राज्य शासन की योजनाओं का सही समय पर लाभ मिल सके। मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीण क्षेत्र में पक्के मकानों में निवास करने वाले बड़े घरेलू उपभोक्ताओं का सर्वे करें और यह सुनिश्चित करें कि उन्हें सही देयक मीटर रीडिंग के उपरांत ही मिले।

प्रबंध संचालक ने मीटर वाचकों पर नजर रखने और उपभोक्ताओं को त्रुटिरहित वास्तविक खपत के आधार पर देयक जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बकायादारों के बिजली कनेक्शन को प्रभावी रूप से विच्छेदित करने और अनधिकृत रूप से कनेक्शन जोड़ने वालों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत सख्त कार्रवाई करने के लिए कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा तैयार किए गए रीकनेक्शन डिस्कनेक्शन मॉड्यूल का प्रभावी उपयोग करने का भी निर्देश दिया।

सिंघल ने मैदानी अधिकारियों को 10 मई को मुरैना, श्योपुर एवं भिण्ड में आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक विद्युत संबंधी मामलों का निपटारा कराने के लिए सक्रिय रूप से भाग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे उपभोक्ता जिनके पंचनामे तैयार किए गए हैं और कोर्ट में लंबित हैं, उन्हें न्यायालय के माध्यम से समन जारी कराए जाएं।

उन्होंने फॉल्स बिलिंग के निराकरण के लिए मैदानी स्तर पर कमेटी निर्माण के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से गलत और फॉल्स बिलिंग को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने मैदानी अधिकारियों से उपभोक्ताओं को समय पर बिल भुगतान के लिए प्रेरित करने और सही समय पर बिल जमा नहीं करने पर लगने वाले सरचार्ज से होने वाले नुकसान से अवगत कराने का भी आग्रह किया।

प्रबंध संचालक ने स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को होने वाले लाभ की जानकारी देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित खराब या टूटी-फूटी सर्विस लाइन को कंपनी द्वारा बदला जाएगा और इसका खर्च शेड्यूल ऑफ रेट्स के अनुसार उपभोक्ताओं से वसूल किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आरडीएसएस योजना एवं एसएसटीडी योजना तथा अन्य योजनाओं के विद्युतीय निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई और सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

पटवारी और सचिव अब मंगलवार-गुरूवार को रहेंगे ‘जनता दरबार’ में हाज़िर, कलेक्टर की ‘चौपाल’ से गायब उपयंत्री को नोटिस!

 

श्योपुर, 05 मई 2025:

श्योपुर के कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अब सरकारी कामकाज को जनता के और करीब लाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने फरमान जारी किया है कि जिले के सभी पंचायत सचिव और पटवारी हर हफ्ते के दो दिन, मंगलवार और गुरूवार को, अपने-अपने मुख्यालयों पर ‘जनता दरबार’ लगाएंगे। सुबह 10.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक ये अधिकारी गांव में ही मौजूद रहेंगे और लोगों के राजस्व तथा पंचायत संबंधी कामों को निपटाएंगे। कलेक्टर साहब ने साफ कर दिया है कि इन दिनों में जो भी पटवारी या सचिव अपनी सीट से गायब मिला, उसकी खैर नहीं!

आज कलेक्ट्रेट में हुई ‘समय सीमा’ की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को ये सख्त निर्देश दिए। बैठक के दौरान एक और दिलचस्प वाकया हुआ। हाउसिंग बोर्ड के उपयंत्री मोहम्मद आमिर सोहेल बैठक से नदारद थे, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दे दिया। लगता है कलेक्टर साहब अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं!

कलेक्टर वर्मा ने जिला पंचायत और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी सचिवों और पटवारियों को इस नए नियम से अवगत करा दें। उन्होंने कहा कि वे खुद भी अचानक गांवों का दौरा करेंगे और देखेंगे कि कौन अधिकारी निर्देशों का पालन कर रहा है और कौन नहीं। जो भी अधिकारी पंचायत मुख्यालयों पर बैठकर लोगों के काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ ‘कठोर कार्यवाही’ की जाएगी।

दिव्यांगों के लिए लगेगी ‘सर्टिफिकेट फैक्ट्री’ और अस्पतालों में मिलेगा ‘ठंडा पानी’!

कलेक्टर साहब यहीं नहीं रुके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिलीप सिकरवार को निर्देश दिए कि विजयपुर एवं सहसराम में दिव्यांगों के लिए मेडिकल बोर्ड के माध्यम से सर्टिफिकेट बनाने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कैंपों की तारीखें पहले से तय कर ली जाएं और जनपद पंचायत के माध्यम से जमकर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद छूट न जाए। इसके अलावा, उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में पीने के पानी का समुचित इंतजाम करने को भी कहा। जहां जरूरत हो, वहां वाटर कूलर लगाए जाएं या फिर पानी के मटके रखकर ‘प्याऊ’ चलाई जाए।

नलजल योजनाओं का ‘हेल्थ चेकअप’ और योजनाओं का ‘पोस्टर प्रचार’!

पीएचई विभाग के ईई शुभम अग्रवाल से कलेक्टर ने विभाग द्वारा चलाई जा रही नलजल योजनाओं की गांववार ‘हेल्थ रिपोर्ट’ मांगी है। उन्होंने कहा कि जिस गांव में योजना बिजली या किसी और तकनीकी दिक्कत से बंद है, उसका कारण साफ-साफ लिखा जाए ताकि अलग से बैठक कर उस समस्या का ‘ऑपरेशन’ किया जा सके।

पोषण आहार अनुदान योजना का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचे, इसके लिए कलेक्टर ने ‘पोस्टर प्रचार’ का आदेश दिया। पंचायतों और गांवों में पोस्टर लगाकर लोगों को योजना की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही एक मोबाइल नंबर भी जारी करने को कहा गया है, जिस पर लोग व्हाट्सएप या कॉल करके योजना का लाभ लेने के बारे में पूछ सकें। सुकन्या समृद्धि योजना का भी जमकर प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।

जल गंगा संवर्धन अभियान: कुएं-बावडियों की ‘मरम्मत’ और रिचार्ज शाफ्ट का ‘प्रोग्रेस रिपोर्ट’!

अंत में, कलेक्टर  ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कुओं और बावडियों की ‘मरम्मत’ और ‘जीर्णोद्धार’ को प्राथमिकता देने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण विकास विभाग और शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय इस काम को करेंगे। रिचार्ज शाफ्ट के काम की समीक्षा करते हुए परियोजना अधिकारी श्री विक्रम जाट ने बताया कि 85 में से 45 बन चुके हैं और बाकी पर काम चल रहा है। लक्ष्य के अनुसार 100 डकवेल कार्यों की स्वीकृति भी जारी कर दी गई है।

कुल मिलाकर, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने आज की बैठक में कई महत्वपूर्ण और दिलचस्प निर्देश दिए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ने वाला है। अब देखना यह है कि इन निर्देशों का पालन कितनी ईमानदारी से होता है!

श्योपुर RTO ऑफिस में ‘दलाल राज’! बिना रिश्वत के नहीं होता कोई काम

1000 से 5000 रुपये की ‘फीस’ नहीं दी, तो बाबू छूते भी नहीं कागज़!

बिना रिश्वत के नहीं होता कोई काम!

गाड़ी ट्रांसफर हो या नया रजिस्ट्रेशन, बिना ₹1000 से ₹5000 के ‘नगद चढ़ावे’ के कोई काम नहीं होता। बाबू कागज़ तक नहीं छूते, दलालों के बिना काम नहीं चलता।

 क्या यह लोकतंत्र है? भ्रष्टाचार का विरोध करें!

श्योपुर, दिनांक 2/5/25 
जिला परिवहन कार्यालय श्योपुर अब सरकारी नहीं, दलालों की जागीर बन चुका है। चाहे वाहन का रजिस्ट्रेशन हो या ट्रांसफर, आम जनता को काम करवाने के लिए 1000 से 5000 रुपये की ‘नगद चढ़ावा’ चढ़ाना पड़ता है। अगर आप सोच रहे हैं कि सीधे दफ्तर जाकर ईमानदारी से कागज़ जमा करा देंगे — तो माफ कीजिए, बाबू आपको घास भी नहीं डालेंगे!

सूत्रों की मानें तो कई बार बाबू लोग जानबूझकर फाइलें लटकाए रखते हैं ताकि लोग थक हार कर दलालों का रुख करें। और अगर कोई व्यक्ति इस दलाली के चक्रव्यूह में न फंसे, तो उस पर ‘सरकारी कार्य में बाधा’ जैसी धाराएं लगाने की धमकी भी दी जाती है।

 वीडियो वायरल, फिर भी कार्रवाई शून्य!

कुछ समय पहले आरटीओ विभाग के अधिकारी का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। हैरानी की बात ये रही कि रिश्वतखोरी कार्यालय में नहीं, एक किराए के मकान में हो रही थी। जवाब में दावा किया गया कि “बसों के चालान का पैसा जमा किया जा रहा था” और वीडियो बनाने वाले पर ब्लैकमेलिंग का आरोप तक लगा दिया गया।

इस मामले में कुछ पत्रकारों ने वीडियो बनाने वाले शख्स के खिलाफ देहात थाने में आवेदन तक दे डाला और उसे घंटों थाने में बैठाए रखा गया। आखिर में दबाव बनाकर वीडियो डिलीट भी करवा दिया गया।

मैं खुद महीनों से फंसा हूं” — वरिष्ठ कांग्रेस नेता का खुलासा

RTO कार्यालय में काम कराने बाले कांग्रेसी नेता  महावीर सिंह गौड़ का बयान खुद विभाग की हकीकत बयां करता है। उन्होंने बताया, “मैं विभाग में जन सेवा करता हूं, फिर भी अपना निजी काम महीनों से नहीं करवा पा रहा, क्योंकि मैंने किसी को रिश्वत नहीं दी। पूरा ऑफिस दलालों के इशारे पर चल रहा है।”

उन्होंने विशेष रूप से संतोष माहौर नामक बाबू पर आरोप लगाए कि वो दिनभर दलालों के चैंबरों में बैठते हैं और आम नागरिकों की फाइलें देखना तक गंवारा नहीं करते।

जब हमारी टीम ने माहौर जी से इस विषय में प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा — “मुझसे मत बात करो, अधिकारी से लो बाइट, फिर पेपर में छापो।”


 सवाल उठता है

क्या श्योपुर परिवहन कार्यालय अब जनता का नहीं, दलालों का केंद्र बन गया है?

कब तक आम आदमी यूं ही फाइलों में पिसता रहेगा?

क्या जिम्मेदार अधिकारी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाएंगे या फिर एक और मामला दबा दिया जाएगा?

कूनो से बड़ी खुशखबरी: नीरवा बनी मां, पांच नन्हे चीतों ने बढ़ाया कुनबा, कुल संख्या 31 हुई

श्योपुर, मध्यप्रदेश  1 मई 2025
कूनो नेशनल पार्क से देशवासियों के लिए एक रोमांचक और गर्व से भरी खबर आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता नीरवा ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इन नन्हे मेहमानों के साथ ही अब कूनो में चीतों और उनके शावकों की कुल संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने  27 अप्रेल रविवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस खबर को साझा करते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा,

कूनो में नए मेहमानों का स्वागत है… अत्यंत प्रसन्नता है कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है।

नीरवा, जिसकी उम्र अब पांच साल है, परियोजना चीता के तहत दक्षिण अफ्रीका से भारत लाई गई थी। यह प्रसव न सिर्फ प्रोजेक्ट चीता की सफलता को दर्शाता है, बल्कि भारत की जैव-विविधता को लेकर किए जा रहे प्रयासों की भी एक शानदार मिसाल है।

सीएम यादव ने इस सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि

वन्य जीव संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश में एक अनुकूल वातावरण बना है, जो अब रंग ला रहा है।

वहीं केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी कूनो टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी है और इसे “पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम” बताया।

दो चीतों को मिला नया घर

इस महीने की शुरुआत में चीतों प्रभाष और पावक को गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया गया था। इससे पहले इन दोनों को कूनो में रखा गया था। इस कदम का उद्देश्य चीतों के लिए और अधिक प्राकृतिक तथा सुरक्षित क्षेत्र विकसित करना है।

 क्या है प्रोजेक्ट चीता?

2022 में शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी परियोजना, विलुप्त हो चुके एशियाई चीतों की जगह अफ्रीकी चीतों को भारत में पुनर्स्थापित करने का प्रयास है। कूनो इसका केंद्र बिंदु है, जहां विशेष निगरानी, पशु चिकित्सकीय देखभाल और प्राकृतिक माहौल दिया जा रहा है।

🌱 भविष्य की उम्मीदें

नीरवा के पांच शावकों का जन्म इस बात का संकेत है कि भारत में चीतों के लिए बनाया गया पारिस्थितिक तंत्र अब अनुकूल और सुरक्षित हो रहा है। यह केवल वन्यजीव प्रेमियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

तो तैयार हो जाइए कूनो के नए नन्हे मेहमानों से मिलने के लिए – क्योंकि ये सिर्फ शावक नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत हैं।

श्योपुर में बिना पंजीयन दूध बेचने पर विक्रेता पर 10 हजार रूपए का जुर्माना

श्योपुर, 01 मई 2025
श्योपुर जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने बिना खाद्य पंजीयन दूध बेचने वाले एक विक्रेता पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने यह कार्रवाई ग्राम कलमी निवासी विष्णु गुर्जर के खिलाफ की। गुर्जर मोटरसाइकिल के माध्यम से श्योपुर शहर में बिना पंजीयन के दूध का विक्रय कर रहे थे।

यह मामला 17 फरवरी 2024 की सुबह 8:30 बजे का है, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा स्टेशन रोड पर जांच की गई। जांच के दौरान पाया गया कि  विष्णु गुर्जर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत आवश्यक पंजीयन के बिना दूध का विक्रय, वितरण और संग्रहण कर रहे थे।

उक्त मामले में अधिनियम की धारा 58 के तहत दोषी पाए जाने पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें 10 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खाद्य वस्तुएं केवल प्रमाणित एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें, ताकि स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचा जा सके।

श्योपुर में 272 जोड़ों ने रचाई शादी, डिजिटल दस्तावेजों के साथ हुआ वैदिक विवाह!


मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत हुआ भव्य आयोजन, 49-49 हजार की आर्थिक सहायता से नवविवाहितों को मिला आत्मनिर्भरता का संबल

श्योपुर, 30 अप्रैल 2025

श्योपुर जिले में मंगलवार को एक भावनात्मक और सामाजिक सौहार्द से भरा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 231 जोड़ें श्योपुर और 41 जोड़ें वीरपुर में एक साथ परिणय सूत्र में बंधे। इस ऐतिहासिक सामूहिक विवाह सम्मेलन में भावनाओं के साथ-साथ आधुनिक तकनीक की झलक भी देखने को मिली।

कार्यक्रम का आयोजन नगर पालिका परिषद एवं जनपद पंचायत श्योपुर के संयुक्त तत्वावधान में, जिला प्रभारी मंत्री  राकेश शुक्ला के मार्गदर्शन और कलेक्टर  अर्पित वर्मा के निर्देशन में किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

तकनीक से जुड़ा विवाह – अब डिजिटल सर्टिफिकेट भी साथ

इस वर्ष सम्मेलन में एक नई पहल करते हुए नवविवाहित जोड़ों के विवाह प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप में भी जारी किया गया, जिसमें QR कोड युक्त डिजिटल सर्टिफिकेट मोबाइल पर भेजे गए। यह प्रमाणपत्र अब भविष्य में पहचान, योजनाओं और सरकारी सुविधाओं के लिए आसानी से उपयोग किए जा सकेंगे।

 नवजीवन की शुरुआत को मिला आर्थिक आधार

राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को ₹49,000 की उपहार राशि का चेक प्रदान किया गया, जिससे उन्हें अपने नए जीवन की शुरुआत में सहायता मिलेगी। यह सहायता पूरी तरह पारदर्शी ढंग से वितरण की गई।

वैदिक रीति, गायत्री परिवार की अगुवाई

सभी विवाह गायत्री परिवार द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण एवं शुद्ध परंपराओं के साथ कराए गए। वर-वधु पक्ष के परिजनों ने पूरे आयोजन में भावनात्मक सहभागिता दिखाई।

नेताओं की प्रतिक्रियाएं:

सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने कहा, “यह योजना सिर्फ आर्थिक नहीं, सामाजिक बदलाव की मिसाल बन रही है। बेटियों को बोझ नहीं, सम्मान समझने की दिशा में यह बड़ा कदम है।”
भाजपा जिला अध्यक्ष शंशाक भूषण ने कहा कि सरकार की यह योजना हर वर्ग को जोड़ रही है, और यह समाज में समरसता का परिचायक है।
पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, नगरपालिका अध्यक्ष रेणु सुजीत गर्ग, जनपद अध्यक्ष शीला मीणा सहित अन्य वक्ताओं ने भी कार्यक्रम को एक “पुण्य कार्य” बताते हुए सरकार की नीतियों की सराहना की।

 आयोजन स्थल पर विशेष व्यवस्था:

विवाह स्थल पर भोजन, पेयजल, छाया, चिकित्सा व बैठने की उचित व्यवस्था की गई थी। किंतु दूल्हे दुल्हन के साथ आए बारातियों को दिन भर तपती धूप में ही इधर से उधर घूमते दिखे अक्सर साथ आए बाराती चम्बल कॉलोनी में गर्मी से बचने हेतू पेड़ों का सहारा लेते दिखे

वीरपुर के मंडी परिसर में भी 41 जोड़ें सामूहिक विवाह में सम्मिलित हुए, जिसमें सहरिया विकास प्राधिकरण अध्यक्ष तुरसनपाल बैरया सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।


 आगामी सम्मेलनों की घोषणा
जनपद अध्यक्ष द्वारा जानकारी दी गई कि ऐसे विवाह सम्मेलन आगे भी आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक जोड़े पूर्व पंजीयन करा कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

गेहूं समर्थन मूल्य पर विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल – अब तक 68 हजार टन की खरीदी

श्योपुर, 29 अप्रैल 2025
श्योपुर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के इच्छुक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऐसे किसान जिन्होंने पहले से पंजीयन करा रखा है लेकिन अब तक स्लॉट बुक नहीं कराया है, वे यह प्रक्रिया जल्द पूर्ण कर लें। गेहूं की खरीदी प्रक्रिया 5 मई तक चलेगी।

अब तक 68 हजार टन गेहूं की सरकारी खरीदी

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के नेतृत्व में जिले के 33 उपार्जन केन्द्रों पर गेहूं खरीदी कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। अब तक 68 हजार मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है।

 स्लॉट बुकिंग में तेजी

फूड ऑफिसर सुनील शर्मा ने जानकारी दी कि अब तक 9,652 किसानों द्वारा स्लॉट बुकिंग कराई जा चुकी है और इन स्लॉट्स के अनुसार खरीदी का कार्य भी जारी है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने पंजीयन तो कराया है पर अभी तक स्लॉट बुक नहीं कराया, वे 30 अप्रैल तक अपनी सुविधानुसार किसी भी उपार्जन केन्द्र पर स्लॉट बुक कर सकते हैं

किसानों से अपील

प्रशासन ने सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे समय रहते स्लॉट बुक कर लें ताकि उन्हें सरकारी समर्थन मूल्य का पूरा लाभ मिल सके और अनावश्यक देरी या असुविधा से बचा जा सके।

“किसानों की सुविधा और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था के लिए स्लॉट बुकिंग प्रणाली लागू की गई है। समय पर स्लॉट बुक कर खरीदी प्रक्रिया में सहयोग करें।” – फूड ऑफिसर सुनील शर्मा

ग्राम लीलदा में अंतिम संस्कार स्थल को लेकर उत्पन्न असमंजस – प्रशासन की त्वरित और शांतिपूर्ण पहल से समाधान

 

श्योपुर, 28 अप्रैल 2025
ग्राम लीलदा (तहसील वीरपुर) में सोमवार को उस समय हल्की असहजता की स्थिति उत्पन्न हो गई जब स्वर्गीय  जगदीश जाटव के अंतिम संस्कार के दौरान परंपरागत शमशान भूमि अनुपलब्ध पाई गई। इस स्थिति में जिला प्रशासन ने त्वरित, संवेदनशील और निष्पक्ष कार्यवाही करते हुए समाधान सुनिश्चित किया।

रेलवे परियोजना के कारण परंपरागत शमशान भूमि अधिग्रहित

रेलवे ब्रॉडगेज परियोजना के चलते ग्राम की पारंपरिक शमशान भूमि अधिग्रहित हो चुकी है। समाजजन ने पास की शासकीय भूमि पर वैकल्पिक दाह-संस्कार की तैयारी की, लेकिन कुछ स्थानीय नागरिकों द्वारा आपत्ति जताए जाने से थोड़ी देर के लिए स्थिति संवेदनशील हो गई।

 प्रशासन की सक्रियता ने दिखाया रास्ता

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम वीरपुर, पुलिस बल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों समाजों के प्रतिनिधियों से शांतिपूर्ण संवाद कर समस्या का समाधान किया गया। अंततः स्वर्गीय श्री जगदीश जाटव का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान और गरिमा के साथ सम्पन्न कराया गया।

🛠️ भविष्य के लिए स्थायी समाधान की ओर कदम

इस अवसर पर प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ग्राम लीलदा में स्थायी शमशान भूमि के चिन्हांकन और विकास का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। सभी संबंधित समाजों से संवाद कर उचित वैकल्पिक भूमि का सीमांकन किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

प्रशासन ने जताया ग्रामवासियों के संयम और सहयोग के लिए आभार

जिला प्रशासन ने ग्रामवासियों के संयम और सौहार्द के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी नागरिकों से शांति, सहयोग और भाईचारे की भावना बनाए रखने की अपील की।

“प्रशासन प्रत्येक नागरिक की परंपराओं, भावनाओं और अधिकारों का सम्मान करता है। हम यह विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में भी जनता की भावनाओं को सर्वोपरि रखते हुए समुचित निर्णय लिए जाते रहेंगे।”

लीलदा में सर्वसम्मति से मुक्तिधाम के लिए भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी – प्रशासन व जनप्रतिनिधि दिखे साथ

ग्राम लीलदा में परंपरागत शमशान भूमि के अधिग्रहण के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर अब स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा मुक्तिधाम के लिए नई भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

सर्वसम्मति से भूमि चयन की पहल

एसडीएम श्री अभिषेक मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व अमला, पुलिस प्रशासन और विभिन्न जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्राम लीलदा में उपयुक्त स्थल के चयन की प्रक्रिया की गई। इस कार्य में ग्रामवासियों की राय और सहमति को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या विवाद की पुनरावृत्ति न हो।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस मौके पर पूर्व मंत्री श्री रामनिवास रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री शंशाक भूषण, वीरपुर मंडल अध्यक्ष श्री आकाश जादौन, एसडीओपी श्री राघवेन्द्र सिंह तोमर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर सुलभ मार्ग और सामुदायिक सहूलियत को ध्यान में रखते हुए संभावित स्थानों का निरीक्षण किया।

 श्रद्धांजलि अर्पित

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हाल ही में बैंगलोर में दुर्घटना में दिवंगत हुए स्व.  जगदीश जाटव के निवास पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और श्रद्धांजलि अर्पित की।

 प्रशासन का संदेश

एसडीएम  मिश्रा ने स्पष्ट किया कि रेलवे ब्रॉडगेज निर्माण के चलते पूर्व मुक्तिधाम की भूमि अब उपलब्ध नहीं है। इस स्थिति में ग्रामवासियों के सहयोग से एक नया, स्थायी और सभी के लिए सुविधाजनक स्थल विकसित किया जाएगा।

“जिला प्रशासन हर वर्ग की धार्मिक परंपराओं का सम्मान करता है और हर परिस्थिति में संवेदनशील तथा त्वरित समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

सीएम राईज स्कूल में लॉटरी से हुआ एडमिशन – पालकों के सामने पारदर्शिता की मिसाल!

श्योपुर, 28 अप्रैल 2025
सीएम राईज विद्यालय, श्योपुर में सोमवार को कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला। विद्यालय में प्रवेश पाने के लिए बच्चों के नामों की लॉटरी निकाली गई – और वो भी पालकों के सामने, बिल्कुल पारदर्शी तरीके से!

विद्यालय के प्राचार्य अशोक खण्डेलवाल ने बताया कि जिन कक्षाओं में आवेदन अधिक थे, वहां बच्चों के नाम चुनने के लिए लॉटरी प्रणाली अपनाई गई। इस दौरान बच्चों के माता-पिता की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया शांति और पारदर्शिता से पूरी की गई।

कितने बच्चों को मिला मौका?

अंग्रेजी माध्यम:

कक्षा 1:- 30 बच्चे ,कक्षा 2 और 3:- 6-6 बच्चे , कक्षा 4:- 14 बच्चे , कक्षा 6: – 50 बच्चे

हिंदी माध्यम:

कक्षा 6 और 7: सभी आवेदक सीधे चयनित (सरकारी स्कूलों की सहमति के साथ)

कक्षा 8: 6 चयनित, 1 प्रतीक्षा सूची में

अब आगे क्या?

चयनित विद्यार्थियों को 2 जून से 6 जून के बीच अपने दस्तावेज़ विद्यालय में जमा करने होंगे।

कौन-कौन रहा मौजूद?

इस आयोजन में बीईओ श्रीमती मधु शर्मा, बीएसी हरिप्रसाद जाटव, प्राचार्य अशोक खंडेलवाल सहित शिक्षकगण, पालक और विद्यालय समिति के सदस्य मौजूद रहे। समिति में  राजेश कुमार शर्मा, नितिन मंगल, श्री विजय कुमार शर्मा,  सोनू जैन,  महावीर गुर्जर व  शुभम शर्मा भी शामिल थे।

विद्यालय की यह पहल न केवल बच्चों के लिए एक ईमानदार अवसर लेकर आई, बल्कि पालकों के मन में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति विश्वास भी और मज़बूत किया