पटवारी और सचिव अब मंगलवार-गुरूवार को रहेंगे ‘जनता दरबार’ में हाज़िर, कलेक्टर की ‘चौपाल’ से गायब उपयंत्री को नोटिस!

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श्योपुर, 05 मई 2025:

श्योपुर के कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अब सरकारी कामकाज को जनता के और करीब लाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने फरमान जारी किया है कि जिले के सभी पंचायत सचिव और पटवारी हर हफ्ते के दो दिन, मंगलवार और गुरूवार को, अपने-अपने मुख्यालयों पर ‘जनता दरबार’ लगाएंगे। सुबह 10.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक ये अधिकारी गांव में ही मौजूद रहेंगे और लोगों के राजस्व तथा पंचायत संबंधी कामों को निपटाएंगे। कलेक्टर साहब ने साफ कर दिया है कि इन दिनों में जो भी पटवारी या सचिव अपनी सीट से गायब मिला, उसकी खैर नहीं!

आज कलेक्ट्रेट में हुई ‘समय सीमा’ की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को ये सख्त निर्देश दिए। बैठक के दौरान एक और दिलचस्प वाकया हुआ। हाउसिंग बोर्ड के उपयंत्री मोहम्मद आमिर सोहेल बैठक से नदारद थे, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दे दिया। लगता है कलेक्टर साहब अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं!

कलेक्टर वर्मा ने जिला पंचायत और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी सचिवों और पटवारियों को इस नए नियम से अवगत करा दें। उन्होंने कहा कि वे खुद भी अचानक गांवों का दौरा करेंगे और देखेंगे कि कौन अधिकारी निर्देशों का पालन कर रहा है और कौन नहीं। जो भी अधिकारी पंचायत मुख्यालयों पर बैठकर लोगों के काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ ‘कठोर कार्यवाही’ की जाएगी।

दिव्यांगों के लिए लगेगी ‘सर्टिफिकेट फैक्ट्री’ और अस्पतालों में मिलेगा ‘ठंडा पानी’!

कलेक्टर साहब यहीं नहीं रुके। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिलीप सिकरवार को निर्देश दिए कि विजयपुर एवं सहसराम में दिव्यांगों के लिए मेडिकल बोर्ड के माध्यम से सर्टिफिकेट बनाने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कैंपों की तारीखें पहले से तय कर ली जाएं और जनपद पंचायत के माध्यम से जमकर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद छूट न जाए। इसके अलावा, उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में पीने के पानी का समुचित इंतजाम करने को भी कहा। जहां जरूरत हो, वहां वाटर कूलर लगाए जाएं या फिर पानी के मटके रखकर ‘प्याऊ’ चलाई जाए।

नलजल योजनाओं का ‘हेल्थ चेकअप’ और योजनाओं का ‘पोस्टर प्रचार’!

पीएचई विभाग के ईई शुभम अग्रवाल से कलेक्टर ने विभाग द्वारा चलाई जा रही नलजल योजनाओं की गांववार ‘हेल्थ रिपोर्ट’ मांगी है। उन्होंने कहा कि जिस गांव में योजना बिजली या किसी और तकनीकी दिक्कत से बंद है, उसका कारण साफ-साफ लिखा जाए ताकि अलग से बैठक कर उस समस्या का ‘ऑपरेशन’ किया जा सके।

पोषण आहार अनुदान योजना का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचे, इसके लिए कलेक्टर ने ‘पोस्टर प्रचार’ का आदेश दिया। पंचायतों और गांवों में पोस्टर लगाकर लोगों को योजना की जानकारी देने को कहा गया है। साथ ही एक मोबाइल नंबर भी जारी करने को कहा गया है, जिस पर लोग व्हाट्सएप या कॉल करके योजना का लाभ लेने के बारे में पूछ सकें। सुकन्या समृद्धि योजना का भी जमकर प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।

जल गंगा संवर्धन अभियान: कुएं-बावडियों की ‘मरम्मत’ और रिचार्ज शाफ्ट का ‘प्रोग्रेस रिपोर्ट’!

अंत में, कलेक्टर  ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हो रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कुओं और बावडियों की ‘मरम्मत’ और ‘जीर्णोद्धार’ को प्राथमिकता देने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण विकास विभाग और शहरी क्षेत्रों में नगरीय निकाय इस काम को करेंगे। रिचार्ज शाफ्ट के काम की समीक्षा करते हुए परियोजना अधिकारी श्री विक्रम जाट ने बताया कि 85 में से 45 बन चुके हैं और बाकी पर काम चल रहा है। लक्ष्य के अनुसार 100 डकवेल कार्यों की स्वीकृति भी जारी कर दी गई है।

कुल मिलाकर, कलेक्टर अर्पित वर्मा ने आज की बैठक में कई महत्वपूर्ण और दिलचस्प निर्देश दिए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ने वाला है। अब देखना यह है कि इन निर्देशों का पालन कितनी ईमानदारी से होता है!

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