Saturday, February 14, 2026
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योग दिवस 21 को, अभ्यास जारी 1 जून से जारी है योगाभ्यास कार्यक्रम, 5 जून को पर्यावरण दिवस पर किया गया पौधरोपण


श्योपुर, 5 जून 2025

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के सफल आयोजन की तैयारियों के तहत श्योपुर जिले में 1 जून से प्रतिदिन योग अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार आयुष विभाग के नेतृत्व में यह आयोजन सतत रूप से चल रहा है।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. जीपी वर्मा ने जानकारी दी कि आयुष विभाग, शिक्षा विभाग एवं योग समिति के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिदिन प्रातः 5:30 बजे से 7:00 बजे तक योगाभ्यास सत्र आयोजित हो रहे हैं। ये कार्यक्रम श्री हजारेश्वर मंदिर प्रांगण, बस स्टैंड पाली रोड, एवं शासकीय पीजी कॉलेज परिसर में चल रहे हैं।

डॉ. वर्मा ने शहरवासियों से अपील की कि वे निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर योग की विभिन्न क्रियाओं एवं आसनों का प्रशिक्षण प्राप्त करें और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष आयोजन

आज 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्री हजारेश्वर मंदिर परिसर में योग अभ्यास के बाद आवंला के पौधे रोपे गए। इसी कड़ी में समस्त आयुष संस्थाओं में भी औषधीय पौधों का रोपण किया गया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई।

इस दौरान प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से संबंधित ‘Bhuvan Yoga App’ (बाय-ब्रेक एप) डाउनलोड करवाया गया, ताकि वे डिजिटल रूप से भी योग अभ्यास में सहभागिता निभा सकें।

पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में पौधरोपण: करंज, नीम, शीशम के पौधे रोपे वनमंडल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान का आयोजन


श्योपुर, 5 जून 2025

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ महाअभियान की शुरुआत गुरुवार को पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय श्योपुर में की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर द्वारा पौधरोपण कर किया गया। इस अभियान के अंतर्गत करंज, नीम, शीशम जैसे बहुउपयोगी और पर्यावरण हितैषी पौधे लगाए गए।

यह महाअभियान सामान्य वन मंडल श्योपुर के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारीगण और विद्यालय परिवार ने भाग लिया।

इस मौके पर सहरिया विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त  सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक  दुर्गालाल विजय, भाजपा जिलाध्यक्ष  शंशाक भूषण सहित अनेक गणमान्य नागरिक, पार्षद एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव श्रीमती वर्षा रघुवंशी मजूमदार, डीएफओ  केएस रंधा, एसडीओ  संजीव कुमार, रेंजर  अजय कुमार वाजपेयी सहित वन विभाग के अधिकारी एवं पीएमश्री विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

सांसद  शिवमंगल सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि “इस वर्ष वन विभाग द्वारा बड़े स्तर पर फलदार व औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा। पर्यावरण की रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपने घर में भी कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।”

डीएफओ  केएस रंधा ने बताया कि इस वर्ष सामान्य वन मंडल द्वारा 10 लाख से अधिक पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें आंवला, हर्रा, बेहड़ा, अर्जुन, महुआ, सागौन, शीशम सहित औषधीय व इमारती पौधे शामिल हैं। साथ ही कई स्थानों पर बांस के पौधे भी लगाए जाएंगे।

वृक्षमित्र जयराम मीणा का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान जिले में वृक्षारोपण के प्रति समर्पित सेवा के लिए वृक्षमित्र जयराम मीणा को सांसद  शिवमंगल सिंह तोमर एवं अतिथियों द्वारा शॉल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि मीणा को राज्य स्तरीय “अमृता देवी विश्नोई पर्यावरण पुरस्कार” से भी नवाजा जा चुका है।

खाद-बीज की गुणवत्ता जांच को लेकर कृषि विभाग ने लिये सेंपल


श्योपुर, 04 जून 2025

जिले में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा खाद और बीज की दुकानों से सेंपल लेकर जांच की कार्यवाही की गई। यह कार्रवाई कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई। यह मुद्दा 2 दिन से सोसल मिडिया पर किसानो द्वारा गरमाया हुआ था और आज सेम्पल लिए गए 

प्रशासन किसानो के हित में निश्पच कार्यवाही करेगा या फिर फैले कही दब कर रह जाएगी  

कुल 7 सेंपल लिये गये
उप संचालक कृषि  जी.के. पचौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आज 05 बीज एवं 02 उर्वरकों के सेंपल लिये गये। ये सेंपल श्योपुर शहर की विभिन्न कृषि दुकानों से एकत्र किए गए हैं।

किन दुकानों से लिये गये सेंपल
सेम्पल जिन विक्रय केन्द्रों से लिए गए, उनमें मैसर्स जीवन फर्टीलाइजर्स, श्री राम खाद भंडार, विश्नोई खाद बीज भंडार और श्री श्याम कृषि सेवा केन्द्र (सभी बड़ौदा रोड, श्योपुर स्थित) शामिल हैं।

परीक्षण हेतु भेजे गये सेंपल
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी शरद रघुवंशी एवं कृषि विस्तार अधिकारी नान सिंह किराडे द्वारा इन दुकानों से सेम्पल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। सेम्पल के विश्लेषण परिणाम प्राप्त होने के बाद गुणवत्ता संबंधी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के हित में सख्ती
कृषि विभाग ने साफ किया है कि किसानों को गुणवत्ताहीन बीज या खाद बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए यह कदम किसानों के हित में उठाया गया है।

सरकार की सतर्कता
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि किसान हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी।

ईदुज्जुहा को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित – डीएम बोले, सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाएं पर्व

श्योपुर, 04 जून 2025
ईदुज्जुहा पर्व को लेकर जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने कहा कि आगामी 7 जून को ईदुज्जुहा का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। उन्होंने सभी समुदायों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट या वीडियो से परहेज करने की अपील की।

बैठक में कलेक्टर वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईद के अवसर पर ईदगाह और अन्य नमाज स्थलों पर साफ-सफाई, पानी के टैंकर, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने 6 जून को दाउदी बोहरा समाज की ईद के लिए भी बोहरा बाजार मस्जिद के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

ईदगाह पर विशेष इंतजाम, सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने बताया कि ईदगाह एवं अन्य नमाज स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। उन्होंने कहा कि ईदगाह पर अलग से वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है और सभी नमाजियों से आग्रह किया गया कि वे अपने वाहन निर्धारित स्थान पर ही पार्क करें, ताकि यातायात व्यवस्था बनी रहे।

नमाज के समय घोषित

शहर काजी अतीक उल्ला कुरैशी ने बताया कि 7 जून को ईदुज्जुहा की नमाज ईदगाह पर सुबह 8:30 बजे अदा की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न मस्जिदों में नमाज के समय इस प्रकार रहेंगे:

  • जामा मस्जिद – सुबह 7:15 बजे

  • खान सैय्यद किला मस्जिद – सुबह 7:15 बजे

  • मस्जिद ईमामबाड़ा – सुबह 7:30 बजे

  • मस्जिद कुमेदान – सुबह 7:45 बजे

  • बस स्टैंड इस्लामपुरा मस्जिद – सुबह 7:30 बजे

  • सलापुरा मस्जिद – सुबह 7:15 बजे

  • नारनौल किला मस्जिद – सुबह 8:45 बजे

उपस्थित रहे गणमान्यजन
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक  बृजराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य  कैलाश नारायण गुप्ता, अंजुमन सदर शब्बीर नागौरी, वक्फ बोर्ड जिला अध्यक्ष काजी असद उल्ला कुरैशी, बजरंग दल जिला संयोजक  कुलदीप सिंह सिसोदिया,  जयदीप तोमर सहित अन्य सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

शांति और सद्भावना का संदेश

बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि आगामी त्योहार सभी धर्मों के लोगों द्वारा मिल-जुलकर शांति एवं सद्भावना के साथ मनाया जाए। सभी पक्षों ने प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने भी कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“घटिया नाला निर्माण पर फूटा जन आक्रोश, चेताया आंदोलन – प्रशासन के आश्वासन पर मिला अस्थायी विराम”

श्योपुर  दिनांक 4/6/2025     एनएच 552
सालपुरा से बस स्टैंड तक चल रहे नाला और सीसी रोड निर्माण कार्य ने स्थानीय जनता की परेशानी बढ़ा दी है। बीते छह महीनों से जारी इस निर्माण में गुणवत्ता की भारी अनदेखी और धीमी रफ्तार से आमजन के सब्र का बाँध अब टूटता नज़र आ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा काम में न केवल घोर लापरवाही बरती जा रही है, बल्कि लेवलिंग जैसे बुनियादी मानकों की भी अनदेखी की जा रही है। इसका नतीजा है – गुणवत्ता बिहीन  सड़कें, दिनभर का ट्रैफिक जाम और आने वाले मानसून में जलभराव का खतरा।

बुधवार को दोपहर 12 बजे जनता ने बस स्टैंड पर जोरदार आंदोलन की चेतावनी दी थी। लेकिन इससे पहले ही मामला गरमाता, जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा, एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने निर्माण स्थल का गहन निरीक्षण किया और जनता को भरोसा दिलाया कि कार्य जल्द और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा।

प्रशासन की तत्परता के चलते लोगों ने फिलहाल आंदोलन टाल दिया है। मगर उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि अब भी निर्माण कार्य में सुधार नहीं हुआ, तो अगली बार सड़क पर उतरकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया जाएगा – और यह विरोध पहले से कहीं अधिक उग्र हो सकता है।

“अब नहीं चलेगा अधूरा और घटिया काम, जनता करेगी हिसाब!” यही लहज़ा था नाराज़ नागरिकों के स्वर का।

श्योपुर की शांत जनता ,झाड़ू भी उठाना जानती है शहर भर में आम चर्चा का बिषय 

राह-वीर” योजना: सड़क हादसों में जान बचाओ, ₹25,000 का सम्मान पाओ गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को नकद इनाम व प्रशस्ति-पत्र

गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को नकद इनाम व प्रशस्ति-पत्र, नामांकित अस्पतालों में ₹1.5 लाख तक निःशुल्क इलाज

श्योपुर, 03 जून 2025।
सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने और आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा “राह-वीर योजना” शुरू की गई है। इस जनहितकारी योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर—अर्थात दुर्घटना के एक घंटे के भीतर—अस्पताल पहुंचाने वाले “राह-वीर” को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले में एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों के इलाज के लिए नामांकित अस्पतालों की सूची तैयार करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

क्या है राह-वीर योजना?

“राह-वीर योजना” के तहत कोई भी व्यक्ति जो सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्परता से अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर में पहुंचाकर उसकी जान बचाता है, वह “राह-वीर” कहलाएगा।

इस योजना में शामिल होने के लिए जरूरी शर्तें:

  • घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना।

  • पीड़ित को कम से कम तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहना

  • गंभीर सर्जरी, ब्रेन या स्पाइनल इंजरी हो या उपचार के दौरान मृत्यु होना जरूरी।

  • एक से अधिक मददगार होने पर इनाम समान रूप से बांटा जाएगा

इनाम और चयन प्रक्रिया

  • प्रत्येक योग्य राह-वीर को ₹25,000 और प्रशस्ति-पत्र मिलेगा।

  • सालभर में अधिकतम 5 बार एक राह-वीर को पुरस्कार मिल सकता है।

  • सर्वश्रेष्ठ 10 राह-वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर ₹1 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया की निगरानी हेतु कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी जिसमें एसपी, सीएमएचओ और आरटीओ शामिल होंगे। यह समिति मासिक आधार पर प्रस्तावों की समीक्षा कर पात्र राह-वीरों का चयन करेगी।

राज्य स्तर पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति भी गठित की गई है जो हर तीन महीने में समीक्षा करेगी।


नामांकित अस्पतालों में मिलेगा निःशुल्क उपचार

मध्यप्रदेश शासन ने सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए नकदी रहित उपचार स्कीम भी लागू की है। इसके अंतर्गत:

  • नामांकित अस्पतालों में घायल व्यक्ति का ₹1.5 लाख तक निःशुल्क इलाज कराया जाएगा।

  • अस्पताल को पीड़ित के पहुंचते ही तुरंत उपचार प्रारंभ करना अनिवार्य होगा।

  • योजना का खर्च परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वहन किया जाएगा।

गोपनीयता सुनिश्चित

राह-वीर योजना में शामिल व्यक्ति की जानकारी केवल पुरस्कार वितरण के लिए प्रयुक्त की जाएगी, किसी अन्य प्रशासनिक या कानूनी प्रक्रिया में उसका उपयोग नहीं होगा। इससे आमजन को भयमुक्त होकर सहयोग करने का अवसर मिलेगा।

निष्कर्ष: मानवता का सम्मान, मदद का पुरस्कार

21 अप्रैल 2025 से लागू हुई “राह-वीर योजना” न केवल मानवता के प्रति समर्पण दिखाने का मंच है, बल्कि आमजन को एक सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने का अवसर भी देती है। सड़क पर घायल को समय पर मदद देने वाले व्यक्ति को अब न सिर्फ सम्मान मिलेगा, बल्कि उसकी मदद से किसी का जीवन बचाया जा सकेगा। यह योजना समाज में संवेदनशीलता, तत्परता और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूती दे रही है।

जल गंगा संवर्धन अभियान: श्योपुर की प्राचीन बावड़ियों को मिला नवजीवन, 5 जून को होगा “बावड़ी उत्सव”

श्योपुर, 03 जून 2025।
श्योपुर जिले में जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत प्राचीन बावड़ियों के जीर्णोद्धार और संरक्षण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में इस अभियान ने जिले की जल धरोहरों को नवजीवन देने का कार्य किया है।

मनरेगा योजना के अंतर्गत इन बावड़ियों की सफाई, झाड़-झंखाड़ हटाना, मिट्टी निकालना, रंग-रोगन कर उन्हें फिर से उपयोगी और आकर्षक बनाया जा रहा है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले की कई ऐतिहासिक बावड़ियाँ आज फिर से आम जनमानस के आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।

5 जून को ‘बावड़ी उत्सव’ का आयोजन

जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता का उत्सव 5 जून को “बावड़ी उत्सव” के रूप में मनाया जाएगा। यह आयोजन सायंकाल ग्राम रायपुरा स्थित ऐतिहासिक बावड़ी पर किया जाएगा।

जिला पंचायत के सीईओ अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की कुल 24 और शहरी क्षेत्रों की 17 बावड़ियों का चयन जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि अगरा-मदनपुर, पहेला, खिरखिरी, बावड़ीचापा, बरदुला, बर्धा बुजुर्ग, सोईकला, जैदा, गुरनावदा, फिलोजपुरा, ननावद, रतोदन, रायपुरा, और अजापुरा सहित अन्य गांवों में यह कार्य जारी है।

शहर की ऐतिहासिक बावड़ियां भी बनीं मिशन का हिस्सा

शहरी क्षेत्र में स्थित राजा मनोहरदास की बावड़ी, सब्जी मंडी बावड़ी, शीतला माता बावड़ी, बीबीजी की बावड़ी, सोहन बावड़ी, शिव बावड़ी, बड़ौदा कुंड सहित कुल 17 बावड़ियां इस अभियान के तहत सूचीबद्ध की गई हैं। इनके जीर्णोद्धार से न केवल वर्षाजल का संग्रहण होगा, बल्कि भूजल स्तर में भी वृद्धि की संभावना जताई गई है।

इतिहास से जुड़ीं हैं ये बावड़ियाँ

श्योपुर जिले की बावड़ियाँ न केवल जल संरक्षण का साधन रही हैं, बल्कि ये ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक हैं। अधिकांश बावड़ियाँ 16वीं-17वीं शताब्दी की हैं और वास्तुशिल्प की दृष्टि से “नंदा” शैली की मानी जाती हैं। इनमें एक ही रास्ते से प्रवेश और निकास होता है।

ग्राम रायपुरा की बावड़ी, जिसका निर्माण सन् 1734 में गोंड राजा इंदर सिंह के दीवान श्री शिवनाथ जी कायस्थ ने कराया था, आज भी ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है। वहीं बर्धा बुजुर्ग और सोईकला गांव की बावड़ियाँ भी गौड़ राजाओं की स्थापत्य कला का प्रमाण हैं।

स्थानीय प्रशासन की ऐतिहासिक पहल

मनरेगा परियोजना अधिकारी  विक्रम जाट ने बताया कि अभियान के तहत न सिर्फ बावड़ियों की साफ-सफाई की जा रही है, बल्कि उन्हें सौंदर्यीकृत कर पुनः सामुदायिक उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों में भी इन बावड़ियों को लेकर नई चेतना और जागरूकता देखी जा रही है।

निष्कर्ष: पुनर्जीवन की ओर प्राचीन जल धरोहरें

“जल गंगा संवर्धन अभियान” श्योपुर जिले के लिए न केवल जल संरक्षण का प्रयास है, बल्कि यह इतिहास, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संगम भी है। 5 जून को होने वाला “बावड़ी उत्सव” इस जन-जागरूकता और प्रशासनिक संकल्प का प्रतीक बनेगा।

टर्राकलों की संकीर्ण रेलवे पुलिया बनी ग्रामीणों के लिए मुसीबत, नहीं निकल पा रहे बड़े वाहन

श्योपुर, 03 जून 2025

श्योपुर जिले के ग्राम टर्राकलों में ग्वालियर-श्योपुर रेल मार्ग के अंतर्गत हाल ही में रेलवे द्वारा निर्मित एक भूमिगत पुलिया अब ग्रामीणों के लिए गहरी परेशानी का कारण बन गई है। पुलिया की ऊँचाई और चौड़ाई इतनी कम है कि इसके नीचे से बड़े और आवश्यक वाहन गुजर ही नहीं पा रहे हैं।

खेती, व्यापार और यात्रियों को हो रही भारी दिक्कत

ग्राम टर्राकलों से औछणुपरा मार्ग पर बनी इस संकीर्ण पुलिया के कारण वीडियो कोच बसें, हार्वेस्टर, बोरिंग मशीन और बड़े ट्रक जैसे महत्वपूर्ण वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। इससे न केवल ग्रामीणों की खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियाँ और यात्रियों की आवाजाही भी बाधित हो रही है।

शादी की बारात भी हुई प्रभावित

ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के बेटे की बारात जब श्योपुर आई थी, तो उसकी बस इस पुलिया के नीचे से नहीं गुजर सकी। मजबूरी में बारात को वापस मोड़कर गोरस रोड होते हुए शिवपुर पहुंचाया गया। यह घटना पुलिया की अक्षमता को उजागर करती है।

निर्माण में लापरवाही का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास की अन्य रेलवे पुलियाएं इस पुलिया की तुलना में कहीं अधिक ऊँची और चौड़ी हैं। ऐसे में टर्राकलों की पुलिया के निर्माण में लापरवाही बरती गई है। रेलवे के ठेकेदार ने आवागमन शुरू करने की कोशिश की, लेकिन उनके स्वयं के वाहन भी फँस गए।

बायपास बना, पर स्थायी समाधान नहीं

फिलहाल बायपास मार्ग बनाकर अस्थायी राहत दी गई है, लेकिन मूल पुलिया को बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक तात्कालिक हल है, जब तक स्थायी समाधान नहीं किया जाता, समस्या बनी रहेगी।

ग्रामीणों की प्रशासन से मांग

एक सेकड़ा ग्रामवासियों – नारायण, समाराम, श्रीनिवास, दिनेश, सुदेश, रामो, घदम और केदार –आदि  ने जिलाधीश महोदय से निवेदन किया है कि या तो इस पुलिया की ऊँचाई और चौड़ाई बढ़ाई जाए या फिर समीप ही एक नई व पर्याप्त ऊँचाई की पुलिया का निर्माण कराया जाए।

क्या प्रशासन उठाएगा ठोस कदम?

अब देखने वाली बात यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

 इस मुद्दे से जुड़ी हर अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा

श्योपुर में आदिवासी किसानों की जीवनरेखा पर संकट: दबंगों ने किया सार्वजनिक नहर पर कब्जा, सिंचाई व्यवस्था ठप

श्योपुर, कराहल तहसील 

दिनांक 3/6/2025

श्योपुर जिले की कराहल तहसील के ग्राम सूंसवाडा और रजपुरा के आदिवासी किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों पुरानी सार्वजनिक कच्ची नहर (स्थानीय भाषा में ‘सारण’) पर कुछ दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर उसे मिट्टी और पत्थरों से बंद कर दिया गया है। इस मामले की शिकायत लेकर दर्जनों आदिवासी महिला-पुरुष श्योपुर कलेक्टर की जन सुनवाई में पहुँचे, जहाँ उन्होंने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

 एक दर्जन से अधिक आए ग्रामीणों द्वारा  पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को सौंपी गई लिखित शिकायत में कृपाशंकर, भानु जाट, बंटी जाट तथा सिंडी ऊर्फ निहाल नामक दबंगों पर नहर को ट्रैक्टर से बंद करने और विरोध करने पर गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह नहर दशकों से बरसात के पानी को खेतों तक पहुँचाने में सहायक रही है और इसकी सफाई सामूहिक श्रमदान से होती रही है। लेकिन इस बार दबंगों ने अपने निजी स्वार्थ के चलते इसे जबरन बंद कर दिया, जिससे सैकड़ों बीघा भूमि की सिंचाई प्रभावित हो गई है।

फ्त्थर लगाकर बंद किया बरसती नाला (नहर) सारण 

      आदिवासियों के खेत 

पंचनामा से हुई पुष्टि, फसल बर्बादी की आशंका

ग्राम रजपुरा के पंचगण और आदिवासी  ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत पंचनामा में भी आरोपों की पुष्टि की गई है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी वर्षा ऋतु में खेतों में पानी नहीं पहुँच पाएगा और धान की फसल पूरी तरह चौपट हो जाएगी। इससे विशेष रूप से आदिवासी समुदाय को भारी आर्थिक क्षति हो सकती है।

प्रशासन से की गई मांगें

प्रार्थी और ग्रामवासियों ने प्रशासन से चार मुख्य मांगें रखी हैं:

  1. सार्वजनिक नहर को दबंगों के कब्जे से तत्काल मुक्त कराया जाए।

  2. नहर की सफाई कर उसे पूर्ववत बहाल किया जाए।

  3. दोषियों पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, धमकी देने और गाली-गलौज करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जाए।

  4. ग्राम में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस बल की तैनाती की जाए।

ग्रामीणों की चेतावनी: कार्रवाई नहीं हुई तो बिगड़ सकता है माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला जनहित से जुड़ा है और यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो इससे सामाजिक तनाव और किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।

मनोहरथाना तहसीलदार को देवस्थान विभाग के नाम सौंपा गया ज्ञापन


जनजागरण संदेश: जितेंद्र सिंह राजपूत, मनोहरथाना

दिनांक 2/6/2025

मनोहरथाना, झालावाड़ — अखिल भारतीय गौ रक्षा महासंघ राजस्थान द्वारा आज मनोहरथाना तहसील कार्यालय में देवस्थान विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर संगठन के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्री जितेंद्र सिंह पंवार ने बताया कि मनोहरथाना क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक प्राचीन मंदिरों की उपेक्षा लंबे समय से हो रही है।

उन्होंने कहा कि कोटा दरबार के समय राजा रजवाड़ों द्वारा स्थापित मंदिरों में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई थी और भव्य मंदिरों का निर्माण कराया गया था। ब्रह्मचारी पंडित कृष्णदास जी व गुरु मथुरादास जी जैसे संतों को मंदिर की सेवा हेतु ज़मीन दी गई थी, जो लगभग 2000 बीघा थी। उस काल में धार्मिक उद्देश्यों से इस भूमि का उपयोग किया जाता था।

पंवार ने बताया कि मनोहरथाना क्षेत्र में ऐसे लगभग 100 मंदिर हैं, जिनकी सेवा पूजा अब भी स्थानीय समाज व मंदिर समितियों द्वारा की जा रही है। विशेषकर श्री गिरधारी जी (रामटेक) मंदिर और श्री राघव जी न्यूटी मंदिर की स्थिति चिंताजनक है। वर्ष 2012 से सेवानिवृत्त शिक्षक श्री कृष्णानंद शर्मा (उम्र 82 वर्ष) अपनी पेंशन से इन मंदिरों की सेवा पूजा का कार्य कर रहे हैं।

ज्ञापन में देवस्थान विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया गया कि न तो सेवा राशि में कोई वृद्धि की गई है, न ही मंदिर के लिए किसी बजट का निर्धारण किया गया है। संगठन ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि:

  • दोनों मंदिरों को सेवा राशि वर्तमान बजट अनुसार प्रदान की जाए।

  • मंदिर में निर्माण एवं मरम्मत कार्य हेतु विशेष बजट आवंटित किया जाए।

  • पूजा करने वाले पुजारी को ₹6000 मासिक सहायता शीघ्र प्रदान की जाए।

  • मंदिर के पास भूमि न होने की स्थिति में देवस्थान विभाग द्वारा भूमि आवंटन सुनिश्चित किया जाए।

  • संबंधित दस्तावेज़ों की छानबीन कर मंदिर को सहयोग राशि प्रदान की जाए।

यह ज्ञापन राजस्थान के मुख्यमंत्री, देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत, जिला कलेक्टर, एसडीएम मनोहरथाना सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है। संगठन ने यह भी बताया कि वर्ष 2023 से संबंधित फाइल तहसील कार्यालय में लंबित पड़ी है।

तहसीलदार  बाबूलाल मीणा ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए भरोसा दिलाया कि मंदिर के दस्तावेजों की जल्द जांच कर मंदिर का निरीक्षण किया जाएगा तथा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।