Friday, February 13, 2026
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निजी स्कूलों पर प्रशासन की पैनी नजर: 160 स्कूलों का होगा निरीक्षण, किताबों की सूची से लेकर वाहनों तक होगी जांच

श्योपुर, 10 जुलाई 2025
जिले में संचालित निजी स्कूलों पर अब प्रशासन की निगरानी और सख्त होने जा रही है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 160 निजी स्कूलों का व्यापक निरीक्षण शुरू किया गया है। यह निरीक्षण निजी विद्यालयों में पढ़ाई जा रही पुस्तकों, छात्रों से की जा रही सामग्री खरीद की अनिवार्यता तथा अन्य नियमों के पालन को लेकर किया जा रहा है।

बस्ते की जांच और छात्रों से होगी बात

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी न सिर्फ स्कूल प्रशासन से जानकारी लेंगे, बल्कि छात्रों से भी चर्चा कर यह जानेंगे कि उन्हें कौन-कौन सी पुस्तकें और कहाँ से खरीदने के लिए कहा गया है। छात्रों के बस्ते का निरीक्षण कर वास्तविक रूप से उपयोग में लाई जा रही पुस्तकों की कक्षावार सूची तैयार की जाएगी और उसका प्रतिवेदन जिला कार्यालय को सौंपा जाएगा।

एनसीईआरटी कोर्स अनिवार्य, निजी दुकानें थोपना मना

जिला शिक्षा अधिकारी  एम.एल. गर्ग ने बताया कि मप्र निजी विद्यालय अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के तहत कोई भी निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को किसी विशेष विक्रेता से किताबें, यूनिफॉर्म, जूते, कॉपियाँ आदि खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल एनसीईआरटी या स्टेट बोर्ड की किताबें ही कोर्स में रखें।

  • कक्षा 1 से 8 तक – राज्य शिक्षा केंद्र एनसीईआरटी किताबें

  • कक्षा 9 से 12 तक – केवल एनसीईआरटी पुस्तकें

  • केजी-1 व केजी-2 – एनसीईआरटी पब्लिकेशन की उपलब्ध पुस्तकें

  • व्याकरण की किताबें – स्कूल स्तर पर एक-एक निर्धारित कक्षा समूह के अनुसार

अन्य सुविधाओं की भी होगी जांच

निरीक्षण के दौरान स्कूल की मान्यता, संचालित कक्षाएं, स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता, मूलभूत सुविधाएं तथा स्कूल वाहनों की वैधता की भी जांच की जाएगी। इन सभी बिंदुओं का विवरण संलग्न प्रतिवेदन के रूप में जिला कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

 प्रशासन की सख्त हिदायत:
अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों को आदेश पत्र भेजकर नियमों की जानकारी दी जा चुकी है।

श्योपुर में दो मेडिकल स्टोर्स पर गिरी गाज, नियम उल्लंघन पर लाइसेंस दो दिन के लिए निलंबित

श्योपुर, 10 जुलाई 2025
जिले में औषधि नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दो मेडिकल दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

ड्रग इंस्पेक्टर मनीष कुशवाह द्वारा हाल ही में पाली रोड स्थित मेसर्स नैतिक मेडिकल स्टोर एवं फक्कड़ चौराहा स्थित मेसर्स श्री महाप्रभुजी मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में नियमों का पालन न किया जाना पाया गया।

कारण बताओ नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

मेसर्स नैतिक मेडिकल स्टोर द्वारा कारण बताओ नोटिस का कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया, जबकि श्री महाप्रभुजी मेडिकल एजेंसी द्वारा दिया गया उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया। इन कमियों के आधार पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 तथा नियमावली 1945 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए दोनों मेडिकल दुकानों के लाइसेंस दो-दो दिवस के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।

प्रशासन की सख्ती जारी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में दवाओं की बिक्री एवं भंडारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित संस्थाओं पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सीप नदी बनी काल: नहाने गया युवक बहा, दूसरे दिन मिला शव – ग्रामीणों की नजर से मिला सुराग

श्योपुर, 10 जुलाई 2025
जिले के मानपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक युवक की नहाते समय सीप नदी में डूबने से मौत हो गई। युवक की पहचान मानपुर निवासी गिर्राज खटीक पुत्र कान्हा खटीक के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह करीब 10:20 बजे उसका शव घटना स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर पुलिया के पास बरामद हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिर्राज खटीक बुधवार को सीप नदी में नहाने गया था, जहां तेज बहाव में बह गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मानपुर थाना प्रभारी पप्पू यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक सर्च में सफलता नहीं मिलने पर श्योपुर जिला मुख्यालय से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया।

अंधेरे ने रोका रेस्क्यू, सुबह ग्रामीणों ने देखा शव

एसडीआरएफ टीम ने बोट से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण बुधवार रात करीब 8 बजे सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह फिर से खोजबीन शुरू होने से पहले ही ग्रामीणों ने शव को पुलिया के पास देखा, जो घाट से लगभग एक किलोमीटर दूर बहकर पहुंचा था।

एसडीआरएफ ने किया शव बरामद

एसडीआरएफ टीम में शामिल जवान नवदीप शर्मा, पवन नामदेव, अंकित सोलंकी, सुनील भूरिया, छविराम कुशवाह, परमल आदिवासी और रामनारायण आदि ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला। मानपुर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

थाना प्रभारी ने दी जानकारी

थाना प्रभारी पप्पू यादव ने बताया कि युवक नहाने के दौरान नदी के तेज बहाव में बह गया था। सर्च ऑपरेशन के लिए एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया था, लेकिन सफलता गुरुवार सुबह मिली जब ग्रामीणों ने शव देखा।

 चेतावनी:
मानपुर थाना पुलिस ने नदी में नहाने वालों से सावधानी बरतने की अपील की है, खासकर बरसात के मौसम में जब जलस्तर और बहाव दोनों तेज हो जाते हैं।

चंबल नहर टूटी: बगवाड़ा में हड़कंप, खेतों में भरा पानी, प्रशासन अलर्ट पर


दिनांक: 08/07/2025  क्राइम नेशनल न्यूज, श्योपुर
श्योपुर जिले की ढोटी पंचायत अंतर्गत ग्राम बगवाड़ा में मंगलवार रात लगभग 9 बजे एक बड़ा हादसा हो गया, जब टर्रामाफी और बगवाड़ा के बीच चंबल नहर की दीवार अचानक टूट गई

लगभग 50 फीट तक टूटी नहर की दीवार से तेजी से बहते पानी ने ग्राम बगवाड़ा समेत आसपास के खेतों को जलमग्न कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

ग्रामीणों के अनुसार बीते 2-3 दिनों से नहर से पानी का रिसाव हो रहा था, जिसकी सूचना जल संसाधन विभाग को दी गई थी। लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई न होने के कारण मंगलवार को यह बड़ा हादसा हो गया। ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

घटना की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग के एसडीओ सहित विभागीय टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजराज सिंह चौहान तत्काल मौके पर पहुंचे और श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा से फोन पर संपर्क कर उन्हें हालात की जानकारी दी।
कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार व अन्य विभागीय अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।

कलेक्टर ने किया मौके का निरीक्षण

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने स्वयं चंबल नहर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। जल संसाधन विभाग के ईई चैतन्य चौहान ने बताया कि नहर 74 किमी पर ब्रेक हुई है। स्थिति को नियंत्रित करने हेतु कोटा बैराज से नहर को बंद कर दिया गया है।

पानी की अधिकता को देखते हुए सभी केनाल और दशहेल में पानी छोड़ा गया है, जिससे पानी का दबाव कम किया जा सके। 100 किमी पर नहर के पानी को इस्केप किया गया है और नहर टूटने के स्थान से ऊपर स्थित डिस्ट्रीब्यूटर में पानी डाइवर्ट किया गया है।

प्रशासन की ओर से राहत कार्य शुरू कर दिया गया है और फिलहाल नहर में पानी का स्तर कम हो रहा है।

श्योपुर जनसुनवाई: आयुष्मान योजना से होगा उपचार, मार्ग व्यय व पेंशन सहित अनेक हितग्राही हुए लाभान्वित


जनसुनवाई में 211 आवेदन, अनेक समस्याओं का हुआ तत्काल निराकरण

श्योपुर, 08 जुलाई 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को कुल 211 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण करते हुए हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

जनसुनवाई के दौरान तीन गंभीर रूप से बीमार हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत उपचार के लिए भेजने हेतु रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से दो-दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसमें महावीर बैरवा (नागदा),  शिशुपाल बैरवा (वार्ड 11), एवं रामपाल सिंह (वार्ड 3) शामिल हैं।

वृद्धावस्था पेंशन का लाभ

जनसुनवाई में 65 वर्षीय हरी सिंह गुर्जर को वृद्धावस्था पेंशन योजना अंतर्गत 600 रुपये प्रतिमाह की पेंशन स्वीकृत की गई, जो उन्हें अगले माह से प्राप्त होगी।

स्पॉन्सरशिप योजना में तीन बच्चों को शामिल

ग्राम भसुन्दर का टपरा निवासी श्रीमती आशा बैरवा के आवेदन पर महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि महिला के तीनों बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना में शामिल किया जाए। महिला ने अपने पति की बीमारी से मृत्यु के बाद बच्चों के पालन-पोषण में कठिनाई की बात कही थी।

आवास की प्रथम किस्त जारी

ग्राम रामपुरा सेमल्दा हवेली निवासी श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी के आवेदन पर प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम किस्त जारी कर दी गई। तकनीकी त्रुटियों को दूर कर मौके पर ही पोर्टल से फंड ट्रांसफर ऑर्डर जारी किया गया।

पेयजल समस्या का समाधान जल्द

ग्राम गांधीनगर प्रेमसर से आई महिलाओं की पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने पीएचई विभाग को निर्देशित किया कि कल तक मोटर बदलकर नलजल योजना की आपूर्ति सुचारू की जाए।

इस अवसर पर एसडीएम बीएस श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का त्वरित व प्रभावी निराकरण किया जाए।

छात्रावासों में पहली बार हर माह पालक बैठक अनिवार्य — छात्रों की निगरानी अब होगी पारदर्शी और सशक्त

संभागीय उपायुक्त संजय खेडकर ने दिए निर्देश, भोजन से लेकर सुरक्षा तक पर फोकस

श्योपुर, 08 जुलाई 2025
अब जिले के सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में रह रहे विद्यार्थियों की देखरेख और शैक्षणिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चंबल संभाग मुरैना के संभागीय उपायुक्त (जनजातीय कार्य)  संजय खेडकर ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक माह के पहले शनिवार को पालकों की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए।

यह निर्णय शासकीय आदर्श आवासीय विद्यालय ढेंगदा में आयोजित अधीक्षकों की बैठक में लिया गया, जिसमें सहायक आयुक्त राकेश गुप्ता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

 निगरानी के नए मानक तय

 अब हर संस्था में लगेगा RTI बोर्ड
भोजन का साप्ताहिक मैन्यू, एमपीटास राशि, और हेल्पडेस्क नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य
विद्यार्थियों की प्रोफाइल 100% ऑनलाइन पंजीकृत की जाएगी
विद्युत तारों की सुरक्षा, परिसर की स्वच्छता, और दैनिक अवलोकन होंगे अनिवार्य

कराहल आश्रम के लिए उन्नयन प्रस्ताव

बैठक में आदिवासी बालक अंग्रेजी आश्रम कराहल के उन्नयन का प्रस्ताव भी शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए। इससे आश्रम की सुविधाओं में सुधार की संभावना है।

योजनाओं का प्रचार-प्रसार तेज

१.प्रधानमंत्री जनमन योजना
2.धरती आबा योजना
इन जनजातीय कल्याणकारी योजनाओं का ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार करने और अधिक से अधिक हितग्राहियों को जोड़ने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

उद्देश्य: पारदर्शिता और सहभागिता

संभागीय उपायुक्त का कहना है कि “पालकों की भागीदारी से बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और संस्थाओं में पारदर्शिता आएगी।

फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित — श्योपुर पुलिस की सख्ती तेज हत्या के प्रयास और गंभीर धाराओं में वांछित हैं दोनों आरोपी, मुरैना के रहने वाले

श्योपुर, 08 जुलाई 2025
जिले की ढोढर और सेंसईपुरा पुलिस थानों में दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों में फरार चल रहे दो आरोपियों पर श्योपुर पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

मप्र पुलिस रेगुलेशन के पैरा 80-बी(1) के तहत जारी आदेश में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम देने की घोषणा की गई है।

इन पर है इनाम:

1.बंटी पुत्र नारायण रावत
 निवासी – रायडी, थाना टेंटरा, जिला मुरैना
 अपराध – थाना ढोढर में अपराध क्रमांक 47/25, धारा 119(1), 115(2), 351(3), 296, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज।

2.योगेन्द्र पुत्र राजवीर गुर्जर
निवासी – तिलौंधा, थाना सरायछोला, जिला मुरैना
 अपराध –

  • थाना ढोढर में अपराध क्रमांक 47/25, वही धाराएँ

  • थाना सेंसईपुरा में अपराध क्रमांक 37/24, धारा 307 (हत्या का प्रयास), 294, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज।

 क्या बोले पुलिस अधीक्षक?

एसपी  वीरेन्द्र जैन ने साफ कहा है कि जिन भी व्यक्तियों को इन आरोपियों की जानकारी हो, वे पुलिस को सूचित करें। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और इनाम की राशि प्रदान की जाएगी।

 अपराधों में तेजी से हो रही कार्रवाई

श्योपुर पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अब इनाम घोषित किए जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि आरोपी जल्द गिरफ्त में आ सकेंगे।

पराली प्रबंधन को मिलेगी मजबूती — हैप्पी, सुपर और स्मार्ट सीडर पर मिलेगा भारी अनुदान ई-कृषि यंत्र पोर्टल पर आवेदन शुरू, किसानों को 1.20 लाख तक की सब्सिडी

श्योपुर, 08 जुलाई 2025
नरवाई (पराली) जलाने की समस्या से निपटने और स्मार्ट खेती को बढ़ावा देने के लिए अब शासन किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और स्मार्ट सीडर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीदी पर भारी अनुदान देने जा रहा है।

ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर 5 जुलाई से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा इस योजना को जिले में सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है।

कितना मिलेगा अनुदान?

  • सुपर सीडर पर मिलेगा ₹1,20,000 तक का अनुदान

  • हैप्पी सीडर व स्मार्ट सीडर पर मिलेगा ₹84,150 का अनुदान

कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ये यंत्र किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

स्मार्ट सीडर — कम लागत, ज्यादा फायदा

सहायक कृषि यंत्री के अनुसार, स्मार्ट सीडर दरअसल सुपर सीडर का ही विकल्प है, जिसे कम हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टर से भी आसानी से चलाया जा सकता है।
यह मशीन उस पंक्ति की नरवाई को काटकर, जुताई कर, मिट्टी में मिला देती है जिसमें बुआई की जाती है, जिससे पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ती और मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है।

किसानों के लिए सुनहरा अवसर

यह योजना न केवल किसानों की उत्पादन लागत को घटाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी।
कृषि विभाग द्वारा किसानों से अपील की गई है कि समय पर पोर्टल पर आवेदन कर इस अनुदान योजना का लाभ लें।

आवेदन कैसे करें?

 पोर्टल: ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल
 आवेदन तिथि: 5 जुलाई से शुरू
 आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, ट्रैक्टर पंजीयन प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक आदि

संबल योजना में दिखावा या राहत? — ऑनलाइन न हो पाने से फंसे सैकड़ों आवेदन, कलेक्टर के सामने भी नहीं सुधर रहा सिस्टम लंबे समय से सॉफ्टवेयर एरर, जनसुनवाई में निराकरण सिर्फ कागज़ों तक सीमित

श्योपुर, 08 जुलाई 2025
मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना का लाभ दिलाने के दावे प्रशासन द्वारा लगातार किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है।

जनसुनवाई में तो तीन हितग्राहियों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई—

  •  श्रीराम आदिवासी (पत्नी स्व. श्रीमती सौमेशी आदिवासी)

  • श्रीमती संतोष बाई (पति स्व.  सत्यनारायण मित्तल)

  •  पवन प्रजापति (पिता स्व.  ओमप्रकाश प्रजापति)

साथ ही कु. शिवानी जाट एवं रोहित बैरवा के आवेदनों को मौके पर ही ऑनलाइन करने की कार्यवाही भी दर्शाई गई।

लेकिन सवाल यह उठता है कि जब लेबर डिपार्टमेंट के कंप्यूटर ऑपरेटर स्तर तक मामला पहुंचकर भी “सॉफ्टवेयर एरर” की वजह से फॉर्म ऑनलाइन नहीं हो रहे, तो यह प्रक्रिया कैसे संभव हो रही है?

सूत्रों के अनुसार, कई महीनों से पोर्टल की तकनीकी खराबी के कारण आवेदन अटके हुए हैं। न ही अधिकारियों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया है, और न ही वरिष्ठ अधिकारियों का इस तकनीकी गड़बड़ी पर ध्यान गया है।

जनसुनवाई में निराकरण—सिर्फ औपचारिकता?

जनसुनवाई में आने वाले अनेक आवेदनों का निराकरण सिर्फ कागज़ी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रहा है। कई पीड़ित परिवारों ने बताया कि वे हर बार सुनवाई में पहुंचते हैं, लेकिन या तो आवेदन ऑनलाइन नहीं हो पाता, या स्वीकृति के नाम पर उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है।

एक पीड़ित ने बताया,

“हर बार फॉर्म भरवाने के नाम पर कलेक्टर साहब के सामने मामला जाता है, लेकिन अंत में हमें यही बताया जाता है कि पोर्टल नहीं चल रहा। क्या इसी को निराकरण कहते हैं?”

ज़रूरत है ज़मीनी हकीकत देखने की

अब यह स्पष्ट हो गया है कि यदि सॉफ्टवेयर एरर के कारण फॉर्म ही ऑनलाइन नहीं हो पा रहे, तो प्रशासन को पारदर्शिता बरतते हुए इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

जनता अब सवाल कर रही है—

. पहले तो सरपंच और सचिव मिलकर हितग्राही काम नहीं करते जब
तक उनसे कुछ परसेंट देने की बात नहीं हो जाती 
  • क्या संबल योजना वास्तव में गरीबों के लिए है या सिर्फ आंकड़ों और प्रेस नोट्स में राहत पहुंचाने का माध्यम बन गई है?

  • जब सिस्टम ही नहीं चल रहा, तो मंजूरी की प्रक्रिया कैसे दिख रही है?

  • क्या ये निराकरण सिर्फ “शो पीस” बनकर रह गए हैं?

अब उम्मीद जिलाधीश से

जिला प्रशासन को चाहिए कि वह तकनीकी खामियों पर तत्काल संज्ञान ले और लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारियों से जवाबतलबी करे। जिलाधीश अर्पित वर्मा से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस गंभीर विषय पर केवल मंचीय समाधान नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई करें।

स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश के लिए तिथि बढ़ी 7 से 10 जुलाई तक होंगे ऑनलाइन आवेदन, 21 जुलाई को होगा सीट आवंटन


भोपाल, 07 जुलाई 2025
सत्र 2025-26 के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातकोत्तर (पीजी) कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सीएलसी (कॉलेज लेवल काउंसलिंग) चरण की समय-सीमा बढ़ाते हुए विभाग ने नई तिथियां घोषित की हैं।

अब इच्छुक विद्यार्थी 7 से 10 जुलाई 2025 तक ऑनलाइन पंजीयन कर सकेंगे। पहले निर्धारित तिथि के बाद आवेदन न कर पाने वाले विद्यार्थियों को इससे लाभ मिलेगा।

दस्तावेज़ सत्यापन और साक्षात्कार प्रक्रिया
पंजीकृत आवेदनों के दस्तावेजों का सत्यापन 7 से 11 जुलाई के बीच किया जाएगा।
वहीं, मेजर-माइनर के अतिरिक्त अन्य विषयों में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को 14 जुलाई को साक्षात्कार की तिथि, समय और स्थान की जानकारी दी जाएगी।
साक्षात्कार और अंक प्रविष्टि की प्रक्रिया 16 से 17 जुलाई के बीच संपन्न होगी।

21 जुलाई को होगा सीट आवंटन
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों को 21 जुलाई को कॉलेजों में सीट आवंटित की जाएगी।
इसके पश्चात आवंटित विद्यार्थियों को 21 से 25 जुलाई के बीच प्रवेश शुल्क का भुगतान अनिवार्य रूप से करना होगा।

यदि विद्यार्थी निर्धारित समय-सीमा में शुल्क जमा नहीं करते हैं तो उनका प्रवेश अमान्य माना जाएगा।

 विभाग ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे समय-सीमा का पालन करते हुए प्रक्रिया पूर्ण करें और संबंधित दस्तावेजों को सत्यापित कराना सुनिश्चित करें।