Friday, February 13, 2026
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जलमग्न पुल से बस पार कराना पड़ा भारी चालक का लाइसेंस और बस का परमिट निरस्त करने की कार्रवाई शुरू

श्योपुर, 15 जुलाई 2025
वीरपुर थाना क्षेत्र में रविवार को एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जब भारी बारिश के चलते जलमग्न हो चुकी पुलिया से एक यात्री बस को पार कराने का दुस्साहसिक प्रयास किया गया। घटना सबलगढ़-श्योपुर मार्ग की है, जहाँ बस क्रमांक MP06P0890 के चालक ने दर्जनों सवारियों की जान जोखिम में डालते हुए बस को उफनती पुलिया से पार करा दिया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना कुशवाह ने जानकारी दी कि चालक के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के स्थायी परमिट को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जानकारी संबंधित प्राधिकरण को भी भेजी जा चुकी है।

इस घटना को देखते हुए परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों, चालकों और परिचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बाढ़ या अतिवृष्टि की स्थिति में जलमग्न सड़कों, पुलों और पुलियाओं पर किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। ऐसी किसी भी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ परमिट और लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।

जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी हालात में लापरवाही या अविवेकपूर्ण निर्णय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

श्योपुर की बेटी ने विदेश में लहराया परचम, कलेक्टर ने दी शुभकामनाएं एशियन अंडर-15 कुश्ती चैम्पियनशिप में जीता कांस्य पदक

श्योपुर, 14 जुलाई 2025
श्योपुर जिले की होनहार बेटी सुखमन कौर ने किर्गीस्तान में आयोजित एशियन अंडर-15 कुश्ती चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर जिले एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा ने सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में उनका सम्मान किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

सम्मान समारोह के दौरान कलेक्टर  वर्मा ने सुखमन कौर को माल्यार्पण कर शील्ड और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने इस अवसर पर खेल अधिकारी को निर्देशित किया कि सुखमन कौर का नाम एकलव्य अवार्ड के लिए भेजा जाए, जिसके अंतर्गत लगभग ₹2 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।

इस मौके पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष  सुरेन्द्र जाट, प्रदेश कार्य समिति सदस्य  कैलाशनारायण गुप्ता, नगर मंडल अध्यक्ष  संजय मंगल, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष मोनू सोनी, उपाध्यक्ष  अमित शर्मा, खेल अधिकारी  अरुण सिंह चौहान, सुखमन के पिता  जितेन्द्र सिंह एवं दादा  दलवीर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सोईकलां निवासी सुखमन कौर ने प्रतियोगिता में मंगोलिया और कजाकिस्तान की पहलवानों को 10-0 के एकतरफा अंतर से हराकर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। उनकी इस जीत से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले में हर्ष और गर्व का माहौल है।

सुखमन कौर पूर्व में भी कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर चुकी हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने राज्य स्तर पर स्वर्ण पदक, वर्ष 2023-24 में अंडर-14 और अंडर-15 स्टेट गोल्ड, तथा 2025 में अंडर-17 नेशनल प्रतियोगिता में पदक जीतकर अपनी कुश्ती प्रतिभा का परचम लहराया है।

कलेक्टर वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि सुखमन की सफलता जिले के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा देगी और श्योपुर की बेटियाँ भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

 

श्योपुर (मध्य प्रदेश)।
जिले में बीते 24 घंटों से हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बड़ौदा में दो से ढाई फीट तक पानी भर गया, जिससे अस्पताल परिसर ही नहीं, वार्डों के भीतर भी बाढ़ जैसे हालात बन गए।

सबसे चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई जब हमारे साथी श्री जमुना प्रसाद उपाध्याय ने अस्पताल का निरीक्षण किया। वहां एक मरीज पानी में लेटा हुआ अपनी जान बचाने के लिए चिल्ला रहा था। उस मरीज ने बताया,
“सभी कर्मचारी मुझे यहां छोड़कर चले गए हैं, पूरी रात बिजली नहीं थी, खाना मिला न चाय, पानी तक को तरस गया हूं!” मेरा पेर टूटा हुआ है कही जाने लायक नहीं हूँ

यह कोई पहली बार नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हर साल बारिश के मौसम में बड़ौदा CHC की यही दुर्दशा होती है, लेकिन न जनप्रतिनिधियों को फुर्सत है, न प्रशासन को चिंता। लोगों ने कई बार शिकायतें की हैं – मंत्रियों से लेकर सांसदों तक को अवगत कराया गया है, लेकिन अस्पताल की हालत जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों की एक ही मांग है –
“हम अस्पताल नहीं मांगते, बस एक सुरक्षित छत और इलाज की सुविधा तो मिले!”

डेयरी उद्योग में रोजगार के अवसर डेयरी इकाई लगाने पर मिलेगा 42 लाख तक का ऋण, सरकार दे रही है 33% तक सब्सिडी

श्योपुर, 13 जुलाई 2025
श्योपुर जिले के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने “डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना” के तहत डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की है। इस योजना के अंतर्गत 25 दुधारू पशुओं की डेयरी यूनिट लगाने पर हितग्राहियों को 42 लाख रुपए तक का बैंक ऋण मिलेगा। साथ ही, पात्रता अनुसार अधिकतम 33 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी दी जा रही है।

उप संचालक पशुपालन डॉ. सुभाषबाबू दौहरे ने बताया कि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जिले में इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके। श्योपुर जिले के लिए 10 डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत यदि कोई हितग्राही 25 गायों की डेयरी इकाई लगाना चाहता है तो उसे 38 लाख रुपए तक और 25 भैंसों की यूनिट पर 42 लाख रुपए तक का ऋण बैंक से उपलब्ध होगा। इसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को 33 प्रतिशत और सामान्य वर्ग को 25 प्रतिशत सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाएगी।

जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए हितग्राही के पास कम से कम 3.5 एकड़ भूमि होना आवश्यक है। यह भूमि डेयरी यूनिट, पशु शेड और भूसा घर के निर्माण हेतु उपयोग की जाएगी। योजना की खास बात यह है कि लाभार्थी इस ऋण योजना का लाभ हर दो साल में एक बार ले सकता है और अधिकतम 8 बार तक इसका फायदा उठाया जा सकता है।

ऑनलाइन आवेदन शुरू
युवाओं को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और मार्गदर्शन के लिए इच्छुक लोग उप संचालक पशुपालन कार्यालय, श्योपुर से संपर्क कर सकते हैं।

इस योजना से जुड़े लाभ

  • ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार की नई दिशा

  • डेयरी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम

  • सरकारी सहायता से आर्थिक बोझ में राहत

यह योजना न केवल युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जिले में दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को भी नई गति देगी।

भिक्षावृत्ति पर हाईकोर्ट सख्त: 9 जिलों के कलेक्टर-SP को नोटिस, मांगा जवाब – योजनाएं कागजों में सिमटीं

कर्ण मिश्रा, ग्वालियर दिनांक १२/7/2025
मध्य प्रदेश में भिक्षावृत्ति की बढ़ती समस्या को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रदेश सरकार के सामाजिक न्याय विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग समेत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, दतिया, गुना, अशोकनगर और विदिशा जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी से जवाब मांगा है कि भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम 1973 के तहत अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

कागजों तक सीमित रह गई स्वावलंबन की योजना
याचिका दायर करने वाले एडवोकेट विश्वजीत उपाध्याय ने अदालत को बताया कि 1973 में भिक्षावृत्ति निवारण अधिनियम लागू किया गया था, जिसमें भिखारियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रवेश केंद्र और गरीब गृह स्थापित करने का प्रावधान था। इन केंद्रों के माध्यम से भिक्षुकों को जीवनयापन के लिए काम सिखाकर मुख्यधारा में जोड़ा जाना था। लेकिन यह योजना आज भी कागजों तक सिमटी हुई है, ज़मीनी स्तर पर कोई क्रियान्वयन नहीं हुआ। 

पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप
याचिकाकर्ता ने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून के तहत भिक्षावृत्ति रोकने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया है। इंदौर और उज्जैन को छोड़कर बाकी जिलों में न तो कोई कार्रवाई की गई और न ही कोई पुनर्वास केंद्र या गरीब गृह खोले गए।

हाईकोर्ट की नाराजगी, जवाब-तलब
कोर्ट ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कानून के अमल में ढिलाई पर नाराजगी जताई। साथ ही संबंधित विभागों व नौ जिलों के कलेक्टरों और एसपी से स्पष्टीकरण मांगा है कि उन्होंने अब तक इस दिशा में क्या प्रयास किए।

सरकार के पास नहीं कोई अद्यतन आंकड़ा
याचिका में 2011 की जनगणना का हवाला भी दिया गया है, जिसमें प्रदेश में 28,653 भिखारियों की मौजूदगी दर्ज की गई थी — जिनमें 17,506 पुरुष और 11,189 महिलाएं थीं। लेकिन अधिनियम लागू होने के बाद कितनों को मुख्यधारा में लाया गया, इसका कोई डेटा शासन के पास उपलब्ध नहीं है।

अब अगली सुनवाई में जवाब देंगे अफसर
हाईकोर्ट ने सभी विभागों और जिलों के अधिकारियों से तय समय सीमा में जवाब देने को कहा है। अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि क्या राज्य सरकार और प्रशासन ने इस संवेदनशील विषय को गंभीरता से लिया है या नहीं। 

पुनर्वास केंद्र ओल्ड एज होम

पुनर्वास केंद्र ओल्ड एज होम जहाँ भी खुले है वहां  मात्र कागजी घोड़े दोडाये जा रहे है रहने वाले  १ व्यक्ति तो कागजों में 100 व्यक्ति दर्शये गए है और सब का रुपया डकार रहे है सेवा के नाम पर पुरे रुपयों की बंदर बाँट होरही है महज जाँच करता को दिखाने के लिए नसते पर बुजुर्गों को एक दिन के लिए बुलाकर संख्या दर्शाई जाती है 


यह खबर समाज के उस हिस्से की ओर ध्यान आकर्षित करती है, जो अक्सर उपेक्षित रह जाता है। भिक्षावृत्ति उन्मूलन के कानून और योजनाओं का यदि सही तरीके से पालन हो, तो हजारों लोगों की जिंदगी बदल सकती है।

ईएनसी ने डैम सेफ्टी टीम के साथ किया आवदा डैम का निरीक्षण, 13 करोड़ रुपये की मरम्मत कार्य योजना प्रस्तावित

श्योपुर, 12 जुलाई 2025।
जल संसाधन विभाग के इंजीनियर इन चीफ (ईएनसी)  विनोद कुमार देवड़ा ने डैम सेफ्टी टीम के साथ श्योपुर जिले के प्रमुख आवदा डैम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बांध की संरचनात्मक स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया गया और आवश्यक मरम्मत कार्यों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

इस अवसर पर प्रभारी कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर, डैम सेफ्टी के डायरेक्टर  पुष्पेन्द्र सिंह, अधीक्षण यंत्री चंबल  एस.के. वर्मा, अधीक्षण यंत्री राजगढ़ श्री विकास राजौरिया, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग श्री चैतन्य चौहान सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मरम्मत के लिए 13 करोड़ रुपए का प्रस्ताव

कार्यपालन यंत्री  चौहान ने बताया कि बांध में मौजूद क्रैक पुराने हैं और फिलहाल कोई गंभीर स्थिति नहीं है, लेकिन सतत निगरानी और संरचनात्मक मजबूती के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। राशि स्वीकृत होने के पश्चात बांध की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही, बांध की सतत निगरानी के लिए विशेष टीम नियुक्त की गई है।

वर्तमान स्थिति: 88.37% भराव क्षमता पार

इस वर्ष की अच्छी वर्षा के चलते आवदा डैम में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सावन मास में यह बांध 38 फीट से अधिक भर गया है और वर्तमान में इसमें 39 एमसीएम से अधिक पानी भरा हुआ है, जो कि बांध की कुल भराव क्षमता 45.038 एमसीएम का 88.37 प्रतिशत है। बांध की भराव क्षमता लगभग 42 फीट है।

ऐतिहासिक महत्व और तकनीकी विशेषताएं

आवदा डैम श्योपुर जिले का सबसे प्रमुख बांध है, जिसे सिंधिया स्टेट के समय वर्ष 1934 में निर्मित किया गया था। यह बांध आज भी रबी सीजन में किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है।

  • कुल क्षेत्रफल: लगभग 6 वर्ग किलोमीटर

  • कैचमेंट एरिया: 233 वर्ग किलोमीटर

  • पक्के बांध की लम्बाई: 1158 मीटर

  • मिट्टी पाल की लम्बाई: 4497 मीटर

  • सिंचाई क्षेत्र: लगभग 9000 हेक्टेयर

  • लाभान्वित ग्राम: लगभग दो दर्जन गांव

पूर्व में हुए सुरक्षा उपाय

वर्ष 2023 में बांध की सुरक्षा के लिए 425 मीटर लंबी और 5 मीटर चौड़ी राफ्ट डाली गई थी ताकि सीपेज को रोका जा सके और बांध की दीवारों की मजबूती बढ़ाई जा सके।

निष्कर्ष

आवदा डैम का यह निरीक्षण एवं आगामी मरम्मत कार्य श्योपुर जिले के हजारों किसानों के लिए राहत की खबर है। बारिश के मौसम में बांध की स्थिति पर सतत निगरानी और समय पर मरम्मत से जल सुरक्षा एवं सिंचाई व्यवस्था को सशक्त बनाए रखने में मदद मिलेगी।

लाड़ली बहना योजना की 26वीं किश्त और सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि का अंतरण

श्योपुर, 12 जुलाई 2025।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज उज्जैन जिले की ग्राम पंचायत नलवा से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से लाड़ली बहना योजना की 26वीं किश्त के रूप में प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख बहनों को 1543 करोड़ 16 लाख रुपए की राशि सिंगल क्लिक से उनके बैंक खातों में अंतरित की। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा 56 लाख 74 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 340 करोड़ रुपए तथा 30 लाख से अधिक बहनों को उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 46 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि भी अंतरित की गई।

श्योपुर जिले के लिए यह कार्यक्रम एनआईसी कक्ष में आयोजित किया गया, जहां प्रभारी कलेक्टर  अतेन्द्र सिंह गुर्जर, महिला बाल विकास अधिकारी  महेन्द्र कुमार अम्ब, सहायक संचालक  रिशु सुमन सहित योजना से लाभान्वित बहनाएं उपस्थित रहीं।

श्योपुर जिले को मिला करोड़ों का लाभ:

लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत श्योपुर जिले की 01 लाख 08 हजार 597 बहनों को जुलाई माह के लिए प्रति लाभार्थी 1250 रुपए की दर से कुल 13 करोड़ 33 लाख 34 हजार 850 रुपए की राशि उनके खातों में अंतरित की गई।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार रही:

  • नगरपालिका श्योपुर क्षेत्र – 11,746 लाभार्थी

  • नगर परिषद बड़ौदा – 3,382 लाभार्थी

  • नगर परिषद विजयपुर – 2,823 लाभार्थी

  • जनपद पंचायत श्योपुर – 43,818 लाभार्थी

  • जनपद पंचायत कराहल – 11,620 लाभार्थी

  • जनपद पंचायत विजयपुर – 35,208 लाभार्थी

सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत भी बड़ी राहत:

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राज्य भर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 56 लाख 74 हजार हितग्राहियों को 340 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई, जिसमें श्योपुर जिले के 42 हजार 492 हितग्राहियों को 2 करोड़ 54 लाख 91 हजार 600 रुपए प्राप्त हुए।

श्योपुर जिले में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित हितग्राहियों की संख्या:

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन – 14,061

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन – 6,680

  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन – 638

  • मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन – 12,503

  • सामाजिक सुरक्षा दिव्यांग पेंशन – 4,015

  • सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन – 2,738

  • दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन सहायता – 930

  • परित्याक्ता पेंशन योजना – 145

  • कन्या अभिभावक पेंशन योजना – 337

  • मुख्यमंत्री अविवाहित पेंशन योजना – 5

  • मानसिक एवं बहु दिव्यांग आर्थिक सहायता – 440

अंतिम बात:

इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार ने एक बार फिर नारी सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की प्रतिबद्धता को सिद्ध किया है। लाड़ली बहना योजना और पेंशन योजनाओं का यह सतत लाभ समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कर रहा है।

पंचायत सचिव शिव सिंह यादव निलंबित CM हेल्पलाइन शिकायतों के प्रति लापरवाही और कार्य में उदासीनता बनी कारण

श्योपुर, 11 जुलाई 2025
जनपद पंचायत कराहल की ग्राम पंचायत सेंसईपुरा के सचिव  शिव सिंह यादव को उनके कार्यों में लापरवाही तथा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में रुचि न लेने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अतेन्द्र सिंह गुर्जर द्वारा की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, सीईओ जनपद पंचायत कराहल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह निर्णय लिया गया। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि सचिव श्री यादव द्वारा पंचायत से संबंधित दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किया जा रहा था। विशेष रूप से गौशाला में शेड निर्माण कार्य में रुचि नहीं ली जा रही थी और CM हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का भी निराकरण नहीं किया गया।

निलंबन अवधि में शिव सिंह यादव का मुख्यालय जनपद पंचायत कराहल निर्धारित किया गया है। साथ ही, ग्राम पंचायत सेंसईपुरा में पंचायत सचिव का कार्यभार रोजगार सहायक  माधो सिंह गुर्जर को सौंपा गया है।

कराहल की दो पंचायतों में सरपंच निर्विरोध निर्वाचित, तीन पंचायतों में 22 जुलाई को होगा मतदान

श्योपुर, 11 जुलाई 2025
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देशन में श्योपुर जिले की पंचायतों में रिक्त सरपंच पदों के लिए उप-निर्वाचन की प्रक्रिया जारी है। कराहल विकासखण्ड की चार में से दो पंचायतों में सरपंच पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया है, जबकि अन्य तीन पंचायतों में 22 जुलाई को मतदान कराया जाएगा।

निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कराहल की पंचायत सिलपुरी में  नितिनराज आदिवासी पुत्र  मुकेश कुमार तथा पिपरानी पंचायत में श्रीमती द्रोपदी बाई आदिवासी, पत्नि स्व.  चिंरोजी आदिवासी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।

वहीं, कराहल विकासखण्ड की अन्य दो पंचायतों में मतदान होगा:

मोरावन पंचायत में 4 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं:

 बलराम आदिवासी (ग्राम अधवाडा)

 बिझां (ग्राम अधवाडा)

 बृजेश आदिवासी (ग्राम मोरावन)

 रामचंद्र आदिवासी (ग्राम मोरावन)

जाखदा पंचायत में दो उम्मीदवार रह गए हैं:

श्रीमती कुशमा आदिवासी

श्रीमती पिस्ता आदिवासी (दोनों ग्राम जाखदा से)

श्योपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत दलारना कला में भी सरपंच पद हेतु उप-निर्वाचन होगा, जिसमें नाम वापसी के बाद चार उम्मीदवार शेष हैं:

श्रीमती बृजलता शर्मा

श्रीमती छोटाबाई गुर्जर

श्रीमती मुकलेश मीणा

श्रीमती शिमला मीणा

सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उप-निर्वाचन की अधिसूचना 1 जुलाई को जारी की गई थी। नामांकन 8 जुलाई तक स्वीकार किए गए थे। मतदान 22 जुलाई को सुबह 7 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगा, जबकि मतगणना, सारणीकरण एवं परिणामों की घोषणा 26 जुलाई को सुबह 10:30 बजे से संबंधित विकासखण्ड मुख्यालयों पर की जाएगी।

38 फीट तक भरा आवदा डैम, कलेक्टर ने किया निरीक्षण

दिनांक: 11 जुलाई 2025

9 हजार हेक्टेयर में होती है सिंचाई, डैम की क्षमता का 86.83% भराव

श्योपुर जिले के प्रमुख सिंचाई स्रोतों में शामिल ऐतिहासिक आवदा डैम में अच्छी बारिश के चलते सावन मास में जलस्तर 38 फीट तक पहुंच गया है। जबकि इस बांध की अधिकतम भराव क्षमता 42 फीट है। वर्तमान में बांध में 39.07 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी का भराव है, जो कुल क्षमता 45.038 एमसीएम का 86.83% है।

कलेक्टर ने दिया सतत निगरानी का निर्देश

जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शुक्रवार को आवदा डैम का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उनके साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, अपर कलेक्टर  अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम मनोज गढ़वाल, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री चैतन्य चौहान, सीईओ जनपद राकेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर वर्मा ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि डैम पर एसडीओ एरीगेशन सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए तथा जलस्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। साथ ही एसडीएम को निर्देशित किया गया कि पटवारी और पंचायत सचिव की ड्यूटी लगाकर प्रतिदिन की रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।

मरम्मत के लिए नए सिरे से बनेगा स्टीमेट

कलेक्टर ने बांध की दीवार की मजबूती के लिए वर्ष 2023 में डाउन स्ट्रीम में डाले गए 425 मीटर लंबे और 5 मीटर चौड़े राफ्ट कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने एरीगेशन विभाग को बांध की मरम्मत कार्य का नया स्टीमेट बनाकर भेजने के निर्देश दिए।

जल संसाधन विभाग का दावा – डैम सुरक्षित

कार्यपालन यंत्री चैतन्य चौहान ने जानकारी दी कि फिलहाल डैम पूरी तरह सुरक्षित है। जल्द ही डैम सेफ्टी टीम द्वारा भी निरीक्षण कराया जाएगा ताकि किसी भी आपदा की आशंका को पहले ही रोका जा सके।

सिंचाई में निभा रहा अहम भूमिका

आवदा डैम की कुल पक्की दीवार की लंबाई 1158 मीटर और मिट्टी पाल की लंबाई 4497 मीटर है। लगभग 6 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला यह डैम 233 वर्ग किलोमीटर के विशाल कैचमेंट एरिया से पानी संग्रह करता है। यहां से निकली नहरों के माध्यम से दो दर्जन गांवों के करीब 9 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है।

यह डैम 1934 में सिंधिया स्टेट द्वारा बनवाया गया था और तब से यह रबी सीजन में किसानों की जीवनरेखा बना हुआ है।