Thursday, February 12, 2026
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मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल पोर्टल का शुभारंभ

डिजिटल न्याय की दिशा में बड़ा कदम, पीड़ितों को शीघ्र और पारदर्शी राहत मिलेगी

नई दिल्ली  श्योपुर, 21 सितंबर 2025
माननीय सर्वोच्च न्यायालय परिसर, नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में माननीय न्यायमूर्ति सूर्यकांत (न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, NALSA) ने ऑनलाइन डैशबोर्ड फॉर क्लेमेन्ट रीइम्बर्समेंट एंड डिपॉजिट सिस्टम तथा मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एम.ए.सी.टी.) पोर्टल का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी, न्यायमूर्ति आलोक अराधे (न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय) एवं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा भी उपस्थित रहे। वहीं न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, विवेक रूसिया एवं आनंद पाठक (सभी न्यायाधीश, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय) ने भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

एम.ए.सी.टी. पोर्टल मोटर दुर्घटना दावा अधिकरणों से जुड़े मामलों में ई-फाइलिंग, ऑनलाइन प्रगति ट्रैकिंग एवं मुआवजा वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। इसका उद्देश्य पीड़ितों और उनके परिजनों को शीघ्र एवं सरल न्याय उपलब्ध कराना है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और नया डैशबोर्ड

यह पहल सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 22 अप्रैल 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में की गई है। आदेश सुओ मोटू रिट याचिका (सिविल) सं. 7/2024 (In Re: Compensation Amounts Deposited With Motor Accident Claims Tribunals and Labour Courts) से संबंधित है। इसके तहत एक विशेष डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है जिस पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, 1923 अंतर्गत स्वीकृत मुआवजे की राशि और संबंधित विवरण नियमित रूप से अपलोड होंगे। यह व्यवस्था दावेदारों, अधिवक्ताओं, बीमा कंपनियों और अधिकरणों सभी के लिए उपयोगी होगी।

न्याय तक पहुंच संवैधानिक दायित्व ही नहीं, मानवीय कर्तव्य – न्यायमूर्ति सूर्यकांत

शुभारंभ अवसर पर न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि न्याय तक पहुंच केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य भी है। एम.ए.सी.टी. पोर्टल और नया डैशबोर्ड मिलकर दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध और पारदर्शी राहत उपलब्ध कराएंगे।

इस उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण मध्यप्रदेश के सभी जिलों और तहसीलों की अदालतों में न्यायाधीशों द्वारा देखा गया। श्योपुर जिले के समस्त न्यायाधीशगण भी ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल रहे।

भ्रामक डाटा फीड करने पर डाटा मैनेजर का एक माह का वेतन काटने के निर्देश

डीएचओ सहित 12 अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

श्योपुर, 20 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में योजनाओं की फीडिंग एवं रिपोर्टिंग में लापरवाही बरतने पर सख्त रुख अपनाया।

बैठक में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाअभियान में भ्रामक डाटा दर्ज करने पर जिला चिकित्सालय के डाटा मैनेजर प्रमोद वर्मा का एक माह का वेतन काटने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये। इसी मामले में डॉ. गजेन्द्र सिंह धाकड़ को भी दो वेतनवृद्धि रोके जाने के निर्देश दिये गये।

जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना में भुगतान होने के बावजूद पोर्टल पर जानकारी दर्ज न करने पर कराहल के कम्प्यूटर ऑपरेटर अनिल वर्मा की दो वेतनवृद्धि रोकने और बीएएम प्रमोद गुप्ता का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये गये। विजयपुर में 87.2 प्रतिशत फीडिंग होने पर बीएम रामप्रकाश अग्रवाल को भी सात दिन का वेतन काटने का नोटिस दिया गया।

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में रिपोर्ट लंबित रहने पर सिविल सर्जन, नोडल अधिकारी डॉ. जेएन सक्सैना एवं डॉ. सीमा शाक्य की दो वेतनवृद्धि रोकने और बीपीएम विजयपुर दिलीप डण्डोतिया का सात दिन का वेतन काटने के आदेश दिये गये।

हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जानकारी संतोषजनक न होने पर बीसीएम कराहल नवीन यादव की दो वेतनवृद्धि रोकी गई, वहीं बीपीएम कराहल वैशाली गोयल का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये गये। संपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम की जानकारी पोर्टल पर दर्ज न होने पर टीकाकरण अधिकारी डॉ. मुकेश मीणा की दो वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिये गये।

इसके अलावा, विभिन्न योजनाओं में 100 प्रतिशत डेटा एंट्री न कराये जाने पर डीपीएम डॉ. हेमंत रावत का सात दिन का वेतन काटने संबंधी नोटिस भी जारी किया गया।

गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित शिविर लगाने के निर्देश

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रतिमाह 9 और 25 तारीख को शिविर नियमित रूप से लगाये जायें। गर्भवती महिलाओं की जांच कर हाईरिस्क मामलों की पहचान की जाए और जिनमें हीमोग्लोबिन की कमी है, उन्हें एफसीएम इंजेक्शन दिया जाए। यह इंजेक्शन 21 दिन में हीमोग्लोबिन को तीन अंक तक बढ़ाता है।

स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 10,123 महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

पराली की मुहिम तेज, कलेक्टर ने किसान को सौंपी बेलर की चाबी

3 लाख 65 हजार के बेलर पर 50 फीसदी सब्सिडी, सुपर सीडर पर भी 40 प्रतिशत अनुदान

श्योपुर, 19 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा कि किसान पराली प्रबंधन में उपयोगी कृषि उपकरण खरीदने के लिए जागरूक हो रहे हैं, जिसके चलते जिले में सुपर सीडर और अन्य कृषि यंत्रों की खरीदी में तेजी आई है। बड़ी कंपनियां भी अब श्योपुर में बेलर और सुपर सीडर को प्रमोट कर रही हैं। किसानों के सहयोग से जिला प्रशासन की पराली न जलाने की मुहिम को बल मिला है।

वे शुक्रवार को जॉनडीयर कंपनी द्वारा मोतीकुंज में आयोजित किसानों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जॉनडीयर के एरिया मैनेजर श्रीकांत भुवन, जोनल मैनेजर प्रमोद रिकी, आशीष मोटर्स के संचालक, पेलेट्स एवं ब्रिकेट्स उद्योग से जितेंद्र मंगल और शिवम मूगिया सहित प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

92 हजार हेक्टेयर में धान की खेती

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि जिले में 92 हजार से अधिक रकबे में धान की खेती होती है। किसान नई-नई तकनीकें अपना रहे हैं और जिला प्रशासन द्वारा गत दो माह से चलाई जा रही पराली न जलाने की मुहिम को किसानों का साथ मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि पराली की आग से जमीन की उर्वरा शक्ति कमजोर होती जा रही है, जिससे हर वर्ष यूरिया और अन्य खाद की आवश्यकता बढ़ रही है। किसान अब पराली प्रबंधन की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।

बेलर से अतिरिक्त आमदनी

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि बेलर के माध्यम से पराली बेचकर किसान 200 रुपये प्रति क्विंटल तक अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त कर सकते हैं। श्योपुर में सात प्लांट संचालित हैं, जो पराली से पेलेट्स और ब्रिकेट्स बना रहे हैं।

किसान को सौंपी बेलर की चाबी

इस मौके पर कलेक्टर वर्मा ने जावदेश्वर निवासी गगनदीप सिंह को बेलर की चाबी सौंपी। शासन की ओर से 3 लाख 65 हजार रुपये की कीमत वाले बेलर पर 50 फीसदी सब्सिडी और 2 लाख 77 हजार रुपये लागत वाले सुपर सीडर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर वर्मा ने गत बुधवार को जॉनडीयर और टैफे जैसी बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन में उपयोगी कृषि यंत्रों के प्रमोशन के निर्देश दिए थे।

श्योपुर में मेडिकल स्टोर्स पर होगी कड़ी निगरानी, अवैध दवाओं की बिक्री पर लगेगी रोक

सभी मेडिकल स्टोर्स की होगी जांच, अवैध दवाओं और शराब पर होगी कड़ी कार्यवाही

श्योपुर, 18 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि श्योपुर जिले में संचालित सभी मेडिकल स्टोर्स की व्यापक जांच की जाए। जांच में दवाओं के स्टॉक के साथ यह भी देखा जाएगा कि कहीं प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री तो नहीं हो रही है। इसके लिए एसडीएम स्तर पर कार्रवाई होगी और ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि मेडिकल स्टोर्स की सूची अपर कलेक्टर को उपलब्ध कराई जाए।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित नशामुक्ति अभियान की बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बिना लाइसेंस के संचालित मेडिकल स्टोर्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोडीन, एलपरजोम, क्लोनाजेपम, एविल जैसी दवाएं केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही बेची जा सकती हैं। ऐसे मेडिकल स्टोर्स जो इन दवाओं का अवैध विक्रय करते पाए जाएंगे, उन्हें सील करने की कार्रवाई होगी।

उन्होंने आबकारी विभाग को निर्देशित किया कि अवैध शराब के प्रकरणों में भी कठोर कार्रवाई की जाए और निरंतर सर्चिंग अभियान चलाकर बिक्री रोकी जाए। इसी तरह एनडीपीसी एक्ट के तहत भी प्रभावी कार्यवाही के आदेश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक  सुधीर कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर  रूपेश उपाध्याय, एसडीएम  गगन सिंह मीणा, सीएमएचओ डॉ. दिलीप सिकरवार, सामाजिक न्याय उप संचालक श्रीमती शशिकिरण इक्का, शिक्षा विभाग के सहायक संचालक  यश जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने सामाजिक न्याय विभाग को ग्राम स्तर पर नशामुक्ति अभियान चलाने और शिक्षा विभाग को स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर सभी निजी अस्पतालों व प्राइवेट प्रैक्टिशनरों को यह सुनिश्चित करने की हिदायत दें कि सीरिंज का सही तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि उसका दोबारा उपयोग न हो सके।

धार्मिक नगरी श्योपुर नशे की गिरफ्त में कराह रही है… और अब जनता सड़कों पर उतरकर खुला अल्टीमेटम दे रही है।

श्योपुर दिनांक 17/9/25
श्योपुर में नशे के खिलाफ आज जबरदस्त हल्ला बोल देखने को मिला। शहरवासियों से लेकर ग्रामीण आंचल खेड़ा के लोग तक लामबंद हुए और एक विशाल रैली निकाली।

 

  यह रैली पाली रोड, बड़ौदा रोड, पुल दरवाजा, टोडी बाजार और मुख्य बाजार होती हुई सुभाष चौक और पुलिस कोतवाली पहुंची। यहां जनता ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एडिशनल एसपी को सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के बाद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन उसे सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया गया। इसी बात को लेकर नेताओं और धरातली कार्यकर्ताओं के बीच गुटबाजी सामने आई और माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।

इस दौरान गिर्राज भदौरिया ने साफ कहा—‘10 दिन में पुलिस कार्रवाई करे, वरना शहर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।’

भीड़ का संदेश भी बिल्कुल साफ रहा—अब या तो नशा रुकेगा, वरना श्योपुर की सड़कों पर और बड़ा जनसैलाब उतरेगा।

धार्मिक नगरी श्योपुर से नशे के खिलाफ यह बिगुल अब आंदोलन की चेतावनी में बदल चुका है।”

श्योपुर में अपराधियों पर प्रशासनिक कार्रवाई – दो आरोपी जिलाबदर, एक हाजरी के लिए पाबंद

श्योपुर, 17 सितंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर अवैध गतिविधियों में संलिप्त दो आरोपियों पर जिलाबदर की कार्रवाई की गई है।

👉 जिलाबदर आरोपी

  • लक्ष्मण पुत्र कन्हैयालाल मीणा, निवासी ग्राम आवनी थाना मानपुर – जिस पर 08 अपराध दर्ज हैं।

  • मनोज उर्फ मन्नू पुत्र बृजेश जागिड, निवासी वार्ड क्रमांक 01 बडौदा थाना बडौदा – जिस पर 06 अपराध दर्ज हैं।

दोनों आरोपियों को श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी एवं ग्वालियर जिलों की सीमाओं से 3 माह के लिए निष्कासित किया गया है।

👉 हाजरी के लिए पाबंद आरोपी
इसी क्रम में मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3(1)(क) एवं 3(1)(ग) के तहत आपराधिक रिकॉर्ड वाले आरोपी

  • सियाराम पुत्र खेतूराम मीणा, निवासी काचरमूली थाना मानपुर – जिस पर 04 अपराध दर्ज हैं,
    को आदेश जारी कर अगले 3 माह तक सप्ताह में दो बार थाना मानपुर में हाजरी देने के लिए पाबंद किया गया है।

➡️ प्रशासन की यह कार्रवाई लोक व्यवस्था एवं जनहित में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है।

🩸 जिला चिकित्सालय श्योपुर में रक्तदान शिविर आयोजित, 33 यूनिट रक्त एकत्रित

श्योपुर, 17 सितंबर 2025
प्रदेशव्यापी रक्तदान महाअभियान के तहत आज जिला चिकित्सालय श्योपुर में मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा ने फीता काटकर किया। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शिविर में कुल 33 यूनिट रक्तदान किया गया। जिला अस्पताल सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं को ब्लड बैंक एवं जिला चिकित्सालय द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, एसडीएम  गगन सिंह मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक श्री दुर्गालाल विजय, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष  सुरेन्द्र जाट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  नीरज जाट, रेडक्रॉस सचिव  दिनेश दुबोलिया, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष  मोनू सोनी, सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिलीप सिकरवार ने बताया कि रक्तदान अभियान के तहत आगामी दिनों में विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी शिविर आयोजित किए जाएंगे—

  • 18 सितंबर : पीएचसी ढोढर

  • 19 सितंबर : पीएचसी दांतरदा

  • 20 सितंबर : पीएचसी प्रेमसर

  • 22 सितंबर : पीएचसी मानपुर

  • 23 सितंबर : पीएचसी मकडावदा

  • 24 सितंबर : पीएचसी रघुनाथपुर

  • 25 सितंबर : पीएचसी वीरपुर

  • 26 सितंबर : पीएचसी सहसराम

  • 27 सितंबर : सीएचसी अगरा

  • 29 सितंबर : सीएचसी कराहल

  • 30 सितंबर : सीएचसी बडौदा

  • 01 अक्टूबर : सीएचसी विजयपुर

👉 जिलेभर में यह अभियान रक्त की उपलब्धता बढ़ाने और मरीजों की जान बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

श्योपुर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब – नशे के खिलाफ गूंजा हल्ला बोल

धार्मिक नगरी श्योपुर नशे की गिरफ्त में” –

धार्मिक नगरी में गूंजा “हल्ला बोल” – सड़क पर उतरे आमजन, नेता और संगठन

श्योपुर, 17 सितंबर 2025
आज श्योपुर की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर वर्ग, हर समाज, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक संगठन एक सुर में थे—“नशे का धंधा बंद करो” की गूंज पूरे नगर में सुनाई दी।

हजारों लोग पाली रोड, बड़ौदा रोड, पुल दरवाजा, टोडी बाजार और मुख्य बाजार से होते हुए सुभाष चौक और पुलिस कोतवाली तक पैदल मार्च करते पहुंचे। हाथों में बैनर-पोस्टर और होंठों पर गूंजते नारे—यह नजारा साफ बता रहा था कि जनता अब खामोश नहीं रहेगी।

कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एडिशनल एसपी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि—

श्योपुर, जो धार्मिक नगरी और शांति का प्रतीक कहलाती है, आज नशे की गिरफ्त में कराह रही है।
गांजा, चरस और कच्ची शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है।
➡ युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर धकेली जा रही है, अपराध बढ़ रहे हैं और कई युवा जान तक गंवा चुके हैं।

लोगों ने मांग की कि जिले में तत्काल नशा मुक्ति केंद्र स्थापित हो, नशा व्यापारियों की संपत्ति कुर्क की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

भीड़ में शामिल लोगों का कहना था—“अब या तो नशे का कारोबार रुकेगा, या जनता और बड़ा आंदोलन करेगी।”

जनसुनवाई में बुजुर्गों को राहत, बीपीएल में नाम जुड़ा तो पेंशन का रास्ता खुला

श्योपुर, 16 सितंबर 2025
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने 190 आवेदनों की सुनवाई कर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कई आवेदकों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ भी दिलाया गया।

 बीपीएल में नाम जुड़ा, पेंशन भी मिलेगी
ग्राम ढोढर निवासी बुजुर्ग सुगन जाटव का नाम बीपीएल सूची में जोड़ने की प्रक्रिया की गई। साथ ही सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिया गया कि नाम जुड़ते ही तत्काल वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत की जाए।

कल्याण आदिवासी को पेंशन का लाभ
ग्राम कैलोर निवासी बुजुर्ग कल्याण आदिवासी का आवेदन देखते ही अपर कलेक्टर ने मौके पर ही पेंशन स्वीकृत करा दी। अब उन्हें ₹600 मासिक पेंशन का लाभ मिलेगा

मकान से कब्जा हटाने के निर्देश
ग्राम आवनी निवासी कैडा बाई ने मकान पर अवैध कब्जे की शिकायत की। इस पर नायब तहसीलदार मानपुर टीएस लकड़ा को मौके पर जाकर जांच कर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए।

दो हितग्राहियों को मिलेगा आवास का लाभ
ग्राम नागरगावड़ा की प्रकाशी बाई मीणा और ग्राम नदीगांव की सरोज रावत को पीएम आवास योजना के तहत शामिल कर लिया गया है। आवास सर्वे 2.0 में नाम जुड़ने के बाद उन्हें जल्द ही योजना का लाभ मिलेगा।

📌 जनसुनवाई में एसडीएम गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे

20 साल से किराया चुकाने वाले दुकानदारों पर उजड़ने का खतरा, प्रशासन का अल्टीमेटम

श्योपुर, 16 सितंबर 2025
नगर पालिका ने पुलिस लाइन के सामने जिला पंचायत बंगले के बगल से होकर बनने NH 552 के  नाले को लेकर वहां बनी गुमटियों को हटाने का अल्टीमेटम जारी कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि गुमटियां नाले के निर्माण में बाधा बन रही हैं, इसलिए इन्हें हटाना जरूरी है।

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिन दुकानदारों ने 25 जून 2002 से बाकायदा नगर पालिका के एग्रीमेंट पर किराए की दुकानें लीं, हर माह ₹100 से लेकर ₹1100 तक का किराया भरा, जो जुलाई 2025 तक नियमित जमा है, उन दुकानदारों को अब अचानक उजाड़ने की नौबत क्यों आई?

करीब 25 से 30 दुकानदार, जो पिछले 20 सालों से अपनी गुमटी या दुकान में बैठकर अपने परिवार का गुजर-बसर कर रहे हैं, अब बेरोजगारी और उजड़ने की कगार पर हैं। दुकानदारों का कहना है –
“नगर पालिका ने हमें दुकान किराए पर दी, किराया लिया, रसीद दी। अब जब हमें यहां से हटाया जाएगा तो हमारे बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा? हम कहां जाएंगे?”

प्रशासन की सख्ती के बीच दुकानदारों की बेबसी साफ झलक रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब नगर पालिका ने खुद किराया लिया और दुकानों का एग्रीमेंट किया, तो अब हटाने की कार्रवाई से इन परिवारों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

इधर, सीएमओ राधा रमण यादव ने सभी दुकानदारों को मीटिंग के लिए बुलाया है। अब देखना होगा कि इस बैठक से कोई ठोस समाधान निकलता है या फिर बुधवार से दर्जनों परिवार दर-दर भटकने को मजबूर हो जाएंगे।

👉 प्रशासन का अल्टीमेटम और दुकानदारों की बेबसी—यह टकराव अब शहर में बड़ी बहस का मुद्दा बन गया है।