कूनो नदी में मुख्यमंत्री ने छोड़े घड़ियाल–कछुए, जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती

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पर्यावरण और पर्यटन की दृष्टि से ऐतिहासिक कदम – मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव

शासकीय कार्यक्रम या पार्टी कार्यक्रम?’—जनता के बीच बहस तो सोशल मीडिया पर भी दिखी गर्माहट

श्योपुर 1मार्च 2026

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कूनो नेशनल पार्क स्थित कूनो नदी में 53 घड़ियाल और 25 कछुओं को रिलीज किया। मुख्यमंत्री ने इसे पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर बताया और कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है, इस वर्ष प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


विलुप्तप्राय जीवों के संरक्षण का संकल्प

राष्ट्रीय चंबल राष्ट्रीय अभयारण्य के तत्वावधान में आयोजित घड़ियाल रिलीज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि घड़ियाल और कछुओं का संरक्षण–संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। विलुप्त होते जीवों के संरक्षण के संकल्प के साथ सरकार लगातार कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट कूनो में निरंतर सफलता की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में बोत्सवाना से आए 9 चीतों के बाद प्रदेश में चीतों की संख्या 48 हो गई है।


पालपुर फोर्ट के सामने हुआ रिलीज कार्यक्रम

कूनो नेशनल पार्क के भीतर पालपुर फोर्ट के सामने कूनो नदी किनारे आयोजित कार्यक्रम में

  • 53 घड़ियाल (Gavialis gangeticus) — जिनमें 28 नर और 25 मादाएं

  • 25 कछुए (Three Striped Roofed Turtle – Batagur dhongoka)
    नदी में छोड़े गए।

इस अवसर पर राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, देवरी (मुरैना) की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी किए घड़ियाल रिलीज

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे और उन्होंने भी घड़ियाल रिलीज किए।

शासकीय कार्यक्रम या पार्टी कार्यक्रम?’—जनता के बीच बहस

आम चर्चा यह है कि हालिया शासकीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे यह संदेश जा रहा है कि कार्यक्रम जनता या प्रशासन के नहीं, बल्कि किसी दल विशेष के हैं। स्थानीय मत के अनुसार, इससे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व की भावना को ठेस पहुंचती है।

लोग यह भी याद दिला रहे हैं कि श्योपुर की जनता ने बार-बार विधानसभा में कांग्रेस को चुना, यहां तक कि उपचुनाव में भी पार्टी बदलने के बाद उम्मीदवार को जनता ने स्वीकार नहीं किया। “यहां चेहरा नहीं, जनता ने पार्टी चुनी”—ऐसी धारणा लंबे समय से बनी रही है। सोशल मिडिया पर भी लोग तंज कसते दिखे 


जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

कार्यक्रम में पूर्व वन मंत्री रामनिवास रावत, सहरिया विकास प्राधिकरण अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा तुरसनपाल बरिया, उपाध्याय राज्य मंत्री दर्जा सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई आदिवासी, भाजपा जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रशासनिक स्तर पर एसीएस वन संदीप यादव, कमिश्नर सुरेश कुमार, आईजी चंबल सचिन अतुलकर, कलेक्टर अर्पित वर्मा, पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल

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