Thursday, October 1, 2026
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जिले के सरकारी स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति पर सख्त कलेक्टर, तत्काल निरीक्षण और मरम्मत के निर्देश

श्योपुर, 25 जुलाई 2025
जिले में जारी बारिश के मौसम को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शासकीय स्कूल भवनों की भौतिक स्थिति का तत्काल निरीक्षण कराने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी और सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग को विशेष रूप से उन विद्यालयों का सतर्कता से निरीक्षण करने के लिए कहा है, जहां से छत से पानी टपकने, सीलन, दरारें या भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी प्राप्त हो रही है।

कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूल भवनों की स्थिति खराब है, वहां बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और मरम्मत का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए। यदि किसी भवन की छत या संरचना इतनी जर्जर है कि कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है, तो ऐसे में छात्रों को वैकल्पिक सुरक्षित स्थानों पर बैठाया जाए। किसी भी सूरत में क्षतिग्रस्त भवनों में शैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित न की जाएं।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी शासकीय विद्यालयों का निरीक्षण उपयंत्रियों (सब इंजीनियरों) से कराया जाए और विद्यालय भवन की सुरक्षा का प्रमाण पत्र लिया जाए।

कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा कि बच्चों की जान के साथ किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्यवाही का उद्देश्य स्कूलों को सुरक्षित बनाना और विद्यार्थियों को एक सुरक्षित एवं बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।

उगना के सहराना में रोगियों का फॉलोअप जारी, कलेक्टर ने पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा

श्योपुर, 25 जुलाई 2025
कराहल जनपद के उगना सहराना एवं किटर्रा का सहराना गांव में मौसमी बीमारियों के प्रकोप को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है। शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने अधिकारियों के साथ गांव का भ्रमण कर स्वास्थ्य सेवाओं और उपचार व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित ग्रामीणों के घर जाकर उपचार की स्थिति की जानकारी ली और उन्हें ढांढस बंधाया।

कलेक्टर  वर्मा ने प्रभावित चार परिवारों —  राजवीर आदिवासी,  गजराज आदिवासी, श्रीमती मछला आदिवासी एवं  भज्जी आदिवासी — को रेडक्रॉस के माध्यम से 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।

भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मेडिकल टीमें गांव में नियमित भ्रमण करें और सभी रोगियों का फॉलोअप सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे डॉक्टरों द्वारा दी गई दवाओं का समय पर सेवन करें और किसी भी लक्षण की स्थिति में तुरंत चिकित्सा टीम को सूचित करें।

गांव में सफाई व्यवस्था को लेकर भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है और जनपद पंचायत के माध्यम से स्वच्छता गतिविधियां तेज कर दी गई हैं।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम  मनोज गढ़वाल, तहसीलदार सुश्री रोशनी शेख, सीएमएचओ डॉ. दिलीप सिकरवार, जनपद सीईओ राकेश शर्मा, आयुष अधिकारी डॉ. जीपी वर्मा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर:
सीएमएचओ डॉ. सिकरवार ने बताया कि आज फिर से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने उगना सहराना में फॉलोअप किया, सभी रोगियों की जांच कर दवाएं वितरित की गईं। आयुष विभाग की टीम द्वारा भी घर-घर जाकर मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु सेवाएं दी जा रही हैं। फॉलोअप के दौरान किसी भी नए मरीज की पहचान नहीं हुई है, जो राहत की बात है।

मेडिकल कॉलेज श्योपुर की डॉ. अंजना निरंजन की टीम भी सक्रिय रूप से गांव में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही है।

प्रशासन की यह सक्रियता ग्रामीणों में विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत कर रही है।

सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस, सुपरवाइजर निलंबित तीन चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारियों पर कार्रवाई

मौसमी बीमारियों की जानकारी छुपाने और लापरवाही पर कलेक्टर सख्त

श्योपुर, 24 जुलाई 2025।
उगना सहराना गांव में मौसमी बीमारियों के संक्रमण की गंभीर सूचना को समय रहते उच्चाधिकारियों तक न पहुंचाने और आवश्यक स्वास्थ्य प्रबंध न करने पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कराहल सीडीपीओ श्री नितिन मित्तल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं सेक्टर सुपरवाइजर श्रीमती रेखा अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

 स्वास्थ्य अमले की लापरवाही पर कड़ी फटकार

मौसमी बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिलीप सिकरवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कराहल के तीन चिकित्सकों —

  • डॉ. सुरेन्द्र मांझी (चिकित्सा अधिकारी)

  • डॉ. केके नुवाल (संविदा चिकित्सक)

  • डॉ. सौरभ कुशवाह
    को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

 नर्सिंग और फील्ड स्टाफ पर भी कार्रवाई

इसी क्रम में कराहल विकासखंड की बीपीएम श्रीमती वैशाली गोयल, स्टाफ नर्स श्रीमती गीता बहले, एएनएम श्रीमती ममता सेगर, आशा सुपरवाइजर श्रीमती प्रतिभा प्रभाकर तथा आशा कार्यकर्ता श्रीमती उर्मिला शर्मा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

 कलेक्टर ने जताई गंभीर चिंता

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि संक्रमण फैलाव की जानकारी छुपाना या विलंबित सूचना देना अत्यंत गंभीर लापरवाही है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड कर्मचारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक नियंत्रण एवं राहत कार्य शुरू किए जा सकें।

प्रशासन की सख्ती का संकेत

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि मौसमी बीमारियों या अन्य आपदा स्थितियों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी/कर्मचारी अपने कार्य में तत्परता और सजगता बनाए रखें।

संपर्क में रहें – सुरक्षित रहें। प्रशासन सतर्क है, और आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध भी।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल लाई रंग, केंद्र ने बढ़ाई गेहूं की मात्रा

अब पीडीएस में मिलेगा 75% गेहूं और 25% चावल, केंद्र का बड़ा फैसला

भोपाल, 24 जुलाई 2025
मध्यप्रदेश के पात्र हितग्राहियों को अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अधिक मात्रा में गेहूं मिलेगा। वर्षों से लंबित इस मांग को प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत के सतत प्रयासों के चलते केंद्र सरकार ने आखिरकार स्वीकृति दे दी है। अब पात्र परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न में 75 प्रतिशत गेहूं और 25 प्रतिशत चावल वितरित किया जाएगा। जबकि पूर्व में यह अनुपात 60:40 (चावल:गेहूं) था।

खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में इस बदलाव की मांग लंबे समय से हो रही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका था। मंत्री बनने के बाद श्री राजपूत को जिलों के दौरे के दौरान बार-बार यह सुझाव मिला कि पीडीएस में गेहूं की मात्रा बढ़ाई जाए, क्योंकि मध्यप्रदेश की अधिकांश आबादी चावल की तुलना में गेहूं का अधिक उपयोग करती है।

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से की थी विशेष भेंट

हाल ही में गोविंद सिंह राजपूत ने दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर यह मुद्दा प्रभावशाली ढंग से उठाया। मंत्री राजपूत ने बताया कि राज्य में चावल की मांग अपेक्षाकृत कम है, और अधिक मात्रा में वितरित चावल का अक्सर दुरुपयोग या अवैध बिक्री हो जाती है। जबकि अगर लोगों को उनकी पसंद और आवश्यकता के अनुसार गेहूं मिले, तो यह व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और हितग्राही-केंद्रित होगी।

श्री जोशी को यह सुझाव व्यावहारिक और समसामयिक प्रतीत हुआ, और मात्र एक सप्ताह के भीतर केंद्र ने इस पर निर्णय लेकर आदेश जारी कर दिए।

केंद्र का फैसला बना नीतिगत बदलाव की मिसाल

यह निर्णय सिर्फ खाद्यान्न वितरण अनुपात में बदलाव नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि यदि मांग व्यवहारिक हो और नेतृत्व में इच्छाशक्ति हो, तो नीतिगत बदलाव संभव हैं। यह फैसला केंद्र और राज्य के समन्वय की एक सशक्त मिसाल बनकर सामने आया है।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की यह पहल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी दिशा-निर्देशक मॉडल बन सकती है। राज्य सरकार अब पीडीएस को और अधिक पारदर्शी व तकनीक-संचालित बनाने की दिशा में काम कर रही है। आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल वितरण ट्रैकिंग, ई-केवाईसी जैसे उपायों को तेजी से अपनाया जा रहा है।

 राजपूत ने जताया आभार, बताया फैसला ऐतिहासिक

इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री श्री राजपूत ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा—

“पीडीएस में गेहूं की मात्रा बढ़ाने के अनुरोध को मात्र एक सप्ताह में मान लेना, यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार जनहित में त्वरित निर्णय लेने में सक्षम है।”

उन्होंने कहा कि खाद्यान्न उपार्जन से लेकर वितरण तक की व्यवस्था में निरंतर सुधार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही वंचित न रह जाए।

अब गेहूं मिलेगा ज्यादा, हितग्राहियों को सीधा लाभ

राज्य में नए अनुपात के तहत अब लोगों को अधिक उपयोगी और पसंदीदा अनाज गेहूं मिलेगा, जिससे योजना की उपयोगिता और स्वीकार्यता दोनों में इज़ाफा होगा। यह कदम न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि गरीब एवं वंचित वर्ग को राहत पहुंचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल साबित होगा।

मुख्य बिंदु संक्षेप में:

🔹 पहले: 60% चावल, 40% गेहूं
🔹 अब: 25% चावल, 75% गेहूं
🔹 मप्र की जनसंख्या की मांग अनुसार अनाज वितरण
🔹 दुरुपयोग की संभावना कम, पारदर्शिता अधिक
🔹 केंद्र–राज्य समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण

अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जाए — प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला


श्योपुर में बाढ़ राहत तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित

श्योपुर, 24 जुलाई 2025
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री  राकेश शुक्ला ने बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि अतिवृष्टि या बाढ़ की स्थिति में तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएं, ताकि जनहानि और क्षति को रोका जा सके।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सूचना तंत्र को प्रभावी बनाया जाए और मैदानी अमले को बाढ़ संभावित चिन्हित गांवों में सतत निगरानी हेतु सक्रिय किया जाए। प्रभारी मंत्री ने यह निर्देश आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के माध्यम से दिए।

 बैठक के प्रमुख बिंदु:

  • जिले में बाढ़ की आशंका वाले 60 गांवों की पहचान की गई है, जिनकी निगरानी पटवारियों एवं पंचायत सचिवों द्वारा की जा रही है।

  • SDRF की टीमों को विजयपुर सहित संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।

  • नदी-नालों पर स्थित पुल-पुलियों एवं रपटों पर निगरानी रखी जा रही है।

  • बाढ़ की स्थिति में आवागमन बंद करने की कार्यवाही तत्समय की जाएगी।

  • राहत शिविरों का पहले से चिन्हांकन कर लिया गया है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने की सूचना समय पर प्राप्त होनी चाहिए और नदी किनारे ग्रामों में सतर्कता व निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली, सर्पदंश और डूबने जैसी दुर्घटनाओं में पीड़ितों को शासन के निर्देश अनुसार तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।

 बैठक में अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी रहे उपस्थित:

बैठक में कलेक्टर  अर्पित वर्मा, डीएफओ कूनो  आर. थिरूकुराल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, भाजपा जिला अध्यक्ष  शशांक भूषण, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक  दुर्गालाल विजय,  बृजराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य  महावीर सिंह सिसौदिया,  कैलाशनारायण गुप्ता,  अशोक गर्ग, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि  राजू सुमन, उपाध्यक्ष  दारा सिंह बंजारा, मंडल अध्यक्ष  संजय मंगल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की भी समीक्षा

बैठक में विद्युत विभाग ने बताया कि

  • सलापुरा, पच्चीपुरा, हिरनीखेड़ा, और खैरघटा के सब स्टेशन शुरू कर दिए गए हैं।

  • मेखड़ाहेड़ी में निर्माणाधीन सब स्टेशन का कार्य 7 दिन में पूरा किया जाएगा।

  • आरडीएसएस योजना के द्वितीय चरण में सायपुरा, जाखदा जागीर, श्रीपुरा, बुढेरा, रानीपुरा, मेवाडा, रायपुरा, बरोली, करिरिया, बावड़ी मंदिर जावदेश्वर, आमल्दा, ढीमचौतरा, ओछापुरा और ककरधा में नवीन विद्युत उपकेंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।

आवदा डैम और रामेश्वर घाट का विकास प्रस्तावित

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जानकारी दी कि आवदा डैम की मरम्मत का प्रस्ताव जल संसाधन विभाग को भेजा गया है। साथ ही त्रिवेणी संगम रामेश्वर घाट को विकसित करने का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘नवांकुर सखी-हरियाली यात्रा’ पोस्टर का विमोचन


श्योपुर, 23 जुलाई 2025

मध्यप्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के अध्यक्ष डॉ. मोहन यादव ने आज ‘नवांकुर सखी-हरियाली यात्रा’ कार्यक्रम के पोस्टर का समत्व भवन में भव्य विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अभियान में शामिल हो रही नवांकुर सखियों को शुभकामनाएं दीं और पर्यावरण संरक्षण में उनकी सतत व सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा जताई। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के माध्यम से स्वैच्छिक रूप से पर्यावरण को समर्पित यह अभियान समाज में हरियाली और जागरूकता दोनों को बढ़ावा देगा।

🌿 अभियान की प्रमुख विशेषताएं:

  • हरियाली अमावस्या (24 जुलाई) से शुरू होकर पाँच दिवसीय यात्रा आयोजित की जाएगी।

  • प्रदेश के 313 विकासखंडों के 1565 सेक्टरों में यह यात्रा संचालित होगी।

  • प्रत्येक सेक्टर में 100 महिलाएं ‘नवांकुर सखी’ के रूप में पंजीकृत की गई हैं।

  • प्रत्येक सखी 11 बीज रोपण थैलियों के माध्यम से अपने घर में पौधों का विकास करेंगी।

  • इस पहल से प्रदेश के हर विकासखंड में लगभग 5500 पौधे तैयार होंगे।

🌱 अभियान का राज्य स्तरीय प्रभाव:

  • कुल 1,56,500 नवांकुर सखियों द्वारा 17,21,500 पौधे तैयार किए जाएंगे।

  • ये पौधे भविष्य में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत शासकीय या निजी भूमि में परिवार के विशेष अवसरों पर रोपे जाएंगे।

इस अवसर पर जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सहित परिषद के अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस अभियान को समाज और पर्यावरण के हित में ऐतिहासिक पहल बताया।

यह नवाचार नारी शक्ति, स्वैच्छिकता और पर्यावरणीय चेतना का आदर्श उदाहरण बनकर मध्यप्रदेश को हरियाली के नए पथ पर अग्रसर करेगा।

मुख्यालय पर अनुपस्थिति और लापरवाही पर कार्रवाई — डॉक्टर सहित तीन CHO और चार ANM को कारण बताओ नोटिस


श्योपुर, 23 जुलाई 2025

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी विजयपुर डॉ. एस.एन. बिंदल ने सख्त कदम उठाते हुए डॉक्टर सहित तीन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) एवं चार एएनएम (ANM) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

डॉ. बिंदल ने जानकारी दी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र विजयपुर में पदस्थ संविदा चिकित्सक डॉ. प्रमोद गहलोत द्वारा 21 जून से 30 जून तक एवं जुलाई माह में 10 दिन की उपस्थिति सार्थक एप पर दर्ज नहीं की गई। साथ ही वे मुख्यालय पर निवास भी नहीं कर रहे हैं, जिससे एनबीएसयू (नवजात शिशु देखभाल इकाई) तथा एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र) के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इस गंभीर लापरवाही पर उन्हें दो दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी प्रकार, मुख्यालय पर निवास न करने एवं कार्यों में अपेक्षित रुचि न लेने के कारण निम्नलिखित CHO को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए:

  •  नरेंद्र शर्मा, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, टर्राकलां

  •  राजेंद्र सैनी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दउदपुर

  • श्रीमती करूणा कंवडकर, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बुढेरा

वहीं चार ANM पर भी मुख्यालय से अनुपस्थित रहने और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई है:

  • श्रीमती शांति तोमर, उप स्वास्थ्य केन्द्र, बुढेरा

  • श्रीमती साधना बाथम, उप स्वास्थ्य केन्द्र, अगरा

  • श्रीमती कलादेवी आदिवासी (संविदा), उप स्वास्थ्य केन्द्र, अर्रोद

  • श्रीमती पुष्पा धाकड़ (संविदा), उप स्वास्थ्य केन्द्र, इकलौद

डॉ. बिंदल ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधितों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा गया है। यदि उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित कर्मियों का वेतन रोका जा सकता है तथा अन्य प्रशासनिक कार्यवाही भी की जाएगी।

प्रशासन का यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक स्पष्ट संदेश है कि लापरवाही और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

श्योपुर में दो स्कूल वाहन जब्त, 8 वाहनों पर चालानी कार्रवाई से वसूले ₹31,500

श्योपुर, 22 जुलाई 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में जिले में वाहन चैकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में परिवहन विभाग श्योपुर द्वारा विजयपुर क्षेत्र में की गई जांच के दौरान दो स्कूल वाहन जब्त किए गए हैं, वहीं विभिन्न अनियमितताओं के चलते 8 अन्य वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए ₹31,500 का राजस्व वसूला गया।

जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती रंजना कुशवाह ने जानकारी दी कि चैकिंग के दौरान कुल 42 वाहनों के दस्तावेज, सुरक्षा मानकों एवं फिटनेस आदि की गहन जांच की गई। दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर 8 वाहनों पर चालान कर राजस्व वसूला गया।

इस अभियान के दौरान एपीएस स्कूल की बस एवं जीनियस स्कूल का मैजिक वाहन आवश्यक कागजातों की कमी और नियमों के उल्लंघन के कारण जब्त कर विजयपुर थाना परिसर में खड़े करवाए गए हैं।

परिवहन विभाग द्वारा स्कूल वाहनों की जांच को लेकर यह सख्त रुख बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनाया गया है। विभाग ने वाहन मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर सभी दस्तावेजों को अपडेट रखें और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।

दलारना में 86.70%, मोरावन में 77.2% और जाखदा में 71.5% मतदान — पंचायत उप निर्वाचन शांतिपूर्ण संपन्न

श्योपुर, 22 जुलाई 2025
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  अर्पित वर्मा के निर्देशन में श्योपुर जिले की तीन पंचायतों में सरपंच पद हेतु हुए उप निर्वाचन का मतदान शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। श्योपुर विकासखण्ड की दलारना कला पंचायत में सर्वाधिक 86.70 प्रतिशत, कराहल विकासखण्ड की मोरावन पंचायत में 77.2 प्रतिशत एवं जाखदा पंचायत में 71.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

मतदान आंकड़े इस प्रकार रहे:
दलारना कलां (श्योपुर विकासखण्ड):

  • कुल मतदाता: 1452

  • कुल मतदान: 1259

  • महिला मतदाता: 679 में से 545 ने मतदान किया

  • पुरुष मतदाता: 782 में से 714 ने मतदान किया
    (रिटर्निंग ऑफिसर: श्रीमती मनीषा मिश्रा)

मोरावन (कराहल विकासखण्ड):

  • कुल मतदाता: 1611

  • कुल मतदान: 1244

  • महिला मतदाता: 712 में से 588 ने मतदान किया

  • पुरुष मतदाता: 839 में से 656 ने मतदान किया
    (रिटर्निंग ऑफिसर: सुश्री रोशनी शेख)

जाखदा पंचायत:

  • कुल मतदाता: 1343

  • कुल मतदान: 961

  • महिला मतदाता: 661 में से 454 ने मतदान किया

  • पुरुष मतदाता: 682 में से 507 ने मतदान किया

सुरक्षा एवं व्यवस्था:
उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) संजय जैन ने जानकारी दी कि मतदान उपरांत सभी ईवीएम मशीनों को सुरक्षा के साथ स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया है एवं उन्हें आरओ की उपस्थिति में सील किया गया। मतगणना 26 जुलाई को प्रातः 8 बजे से संबंधित विकासखण्ड मुख्यालयों पर की जाएगी।

निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे यह उप निर्वाचन पूर्णतः शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

विस्थापित बागचा गांव के 10 युवाओं को ड्रायविंग का प्रशिक्षण, कूनो वन मंडल की रोजगारोन्मुख पहल

श्योपुर, 22 जुलाई 2025
कूनो नेशनल पार्क से विस्थापित हुए ग्राम बागचा के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कूनो वन मंडल द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। ग्राम के 10 युवाओं को वाहन चालक का एक माह का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे स्वरोजगार से जुड़ सकें।

वनमंडलाधिकारी  आर. थिरूकुरल ने बताया कि यह पहल न केवल युवाओं के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उनके पुनर्वास प्रयासों को भी सशक्त बनाएगी। आदिवासी युवाओं को ड्रायविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएंगे।

प्रशिक्षण शुभारंभ अवसर पर एसडीओ श्योपुर  भानू प्रकाश बथमा, वन परिक्षेत्र अधिकारी बागचा अविचल त्रिपाठी, कार्यवाहक वनपाल  शैलेन्द्र शर्मा एवं वनरक्षक  मनोज जाटव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

विस्थापन के बाद पुनर्वास में निरंतर प्रयास
उल्लेखनीय है कि कूनो नेशनल पार्क से विस्थापित ग्राम बागचा को चंबल दाहिनी मुख्य नहर के किनारे चकबमूलिया के पास “नवीन बागचा” के रूप में पुनः बसाया गया है। ग्रामीणों को कृषि के साथ-साथ अन्य रोजगार से जोड़ने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं।

विस्थापन योजना के अंतर्गत पात्र पाए गए 223 परिवारों में से 53 ने विकल्प-1 (एकमुश्त राशि ₹15 लाख) और 170 ने विकल्प-2 (2 हेक्टेयर भूमि + ₹3 लाख आवास सहायता) का चयन किया था। सरकार द्वारा इन विस्थापितों के लिए सभी आवश्यक मूलभूत और अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

कूनो वन मंडल की यह पहल विस्थापित समुदाय को एक नई दिशा देने के साथ-साथ उनके उज्जवल भविष्य की नींव भी रख रही है।