बड़ौदा में जलभराव और बाढ़ से स्थायी राहत हेतु ठोस कार्ययोजना बने – नरेन्द्र सिंह तोमर

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आपदा प्रबंधन को लेकर वर्चुअल बैठक, प्रभारी मंत्री और सांसद भी जुड़े, 33 करोड़ की योजना की जानकारी

श्योपुर, 05 अगस्त 2025
हर वर्ष बड़ौदा कस्बे में जलभराव और बाढ़ की विकट स्थिति से निपटने के लिए अब स्थायी समाधान की दिशा में कार्य शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता नरेन्द्र सिंह तोमर ने निर्देश दिए कि ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि हर वर्ष अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके।

वे मंगलवार को आयोजित बाढ़ आपदा प्रबंधन पर जिला स्तरीय बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल निकासी की उपयुक्त व्यवस्था के लिए तकनीकी रूप से सक्षम प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजा जाए, जिससे स्वीकृति के उपरांत त्वरित कार्य हो सके।

बैठक में प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला एवं क्षेत्रीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और उन्होंने बाढ़ राहत, क्षति आकलन, मुआवजा वितरण, एवं संवेदनशील गांवों के लिए पूर्व-तैयारी पर बल दिया।

33 करोड़ का प्रस्ताव तैयार, हाईराइज पुल और डायवर्शन योजना शामिल

बैठक में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बताया कि बड़ौदा क्षेत्र के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा ₹33 करोड़ की लागत से एक विस्तृत परियोजना बनाई गई है। इसमें बड़ौदा से होकर गुजरने वाले तीन प्रमुख नालों को डायवर्ट कर अहेली नदी से जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही एमपीआरडीसी के अंतर्गत बड़ौदा कस्बे में तीन स्थानों पर हाईराइज पुल निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा गया है।

कलेक्टर ने यह भी अवगत कराया कि इस वर्ष अब तक जिले में 1083 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से लगभग 20% अधिक है। 29-30 जुलाई को कोटा बैराज और कालीसिंध बांध से जल छोड़ने के कारण चंबल एवं पार्वती नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बनी, लेकिन आपदा पूर्व तैयारियों और त्वरित राहत कार्यों से स्थिति नियंत्रित रही।

राहत कार्यों में तेजी, 60 गांव रहे अलर्ट पर

कलेक्टर ने बताया कि जिले में बाढ़ प्रभावित 60 गांवों में अलर्ट जारी किया गया था। इस दौरान 11 राहत शिविरों का संचालन किया गया एवं प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत सहायता के प्रकरण भी लगातार स्वीकृत किए जा रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों के सुझाव – ब्रिज, डैम, अतिक्रमण हटाने पर दिया बल

बैठक के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न उपयोगी सुझाव दिए, जिनमें शामिल हैं:

  • नागदा रोड, नहर पुल और मानपुर में निर्माणाधीन पुलों को शीघ्र पूर्ण कराना।

  • आवदा बांध के कैचमेंट एरिया में पूरक स्टॉप डैम का निर्माण।

  • बड़ौदा के रतोदन नाले को रातड़ी नदी में डायवर्ट करना।

  • किला गेट, गांधी पार्क, टोडी बाजार जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों में अंडरग्राउंड पाइप नाले का निर्माण।

  • सभी नालों से अतिक्रमण हटाकर नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करना।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु गर्ग, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर सिंह सिसोदिया, पूर्व जिला अध्यक्ष  सुरेन्द्र जाट, नगर परिषद बड़ौदा के प्रतिनिधि, विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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