Monday, April 6, 2026
Home Blog Page 66

समर्थन मूल्य पर तुअर उपार्जन के लिए पंजीयन 20 अप्रैल तक
श्योपुर, 13 अप्रैल 2025 |
किसानों को राहत देते हुए भारत सरकार की “प्राइस सपोर्ट स्कीम” (PSS) के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2024 (विपणन वर्ष 2024-25) की तुअर फसल के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 20 अप्रैल 2025 तक जारी रहेगी। पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है।

उप संचालक कृषि जी. के. पचौरिया ने जानकारी दी कि जिले में पंजीयन के लिए चार केन्द्र स्थापित किए गए हैं। ये केन्द्र निम्नानुसार हैं:

  • श्योपुर: वृहत्ताकार सेवा सहकारी संस्था मर्यादित श्योपुर

  • कराहल: विपणन सेवा सहकारी संस्था कराहल

  • वीरपुर: विपणन सहकारी संस्था वीरपुर

  • विजयपुर: विपणन सहकारी संस्था विजयपुर

इन सभी केन्द्रों पर किसान 20 अप्रैल 2025 तक तुअर फसल का पंजीयन करवा सकते हैं। सरकार द्वारा तुअर फसल के लिए ₹7550 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर पंजीयन करवा लें ताकि उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हो सके। साथ ही पंजीयन के समय किसान आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, खसरा नंबर एवं भूमि दस्तावेज आदि आवश्यक कागजात साथ लेकर जाएं।

पराली प्रबंधन को लेकर कृषि विभाग सक्रिय, गांव-गांव जाकर किसानों को दी जा रही समझाइश

 

श्योपुर, 13 अप्रैल 2025 |
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार पराली प्रबंधन को लेकर जिले में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों को खेतों में पराली न जलाने की समझाइश दे रहे हैं।

अधिकारियों द्वारा किसानों को बताया गया कि पराली जलाने से न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है, बल्कि उसमें मौजूद लाभकारी जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं, जिससे दीर्घकालीन रूप से फसल उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त, पराली जलाने से वायु प्रदूषण भी बढ़ता है, जिससे जनस्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराता है।

कृषि विस्तार अधिकारी  देशराज सेमिल,  शिव सिंह,  गंगादीन माहौर, संजू शाक्य, एवं  कैलाश जाटव ने ग्राम ललीतपुरा, लाथ, मेखडाहेड़ी, सारसल्ली, बिलेण्डी, नयागांव, ढोंढपुर, सिरसौद, शाहपुरा, प्रेमपुरा, हथवाड़ी, कुडायथा, मऊ, जानपुरा, पर्तवाड़ा और पनवाड़ा का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को पराली से भूसा बनाने की सलाह दी, जिससे न केवल आय का स्रोत बढ़ाया जा सकता है, बल्कि मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा सकती है। बताया गया कि एक ट्रॉली भूसे से लगभग 2000 रुपये की आय प्राप्त की जा सकती है।

इसके साथ ही किसानों को चेतावनी भी दी गई कि पराली जलाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियमों के अनुसार, दो एकड़ से कम भूमि पर पराली जलाने पर 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ पर 5000 रुपये तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपये तक का अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा।

कृषि विभाग द्वारा जारी यह मुहिम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि किसानों के हित में भी लाभकारी साबित हो सकती है।

अब सभी विद्यालयों में एनसीआरटी की पुस्तके चलेगी श्योपुर जिले में पहली बार लागू हुआ आदेश

श्योपुर, 11 अप्रैल 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा जिले में सभी अशासकीय विद्यालयो में एनसीआरटी की पुस्तके पाठ्यक्रम के रूप में चलाये जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया है। अलग-अलग कोर्स और किताबे चलाने को लेकर आ रही शिकायतों के मद्देनजर जिले में पहली बार इस प्रकार का आदेश जारी किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार श्योपुर जिले के अंतर्गत सीबीएसई एवं अन्य बोर्ड से प्राप्त मान्यता के आधार पर संचालित सभी अशासकीय विद्यालय कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक में एनसीआरटी की पुस्तके ही कोर्स के रूप में चलायेंगे।
मध्यप्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि कक्षा 1 से कक्षा 12 तक की कक्षाओं में एनसीआरटी अथवा राज्य शिक्षा केन्द्र स्टेट बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तको को चलाया जायें। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक राज्य शिक्षा केन्द्र एनसीआरटी तथा कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के लिए एनसीआरटी पुस्तके लागू रहेंगी। प्री-प्रायमरी केजी-1 एवं केजी-2 के लिए एनसीआरटी पब्लिकेशन की उपलब्ध पुस्तके ही उपयोग में लाई जायेगी। गणवेश, टाई, बेल्ट, जूते एवं अन्य शैक्षणिक सामग्रियों को किसी निर्धारित दुकान एवं विद्यालयो से क्रय नही कराया जा सकेगा। पुस्तक विक्रेताओं पर एनसीआरटी की पुस्तके अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेगी। एनसीआरटी पुस्तको में व्याकरण का समावेश पृथक से नही होता है, ऐसी स्थिति में विद्यालय अपने स्तर से ऐसी व्याकरण की पुस्तक जो कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के लिए एक पुस्तक, कक्षा 6 से 8 तक के लिए एक पुस्तक तथा कक्षा 9 से 12 तक के लिए एक पुस्तक उपयोग हेतु छात्रों को क्रय करा सकेंगे।
यदि किसी निजी विद्यालय की पाठ्य पुस्तको के संबंध में शिकायत प्राप्त होती है अथवा निरीक्षण समिति के निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अन्य प्रकाशको की पुस्तके पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही की जायेगी।

पेयजल समस्याओं के निराकरण हेतु कन्ट्रोलरूम स्थापित सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक दे सकते है सूचना

श्योपुर, 11 अप्रैल 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा दिये गये निर्देशो के अनुसार पीएचई विभाग श्योपुर द्वारा ग्रीष्मकाल में पेयजल संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु कन्ट्रोलरूम स्थापित किये गये है। कार्यपालन यंत्री  शुभम अग्रवाल ने बताया कि जिला स्तरीय कन्ट्रोलरूम में प्रातः 10 बजे से रात्रि 8 बजे तक शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा खण्ड स्तरीय कन्ट्रोलरूम में नियुक्त कर्मचारियों एवं उपयंत्रियों को सूचना प्रदान की जा सकती है।
पीएचई कार्यालय स्थित जिला स्तरीय कन्ट्रोलरूम श्योपुर में सहायक ग्रेड-3 विशाल शर्मा को मो.न. 9131808462 प्रातः 10 बजे से शाम 6 बजे तक, हैंडपम्प टेक्निशियन  महावीर कौल मो.न. 9770787298 प्रातः 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक, हैंडपम्प हेल्पर रामदयाल टैगोर मो.न. 9753287281 दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक उपलब्ध रहेंगे, इन्हें उक्त मोबाइल नंबर पर भी सूचना प्रदान की जा सकती है।
इसी प्रकार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी उप खण्ड श्योपुर के लिए गठित खण्ड स्तरीय कन्ट्रोलरूम के प्रभारी सहायक यंत्री ओपी नागर मो.न. 6265429914 रहेंगे। उपयंत्री  मनीष भास्कर को मो.न. 7987099228 पर कराहल तहसील अंतर्गत पेयजल समस्याओं के संबंध में जानकारी अथवा सूचना दी जा सकती है।  राजेन्द्र त्रिपाठी मो.न. 9893792262 जनपद पंचायत कार्यालय कराहल में उपस्थित रहकर शिकायते प्राप्त करेंगे। उपयंत्री विजय कुमार प्रजापति मो.न. 9410633887 को श्योपुर एवं बडौदा तहसील अंतर्गत पेयजल समस्याओं के बारे में अवगत कराया जा सकता है। हैंडपम्प मैकेेनिक हेंमत जाधव मो.न. 9644346459 जनपद पंचायत कार्यालय श्योपुर में उपस्थित रहकर हैंडपम्प एवं पेयजल समस्याओं से संबंधित शिकायते प्राप्त करेंगे।
इसके साथ ही विजयपुर उपखण्ड के लिए सहायक यंत्री आरपीएस सेंगर मो.न. 9977643280 को प्रभारी बनाया गया है। उपयंत्री देवेन्द्र मित्तल को मो.न. 8305940363 पर तहसील क्षेत्र विजयपुर अंतर्गत पेयजल समस्याओं से अवगत कराया ज सकता है। हैंडपम्प टेक्निशियन बाईसराम धाकड मो.न. 9753675535 जनपद पंचायत कार्यालय विजयपुर में उपस्थित रहकर शिकायते प्राप्त करेंगे। उपयंत्री वीरेन्द्र राठौर मो.न. 7828066069 एवं हैंडपम्प टेक्निशियन कुलदीप बंसल मो.न. 9009961128 को वीरपुर तहसील क्षेत्र की समस्याओं के संबंध में सूचना अथवा जानकारी दी जा सकती है।

श्योपुर: 70 करोड़ की सड़क निर्माण में घोर लापरवाही, बीच सड़क खड़े बिजली के पोल बने जान का खतरा

 

किसान नेता राधेश्याम मीणा ने प्रशासन, ठेकेदार और एमपीआरडीसी विभाग पर उठाए सवाल

श्योपुर दिनांक 11/4/25

श्योपुर जिले के ग्राम मूंडला से प्रेमसर तक करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 29 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एमपीआरडीसी विभाग द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में भारी लापरवाही उजागर हुई है। सड़क निर्माण के बावजूद कई स्थानों पर बिजली के पोल न हटाए जाने के कारण ये पोल सड़क के बीचों-बीच खड़े हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही में जानलेवा खतरा उत्पन्न हो गया है।

इस गंभीर मुद्दे को लेकर किसान नेता राधेश्याम मीणा (मुंडला) ने ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और एमपीआरडीसी विभाग की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया है। मीणा ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क में यदि बिजली के पोल हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की गंभीर चूक भी है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में निर्माण एजेंसी के डंपर से लुहाड़ गांव में कुछ बिजली के पोल टूट गए, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

किसान नेता ने स्पष्ट कहा कि एमपीआरडीसी, बिजली विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की भारी कमी है। यदि समय रहते सभी विभागों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो सड़क पर यह खतरनाक स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

मीणा ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि सड़क पर खतरनाक स्थिति में खड़े सभी बिजली के पोलों को तुरंत हटाया जाए, और एमपीआरडीसी व निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है 

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो किसान संगठन और ग्रामीणजन आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।

नारों के साथ किसानों ने जताया विरोध

राधेश्याम मीणा के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारे लगाए:

ग्रामीण किसानों को परेशान करना बंद करो – बंद करो!”

बिजली के पोल हटाने का कार्य शुरू करो – शुरू करो!”

बिजली कंपनी होश में आओ!”

श्योपुर प्रशासन होश में आओ!”

कानून व्यवस्था की दृष्टि से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त


श्योपुर, 10 अप्रैल 2025

आगामी त्यौहारों के दौरान जिले में कानून व्यवस्था, शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा विभिन्न अनुभागों और तहसीलों के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई है।

जारी आदेशानुसार हनुमान जयंती (12 अप्रैल), अम्बेडकर जयंती (14 अप्रैल), गुड फ्राइडे (18 अप्रैल) एवं परशुराम जयंती (30 अप्रैल) के अवसर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु निम्न अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में प्रभारी मजिस्ट्रेट बनाया गया है:

एसडीएम श्योपुर बी.एस. श्रीवास्तव, एसडीएम कराहल मनोज गढ़वाल, एसडीएम विजयपुर अभिषेक मिश्रा

ये अधिकारी अपने-अपने अनुभाग क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रभारी रहेंगे तथा आवश्यकतानुसार अधीनस्थ अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित कर सकेंगे।

इसके अतिरिक्त:

डिप्टी कलेक्टर  यशवीर सिंह तोमर को गुड फ्राइडे (18 अप्रैल) को प्रार्थना स्थलों पर एवं परशुराम जयंती (30 अप्रैल) की शोभायात्रा के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

तहसीलदार  अर्जुन सिंह भदौरिया को हनुमान जयंती, अम्बेडकर जयंती एवं परशुराम जयंती के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्राओं के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तहसील स्तर पर नियुक्तियाँ इस प्रकार हैं:

तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा – संपूर्ण तहसील क्षेत्र बड़ौदा एवं वृत्त पांडोला

नायब तहसीलदार सुश्री रोशनी शेख – संपूर्ण तहसील क्षेत्र कराहल

तहसीलदार  रवीश भदौरिया – संपूर्ण तहसील क्षेत्र वीरपुर

तहसीलदार श्रीमती प्रेमलता पाल – संपूर्ण तहसील क्षेत्र विजयपुर

वृत्त स्तर पर नियुक्त कार्यपालिक मजिस्ट्रेट:

नायब तहसीलदार  दर्शनलाल जाटव – वृत्त रघुनाथपुर

 शैलेन्द्र सिंह सेंगर – वृत्त प्रेमसर एवं मानपुर

नरेन्द्र जैन – वृत्त अगरा एवं गसवानी

जांच में 56 गर्भवती महिलाएं हाईरिस्क के रूप में चिन्हित


श्योपुर, 10 अप्रैल 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के अंतर्गत माह की प्रत्येक 9 एवं 25 तारीख को जिला अस्पताल सहित कराहल, बड़ौदा और विजयपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्त्रीरोग विशेषज्ञों द्वारा गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच और उपचार किया जा रहा है।

इसी क्रम में 9 अप्रैल को आयोजित शिविर में कुल 281 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 56 महिलाओं को हाईरिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया। इन 56 हाईरिस्क महिलाओं सहित कुल 101 महिलाओं की सोनोग्राफी ई-पैनल्ड निजी सोनोग्राफी केंद्रों के माध्यम से कराई जाएगी। निर्धारित तिथि पर महिलाओं को सोनोग्राफी केंद्र तक पहुंचाने हेतु संबंधित अस्पतालों द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस सिकरवार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक 9 एवं 25 तारीख को जिला अस्पताल के साथ-साथ कराहल, बड़ौदा और विजयपुर में भी विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

हाईरिस्क श्रेणी की गर्भवती महिलाओं पर स्वास्थ्य अमला विशेष निगरानी रखता है। प्रसव के बाद तक इनकी देखभाल सुनिश्चित की जाती है, जिसमें समय पर टीकाकरण, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और निरंतर परामर्श शामिल हैं। सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पतालों में बर्थ वेटिंग वार्ड भी बनाए गए हैं, जहां प्रसव से पूर्व महिलाओं को भर्ती कर निगरानी में रखा जाता है।

समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के शीघ्र भुगतान हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित


श्योपुर, 09 अप्रैल 2025

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी एवं समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के शीघ्र भुगतान को लेकर अपर मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अध्यक्षता में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में ई-केवायसी एवं गेहूँ उपार्जन कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि जिले के सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल 2025 तक अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत पूर्ण की जाए। इस कार्य हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष शासन स्तर पर कृषकों के हित में भुगतान प्रक्रिया को सरल किया गया है। अब उपार्जित गेहूँ का भुगतान सात दिवस के भीतर किया जा रहा है। किसानों से आग्रह किया गया है कि जिन्होंने पंजीयन एवं स्लाट बुकिंग कर ली है, वे अपनी उपज निकटतम उपार्जन केंद्र पर विक्रय करें।
🗓️ स्लाट बुकिंग की अंतिम तिथि: 26 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए ताकि समग्र ई-केवायसी एवं हितग्राहियों की ई-केवायसी समय पर पूर्ण हो सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ई-केवायसी अभियान से राशन वितरण प्रभावित न हो और उपार्जन के अंतर्गत समय पर स्वीकृति पत्रक जारी किए जाएं।

इस अवसर पर एनआईसी कक्ष, श्योपुर में फूड ऑफिसर  सुनील शर्मा, एआरसीएस श्री ध्रुव कुमार झारिया, एवं सीसीबी नोडल अधिकारी दिनेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

श्योपुर में तीन दिवसीय पुस्तक मेला 12 अप्रैल से शुरू, अभिभावक कर सकेंगे पाठ्यपुस्तकों की खरीदारी

श्योपुर, 09 अप्रैल 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिले में तीन दिवसीय पुस्तक मेलों का आयोजन 12 अप्रैल से 14 अप्रैल तक किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के लिए आवश्यक पाठ्यपुस्तकों एवं अध्ययन सामग्री को एक ही स्थान पर सहज रूप से उपलब्ध कराना है।

यह पुस्तक मेले श्योपुर विकासखण्ड के शासकीय कन्या उमावि विद्यालय श्योपुर, कराहल विकासखण्ड के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय कराहल, तथा विजयपुर विकासखण्ड के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयपुर में आयोजित होंगे। संबंधित क्षेत्रों के बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) को इन मेलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी एम.एल. गर्ग ने बताया कि इस संबंध में निजी विद्यालयों के संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विद्यालयों के छात्रों के अभिभावकों को इन मेलों के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों की खरीद के लिए प्रेरित करें।

इसके अलावा, उन्होंने पुस्तक विक्रेताओं से अपील की है कि पुस्तक मेले के दौरान छात्रों और अभिभावकों को अधिक से अधिक छूट (डिस्काउंट) प्रदान की जाए, ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके।

यह मेला छात्रों और अभिभावकों के लिए न केवल सहूलियत भरा रहेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों तक पहुंच को भी बेहतर बनाएगा।

श्योपुर:ज़मीनी घोटाले की गूंज: पटवारी ने किया खेल, कलेक्टर मौन! ग्राम काशीपुर के पटवारी पर भूमि हेराफेरी का आरोप, कलेक्टर कार्यालय की निष्क्रियता पर उठे सवाल

 ज़मीनी घोटाले की गूंज: पटवारी ने किया खेल, कलेक्टर मौन

श्योपुर, दिनांक 9/4/25


ग्राम काशीपुर में ज़मीन को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है — जहां एक पटवारी ने खुलेआम रजिस्टर्ड रजिस्ट्री वाली ज़मीन को घुमा-फिरा कर किसी और के नाम चुपचाप दर्ज कर दिया! मामला सिर्फ ज़मीन का नहीं, सिस्टम के मुंह पर तमाचा है।

प्रार्थी गजानन्द खटीक का दावा है कि उन्होंने 1989 में नाथ्या पुत्र अमरया से 5 बीघा ज़मीन (सर्वे नंबर 391/मिन) की रजिस्ट्री खरीदी थी। राजस्व रिकॉर्ड में नाम भी दर्ज हो चुका था, यानी सब कुछ कानून के दायरे में था। फिर अचानक क्या हुआ?

पटवारी की ‘पैठ’ और खेल की चाल
ग्राम काशीपुर के पटवारी ने सांठगांठ करके, बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के, खसरे में सीधे किसी और का नाम चढ़ा दिया! ना कोई सुनवाई, ना कोई नोटिस – सीधा हेराफेरी!

टीएल में हुआ खुलासा – फिर भी खामोशी क्यों?
4 फरवरी 2025 को शिकायत कलेक्टर के पास पहुंची (टीएल क्रमांक 487475)। जांच हुई, 25 फरवरी को नायब तहसीलदार ने भी सच माना (क्रमांक 495519/25/02/25)। बावजूद इसके कलेक्टर ऑफिस में अभी तक सन्नाटा पसरा है। सवाल ये उठता है — क्या ये महज़ लापरवाही है या फिर कहीं बड़े खेल की बू?

प्रार्थी का दर्द, सिस्टम की चुप्पी
गजानन्द कहते हैं, “मेरे पास रजिस्ट्री भी है, नामांतरण भी हो चुका था। लेकिन पटवारी ने सांठगांठ कर ज़मीन हड़पवा दी। अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई, इंसाफ की उम्मीद अब मीडिया और जनता से है।”

🔥 सवाल उठता है –

  • आखिर कलेक्टर श्योपुर इस फर्जीवाड़े पर चुप क्यों हैं?

  • क्या सिस्टम भ्रष्टाचार के आगे बेबस है?

  • क्या आम आदमी की ज़मीन अब सुरक्षित नहीं?

रिपोर्ट: क्राइमनेशनल न्यूज – न्याय की उम्मीद अब जनता की आवाज से!