Thursday, October 1, 2026
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पाली स्थित चंबल पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध


श्योपुर, 02 अगस्त 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने मोटरयान अधिनियम 1994 की धारा 215 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पाली स्थित चंबल नदी के पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 10 अगस्त 2025 तक प्रभावशील रहेगा।

जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण उपसंभाग ग्वालियर द्वारा चंबल पाली पुल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के उपरांत बताया गया कि यह पुल वर्ष 1995 में राजस्थान सरकार द्वारा बनाया गया था, जो वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग-552 के एकरेखन में आता है।

निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख है कि पुल के दोनों ओर की एप्रोच स्लैबें “सेटल” हो गई हैं। इन सेटल स्लैबों को डिस्मेंटल कर रिटेनिंग वॉल का निर्माण कर बैकफिलिंग एवं कॉम्पैक्शन के उपरांत ही दोबारा एप्रोच स्लैब्स का निर्माण किया जाना उपयुक्त होगा। इस बीच सेटल हुई स्लैबों पर भारी वाहनों का आवागमन खतरनाक एवं अनुचित माना गया है।

इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्योपुर द्वारा भी चंबल पुल से भारी वाहनों (जैसे यात्री बसें और सभी प्रकार के लोडिंग वाहन) के यातायात को प्रतिबंधित करने की अनुशंसा की गई है।

उक्त प्रतिवेदन एवं तकनीकी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

“विधायक बाबू जंडेल का आरोप – मंत्री ने विधानसभा में बोला झूठ, 15 साल का पूछा था सवाल, सरकार ने सिर्फ 5 साल का दिया जवाब”

श्योपुर दिनांक 1/8/2025
विधायक बाबू जंडेल ने राज्य सरकार और राजस्व मंत्री पर विधानसभा में झूठ बोलने और सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया है। विधायक जंडेल ने विधानसभा के मानसून सत्र में प्रश्न क्रमांक 1005 के तहत यह जानकारी मांगी थी कि बीते 15 वर्षों में श्योपुर जिले में अनुसूचित जाति (SC) की शासकीय पट्टे की भूमि एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की भूमि को गैर-आदिवासियों को बेचने की धारा 165(6) के तहत कितनी अनुमति दी गई।

सरकार ने जवाब में सिर्फ पिछले 5 सालों की जानकारी दी और कहा कि इस अवधि में कलेक्टर द्वारा कोई अनुमति नहीं दी गई। इसे लेकर विधायक ने आपत्ति जताई और कहा कि यह सदन को झूठी और अपूर्ण जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास है।

विधायक के समर्थकों द्वारा मंत्री के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिसे लेकर लोग भी सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोग वीडियो में मंत्री के जवाब को लेकर मजाक करते हुए देखे गए।

विधायक बाबू जंडेल का कहना है कि –

“सरकार भूमाफियाओं को संरक्षण दे रही है। एसटी-एससी वर्ग की ज़मीनों को लेकर चल रहे फर्जीवाड़े पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। यदि सदन में झूठ बोला जाएगा तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?”

उन्होंने साफ कहा कि यह लड़ाई सदन से लेकर सड़क तक लड़ी जाएगी।

  • 15 साल का पूछा गया था सवाल

  • सरकार ने केवल 5 साल की जानकारी दी

  • सोशल मीडिया पर मंत्री के बयान का वीडियो वायरल

  • विधायक बोले – एसटी/एससी जमीनों के फर्जी नामांतरण के मामले फाइलों में दबे पड़े हैं

श्योपुर में दर्दनाक हादसा: खेत में सामान बचाने निकले चाचा-भतीजे की डूबने से मौत, एक-दूसरे से लिपटे मिले शव


गांव में पसरा मातम, प्रशासन ने शुरू की आपदा राहत सहायता प्रक्रिया

श्योपुर (आमलदा), 31 जुलाई।
जिले के आमलदा गांव में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब खेत में सामान बचाने गए चाचा-भतीजे की पार्वती नदी के उफनते पानी में डूबने से मौत हो गई। गुरुवार सुबह दोनों के शव खेत के किनारे पानी में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया।

जानकारी के अनुसार, आमलदा गांव निवासी राजू यादव और उनका 13 वर्षीय भतीजा शिवम यादव बुधवार शाम अपने खेत की ओर गए थे। खेत में रखे पाइप और अन्य जरूरी सामान को बारिश और बहाव से बचाने के लिए दोनों घर से निकले थे। लेकिन रात तक दोनों वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले यह समझा कि वे खेत पर ही रुक गए होंगे, लेकिन देर रात तक कोई सूचना न मिलने और संपर्क नहीं हो पाने पर चिंता बढ़ गई।

रातभर गांव वालों और परिजनों ने की तलाश
राजू और शिवम की खोज में रातभर ग्रामीण और परिवारजन जुटे रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह जब पार्वती नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ, तो खोजबीन फिर शुरू की गई। इसी दौरान खेत के पास पानी में दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। माना जा रहा है कि चाचा ने भतीजे को बचाने की कोशिश की होगी, लेकिन वे खुद भी तेज बहाव में फंस गए।

गांव में छाया शोक, हर आंख नम
घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एएसआई नित्येंद्र राजावत ने बताया कि दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

गांव के लोगों के अनुसार, राजू यादव एक मेहनतकश मजदूर थे, जो खेत में भी काम करते थे। उनका भतीजा शिवम पढ़ाई के साथ खेती में हाथ बंटाता था। दोनों की सादगी, मेहनत और आपसी लगाव पूरे गांव में मिसाल थी। उनकी अचानक हुई मौत से गांव में गहरा शोक है, हर घर में इस हादसे की चर्चा है।

प्रशासन ने की सहायता का आश्वासन
तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से भेंट की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही आपदा राहत सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

🔺 यह घटना फिर एक बार यह चेतावनी देती है कि बारिश और बाढ़ के समय खेतों, नालों और बहते पानी से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।

जनसुनवाई में राहत के फैसले: संबल योजना, आवास, बीपीएल सूची में शामिल करने के निर्देश

142 आवेदनों पर हुई त्वरित सुनवाई, पीएचई और आवास विभाग को दिए आवश्यक निर्देश

श्योपुर, 29 जुलाई 2025
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में नागरिकों की समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जनसुनवाई की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने की। कार्यक्रम के दौरान कुल 142 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही निराकरण किया गया।

संबल योजना के तहत विधवा को मिला न्याय

ग्राम बासरैया निवासी श्रीमती रचना आदिवासी ने बताया कि उनके पति स्व. पंचम आदिवासी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, लेकिन आवेदन ऑनलाइन न होने के कारण संबल योजना का लाभ लंबित था। इस पर सीईओ  गुर्जर ने आवेदन को तत्काल ऑनलाइन कराने के निर्देश दिए। अब महिला को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाएगी।

🏠 आवास योजनाओं में तीव्र कार्यवाही

ग्राम आवदा निवासी रामचरण बैरागी के आवेदन पर आवास 2.0 योजना की सर्वे सूची में नाम जोड़ने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम कलारना के श्री पदम आदिवासी को पीएम जनमन योजना के तहत आवास स्वीकृत करने के लिए आवास प्रभारी श्रीमती सारिका पाटीदार को निर्देशित किया गया।

हसनपुर हवेली में नलजल योजना जल्द शुरू

हसनपुर हवेली से आए ग्रामीणों की मांग पर पीएचई विभाग को निर्देश दिए गए कि नलजल योजना को शीघ्र चालू किया जाए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एक योजना पहले से चालू है और दूसरी का कार्य विस्तार पर है। नई डीपी लग चुकी है, और एक-दो दिन में बिजली कनेक्शन के साथ जलप्रदाय शुरू हो जाएगा।

बीपीएल सूची में दृष्टिहीन दंपती को मिलेगी राहत

श्योपुर निवासी सुरेश सुमन और उनकी पत्नी श्रीमती संतोष बाई ने बताया कि दोनों दृष्टिहीन हैं और बच्चों की देखरेख में असमर्थ हैं। उनकी सामाजिक स्थिति को देखते हुए सीईओ ने एसडीएम  बीएस श्रीवास्तव को बीपीएल सूची में नाम जोड़ने के निर्देश दिए।

👉 जनसुनवाई में मौजूद रहे अधिकारी:
कार्यक्रम में एसडीएम बीएस श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और समस्याओं का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया गया।

📌 प्रशासन का उद्देश्य – जन समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान।


ग्वालियर में पत्रकारों की महापंचायत: लोकतंत्र के चौथे स्तंभ ने उठाई सुरक्षा, सम्मान और सुविधा की बुलंद मांग

ग्वालियर/श्योपुर , 28 जुलाई 2025
ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित बाल भवन में रविवार को पत्रकारों की ऐतिहासिक महापंचायत का आयोजन हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश के 20 से अधिक जिलों से पहुंचे पत्रकारों ने सरकार को चेताते हुए कहा कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाला आंदोलन और भी विकराल रूप लेगा।

इस क्रांतिकारी महापंचायत का आयोजन प्रेस क्लब एवं प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के संयुक्त आवाहन पर हुआ, जिसमें पत्रकारों ने कोरोना काल में शहीद हुए पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन धारण किया। इस दौरान सैकड़ों पत्रकारों ने सरकार की उदासीनता पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भी अन्य तीन स्तंभों की तरह सुविधाएं और सुरक्षा दी जानी चाहिए।

पवैया ने दी चेतावनी – नहीं मानी मांगें, तो होगा बड़ा आंदोलन
कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के रविन्द्र सिंह पवैया ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि – “पत्रकारों की अनदेखी अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अगर सरकार ने हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।”

प्रदीप तोमर ने रखी मांग – मीडिया को मिले संवैधानिक दर्जा
वहीं वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप तोमर ने अपने उद्बोधन में कहा कि – “सरकार को चाहिए कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ घोषित करते हुए पत्रकारों को समान सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान करने का स्पष्ट शासनादेश जारी करे।” 

श्योपुर से भी दिखी मजबूत भागीदारी
महापंचायत में श्योपुर जिले से भी पत्रकारों की बड़ी भागीदारी रही। प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. भारत भूषण, जिला अध्यक्ष बनवारी “बंटी” सोनी, जितेंद्र सैनी, धर्मेंद्र शर्मा, देशराज जाट, धर्मेंद्र पांचाल, प्रदीप सोनी, बनवारीलाल दुबे, जमुना प्रसाद, जगदीश सोनी, जितेंद्र शर्मा एवं मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला उपाध्यक्ष रामप्रसाद पारेता सहित कई पत्रकार शामिल हुए।

डॉ. भारत भूषण और रामप्रसाद पारेता के ओजस्वी भाषण पर तालियों की गूंज
कार्यक्रम के दौरान जब डॉ. भारत भूषण एवं रामप्रसाद पारेता ने मंच से अपनी बात रखी तो पूरा बाल भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनके ओजपूर्ण भाषणों ने पत्रकारों में नई ऊर्जा और जोश भर दिया।

सम्मान एवं श्रद्धांजलि से हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा पत्रकारों को प्रशस्ति पत्र देकर गौरव सम्मान से नवाजा गया और सभी ने भोजन ग्रहण कर सायं प्रेस क्लब परिसर में ॐ के उच्चारण के साथ शहीद पत्रकारों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।

मुख्यमंत्री के नाम 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा
महापंचायत के समापन के पश्चात पत्रकार प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम 13 सूत्रीय मांग पत्र तैयार कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमें पत्रकार आयोग का गठन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, सम्मान निधि, निशुल्क शिक्षा, आवासीय भूखंड जैसी मांगे शामिल रहीं।

वर्षाकाल में पिकनिक स्थलों पर सतर्कता बरतें – कलेक्टर की नागरिकों से अपील खतरनाक स्थानों पर प्रवेश प्रतिबंधित, सुरक्षा के निर्देश जारी

श्योपुर, 27 जुलाई 2025।
वर्षा ऋतु के दौरान जलस्तर में अचानक वृद्धि और दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे पिकनिक स्थलों पर पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी स्थिति में नदियों, झरनों और टापुओं जैसे जोखिम भरे स्थानों के बीच न जाएं।

कलेक्टर ने कहा कि बरसात के मौसम में नदियों का बहाव तेज हो सकता है और पानी का स्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे जान का खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी से भरे गड्ढों, झरनों और गहरे स्थानों से दूर रहें।

जिले के प्रमुख पिकनिक स्थलों पर विशेष सतर्कता के निर्देश:

बंजारा डेम, मोर डूंगरी, हाथी टीला, ढेंगदा वाले बालाजी, भूरी घाट (ढेगदा), बावंदा नाला, आवदा बांध, फूलदेह का झरना (कैलोर की गढ़ी), रामेश्वर घाट (मानपुर), भूतेश्वर महादेव (नागदा), डोब कुंड, देव खो आदि स्थानों पर लोगों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा उपायों को और सख्त करने के निर्देश पहले से ही जारी किए गए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी एसडीएम एवं एसडीओपी को निर्देशित किया गया है कि वे खतरनाक क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाएं, आवश्यकतानुसार चेतावनी संकेत लगाएं, और पुलिस बल एवं सुरक्षाकर्मी तैनात करें।

प्रमुख सुरक्षा उपायों के निर्देश:

  • खतरे वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

  • पुल-पुलियाओं, रपटों पर जलभराव की स्थिति में आवागमन प्रतिबंधित किया जाए।

  • नाव या अन्य गतिविधियों में लाइफ जैकेट का उपयोग अनिवार्य किया जाए।

  • आपातकालीन सेवाएं और उपकरण मौके पर उपलब्ध हों।

  • मद्यपान, तेज संगीत, और अन्य असामाजिक गतिविधियों पर सख्त रोक रहेगी।

  • टापुओं या बीच नदी में पिकनिक मनाने जाने वालों को पुलिस द्वारा रोका जाएगा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पिकनिक स्थलों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें।

माखनाखेड़ली की 67 बीघा भूमि पर दर्ज अवैध नाम हटाने का आदेश अपर कलेक्टर ने भूमि को शासकीय घोषित कर दिए अभिलेख सुधार के निर्देश

श्योपुर, 27 जुलाई 2025।
ग्राम माखनाखेड़ली की करीब 67 बीघा भूमि पर वर्षों पूर्व दर्ज अवैध प्रविष्टियों को हटाकर उक्त भूमि को शासकीय घोषित किए जाने का महत्वपूर्ण आदेश न्यायालय अपर कलेक्टर  अतेन्द्र सिंह गुर्जर द्वारा पारित किया गया है।

यह आदेश डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी, अभिलेख जांच शाखा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर पारित किया गया। रिपोर्ट में पाया गया कि माखनाखेड़ली, तहसील श्योपुर की सर्वे क्रमांक 84/1/1, 84/1/7, 84/1/15, 84/1/11, 84/1/अ, 84/1/8 (प्रत्येक 2 हेक्टेयर) एवं 84/1/5 (1.463 हेक्टेयर) भूमि पर अलग-अलग समय पर कूटरचित तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम अवैध रूप से दर्ज किए गए थे।

अभिलेखों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित 6 व्यक्तियों में से कोई भी ग्राम में निवासरत नहीं है, न ही इनका किसी भी भूखंड पर वास्तविक कब्जा पाया गया। इसके बावजूद वर्षों पूर्व इनके नाम भूमि दर्ज कर ली गई थी, जो राजस्व नियमों के विरुद्ध है।

इस गंभीर अनियमितता को ध्यान में रखते हुए अपर कलेक्टर ने सभी 6 व्यक्तियों की प्रविष्टियों को विलोपित कर भूमि को पुनः सरकारी खाते में दर्ज करने का आदेश पारित किया। साथ ही नायब तहसीलदार वृत्त प्रेमसर को निर्देशित किया गया है कि वे आदेश का तत्काल अमल कर अभिलेखों में आवश्यक सुधार करें।

जिन व्यक्तियों के नाम से प्रविष्टियां हटाई गईं:

  • जामिर हुसैन पुत्र अब्दुल गफार

  • मुस्ताक पुत्र शब्बीर

  • सरदार पुत्र अब्दुल गफुर

  • अहमद पुत्र जुम्मा

  • अमर खॉ पुत्र बन्ने खॉ (दो प्रकरण)

  • मसूद इकबाल पुत्र अब्दुल खालिद

यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि की सुरक्षा और अवैध कब्जों पर नियंत्रण की दिशा में उठाया गया अहम कदम मानी जा रही है।

स्कूल भवनों की मरम्मत के प्रस्ताव 1 अगस्त तक प्रस्तुत करें – कलेक्टर क्षतिग्रस्त छत वाले स्कूलों में बच्चों को न बैठाएं, वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश


श्योपुर, 27 जुलाई 2025।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने शुक्रवार, 1 अगस्त तक सभी शासकीय स्कूल भवनों की मरम्मत के प्रस्ताव अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग और डीपीसी समन्वय बनाकर यह कार्य समय पर सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्कूलों की छत क्षतिग्रस्त है और वर्षा के दौरान पानी टपक रहा है, उन भवनों में बच्चों को कतई न बैठाया जाए। मरम्मत होने तक इन स्कूलों में वैकल्पिक कक्षाओं की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।

यह निर्देश कलेक्टर वर्मा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर, जिला शिक्षा अधिकारी एम.एल. गर्ग, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण राकेश गुप्ता, डीपीसी डॉ. पी.एस. गोयल, सहायक संचालक यश जैन, बीईओ श्योपुर श्रीमती मधु शर्मा, कराहल पी.के. श्रीवास्तव, बीईओ विजयपुर सहित तीनों विकासखंडों के बीआरसी, सीएसी, संकुल प्राचार्य एवं शिक्षा विभाग से जुड़े अभियंता मौजूद रहे।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि संकुल प्राचार्य व सीएसी अपने-अपने क्षेत्र में स्कूल भवनों का भौतिक सत्यापन करें। मरम्मत योग्य भवनों एवं जिन स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों की आवश्यकता है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित बीईओ एवं बीआरसी को शीघ्र प्रेषित करें।

मध्यान्ह भोजन पर विशेष निगरानी के निर्देश

कलेक्टर वर्मा ने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भोजन मैन्यू और बच्चों की संख्या के अनुसार ही बने। वर्षाकाल को देखते हुए खास सतर्कता बरती जाए, ताकि कोई जहरीला कीड़ा आदि भोजन में न गिरे। एमडीएम का निर्माण खुले में न कर, केवल स्वच्छ किचन शेड में ही किया जाए।

सीएसी को सभी स्कूलों में एमडीएम निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले स्वसहायता समूहों को हटाने की कार्यवाही भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जर्जर स्कूल में पढ़ रहे मासूम, खतरे में भविष्य: भीमनगर स्कूल की हालत बद से बदतर, छत गिरने जैसी घटना को दावत

श्योपुर (कराहल), 26 जुलाई 2025
राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत और 35 बच्चों के घायल होने की दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है। लेकिन इसके बावजूद ज़मीनी हकीकत में अब भी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। श्योपुर जिले के कराहल ब्लॉक से करीब 54 किलोमीटर दूर स्थित भीमनगर प्राथमिक विद्यालय के हालात सरकार और शिक्षा विभाग की उदासीनता को उजागर कर रहे हैं।

यहां स्कूल की हालत इतनी खराब है कि भवन में बच्चों को बैठाना भी खतरे से खाली नहीं है। छत से पानी टपकता है, दीवारों में दरारें हैं और बीते 25 वर्षों से इस स्कूल की मरम्मत तक नहीं हुई है। विद्यालय में पढ़ाई से ज्यादा डर का माहौल है।

ग्रामीणों और पालकों का हंगामा, नवीन भवन और मरम्मत की मांग

गुरुवार को गांव के सैकड़ों पालकों और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर हंगामा किया। उनका कहना है कि जर्जर भवन में बच्चों को बैठाना, उनके भविष्य और जान के साथ खिलवाड़ है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को ज्ञापन और सूचना दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। बारिश के मौसम में स्कूल के चारों तरफ जलभराव और झाड़ियां उग आई हैं, जिससे कीड़े-मकोड़ों और संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।

न शौचालय, न पीने का पानी — शिक्षक भी गैरहाज़िर

ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में न तो शुद्ध पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। बच्चे और शिक्षक खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। यही नहीं, विद्यालय में पदस्थ शिक्षिकाओं में से एक पिछले एक सप्ताह से बिना सूचना के अनुपस्थित है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्कूल में कुल 18 बच्चे पढ़ते हैं।

शिक्षा विभाग की टीम ने किया औपचारिक निरीक्षण, कार्रवाई शून्य

ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षा विभाग की बीआरसीसी टीम ने विद्यालय का केवल औपचारिक निरीक्षण किया। ना तो निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की गई और न ही किसी प्रकार की ठोस अनुशंसा की गई। निरीक्षण में स्कूल की सफाई, पोषण आहार, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, अनुपस्थित शिक्षिका और भवन की गंभीर स्थिति को चिन्हित किया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।


प्रशासन की चुप्पी, जिम्मेदार कौन?

भीमनगर जैसे क्षेत्रों में स्कूलों की बदहाली और लापरवाही यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या किसी हादसे का इंतजार किया जा रहा है? जबकि राजस्थान की घटना के बाद पूरे प्रदेश में स्कूल भवनों की जांच के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि इन आदेशों का पालन आखिर हो क्यों नहीं रहा?

पंचायत उप निर्वाचन के तहत मतगणना संपन्न दलारना में मुकलेश, जाखदा में कुसुमा, मोरावन में बृजेश सरपंच निर्वाचित

 

श्योपुर, 26 जुलाई 2025
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देशन में पंचायत उप निर्वाचन अंतर्गत आज तीन पंचायतों के लिए सरपंच पद हेतु संबंधित विकासखण्ड मुख्यालयों पर मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

श्योपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत दलारना कलां से श्रीमती मुकलेश, विकासखण्ड कराहल की ग्राम पंचायत जाखदा से श्रीमती कुसुमा आदिवासी तथा मोरावन से बृजेश आदिवासी सरपंच निर्वाचित हुए।

दलारना पंचायत:
रिटर्निंग ऑफिसर श्रीमती मनीषा मिश्रा की उपस्थिति में हुई मतगणना में श्रीमती मुकलेश को कुल 430 मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी श्रीमती शीला को 298 वोट प्राप्त हुए।

जाखदा पंचायत:
कराहल विकासखण्ड मुख्यालय पर रिटर्निंग ऑफिसर सुश्री रोशनी शेख की देखरेख में हुई मतगणना में श्रीमती कुसुमा आदिवासी को 526 मत प्राप्त हुए, वहीं श्रीमती पिस्ता आदिवासी को 414 मत मिले।

मोरावन पंचायत:
यहाँ पर बृजेश आदिवासी ने 717 मतों के साथ विजय प्राप्त की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी श्री रामचंद आदिवासी को 474 मत प्राप्त हुए।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) एवं डिप्टी कलेक्टर संजय जैन ने जानकारी दी कि सभी निर्वाचित प्रत्याशियों को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उप निर्वाचन के तहत जिले की कुल 5 पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इनमें से दो पंचायतों — सिलपुरी एवं पिपरानी में सरपंच पद पर प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए थे, जबकि शेष तीन पंचायतों — दलारना कलां, मोरावन एवं जाखदा में 22 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ था।