गांव में पसरा मातम, प्रशासन ने शुरू की आपदा राहत सहायता प्रक्रिया
श्योपुर (आमलदा), 31 जुलाई।
जिले के आमलदा गांव में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब खेत में सामान बचाने गए चाचा-भतीजे की पार्वती नदी के उफनते पानी में डूबने से मौत हो गई। गुरुवार सुबह दोनों के शव खेत के किनारे पानी में एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले, जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया।
जानकारी के अनुसार, आमलदा गांव निवासी राजू यादव और उनका 13 वर्षीय भतीजा शिवम यादव बुधवार शाम अपने खेत की ओर गए थे। खेत में रखे पाइप और अन्य जरूरी सामान को बारिश और बहाव से बचाने के लिए दोनों घर से निकले थे। लेकिन रात तक दोनों वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले यह समझा कि वे खेत पर ही रुक गए होंगे, लेकिन देर रात तक कोई सूचना न मिलने और संपर्क नहीं हो पाने पर चिंता बढ़ गई।
रातभर गांव वालों और परिजनों ने की तलाश
राजू और शिवम की खोज में रातभर ग्रामीण और परिवारजन जुटे रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह जब पार्वती नदी का जलस्तर थोड़ा कम हुआ, तो खोजबीन फिर शुरू की गई। इसी दौरान खेत के पास पानी में दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। माना जा रहा है कि चाचा ने भतीजे को बचाने की कोशिश की होगी, लेकिन वे खुद भी तेज बहाव में फंस गए।
गांव में छाया शोक, हर आंख नम
घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। एएसआई नित्येंद्र राजावत ने बताया कि दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गांव के लोगों के अनुसार, राजू यादव एक मेहनतकश मजदूर थे, जो खेत में भी काम करते थे। उनका भतीजा शिवम पढ़ाई के साथ खेती में हाथ बंटाता था। दोनों की सादगी, मेहनत और आपसी लगाव पूरे गांव में मिसाल थी। उनकी अचानक हुई मौत से गांव में गहरा शोक है, हर घर में इस हादसे की चर्चा है।
प्रशासन ने की सहायता का आश्वासन
तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से भेंट की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही आपदा राहत सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
🔺 यह घटना फिर एक बार यह चेतावनी देती है कि बारिश और बाढ़ के समय खेतों, नालों और बहते पानी से दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
