Wednesday, September 30, 2026
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पात्रतानुसार 106 योजनाओं में दिलाएं लाभ, लंबित आवेदनों का करें त्वरित निराकरण – डीएम संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा

श्योपुर 09 फरवरी 2026
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत शासन की 106 योजनाओं में पात्रतानुसार हितग्राहियों को अनिवार्य रूप से लाभ प्रदान किया जाए। यह अभियान 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक संचालित रहेगा। वर्तमान में पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि 16 फरवरी से क्लस्टर स्तर पर शिविरों की शुरुआत होगी।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम वर्मा ने कहा कि पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे शिविरों के माध्यम से डोर-टू-डोर आवेदन लिए जा रहे हैं। पंचायत स्तर पर प्राप्त आवेदनों का निराकरण संबंधित विभागों द्वारा किया जाए। इसके बाद क्लस्टर स्तर पर शेष एवं नवीन आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। क्लस्टर स्तर पर शेष आवेदनों को विकासखंड स्तर के शिविरों में रखा जाएगा, वहीं जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से हितग्राहियों को लाभ वितरण किया जाएगा।

बैठक में सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, एसडीएम गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

32,644 आवेदन प्राप्त, 16,461 लंबित

समीक्षा में सामने आया कि अभियान के तहत अब तक 32 हजार 644 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 16 हजार 179 आवेदन स्वीकृत, 4 आवेदन अस्वीकृत, जबकि 16 हजार 461 आवेदन लंबित हैं। डीएम वर्मा ने निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों का गंभीरता और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ शीघ्र निराकरण किया जाए।

विजयपुर नगर परिषद में मात्र 1260 आवेदन प्राप्त होने पर सीएमओ विजयपुर को आवेदन संख्या बढ़ाने और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। वहीं पीओ डूडा को निर्देशित किया गया कि आवेदन कम होने पर सीएमओ विजयपुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए।

इसके साथ ही मत्स्यपालन एवं पशुपालन से जुड़े हितग्राहियों के केसीसी कार्ड बनाए जाने के भी निर्देश दिए गए।

10 फरवरी को 5 पंचायतों में शिविर

संकल्प से समाधान अभियान के तहत 10 फरवरी को पंचायत स्तरीय शिविर आयोजित होंगे—

  • श्योपुर विकासखंड: सोठवा, पच्चीपुरा, तुलसैफ

  • कराहल विकासखंड: निमानिया, पिपरानी

शिविर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित होंगे। शिविरों के लिए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ग्राम स्तरीय दल में पटवारी, पंचायत सचिव, जीआरएस, आरएईओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कर्मी सहित मैदानी अमला शामिल रहेगा।

16 फरवरी से क्लस्टर स्तर के शिविर

सीईओ जिला पंचायत सौम्या आनंद द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 19 स्थानों पर क्लस्टर स्तर के शिविर आयोजित किए जाएंगे—

  • 16 फरवरी: सोईकंला

  • 17 फरवरी: बगवाज

  • 18 फरवरी: रघुनाथपुर

  • 19 फरवरी: दांतरदा कलां

  • 20 फरवरी: आवदा

  • 21 फरवरी: वीरपुर

  • 23 फरवरी: अजापुरा

  • 24 फरवरी: कराहल

  • 25 फरवरी: अगरा

  • 26 फरवरी: पाण्डोला

  • 27 फरवरी: खिरखिरी

  • 28 फरवरी: खितरपाल

  • 02 मार्च: रतोदन

  • 05 मार्च: गसवानी

  • 06 मार्च: ललितपुरा

  • 07 मार्च: गोहटा

  • 09 मार्च: प्रेमसर

  • 10 मार्च: टर्राकलां

  • 11 मार्च: मानपुर

इन शिविरों के लिए संबंधित जनपदों के सीईओ नोडल अधिकारी रहेंगे।

विकासखंड स्तर पर भी शिविर तय

अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर भी शिविर आयोजित होंगे—

  • 18 मार्च: जनपद पंचायत सभागार विजयपुर

  • 24 मार्च: जनपद पंचायत सभागार श्योपुर

  • 25 मार्च: जनपद पंचायत सभागार कराहल

शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होंगे, जिनके लिए संबंधित एसडीएम नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

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सामाजिक सुरक्षा पेंशन की 12 योजनाएं लागू, पात्र हितग्राही करें आवेदन

श्योपुर  09 फरवरी 2026
मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग द्वारा प्रदेशभर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की 12 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की अपील की है।

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि 12 जनवरी से 31 मार्च तक संकल्प से समाधान अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत वार्डों और ग्रामों में शिविर लगाए जा रहे हैं, वहीं मैदानी अमला डोर-टू-डोर जाकर आवेदन भी प्राप्त कर रहा है। पात्र हितग्राही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में आवेदन कर लाभ ले सकते हैं।

उप संचालक सामाजिक न्याय शशिकिरण इक्का ने जानकारी दी कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बीपीएल सूची में शामिल वृद्धजन पात्र हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 40 से 79 वर्ष आयु वर्ग की बीपीएल विधवा महिलाएं आवेदन कर सकती हैं।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन योजना के अंतर्गत 18 से 79 वर्ष आयु के बीपीएल दिव्यांग, जिनकी दिव्यांगता 80 प्रतिशत या उससे अधिक है, पात्र हैं। कन्या अभिभावक पेंशन योजना में केवल पुत्री संतान वाले दंपत्ति पात्र हैं, जिनमें से किसी एक की आयु 60 वर्ष या अधिक होना आवश्यक है।

6 वर्ष से अधिक आयु के बहुदिव्यांग या मानसिक रूप से अविकसित दिव्यांगजन भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र हैं। 60 वर्ष या अधिक आयु के निराश्रित वृद्धजन तथा वृद्धाश्रम में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों को भी पेंशन का लाभ दिया जाता है।

परित्याक्ता महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 18 से 59 वर्ष आयु की बीपीएल सूची में शामिल महिलाएं पात्र हैं। दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन योजना में 6 से 18 वर्ष आयु के ऐसे दिव्यांगजन, जिनकी निशक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है, लाभ ले सकते हैं। इसके अलावा 18 से 79 वर्ष और 80 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगजनों के लिए भी पेंशन योजना लागू है।

कल्याणी पेंशन योजना में 18 से 79 वर्ष और उससे अधिक आयु की विधवा महिलाएं लाभ प्राप्त कर सकती हैं। वहीं 50 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री अविवाहित पेंशन योजना संचालित की जा रही है।

इन सभी पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती है। आवेदन ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और नगरीय निकायों के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के साथ आयु प्रमाण पत्र के रूप में वोटर कार्ड, दसवीं की अंकसूची, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या मेडिकल ऑफिसर द्वारा जारी प्रमाण पत्र मान्य है।

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बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रशासन अलर्ट

35 परीक्षा केंद्र, 11,379 परीक्षार्थी, 17 सेंटरों पर लगेंगे जैमर

श्योपुर  08 फरवरी 2026

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल के अंतर्गत हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिले में सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। प्रशासन ने परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और नकलमुक्त कराने के लिए सख्त इंतजाम किए हैं।

हायर सेकेंडरी की परीक्षाएं 10 फरवरी से और हाईस्कूल की परीक्षाएं 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ होंगी। जिले में कुल 11 हजार 379 परीक्षार्थी 35 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देंगे।

परीक्षा के दौरान 17 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क निष्क्रिय करने हेतु जैमर लगाए जाएंगे। ये जैमर हाईस्कूल के 6 मुख्य विषयों और हायर सेकेंडरी के 12 मुख्य विषयों के प्रश्नपत्रों के दौरान सक्रिय रहेंगे।

प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों की 100 मीटर परिधि में धारा 144 जैसे प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। धरना, रैली, जुलूस, ध्वनि प्रदूषण एवं 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्रीकरण पर रोक रहेगी।

जिला व ब्लॉक स्तर पर निगरानी दल गठित किए गए हैं। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर विशेष पर्यवेक्षक एवं कलेक्टर प्रतिनिधि तैनात रहेंगे।

 आंकड़ों पर एक नजर

  • कक्षा 12वीं: 4,678 परीक्षार्थी (परीक्षा 10 फरवरी से)

  • कक्षा 10वीं: 6,701 परीक्षार्थी (परीक्षा 13 फरवरी से)

  • कुल परीक्षा केंद्र: 35

  • परीक्षा समय: प्रातः 9 से 12 बजे तक

  • रिपोर्टिंग टाइम: सुबह 8:30 बजे से पहले

रविवार को सभी केंद्राध्यक्षों व सहायक केंद्राध्यक्षों के साथ गूगल मीट के माध्यम से बैठक कर फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।


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पंचायत से जनपद तक आरटीआई पर ताले, भ्रष्टाचार की बू में लिपटा सिस्टम!

सूंसवाड़ा पंचायत में आरटीआई दबाने का आरोप, अधिकारी मौन – मिलीभगत की आशंका गहराई

श्योपुर, 06 फरवरी 2026
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को खुलेआम ठेंगा दिखाते हुए श्योपुर जिले की ग्राम पंचायतों से लेकर जनपद कार्यालयों तक आरटीआई आवेदनों को दबाने का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्राम पंचायत सूंसवाड़ा में दायर एक आरटीआई प्रकरण ने पूरे पंचायत तंत्र पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत के सवाल खड़े कर दिए हैं।


                    वीडियो देखें 

आरटीआई दी, शुल्क भरा, अपीलें कीं… फिर भी जवाब शून्य

आवेदक द्वारा ग्राम पंचायत सूंसवाड़ा में 09 अगस्त 2025 को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत ₹20 के भारतीय पोस्टल ऑर्डर के साथ आरटीआई आवेदन प्रस्तुत किया गया। तय समयसीमा बीतने के बावजूद जब कोई जानकारी नहीं दी गई, तो 11 अक्टूबर 2025 को जनपद पंचायत करहल के अपीलीय अधिकारी और सीईओ राकेश शर्मा को प्रथम अपील सशुल्क 50 रूपये पोस्टलआर्डर के साथ डाक से भेजी गई।

इसके बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो 29 दिसंबर 2025 को ₹100 शुल्क के साथ राज्य सूचना आयोग भोपाल में द्वितीय अपील प्रस्तुत की गई, जो दिनांक 2/2/26 को वितरण हुई, लेकिन आज तक जनपद पंचायत की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।


धारा 18 के तहत शिकायत भी दबाई गई?

मामला यहीं नहीं रुका। आवेदक ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 18(1) के तहत जनसुनवाई मंगलवार 03 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय श्योपुर में  शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन
➡️ आवेदन लेने से कथित तौर पर परहेज किया गया
➡️ न ऑनलाइन दर्ज किया गया
➡️ न कोई रिसीविंग दी गई

आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य ने “आरटीआई एक्ट पढ़ने” की नसीहत देकर मामले को दबाने की कोशिश की।


आरटीआई मांगने पर दबाव, धमकी और गलत जवाब देने के आरोप

आवेदक का आरोप है कि—

  • आरटीआई आवेदन लेने से ही अधिकारी इनकार करते हैं

  • पीआईओ समय पर जवाब नहीं देते

  • अपीलीय अधिकारी भी मौन साध लेते हैं

  • कई मामलों में गलत और भ्रामक जानकारी दी जाती है

  • संबंधित पक्ष को पहले ही सूचना देकर दबाव, धमकी और विवाद की स्थिति बनवाई जाती है

यह सब सूचना देने से बचने की सुनियोजित रणनीति की ओर इशारा करता है।


महिला बाल विकास सहित कई विभागों में सैकड़ों आरटीआई लंबित

सूत्रों के मुताबिक

  • केवल महिला बाल विकास विभाग में 50 से अधिक आरटीआई लंबित हैं

  • ग्राम पंचायत स्तर पर सैकड़ों आवेदन वर्षों से दबे पड़े हैं

  • ऊर्जा विभाग में भी गलत भ्रामक जानकारी उपलब्ध करने का मामला सामने आया है 

यह स्थिति साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही या सुनियोजित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है।


प्रभारी मंत्री ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

इस गंभीर मुद्दे को लेकर Crime National News की टीम ने प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला से सवाल किया। प्रभारी मंत्री ने मामले की जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


सवाल यह है…

  • क्या आरटीआई अधिनियम केवल कागजों तक सीमित रह गया है?

  • क्या पंचायत से जनपद तक अधिकारी एक-दूसरे को बचा रहे हैं?

  • क्या सूचना मांगना अब अपराध बन गया है?

जब सूचना का अधिकार ही सुरक्षित नहीं, तो भ्रष्टाचार पर अंकुश कैसे लगेगा?

विकसित भारत की नींव रखेगा केंद्रीय बजट 2026-27, मील का पत्थर साबित होगा: राकेश शुक्ला

भाजपा कार्यालय में बजट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस, आत्मनिर्भर भारत के विजन को बताया सशक्त दस्तावेज

श्योपुर, 07 फरवरी 2026
केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट है। यह बजट 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। यह बात प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने भाजपा कार्यालय शिवपुरी रोड श्योपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

भारतीय जनता पार्टी जिला श्योपुर द्वारा आयोजित इस प्रेसवार्ता में जिला अध्यक्ष शशांक भूषण, महावीर सिंह सिसोदिया,  कैलाश नारायण गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डीबाई, मीडिया प्रभारी नरेश धाकड़ सहित पार्टी पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट: रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का रोडमैप

राकेश शुक्ला ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता, मध्यम वर्ग और उद्यमियों के सशक्तिकरण का मजबूत दस्तावेज है। यह बजट राजनीति के चश्मे से नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि—

  • देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत करने की योजना

  • 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण का प्रावधान

  • 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर

  • सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश 22,500 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये

जैसे प्रावधान भारत की आर्थिक मजबूती को नई ऊंचाई देंगे।


स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार, कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती

स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर राकेश शुक्ला ने कहा कि बजट में—

  • कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी शून्य

  • 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स की नियुक्ति

  • राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की स्थापना

  • हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा

  • जिला अस्पतालों में ट्रामा सेंटर स्थापित करने का प्रावधान

जैसे निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी सुधार लाएंगे।

महिलाओं के लिए हर जिले में हॉस्टल, डेढ़ लाख केयर वर्कर्स और पेंशनर्स के लिए सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को मिलेगी मजबूती

उन्होंने कहा कि यह बजट ग्रामीण भारत और किसानों को मजबूती देगा तथा भारत को आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह बजट तात्कालिक नहीं, बल्कि अगले 10–20 वर्षों की दिशा तय करने वाला है।


युवाओं के रोजगार पर फोकस, क्रिएटर लैब से मिलेंगे नए अवसर

राकेश शुक्ला ने कहा कि बजट में—

  • 15 हजार माध्यमिक शालाओं में कंटेंट क्रिएटर लैब

  • आईआईएम के सहयोग से 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार करने

  • ‘खेलो इंडिया’ के जरिए खेलों को प्रोत्साहन

जैसे प्रावधान युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने में महती भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकारों के बजट केवल लोकलुभावन थे, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट दूरदर्शी, ठोस और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने वाला है।


पत्रकारों के सवालों के दिए जवाब

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राकेश शुक्ला ने पत्रकारों के सवालों का विस्तार से जवाब दिया। इस अवसर पर जिले भर के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे।

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चंबल नदी में जलीय जीव व पक्षियों की वार्षिक गणना शुरू, सर्वेक्षण दल रवाना

घड़ियाल, मगरमच्छ से लेकर प्रवासी पक्षियों तक होगी वैज्ञानिक गणना

श्योपुर, 06 फरवरी 2026
चंबल नदी क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण और वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जलीय जीवों एवं पक्षियों की वार्षिक गणना के लिए गठित सर्वेक्षण दल को गुरुवार को चंबल नदी के घाट दांतरदा क्षेत्र से रवाना किया गया।

मुख्य वन संरक्षक, ग्वालियर वृत्त एवं वनमंडलाधिकारी, मुरैना द्वारा सर्वेक्षण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह सर्वेक्षण चंबल नदी क्षेत्र में संरक्षण, प्रबंधन और दीर्घकालीन अध्ययन के लिए अहम माना जा रहा है।


घड़ियाल, मगरमच्छ और प्रवासी पक्षियों पर विशेष फोकस

सर्वेक्षण दल द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार—

  • घड़ियाल

  • मगरमच्छ

  • अन्य जलीय जीव

  • स्थानीय, प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षियों

की गणना की जाएगी। इससे चंबल नदी क्षेत्र में वन्यजीवों की वास्तविक स्थिति और संख्या का सटीक आकलन हो सकेगा।


मध्यप्रदेश-राजस्थान का संयुक्त सर्वेक्षण दल

इस सर्वेक्षण में वन विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ राजस्थान वन विभाग के प्रतिनिधि भानु प्रताप सिंह एवं उनका फील्ड स्टाफ भी शामिल है। संयुक्त सर्वेक्षण से आंकड़ों की विश्वसनीयता और समन्वय को मजबूती मिलेगी।


वन अधिकारी व कर्मचारी रहे मौजूद

सर्वेक्षण दल की रवानगी के दौरान—

  • अधीक्षक, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, श्योपुर संदीप वास्कले

  • गेम रेंज ऑफिसर, सबलगढ़ दीपक शर्मा

  • वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी

मौजूद रहे।


चंबल संरक्षण की दिशा में अहम कदम

यह वार्षिक गणना न केवल चंबल नदी की पारिस्थितिकी को समझने में मदद करेगी, बल्कि घटती या बढ़ती वन्यजीव आबादी पर नजर रखने और भविष्य की संरक्षण योजनाओं को मजबूत आधार भी प्रदान करेगी।

बिजली चोरी की सूचना पर 50 हजार तक इनाम, मुखबिरों को मिलेगा बड़ा लाभ

5 फीसदी राशि का तुरंत भुगतान, अब तक 167 सूचनाकर्ताओं को 2 लाख से ज्यादा का भुगतान

श्योपुर, 06 फरवरी 2026।
बिजली चोरी पर लगाम कसने के लिए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने पारितोषिक योजना को और प्रभावी बना दिया है। योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सटीक सूचना देने पर अधिकतम 50 हजार रुपये तक का इनाम दिया जाएगा।

कंपनी के अनुसार, प्रकरण दर्ज होने और राशि वसूली के बाद कुल वसूली की 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि सूचनाकर्ता को दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये तय है।


सूचना सही, तो 25 हजार तक का तत्काल भुगतान

योजना के संशोधित प्रावधानों के अनुसार—

  • सूचना सही पाए जाने पर जारी अंतिम निर्धारण आदेश के तुरंत बाद 5 प्रतिशत राशि (अधिकतम 25 हजार रुपये) का भुगतान किया जाएगा

  • शेष 5 प्रतिशत राशि का भुगतान पूर्ण वसूली उपरांत किया जाएगा

इस व्यवस्था से सूचनाकर्ताओं को तुरंत प्रोत्साहन मिल सकेगा।


167 सफल सूचनाकर्ताओं को 2.06 लाख रुपये सीधे खाते में

कंपनी ने बताया कि 01 अप्रैल 2025 से अब तक
➡️ 167 सफल सूचनाकर्ताओं को
➡️ 2 लाख 06 हजार रुपये
सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराए जा चुके हैं।

इसके साथ ही जांच एवं वसूली की कार्यवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी 3,000 रुपये प्रोत्साहन राशि मासिक वेतन में जोड़कर दी गई है।

ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से पहले 63 प्रकरणों में पूर्ण वसूली होने पर 07 सूचनाकर्ताओं को 2 लाख 18 हजार रुपये का भुगतान किया गया था।


कंपनी कर्मचारी भी बन सकते हैं सूचनाकर्ता

कंपनी में कार्यरत

  • नियमित

  • संविदा

  • आउटसोर्स कर्मचारी

भी अब सूचनाकर्ता बन सकते हैं। ऐसे कर्मचारियों को सूचना सही पाए जाने और पूर्ण वसूली होने पर 1 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

वहीं, जांच, पंचनामा और वसूली में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व बाह्य स्त्रोत कर्मियों को 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि समान रूप से प्रदान की जा रही है।


पूरी प्रक्रिया गोपनीय और ऑनलाइन

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पारितोषिक योजना से जुड़ी

  • बिलिंग

  • भुगतान

  • पहचान

सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह गोपनीय और ऑनलाइन हैं। सूचनाकर्ता को कंपनी पोर्टल पर

  • बैंक खाता विवरण

  • पहचान संख्या (आधार या पैन)
    गुप्त रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।

प्रोत्साहन राशि सीधे कंपनी मुख्यालय से सूचनाकर्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।


पोर्टल या ‘उपाय’ ऐप से दें गुप्त सूचना

बिजली चोरी की सूचना देने के लिए नागरिक—
🌐 कंपनी वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर
➡️ Informer Scheme लिंक के माध्यम से
📱 अथवा उपाय ऐप के जरिए
गुप्त सूचना दर्ज कर सकते हैं।


नागरिकों से अपील – सूचना दें, इनाम पाएं

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने सभी नागरिकों, उपभोक्ताओं एवं आउटसोर्स कर्मचारियों से अपील की है कि वे बिजली चोरी की गुप्त सूचना देकर पारितोषिक योजना का लाभ उठाएं और बिजली चोरी रोकने में कंपनी का सहयोग करें।

सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर प्रशासन सख्त, किसानों के साथ हुई अहम बैठक

कंट्रोल रूम पर दर्ज कराएं पानी की डिमांड, लिकेज व तकनीकी खामियां होंगी दूर

श्योपुर, 06 फरवरी 2026
चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के तहत जल आपूर्ति को सुचारू करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार कमांड क्षेत्र के किसानों एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने की।

बैठक में अपर कलेक्टर ने क्रियान्वयन एजेंसी को निर्देश दिए कि पानी छोड़े जाने के दौरान सामने आई लिकेज एवं तकनीकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। साथ ही किसानों से अपील की गई कि वे सिंचाई के लिए अपनी पानी की डिमांड कंट्रोल रूम पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं।


हर गांव में किसान प्रतिनिधि बनाने पर सहमति

अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक गांव में किसान प्रतिनिधि नियुक्त किए जा सकते हैं, जो

  • किसानों की पानी की डिमांड दर्ज कराएंगे

  • खेतों तक पानी पहुंचने की तस्दीक और निगरानी करेंगे

इससे परियोजना क्षेत्र में जल वितरण की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।


10 गांवों में सिंचाई लक्ष्य, 10 लूप पर छोड़ा गया पानी

बैठक में बताया गया कि पिछली बैठक के निर्णय अनुसार कम से कम 10 गांवों में सिंचाई सुविधा सुचारू करने का लक्ष्य तय किया गया था। इस दौरान क्रियान्वयन एजेंसी द्वारा 10 लूप पर पानी छोड़ा गया, जहां कुछ स्थानों पर लिकेज की समस्या सामने आई, जिसे मरम्मत कर दूर किया गया है।

निर्णय लिया गया कि
➡️ आगामी 10 दिनों में ओएमएस बॉक्स व लिकेज से जुड़ी सभी समस्याएं दूर की जाएंगी
➡️ किसानों की डिमांड के आधार पर ही लूप में पानी छोड़ा जाएगा
➡️ किसान प्रतिनिधि खेतों में पानी पहुंचने की स्थिति का आंकलन करेंगे

10 दिवस पश्चात पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।


किसानों से अधिक से अधिक डिमांड करने की अपील

परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी के प्रतिनिधियों ने किसानों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक पानी की डिमांड दर्ज कराएं, जिससे परियोजना क्षेत्र में समान और प्रभावी जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

हेल्पलाइन नंबर

📞 9303604976
📞 8962412305


बैठक में ये अधिकारी व किसान रहे मौजूद

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में

  • जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री चैतन्य चौहान

  • उप संचालक कृषि जीके पचौरिया

  • परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी डब्ल्यूपीआईएल के प्रतिनिधि दिग्विजय सिंह

  • अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान
    उपस्थित रहे।

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 7 फरवरी से पंजीयन शुरू

एमपी किसान एप से घर बैठे पंजीयन की सुविधा, जिले में 33 केन्द्र बनाए

श्योपुर, 06 फरवरी 2026
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होगा। पंजीयन प्रक्रिया 7 मार्च 2026 तक चलेगी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशन में श्योपुर जिले में इसके लिए 33 पंजीयन केन्द्र निर्धारित किए गए हैं।


पंजीयन पूर्णतः निःशुल्क, एप और केन्द्र दोनों विकल्प

जिले के किसानों के लिए पंजीयन की व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है। किसान

  • जिले की 33 सहकारी समितियों एवं विपणन संस्थाओं में जाकर

  • अथवा एम.पी. किसान एप के माध्यम से मोबाइल से घर बैठे
    पंजीयन कर सकते हैं।

प्रशासन द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते पंजीयन कराएं।


श्योपुर जिले में बनाए गए 33 पंजीयन केन्द्र

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी हेतु खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जिले में निम्न पंजीयन केन्द्र निर्धारित किए गए हैं—

  • आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित आवदा

  • विपणन सेवा सहकारी संस्था कराहल

  • वृहत्ताकार सहकारी संस्था बडौदा

  • सेवा सहकारी संस्था बोरदादेव

  • सेवा सहकारी संस्था नयागांव तेखण्ड

  • सेवा सहकारी संस्था राडेप

  • सेवा सहकारी संस्था लुहाड

  • वृहत्ताकार सहकारी संस्था फिलोजपुरा

  • वृहत्ताकार सहकारी संस्था तलावड़ा

  • सेवा सहकारी संस्था नयागांव ढोढपुर

  • सेवा सहकारी संस्था उतनवाड़

  • सेवा सहकारी संस्था ओछापुरा

  • सेवा सहकारी संस्था रघुनाथपुर

  • विपणन सेवा सहकारी समिति वीरपुर

  • वृहत्ताकार सहकारी संस्था विजयपुर

  • विपणन सहकारी समिति विजयपुर

  • सेवा सहकारी समिति सहसराम

  • वृहत्ताकार सहकारी संस्था श्योपुर

  • सेवा सहकारी संस्था जलालपुरा

  • सेवा सहकारी संस्था नागदा

  • सेवा सहकारी संस्था सोईकलां

  • सेवा सहकारी संस्था नागरगांवडा

  • सेवा सहकारी संस्था आसीदा

  • सेवा सहकारी संस्था बिजरपुर

  • सेवा सहकारी संस्था ननावद

  • सेवा सहकारी संस्था गोहेड़ा

  • वृहत्ताकार सहकारी संस्था दांतरदा कलां

  • वृहत्ताकार सहकारी संस्था मानपुर

  • सेवा सहकारी संस्था सोठवा

  • सेवा सहकारी संस्था जावदेश्वर

  • सेवा सहकारी संस्था तलावदा

  • सेवा सहकारी संस्था गुरूनावदा

  • सेवा सहकारी संस्था पाण्डोला


किसानों से अपील – समय रहते पंजीयन कराएं

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने किसानों से अपील की है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का लाभ लेने के लिए अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं और किसी भी असुविधा की स्थिति में नजदीकी पंजीयन केन्द्र या एमपी किसान एप का उपयोग करें।

एसआईआर के तहत मतदान केन्द्रों पर सुनवाई तेज, 10 फरवरी तक पेंडेंसी खत्म करने के निर्देश

नो मैपिंग व तथ्यात्मक त्रुटियों के निराकरण पर कलेक्टर सख्त, 64 एईआरओ मैदान में

श्योपुर, 06 फरवरी 2026।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत जिले में मतदान केन्द्रों पर नो मैपिंग एवं तथ्यात्मक त्रुटियों से जुड़े मतदाताओं की सुनवाई तेज कर दी गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अर्पित वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चिन्हित सभी मतदाताओं की समस्याओं का निराकरण सुनवाई के माध्यम से अनिवार्य रूप से किया जाए।

कलेक्टर ने कहा कि सुनवाई के लिए नियुक्त सभी एईआरओ निर्धारित तिथियों में अपने-अपने आवंटित मतदान केन्द्रों पर बैठकर सुनवाई करेंगे। साथ ही बीएलओ के माध्यम से शत-प्रतिशत मतदाताओं को नोटिस तामीली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।


गूगल मीट पर एईआरओ से सीधा संवाद, सत्यापन में लाएं तेजी

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने गूगल मीट के माध्यम से फील्ड में मौजूद एईआरओ को आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि

  • सुनवाई के दौरान अपनी आईडी से दस्तावेजों का सत्यापन करें

  • बीएलओ द्वारा एप के माध्यम से भेजे गए दस्तावेज, फोटो व जानकारी को तुरंत वेरीफाई करें

  • दस्तावेज प्राप्ति की पुष्टि कर तथ्यात्मक व लॉजिकल त्रुटियों का निराकरण करें

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि एईआरओ तब तक फील्ड में रहेंगे जब तक संबंधित मतदान केन्द्र का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण न हो जाए। इसके बाद

  • श्योपुर विधानसभा के एईआरओ कलेक्ट्रेट में

  • विजयपुर विधानसभा के एईआरओ जनपद विजयपुर में बैठकर
    ऑनलाइन कार्य संपादित करेंगे।

➡️ 10 फरवरी तक सभी पेंडेंसी समाप्त करने के निर्देश जारी।


मतदाताओं से अपील – सुनवाई में सहयोग कर सुधार कराएं

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे सभी मतदाताओं से अपील की है जिनके नाम नो मैपिंग या लॉजिकल त्रुटि में शामिल हैं, वे बीएलओ को आवश्यक जानकारी व दस्तावेज उपलब्ध कराएं और सुनवाई में उपस्थित होकर अपनी त्रुटियों का निराकरण कराएं।


जिले में 64 एईआरओ तैनात, दो विधानसभा क्षेत्रों में सुनवाई जारी

जिले में कुल 64 एईआरओ नियुक्त किए गए हैं।

  • श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में 31 एईआरओ

  • विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 33 एईआरओ
    मतदाता सूची में आई त्रुटियों की सुनवाई कर निराकरण कर रहे हैं।

एईआरओ द्वारा आवंटित मतदान केन्द्रों पर लॉजिकल त्रुटि वाले मतदाताओं की सुनवाई लगातार जारी है।


मतदान केन्द्रों पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी का औचक निरीक्षण

उप जिला निर्वाचन अधिकारी संजय जैन ने

  • मतदान केन्द्र क्रमांक 230 – शासकीय माध्यमिक शाला भवन, कालीतलाई

  • मतदान केन्द्र क्रमांक 163 एवं 164 – नगरपालिका भवन, श्योपुर

का निरीक्षण कर एईआरओ द्वारा की जा रही सुनवाई का जायजा लिया।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक एईआरओ को 10 से 12 मतदान केन्द्र आवंटित किए गए हैं और निर्धारित तिथियों में हर केन्द्र पर सुनवाई की जा रही है। सुनवाई की पूर्व सूचना बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी कर दी गई थी।

➡️ एसआईआर अंतर्गत जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।


नो मैपिंग मतदाताओं के लिए 13 वैध दस्तावेज तय

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम न होने वाले नो मैपिंग मतदाताओं से आयोग द्वारा निर्धारित 13 में से कोई एक दस्तावेज प्राप्त कर उन्हें पात्र श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

आयोग द्वारा निर्धारित 13 दस्तावेज

  1. केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र/पीपीओ

  2. 01.07.1987 से पूर्व जारी सरकारी/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू दस्तावेज

  3. जन्म प्रमाणपत्र

  4. पासपोर्ट

  5. मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का शैक्षिक प्रमाणपत्र

  6. स्थायी निवास प्रमाणपत्र

  7. वन अधिकार प्रमाणपत्र

  8. जाति प्रमाणपत्र (एससी/एसटी/ओबीसी आदि)

  9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू)

  10. परिवार रजिस्टर

  11. भूमि/गृह आवंटन प्रमाणपत्र

  12. आधार – आयोग के निर्देशानुसार

  13. बिहार विशेष गहन पुनरीक्षण 01.07.2025 की निर्वाचक नामावली का अंश