कराहल में जल जीवन मिशन पर उठे सवाल | बिना तराई बन रही टंकियां, ग्रामीणों ने की जांच की मांग

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कराहल में नल-जल योजना की टंकियों पर सवाल: बिना तराई निर्माण, मोटर तक नहीं डली, ग्रामीणों ने जताया भ्रष्टाचार का आरोप

श्योपुर, 18 फरवरी 2026

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 श्योपुर जिले से महज 50 किलोमीटर दुरी पर स्थित कराहल तहसील कराहल में जनपद सीईओ राकेश शर्मा अपने पद और कमाई में व्यस्त है जनपद में किस तरह कार्य हो रहा है उस तरफ आंख उठाकर देखने की कोशिश तक नहीं करते हैं भ्रष्टाचार का आलम यह है कि कराहल तहसील की संपूर्ण पंचायत में भ्रष्टाचार व्याप्त है

श्योपुर जिले से महज 50 किलोमीटर दुरी पर स्थित निर्माण को देखने में श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा भी असहाय नजर आते है कराहल जनपद मुख्य कार्यपालन अधिकारी राकेश शर्मा से संपर्क करने को  9425174123 नंबर पर कई बार फोन लगाया किन्तु बचते नजर आये एक बार भी फोन नहीं उठाया

जिले में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्यों में भारी लापरवाही और अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कार्यालयी कार्यों तक सीमित दिखाई दे रहे हैं। जिस से बन्दर बाँट का खेल साफ दिखाई दे रहा है 

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी लगभग न के बराबर है। कई स्थानों पर पानी भरते ही टंकियों से रिसाव देखा गया, इसके बावजूद गुणवत्ता जांच या सुधार की कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं की गई।

सबसे ताजा मामला ग्राम पंचायत सूंसवाड़ा के अंतर्गत आने वाले राजपुरा गांव का सामने आया है, जहां निर्माणाधीन टंकी बिना उचित तराई (क्योरिंग) के ही खड़ी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार टंकी के लिए बोर खनन तो कर दिया गया, लेकिन आज तक उसमें मोटर नहीं डाली गई। ऐसे में बिना पानी के तराई कैसे की जा रही है, यह अपने आप में बड़ा सवाल बन गया है।

स्थानीय लोगों ग्रामीणों का कहना है कि आधा सैकड़ा से अधिक लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि टंकी बिना मानक प्रक्रिया के तैयार हुई, तो पानी भरते ही संरचना में दरार या गिरने जैसी स्थिति बन सकती है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि

“निर्माण तो दिखावे के लिए हो रहा है, लेकिन यह टिकाऊ नहीं होगा। सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो रहा।”

लोगों का यह भी कहना है कि यह राशि जनता के टैक्स से आती है, इसलिए उसका उपयोग गुणवत्ता वाले और उपयोगी निर्माण में होना चाहिए, न कि कागजी प्रगति दिखाने में।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है और उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं की गई, तो योजना का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा।


 

Crime National News – विशेष टिप्पणी

सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब जमीनी स्तर पर पारदर्शिता, तकनीकी मानकों का पालन और जवाबदेही सुनिश्चित हो। अन्यथा “हर घर नल से जल” का सपना कागजों में सिमट कर रह जाएगा।


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श्योपुर जिले की कराहल तहसील में नल-जल योजना के तहत बन रही पानी की टंकियों में गुणवत्ता पर गंभीर आरोप। ग्रामीणों ने बिना तराई निर्माण और अधूरे कार्यों की शिकायत कर जांच की मांग की।

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