Thursday, April 9, 2026
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कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन एवं नारेबाजी करके मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री के नाम दिया ज्ञापन कूनो में अवैध तरीके से हुआ चीतों का ट्रेंकुलाइजेशन प्रोजेक्ट से जुड़े हुए वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों पर कार्रवाई की रखी मांग

दिनांक -30.09.24
कूनो में अवैध तरीके से हुआ चीतों का ट्रेंकुलाइजेशन

प्रोजेक्ट से जुड़े हुए वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारीयों पर कार्रवाई की मांग।

श्योपुर – कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत एवं अवैध तरीके से ट्रेंक्यूलाइज का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट श्योपुर पर प्रदर्शन एवं नारेबाजी करते हुए किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में युवाओं एवं वन्य जीव पर्यावरण प्रेमीयों ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को संबोधित करते हुए डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को ज्ञापन देकर कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत के कारणों की उच्चस्तरीय जांच एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है । कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आगामी समय में आंदोलन के रुपरेखा का बनाई जाएगी। राधेश्याम मीणा ने बताया कि चीता परियोजना के तहत नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क, श्योपुर में लाए गए चीतों की मौत की एक वजह क्या उन्हें 110 बार ट्रैंक्यूलाइज यानि बेहोश किया जाना भी है. कूनो में मुख्य वन्यजीव संरक्षक की अनुमति लिए बगैर ही 110 बार चीतों को बेहोश किया गया. इससे कई चीतों की मौत पर प्रश्न खड़ा हो गया है. जब नामीबिया से ये चीते लाए जा रहे थे तब एक शर्त ये भी थी कि चीते वहीं के डॉक्टर की निगरानी में रहेंगे. फिर क्या वजह थी कि अफ्रीकन डॉक्टर एडविन टॉडरिफ इस्तीफे देकर चले गए । कूनो नेशनल पार्क से जुड़े दस्तावेज में ये स्पष्ट बताया गया है कि चीतों को 110 से अधिकर बार ट्रेंक्यूलाइज किया गया. यानि उन्हें बेहोश किया गया. ये किसकी अनुमति से हुआ और सबसे बड़ी बात कि इस तरह से बेहोश किये जाने ने क्या चीते की इम्यूनिटी पर असर नहीं डाला होगा. बेहोश किए जाने से सबसे पहले किडनी पर असर पड़ता है फिर बाकी इंटरनल पार्ट भी प्रभावित होते हैं. इस प्रोजेक्ट में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का भी उल्लंघन किया गया. चीतों को 110 बार से भी ज्यादा बार बेहोश किया गया और इसके लिए मुख्यवन जीव संरक्षक की मंजूरी नहीं ली गई जो कि वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11 की अनुसूची 1 का पूरी तरह से उल्लंघन है. दूसरा जो प्रोसेस की गई उसका कोई रिकार्ड भी नहीं रखा गया. कूनो नेशनल पार्क में पहले मीडिया को जानकारी दी जाती थी और बैठक सहित मीडिया के साथ प्रेसवार्ता भी होती थी, परंतु जब से चीतों की मौत हुई तब से मीडिया को प्रेस वार्ता सहित अन्य आयोजन में बुलाना बंद कर दिया है । पत्रकारों को चीता प्रोजेक्ट से जुड़े जानकारी साझा की जाए एवं पत्रकारों को कूनो नेशनल पार्क में प्रवेश करने की अनुमति दी जाए

हानिकारक बेरियम सॉल्ट से निर्मित पटाखो के उपयोग पर प्रतिबंध सिर्फ ग्रीन पटाखों का ही निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय और उपयोग किया जाये

श्योपुर, 04 अक्टूबर 2024
जिला मजिस्ट्रेट  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा आदेश जारी किया गया है कि जिले में प्रतिबंधित एवं स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के लिए हानिकारक पटाखों का उपयोग नहीं किया जायें। सिर्फ ग्रीन पटाखों का ही निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय और उपयोग किया जाये।
जिला मजिस्ट्रेट  लोकेश कुमार जांगिड ने जारी आदेश में कहा है, कि बेरियम सॉल्ट का उपयोग कर निर्मित पटाखों एवं लड़ी (जुडे़ हुए पटाखें) का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 125 डेसीबल से अधिक ध्वनि तीव्रता वाले पटाखों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। पटाखों का ई-कॉमर्स कंपनियों एवं निजी व्यक्तियों द्वारा ऑनलाईन विक्रय तथा गैर लायसेंसी विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। श्योपुर जिले के अंतर्गत हॉस्पीटल, नर्सिग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केन्द्र, शैक्षणिक संस्थाओं, न्यायालय, धार्मिक संस्थान एवं अन्य ऐसे क्षेत्र जिन्हें शांत क्षेत्र (साइलेंट जोन) घोषित किया है, कि 100 मीटर की परिधि में पटाखों को चलाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। संपूर्ण जिले में दीपावली पर्व, गुरूपर्व एवं अन्य धार्मिक त्यौहारों पर पटाखें केवल रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही चलाये जा सकेंगे। रात्रि 8 बजे से पूर्व एवं रात्रि 10 बजे के बाद पटाखों का चलाना प्रतिबंधित रहेगा। क्रिसमस एवं नववर्ष की पूर्व संध्या पर पटाखे अर्द्धरात्रि 11ः55 से अर्द्धरात्रि 12ः30 बजे तक ही चलाये जा सकेंगे। संदेहास्पद प्रतिबंधित पटाखे पाये जाने की स्थिति में पटाखे का सेम्पल लेकर क्षेत्रीय प्रयोगशाला मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्वालियर में भेजा जायेगा। प्रयोगशाला द्वारा प्राप्त सेम्पल्स की जांच रिपोर्ट शीघ्रता से संबंधित एसडीएम को प्रेषित की जायेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर युक्तियुक्त विधिसम्मत कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि सभी एसडीएम, एसडीओपी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने अनुभाग, थाना क्षेत्र में इस आदेश का दृढ़तापूर्वक पालन कराते हुये यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी क्षेत्र में अवैध आतिशबाजी का निर्माण, विक्रय, भंडारण आदि न हो। लायसेंसी दुकानों के अतिरिक्त अन्य स्थलों ठेले, फुटपाथ, दुकान आदि पर आतिशबाजी का विक्रय न हो। अन्यथा संबंधित के विरूद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
आदेशो का पालन सुनिश्चित कराने तथा लाइसेंसी दुकानों, गोदामों के निरीक्षण के लिए दल गठित किये गये है, इस दल में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम तथा एसडीओपी शामिल है। दल द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर नियत समयावधि में सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत की जायेगी।

शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्देश किये जारी

श्योपुर, 04 अक्टूबर 2024
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड़ द्वारा विद्यालयो में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के क्रम में स्कूलो में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति के संबंध में निर्देश जारी किए गए है
जारी आदेश के अनुसार शिक्षकों को सुबह साढ़े दस बजे विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के सभी जनशिक्षक अपने जन शिक्षा केन्द्र अन्तर्गत प्राथमिक तथा माध्यमिक विद्यालयों एवं संकुल प्राचार्य संकुल अन्तर्गत हाई स्कूल ,उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शाला प्रभारी, प्रधानाध्यापकों का पृथक वाट्सएप ग्रुप बनांएगे।
प्रत्येक दिन प्रातः 10.30 बजे शाला प्रभारी व प्रधानाध्यापक द्वारा शाला में उपस्थित स्टाफ का ग्रुप फोटो एवं उपस्थिति पंजी का फोटो उपरोक्त ग्रुप में शेयर किया जाएगा। इसी प्रकार अपरान्ह 4.30 बजे पुनः ग्रुप फोटो शेयर किया जाएगा उपर्युक्त फोटो उसी दिन के हो, यह सुनिश्चित करने के लिये फोटो में शाला प्रभारी / प्रधानाध्यापक अपने हाथ में तिथि एवं समय अंकित किया हुआ, ए-4 साइज पेपर डिसप्ले करेंगे।
समस्त जनशिक्षकगण एवं संकुल प्राचार्य अपने जनशिक्षा केन्द्र व संकुल की शालाओं में उपरोक्त व्यवस्था के पालन हेतु व्यक्तिशः उत्तरदायी होंगे। जिन शाला प्रभारियों द्वारा 11:00 बजे तक ग्रुप में स्टाफ फोटो एवं उपस्थिति पंजी शेयर नहीं की जाएगी। उनकी जानकारी जनशिक्षक / संकुल प्राचार्य संबंधित खण्ड शिक्षा अधिकारी/ खण्ड स्त्रोत समन्वयक को वाट्सएप के माध्यम से देंगे, जो कि संबंधित शाला प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को अग्रेषित करेंगे।
ब्लॉक तथा जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी (जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, जिला परियोजना समन्वयक, खण्ड शिक्षा अधिकारी, खण्ड स्त्रोत समन्वयक इत्यादि) सप्ताह में 03 दिवस कुछ शालाओं में रैण्डमली किसी भी समय (विशेषकर 12 से 03 बजे के मध्य ) भौतिक निरीक्षण कर सत्यापन करेंगे।

पीएम सूर्य घर योजना में मिलेगी करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली तीन किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की मिलेगी सब्सिडी

तीन किलोवॉट के सौर संयन्त्र लगाने पर 78 हजार की मिलेगी सब्सिडी

श्योपुर 03 अक्टूबर। केंद्र सरकार द्वारा देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दिया जा रहा है। इस योजना के तहत एक किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट या उससे ऊपर 10 किलोवॉट तक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। इसके लिए देशभर के उपभोक्ताओं को इस योजना में शामिल करके पीएम सूर्य घर योजना से जोड़ने का लक्ष्य केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है।
इसी क्रम में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने क्षेत्रान्तर्गत आने वाले भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के 09 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। आवेदन के लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय एप, वॉट्सएप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली की सुलभता के साथ आर्थिक बचत करवाना शामिल है। इसके साथ ही मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ दिलाकर लोगों को प्रोत्साहित करना है। बता दें कि पीएम सूर्य घर योजना से जुड़ने पर पर्यावरण के हितों की रक्षा हो सकेगी। इसलिए अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़कर लाभ ले सकते हैं।

मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कपंनी लिमिटेड भोपाल

श्री हजारेश्वर विद्यालय में संगोष्ठि आयोजित

श्योपुर, 30 सितंबर 2024
सेवा स्वछता पखवाड़े के अंतर्गत शासकीय श्री हजारेश्वर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्योपुर मे स्वच्छता पर संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमे श्योपुर जिले के स्वछता अभियान के ब्रांड एंबेसडर  जय सिंह जादौन ने प्रेरक उदबोधन के माध्यम से स्वच्छता के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होने मानव जीवन में स्वच्छता के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्वयं, परिवार एवं समाज की स्वच्छता हेतु संकल्पित होना चाहिए। नगर पालिका के नोडल अधिकारी  आदित्य चौहान ने प्रत्येक घर में कचरे को पृथक पृथक सूखा एवम गीला कचरा एकत्रित कर नगर पालिका के कचरा वाहन मे डालने की अपील की। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य  मनोज पाराशर,  प्रमोद सिकरवार,  लाखन सिंह परमार,  बुंदु खा,  सुरेन्द्र सिंह जाट, सुश्री नताशा,  हरिओम शर्मा,  मनोज बत्रा सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में  प्रमोद सिकरवार द्वारा सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।

वृद्धजन दिवस पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का होगा आयोजन

श्योपुर, 30 सितंबर 2024
राष्ट्रीय वृ़द्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम अंतर्गत अंतराष्ट्रीय वृ़द्धजन दिवस 01 अक्टूबर 2024 के अवसर पर विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किये जायेगे। सीएमएचओ डॉ जेएस राजपूत ने बताया कि जिला चिकित्सालय श्योपुर सहित, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कराहल, बडौदा, ढोढर, विजयपुर सहित आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्तर पर भी वृद्धजनों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु स्वास्थ्य शिविर लगाये जायेगे। शिविर मे एनसीडी स्क्रीनिंग , मोतियाबिंद हेतु ऑखों का परीक्षण ,मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण,बधिरता हेतु स्क्रीनिंग ,नाक कान गला ,डेन्टल रोग की जांच, स्त्रीरोग आदि सेवाऐं के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड,हेल्थ आईडी भी बनाई जावेगी वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण का कार्ड बनाकर दिया जायेगा। 70 प्लस के आयुष्मान कार्ड भी बनाये जायेगे।

यश को डीईओ का प्रभार, कलेक्टर ने किया आदेश जारी

श्योपुर, 29 सितंबर 2024
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा सहायक संचालक शिक्षा  यश जैन को श्योपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार सौपा गया है। यह आदेश 1 अक्टूबर से प्रभावशील होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी  रविन्द्र सिंह तोमर अर्द्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने से 30 सितंबर को रिटायर हो रहे है, शासन स्तर से नियमित पदस्थापना किये जाने तक सहायक संचालक शिक्षा विभाग  यश जैन को आहरण एवं संवितरण अधिकार सहित जिला शिक्षा अधिकारी श्योपुर का प्रभार दिया गया है।
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा जारी यह आदेश 1 अक्टूबर 2024 से प्रभावशील होगा। आदेश अनुसार सहायक संचालक शिक्षा  यश जैन 1 अक्टूबर से प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे।

दाँतरदा कलां मे तलावदा रोड पर नाले का घटिया निर्माण कार्य कर शासन शासन को लगा रहे चूना

दिनांक 29 /9/24

श्योपुर- दाँतरदा कलां मे तलावदा रोड पर नाले का निर्माण पूरी तरह घटिया निर्माण कार्य किया जा रहा है और ज़ो रेत है वो मिट्टी भी मिट्टी की मिलावट की रेत से नाले का निर्माण हो रहा है ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि रेत देखने वाले ग्रामीणों और आम जनता  को तो यह मिट्टी मिली रेत दिख रही है किन्तु निर्माण कर्ता को नहीं दिख रही या सस्ती होने के चलते लगाई जा रही है किन्तु एसे में जाँच करता अधिकारी भी चुप है तो मिली भगत होने की आशंका जाहिर होती है प्रशासन को तुरंत जाँच कर एसे घटिया निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाना चाहिए

हाल ही में दांतरदा से जैनी तक लोक निर्माण विभाग द्वारा कुछ समय पूर्व बनाई गई सडक़ के अंतर्गत अब दांतरदा कस्बे में नाला निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन नाले का निर्माण में गुणवत्ता विहीन कराया जा रहा है, जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताया है। कुछ ग्रामीणों ने तो अपने मकानों के आगे नाला बनाने से मना कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नाला निर्माण में जो मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है वह घटिया है और तय मापदंडों के अनुरूप चौड़ाई और गहराई भी नहीं रखी जा रही है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा तलावदा रोड पर बनाए जा रहे इस नाले के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि एक तो इसमें मिट्टी मिली रेत लगाई जा रही है। जबकि इसमें बनास की रेत का उपयोग होना चाहिए
इसके साथ ही नाले की गहराई 2 फीट होनी चाहिए। लेकिन गहराई भी कम साथ ही नाले का बेस बनाए बिना ही नाले का निर्माण कराया जा रहा है जिससे निर्माणाधीन नाला ज्यादा दिन नहीं चलेगा। ग्रामीणों ने इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है।

16 करोड़ में बनी है पूरी सड़क

विभागीय जानकरी के अनुसार श्योपुर-सवाईमाधोपुर नेशनल हाइवे पर स्थित दांतरदा से लेकर जैनी तक 16 किलोमीटर की लंबी सड़क गत वर्षस्वीकृत हुई थी। लगभग 16 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस् सड़क का कार्य अभी पूरी तरह कंपलीट भी नहीं हुआ है और वर्तमान में दांतरदा कस्बे में सड़क के किनारे नाले का निर्माण कराया जा रहा है।

 

नर्माण के लिए पड़ा मिट्टी रेत का ढेर।            निर्माणाधीन नाला

गोविंद सेन, मंडल महामंत्री भाजपा, दांतरदा

पीडब्ल्यूई द्वारा दांतरदा में तलावदा पर नाला निर्माण कराया जा रहा है लेकिन इसका काम पूरी तरह घटेियास्तर का हो रहा है। इसमें उचित मापदंड से कम का रेत और सरिया लगाए जा रहे हैं।

अरविंद वैष्णव, दांतरदा

बनास की रेसे नाला बनाया जाना पहिए। लेकिन यहां मिट्टी मिती रेत का उपयोग किया जा रह है। हमें इस रेत से नाला नहींषनने देंगे। अभी ठेकेदार तो बनाकर चला जाएगा, बाद में हम लगों को ही परेशानी आएगी।

मुख्यमंत्री ने समत्व भवन से सोयाबीन उपार्जन, खाद उपलब्धता और वितरण की वीसी से की समीक्षा कालाबाजारी करने वालों से सख्ती से निपटेगी सरकार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कालाबाजारी करने वालों से सख्ती से निपटेगी सरकार – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनप्रतिनिधियों के साथ राजस्व अमला करेगा फसल क्षति आंकलन
प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध

श्योपुर, 28 सितंबर 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उर्वरक की मांग बढ़ने पर कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली उर्वरक निर्माण की संभावना रहती है। पुलिस का सहयोग लेते हुए निरीक्षण और चेकिंग की व्यवस्था को बढ़ाया जाए। कालाबाजारी करने वालों, मिलावट, मिस ब्रांडिंग और नकली उर्वरक खपाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। उर्वरक अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए एक जिले से दूसरे जिले में उर्वरक मूवमेंट पर सतत् निगरानी रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से सोयाबीन उपार्जन, खाद उपलब्धता और वितरण की वीडियो-कॉन्फ्रेसिंग में कलेक्टर -कमिश्नर से चर्चा कर उक्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ 2024-25 के लिए प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का प्राइस सपोर्ट स्कीम में मध्यप्रदेश को सोयाबीन उपार्जन की दी गई स्वीकृति के लिए आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश में उपार्जन के समुचित बेहतर प्रबंध करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाए ताकि आवश्यकतानुसार डीएपी के स्थान पर एनपीके, लिक्विड नैनो यूरिया के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व अमला जनप्रतिनिधियों के साथ फसलों की क्षति आंकलन सुनिश्चित करें। खाद भंडारण के लिए डबल लॉक की आवश्यकता होने पर कृषि उत्पादन आयुक्त से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमानक स्तर का खाद-बीज विक्रय, भंडारण और परिवहन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रबी 2024-25 के लिए खरीफ 2024 के अनुसार ही उर्वरक वितरण के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रबी 2024-25 के लिए भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। सभी जिला कलेक्टर बेहतर तैयारी कर लें, वितरण व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी के विज़न अनुरूप प्राकृतिक खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए। एनपीके और लिक्विड नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किसानों को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित करें। किसानों द्वारा इनके उपयोग से देश की अन्य राष्ट्रों पर निर्भरता भी कम होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खरीफ 2024 में एनपीके का उपयोग 45 प्रतिशत होने पर प्रसन्नता जताई जो कि वर्ष 2023-24 में मात्र 26 प्रतिशत था। उन्होंने जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की मालवा क्षेत्र में खाद के 3 रैक और उपलब्ध कराने की मांग के अनुरूप कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद के व्यवस्थित वितरण के लिए अधिकारियों को डबल लॉक केन्द्रों पर अतिरिक्त बिक्री काउंटर खोलने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राइस सपोर्ट स्कीम पर सोयाबीन उपार्जन की कार्रवाई संवेदनशीलता से करने को कहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा के अतिरिक्त सोयाबीन का उपार्जन प्रदेश सरकार करेगी। प्रदेश में 25 सितम्बर से ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। अधिक से अधिक किसानों से पोर्टल पर पंजीयन कराया जाए। आगामी 20 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन होगा। इसके बाद उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की कार्रवाई 21 दिसम्बर तक होगी। किसानों से 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर 2024 तक सोयाबीन का उपार्जन प्रदेश के 1400 केन्द्रों पर किया जाएगा। आवश्यकतानुसार इसमें परिवर्तन भी किया जा सकता है। किसानों को भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा। प्रदेश में 7 जिले दतिया, भिंड, कटनी, मंडला, बालाघाट, सीधी एवं सिंगरौली को छोड़कर शेष सभी जगह सोयाबीन का उपार्जन होगा। इन जिलों से प्रस्ताव आने पर सोयाबीन उपार्जन पर विचार किया जाएगा।
बैठक में सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, कृषि उत्पादन आयुक्त  मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव परिवहन  एस.एन. मिश्रा, अपर मुख्य सचिव कृषि  अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  संजय शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त कृषि  एम. सेल्वेन्द्रन, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम पी. खाड़े, संचालक कृषि  अजय गुप्ता और एमपी मार्कफेड  आलोक कुमार सिंह मौजूद थे। कॉन्फ्रेंसिंग से कृषि मंत्री  ऐदल सिंह कंषाना, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में वर्चुअल सहभागिता की।
वीसी के दौरान एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड, पुलिस अधीक्षक  वीरेन्द्र जैन, डिप्टी कलेक्टर  वायएस तोमर सहित कृषि, फूड, मार्कफेड आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव राजस्व की अध्यक्षता में वीसी आयोजित

श्योपुर, 27 सितंबर 2024
प्रमुख सचिव राजस्व  विवेक पोरवाल की अध्यक्षता में आयोजित वीडियों कॉफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को राजस्व प्रकरणों के निराकरण के निर्देश दिये गये। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 के लक्ष्य के विरूद्ध राजस्व वसूली की समीक्षा की गई। वीसी के दौरान प्रदेश के जिलो के कलेक्टर तथा अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहें।
प्रमुख सचिव राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान आरसीएमएस पोर्टल में दर्ज नामातंरण, बंटवारा, सीमांकन तथा राजस्व न्यायालयो के प्रकरणों की समीक्षा की गई। इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि, सीएम किसान सम्मान निधि, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री किसान ई-केवायसी आदि के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा भी की गई।
वीसी के दौरान एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड, एसडीएम  मनोज गढवाल, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन, तहसीलदार  अर्जुन सिंह भदौरिया, ओएस  दिलीप बंसल आदि उपस्थित थे।