8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक चलेगा पोषण पखवाड़ा, “जीवन के प्रथम 1000 दिवस” थीम पर हो रहे कार्यक्रम
श्योपुर | 08 अप्रैल 2025 कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा श्योपुर जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण पखवाड़ा की शुरुआत की गई। यह आयोजन 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2025 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति समुदाय को जागरूक करना है।
इस वर्ष की थीम: जीवन के प्रथम 1000 दिवस पर केंद्रित
वर्ष 2025 के पोषण पखवाड़े की थीम है – “जीवन के प्रथम 1000 दिवस”।
इसमें शिशु के जन्म से पहले और बाद के प्रारंभिक दिनों में पोषण के महत्व को रेखांकित किया गया है।
खास ध्यान दिया जाएगा स्वस्थ जीवनशैली, मोटापे से बचाव, पोषण प्रबंधन और एनीमिया नियंत्रण पर।
📆 सप्ताह भर की गतिविधियों के लिए बना कैलेंडर
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी ओ.पी. पाण्डेय ने बताया कि कार्यक्रमों का एक विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
प्रभात फेरी व सामुदायिक जागरूकता
गोद भराई दिवस का आयोजन
गर्भवती महिलाओं की पोषण थाली का प्रदर्शन
आयरन और कैल्शियम दवाओं की उपयोगिता पर चर्चा
टेक होम राशन का वितरण
हीमोग्लोबिन की जांच और टीकाकरण
बच्चों में पोषण स्तर की निगरानी और मोटे अनाज का उपयोग
स्तनपान के महत्व पर जागरूकता
बाल चौपाल, पोषण संवाद, और स्वस्थ जीवनशैली पर चर्चा
🩷स्वस्थ माँ – स्वस्थ शिशु, पोषण युक्त जीवन की ओर एक कदम
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विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन, बंदियों को जमानत, पैरोल, और अन्य कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी
श्योपुर | 08 अप्रैल 2025 जिला जेल श्योपुर में आज एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। यह शिविर माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री पवन कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और विशेष न्यायाधीश श्री लीलाधर सोलंकी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
⚖️ जमानत, पैरोल, और निःशुल्क विधिक सहायता पर जानकारी
शिविर के दौरान बंदियों को बताया गया कि:
विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध है।
उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों (SMWP (CRL) No. 04/2021) के अंतर्गत जिन बंदियों की अभी तक जमानत नहीं हुई है, वे लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से जमानत हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिन बंदियों की अपील उच्च न्यायालय में लंबित है, उन्हें भी उचित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
नालसा- सालसा की योजनाओं पर जानकारी
बंदियों को निम्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया:
एसिड अटैक पीड़ितों के लिए नालसा स्कीम
प्ली बार्गेनिंग प्रक्रिया
पैरोल एवं पेशी संबंधी अधिकार
बंदियों के लिए विधिक सेवा योजनाएं
भोजन की गुणवत्ता पर भी पूछताछ
शिविर के दौरान यह भी जाना गया कि जेल में बंदियों को भोजन नियमित और उचित गुणवत्ता में मिल रहा है या नहीं।
इन अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर कई न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे:
श्री लीलाधर सोलंकी – विशेष न्यायाधीश
सुश्री संध्या मरावी – मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
श्रीमती वर्षा सुर्यवंशी मजुमदार – सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणश्रीमती मनदीप कौर सेहमी – न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी
श्री योगेश बंसल – जिला विधिक सहायता अधिकारी
श्री एन.एस. राणा – जेल उपाधीक्षक
श्री एम.डी. सोनी – चीफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल
श्री हनुमान तिवारी – परलीगल वालंटियर
इसके अलावा जेल स्टाफ और बड़ी संख्या में बंदी भी शिविर में उपस्थित रहे।
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श्योपुर, 08 अप्रैल 2025 कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की जनसुनवाई में आज जरूरतमंदों को राहत प्रदान की गई। इस जनसुनवाई में 129 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कई मामलों में तत्काल निर्णय लेकर सहायता प्रदान की गई।
दिव्यांग बालिका को मिली आर्थिक मदद, परिवार को आवास और बीपीएल कार्ड का लाभ
4 वर्षीय मानसिक दिव्यांग बालिका के परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई।
बालिका के माता-पिता – धोला गुर्जर और रामलखन गुर्जर, निवासी सुबकरा – को प्रधानमंत्री आवास योजना और बीपीएल सूची में नाम जोड़ने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ भी जल्द दिलवाने को कहा गया।
संबल योजना में नॉमिनी बदलकर पुत्र को मिलेगा लाभ
सेमल्दा निवासी मेवीराम आदिवासी को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने के निर्देश दिए गए।
चूंकि पहले लाभार्थी के नॉमिनी माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है, इसलिए अब पुत्र को यह राशि मिलेगी।
रामेश्वरी, मनीषा और गजरी को मिलेगा संबल योजना का लाभ
रामेश्वरी (मोरेका), मनीषा (खाड़ी नं. 2), और गजरी (हीरापुर) – तीनों विधवाओं को संबल योजना के अंतर्गत 2-2 लाख रुपए की राशि शीघ्र बैंक खाते में मिलने की सूचना दी गई।
संबंधित मामलों में ईपीओ जारी हो चुके हैं।
तीन बच्चों को मिलेगा स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ
प्रेम, अरुण और विशाल, जिनके माता-पिता और चाचा की मृत्यु हो चुकी है, अब महिला एवं बाल विकास विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना में शामिल होंगे।
चाचा रिशो आदिवासी की देखरेख में रह रहे इन बच्चों को 4,000 रुपए प्रति माह प्रति बच्चा सहायता दी जाएगी।
आवास योजना के तहत जारी हुए भुगतान आदेश, जीआरएस को नोटिस
चंद्रपुरा निवासी रामबिलास बैरवा और कल्लाराम बैरवा को पीएम आवास योजना के अंतर्गत एफटीओ (भुगतान आदेश) मौके पर ही जारी करवाए गए।
फिलोजपुरा पंचायत के जीआरएस हरि सिंह बैरवा को किस्त न देने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जनसुनवाई में रहे अधिकारी उपस्थित
जनसुनवाई के दौरान संयुक्त कलेक्टर मनोज गढ़वाल, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री वर्मा ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुना और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
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श्योपुर, दिनांक 8/4/2025 श्योपुर जिले के ग्राम मानपुर में शासकीय भूमि पर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 100 बीघा सरकारी भूमि को फर्जी दस्तावेज़ों और भ्रामक रिपोर्ट के ज़रिए निजी संपत्ति के रूप में दर्ज करवा लिया गया। इस गंभीर मामले में पूर्व पटवारी वीरसिंह पिप्पल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मानपुर के खसरा नंबर 133/1, 133/2 और 133/3 में दर्ज भूमि, जो पहले प्रभूलाल काछी और उनकी बहनों के नाम थी, को वर्ष 2006 में शासकीय भूमि घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद, पूर्व सरपंच अशोक त्यागी ने कथित रूप से अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर उक्त भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवा लिया।
तहसीलदार न्यायलय प्रकरण क्रमांक 30 बी-121/2023-24 में 100 बीघा भूमि का फर्जी व झुटा भ्रामक जाँच प्रतिवेदन वीर सिंह पिप्पल पटवारी ने दिया जिसकी शिकायत कलेक्टर महोदय के टी एल पत्र क्रमांक 300794 दिनांक 28 /02/2023 प्रचलित है
इस पूरे घोटाले का खुलासा उस वक्त हुआ जब हनुमानसिंह कुशवाह और ओमप्रकाश नामक शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर अर्पित वर्मा को लिखित शिकायत सौंपते हुए पटवारी वीरसिंह पिप्पल पर झूठी और भ्रामक रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया है कि 18 फरवरी 2023 को दी गई रिपोर्ट में अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ कर भूमि को निजी स्वामित्व वाला बताया गया।
इतना ही नहीं, शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पटवारी पिप्पल ने अन्य स्थानों पर भी अवैध कॉलोनियों की प्लॉटिंग कर सरकारी भूमि बेचने का धंधा किया है। मुरैना और श्योपुर में करोड़ों की संपत्तियाँ अर्जित की गई हैं, जिनकी जांच की माँग की जा रही है।
हाल ही में श्योपुर शहर के एक पुराने प्रकरण में भी फर्जी रिपोर्ट के ज़रिए कंप्यूटर इन्द्राज करवाने का मामला सामने आया था, जिसके चलते उन्हें एसडीएम द्वारा निलंबित किया गया।
शिकायत में कलेक्टर से माँग की गई है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और सभी संदिग्ध भूमि प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए।
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर अर्पित वर्मा इस भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं और क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव के भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के वादे धरातल पर उतरते हैं या फिर ऐसे ही भ्रष्टाचारियों को संरक्षण मिलता रहेगा
श्योपुर, 06 अप्रैल 2025। ग्राम बडौदाराम में कूटरचित तरीके से जारी किए गए पट्टों के मामले में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। अपर कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर की न्यायालय ने 22 व्यक्तियों के नाम दर्ज कुल 41 बीघा भूमि को शासकीय दर्ज करने का आदेश पारित किया है। यह कार्रवाई गैर-अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बाहरी व्यक्तियों को अवैध रूप से जारी पट्टों के विरुद्ध की गई है।
अभिलेख जांच शाखा श्योपुर के प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, ग्राम बडौदाराम के बाहर निवासरत और गैर पात्र व्यक्तियों को वर्ष 2000 के बाद पट्टे जारी किए गए थे। उक्त पट्टों के समर्थन में कोई वैध दस्तावेज या प्रमाण भी नहीं प्रस्तुत किए गए थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पूरी प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध संपन्न हुई।
न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि अधिकांश मामलों में नायब तहसीलदार द्वारा यह जांच ही नहीं की गई कि संबंधित व्यक्ति भूमिहीन है या नहीं, या वह ग्राम बडौदाराम का निवासी है या नहीं। इस आधार पर समूची प्रक्रिया को कूटरचित और विधि विरुद्ध मानते हुए भूमि को शासकीय घोषित किया गया।
इस मामले में जिन व्यक्तियों के नाम से व्यवस्थापन निरस्त किए गए हैं, उनमें हरियाणा निवासी चंद्रमल सेनी, रतीराम सेनी, ग्राम सोठवा के रमेश मीणा, ग्राम चरोंद की द्वारिका, प्रकाशी, गायत्री, ग्राम सीसवाली की राजेन्त्रा बाई, बडौदाराम की नाथी बेवा रामचंद्र मीणा, कल्याणी मीणा (वारिसान रमेश, लाखन, गिर्राज, विद्या बाई), रामलखन मीणा (वारिसान बिरमा बाई, गिरधर, उमा, वंदना), गोकुल मीणा, रामअवतार खाती, शांति गुर्जर, गायत्री गुर्जर, राम सिंह मीणा, हंसराज मीणा, शंभू मीणा, बलराम मीणा, सुल्तान मीणा, सीताराम मीणा, जुगराज मीणा, राजू मीणा एवं शंभू मीणा शामिल हैं।
न्यायालय के आदेशानुसार, नायब तहसीलदार वृत्त मानपुर को भूमि शासकीय दर्ज करने की कार्रवाई तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह निर्णय जिले में फर्जी तरीके से किए गए भूमिगतरणों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है
श्योपुर, 07 अप्रैल 2025। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 के क्रियान्वयन हेतु श्योपुर जिले में सामूहिक विवाह सम्मेलनों की तिथियों का निर्धारण कर दिया गया है। यह निर्णय प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला के अनुमोदन उपरांत लिया गया। प्रभारी उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सुश्री शशिकिरण इक्का ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर 30 अप्रैल 2025 को जिले की समस्त जनपद पंचायतों एवं नगरपालिकाओं में सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत किया जाएगा।
इसके अलावा, 12 मई 2025 (वैसाख पूर्णिमा / पीपल पूर्णिमा) को जनपद पंचायत श्योपुर, कराहल, विजयपुर तथा नगरपालिका श्योपुर एवं नगरपरिषद बड़ौदा और विजयपुर में भी सामूहिक विवाह सम्मेलन होंगे।
गंगा दशहरा के अवसर पर 5 जून 2025 को पुनः इन्हीं सभी क्षेत्रों—जनपद पंचायत श्योपुर, कराहल, विजयपुर एवं नगरपालिकाएं श्योपुर, बड़ौदा और विजयपुर—में विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त नवम्बर माह में तीन दिवसीय आयोजन किया जाएगा:
21 नवम्बर 2025: जनपद पंचायत श्योपुर, नगरपालिका श्योपुर एवं नगरपरिषद बड़ौदा में
22 नवम्बर 2025: जनपद पंचायत कराहल में
23 नवम्बर 2025: जनपद पंचायत विजयपुर एवं नगर परिषद विजयपुर में
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान करना है, साथ ही सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
श्योपुर, 07 अप्रैल 2025 कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सोमवार को समय-सीमा की बैठक के दौरान नगर परिषद विजयपुर के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने विजयपुर एसडीएम एवं प्रभारी सीएमओ अभिषेक मिश्रा को निर्देशित किया कि नगर परिषद के लिए नवीन फायर ब्रिगेड की व्यवस्था हेतु प्रस्ताव नगरीय प्रशासन विभाग को शीघ्र भेजा जाए। साथ ही, नियमानुसार शव वाहन की खरीदी प्रक्रिया प्रारंभ करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में वर्मा ने ग्रीष्मकाल के दौरान संभावित आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल में आग लगने की स्थिति में तत्काल सूचना दी जाए तथा एसडीएम एवं तहसीलदार मौके पर पहुंचकर अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने पंचायती क्षेत्रों में भी फायर टेंकर की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर को निर्देशित किया गया कि कराहल एवं वीरपुर तहसील मुख्यालयों पर पंचायतो के माध्यम से फायर टेंकर तैनात किए जाएं।
कलेक्टर वर्मा ने जिले के सभी शासकीय भवनों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को जिले की औद्योगिक इकाइयों में भी यह प्रणाली अनिवार्य रूप से लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए कहा गया।
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई एवं टीएल मार्क से संबंधित आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की गई। वर्मा ने सभी अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, वायएस तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
शहर के एक प्रमुख रेलवे स्टेशन पर हाल ही में शराब ठेका खुला, जो इन दिनों जनमत का केंद्र बन गया है। यह स्थान न केवल मंदिर और किसानों की आबादी वाले क्षेत्र के करीब है, बल्कि सबसे प्रमुख आधार यह है कि यह स्थान ठीक सामने स्थित है जहां जल्द ही भारत के पूर्व प्रधान मंत्री और किसान नेता स्वर्गीय श्री चौधरी चरण सिंह जी की प्रतिमा स्थापित की गई है।
श्रद्धा पर चोट, सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय स्थानीय लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा – “यह शराब की दुकान मंदिर और आवासीय क्षेत्र से दूर होनी चाहिए। इसलिए मछली का बाजार भी बेहतर होता है। अब तो यह हर दृष्टिकोण से गलत जगह पर है – वह भी ठीक है बीच में। हर आम नागरिक इससे प्रभावित होगा।”
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थान अब असुरक्षित और श्रमिक बन गया है। रास्ते से चलने वाले लोगों में गरीबी और असंतता का अभाव है।
कार पर गए प्रश्न
नगर पालिका अध्यक्ष और टेलीकॉम एसोसिएशन ने जनता को प्रभावित किया है। हर गली-मोहल्ले में यह चर्चा है – “क्यों मूक दर्शक बने बैठे हैं जिम्मेदार अधिकारी?”
जिला नियु रत्नी वर्मा से वैदिक की जा रही है कि वे इस एपिसोड में प्रतिष्ठित सोशल लेनन पर हैं। नागरिकों का स्पष्ट मत है कि नगरपालिका पूरी तरह से मनमर्जी पर उतर आई है। यदि यही प्रमाणित हो रहा है तो व्यापक जनआंदोलन का समाधान कभी भी हो सकता है।
चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थल के सामने ठेका शराब – यह अपमान नहीं तो और क्या?
देश के किसान और गाड़ियों की आवाज सुन रहे स्व. श्री चौधरी चरण सिंह जी की प्रस्तावित प्रतिमा स्थल के ठीक सामने शराब का खतरा प्रकट होना न केवल निन्दनीय है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक एवं सामाजिक आस्थाओं का अत्याधिक अपमान है।
वास्तविक और संदिग्ध प्रक्रिया की ओर
लैपटॉप के अनुसार, यह दुकान पहले लगभग 60-70 लाख रुपये की ओपन बोली में सूचीबद्ध थी। लेकिन पॉलिमिकल द्वारा इस बोली को लागू करने के लिए कोरोना काल में कोटेशन सिस्टम के माध्यम से दुकान को औने-सामुदायिक दाम पर एक निजी व्यक्ति को दे दिया गया।
अब इस दुकान को एक अन्य किराएदार ने फिर से किराए पर देना शुरू कर दिया है – वह भी शराब के ठेके के लिए – नगर पालिका की दुकान में शामिल है।
दुकान मालिक ने भी की पैसे की बात
दुकान मालिक से हुई बातचीत में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह स्थान शराब की दुकान के संचालन के लिए नहीं दिया गया है। जब एक ओर मंदिर हो और दूसरी ओर मूर्ति स्थापित हो, तो ऐसा व्यवसायिक निर्णय समाज के लिए ठीक नहीं है।
जनता की मांग – चुनौती हटे, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो
स्थानीय लोग एक स्वर में मांग कर रहे हैं कि इस शराब के नशे को हटाया जाए और इस खतरे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया जाए। श्रद्धा, संस्कृति एवं जन सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विरोध पर पुलिसिया भी स्थिर रहे
स्थिति टैब और चित्रण तब किया गया जब विरोध कर रही जनता को पुलिस ने अभद्रता की साजिश को हटा दिया और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके वीडियो और जानकारी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिससे प्रशासन की छुट्टियां और गंभीर सवाल गिर गए हैं।
ग्वालियर, 5 अप्रैल। इतिहास और परंपरा एक बार फिर जीवंत होगी, जब रामनवमी के पावन अवसर पर ग्वालियर किले की छत्री में गूंजेगा महाराजा भीम सिंह राणा की 269वीं पुण्यतिथि का जयघोष। इस मौके पर अखिल भारतीय किसान राणा मेला का आयोजन किया जा रहा है, जो न सिर्फ श्रद्धांजलि का पर्व होगा, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का भी केंद्र बनेगा।
आयोजक ग्वालियर जाट समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष जंडेल सिंह राणा, सचिव पूरन सिंह राणा एडवोकेट और सदस्य रनवीर सिंह ने बताया कि मेले में समाज के होनहार छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा — ये वे चेहरे हैं, जो कल का भविष्य रचेंगे।
किसानों के लिए खास आकर्षण रहेगा डॉ. विजयपाल सिंह राणा का सत्र, जिसमें वे सोलर ग्रीन एनर्जी के जरिए खेती को सशक्त और लाभकारी बनाने के तरीके बताएंगे। एक नई क्रांति की शुरुआत का मंच तैयार है।
कार्यक्रम में देश की राजनीति और समाजसेवा की कई बड़ी हस्तियाँ शिरकत करेंगी — सांसद माया नरोलिया, राजकुमार चाहर, रघु ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, महापौर शोभा सिकरवार सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे।
यह सिर्फ एक मेला नहीं — यह विरासत, सम्मान और नवचेतना का संगम होगा। ग्वालियर के किले पर, जहां इतिहास ने करवटें ली हैं, वहीं अब समाज की प्रतिभाएं चमकेंगी और किसानों के लिए नया सूरज उगेगा।
तो आइए, इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनें — 6 अप्रैल, सुबह से, ग्वालियर किला छत्री परिसर में
श्योपुर, 04 अप्रैल 2025 कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिले में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निरीक्षण कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में ढोढर क्षेत्र में श्री कृष्णा डेयरी से पनीर एवं मिल्क क्रीम तथा कैलाशचंद दीपकचंद किराना स्टोर से बच्चों की खाने योग्य कैण्डी और टोस्ट के कुल 4 सैंपल लिए गए हैं।
ये सभी नमूने जांच के लिए राज्य स्तरीय खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।
साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान
खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र जैन ने बताया कि आमजन को मानक खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। निरीक्षण के दौरान ढोढर क्षेत्र के मिष्ठान भंडारों एवं स्नैक्स फूड दुकानों का भी निरीक्षण किया गया।
उन्हें साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री को ढक कर रखने, तथा स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण में उत्पादन एवं विक्रय के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, और मानक से कम गुणवत्ता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🧼 साफ भोजन – स्वस्थ जीवन! 🛑 मानकों से कम गुणवत्ता पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।