श्योपुर, 07 फरवरी 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिये कि सभी राजस्व अधिकारी आरबीसी 6-4 अंतर्गत आर्थिक सहायता के प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। शासन की मंशा के अनुरूप पीडित व्यक्ति अथवा परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने के उद्देश्य के साथ सकारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करें। सर्पदंश एवं अन्य प्राकृतिक मृत्यु के मामले हो अथवा अग्नि, दुर्घटना के, इन प्रकरणो में त्वरित रूप से आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जायें। उन्होने कहा कि अविवादित नामांतरण, बंटवारे के प्रकरण समय सीमा में निराकृत किये जायें। पटवारी फील्ड में रहे तथा फार्मर रजिस्ट्री, खसरे की ई-केवायसी, पीएम किसान सम्मान निधि जैसे राजस्व कार्यो को प्राथमिकता एवं तेज गति के साथ संपादित करें।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने अविवादित नामांतरण की राजस्व न्यायालयो वार समीक्षा करते हुए कहा कि 13 न्यायालयो में से पहेला वृत्त की प्रगति सबसे अधिक 96.61 प्रतिशत है, जबकि गसवानी की प्रगति सबसे कम 76 प्रतिशत के लगभग है। अविवादित बंटवारे में भी गसवानी का प्रतिशत 64.31 प्रतिशत है। उन्होने निर्देश दिये कि सभी न्यायालय 80 प्रतिशत से अधिक निराकरण सुनिश्चित करें तथा अविवादित नामांतरण के मामलो में 100 प्रतिशत निराकरण समय सीमा में किया जायें। उन्होने कहा कि सीमांकन के मामलो में गोरस, मानपुर, प्रेमसर एवं वीरपुर सर्किल द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने विभिन्न शासकीय विभागों को भूमि आवंटन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि आवंटित की गई भूमियों को राजस्व रिकार्ड में अमल किया जायें। इसके साथ ही फार्मर रजिस्ट्री एवं खसरे की ई-केवायसी का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण किया जायें। राजस्व विभाग से संबंधित सीएम हेल्पलाइनों का निराकरण गत माह 76 प्रतिशत था, जिसे इस माह 80 प्रतिशत से अधिक किया जायें। उन्होने कहा कि नॉन अटेंड शिकायतों पर संबंधित के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेंगी। न्यायालयो में लंबित राजस्व प्रकरणो में जवाब दावे प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिये गये।
पटवारी फील्ड में रहकर कार्य करें
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश दिये कि पटवारी फील्ड में रहे तथा अपने हल्के में बैठकर कार्य करेंगे। पीएम किसान सम्मान निधि में शेष हितग्राहियों की ई-केवायसी, आधार से खसरे की लिकिंग, फार्मर रजिस्ट्री आदि कार्य करेंगे। तहसीलदारों द्वारा नियमित रूप से पटवारियों की समीक्षा की जायें तथा लापरवाह पटवारियों के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित की जायें। इसके साथ ही उन्होने एसडीएम को निर्देश दिये कि पंचायत सचिव भी पंचायत कार्यालयो में बैठकर कार्य करें।
खुले कुए, बोरवैल आदि को कवर कराने के निर्देश
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने एसडीएम को निर्देश दिये कि अपने-अपने क्षेत्र में खुले हुए कुए, बोरवैल आदि असुरक्षित जल संरचनाओं को सीईओ जनपद के माध्यम से कवर कराया जायें। खुले हुए ऐसे कुए जो उपयोगी है उन पर मुडेंर बनाकर जाल आदि लगाये जायें और जो अनउपयोगी तथा असुरक्षित कुए है, उन्हें कवर करा दिया जाये। इसी प्रकार खुले हुए बोरवैल को बंद कराया जायें।
छात्रावासों एवं स्कूलों का निरीक्षण करें
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने क्षेत्र में छात्रावासों एवं स्कूलों का सतत् रूप से निरीक्षण करें। उन्होेने कहा कि छात्रावासो में भोजन, पेयजल सहित अन्य रहवासी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर उनमें सुधार के लिए कार्य किया जायें। छात्रावास में उचित प्रकाश व्यवस्था एवं शौचालय आदि की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया जायें। इसके साथ ही स्कूलो में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम सहित शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया जायें, यह सुनिश्चित किया जाये कि विद्यालयो में अकादमिक व्यवस्थाएं सुचारू संचालित हो तथा मध्यान्ह भोजन में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन प्राप्त हों। व्यवस्थाओं में लापरवाही एवं उदासीनता पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जायें।
बैठक में प्रभारी एसडीएम श्योपुर संजय जैन, एसडीएम कराहल बीएस श्रीवास्तव, एसडीएम विजयपुर अभिषेक मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर वायएस तोमर, एसएलआर मुन्ना सिंह गुर्जर सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे।