Friday, April 4, 2025
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30 मार्च को रोगियों को लेकर रवाना होंगी बसें 26 मार्च से 2 अपै्रल तक मुरैना में आयोजित होगा विशाल स्वास्थ्य शिविर नोडल अधिकारी नियुक्त

श्योपुर, 25 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में श्योपुर जिले से चिन्हित मरीजो को उपचार के लिए 30 मार्च को बसे रवाना होंगी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा व्यवस्थाओं के लिए जिला सहित विकासखण्ड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। इसके साथ ही वाहन प्रभारी भी बनाये गये है। उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले में रोगियों के चिन्हांकन हेतु सामुदायिक एवं प्राथमिक अस्पतालो में लगाये गये शिविरों के माध्यम से कुल 8 हजार 108 रोगियों का परीक्षण कर उपचार किया गया तथा अभी तक लगभग 600 रोगी मुरैना शिविर के लिए चिन्हित किये गये है।
जिला स्तर पर सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर को नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा डीपीएम एनआरएलएम सोहनकृष्ण मुदगल तथा परियोजना अर्थशास्त्री श्रीमती राजेश शर्मा को सहायक नोडल बनाया गया है। इसी प्रकार श्योपुर जिला अस्पताल सहित बीएमओ स्तर पर भी नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। श्योपुर के लिए सीईओ जनपद  एसएस भटनागर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेएस राजपूत, परियोजना अधिकारी विक्रम जाट, बडौदा के लिए सीईओ जनपद श्योपुर एवं बीएमओ डॉ सुनील यादव, कराहल के लिए सीईओ जनपद कराहल  राकेश शर्मा एवं बीएमओ डॉ सुरेश सोनी तथा विजयपुर के लिए सीईओ जनपद  आफिसर सिंह गुर्जर एवं बीएमओ डॉ एसएन बिंदल, परियोजना अधिकारी पीएस राजपूत को जिम्मेदारी सौपी गई है। रोगियों को ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ ही वाहन प्रभारी भी बनाये गये है।
आरबीएसके प्रभारी श्रीमती स्नेहलता गुर्जर ने बताया कि चिन्हित रोगियों को अधिकारियों के मार्गदर्शन में 30 मार्च को उपचार के लिए मुरैना शिविर भेजा जायेगा। रोगियों को भेजने के लिए कुल 15 बसों की व्यवस्था की गई है, इस क्रम में श्योपुर से 04, बडौदा से 02, कराहल से 04 तथा विजयपुर से 05 बसे रवाना होंगी।
देश के ख्याति प्राप्त चिकित्सक करेंगे रोगियों का उपचार
26 मार्च से 02 अप्रैल तक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन एस.ए फ़ पुलिस परेड ग्राउंड मुरैना में किया जा रहा है। शिविर के लिए टेंट सिटी बनाई गई है, जिसमें तीन बड़े डोम एक डोम वातानुकूलित जो चिकित्सकों की ओपीडी के लिए रहेगा। साथ ही एक डोम में सांस्कृतिक आयोजन हेतु तथा एक और अन्य डोम में सभी प्रकार की जांचे खून की जांच, बी.पी, शुगर ई सी जी आदि एवं दवा वितरण की व्यवस्था रखी गई है। जो मरीज इस मेगा शिविर में रजिस्ट्रेशन कराने से वंचित रह गए हैं। वह 26 मार्च से 2 अप्रैल तक एस.ए.फ ग्राउंड में अपना स्पॉट रजिस्ट्रेशन भी करा सकते है। मेगा शिविर में देश के प्रमुख संस्थानों जैसे एम्स, मेदांता, जीबी पंत, मानिपाल, रेनबो, राजीव गांधी, अपोलो, मैक्स, गंगाराम, श्रॉफ, हमदर्द, नेशनल हार्ट, आर्टिमिस, राम मनोहर लोहिया, महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल आदि के वरिष्ठ चिकित्सक गण शामिल होंगे।

4 बच्चों को मिलेगा स्पोन्सरशिप योजना में लाभ 3 हितग्राहियों को संबल योजना में ईपीओ जारी, खाते में आयेगी राशि बुजुर्ग को श्रवण यंत्र लगाया, आवास हितग्राही को मिली प्रथम किस्त जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित

श्योपुर, 25 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बगैर मॉ-बाप के 4 बच्चों को मिशन वात्सल्य अंतर्गत स्पोन्सरशिप योजना में लाभ दिये जाने के निर्देश दिये गये। बुजुर्ग रघुवीर सिंह गुर्जर निवासी पहेला को सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही तीन हितग्राहियों को उनके आवेदन परीक्षण उपरांत अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत राशि स्वीकृत होकर ईपीओ जारी हो गया है तथा शीघ्र ही बैंक खाते के माध्यम से अनुग्रह राशि प्राप्त होगी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कुल 149 आवेदन प्राप्त हुए।
4 बच्चों को मिलेगा स्पोन्सरशिप योजना में लाभ
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जनसुनवाई के दौरान अपने दादा लटुर बैरवा निवासी कुंहाजापुर के साथ आये तीन बच्चों को स्पोन्सरशिप योजना में लाभ देने के निर्देश दिये गये। बच्चो के दादा  लटुर बैरवा ने बताया कि उसके पुत्र स्व.  अशोक बैरवा की मृत्यु हो चुकी है, जिसके तीन बच्चे है। बच्चों की मॉ भी छोडकर चली गई है, उसकी बुजुर्ग अवस्था के कारण बच्चो के भरण पोषण में परेशानी आ रही है। इस पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट र्पित वर्मा ने महिला बाल विकास अधिकारी  ओपी पाण्डेय को स्पोन्सरशिप योजना में बच्चो के नाम जोडकर लाभ दिये जाने के निर्देश दिये गये। इसके अलावा रोहित बैरवा पुत्र स्व. पप्पूलाल बैरवा निवासी डाबरसा को भी उक्त योजना अंतर्गत लाभ दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
3 हितग्राहियों को संबल योजना में ईपीओ जारी, खाते में आयेगी राशि
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना अंतर्गत अनुग्रह राशि की मांग के आवेदनों का निराकरण करते हुए हितग्राही शशिकपूर आदिवासी निवासी नंदापुर,  रोहित बैरवा निवासी डाबरसा एवं  रामसिंह रजक निवासी जैनी को अवगत कराया कि उनके प्रकरणों में ईपीओ जारी हो चुका है तथा शीघ्र ही बैंक खाते के माध्यम से 2-2 लाख रूपये की राशि भी प्राप्त होगी। आवेदक शशिकपूर आदिवासी को पत्नि स्व. श्रीमती दुलोसी बाई की मृत्यु पर, रोहित बैरवा को पिता स्व. पप्पू बैरवा की मृत्यु पर तथा  रामसिंह रजक को पिता स्व.  रामस्वरूप रजक की मृत्यु पर दो-दो लाख रूपये की अनुग्रह राशि मिलेगी। उक्त तीनों प्रकरणों में ईपीओ जारी हो चुके है।
आवास हितग्राही को मिली प्रथम किस्त
कलेक्टर  अर्पित वर्मा ने जनसुनवाई के दौरान ग्राम सुमरेरा निवासी  वकील रावत के आवास संबंधी आवेदन का मौके पर ही निराकरण करते हुए प्रथम किस्त की राशि जिला पंचायत के माध्यम से बैंक खाते में जारी कराई गई। आवेदक ने बताया कि उसका प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास स्वीकृत हो गया है, लेकिन आवास की किस्त नही मिल रही है। इस मामले में आवेदन के परीक्षण उपरांत पोर्टल पर आ रही तकनीकी कमी को मौके पर ही दूर कराते हुए तत्काल एफटीओ जारी कराया गया और खाते में 25 हजार रूपये की प्रथम किस्त जारी करने की कार्यवाही की गई।
5 माह से बंद वृद्धावस्था पेंशन शुरू कराई
कलेक्टर अर्पित वर्मा द्वारा जनसुनवाई के दौरान ग्राम सोठवा निवासी श्रीमती गुलाब बाई सुमन की पेंशन सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से पुनः शुरू कराई गई। अपने पुत्र के साथ जनसुनवाई में आई श्रीमती गुलाब बाई ने बताया कि 5 माह से पेंशन नही मिल रही है, सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से आवेदन के परीक्षण उपरांत सामाजिक सुरक्षा पोर्टल पर त्रुटि को दूर करते हुए हितग्राही को पेंशन पुनः चालू कराने की कार्यवाही की गई।
जनसुनवाई के दौरान डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, डिप्टी कलेक्टर  वायएस तोमर, तहसीलदार अर्जुन सिंह भदौरिया सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।

अखिलेश यादव के सांसद रामजीलाल सुमन की टिप्पणी पर मचा बवाल, श्योपुर सहित कई जगह फूंके पुतला

 

क्षत्रिय महासभा के नेतृत्व में श्योपुर में  समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजीलाल सुमन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने उनकी कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में उनका पुतला जलाया और मुर्दाबाद के नारे लगाए।

प्रदर्शन का नेतृत्व जयदीप सिंह तोमर ने किया, जिन्होंने कहा कि राणा सांगा क्षत्रिय समाज के आदर्श हैं और उनके खिलाफ की गई किसी भी टिप्पणी को देशवासी स्वीकार नहीं करेंगे। इसी के चलते विरोध स्वरूप सांसद का पुतला जूतों की माला पहनाकर गांधी चौक से घुमाया गया और फिर जय स्तंभ चौक पर जलाया गया।

जयदीप सिंह तोमर ने बताया कि राणा सांगा हमारे आदर्श है और उनकी गलत टिप्पणी कोई भी देशवाशी नहीं सुनेगा और गलत आवाज उठाने वाले का पुर-जोर विरोध करेंगे |

इसके अलावा कई दिग्गज नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे राजस्थान और देश के शौर्य और बलिदान का अपमान बताया और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने संसद में वीर योद्धा राणा सांगा के बारे में एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने राणा सांगा को ‘गद्दार’ कहा। इस टिप्पणी से राजस्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं।

आखिर क्या है पूरा मामला
सूत्रों के हवाले मिली जानकारी अनुसार थोड़ा प्रकाश डालते हैं और चलते है सांसद
के उस बयान की और

सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा हिंदुस्तान का मुसलमान तो बाबर को नहीं, मोहम्मद साहब को अपना आदर्श मानता है, यहां का मुसलमान सूफी-संतों की परंपरा को अपना आदर्श मानता है|
क्या बोले सपा सांसद
समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता और सूत्रों के हवाले मिली जानकारी अनुसार
रामजी लाल सुमन ने राज्यसभा में एक ऐसा बयान दिया जिससे यूपी समेत देश की सियासत गरमा गई है. सपा सांसद रामजी लाल सुमन राणा सांगा को लेकर एक विवादित बयान दिया, जिसके बाद बीजेपी अखिलेश के सांसद पर हमलावर हैं |

राज्यसभा में सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने कहा- बीजेपी के लोगों का तकियाकलाम हो गया है कि इनमें बाबर का डीएनए है. वे लोग हर जगह इस बात को दोहराते हैं , सपा सासंद ने कहा- मैं जानना चाहूंगा कि बाबर को आखिर लाया कौन? इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को राणा सांगा लाया था | मुसलमान अगर बाबर की औलाद हैं तो तुम लोग उस गद्दार राणा सांगा की औलाद हो |

 बीजेपी क्या बोली

यूपी बीजेपी ने एक्स पर लिखा-सपा के नेता अपने संस्कारों के अनुरूप तुष्टिकरण की सियासत में इस कदर डूब चुके हैं कि वो विदेशी आक्रांताओं का महिमामंडन करने के लिए भारतीय महापुरुषों को अपमानित करने में जरा सा भी परहेज नहीं करते, ससंद में सपा सांसद रामजी लाल सुमन की टिप्पणी बेहद शर्मनाक है, उन्हें अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए |

संजीव बालियान बोले
  राजपूत समाज और समस्त हिंदू समाज का घोर अपमान

वहीं सपा सांसद रामजी लाल सुमन के इस विवादित बयान पर बीजेपी के पूर्व सांसद संजीव बालियान ने माफी की मांग की है| बीजेपी नेता ने एक्स पर लिखा-“धिक्कार है , तुष्टिकरण की सभी हदे पार करके सपा नेता रामजी लाल सुमन द्वारा संसद में “महान वीर राणा सांगा” को गद्दार कहना हमारे राजपूत समाज और समस्त हिंदू समाज का घोर अपमान है. सपा को ऐसे शर्मनाक कृत्य पर पूरे देश से माफ़ी माँगनी चाहिए |

शराब दुकान पर 10 हजार का अर्थदण्ड

श्योपुर, 24 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा मानपुर स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान पर पाई गई अनियमितताओ के चलते 10 हजार रूपये की शास्ति अधिरोपित की गई है, साथ ही एक दिवस के लिए दुकान का लाईसेंस निलंबित करने की कार्यवाही भी की गई है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा शराब दुकानों के नियमानुसार संचालन के संबंध में दिये गये निर्देशो के क्रम में आबकारी विभाग द्वारा सतत् रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। जिला आबाकारी अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि इसी क्रम में वर्ष 2024-25 में माह फरवरी 2025 अंत तक जिले में मदिरा दुकानों के निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के लिए लाईसेंससियों के विरूद्ध कुल 690 प्रकरण पंजीबद्ध किये गये तथा कुल 9 लाख 70 हजार 800 रूपये की शास्ति अधिरोपित की गई।

दिव्यांगजनो के मेडिकल बोर्ड से सर्टिफिकेट बनाये जाने शिविर लगेंगे 27 को वीरपुर, 29 को विजयपुर में लगेंगे शिविर

श्योपुर, 24 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा दिये गये निर्देशो के अनुसार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा श्योपुर जिले में 4 स्थानों पर दिव्यांगजनों के मेडिकल बोर्ड से दिव्यांग सर्टिफिकेट यूडीआईडी कार्ड बनाये जाने हेतु शिविर लगाये जा रहे है। यह शिविर 27 मार्च को पंचायत भवन वीरपुर में, 29 मार्च को जनपद पंचायत कार्यालय विजयपुर में, 3 अपै्रल को जनपद पंचायत कार्यालय कराहल में तथा 8 अप्रैल को नगर परिषद कार्यालय बडौदा में लगायें जायेंगे
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जनपद पंचायतो के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं नगरपालिका तथा नगर परिषद के सीएमओ को निर्देश दिये है कि उक्त तिथियो में ग्राम पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायको के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजन जिनके प्रमाण पत्र नही बने है, उन्हें शिविर स्थल पर पहुंचाना सुनिश्चित करे। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्र में वार्ड प्रभारियों को जिम्मेदारी सौपी गई है। उक्त शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश सीईओ और सीएमओ को दिये गये है।

सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं सभी त्योहार -कलेक्टर | नवदुर्गा, ईद एवं रामनवमी को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित

श्योपुर, 24 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा कि जिले में सभी त्यौहार शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाये जाने की परम्परा के अनुरूप भाईचारे के साथ नवदुर्गा, ईद, रामनवमी, गणगौर, महावीर जयंती, अम्बेडकर जयंती आदि त्यौहार मनाये जायें। उन्होंने त्योहारों के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए। वे आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नवदुर्गा, ईदुलफितर, रामनवमी, गणगौर, महावीर जयंती, अम्बेडकर जंयती आदि को लेकर शांति समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि नवदुर्गा, ईदुलफितर, रामनवमी, गणगौर, महावीर जयंती तथा अम्बेडकर जंयती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाए तथा नवदुर्गा के दौरान मंदिरो के आसपास साफ-सफाई कराई जाये। इसी प्रकार ईदुलफितर पर ईदगाह की ओर जाने वाले रास्तों पर साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की जाए। ईदगाह पर वाहनों के लिए पार्किंग स्थल का निर्धारण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ईद के दिन बिजली की व्यवस्था सुचारू रखी जाए तथा नलों के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शहरकाजी के जुलूस के रूप में ईदगाह पहुंचने वाले मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाए। उन्होंने कहा कि शहर के जिन स्थानों पर ईद की नमाज होगी उनके आसपास भी साफ-सफाई की जाए। इसी प्रकार 6 अप्रैल को रामनवमी पर आयोजित जुलूस के मार्ग में साफ-सफाई के विशेष इंतजाम किये जायें तथा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जायें। इसी प्रकार 30 मार्च से नवदुर्गा एवं 31 मार्च से शुरू होने वाले गणगौर उत्सव के दौरान भी सभी इंतजाम सुनिश्चित किये जायें। महावीर जंयती के अवसर पर 10 अप्रैल को सरावगी मोहल्ले से निकलने वाले जुलूस, हनुमान जयंती पर 12 अपै्रल को तथा अम्बेडकर जंयती 14अप्रैल  के अवसर पर आयोजित जुलूस मार्ग पर भी सफाई के विशेष इंतजाम किये जायें। इसके अलावा बोहरा समुदाय की ईद को दृष्टिगत रखते हुए बोहरा बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई कराने तथा सुलभ आवागमन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये।
पुलिस अधीक्षक  वीरेन्द्र जैन ने बताया कि नवदुर्गा, ईदुलफितर, रामनवमी, गणगौर उत्सव, महावीर जयंती, हनुमान जयंती एवं अम्बेडकर जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों एवं जुलूस के दौरान पुलिस सुरक्षा के सभी इंतजाम किए जायेंगे। शहर में जिन स्थानों पर नमाज अदा की जाएगी वहां पर्याप्त पुलिसबल तैनात किया जाएगा। एसडीएम एवं एसडीओपी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वय करेंगे। ईदगाह पर पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी तथा ईदगाह पर पर्याप्त संख्या में पुलिसबल तैनात रहेगा। इसी प्रकार रामनवमी पर आयोजित जुलूस के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था चॉक-चौबंद रहेगी, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 14 अप्रैल को डॉ भीमराव अम्बेडकर जंयती पर आयोजित जुलूस तथा गणगौर मेले के दौरान भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये जायेगे।
शहरकाजी अतीक उल्लाह कुरैशी ने बताया कि चॉद दिखने के आधार पर 31 मार्च अथवा 01अप्रैल को ईदुलफितर की नमाज ईदगाह पर प्रातः 09 बजे होगी। इसके अलावा जामा मजिस्द में 8.30 बजे, मस्जिद कुमैदान में 8.45 बजे, बडा इमामबाडा पर 7.45 बजे, मस्जिद खान सैय्यद किला 8 बजे, मस्जिद बस स्टैण्ड के पीछे 8.30 बजे, सलापुरा में 8.15 बजे एवं मस्जिद नारनौल किला में 9.15 बजे नमाज होगी।
श्रीराम जन्मोत्सव समिति के सचिव  सतीश सिंहल ने बताया कि 6 अप्रैल को रामनवमी पर श्रीराम मंदिर किला परिसर से सांय 04 बजे जुलूस निकाला जायेगा। यह जुलूस मैन बाजार होकर श्री रामतलाई हनुमान मंदिर पर पहुंचेगा तथा आरती के उपरांत जुलूस वापस श्रीराम मंदिर पर रात्रि 11 बजे तक पहुंचेगा। खण्डेलवाल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष सुरेशचंद जैन ने बताया कि महावीर जयंती पर 10 अप्रैल को सकल जैन समाज का प्रातः 8 बजे से जुलूस निकलेगा। बजरंग दल के जिला संयोजक कुलदीप सिंह सिसौदिया ने बताया कि 12अप्रैल को हनुमान जंयती के अवसर पर मेला ग्रांउड से जुलूस निकलेगा। कांशीराम सेंगर ने बताया कि 14 अप्रैल को बाबा साहब अम्बेडकर की जंयती अवसर पर अम्बेडकर पार्क, गांधी नगर, चैनपुरा बगवाज तथा अन्य स्थानों से जुलूस आयोजित होगे।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम  मनोज गढवाल, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवम्
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी, पूर्व विधायक  दुर्गालाल विजय, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष श्रीमती मिथलेश तोमर, बसपा जिला अध्यक्ष गंगाधर जाटव, अंजुमन सदर शब्बीर नागौरी, विश्व हिन्दु परिषद महामंत्री विष्णु कुमार गर्ग, गणेश संस्थान अध्यक्ष रामस्वरूप गर्ग, सचिव सेवा भारती प्रद्युमन शर्मा, बक्फ बोर्ड जिलाध्यक्ष काजी असद उल्ला कुर्रेशी, मोहम्मद चीनी कुरैशी, श्रीमती उमा शर्मा,  बुन्दु खा,  जयदीप तोमर, शेरू धूलिया, जुगराज बैरवा, मोहम्मद साबीर,  अनवर रंगरेज,  शिशुपाल मीणा,  हनीफ भाई, अब्दुल लतीफ,  अखिलेश भदौरिया,  कृष्णकांत उपाध्याय, विधायक प्रतिनिधि  शहजाद अली,  रजाक खान,  हाफिज मोहम्मद आदिल आदि उपस्थित थे।

 

गौशालाओं में पानी, बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करें, खाद्य सामग्री की शुद्धता की नियमित जांच करें, पंजीयन के लिए कैम्प लगायें समय सीमा की बैठक आयोजित

श्योपुर, 24 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कहा है कि जिले में संचालित सभी गौशालाओं में पानी, बिजली की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जायें तथा गौशालाओं का पंजीयन करायें, इसके साथ ही जिले में कस्बा स्तर पर संचालित खाद्य सामग्री की शुद्धता की जांच भी नियमित रूप से की जायें तथा खाद्य सामग्री के सैम्पल लिये जायें। इसके साथ ही खाद्य वस्तुओं सामग्री का विक्रय करने वाले दुकानदारों के पंजीयन करने हेतु कैम्प लगाये जायें। वे आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्देश दिये कि गौशालाओं में पानी एवं बिजली की उपलब्धता के संबंध में पशुपालन विभाग द्वारा सूची उपलब्ध कराई जाये। सीईओ जिला पंचायत श्री अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि मनरेगा के तहत जिले में 43 गौशालाएं स्वीकृत हुई थी, जिनमें से 41 पूर्ण हो गई है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने पीएचई अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्राम ढेगदा में नलजल योजना अंतर्गत पेयजल टंकी के विधुत कनेक्शन को शहरी क्षेत्र की बिजली से जोडने के लिए स्टीमेंट बनाकर प्रस्ताव भेजा जायें। सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण लालजीराम मीणा को निर्देश दिये कि आहार अनुदान योजना के तहत समस्याओं के निराकरण एवं नवीन स्वीकृति के लिए ग्राम स्तर पर कैम्प आयोजित किये जायें। उन्होने पीडीएस दुकानों से खाद्यान वितरण प्रणाली की सतत् निगरानी करने के निर्देश दिये तथा लापरवाही करने वाले पीडीएस विक्रेताओं पर कार्यवाही करने हेतु भी निर्देशित किया गया। कराहल विकासखण्ड के ग्राम निचलीखोरी में सडक निर्माण के संबंध में पीएमजीएसवाय के महाप्रबंधक सतेन्द्र चौहान ने जानकारी दी कि पीएम जनमन योजना के तहत उक्त सडक मार्ग को शामिल करते हुए स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल को निर्देश दिये कि नगरपालिका के शव वाहन के अतिरिक्त आवश्यकता पडने पर अस्पताल में उपलब्ध शव वाहन का भी उपयोग किया जायें। इसके साथ ही बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि गत माह जिले की रैकिंग 17 रही है, सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों की ग्रेडिंग में ए रैंक प्राप्त करें तथा अगले माह टॉप-10 रैकिंग में आने का लक्ष्य रखकर शिकायतों का अधिक से अधिक सकारात्मक निदान सुनिश्चित करें।
एम्बुलेंस मामले में एजेंसी को नोटिस जारी
समय सीमा की बैठक के दौरान सीएमएचओ डॉ दिलीप सिकरवार ने बताया कि एम्बुलेंस से सवारियां ढोने के मामले में भोपाल स्तर पर एमडी द्वारा संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है, साथ ही इस माह का पेंमेंट भी होल्ड कर दिया गया है। उन्होने बताया कि एम्बुलेंस के ड्रायवर को टर्मिनेट करने की कार्यवाही भी की गई है।

संभल में क्या बोले अधिकारी नेजा मेले की नहीं दी अनुमति

संभल में हर साल होली के दूसरे मंगलवार को आयोजित होने वाले नेजा मेले को लेकर इस बार बड़ा विवाद खड़ा हो गया है|

प्रशासन ने इसे ‘देशद्रोह’ करार देते हुए रोक लगा दी, जिसके बाद मेले की आयोजन समिति और प्रशासन आमने-सामने हैं | यह मेला सैयद सालार मसूद गाजी की याद में आयोजित किया जाता है, जिनका नाम भारतीय इतिहास में विवादित व्यक्तित्वों में शुमार है. प्रशासन का तर्क है कि सालार मसूद गाजी एक विदेशी आक्रमणकारी थे, जिन्होंने भारत में लूटपाट की थी, जबकि आयोजकों का कहना है कि यह परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है और इसे रोका नहीं जाना चाहिए|
यह विवाद केवल कानूनी या प्रशासनिक नहीं है, बल्कि इसका गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य भी है. इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि इस मामले को ऐतिहासिक घटनाओं के आईने में देखा जाए |

प्रशासन का कहना है कि आक्रमणकारियों की याद में आयोजन नहीं होना चाहिए.
आयोजन समिति इसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा बताकर बचाने की कोशिश कर रही है|

नेजा मेले की ऐतिहासिक जड़ें
संभल जिला जिसका इतिहास 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक जाता है, अनेक राजवंशों और शासकों के अधीन रहा. लोधी और मुगल काल से लेकर अशोक साम्राज्य तक इसका प्रभाव बना रहा. लेकिन सबसे चर्चित ऐतिहासिक घटनाओं में से एक 12वीं शताब्दी में पृथ्वीराज चौहान और सालार मसूद गाजी के बीच हुए युद्ध को माना जाता है. संभल जिले की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली के अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने सालार मसूद गाजी के खिलाफ यहां दो भीषण युद्ध लड़े थे. पहले युद्ध में चौहान की जीत हुई थी, जबकि दूसरे युद्ध में सालार मसूद को बढ़त मिली थी. हालांकि, इन युद्धों के प्रमाण ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं और इन्हें लोककथाओं के रूप में देखा जाता है|
मसूद गाजी और पृथ्वीराज चौहान के युद्ध का वर्णन
इतिहासकार बृजेंद्र मोहन शंखधर की किताब Sambhal: A Historical Survey में इस युद्ध का विस्तार से वर्णन मिलता है. इसके पेज नंबर 9 और 10 पर छपी जानकारी का हिंदी अनुवाद यहां आगे दिया गया है. किताब में लिखा है- “पृथ्वीराज चौहान के संभल में रहने के दौरान, एक दिलचस्प कथा जुड़ी हुई है, जिसे संक्षेप में इस प्रकार बताया जाता है: सैयद पचासे नामक व्यक्ति, जिनकी कब्र मोहल्ला नाला कुस्साबान में है | संभल के किले के भीतर रहते थे. उनकी एक अत्यंत सुंदर कन्या थी, एक दिन संयोगवश राजघराने के एक राजकुमार ने उस लड़की को देखा और उसके प्रति आकर्षित हो गया. सैयद पचासे इस घटना से आक्रोशित होकर तुरंत गजनी पहुंचे और अपनी व्यथा सुनाई. इस पर सुल्तान मसूद की बहन का बेटे सैयद मसूद गाजी ने एक विशाल सेना के साथ मुल्तान, मेरठ और पुरनपुर (अमरोहा) होते हुए संभल पर आक्रमण कर दिया. इस युद्ध में दोनों ओर से हजारों सैनिक मारे गए |

किताब के मुताबिक अंततः संभल के किले पर कब्जा कर लिया गया और पृथ्वीराज चौहान को मैदान छोड़ने पड़ा. कहा जाता है कि अहमद और महमूद, जिनकी कब्रें किले के कुमायूं गेट की पूर्वी दीवार से सटी हुई हैं, इस किले में प्रवेश करने वाले पहले शख्स थे  ये दोनों पृथ्वीराज के पुत्र के साथ युद्ध करते हुए मारे गए. यह भी माना जाता है कि संभल की ओर बढ़ते समय जहां-जहां सालार मसूद गाजी ने डेरा डाला, वहां आज भी मेले आयोजित किए जाते हैं. इनमें मेरठ का नौचंदी मेला, पुरनपुर (अमरोहा) का नेजा मेला, थमला और संभल के मेले प्रमुख हैं. इसके अलावा, कई अन्य स्थानों पर उर्स भी मनाए जाते हैं |
वैसे इस किताब में यह भी लिखा है कि, हालांकि, इस घटना के ऐतिहासिक प्रमाणों पर पूरी तरह भरोसा करना कठिन है, क्योंकि इनमें कुछ प्रमाणिकता की कमी है. फिर भी, इन्हें पूरी तरह कल्पना कहकर खारिज करना भी उचित नहीं होगा. संभल में आज भी बड़ी संख्या में मकबरे, कब्रिस्तान और अन्य पुरानी संरचनाएं हैं, जिनका गहन अध्ययन किया जाना आवश्यक है|

यह उल्लेखनीय है कि पृथ्वीराज चौहान द्वारा सालार मसूद गाजी पर संभल में विजय प्राप्त करने की स्मृति में ‘ध्वजा उत्सव’ (Dwaja Festival) प्रतिवर्ष मनाया जाता है. इसमें हजारों पुरुष और महिलाएं भाग लेते हैं और झंडे लेकर ढोल-नगाड़ों की ध्वनि के बीच नृत्य करते हैं. यह उत्सव होली के अगले दिन चैत्र मास में आयोजित होता है. इसके तुरंत बाद, सालार मसूद गाजी की अंतिम विजय की स्मृति में ‘नेजा मेला’ आयोजित किया जाता है. यह मेला होली के बाद के पहले मंगलवार को आयोजित होता है. किताब के मुताबिक संभल के किले को जीतने के बाद, सालार मसूद गाजी बहराइच की ओर चला गया, जहां एक और युद्ध में मारा गया|
आपको बता दें कि बृजेंद्र मोहन शंखधर की किताब Sambhal: A Historical Survey 1971 में प्रकाशित हुई थी. यह किताब यूनिवर्सिटी ऑफ कालिकट की वेबसाइट के लाइब्रेरी कैटेलॉग के रिकॉर्ड में मेंशन भी है. इसे यहां क्लिक कर देखा जा सकता है|
अगर आप इस किताब को पढ़ना चाहते हैं, तो यह इंटरनेट आर्काइव पर मौजूद है. इसे यहां क्लिक कर पढ़ा जा सकता है| https://find.uoc.ac.in/Record/365199

क्या होता है नेजा का मतलब?
रेख्ता के अनुसार, नेजा का अर्थ (भाला, बल्लम, कुंत, शंकु, बरछी, कलम का नरकट, एक किस्म का बांस जो सीरिया में पैदा होता है) होता है |

  प्रशासन की सख्ती और नेजा मेले पर विवाद
नेजा मेले की परंपरा के अनुसार, यह आयोजन एक 30 फीट ऊंचे पोल (ढाल) को गाड़ने से शुरू होता है, जिसके शीर्ष पर हरा झंडा लगाया जाता है. यह आयोजन इस्लामी योद्धा सैयद सालार मसूद गाजी की याद में किया जाता है, जिनकी कब्र बहराइच में स्थित है. लेकिन इस साल प्रशासन ने इस मेले को आयोजित करने से साफ इनकार कर दिया. पुलिस प्रशासन का कहना है कि सालार मसूद गाजी भारत पर हमला करने वाले महमूद गजनवी के भांजे थे और उन्होंने सोमनाथ मंदिर सहित कई हिंदू मंदिरों को लूटा था |

संभल के एएसपी श्रीशचंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सोमनाथ मंदिर और हजारों हिंदू मंदिरों को लूटने वाले हमलावर के नाम पर किसी मेले का आयोजन नहीं होगा. जो भी इस लुटेरे के नाम पर आयोजन करेगा, वह भी अपराधी है. यह एक गलत परंपरा थी, जिसे अब खत्म किया जाएगा.” हालांकि, नेजा मेला कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूदी ने प्रशासन के इस कदम का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि, “यह आयोजन सैकड़ों वर्षों से होता आ रहा है. हमने 10 दिन पहले ही प्रशासन को सूचना दी थी, लेकिन अचानक इसे रोक दिया गया. हम इस मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाएंगे |

नेजा मेले की ऐतिहासिक प्रासंगिकता और वर्तमान बहस
नेजा मेला एक ऐतिहासिक लोक परंपरा रही है, जो समय के साथ धार्मिक और सामाजिक पहचान से जुड़ गई. लेकिन प्रशासन द्वारा इसे प्रतिबंधित करने का निर्णय इस सवाल को जन्म देता है कि क्या किसी ऐतिहासिक व्यक्ति के नाम पर आयोजित परंपरा को बंद किया जाना चाहिए, यदि वह आक्रमणकारी माना जाता हो? भारत में इतिहास को लेकर विभिन्न दृष्टिकोण रहे हैं. कुछ इतिहासकारों के अनुसार, सालार मसूद गाजी एक धार्मिक योद्धा थे, जिनका प्रभाव भारत के उत्तर क्षेत्र में रहा. वहीं, दूसरी दृष्टि से उन्हें एक आक्रमणकारी के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने भारतीय साम्राज्यों पर हमले किए|

संभल में नेजा मेले को रोके जाने का निर्णय केवल एक मेले की अनुमति से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह इतिहास और परंपरा बनाम प्रशासनिक फैसले का मुद्दा बन चुका है|

संभल का यह विवाद इतिहास, परंपरा, प्रशासनिक निर्णय और सांप्रदायिक भावनाओं के बीच एक जटिल मुद्दा बन चुका है. प्रशासन इसे भारत विरोधी परंपरा के रूप में देख रहा है, जबकि आयोजक इसे धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा मानते हैं|

यह मामला भविष्य में भी इतिहास और परंपरा पर उठने वाले सवालों का केंद्र बना रह सकता है सवाल यह है कि क्या ऐतिहासिक परंपराओं को आज के नजरिए से परखा जाना चाहिए| या फिर उन्हें सिर्फ परंपरा के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए

इतिहासकारों के मत भी बंटे हुए हैं – कुछ इसे ऐतिहासिक परंपरा मानते हैं तो कुछ इसे लोककथाओं का हिस्सा बताते हैं.

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संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त 26 मार्च से 2 अपै्रल तक मुरैना में आयोजित होगा विशाल स्वास्थ्य शिविर

श्योपुर, 23 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होने वाले संभाग स्तरीय स्वास्थ्य शिविर में श्योपुर जिले से चिन्हित मरीजो के उपचार हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले में रोगियों के चिन्हांकन हेतु सामुदायिक एवं प्राथमिक अस्पतालो में लगाये गये शिविरों के माध्यम से कुल 8 हजार 108 रोगियों का परीक्षण कर उपचार किया गया तथा 648 रोगी मुरैना शिविर के लिए चिन्हित किये गये है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि श्योपुर जिले में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाकर चिन्हित किये गये सभी रोगियों को मुरैना ले जाने के लिए समन्वय करते हुए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें। इसके लिए जिला स्तर पर सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर को नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा डीपीएम एनआरएलएम  सोहनकृष्ण मुदगल तथा परियोजना अर्थशास्त्री श्रीमती राजेश शर्मा को सहायक नोडल बनाया गया है। इसी प्रकार श्योपुर जिला अस्पताल सहित बीएमओ स्तर पर भी नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। श्योपुर के लिए सीईओ जनपद एसएस भटनागर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जेएस राजपूत, बडौदा के लिए सीईओ जनपद श्योपुर एवं बीएमओ डॉ सुनील यादव, कराहल के लिए सीईओ जनपद कराहल राकेश शर्मा एवं बीएमओ डॉ सुरेश सोनी तथा विजयपुर के लिए सीईओ जनपद आफिसर सिंह गुर्जर एवं बीएमओ डॉ एसएन बिंदल को जिम्मेदारी सौपी गई है। रोगियों को ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ ही वाहन प्रभारी भी बनाये गये है।
उल्लेखनीय है कि रोटरी रीजनल मेडीकल मिशन के तहत मुरैना में 26 मार्च से 2 अप्रैल तक विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जायेगा। इस शिविर में देश के ख्यातिनाम चिकित्सक उपस्थित रहकर पीड़ित मरीजों का उपचार करेंगे। इस शिविर में ग्वालियर-चंबल संभाग के सभी जिलों के मरीज उपचार हेतु शिविर में उपस्थित हो सकेंगे

चना, सरसों का उपार्जन 25 से, 7 केन्द्र निर्धारित

श्योपुर, 23 मार्च 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा विपणन वर्ष 2025-26 में ई-उपार्जन पोर्टल पर चना, सरसों फसल की खरीदी के लिए श्योपुर जिले में 7 केन्द्रों का निर्धारण किया गया है। इन केन्द्रों पर खरीदी का कार्य 25 मार्च से शुरू होगा।
समर्थन मूल्य पर सरसों एवं चने की खरीदी का कार्य श्योपुर में तीन स्थानों पर होगा, सेंट्रल वेयरहाउस श्योपुर प्रथम पर विपणन सहकारी संस्था मर्यादित श्योपुर, सेंट्रल वेयरहाउस द्वितीय जैदा पर सेवा सहकारी संस्था सोईकलां एवं स्टेट वेयरहाउस श्योपुर पर सेवा सहकारी समिति उतनवाड द्वारा खरीदी की जायेगी। इसी प्रकार कराहल स्थित स्टेट वेयरहाउस पर विपणन सहकारी संस्था कराहल, स्टेट वेयरहाउस मंडी बडौदा में वृहत्ताकार सेवा सहकारी संस्था बडौदा, कृषि उपज मंडी वीरपुर में विपणन सहकारी संस्था वीरपुर द्वारा तथा कृषि उपज मंडी विजयपुर में वृहत्ताकार सेवा सहकारी संस्था विजयपुर द्वारा खरीदी का कार्य किया जायेगा। शासन द्वारा चने का समर्थन मूूल्य 5650 तथा सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रूपये निर्धारित किया गया है।