2 साल में 16 बाघों की मौत, रणथंभौर नेशनल पार्क में एक और टाइगर की मौत

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राजस्थान के रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघों की लगातार मौतें वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं. हाल ही में बाघिन टी-125 के एक शावक का शव भदलाव वन क्षेत्र में मिला.

राजस्थान के सवाईमाधोपुर जिले में रणथंभौर नेशनल पार्क में लगातार बाघों की मौत हो रही है. वहीं पार्क से एक और घटना सामने आई है. जिसमें वन विभाग को एक मृत टाइगर शावक मिल है. विभाग द्वारा यह शावक बाघिन टी 125 का बताया जा रहा है. शावक का शव नेशनल पार्क के भदलाव वन क्षेत्र में मिला है. वन विभाग ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है. इसके बाद शावक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा और मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा.

पार्क में अब तक 17 बाघों की मौत

जनवरी 2023 से दिसंबर 2024 तक रणथंभौर में 16 बाघों की मौत हुई. साल 2023 में 10 जनवरी को बाघ T-57 की मौत हुई, फिर 31 जनवरी को बाघिन T-114 और उसके शावक की मौत हो गई. इसी तरह, फरवरी 2023 में बाघिन T-19 की मृत्यु हुई. मई 2023 में बाघ T-104 की मौत ट्रैंकुलाइज करते समय ओवरडोज के कारण हुई. साल के अंत तक कुल 8 बाघों ने दम तोड़ दिया. 2024 में भी बाघिन T-99 के गर्भपात और T-60 व उसके शावक की प्रसव पीड़ा के दौरान मौत जैसे दुखद घटनाएं हुईं. वहीं अब बाघिन टी 125 के शावक की मौत हो गई.

बाघों की मौत का सिलसिला जारी

रणथंभौर नेशनल पार्क बाघों की अठखेलियों के लिए विश्व प्रसिद्ध, लेकिन अब यहां बघों की संख्या तेजी से कम हो रही है. पार्क में पिछले दो सालों में आज सहित 17 बाघों की मौत हो चुकी है. इनमें से अधिकांश मौतें टेरिटोरियल फाइट की वजह से हुई हैं. यह स्थिति वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने के साथ ही वन्यजीव प्रेमियों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है. बाघों की मौत का यह सिलसिला वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को चुनौती दे रहा है और रणथंभौर की प्रसिद्धि को भी प्रभावित कर रहा है.

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