चंबल के घाटों से 7 लाख की वसूली आएगी, तभी मुझे डेढ़ लाख बचेगा
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य रेंज के अधीक्षक योगेंद्र सिंह पारदे के रेत माफिया और विभाग के अधीनस्थ कर्मचारियों से रिश्वत के लेन-देन के दो वीडियो वायरल हुए हैं। वीडियो में अधीक्षक अपने अधीनस्थ वनकर्मी से कह रहे हैं कि जिले में रेत के सारे घाटों से 7 लाख रुपए आना चाहिए, तब मेरे पास डेढ़ लाख बचेगा। इसमें से सीसीएफ, डीएफओ और रेंजर सबको जाएगा, तब काम चलेगा।
वहीं दूसरे वीडियो में कह रहे हैं कि मैनेजमेंट है, 10 लोगों को बंटेगा, तभी मैं सक्सेस हो पाऊंगा। पैसे अकेले रखकर मैं सक्सेस नहीं हो पाऊंगा। न मैं बचूंगा न तुमको बचा पाऊंगा। हालांकि क्राइम नेशनल न्यूज इन वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन जो बात वीडियो में बोली जा रही है वह तो यही बयां करती है साफ बोल रहे हैं कि घाट से रेत निकलेगा तो गड्ढे भरने पड़ेंगे अभी में कर रहा हूं आगे तुम संभालो
श्योपुर, 29 दिसंबर 2024 एसडीएम श्योपुर मनोज गढवाल ने कहा है कि जाटखेडा की भूमि सर्वे क्रमांक 288/2 शासकीय सर्वे नंबर है, जिसमें किसी भी प्रकार से आवेदक का नाम इंद्राज करने संबंधी आदेश पारित नही किया गया है। तत्समय कम्प्युटर अभिलेख में त्रुटिपूर्वक 188/1/2/4 रकवा 0.481 हे. आवेदक मनीराम पुत्र छोट्या जाति जाटव के नाम दर्ज हो गया था जो कि 288/1/2/4 रकवा 0.481 हे. होना चाहिये था, जिसे वर्तमान प्रकरण के माध्यम से सुधारा गया है। उक्त प्रकरण में वस्तुस्थिति के संबंध में एसडीएम श्री गढवाल द्वारा जानकारी दी गई कि न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्योपुर के इद्राज दुरूस्ती के प्रकरण में मौजा पटवारी मौजा जाटखेडा से जांच प्रतिवेदन प्राप्त किया था जिसमें उल्लेख किया कि खसरा पंचशाला संवत् 2031-2035 से 2051 से 2054 में ग्राम जाटखेडा की भूमि सर्वे क्र. 281/1 रकवा 0.261 हे. एवं सर्वे क्र. 288/1ख रकवा 1.651 हे. कुल रकवा 1.912 हे. छोट्या बशराह नं. 184/1 भूमिस्वामी दर्ज है। सर्वे क्र. 288/1ख का कुल रकवा 1.651 हे. था जिसका छोट्या की मृत्यु के बाद उसके वारिसानों के नाम चढाये जाकर बंटवारा किया गया है। आवेदक मनीराम पुत्र छोट्या जाति जाटव को बंटवारे में सर्वे क्र. 288/1/2/4 रकवा 0.481 हे. प्राप्त हुआ। वर्तमान कम्प्यूटर अभिलेख में सर्वे क्र. 288/1/2/1 रकवा 0.219 हे., सर्वेे क्र. 288/1/2/2 रकवा 0.460 हे., सर्वे क्र. 288/1/2/3 रकवा 0.491 हे. आवेदक मनीराम के परिवार के नाम दर्ज है, परन्तु मनीराम पुत्र छोटया का सर्वे क्र 288/2/4 रकवा 0.481 हे. वर्तमान अभिलेख में दर्ज नहीं था। वर्तमान कम्प्यूटर अभिलेख में सर्वे क्र. 288/1/2 (288/1ख) के समस्त बंटा नम्बर का कुल रकवा 1.170 हे. हो रहा है तथा 288/1/2 (288/1ख) के खसरा पंचशाला के कुल रकवा 1.651 हे. से 0.481 हे. कम है जो कि आवेदक मनीराम पुत्र छोट्या जाति जाटव को बंटवारे में प्राप्त भूमि सर्वे क्र. 288/1/2/4 रकवा 0.481 हे. के इन्द्राज नहीं होने से कम है। तत्समय कम्प्यूटर अभिलेख में त्रुटिपूर्वक 188/1/2/4 रकवा 0.481 हे. आवेदक मनीराम पुत्र छोट्या जाति जाटव के नाम दर्ज हो गया था जो कि 288/1/2/4 रकवा 0.481 हे. होना चाहिये था। इस प्रकार स्पष्ट है कि आवेदक मनीराम पुत्र छोटया का इन्द्राज 288/1/2/4 में होना चाहिये था जिसे वर्तमान प्रकरण के माध्यम से सुधारा गया है। सर्वे क्र. 288/2 शासकीय सर्वे नम्बर है जिसमें किसी भी प्रकार से आवेदक का नाम इन्द्राज नहीं किया गया है। अतः शासकीय भूमि में किसी प्रकार का इन्द्राज का आदेश इस न्यायालय द्वारा नहीं किया गया है।
श्योपुर, 28 दिसंबर 2024 मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयो का विनियम) अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के प्रावधानो के तहत कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में निजी विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत जवाब के परीक्षण उपरांत 10 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि करने वाले विद्यालयों पर 50-50 हजार रूपये का जुर्माना किया गया है। बैठक में डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग, सहायक संचालक यश जैन, सहायक कोषालय अधिकारी विजय यादव आदि अधिकारी उपस्थित थे। जिला शिक्षा अधिकारी एमएल गर्ग ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा निजी विद्यालयो को विगत 4 वर्षो की फीस संरचना की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिये गये थे, उक्त क्रम में फीस पोर्टल पर 10 प्रतिशत से अधिक फीस वृद्धि करने वाले 25 निजी विद्यालयों पर 50-50 हजार रूपये का अर्थदण्ड किया गया है। उन्होने बताया कि जिन स्कूलो पर अर्थदण्ड किया गया है, उनमें अशासकीय डीसीएस पब्लिक स्कूल विजयपुर, धु्रव स्टार पब्लिक स्कूल श्योपुर, नवयुग कॉन्वेट जालेरा, मॉ शारदा कॉन्वेट स्कूल बडौदा, जीनियस एकेडमी बडौदा, सरस्वती ज्ञान मंदिर बडौदा, राजा भूपेन्द्र सिंह विद्यालय बडौदा, गुरूवेश्वर कॉन्वेट स्कूल, सिंधिया पब्लिक स्कूल काचरमूली, जय मिनेष स्कूल प्रेमसर, सरस्वती मंदिर पाण्डोला, विष्णेश्वर स्कूल श्योपुर, नेहा कॉन्वेट श्योपुर, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कराहल, आदर्श पब्लिक स्कूल श्योपुर, अल्फा इंग्लिश स्कूल श्योपुर, चित्रांश पब्लिक स्कूल हीरापुरा, मदर प्राइड कराहल, राजेश्वरी श्योपुरी, सुभाषचन्द्र बडौदा, सरस्वती शिशु मंदिर अलापुरा, ज्ञानेश्वर स्कूल श्योपुर, दीक्षा कॉन्वेट टर्राकला, सिलीकॉन पाण्डोला एवं डॉ. अम्बेडकर स्कूल श्योपुर शामिल है।
पंचायत के सचिव की अनदेखी के कारण दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही ढोढर की व्यवस्था
श्योपुर दिनांक 28/12/24
श्योपुर जिले से महज 40 किलो मीटर दूर ढोढर कस्बे में एक साइड का नाला बनने के बाद भी सड़क पर लग रही दुकान बन रही जाम की स्थिति, जिम्मेदार मोन मामला यह की बगदिया तिराए से पेट्रोल पंप तक सड़क के दोनों तरफ नाला बनना है
जिसमें एक साइड का आधा नाला बनकर कंप्लीट हो गया है नाले को बने करीब 6 महीने हो गए दूसरे साइड का नाले का काम प्रगति पर है जिसका मटेरियल सड़क पर डाला हुआ है दूसरी तरफ का नाला बनने के बाद भी नाले के बाहर सड़क पर दुकान सजाई जा रही है जिस कारण एक वाहन का निकलना भी मुश्किल हो गया है
मगर जिम्मेदारों की कान में जू नहीं रेंग रही है जब पंचायत के ग्राम पंचायत सचिव रामभरोस गुप्ता से इस बारे में बात की गई तो उनके बोल ही बिगड़ गए जब हमारे पत्रकार साथी ने बात की तो कहने लगे कि आप यह रोज-रोज क्या फालतू की खबर लगाते रहते हो अब दुकान नाले के बाहर लग रही है तो हम क्या करें नाले के बाहर दुकान लगने से बार-बार जाम की स्थिति बन रही है मगर दुकानों को नाले के अंदर नहीं लगाया जा रहा है
अब इन्हें कौन समझाए कि जिम्बेदारी किसकी बनती है शासन ने सचिव बनाकर रखा है तो जवाबदारी भी बनती होगी किंतु इनको जनता नहीं प्रशाशन समझाए तो समझ आए
श्योपुर, 26 दिसंबर 2024 कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा अपनी मांगों को लेकर आये सोई क्षेत्र के किसानों से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में चर्चा के दौरान पराली फ्री डिस्ट्रिक्ट का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर एडिशनल एसपी सतेन्द्र सिंह तोमर, सहायक संचालक मुनेश शाक्य सहित मार्कफेड के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने किसानों से चर्चा के दौरान कहा कि धान की फसल कटाई पश्चात् नरवाई में आग न लगाये, क्योकि इससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ भूमि की उर्वरता एवं उत्पादकता में कमी होने की संभावना होती है। इसलिए अगले साल कोई भी पराली न जलायें, इस पर किसानों ने ‘‘अगले साल नो पराली’’ का संकल्प लिया। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए बेलर मशीन खरीदने के इच्छुक लोगों को शासन की ओर से मिलने वाली सबसिडी दिलाई जायेगी तथा बैंक फायनेंस की व्यवस्था भी की जायेगी। उन्होने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए अगले साल की कार्य योजना के तहत कम से कम 500 बेलर मशीन जिले में उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बेलर मशीन के माध्यम से पराली के गठ्ठे बनाये जाते है, जिसे चारा, गत्ता, बायो ईधन आदि बनाने के काम में लिया जाता है। इस अवसर पर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने किसानों के द्वारा अवगत कराये जाने पर यूरिया खाद के साथ अन्य सामग्री भी किसानों को विक्रय करने के मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों को कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये, जिसके क्रम में कृषि विभाग से अरूण कुमार शाक्य ने बताया कि इस मामले में मंगलदास बीज भण्डार सोईकलां की जांच के लिए एसएडीओ शरद रघुवंशी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही प्रस्तुत की जायेगी। इसके साथ ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद की उपलब्धता है। अभी 1500 मैट्रिक टन यूरिया शासकीय संस्थाओं के पास उपलब्ध है। कल 27 दिसंबर को शिवपुरी में लगने वाली रैक के माध्यम से भी लगभग 2 हजार मैट्रिक टन यूरिया प्राप्त हो रहा है। उन्होने बताया कि निजी क्षेत्र में यूरिया के विक्रय के साथ अन्य कृषि आदान सामग्री बेचने पर कडी कार्यवाही की जायेगी। इस संबंध में कृषि विभाग को भी निर्देश दिये गये है कि सतत् रूप से निगरानी रखी जायें।
श्योपुर दिनांक 25 12 24 श्योपुर जिले के जाट समाज ने भरतपुर के महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस 25 दिसंबर को ट्रैक्टर रैली निकालकर मनाया जिसमे ट्रेक्टर, कार, जीप, मोटरसायकिल,लेकर युवा भरी संख्या में शामिल हुए जो बंजारा डैम से शुरू होकर टोड़ी गणेश जी मन्दिर होते हुए मेन बाजार से होकर गुजरा जहां सभी सामाजिक व राजनीतिक बंधुओ ने पांडाल लगाकर बाजार में कई जगह महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर पुष्प हार पहना कर श्रद्धांजलि दे कर स्वागत सत्कार किया
भारी संख्या में ट्रैक्टर मार्च के बीच मुख्य अतिथि राजस्थान जयपुर यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष निर्मल चौधरी ने भी भाग लिया और उन्होंने कहा कि युवाओं को सूरजमल जी से प्रेरणा लेनी चाहिए महाराजा सूरजमल ने जिस तरह देश हित का कार्य किया है युवाओं को भी यह प्रण लेना चाहिए कि हम भी दूसरों की भलाई का कार्य करेंगे किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार निर्दयी हो गई है और किसानों पर अन्याय और अत्याचार कर रही है किसान देश का पेट पालता है उन्हीं के साथ अन्याय हो रहा है और हम सभी साथी किसान कोम के साथ है
महाराजा सूरजमल का जीवन ओर उनकी घटनाएं कुछ इस तरह रही उनकी लंबाई 7 फीट और वजन 110 किलोग्राम था और वे 72 किलो के छाती कवच, 81 किलो के भाले, 208 किलो की दो वजनदार तलवारों को लेकर चलते थे।
10 मई को महाराजा सूरजमल जाट जी ने 1753 में दिल्ली पर विजय प्राप्त की थी। महाराजा सूरजमल जाट जी ने वैसे तो दिल्ली पर दो बार विजय हांसिल की थी। 1763 में भी दिल्ली पर भगवा ध्वज लहराया। 1752 में हस्ताक्षरित एक संधि ने मराठों को दिल्ली में मुगल सिंहासन का रक्षक बना दिया। 1753 में जाट शासक सूरजमल ने दिल्ली पर हमला किया। उसने दिल्ली के नवाब गाजी-उद-दीन (द्वितीय) को हराया और दिल्ली पर कब्ज़ा कर लिया।
हाराजा सूरजमल ने एक ब्राह्मण की बेटी हरदौल की इज़्ज़त बचाने के लिए दिल्ली के बादशाह अहमदशाह से बात की थी. इस कहानी के बारे में ज़्यादा जानकारीः जब मोहम्मद शाह ने एक ब्राह्मण की बेटी को कैद कर लिया, तो उसने शाह से निकाह करने की बात कही. ब्राह्मण की बेटी ने चतुराई दिखाते हुए कहा कि उसका चार महीने का व्रत है, उसके बाद वह हर फ़ैसला मानेगी. एक दिन जब सफ़ाई करने वाली महिला युवती के कमरे के पास आई, तो उसने पेन और कागज़ मंगाया. युवती ने महाराजा सूरजमल को भाई कहकर पत्र लिखा और अपनी इज़्ज़त बचाने की गुज़ारिश की. महाराजा सूरजमल ने दिल्ली के बादशाह अहमदशाह से कहा कि या तो हरदौल को छोड़ें या फिर दिल्ली छोड़ें. अहमदशाह ने सूरजमल से कहा कि जाटनी भी साथ ले आएं, पंडितानी तो क्या छुड़वाएगा वह हमसे. जब एक ब्राह्मण की बेटी हरदौल को (उसकी माँ की पुकार पर) कैद से छोड़ने हेतु, महाराजा सूरजमल ने दिल्ली के बादशाह अहमदशाह को कहलवाया कि, “या तो हरदौल को छोड़, वर्ना दिल्ली छोड़!” अहमदशाह ने उल्टा संदेशा भेजा, “सूरजमल से कहना कि जाटनी भी साथ ले आये, पंडितानी तो क्या छुड़वाएगा वो हमसे!
“इस पर लोहागढ के राजदूत वीरपाल गुर्जर वहीँ बिफर पड़े और वीरगति को प्राप्त होते-होते कह गए, “तू तो क्या जाटनी लैगो, पर तेरी नानी याद दिला जायेगो, वो पूत जाटनी को जायो है। “इस पर सूरजमल महाराज ललकार उठे, “अरे आवें हो लोहागढ़ के जाट, और दिल्ली की हिलादो चूल और पाट! “और जा गुड़गांव में डाल डेरा बादशाह को संदेश पहुँचाया, “बादशाह को कहो जाट सूरमे आये हैं अपनी बेटी की इज्जत बचाने को, और साथ में जाटनी (महारानी हिण्डौली) को भी लाये हैं, अब देखें वो जाटनी ले जाता है या हमारी बेटी को वापिस देने खुद घुटनों के बल आता है।”और महाराजा सूरजमल का कहर ऐसा अफ़लातून बन कर टूटा मुग़ल सेना पर कि मुग़ल कह उठे: तीर चलें, तलवारें चलें, चलें कटारें इशारों तैं, अल्लाह मियां भी बचा नहीं सकदा, जाट भरतपुर आळे तैं। और इस प्रकार ब्राह्मण की बेटी भी वापिस करी और एक महीने तक जाट महाराज की मेहमानवाजी भी करी। वीरभूमि भरतपुर नरेश महाराजा सूरजमल अमर रहें !! जाट वीरो की आज एक ऐसी कहानी आपके बीच लिख रहा हुँ जिसके कारण लोहागढ नरेश महाराजा सूरजमल जाट अफलातुन कहलाए… जब दिल्ली पर मुगल बादशाह अहमदशाह का राज था बादशाह के दरबार मेँ एक पंडित रहता था पंडित कि पत्नी रोज पंडित को खाना ले जाति थी…एक दिन पंडित कि बेटि हरजोत कौर अपने पिता को खाना लेके गई हरजोत जब वापस घर चली गई तो बादशाह ने पंडित को पूछा तेरी बेटी है क्या ये पंडित बोला हाँ,तो बादशाह बोला तुने अब तक ये बात हमसे छुपाई कोई बात नि पर सुन हरजोत हमारे दिल को छू गई मै उसे अपनी बेगम बनाना चाहता हूँ पंडित बोला हुजूर दया करो ऐसा मत सोचो आप कि बेटी है बादशाह बोला बेटी थी पंडित पर अब कुछ अलग है पंडित गिडगिडाने लगा और बादशाह के पैरोँ मेँ गिर गया लेकिन पत्थर दिल मेँ दया कहाँ बादशाह बोला सुन सात दिन मेँ हरजोत का डोला ले लिया जाएगा…. पंडित रात को घर पहुंचा और चिंता कि लखिरि माथे पर लेके बैठ गए तो पंडितानी और बेटी ने पूछा तो पंडित कि आँखोँ से आंसुओँ कि धार तो हरदौल बोली पिताजी जो हुआ है बताओ तो पंडित ने सारा दुखडा बेटी को रो दिया बेटी बोली पिताजी मेँ र्धम ना बदलूंगी चाहे जान चली जाए पंडित पंडितानी को रोते 2 रात निकल गई सुबह बादशाह के सैनिकोँ ने पंडित के घर को छावनि बना दिया और बादशाह ने आदेश दिया कि पंडित फालतु बोले तो घर मे आग लगा देना तो एक सैनिक ने बादशाह शलाह दि कि आग लगाने से फायदा नाए हरजोत को जेल मेँ डाल दिया जाए और मारपीट खा के राजी हॅ जाएगी तो बादशाह ने हरदौल को जेल मेँ डलवा दिया और यातनाए दि जाने लगी तो दूसरे दिन एक भंगी हरिजन कि औरत जो कि महल मेँ झाडु लगाने आति थी वो छुप के हरदौल से मिली जिस वक्त कि ये घटना थी तब दिल्ली के आसपास कोई भी राजा लडने को तैयार ना था तो भाइयो उस औरत ने हरजोत को बताया कि बेटि कोइ भी तेरि सहायता ना है हिन्दुओ मे बस एक सक्श है वो लोहागढ का राजा सूरजमल जो जाट का पूत है तू उसको पत्र लिख तेरी जरुर सुनेगा जाट वीर. जेल मे कलम ना थी तो भंगी औरत एक मोर के पंख का टुकडा लाई और हरजोत ने अपने खून से पत्र लिखा लिखते2 आंसु भी पत्र पर गिर गए थे और औरत को अपने घर का पता बताके पत्र उसको सोँप दिया और भंगि औरत ने पत्र पंडित को दिया और कहा जाओ लोहागढ और अपनी बेटी कि इज्जत के रक्षक को ये पत्र पहुँचाओ जहाँ हर फरियादि कि फरियाद सुनी जाती है जाट दरबार मेँ आपकि भी सुनी जाएगी तो पंडितानि पत्र को लेके जाट दरबार मेँ पहुँच जाती है पत्र मेँ वो मोर का पंख भी रखा था जाट दरबार सजा हुआ था और पंडितानी दहाड मार2 के रोने लगी तो सुरजमल बोले कौन है ये दुखिया इसकि फरियाद सुनो तो पत्र पढके राजा को सुनाया गया तो सूरजमल ने कहा बस पंडितानि तु वापस दिल्ली जा और उसके साथ एक वीरपाल नाम के गुजजर सैनिक भेजा और कहा कि बादशाह को कहना कि या तो हरजोत को छोड या दिल्ली छोड… तो वीरपाल गुज्जर मुगल दरबार मेँ पहुचा और बादशाह को सूरजमल का आदेश सुनाया तो बादशाह हंसते हुए कहता है कि हमेँ मालुम था कि सूरजमल जरुर हमसे पंगा लेगा ठीक है सुनो वीरपाल — सूरजमल से कहना कि जाटनी भी साथ लाए पंडितानि क्या छुडाएगा वो… बस फिर क्या था वीरपाल ने दरवार मेँ तलवार का कहर छोड दिया मुगलोँ से लडते2 वीरगति को र्पाप्त हो गया लेकिन एक बात कह के गया था वीरपाल कि”°°तूतो का जाटनी लेगौ पर तेरी नानी याद दिला जाएगौ वो पूत जाटनी कौ जायौ है जब ये खबर भरतपुर मे सूरजमल को मिली तो आग बबूला हो गये और बोले”अरे आंवे लोहागढ के जाट और दिल्ली मै मचा दो लूटम पाट” और दिल्ली पर चढाई करने तैयारि जल्दी करली गई एवं आज जहाँ गुडगांव बसा हुआ है वहाँ अपना डेरा डाल दिए और एक सैनिक को बोले कि बादशाह को कहो जाट बहादुर आए है तो बादशाह भी अपनी सेना ले के मैदान मे आता है और युद्द होने लगता है याद दिलाना चाहता हूँ कि बादशाह कि शर्त के मुताबिक रानी हिँडोली भी युद्द मे गई थी लेख बहुत बडा है भाइयो शॉर्ट में लिख रहा हुँ तो कुछ ही देर मेँ मुगलोँ के छक्के छूट गए और बादशाह को चाल सुझी एवं सूरजमल के पैरोँ मेँ गिरके गिडगिडाने लगा और गाय कि शौगंध महाराजा को खिलाने लगा सूरजमल का ह्रदय पिगल गया और युद्द समाप्त हो गया हरजौत कि शादि सूरजमल ने अपने र्खचे से कराई बादशाह ने महाराजा को बोला कि अब हमारि लडाई नाहै सो कुछ दिन दिल्ली मेँ ही रहो लालकिले मे रहने का इंतजाम है सूरजमल चाल को ना समझ पाए और एक दिन जब महाराजा घूमने नदी के किनारे निकले तो धोके मार दिया गया और बादशाह ने अपनी औकात दिखादि फिर बाद मेँ पुत्र जवाहर सिहँ ने दिल्ली को जीता जिसकि याद मेँ आज भी जवाहर बुर्ज भरतपुर मेँ बनवाया गया जिसपर वंशजो का राजतिलक होता था
महाराजा सूरजमल के बारे में कुछ और बातेंः महाराजा सूरजमल भरतपुर के जाट राजा थे. उन्हें जाट जनजाति का प्लेटो और जाट यूलिसिस कहा जाता है. उन्होंने 80 युद्ध लड़े और एक भी नहीं हारे
25 दिसम्बर, 1763 को नवाब नजीबुद्दौला के साथ हुए युद्ध में गाजियाबाद और दिल्ली के मध्य हिंडन नदी के तट पर महाराजा सूरजमल ने वीरगति पायी। उनके युद्धों एवं वीरता का वर्णन सूदन कवि ने ‘सुजान चरित्र’ नामक रचना में किया है। महाराजा बदनसिंह की मृत्यु के बाद उसके पुत्र महाराजा सूरजमल जाट 1756 ई. में भरतपुर राज्य का शासक बना
महाराजा सूरजमल ने 80 युद्ध लड़े एक भी नहीं हारे और युवाओं को बता दूं हमने मुगलों को हराया, हमने अंग्रेजों को हराया ऐसा इतिहास में कोई नहीं कर पाया
–महाराजा सूरजमल की जयपुर के महाराजा जयसिंह से अच्छी मित्रता थी। जयसिंह की मृत्यु के बाद उसके बेटों ईश्वरी सिंह और माधोसिंह में गद्दी के लिए झगड़ा हो गया। – सूरजमल बड़े पुत्र ईश्वरी सिंह के, जबकि उदयपुर के महाराणा जगतसिंह छोटे पुत्र माधोसिंह के पक्ष में थे।
चंडौस युद्ध
चंडौस युद्ध, महाराजा सूरजमल के करियर की एक महत्वपूर्ण घटना है, जो 1745 में हुई थी जब दिल्ली के मुगल बादशाह मुहम्मद शाह ने कोइल ( अलीगढ़ ) के नवाब फतेह अली खान को नाराज़ कर दिया था । उसे दंडित करने के लिए, बादशाह ने एक अफ़गान सरदार, असद खान को भेजा। फतेह अली खान ने सूरजमल की मदद मांगी और नवंबर 1745 में, उन्होंने बाहरी राजनीतिक और सैन्य मामलों में अपना पहला स्वतंत्र निर्णय लिया। सूरजमल ने फतेह अली खान को मदद का आश्वासन दिया और अपने बेटे की कमान में एक सेना भेजी। चंडौस के युद्ध के परिणामस्वरूप असद खान की मृत्यु हो गई और शाही सेना की हार हुई, जिससे भरतपुर साम्राज्य की शक्ति बढ़ गई।
बगरू का युद्ध (अगस्त, 1748)
महाराजा सूरजमल के जयपुर के राजा जयसिंह से अच्छे संबंध थे । जयसिंह की मृत्यु के बाद उनके पुत्र ईश्वरी सिंह और माधोसिंह में गद्दी को लेकर लड़ाई शुरू हो गई। महाराजा सूरजमल ईश्वरी सिंह को अगला वारिस बनाना चाहते थे, जबकि महाराणा जगत सिंह माधोसिंह को राजा बनाना चाहते थे। यह लड़ाई तब तक चलती रही जब तक मार्च 1747 में ईश्वरी सिंह की जीत नहीं हो गई। माधोसिंह मराठों, राठौरों और उदयपुर के सिसोदिया राजाओं के साथ वापस लौट आए और राजा सूरजमल ने 10,000 सैनिकों के साथ ईश्वरी सिंह का साथ दिया। ईश्वरी सिंह ने लड़ाई जीत ली और जयपुर का राजपाठ हासिल कर लिया।
जाटों के प्रमुख गोत्र
कुछ जाटों की प्रमुख गोत्र और उनके बहुल क्षेत्र सिद्धू गोत्र पंजाब का बहुत बड़ा गोत्र है पश्चिमी उ०प्र० अमरोहा, हापुड जिलों में भी काफी गांव है | मान गोत्र भी पंजाब, हरियाणा और दिल्ली का बहुत बड़ा गोत्र है | बेनीवाल राजस्थान का महत्त्वपूर्ण गोत्र है हरियाणा और पश्चिमी उ०प्र० में भी काफी गांव है | सांगवान हरियाणा और पश्चिमी उ०प्र० का काफी नामी गोत्र है | मलिक (गठवाला) गोत्र भी काफी बड़ा गोत्र है | अहलावत गोत्र हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उ०प्र० का काफी बड़ा गोत्र है इस गोत्र का हरियाण ा के चौधरी अलग और पश्चिमी उ०प्र० से चौधरी अलग है राजस्थान में भी इस गोत्र के काफी गांव है झूंनझूनू से M.P संतोष अहलावत- इसी गोत्र से हैं | बालियान गोत्र मुजफ्फरनगर पश्चिमी उ०प्र० की मुख्य गोत्र है इस गोत्र के लोग खाटी और मेहनतकश होते हैं | तोमर गोत्र के गांव हरियाणा और पश्चिमी उ०प्र० दोनों राज्यों में काफी संख्या में हैं बडौत क्षेत्र में इनके गांवों की संख्या 84 हैं और इस गोत्र के गांव भी काफी बड़े है ब्रज क्षेत्र में अग्र चौधरी , नौहवार , ठेनुआ , ठुकरेले , चाहर और कुन्तल प्रमुख …
Jat Regiment Interesting Facts | जाट बलवान , जय भगवान ।
जाट रेजीमेंट के बारे मे रोचक तथ्य Jat Regiment Interesting Facts स्थापना वर्ष : 1795 आदर्श वाक्य : “ संगठन व वीरता ” युद्धघोष : “ जाट बलवान जय भगवान ” मुख्यालय : बरेली, उत्तरप्रदेश आकार : 23 बटालियन जाट रेजिमेंट भारतीय सेना की एक इंफेंट्री रेजिमेंट है और भारत में सबसे पुरानी और सबसे अधिक पदक प्राप्त करने वाली रेजीमेंट में से एक है। अपने 200 से अधिक वर्षों के जीवन में, रेजिमेंट ने पहले और दूसरे विश्व युद्ध सहित भारत और विदेशों में अनेक युद्धों में भाग लिया है। सन 1839 से 1947 के बीच यह रेजिमेंट 9 वीरता , 2 विकटोरिया और 2 जॉर्ज पुरस्कारों के साथ 41 युद्ध सम्मान प्राप्त कर चुकी है । जाट रेजिमेंट के पास 2 अशोक चक्र , 35 शौर्य चक्र , 10 महावीर चक्र , 2 विक्टोरिया क्रॉस , 2 जॉर्ज सम्मान , 8 कीर्ति चक्र , 39 वीर चक्र , और 170 सेना पदक भी शामिल हैं । ये काफी पुराने आंकड़े है इसलिए नए आंकड़ो के अनुसार जाट रेजिमेंट के पास इनसे भी ज्यादा पदक है । इस रेजिमेंट में मुख्यतः पश्चिमी उत्तरप्रदेश , हरियाणा , राजस्थान और दिल्ली के हिन्दू जाटों की भर्ती की जाती है ।..
श्योपुर, 25 दिसंबर 2024 लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर संयुक्त संचालक डॉ दीपक कुमार पाण्डेय द्वारा आपराधिक मामले में न्यायालय से सजा मिलने पर निलंबित माध्यमिक शिक्षक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वीरपुर वीरेन्द्र कुमार शर्मा को जिला शिक्षा अधिकारी श्योपुर से प्राप्त प्रस्ताव के अनुक्रम में तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही की गई है। जारी आदेश के अनुसार निलंबित माध्यमिक शिक्षक वीरेन्द्र कुमार शर्मा को माननीय सत्र न्यायालय विजयपुर जिला श्योपुर द्वारा आपराधिक प्रकरण में 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रूपये के अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किये जाने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी जिला श्योपुर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर सेवा से पदच्युत करने की कार्यवाही की गई है।
श्योपुर, 25 दिसंबर 2024
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा आज ग्राम ढेगदा में बायपास पर रिडेंन्सीफिकेशन स्कीम अंतर्गत निर्माणाधीन सर्किट हाउस के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया तथा निर्माण एजेंसी हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियरो को मार्च तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये।कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सर्किट हाउस के निर्माण कार्य में तेज गति लाई जायें तथा मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण किया जाये। उन्होने कहा कि सर्किट हाउस की बाउड्रीवॉल का निर्माण कार्य शुरू किया जायें। उन्होने एसडीएम मनोज गढवाल को निर्देश दिये कि बाउड्रीवॉल के लिए भूमि का सीमांकन करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जायें। इसके साथ ही उन्होने इस योजना के तहत बायपास रोड पर ही निर्माणाधीन एफ, जी, एच, आई टाइप के 26 शासकीय आवासों का निर्माण कार्य भी शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम मनोज गढवाल भी उपस्थित थे।
श्योपुर, 24 दिसंबर 2024 कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा जनसुनवाई के दौरान महिला श्रीमती शारदा जादौन की शिकायत पर नेत्र चिकित्सक डॉ जीके गोयल के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश सीएमएचओ डॉ दिलीप सिंह सिकरवार को दिये। इसके साथ ही उन्होने कहा कि प्रत्येक जनसुनवाई पर कलेक्ट्रेट परिसर में मेडिकल कैम्प लगाया जायें। कैम्प का समय प्रातः 11 बजे से दोपहर 02 बजे तक निर्धारित रहेगा,
जनसुनवाई में कुल 178 आवेदन प्राप्त हुए।
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को जनसुनवाई के दौरान रघुनाथपुर निवासी महिला श्रीमती शारदा जादौन पत्नि देवेन्द्र जादौन ने शिकायत की कि उनके द्वारा अस्पताल में आंखो के उपचार के लिए डॉक्टर जीके गोयल को दिखाया गया था, जांच उपरांत उन्होंने अपने निजी नर्सिग होम पर आंख का ऑपरेशन किया, जिसमें एक आंख के ऑपरेशन के बाद उन्हें दिखाई नही दे रहा है। इस मामले में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने सीएमएचओ को कार्यवाही के निर्देश दिये। सीएमएचओ डॉ सिकरवार ने बताया कि मामले की जांच के लिए डॉ जितेन्द्र यादव एवं डॉ गजेन्द्र धाकड की दो सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है, जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही की जायेगी। जनसुनवाई के दिन कलेक्ट्रेट में लगेगा मेडिकल कैम्प कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने स्वास्थ्य संबंधी आवेदन जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने को दृष्टिगत रखते हुए सीएमएचओ डॉ सिकरवार को निर्देश दिये कि प्रत्येक मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में मेडिकल कैम्प लगाया जाये, जिसमें कम से कम 3 से 4 डॉक्टर रहेगे। संबल के तहत मिलेगा लाभ जनसुनवाई के दौरन प्रेमसर निवासी गोविन्द वैष्णव द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया कि उनके पिता स्व. बाबूलाल वैष्णव की मृत्यु 8 फरवरी 2024 को हुई थी, मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत लाभ प्रदान किया जायें। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा आवेदन के परीक्षण उपरांत आवेदक को अवगत कराया गया कि योजना के तहत ईपीओ जारी हो चुका है तथा शीघ्र ही राज्य स्तर से दो लाख रूपये की राशि बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त होगी।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर, एसडीएम श्योपुर मनोज गढवाल, कराहल बीएस श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, वायएस तोमर सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।
श्योपुर, 18 दिसंबर 2024 पार्वती-कालिसिंध-चंबल राष्ट्रीय परियोजना के अंतर्गत श्योपुर विकासखण्ड के ग्राम नगदी एवं नागदा में राम जल सेतु कलश यात्रा का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ब्लॉक श्योपुर की नवांकुर संस्था मातृछाया संस्थान एवं मुक्तिबोध युवक मण्डल के प्रतिनिधियों भास्कर टकसाली तथा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता पाठयक्रम के मेंटर्स श्रीमती चन्द्रिका सिंह तोमर, विप्लव शर्मा, विवेक सिंह के द्वारा लिंक परियोजना के चयनित ग्रामो में जाकर राम जल सेतु कलश यात्रा व प्रभात फेरी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिससे जल के प्रति लोगों में जल संरक्षण का भाव जागृत हो रहा है तथा जल संरक्षण के प्रति लोगों में उत्साह दिख रहा है। इस अवसर पर ग्रामीण महिलाओं द्वारा उत्साह पूर्वक जल कलश यात्रा निकाली जा रही है। कलशयात्रा में माता, बहनों द्वारा जल संरक्षण के नारे लगाते हुए गांवों में भ्रमण किया जा रहा है।
उक्त कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती नेहा सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर से 25 दिसंबर तक चलने वाले इस जन जागरूकता अभियान में जनअभियान परिषद, एनआरएलएम तथा महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त रूप से भागीदारी कर रहे हैं तथा जनजन में योजना के प्रति जनजागरण कर रहे हैं। इसी प्रकार ग्राम हासापुरा में भी कलश यात्रा निकालते हुए जन जागरण के कार्यक्रम आयोजित किये गये।