Saturday, July 4, 2026
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कानून व्यवस्था की दृष्टि से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त


श्योपुर, 10 अप्रैल 2025

आगामी त्यौहारों के दौरान जिले में कानून व्यवस्था, शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा विभिन्न अनुभागों और तहसीलों के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई है।

जारी आदेशानुसार हनुमान जयंती (12 अप्रैल), अम्बेडकर जयंती (14 अप्रैल), गुड फ्राइडे (18 अप्रैल) एवं परशुराम जयंती (30 अप्रैल) के अवसर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु निम्न अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में प्रभारी मजिस्ट्रेट बनाया गया है:

एसडीएम श्योपुर बी.एस. श्रीवास्तव, एसडीएम कराहल मनोज गढ़वाल, एसडीएम विजयपुर अभिषेक मिश्रा

ये अधिकारी अपने-अपने अनुभाग क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रभारी रहेंगे तथा आवश्यकतानुसार अधीनस्थ अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित कर सकेंगे।

इसके अतिरिक्त:

डिप्टी कलेक्टर  यशवीर सिंह तोमर को गुड फ्राइडे (18 अप्रैल) को प्रार्थना स्थलों पर एवं परशुराम जयंती (30 अप्रैल) की शोभायात्रा के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

तहसीलदार  अर्जुन सिंह भदौरिया को हनुमान जयंती, अम्बेडकर जयंती एवं परशुराम जयंती के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्राओं के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

तहसील स्तर पर नियुक्तियाँ इस प्रकार हैं:

तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा – संपूर्ण तहसील क्षेत्र बड़ौदा एवं वृत्त पांडोला

नायब तहसीलदार सुश्री रोशनी शेख – संपूर्ण तहसील क्षेत्र कराहल

तहसीलदार  रवीश भदौरिया – संपूर्ण तहसील क्षेत्र वीरपुर

तहसीलदार श्रीमती प्रेमलता पाल – संपूर्ण तहसील क्षेत्र विजयपुर

वृत्त स्तर पर नियुक्त कार्यपालिक मजिस्ट्रेट:

नायब तहसीलदार  दर्शनलाल जाटव – वृत्त रघुनाथपुर

 शैलेन्द्र सिंह सेंगर – वृत्त प्रेमसर एवं मानपुर

नरेन्द्र जैन – वृत्त अगरा एवं गसवानी

जांच में 56 गर्भवती महिलाएं हाईरिस्क के रूप में चिन्हित


श्योपुर, 10 अप्रैल 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के अंतर्गत माह की प्रत्येक 9 एवं 25 तारीख को जिला अस्पताल सहित कराहल, बड़ौदा और विजयपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्त्रीरोग विशेषज्ञों द्वारा गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच और उपचार किया जा रहा है।

इसी क्रम में 9 अप्रैल को आयोजित शिविर में कुल 281 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 56 महिलाओं को हाईरिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया। इन 56 हाईरिस्क महिलाओं सहित कुल 101 महिलाओं की सोनोग्राफी ई-पैनल्ड निजी सोनोग्राफी केंद्रों के माध्यम से कराई जाएगी। निर्धारित तिथि पर महिलाओं को सोनोग्राफी केंद्र तक पहुंचाने हेतु संबंधित अस्पतालों द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस सिकरवार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक 9 एवं 25 तारीख को जिला अस्पताल के साथ-साथ कराहल, बड़ौदा और विजयपुर में भी विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

हाईरिस्क श्रेणी की गर्भवती महिलाओं पर स्वास्थ्य अमला विशेष निगरानी रखता है। प्रसव के बाद तक इनकी देखभाल सुनिश्चित की जाती है, जिसमें समय पर टीकाकरण, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और निरंतर परामर्श शामिल हैं। सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पतालों में बर्थ वेटिंग वार्ड भी बनाए गए हैं, जहां प्रसव से पूर्व महिलाओं को भर्ती कर निगरानी में रखा जाता है।

समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के शीघ्र भुगतान हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित


श्योपुर, 09 अप्रैल 2025

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी एवं समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के शीघ्र भुगतान को लेकर अपर मुख्य सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अध्यक्षता में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में ई-केवायसी एवं गेहूँ उपार्जन कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि जिले के सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल 2025 तक अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत पूर्ण की जाए। इस कार्य हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष शासन स्तर पर कृषकों के हित में भुगतान प्रक्रिया को सरल किया गया है। अब उपार्जित गेहूँ का भुगतान सात दिवस के भीतर किया जा रहा है। किसानों से आग्रह किया गया है कि जिन्होंने पंजीयन एवं स्लाट बुकिंग कर ली है, वे अपनी उपज निकटतम उपार्जन केंद्र पर विक्रय करें।
🗓️ स्लाट बुकिंग की अंतिम तिथि: 26 अप्रैल 2025 निर्धारित की गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए ताकि समग्र ई-केवायसी एवं हितग्राहियों की ई-केवायसी समय पर पूर्ण हो सके। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि ई-केवायसी अभियान से राशन वितरण प्रभावित न हो और उपार्जन के अंतर्गत समय पर स्वीकृति पत्रक जारी किए जाएं।

इस अवसर पर एनआईसी कक्ष, श्योपुर में फूड ऑफिसर  सुनील शर्मा, एआरसीएस श्री ध्रुव कुमार झारिया, एवं सीसीबी नोडल अधिकारी दिनेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

श्योपुर में तीन दिवसीय पुस्तक मेला 12 अप्रैल से शुरू, अभिभावक कर सकेंगे पाठ्यपुस्तकों की खरीदारी

श्योपुर, 09 अप्रैल 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार जिले में तीन दिवसीय पुस्तक मेलों का आयोजन 12 अप्रैल से 14 अप्रैल तक किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के लिए आवश्यक पाठ्यपुस्तकों एवं अध्ययन सामग्री को एक ही स्थान पर सहज रूप से उपलब्ध कराना है।

यह पुस्तक मेले श्योपुर विकासखण्ड के शासकीय कन्या उमावि विद्यालय श्योपुर, कराहल विकासखण्ड के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय कराहल, तथा विजयपुर विकासखण्ड के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विजयपुर में आयोजित होंगे। संबंधित क्षेत्रों के बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) को इन मेलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी एम.एल. गर्ग ने बताया कि इस संबंध में निजी विद्यालयों के संचालकों की बैठक आयोजित कर उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विद्यालयों के छात्रों के अभिभावकों को इन मेलों के माध्यम से पाठ्यपुस्तकों की खरीद के लिए प्रेरित करें।

इसके अलावा, उन्होंने पुस्तक विक्रेताओं से अपील की है कि पुस्तक मेले के दौरान छात्रों और अभिभावकों को अधिक से अधिक छूट (डिस्काउंट) प्रदान की जाए, ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके।

यह मेला छात्रों और अभिभावकों के लिए न केवल सहूलियत भरा रहेगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों तक पहुंच को भी बेहतर बनाएगा।

श्योपुर:ज़मीनी घोटाले की गूंज: पटवारी ने किया खेल, कलेक्टर मौन! ग्राम काशीपुर के पटवारी पर भूमि हेराफेरी का आरोप, कलेक्टर कार्यालय की निष्क्रियता पर उठे सवाल

 ज़मीनी घोटाले की गूंज: पटवारी ने किया खेल, कलेक्टर मौन

श्योपुर, दिनांक 9/4/25


ग्राम काशीपुर में ज़मीन को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है — जहां एक पटवारी ने खुलेआम रजिस्टर्ड रजिस्ट्री वाली ज़मीन को घुमा-फिरा कर किसी और के नाम चुपचाप दर्ज कर दिया! मामला सिर्फ ज़मीन का नहीं, सिस्टम के मुंह पर तमाचा है।

प्रार्थी गजानन्द खटीक का दावा है कि उन्होंने 1989 में नाथ्या पुत्र अमरया से 5 बीघा ज़मीन (सर्वे नंबर 391/मिन) की रजिस्ट्री खरीदी थी। राजस्व रिकॉर्ड में नाम भी दर्ज हो चुका था, यानी सब कुछ कानून के दायरे में था। फिर अचानक क्या हुआ?

पटवारी की ‘पैठ’ और खेल की चाल
ग्राम काशीपुर के पटवारी ने सांठगांठ करके, बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के, खसरे में सीधे किसी और का नाम चढ़ा दिया! ना कोई सुनवाई, ना कोई नोटिस – सीधा हेराफेरी!

टीएल में हुआ खुलासा – फिर भी खामोशी क्यों?
4 फरवरी 2025 को शिकायत कलेक्टर के पास पहुंची (टीएल क्रमांक 487475)। जांच हुई, 25 फरवरी को नायब तहसीलदार ने भी सच माना (क्रमांक 495519/25/02/25)। बावजूद इसके कलेक्टर ऑफिस में अभी तक सन्नाटा पसरा है। सवाल ये उठता है — क्या ये महज़ लापरवाही है या फिर कहीं बड़े खेल की बू?

प्रार्थी का दर्द, सिस्टम की चुप्पी
गजानन्द कहते हैं, “मेरे पास रजिस्ट्री भी है, नामांतरण भी हो चुका था। लेकिन पटवारी ने सांठगांठ कर ज़मीन हड़पवा दी। अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई, इंसाफ की उम्मीद अब मीडिया और जनता से है।”

🔥 सवाल उठता है –

  • आखिर कलेक्टर श्योपुर इस फर्जीवाड़े पर चुप क्यों हैं?

  • क्या सिस्टम भ्रष्टाचार के आगे बेबस है?

  • क्या आम आदमी की ज़मीन अब सुरक्षित नहीं?

रिपोर्ट: क्राइमनेशनल न्यूज – न्याय की उम्मीद अब जनता की आवाज से!

पोषण पखवाड़ा: श्योपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर जागरूकता की पहल शुरू

8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक चलेगा पोषण पखवाड़ा, “जीवन के प्रथम 1000 दिवस” थीम पर हो रहे कार्यक्रम

 श्योपुर | 08 अप्रैल 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा श्योपुर जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण पखवाड़ा की शुरुआत की गई। यह आयोजन 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2025 तक चलेगा, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति समुदाय को जागरूक करना है।

इस वर्ष की थीम: जीवन के प्रथम 1000 दिवस पर केंद्रित

वर्ष 2025 के पोषण पखवाड़े की थीम है – “जीवन के प्रथम 1000 दिवस”

इसमें शिशु के जन्म से पहले और बाद के प्रारंभिक दिनों में पोषण के महत्व को रेखांकित किया गया है।

खास ध्यान दिया जाएगा स्वस्थ जीवनशैली, मोटापे से बचाव, पोषण प्रबंधन और एनीमिया नियंत्रण पर।


📆 सप्ताह भर की गतिविधियों के लिए बना कैलेंडर

जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी  ओ.पी. पाण्डेय ने बताया कि कार्यक्रमों का एक विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसमें शामिल हैं:

प्रभात फेरी व सामुदायिक जागरूकता

गोद भराई दिवस का आयोजन

गर्भवती महिलाओं की पोषण थाली का प्रदर्शन

आयरन और कैल्शियम दवाओं की उपयोगिता पर चर्चा

टेक होम राशन का वितरण

हीमोग्लोबिन की जांच और टीकाकरण

बच्चों में पोषण स्तर की निगरानी और मोटे अनाज का उपयोग

स्तनपान के महत्व पर जागरूकता

बाल चौपाल, पोषण संवाद, और स्वस्थ जीवनशैली पर चर्चा

🩷 स्वस्थ माँ – स्वस्थ शिशु, पोषण युक्त जीवन की ओर एक कदम

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श्योपुर जेल में बंदियों को किया गया कानूनी रूप से जागरूक

विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन, बंदियों को जमानत, पैरोल, और अन्य कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी

श्योपुर | 08 अप्रैल 2025
जिला जेल श्योपुर में आज एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। यह शिविर माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री पवन कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और विशेष न्यायाधीश श्री लीलाधर सोलंकी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।

⚖️ जमानत, पैरोल, और निःशुल्क विधिक सहायता पर जानकारी

शिविर के दौरान बंदियों को बताया गया कि:

  • विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध है।

  • उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेशों (SMWP (CRL) No. 04/2021) के अंतर्गत जिन बंदियों की अभी तक जमानत नहीं हुई है, वे लीगल एड डिफेंस काउंसिल के माध्यम से जमानत हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

  • जिन बंदियों की अपील उच्च न्यायालय में लंबित है, उन्हें भी उचित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

नालसा- सालसा की योजनाओं पर जानकारी

बंदियों को निम्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया:

  • एसिड अटैक पीड़ितों के लिए नालसा स्कीम

  • प्ली बार्गेनिंग प्रक्रिया

  • पैरोल एवं पेशी संबंधी अधिकार

  • बंदियों के लिए विधिक सेवा योजनाएं

भोजन की गुणवत्ता पर भी पूछताछ

शिविर के दौरान यह भी जाना गया कि जेल में बंदियों को भोजन नियमित और उचित गुणवत्ता में मिल रहा है या नहीं।

इन अधिकारियों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर कई न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे:

श्री लीलाधर सोलंकी – विशेष न्यायाधीश

सुश्री संध्या मरावी – मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

श्रीमती वर्षा सुर्यवंशी मजुमदार – सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरणश्रीमती मनदीप कौर सेहमी – न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी

श्री योगेश बंसल – जिला विधिक सहायता अधिकारी

श्री एन.एस. राणा – जेल उपाधीक्षक

श्री एम.डी. सोनी – चीफ, लीगल एड डिफेंस काउंसिल

श्री हनुमान तिवारी – परलीगल वालंटियर

इसके अलावा जेल स्टाफ और बड़ी संख्या में बंदी भी शिविर में उपस्थित रहे।


📣 Crime National News | जेल के अंदर भी अधिकारों की आवाज़

🎙️ बंदियों के हक की बात, कानून के दायरे में न्याय तक पहुँच — जुड़िए हमारे साथ, क्योंकि हर आवाज़ मायने रखती है

दिव्यांग बालिका को 10 हजार की सहायता, परिवार को मिलेगा आवास व बीपीएल लाभ कलेक्टर की जनसुनवाई में हुए कई फैसले, संबल योजना और स्पॉन्सरशिप के तहत मिले लाभ

श्योपुर, 08 अप्रैल 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा की जनसुनवाई में आज जरूरतमंदों को राहत प्रदान की गई। इस जनसुनवाई में 129 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कई मामलों में तत्काल निर्णय लेकर सहायता प्रदान की गई।

दिव्यांग बालिका को मिली आर्थिक मदद, परिवार को आवास और बीपीएल कार्ड का लाभ

4 वर्षीय मानसिक दिव्यांग बालिका के परिजनों को रेडक्रॉस के माध्यम से 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी गई।

बालिका के माता-पिता – धोला गुर्जर और रामलखन गुर्जर, निवासी सुबकरा – को प्रधानमंत्री आवास योजना और बीपीएल सूची में नाम जोड़ने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ भी जल्द दिलवाने को कहा गया।

संबल योजना में नॉमिनी बदलकर पुत्र को मिलेगा लाभ

सेमल्दा निवासी मेवीराम आदिवासी को मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत 4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने के निर्देश दिए गए।

चूंकि पहले लाभार्थी के नॉमिनी माता-पिता दोनों का निधन हो चुका है, इसलिए अब पुत्र को यह राशि मिलेगी

रामेश्वरी, मनीषा और गजरी को मिलेगा संबल योजना का लाभ

रामेश्वरी (मोरेका), मनीषा (खाड़ी नं. 2), और गजरी (हीरापुर) – तीनों विधवाओं को संबल योजना के अंतर्गत 2-2 लाख रुपए की राशि शीघ्र बैंक खाते में मिलने की सूचना दी गई।

संबंधित मामलों में ईपीओ जारी हो चुके हैं

तीन बच्चों को मिलेगा स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ

प्रेम, अरुण और विशाल, जिनके माता-पिता और चाचा की मृत्यु हो चुकी है, अब महिला एवं बाल विकास विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना में शामिल होंगे।

चाचा रिशो आदिवासी की देखरेख में रह रहे इन बच्चों को 4,000 रुपए प्रति माह प्रति बच्चा सहायता दी जाएगी।

आवास योजना के तहत जारी हुए भुगतान आदेश, जीआरएस को नोटिस

चंद्रपुरा निवासी रामबिलास बैरवा और कल्लाराम बैरवा को पीएम आवास योजना के अंतर्गत एफटीओ (भुगतान आदेश) मौके पर ही जारी करवाए गए।

फिलोजपुरा पंचायत के जीआरएस हरि सिंह बैरवा को किस्त न देने के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।


जनसुनवाई में रहे अधिकारी उपस्थित

जनसुनवाई के दौरान संयुक्त कलेक्टर मनोज गढ़वाल, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन, और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री वर्मा ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुना और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।


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ग्राम मानपुर की 100 बीघा शासकीय भूमि पर फर्जी रिपोर्ट बनाकर कब्जा – पटवारी पर गंभीर आरोप

 

श्योपुर, दिनांक 8/4/2025
श्योपुर जिले के ग्राम मानपुर में शासकीय भूमि पर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 100 बीघा सरकारी भूमि को फर्जी दस्तावेज़ों और भ्रामक रिपोर्ट के ज़रिए निजी संपत्ति के रूप में दर्ज करवा लिया गया। इस गंभीर मामले में पूर्व पटवारी वीरसिंह पिप्पल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मानपुर के खसरा नंबर 133/1, 133/2 और 133/3 में दर्ज भूमि, जो पहले प्रभूलाल काछी और उनकी बहनों के नाम थी, को वर्ष 2006 में शासकीय भूमि घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद, पूर्व सरपंच अशोक त्यागी ने कथित रूप से अपने परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर उक्त भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करवा लिया।

तहसीलदार न्यायलय प्रकरण क्रमांक 30 बी-121/2023-24 में 100 बीघा भूमि का फर्जी व झुटा भ्रामक जाँच प्रतिवेदन वीर सिंह पिप्पल पटवारी ने दिया जिसकी शिकायत कलेक्टर महोदय के टी एल पत्र क्रमांक 300794 दिनांक 28 /02/2023  प्रचलित है    

इस पूरे घोटाले का खुलासा उस वक्त हुआ जब हनुमानसिंह कुशवाह और ओमप्रकाश नामक शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर अर्पित वर्मा को लिखित शिकायत सौंपते हुए पटवारी वीरसिंह पिप्पल पर झूठी और भ्रामक रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया है कि 18 फरवरी 2023 को दी गई रिपोर्ट में अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ कर भूमि को निजी स्वामित्व वाला बताया गया।

इतना ही नहीं, शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पटवारी पिप्पल ने अन्य स्थानों पर भी अवैध कॉलोनियों की प्लॉटिंग कर सरकारी भूमि बेचने का धंधा किया है। मुरैना और श्योपुर में करोड़ों की संपत्तियाँ अर्जित की गई हैं, जिनकी जांच की माँग की जा रही है।

हाल ही में श्योपुर शहर के एक पुराने प्रकरण में भी फर्जी रिपोर्ट के ज़रिए कंप्यूटर इन्द्राज करवाने का मामला सामने आया था, जिसके चलते उन्हें एसडीएम द्वारा निलंबित किया गया।

शिकायत में कलेक्टर से माँग की गई है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और सभी संदिग्ध भूमि प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए।

अब देखना यह होगा कि कलेक्टर अर्पित वर्मा इस भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं और क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव के भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के वादे धरातल पर उतरते हैं या फिर ऐसे ही भ्रष्टाचारियों को संरक्षण मिलता रहेगा

कूटरचित व्यवस्थापन प्रकरण में बड़ा निर्णय — 22 लोगों की 41 बीघा भूमि शासकीय घोषित न्यायालय अपर कलेक्टर ने सुनाया आदेश, नायब तहसीलदार को दिए अमल के निर्देश

श्योपुर, 06 अप्रैल 2025।
ग्राम बडौदाराम में कूटरचित तरीके से जारी किए गए पट्टों के मामले में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। अपर कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर की न्यायालय ने 22 व्यक्तियों के नाम दर्ज कुल 41 बीघा भूमि को शासकीय दर्ज करने का आदेश पारित किया है। यह कार्रवाई गैर-अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बाहरी व्यक्तियों को अवैध रूप से जारी पट्टों के विरुद्ध की गई है।

अभिलेख जांच शाखा श्योपुर के प्रभारी अधिकारी डिप्टी कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, ग्राम बडौदाराम के बाहर निवासरत और गैर पात्र व्यक्तियों को वर्ष 2000 के बाद पट्टे जारी किए गए थे। उक्त पट्टों के समर्थन में कोई वैध दस्तावेज या प्रमाण भी नहीं प्रस्तुत किए गए थे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पूरी प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध संपन्न हुई।

न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि अधिकांश मामलों में नायब तहसीलदार द्वारा यह जांच ही नहीं की गई कि संबंधित व्यक्ति भूमिहीन है या नहीं, या वह ग्राम बडौदाराम का निवासी है या नहीं। इस आधार पर समूची प्रक्रिया को कूटरचित और विधि विरुद्ध मानते हुए भूमि को शासकीय घोषित किया गया।

इस मामले में जिन व्यक्तियों के नाम से व्यवस्थापन निरस्त किए गए हैं, उनमें हरियाणा निवासी चंद्रमल सेनी, रतीराम सेनी, ग्राम सोठवा के रमेश मीणा, ग्राम चरोंद की द्वारिका, प्रकाशी, गायत्री, ग्राम सीसवाली की राजेन्त्रा बाई, बडौदाराम की नाथी बेवा रामचंद्र मीणा, कल्याणी मीणा (वारिसान रमेश, लाखन, गिर्राज, विद्या बाई), रामलखन मीणा (वारिसान बिरमा बाई, गिरधर, उमा, वंदना), गोकुल मीणा, रामअवतार खाती, शांति गुर्जर, गायत्री गुर्जर, राम सिंह मीणा, हंसराज मीणा, शंभू मीणा, बलराम मीणा, सुल्तान मीणा, सीताराम मीणा, जुगराज मीणा, राजू मीणा एवं शंभू मीणा शामिल हैं।

न्यायालय के आदेशानुसार, नायब तहसीलदार वृत्त मानपुर को भूमि शासकीय दर्ज करने की कार्रवाई तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह निर्णय जिले में फर्जी तरीके से किए गए भूमिगतरणों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है