Friday, February 13, 2026
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स्वच्छता सेवा पखवाडा अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन महामहिम राष्ट्रपति महोदय के उज्जैन में सफाई मित्रों से संवाद कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आज

श्योपुर, 18 सितंबर 2024
स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता की थीम पर आयोजित स्वच्छता सेवा पखवाडे के अंतर्गत शहर श्योपुर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे। इसके अंतर्गत 19 सितंबर को महामहिम राष्ट्रपति जी के उज्जैन आगमन के दौरान सफाई मित्रो के साथ संवाद कार्यक्रम का लाइव प्रसारण नगरपालिका परिसर श्योपुर में किया जायेगा।

यह कार्यक्रम नगरपालिका भवन में प्रातः 9 बजे से आयोजित होगा। इसी के साथ 20 सितंबर को गांधी पार्क पर रात्रि 7 बजे से रात्रि चौपाल, 21 सितंबर को प्रातः 8 बजे पीजी कॉलेज से नगरपालिका तक मैराथन प्रतियोगिता का आयोजन होगा तथा स्वच्छता की शपथ ली जायेगी। 23 सितंबर को प्रातः 8 बजे से पडित घाट, 24 सितंबर को गिर्राज घाट की साफ-सफाई के लिए अभियान चलाया जायेगा। 25 सितंबर को प्रातः 8 बजे स्वच्छता इकाईयों की साफ-सफाई के लिए नगरपालिका ट्रेचिंग ग्राउंड की सफाई और वृक्षारोपण किया जायेगा। 26 सितंबर को प्रातः 8 बजे से नवीन एकीकृत बस स्टैण्ड एवं दीनदयाल पार्क में सार्वजनिक संपत्तियों की सफाई एवं वृक्षारोपण किया जायेगा। 27 सितंबर को नगरपालिका कार्यालय श्योपुर में प्रातः 11 बजे से स्वच्छता प्रदर्शनी लगाई जायेगी। 28 सितंबर को प्रातः 8 बजे से गांधी पार्क से ब्लॉक कॉलोनी तक दोनो साइड में प्लास्टिक अपशिष्टों का संग्रहण किया जायेगा।
इसी क्रम में सफाई मित्रो के लिए 29 एवं 30 सितंबर को अपरान्ह 2 बजे से मेला रंगमंच पर स्वास्थ्य एवं सह कल्याण शिविर आयोजित किये जायेगे। 1 अक्टूबर को अपरान्ह 2 बजे से गांधी पार्क से जयस्तभ श्योपुर तक स्वच्छ फूड स्ट्रीट कार्यक्रम का आयोजन होगा। 02 अक्टूबर को प्रातः 7.30 बजे गांधी पार्क से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण के बाद पुनः गांधी पार्क तक प्रभात फेरी एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन होगा तथा प्रातः 10 बजे से निषादराज भवन जिला पंचायत परिसर में स्वच्छ भारत दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

कोर एरिया स्टॉफ के लिए विशेष सुविधाएं देने प्रस्ताव बनायें-वन मंत्री श्री रावत भारत में चीता पुर्नजीवन के सफल दो साल पूर्ण होने पर सेसईपुरा में कार्यक्रम आयोजित

कूनो नेशनल पार्क में चीता एवं वाइल्ड लाइफ अस्पताल का लोकार्पण
चीता मित्र प्रकृति एवं वन्यजीवो के संरक्षण के लिए उपयोगी


श्योपुर, 17 /9/ 2024
मध्यप्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण मंत्री  रामनिवास रावत ने सेंसईपुरा फॉरेस्ट परिसर में भारत में चीता पुर्नजीवन के सफल दो साल पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चीता प्रोजेक्ट से श्योपुर जिले को विश्वभर में पहचान मिली है, चीता प्रोजेक्ट से जुडे अधिकारियों, वन्यप्राणी विशेषज्ञो, वन्य प्राणी चिकित्सको एवं चीता मित्रो की कडी मेहनत तथा क्षेत्रीय नागरिकों की जागरूकता से कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट सफलता के सौपान पर आगे बढ रहा है। उन्होने कहा कि कोर एरिया में पदस्थ स्टॉफ को विशेष सुविधाएं देने के लिए वन विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जायेगा।
इस अवसर पर पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ  व्हीएन अम्बाडे, सदस्य एनटीसीए डॉ जीएस भारद्वाज, सलाहकार चीता प्रोजेक्ट डॉ एसपी यादव, डायरेक्टर लायन प्रोजेक्ट  उत्तम शर्मा, सीसीएफ ग्वालियर  टीएस सुलिया, डीएफओ कूनो  आर थिरूकुराल सहित भाजपा जिला उपाध्यक्ष  देवकीनंदन पालीवाल, भाजपा जिला महामंत्री  अरविन्द जादौन, मंडल अध्यक्ष  मेहरवान सिंह यादव,  बाबू सिंह यादव आदि जनप्रतिनिधि, चीता मित्र तथा अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
वन एवं पर्यावरण मंत्री  रामनिवास रावत ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विशेष प्रयासो से भारत में चीता प्रोजेक्ट के माध्यम से चीतो का पुर्नजीवन हुआ है, जिसके लिए वे बधाई के पात्र है। उन्होने चीता प्रोजेक्ट के दो साल सफल पूर्ण होने पर माननीय प्रधानमंत्री जी को शुभकामनाएं देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया तथा प्रोजेक्ट के लिए केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव का भी आभार जताया। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री के इस महत्वकाक्षी प्रोजेक्ट को मध्यप्रदेश की सरकार निरंतर आगे बढा रही है।
वन एवं पर्यावरण मंत्री  रामनिवास रावत ने कहा कि अधिकारियों, वन्य विशेषज्ञो के साथ ही चीता मित्र इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। चीता मित्र प्रकृति एवं प्राणियों का संरक्षण तथा पालन कर रहे है। आज 490 के लगभग चीता मित्र इस प्रोजेक्ट से जुडकर इसे सफल बनाने के लिए कार्यरत है।
इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री  रावत द्वारा महिला चीता मित्रो को साडी भेंटकर सम्मानित किया गया, इस दौरान चीता प्रोजेक्ट का वार्षिक प्रतिवेदन भी रिलीज किया गया। कार्यक्रम के दौरान चीता प्रोजेक्ट पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म का ट्रेलर भी लांच किया गया
इसके पूर्व पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ  व्हीएन अम्बाडे ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि चीता प्रोजेक्ट के अंतर्गत कूनो नेशनल पार्क का क्षेत्रफल 1235 वर्ग किलोमीटर से बढाकर 1777 वर्ग किलोमीटर किया गया है। उन्होने कहा कि आज चीता प्रोजेक्ट के तहत भारत की जमीन पर पैदा हुए 12 शावक इस प्रोजेक्ट की सफलता को दर्शाते है। चीता मित्र  चेतन भारद्वाज ने भी अपने विचार एवं अनुभव सांझा किये। इसके पूर्व चीता मित्रो द्वारा साईकिल जागरूकता रैली निकाली गई। कार्यक्रम की शुरूआत मॉ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलन के साथ हुई तथा अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में डीएफओ  आर थिरूकुराल द्वारा स्मृति चिन्ह भेट किये गये।
कूनो नेशनल पार्क में चीता एवं वाइल्ड लाइफ अस्पताल का लोकार्पण
वन एवं पर्यावरण मंत्री  रामनिवास रावत द्वारा कूनो नेशनल पार्क में 2 करोड 29 लाख रूपये की लागत से निर्मित चीता एवं वाइल्ड लाइफ अस्पताल का लोकार्पण किया गया।

नर्मदा तट पर बसे धार्मिक नगरों और स्थलों के आसपास मांस-मदिरा का उपयोग न हो – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर प्रदेश की सीमा तक किसी भी बसाहट का सीवेज नर्मदा नदी में न मिले
अमरकंटक में उद्गम स्थल से दूर भूमि चिन्हित कर सेटेलाइट सिटी विकसित की जाए
नर्मदा जी के आसपास चलने वाली गतिविधियों पर सेटेलाइट इमेजरी व ड्रोन टेक्नोलॉजी से रखी जाए नजर
जीआईएस से नर्मदा नदी के दोनों ओर के विस्तार का चिन्हांकन कर क्षेत्र के संरक्षण औरविकास के लिए विभिन्न विभाग समन्वित कार्ययोजना तैयार करें
नर्मदा परिक्रमा को प्रमुख धार्मिक पर्यटन गतिविधि के रूप में विकसित किया जाए
नर्मदा नदी के दोनों ओर पांच किलोमीटर तक प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ नर्मदा नदी के समग्र विकास पर ली मंत्रीमंडल समिति की बैठक
माँ नर्मदा के जल को निर्मल तथा प्रवाह को अविरल बनाए रखने केदिए निर्देश
श्योपुर, 13 सितंबर 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की जीवनदायनी मां नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक का प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमरकंटक विकास प्राधिकरण के माध्यम से किया जाए। भविष्य में होने वाली बसाहटों के लिए नर्मदा नदी के उद्गम स्थल से दूर भूमि चिन्हित कर सेटेलाइट सिटी विकसित की जाए। यह सुनिश्चित हो कि मां नर्मदा के प्राकट्य स्थल अमरकंटक से लेकर प्रदेश की सीमा तक किसी भी बसाहट का सीवेज नर्मदा नदी में नहीं मिले, इसके लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्य किया जाए। ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन के लिए नवीनतम तकनीकों का उपयोग हो। पर्यावरण संरक्षण के लिए नर्मदा जी के आसपास चलने वाली गतिविधियों पर सेटेलाइट इमेजरी व ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी नजर रखी जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए की नर्मदा नदी के तट पर बसे धार्मिक नगरों में और धार्मिक स्थलों व उनके आसपास मांस-मदिरा का उपयोग नहीं हो। उन्होंने नदी में मशीनों से खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मां नर्मदा नदी के जल को निर्मल तथा अविरल प्रवाह मान बनाए रखने के लिए कार्य योजना बनाने के उद्देश्य से सुशासन भवन में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल, परिवहन तथा स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री  रामनिवास रावत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
स्वयंसेवी संगठनों, आध्यात्मिक मंचों और जनसामान्य को भी सहभागी बनाया जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुण्य सलिता माँ नर्मदा प्रदेशवासियों केलिए श्रद्धा, विश्वास और आस्था का केन्द्र है। यह केवल नदी नहीं, हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। उपभोक्ता आधारित जीवनशैली में प्रकृति और पर्यावरण को जो नुकसान पहुंचाया है, उसके दुष्प्रभावों से नदियों और अन्य जल स्त्रोतों को बचाना आवश्यक है। राज्य सरकार ने मां नर्मदा के समग्र विकास का संकल्प लिया है और इस दिशा में निरंतर गतिविधियां जारी हैं। विभिन्न शासकीय विभागों के साथ स्वयंसेवी संगठनों, आध्यात्मिक मंचों और जनसामान्य की सक्रिय सहभागिता से नर्मदा संरक्षण, संवर्धन की योजना का आधुनिकतम तकनीक और संसाधनों का उपयोग करते हुए क्रियान्वयन किया जाएगा। नर्मदा संरक्षण के लिए सभी से सुझाव और नवाचारी उपाय आमंत्रित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर के उन्नयन के लिए कार्ययोजना बनाने और इस संबंध में केन्द्र सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से चर्चा के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा के समग्र विकास के लिए यह प्रारंभिक बैठक है। इस दिशा में क्रियान्वित की जा रही गतिविधियों की नवम्बर के दूसरे सप्ताह में पुनरू समीक्षा की जाएगी।
परिक्रमा पथ पर होम स्टे-भोजन व्यवस्था और इन्फॉरमेंशन सेंटर से स्थानीय युवाओं को रोजगार गतिविधियों से जोड़े
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस व ड्रोन सर्वे के माध्यम से नर्मदा नदी के दोनों ओर के विस्तार का चिन्हांकन कर क्षेत्र के संरक्षण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा समन्वित रूप से योजना तैयार की जाए। विश्व की यह एकमात्र नदी है, जिसकी परिक्रमा की जाती है। अतरू परिक्रमा को प्रमुख धार्मिक और पर्यटन गतिविधि के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से परिक्रमा करने वालों की सुविधा के लिए परिक्रमा पथ विकसित करने की दिशा में चरणबद्ध रूप से कार्य किया जाए। परिक्रमा पथ पर स्थानों को चिन्हांकित कर स्थानीय पंचायतों और समितियों के माध्यम से इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में गतिविधियां आरंभ की जाएं। इसके साथ ही परिक्रमा करने वालों के आवास व भोजन आदि की व्यवस्था के लिए स्व-सहायता समूहों और स्थानीय युवाआ को होम स्टे विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाए। परिक्रमा पथ पर साईन बोर्ड स्थापित करने के साथ स्थानीय स्तर पर इन्फॉरमेंशन सेंटर विकसित किए जाएं। इससे युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
नर्मदा क्षेत्र की समृद्ध बॉयोडायवर्सिटी के संरक्षण व प्रोत्साहन के लिए गतिविधियां संचालित की जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों ओर विद्यमान जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में साल और सागौन के पौधरोपण और जड़ी-बूटियों की खेती को प्रोत्साहित किया जाए और समृद्ध बॉयोडायवर्सिटी के संरक्षण व प्रोत्साहन गतिविधियों में वनस्पति शास्त्र और प्राणी शास्त्र के विशेषज्ञों को जोड़ते हुए गतिविधियां संचालित की जाएं। इसके साथ ही नदी के दोनों ओर पांच किलोमीटर तक प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाए, इससे कीटनाशक व अन्य रसायनों के नर्मदा जी में जाने से रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि नर्मदा क्षेत्र में भू-गर्भ की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों का भी संरक्षण किया जाए।
प्रदेश में नर्मदा किनारे विद्यमान हैं 430 प्राचीन शिव मंदिर और दो शक्तिपीठ
बैठक में जानकारी दी गई कि अमरकंटक से आंरभ होकर खम्बात की खाड़ी में मिलने वाली 1312 किलोमीटर लंबी नर्मदा नदी की मध्यप्रदेश में लंबाई 1079 किलोमीटर है। नर्मदा जी के किनारे 21 जिले, 68 तहसीलें, 1138 ग्राम और 1126 घाट हैं। नर्मदा किनारे 430 प्राचीन शिव मंदिर और दो शक्तिपीठ विद्यमान है। साथ ही कई स्थान और घाटों के प्रति जनसामान्य में पर्याप्त आस्था और मान्यता है। बैठक में मंत्री और अधिकारियों द्वारा भी सुझाव प्रस्तुत किए गए।

नाबालिग से छेडछाड करने वाले आरोपी को सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा

श्योपुर, 12 सितंबर 2024
माननीय सत्र न्यायालय श्योपुर द्वारा नाबालिग से छेडछाड के आरोपी दिलदार पुत्र अब्दुल सत्तार निवासी नवलपुरा थाना इंदरगढ बूंदी राजस्थान हाल निवासी मेवाती मोहल्ला श्योपुर को विभिन्न धाराओं के तहत सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा से दंडित किया गया है। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आरके बरैया द्वारा की गई।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादिया निवासी श्योपुर ने अपनी मां के साथ थाना आकर रिपोर्ट लिखवाई कि 11 जनवरी 2023 की शाम करीबन 05 बजे दुकान पर दाल लेने गयी थी तभी वहां दिलदार मोटरसाईकिल लेकर आया और उससे बोला चलो घूमकर आते है तो वह उसकी मोटरसाईकिल पर बैठ गई। दिलदार उसे लेकर शिवपुरी रोड पर लेकर गया आगे जाकर रोड़ किनारे दिलदार ने मोटरसाईकिल रोक दी और उसने बुरी नीयत से उसके साथ छेडछाड कर दी। घटना के पश्चात दिलदार उसे वापस छोड़ गया। जब उसका भाई उसे ढूढ़ता हुआ आया तो वह उसके साथ अपने घर चली गई। घटना से संबंधित बात उसने अपनी मॉ को बताई। फरियादिया की उक्त रिपोर्ट पर से थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 29/2023 धारा 354क, 1(आई) 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता के कथनों के आधार पर धारा 376(3), 363 भादवि 3/4 पॉक्सो एक्ट का ईजाफा किया गया। विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायालय पाक्सो एक्ट में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान न्यायालय द्वारा आरोपी दिलदार पुत्र अब्दुल सत्तार उम्र 30 साल निवासी नवलपुरा अभयपुरा थाना इन्दरगढ, बुंदी राजस्थान हाल निवासी मेवाती मोहल्ला श्योपुर को धारा 363 भा0द0सं0 में 05 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000 रूपये का जुर्माना तथा धारा 7/8 पाक्सो एक्ट में 04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 20,000 रूपये के जुर्माना से दण्डित किया गया है।

अलर्ट मोड पर प्रशासन, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश सूंडी गांव से 8 ग्रामीणों का रेस्क्यू

श्योपुर, 12 सितंबर 2024
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने श्योपुर जिले में अतिवर्षा के अलर्ट को दृष्टिगत रखते हुए बाढ एवं राहत कार्यो से जुडे अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये है। गत बुधवार को श्योपुर जिले में 82.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है तथा अगले 24 घंटे में मौसम विभाग की एडवाईजरी अनुसार सभी एसडीएम, तहसीलदारो एवं नायब तहसीलदारो को निर्देश दिये है कि रेवेन्यू अमले एवं अन्य स्त्रोतो के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी रखी जाये तथा विपरित परिस्थितियों में तत्काल कार्यवाही की जाये। उन्होने कहा कि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की सूचना पर तत्काल बाढ नियंत्रण कक्ष को अवगत कराया जाये एवं सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किये जायें। बाढ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे चालू है, जिसके माध्यम से निगरानी की जा रही है तथा नदियों के जलस्तर पर भी निगाह रखी जा रही है। उन्होने नागरिको से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे या जल भराव के क्षेत्र में न जाये, किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति एवं सहायता के लिए जिला स्तरीय बाढ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07530-222631 एवं 07530-221459 पर सूचना दी जा सकती है।
सूंडी गांव से 8 ग्रामीणों का रेस्क्यू
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा दिये गये निर्देशो के क्रम में सूंडी गांव से 8 ग्रामीण एसडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू किये गये है। मौके पर पहुंचे एसडीएम श्री मनोज गढवाल ने बताया कि पार्वती नदी के टापू पर बसे संूडी गांव से 8 ग्रामीण रेस्क्यू किये गये है तथा गांव में एहतियातन सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किये गये है। अमले द्वारा निगरानी रखी जा रही है। उन्होने बताया कि सीप नदी के किनारे की बस्तियो में मौसम विभाग के आगामी अलर्ट अनुसार सर्तकता बरती जा रही है, फिलहाल जल भराव की स्थिति नही है। सीएमओ श्री सतीश मटसेनिया ने बताया कि नगरपालिका का अमला सीप नदी के किनारे स्थित बस्तियों पर नजर रखे हुए है, वर्तमान में जल भराव की कही से सूचना नही है। तहसीलदार  अर्जुन सिंह भदौरिया ने जानकारी दी कि ग्राम हलगावडा में जल भराव की सूचना पर राजस्व अमले के साथ मौके पर पहुंचकर जल निकासी के प्रबंध किये गये है। बडौदा तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा ने बताया कि बडौदा में गत बुधवार की रात्रि को बारिश के कारण जल भराव वाले स्थानो पर नगर परिषद के अमले के माध्यम से जल निकासी के प्रबंध किये गये है। उन्होने बताया कि सामुदायिक अस्पताल बडौदा में वार्ड नंबर 15 बडौदा निवासी महिला को बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थी, जिसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी, मृतक की डेड बाडी वाहन से उसके घर पहुंचा दी गई है।
रपटो एवं पुलियाओं पर पानी होने की स्थिति में वाहन न निकाले
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा बाढ राहत एवं बचाव कार्यो के संबंध में जारी निर्देशो के क्रम में जिला परिवहन अधिकारी श्री आरएस चिकवा द्वारा वाहन चालको एवं मालिको के लिए एडवाईजरी जारी की गई है कि वर्षा ऋतु के समय नदी, नालो, पुलियाओं एवं रपटो में पानी ओवरफ्लो तथा खतरे के निशान पर होने की स्थिति में वाहनो को न निकाले। इसके साथ ही वाहनो में ओवर लोडिंग न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जायें। किसी भी प्रकार की घटना, दुर्घटना तथा मार्ग में खतरा होने पर जिला स्तरीय बाढ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर पर सूचना दी जायें।

जिला स्तरीय बाढ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07530-222631 एवं 07530-221459 पर सूचना दी जा सकती है।

अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारी-कर्मचारी अवकाश पर नहीं जाए – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोगों की जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें
मुख्यमंत्री ने दिए अतिवर्षा और बाढ़ से मृत्यु पर 4-4 लाख रूपए की सहायता देने के निर्देश
फसलों के नुकसान और पशुहानि का आंकलन कर यथाशीघ्र राहत राशि की जाए वितरित
जीर्ण-शीर्ण मकानों को चिहिन्त कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए
शुद्ध पेयजल, दवाओं और खाद्य सामग्री की पर्याप्त प्रबंधन सुनिश्चित करें
राहत शिविरों के संचालन में सामाजिक संस्थाओं का लिया जाए सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए बुलाई आपात बैठक
आगामी 2 दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान
श्योपुर, 12 /9/ 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 30 सितम्बर तक वर्षा की संभावना है। अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अधिकारी-कर्मचारी छुट्टी पर नहीं जाएं। अतिवर्षा के बावजूद भी जनजीवन सामान्य रहे, इसके लिए समय रहते आवश्यक सावधानियां बरतते हुए बचाव के कार्य किए जाएं। लोगों के जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, जनहानि के लिए संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा। अतिवर्षा और बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षा व सुविधा प्रदान करने के लिए राहत शिविर लगाएं और इसमें सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी सहयोग लिया जाएं। बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का आँकलन और पशु हानि की जानकारी भी यथाशीघ्र लेना आरंभ किया जाए। राहत राशि के वितरण में विलंब न हो, बाढ़ और अतिवृष्टि से पीड़ितों को राहत के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, दवाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में अति वर्षा से निर्मित स्थिति और बचाव के लिए समत्व भवन में ली गई आपात बैठक में उक्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जिलों की स्थिति की समीक्षा की। वी.सी. में समस्त संभागीय आयुक्त, आईजी, कमिश्नर आफ पुलिस, जिला कलेक्टर, एसपी जुडें।
निचली बस्तियों में रहने वालों को समय रहते सतर्क किया जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वर्षा का चक्र बदलने के कारण सितंबर माह में जितनी वर्ष होनी चाहिए उससे अधिक हो रही है। निचली बस्तियों में रहने वालों को समय रहते सतर्क किया जाए और आवश्यकता अनुसार उन्हें राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन रपटों और पुलों पर पानी है, वहाँ तत्काल आवश्यक सावधानी व सतर्कता बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अति वर्षा के प्रभाव से हुई जनहानि और पशु हानि की स्थिति में राहत उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टरों को जनहानि की स्थिति में चार-चार लाख रुपए की सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा कर कलेक्टरों को तत्काल राशि परिजन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बाढ़ में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट करने की तत्काल व्यवस्था की जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां पर भी बाढ़ के पानी में लोग फंसे हैं उन्हें हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट करने की तत्काल व्यवस्था की जाए। पुराने जीर्ण-शीर्ण भवनों को चिन्हित कर सुरक्षात्मक व्यवस्था की जाए और आवश्यकता होने पर निवासियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए। समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर कुमार सक्सेना सहित, प्रमुख सचिव, जल संसाधन, गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, राजस्व, लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा उपस्थित थे।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में सक्रिय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में गुना, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, राजगढ़, टीकमगढ़ के कलेक्टर से जिले में अति वर्षा और बाढ़ संबंधी जानकारी प्राप्त की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अवगत कराया गया कि दतिया जिले के भांडेर के निकट पोहुच नदी में 18 लोग फंसे हैं, डबरा में भी लोगों के पानी में फंसे होने की सूचना है। मुरैना में पेड़ के नीचे दबने से एक व्यक्ति की मृत्यु और तीन लोगों के घायल होने का समाचार है। बैठक में बताया गया कि बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए झांसी, बरेली और गोरखपुर से हेलीकॉप्टरों को रवाना किया जा रहा है। टीकमगढ़ में बचाव व राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीम बुला ली गई है। ग्वालियर चंबल क्षेत्र में एसडीआरएफ की टीम बोट व अन्य बचाव सामग्री के साथ सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आगामी दिनों में वर्षा की संभावनाओं को देखते हुए बाढ़ की पूर्व सूचना और प्रचार-प्रसार की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने आवश्यक वस्तुओं के पर्याप्त भंडारण के निर्देश दिए।
अब तक प्रदेश में औसत से 14 प्रतिशत अधिक हुई वर्षा
बैठक में बताया कि प्रदेश में 11 सितम्बर तक 991.9 मिली मीटर वर्षा हो चुकी है यह औसत से 14 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 12 जिलों राजगढ़, खरगोन, भोपाल, सिवनी, मंडला, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, बड़वानी, शिवपुरी, सिंगरौली, नीमच, अलीराजपुर, ग्वालियर और गुना में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। आगामी 2 दिनों में भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। इसके बाद वर्षा में कमी की संभावना है। मौसम विभाग द्वारा भिंड, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर कला, आगर-मालवा, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और राजगढ़ में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वर्तमान में प्रदेश के 54 में से 31 बांधों के गेट खुले हैं। विभिन्न जिलों में राहत शिविर संचालित हैं।
भीड़ भरे आयोजनों में इलेक्ट्रिक सेफ्टी सहित सावधानी बनाए रखने के लिए दिए निर्देश
बैठक में नदियों, बांधों और जलाशयों के जल स्तर पर लगातार नजर रखने, बचाव के लिए आवश्यक सामग्री, राहत शिविरों की उचित व्यवस्था, जिन शालाओं के भवन जीर्ण-शीर्ण हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था करने, गणेश पंडालों तथा अन्य सामाजिक, धार्मिक और भीड़ भरे आयोजनों में इलेक्ट्रिक सेफ्टी सुनिश्चित करने, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, पर्याप्त दवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। आगामी दिनों में भी वर्षा की संभावना को देखते हुए अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन स्थलों पर प्रकाश, नाव, गोताखोरों, चिकित्सा दल, साफ-सफाई, बचाव दल की व्यवस्था करते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने के लिए भी जिले के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया।
वीसी के दौरान एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड, पुलिस अधीक्षक  वीरेन्द्र जैन, अपर कलेक्टर डॉ अनुज कुमार रोहतगी, एडिशनल एसपी  सतेन्द्र सिंह तोमर, डिप्टी कलेक्टर  वायएस तोमर, आरआई पुलिस  अखिलेश शर्मा, सीएमओ  सतीश मटसेनिया, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन  आरएन शर्मा, होमगार्ड के प्लांटून कंमाडर  राहुल शर्मा आदि उपस्थित थे।

उडीसा से वापस आये छात्रो ने कलेक्टर से की भेंट

श्योपुर, 11 सितंबर 2024
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड से जवाहर नवोदय विद्यालय मालकानगिरी उडीसा से वापस आये छात्रों ने अपने अभिभावको के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर भेंट की। यह छात्र माइग्रेशन प्रोग्राम के तहत नवोदय विद्यालय श्योपुर से उड़ीसा के मालकानगिरी नवोदय विद्यालय में पढ़ने के लिए गए थे। अब ये छात्र अकादमिक सत्र श्योपुर में ही पूर्ण करेगे।
मालकानगिरी पढने गये श्योपुर के बच्चों को वहां समस्या होने पर कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने केन्द्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली के अधिकारियों से चर्चा के दौरान प्रस्ताव रखा था कि इस सत्र के लिए बच्चों को श्योपुर विद्यालय में पढ़ने दिया जाए जिस पर केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा सहमति प्रदान की गई थी, इसी क्रम में बच्चें आज जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर में वापस आ गये है। श्योपुर आने पर छात्रो द्वारा प्रिंसिपल एवं अभिभावको के साथ कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड से भेंट की गई। इस अवसर पर प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर  केके कटियार, पूर्व जिला पंचायत सदस्य  अशोक गर्ग भी मौजूद रहें।

वन विभाग के खिलाड़ियों की खेल सुविधा विस्तार के लिये आवश्यक कदम उठाये जायेंगे – वन मंत्री रावत

जीवन में स्वस्थ रहने के लिये खेल बहुत आवश्यक है
27वीं राज्य स्तरीय वन खेलकूद प्रतियोगिता-2024 के समापन समारोह में शामिल हुए
श्योपुर, 09 सितंबर 2024
वन मंत्री  रामनिवास रावत ने कहा कि वन विभाग के खिलाड़ियों की खेल सुविधा में विस्तार के लिये आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। जीवन में स्वस्थ रहने के लिये खेल बहुत आवश्यक है। वन विभाग के अमले को स्मार्ट रहना बहुत जरूरी है, जिससे कि वह वनों की सुरक्षा अच्छे से कर सकें। खेल भावना से प्रेरित होकर कार्य करने से कार्य-क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे हम वनों के संरक्षण और पर्यावरण को बनाये रखने के लिये अपनी भूमिका का निर्वाह अच्छे से कर पायें। वन मंत्री श्री रावत आज तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल में आयोजित 27वीं राज्य स्तरीय वन खेलकूद प्रतियोगिता-2024 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
वन मंत्री  रावत ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जो प्रतिभागी प्रतियोगिता में सफल नहीं हो पाये हैं, उन्हें भी मैं उनके प्रयास के लिये धन्यवाद देता हूँ और आगे वे भी अपनी लगन को बनाये रखें। उन्हें भविष्य में जरूर सफलता प्राप्त होगी। वन मंत्री  रावत ने कहा कि वन विभाग के फील्ड के अमलों को सप्ताह में एक बार खेल प्रतियोगिएँ आयोजित की जानी चाहिये। मंत्री श्री रावत ने समापन कार्यक्रम में राज्य स्तरीय वन खेल प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों को शील्ड एवं मैडल प्रदान कर पुरस्कृत किया। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों से कहा कि आगे भी भविष्य में वन विभाग की प्रतियोगिता में नियमित रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि मैं राज्य स्तरीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में उपस्थित होकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। उन्होंने कहा कि रायपुर, छत्तीसगढ़ में 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन करें।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  असीम श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण देकर सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्द्धन किया और मुख्य अतिथि के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में अखिल भारतीय वन सेवा, राज्य स्तरीय वन सेवा और वन विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये मध्यप्रदेश टीम का चयन करने के लिये 7 सितम्बर से 9 सितम्बर तक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इन खेलों में वन विभाग प्रदेश के विभिन्न वृत्त, वन मण्डल एवं मुख्यालय के खिलाड़ियों द्वारा हिस्सा लिया गया। वन बल प्रमुख ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतियोगियों द्वारा किये गये प्रदर्शन एवं पिछली अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता के मापदण्डों के आधार पर इस वर्ष की राज्य स्तरीय टीम का चयन एक सप्ताह में किया जायेगा। वन बल प्रमुख ने बताया कि 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये चयनित खिलाड़ियों का भोपाल में प्रशिक्षण शिविर लगाया जायेगा, जिससे प्रतियोगी अपने प्रदर्शन के स्तर में सुधार ला सकें।
वन बल प्रमुख  श्रीवास्तव ने बताया कि 27वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 16 से 20 अक्टूबर, 2024 को रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रही है। छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा इस प्रतियोगिता का तीसरी बार आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में कुल 264 इवेन्ट्स रखे गये हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष 26वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश दल द्वारा विभिन्न स्पर्धाओं में 34 स्वर्ण, 32 रजत एवं 24 काँस्य पदक, कुल 90 पदक प्राप्त कर चतुर्थ स्थान प्राप्त किया था। वन विभाग में खेल प्रतियोगिताओं की शुरूआत वर्ष 1992 से हुई है। भारत सरकार द्वारा अखिल भारतीय खेलकूद प्रतियोगिता प्रारंभ करने की घोषणा की गई थी।

श्रद्धालुओ के आकाशीय बिजली गिरने से घायल होने की खबर हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे वन मंत्री रावत

श्योपुर, 07 सितंबर 2024
विजयपुर क्षेत्र के छिमछिमा हनुमान जी मंदिर पर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओ के आकाशीय बिजली गिरने से घायल होने की खबर पर वन मंत्री  रामनिवास रावत ने सामुदायिक अस्पताल विजयपुर पहुंचकर कुशलक्षेम जाना तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उचित उपचार के निर्देश दिये गये।
तहसीलदार  सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि छिमछिमा मेले के दौरान मंदिर पर दर्शन के लिए आ रहे 5 श्रद्धालु आकाशीय बिजली गिरने से आंशिक रूप घायल हो गये थे। इस सूचना पर तत्काल ही एसडीएम एवं तहसीलदार के वाहनो से पांचो श्रद्धालुओ को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र विजयपुर भेजा गया। उक्त पांचो श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती है तथा उपचार चल रहा है तथा स्वास्थ्य में सुधार है।
कलेक्टर ने दिये समुचित उपचार के निर्देश
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने सीएमएचओ डॉ जेएस राजपूत को निर्देश दिये है कि छिमछिमा मेले में मंदिर पर दर्शन के लिए आने के दौरान आकाशीय बिजली से घायल हुए श्रद्धालुओं के लिए उपचार की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें। उन्होने निर्देश दिये कि सामुदायिक अस्पताल विजयपुर में भर्ती श्रद्धालुओं को समुचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जायें।

कलेक्टर की पहल रंग लाई, जल्द सभी छात्र उड़ीसा से वापस श्योपुर लौटेंगे ,श्योपुर नवोदय में ही करेंगे सत्र पूर्ण

 

माइग्रेशन प्रोग्राम के तहत नवोदय विद्यालय श्योपुर से उड़ीसा के मलकानगिरी नवोदय विद्यालय में पड़ने के लिए गए छात्र वापस श्योपुर लौटेंगे तथा ये अकादमिक सत्र श्योपुर में ही पूर्ण करेगे, कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने केन्द्रीय विधालय संगठन नई दिल्ली के अधिकारियों से चर्चा के दौरान प्रस्ताव रखा था कि इस सत्र के लिए बच्चों को श्योपुर विद्यालय में पढ़ने दिया जाए जिस पर केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सहमति प्रदान कर दी है अब यह बच्चें श्योपुर में ही पढेंगे बच्चों को मलकानगिरी नवोदय विद्यालय से श्योपुर लाये जाने की प्रकिर्या की जा रही है 

 आप को बतादें की उडीसा  में रैगिंग के शिकार छात्रो के परिजनो की मांग पर जिला कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने नवोदय विद्यालय नई दिल्ली को एक प्रस्ताव बनाकर भेजा जिसे स्वीकार कर लिया गया है, जिसमें उल्लेख किया गया कि श्योपुर के 16 छात्रो का माइग्रेशन कैंसल कर श्योपुर में ही कन्टीन्यू किया जायेगा। इस मामले में कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने बताया कि उड़ीसा के मलखानगिरी में नवोदय विद्यालय में श्योपुर के छात्रो के साथ रैगिंग की घटना को लेकर नवोदय विद्यालय समिति नई दिल्ली के आयुक्त  विनायक गर्ग एवं मलखानगिरी के डीएम  आशीष पाटी से चर्चा की गई थी,

जिसके बाद सभी छात्रो को वापस बुलाने की व्यवस्था कर दी गई है, इसके साथ ही सभी छात्रो को वापस लाकर माइग्रेशन को आगे बढ़ाया जायेगा। इस सम्बंध में एक प्रस्ताव जिला प्रशासन द्वारा भेजा गया था जिसमें पूरे मामले की वास्तुस्थिति से अवगत कराया गया था एवं परिजनो की मांग पर आधारित प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है