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लाडली बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा: मुख्यमंत्री ने 27वीं किस्त के साथ 250 रुपये का विशेष शगुन भी भेजा

 

श्योपुर, 07 अगस्त 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख बहनों को एक साथ 1857 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा बहनों को रक्षाबंधन पर्व का शगुन स्वरूप 250 रुपये की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई। इस प्रकार प्रत्येक हितग्राही बहना को कुल 1500 रुपये की राशि मिली।

राज्य स्तरीय यह कार्यक्रम राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ से सिंगल क्लिक के माध्यम से आयोजित किया गया, जिसका लाइव प्रसारण श्योपुर जिले के एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम के रूप में देखा गया। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री महेन्द्र कुमार अम्ब सहित लाभार्थी बहनाएं उपस्थित रहीं।

श्योपुर जिले की 1 लाख 8 हजार 574 लाडली बहनों के खातों में पहुंचे 1500-1500 रुपये

इस अवसर पर श्योपुर जिले की कुल 1 लाख 08 हजार 574 लाडली बहनाओं के खातों में कुल 16 करोड़ 05 लाख 51 हजार 600 रुपये की राशि अंतरित की गई। योजना के तहत जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की बहनाओं को लाभ मिला, जिनमें शामिल हैं:

  • नगरपालिका श्योपुर क्षेत्र – 11,737 बहनाएं

  • नगर परिषद बड़ौदा – 3,389 बहनाएं

  • नगर परिषद विजयपुर – 2,822 बहनाएं

  • जनपद पंचायत श्योपुर – 43,801 बहनाएं

  • जनपद पंचायत कराहल – 11,618 बहनाएं

  • जनपद पंचायत विजयपुर – 35,210 बहनाएं

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 28 लाख हितग्राहियों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग हेतु 43 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि भी अंतरित की।

लाडली बहनों के चेहरों पर रक्षाबंधन से पूर्व मिली यह सौगात एक सुखद मुस्कान और आत्मबल लेकर आई है। कार्यक्रम के दौरान बहनों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है।

रक्षाबंधन पर “सेहत और स्नेह का संगम” थीम पर एनीमिया जागरूकता अभियान

मॉ-संवाद मंच, सेहत की राखी और मॉ की चिट्ठी जैसी नवाचार गतिविधियाँ होंगी आयोजित

श्योपुर, 06 अगस्त 2025
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत अभियान को लेकर श्योपुर जिले में इस वर्ष रक्षाबंधन पर एक अनोखी पहल की जा रही है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में “रक्षा का बंधन – सेहत और स्नेह का संगम” थीम पर विशेष जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य किशोरियों, महिलाओं, बच्चों एवं माताओं में एनीमिया की रोकथाम और उपचार के प्रति समुदाय को जागरूक करना है। स्वास्थ्य एवं संस्कृति के समन्वय के इस अभिनव प्रयास में मॉ-संवाद मंच, सेहत की राखी, मॉ की चिट्ठी जैसी प्रेरणादायक गतिविधियाँ सम्मिलित की गई हैं।

मुख्य गतिविधियाँ इस प्रकार होंगी:

🔸 मातृ चौपाल एवं सीखो आयरन सीरप देना कार्यक्रम – 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों की माताओं को आयरन सीरप के महत्व की जानकारी दी जाएगी। लाइव डेमो के माध्यम से सही तरीके से सीरप पिलाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

🔸 मॉ-संवाद मंच – 3 से 5 वर्ष के बच्चों की माताओं को आंगनबाड़ी भेजने, पोषण, आयरन सप्लीमेंट और एनीमिया की रोकथाम संबंधी जानकारी दी जाएगी।

🔸 अनुपूरण थाली व स्वस्थ थाली प्रदर्शन – संतुलित आहार व आयरन युक्त खाद्य पदार्थों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।

🔸 मॉ की चिट्ठी कार्यक्रम – माताएं अपने बच्चों के नाम पत्र लिखेंगी, जिसमें वे उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को लेकर अपने विचार व भावनाएं साझा करेंगी। इन चिट्ठियों को सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा।

🔸 सेहत की राखी – आयरन के संग – राखियों के साथ जागरूकता स्लोगन, कार्ड्स व टैग लगाए जाएंगे। इन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदर्शित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त जागरूकता रैली, गीत, नारे लेखन, शपथ कार्यक्रम, सेल्फी अभियान आदि भी आयोजित होंगे। इन सभी गतिविधियों को ब्लॉक स्तर पर बीएमओ के निर्देशन में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, समुदाय प्रेरक, सीएचओ, एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से क्रियान्वित किया जाएगा।

यह अभियान स्वास्थ्य के साथ भावनाओं को जोड़ते हुए रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक पर्व को एक नए आयाम देने का प्रयास है।

रक्षाबंधन पर बंदियों से खुली मुलाकात के निर्देश जारी केवल महिलाएं और 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ही प्रवेश मिलेगा

श्योपुर, 06 अगस्त 2025
रक्षाबंधन पर्व के मद्देनज़र जिला जेल श्योपुर में बंदियों से मिलने हेतु खुली मुलाकात के निर्देश जारी किए गए हैं। जेल अधीक्षक श्री प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक बंदियों से मिलने की अनुमति रहेगी।

इस विशेष अवसर पर केवल बंदियों की महिला परिजन एवं 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ही जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। प्रत्येक महिला को बंदी से मिलने के लिए अधिकतम 10 मिनट का समय दिया जाएगा।

मुलाकात करने वाली महिलाओं को किसी एक वैध पहचान पत्र—जैसे आधार कार्ड, राशनकार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड—के साथ आना अनिवार्य है।

जेल प्रशासन ने बताया कि पूजा की थाल जिसमें हल्दी, कुमकुम, चावल आदि सामग्री होगी, जेल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। बहनें साधारण राखी लेकर आ सकेंगी।

सुरक्षा नियमों के तहत मिठाई, गजक या सोनपपड़ी जैसी मिठाई 250 ग्राम तक ही ले जाने की अनुमति दी गई है।

जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि बंदियों से मुलाकात के लिए महिलाएं जेल के बाहर एकत्र होंगी और सामूहिक रूप से मुलाकात कराई जाएगी। किसी भी बंदी को बार-बार मुलाकात के लिए नहीं बुलाया जाएगा।

जेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि तलाशी के दौरान सहयोग करें और किसी भी प्रकार का विवाद जेल कर्मियों से न करें।

बड़ौदा में जलभराव और बाढ़ से स्थायी राहत हेतु ठोस कार्ययोजना बने – नरेन्द्र सिंह तोमर

आपदा प्रबंधन को लेकर वर्चुअल बैठक, प्रभारी मंत्री और सांसद भी जुड़े, 33 करोड़ की योजना की जानकारी

श्योपुर, 05 अगस्त 2025
हर वर्ष बड़ौदा कस्बे में जलभराव और बाढ़ की विकट स्थिति से निपटने के लिए अब स्थायी समाधान की दिशा में कार्य शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता नरेन्द्र सिंह तोमर ने निर्देश दिए कि ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि हर वर्ष अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं से लोगों को राहत मिल सके।

वे मंगलवार को आयोजित बाढ़ आपदा प्रबंधन पर जिला स्तरीय बैठक को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल निकासी की उपयुक्त व्यवस्था के लिए तकनीकी रूप से सक्षम प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेजा जाए, जिससे स्वीकृति के उपरांत त्वरित कार्य हो सके।

बैठक में प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला एवं क्षेत्रीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और उन्होंने बाढ़ राहत, क्षति आकलन, मुआवजा वितरण, एवं संवेदनशील गांवों के लिए पूर्व-तैयारी पर बल दिया।

33 करोड़ का प्रस्ताव तैयार, हाईराइज पुल और डायवर्शन योजना शामिल

बैठक में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बताया कि बड़ौदा क्षेत्र के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा ₹33 करोड़ की लागत से एक विस्तृत परियोजना बनाई गई है। इसमें बड़ौदा से होकर गुजरने वाले तीन प्रमुख नालों को डायवर्ट कर अहेली नदी से जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही एमपीआरडीसी के अंतर्गत बड़ौदा कस्बे में तीन स्थानों पर हाईराइज पुल निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा गया है।

कलेक्टर ने यह भी अवगत कराया कि इस वर्ष अब तक जिले में 1083 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से लगभग 20% अधिक है। 29-30 जुलाई को कोटा बैराज और कालीसिंध बांध से जल छोड़ने के कारण चंबल एवं पार्वती नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ की आशंका बनी, लेकिन आपदा पूर्व तैयारियों और त्वरित राहत कार्यों से स्थिति नियंत्रित रही।

राहत कार्यों में तेजी, 60 गांव रहे अलर्ट पर

कलेक्टर ने बताया कि जिले में बाढ़ प्रभावित 60 गांवों में अलर्ट जारी किया गया था। इस दौरान 11 राहत शिविरों का संचालन किया गया एवं प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत सहायता के प्रकरण भी लगातार स्वीकृत किए जा रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों के सुझाव – ब्रिज, डैम, अतिक्रमण हटाने पर दिया बल

बैठक के दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न उपयोगी सुझाव दिए, जिनमें शामिल हैं:

  • नागदा रोड, नहर पुल और मानपुर में निर्माणाधीन पुलों को शीघ्र पूर्ण कराना।

  • आवदा बांध के कैचमेंट एरिया में पूरक स्टॉप डैम का निर्माण।

  • बड़ौदा के रतोदन नाले को रातड़ी नदी में डायवर्ट करना।

  • किला गेट, गांधी पार्क, टोडी बाजार जैसे जलभराव वाले क्षेत्रों में अंडरग्राउंड पाइप नाले का निर्माण।

  • सभी नालों से अतिक्रमण हटाकर नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करना।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, भाजपा जिलाध्यक्ष शशांक भूषण, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु गर्ग, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर सिंह सिसोदिया, पूर्व जिला अध्यक्ष  सुरेन्द्र जाट, नगर परिषद बड़ौदा के प्रतिनिधि, विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

कारगिल विजय दिवस पर वीरता को किया नमन

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में हुए विविध कार्यक्रम, चित्र प्रदर्शनी और डॉक्यूमेंट्री ने बाँधा देशभक्ति का माहौल

श्योपुर, 05 अगस्त 2025
कारगिल युद्ध के वीर जवानों की शौर्यगाथा को समर्पित कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर वीरता और बलिदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके पश्चात परिचर्चा सत्र में शहीदों के अद्भुत साहस और प्रेरणादायक प्रसंगों को साझा किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओ.पी. शर्मा ने कैप्टन विक्रम बत्रा सहित अनेक परमवीर चक्र विजेताओं के शौर्य की गाथाएं सुनाईं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित आदर्श कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.डी. राठौर ने कहा कि “कारगिल के शहीद सैनिक हमारी प्रेरणा हैं, युवाओं को उनके बलिदान से सीख लेकर देश सेवा के लिए प्रेरित होना चाहिए।”

प्रो. विपिन बिहारी शर्मा ने कहा, “हम आज जो साँस ले रहे हैं, वह इन शहीदों के त्याग और बलिदान की बदौलत है।” वहीं डॉ. सुभाष सिंह ने कारगिल युद्ध के समय देशभर में फैली एकता और उत्साह के उदाहरण दिए और बताया कि कैसे पूरा देश एकजुट था।

राजनीति शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश भारद्वाज, जो खुद एक फौजी परिवार से हैं, ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि सैनिकों के साथ-साथ उनके लिए हथियार एवं उपकरण तैयार करने वाले वैज्ञानिकों को भी उतनी ही श्रद्धा से याद किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी अपने विचार और देशभक्ति की भावना प्रकट की। प्रीति टैगोर, ताजिब अली, पवन योगी, जतिन शिवहरे जैसे छात्रों ने सैनिकों के पराक्रम पर जोशीले वक्तव्य दिए।

🎨 कार्यक्रम में भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से भी दिखाया गया, जिसे विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह से देखा।
🎶 शिवानी वाल्मीकि एवं नंदिनी जाट द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रभक्ति गीतों ने माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया।
🎥 इसके अतिरिक्त कारगिल युद्ध पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और उन्होंने वीर शहीदों के प्रति गौरव और सम्मान प्रकट किया।

भीषण बारिश में जब शहर सोया था, तब छाता लिए सड़कों पर थे कलेक्टर – संवेदनशील कार्यों के लिए सम्मानित


श्योपुर, 04 अगस्त 2025

जब आसमान से मूसलधार बारिश थमने का नाम नहीं ले रही थी, जब सीप नदी का पानी खतरे की रेखा को पार कर शहर को डुबोने की ओर बढ़ रहा था, तब श्योपुर के कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा एक छाता लिए सड़कों पर डटे हुए थे। ना नींद की परवाह, ना आराम की चिंता – बस जनता की सुरक्षा का संकल्प और कर्तव्य की भावना।

इस मानवीय संवेदनशीलता, सजगता और कर्तव्यपरायणता को नमन करते हुए क्षत्रिय महासभा के संरक्षक भूपेन्द्र सिंह तोमर और बड़ौदा के गणमान्य नागरिकों ने कलेक्टर वर्मा को पगड़ी और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर  जयदीप तोमर, शिवजी मारवाड़ी सहित अन्य नागरिकों ने भी अपने भाव प्रकट किए।

गत मंगलवार-बुधवार की रात जब सीप नदी उफान पर थी, शहर में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था। उस समय कलेक्टर वर्मा न सिर्फ कंट्रोल रूम से पल-पल की स्थिति पर नजर रखे हुए थे, बल्कि खुद भारी बारिश में छाता लेकर गलियों और मोहल्लों का भ्रमण कर रहे थे। उन्होंने सूंडी, सांड, रेशम कॉलोनी जैसे प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान चलवाया, राहत शिविर बनवाए, और हर व्यक्ति तक मदद पहुंचाई।

बड़ौदा कस्बे में जलभराव की स्थिति देखने खुद जेसीबी में बैठकर बस्तियों तक पहुंचे, सड़कों की खुदाई करवाई, पानी निकासी के इंतजाम कराए, और जनजीवन सामान्य हो – इसके लिए हर जरूरी कदम उठाया।

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि भविष्य में बड़ौदा में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तीन स्थानों पर हाईराइज़ पुल निर्माण का प्रस्ताव एमपीआरडीसी को भेजा गया है, जिससे स्थायी समाधान संभव हो सके।

जब शहर संकट में था, तब एक प्रशासक नहीं, एक प्रहरी बनकर उतरे कलेक्टर वर्मा – जनता ने कृतज्ञता से झुकाया सिर।

15 अगस्त की तैयारियां जोरों पर — मुख्य समारोह वीर सावरकर स्टेडियम में, तिरंगा यात्रा 13 को


कलेक्टर ने दिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश

श्योपुर, 04 अगस्त 2025:
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर श्योपुर में तैयारियों का दौर शुरू हो गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ अतेन्द्र सिंह गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया, एसडीएम  गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर संजय जैन व बीएस श्रीवास्तव, एसडीओपी राजीव गुप्ता एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर वर्मा ने बताया कि जिला स्तरीय मुख्य समारोह वीर सावरकर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों, परेड, पौधरोपण एवं मध्यान्ह भोजन जैसी गतिविधियां शामिल रहेंगी। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्य अतिथियों के साथ बच्चों के मध्यान्ह भोजन हेतु विद्यालयों का चयन किया जाए।

🎭 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए SDM की अध्यक्षता में चयन समिति गठित होगी, और मुख्य समारोह से पूर्व नियमित रिहर्सल आयोजित की जाएगी।
🏫 15 अगस्त को सभी शासकीय कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में सुबह 8 बजे या उससे पूर्व ध्वजारोहण, और मुख्य समारोह में 9 बजे ध्वजारोहण के साथ मुख्यमंत्री जी का संदेश पढ़ा जाएगा।

13 अगस्त को निकलेगी भव्य तिरंगा यात्रा

हर घर तिरंगा अभियान के तहत 13 अगस्त को सुबह 8 बजे गांधी पार्क स्थित नगरपालिका भवन से तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील स्तर पर भी तिरंगा यात्राएं सुनिश्चित की जाएं।

24 सहरिया बाहुल्य गांवों में बन रहे मल्टी परपज सेंटर (MPC), एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुविधाएं

स्वास्थ्य, पोषण, स्किल डवलपमेंट और स्वरोजगार पर रहेगा विशेष फोकस

श्योपुर, 03 अगस्त 2025
पीएम जनमन योजना के तहत श्योपुर जिले के 24 सहरिया बाहुल्य ग्रामों में मल्टी परपज सेंटर (एमपीसी) का निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। प्रत्येक केंद्र की निर्माण लागत लगभग 60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इन केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।

एमपीसी के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य, पोषण, स्किल डवलपमेंट, वोकेशनल एजुकेशन, वित्तीय साक्षरता और सांस्कृतिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जानकारी दी कि आरईएस को कार्य की क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, जिसमें कुछ सेंटर नींव स्तर तक और कुछ छत स्तर तक पूर्ण हो चुके हैं।

जनजातीय समुदाय के लिए समर्पित पीएम जनमन योजना के तहत इन केंद्रों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत की जाएंगी। इसके लिए एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु कौशल उन्नयन और परंपरागत व्यवसायों में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

एमपीसी को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि यहां आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएं, बैंकिंग कियोस्क, प्रशिक्षण कक्ष, सांस्कृतिक हॉल और ऑफिस संचालन की सभी व्यवस्थाएं होंगी। इन केंद्रों का संचालन ग्राम सभा और जिला स्तरीय निगरानी समिति के माध्यम से किया जाएगा।

इन 24 ग्रामों में बन रहे हैं मल्टी परपज सेंटर:

  1. दांतरदा खुर्द (आदिवासी बस्ती)

  2. खाखरिया का सहराना धीरोली

  3. बर्धा बुजुर्ग मोहल्ला

  4. महू

  5. बागल्दा सहराना

  6. इन्द्रपुरी सहराना राडेप

  7. जखोदा सहराना अगरा

  8. छापर आरोदा (आदिवासी बस्ती)

  9. मोहनपुर कीजरी

  10. बुढेरा

  11. टर्राकला (सहरिया कॉलोनी)

  12. कलारना

  13. रतनपुर पनवाडा

  14. मयापुर

  15. आवदा (आदिवासी बस्ती)

  16. गोरस (इन्द्रा कॉलोनी)

  17. भोटूपुरा खेराई

  18. सेसईपुरा (सेटलमेंट बस्ती)

  19. पिपरानी (पच्चीस कॉलोनी)

  20. ककरधा (गणेश मोहल्ला)

  21. भेला (पुरानी सहराना)

  22. निमोदामठ (ऊँची कॉलोनी)

  23. अजनोई

  24. गणेश मोहल्ला ककरधा

2263 बच्चों को मिल रहा मिशन वात्सल्य योजना का लाभ

श्योपुर | 03 अगस्त 2025

प्रतिमाह 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता | कलेक्टर की संवेदनशील पहल से बढ़ी बच्चों की संख्या

श्योपुर जिले में निराश्रित और बेसहारा बच्चों के लिए राहत की खबर है। जिले के 2263 बच्चों को मिशन वात्सल्य योजना के तहत स्पॉन्सरशिप योजना का सीधा लाभ मिल रहा है। इन बच्चों को प्रत्येक माह ₹4,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे उनके अध्ययन, पोषण और भरण-पोषण की जरूरतें पूरी हो सकें।

महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्रीमती रिशु सुमन ने जानकारी दी कि योजना का लाभ उन बच्चों को दिया जा रहा है जिनके माता-पिता नहीं हैं और वे अपने दादा-दादी या नाना-नानी के साथ रह रहे हैं, अथवा जिनके पिता नहीं हैं और वे अपनी मां के साथ रह रहे हैं।

2024-25 में 1942 बच्चों को मिला था लाभ

वित्तीय वर्ष 2024-25 में मिशन वात्सल्य योजना के तहत 1942 बच्चों के लिए ₹6 करोड़ 22 लाख का बजट स्वीकृत किया गया था, जिसे सभी पात्र बच्चों के खातों में अंतरित किया जा चुका है।

2025-26 में बढ़कर 2263 हुए लाभार्थी

वर्ष 2025-26 में यह संख्या 2263 हो गई है। यह वृद्धि कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा की संवेदनशीलता एवं सतत निगरानी का परिणाम है। जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से पात्र बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ा जा रहा है। कलेक्टर द्वारा ऐसे बच्चों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।


👉 उल्लेखनीय है कि श्योपुर जिले में मिशन वात्सल्य योजना अब एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है, जिससे कई निराश्रित बच्चों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा की भावना पैदा हुई है।

🖊️ रिपोर्ट: क्राइम नेशनल न्यूज़
📞 संपर्क: www.crimenationalnews.com | @crimenewsindia

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा नगदी रहित उपचार


डिवीजनल कमिश्नर को योजना की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश
श्योपुर, 02 अगस्त 2025

देश में सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी पूरे देश में सड़क सुरक्षा की योजनाओं की निगरानी कर रही है। यह कमेटी राज्यों से रिपोर्ट लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन्स की समीक्षा कर सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवेदन प्रस्तुत करती है।

इसी सिलसिले में परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नगदी रहित उपचार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।

निर्देशों के अनुसार, इस स्कीम एवं गाइडलाइन्स को मई और जून 2025 में जारी किया गया था। साथ ही 21 मई 2025 को ‘यूजर मैनेजमेंट पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत यदि पीड़ित वाहन का वैध थर्ड पार्टी बीमा होता है, तो इलाज का खर्च केंद्र सरकार द्वारा सामान्य बीमा कंपनियों के सहयोग से बनाए गए फंड से किया जाएगा। फंड से भुगतान स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) द्वारा अस्पताल के क्लेम को मंजूरी देने के 10 दिन के भीतर किया जाएगा, जिसमें जिला कलेक्टर की अनुमति भी आवश्यक होगी।

योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों के भीतर अस्पताल में भर्ती मरीज को प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹1.5 लाख तक नगदी रहित उपचार की सुविधा मिलेगी।

📞 आपात स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी जा सकती है।

नियमित समीक्षा के निर्देश

परिवहन सचिव द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जिला स्तर पर योजना की निगरानी के लिए किसी वरिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए। साथ ही, सभी संभागायुक्तों को भी योजना की आवश्यक गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।

परिवहन विभाग ने इस योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भी जिला कलेक्टरों को भेज दिए हैं, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।