श्योपुर, 11 अप्रैल 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा जिले में सभी अशासकीय विद्यालयो में एनसीआरटी की पुस्तके पाठ्यक्रम के रूप में चलाये जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया है। अलग-अलग कोर्स और किताबे चलाने को लेकर आ रही शिकायतों के मद्देनजर जिले में पहली बार इस प्रकार का आदेश जारी किया गया है।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार श्योपुर जिले के अंतर्गत सीबीएसई एवं अन्य बोर्ड से प्राप्त मान्यता के आधार पर संचालित सभी अशासकीय विद्यालय कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक में एनसीआरटी की पुस्तके ही कोर्स के रूप में चलायेंगे।
मध्यप्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम 2017 एवं नियम 2020 के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि कक्षा 1 से कक्षा 12 तक की कक्षाओं में एनसीआरटी अथवा राज्य शिक्षा केन्द्र स्टेट बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तको को चलाया जायें। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक राज्य शिक्षा केन्द्र एनसीआरटी तथा कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के लिए एनसीआरटी पुस्तके लागू रहेंगी। प्री-प्रायमरी केजी-1 एवं केजी-2 के लिए एनसीआरटी पब्लिकेशन की उपलब्ध पुस्तके ही उपयोग में लाई जायेगी। गणवेश, टाई, बेल्ट, जूते एवं अन्य शैक्षणिक सामग्रियों को किसी निर्धारित दुकान एवं विद्यालयो से क्रय नही कराया जा सकेगा। पुस्तक विक्रेताओं पर एनसीआरटी की पुस्तके अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेगी। एनसीआरटी पुस्तको में व्याकरण का समावेश पृथक से नही होता है, ऐसी स्थिति में विद्यालय अपने स्तर से ऐसी व्याकरण की पुस्तक जो कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के लिए एक पुस्तक, कक्षा 6 से 8 तक के लिए एक पुस्तक तथा कक्षा 9 से 12 तक के लिए एक पुस्तक उपयोग हेतु छात्रों को क्रय करा सकेंगे।
यदि किसी निजी विद्यालय की पाठ्य पुस्तको के संबंध में शिकायत प्राप्त होती है अथवा निरीक्षण समिति के निरीक्षण के दौरान विद्यालय में अन्य प्रकाशको की पुस्तके पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय की मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही की जायेगी।
श्योपुर: 70 करोड़ की सड़क निर्माण में घोर लापरवाही, बीच सड़क खड़े बिजली के पोल बने जान का खतरा
किसान नेता राधेश्याम मीणा ने प्रशासन, ठेकेदार और एमपीआरडीसी विभाग पर उठाए सवाल
श्योपुर दिनांक 11/4/25
श्योपुर जिले के ग्राम मूंडला से प्रेमसर तक करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 29 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एमपीआरडीसी विभाग द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य में भारी लापरवाही उजागर हुई है। सड़क निर्माण के बावजूद कई स्थानों पर बिजली के पोल न हटाए जाने के कारण ये पोल सड़क के बीचों-बीच खड़े हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही में जानलेवा खतरा उत्पन्न हो गया है।
इस गंभीर मुद्दे को लेकर किसान नेता राधेश्याम मीणा (मुंडला) ने ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और एमपीआरडीसी विभाग की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया है। मीणा ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क में यदि बिजली के पोल हटाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है तो यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की गंभीर चूक भी है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में निर्माण एजेंसी के डंपर से लुहाड़ गांव में कुछ बिजली के पोल टूट गए, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
किसान नेता ने स्पष्ट कहा कि एमपीआरडीसी, बिजली विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय की भारी कमी है। यदि समय रहते सभी विभागों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो सड़क पर यह खतरनाक स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
मीणा ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि सड़क पर खतरनाक स्थिति में खड़े सभी बिजली के पोलों को तुरंत हटाया जाए, और एमपीआरडीसी व निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो किसान संगठन और ग्रामीणजन आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
नारों के साथ किसानों ने जताया विरोध
राधेश्याम मीणा के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए जोरदार नारे लगाए:
ग्रामीण किसानों को परेशान करना बंद करो – बंद करो!”
बिजली के पोल हटाने का कार्य शुरू करो – शुरू करो!”
बिजली कंपनी होश में आओ!”
श्योपुर प्रशासन होश में आओ!”
कानून व्यवस्था की दृष्टि से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त
श्योपुर, 10 अप्रैल 2025
आगामी त्यौहारों के दौरान जिले में कानून व्यवस्था, शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने हेतु कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा विभिन्न अनुभागों और तहसीलों के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई है।
जारी आदेशानुसार हनुमान जयंती (12 अप्रैल), अम्बेडकर जयंती (14 अप्रैल), गुड फ्राइडे (18 अप्रैल) एवं परशुराम जयंती (30 अप्रैल) के अवसर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु निम्न अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में प्रभारी मजिस्ट्रेट बनाया गया है:
एसडीएम श्योपुर बी.एस. श्रीवास्तव, एसडीएम कराहल मनोज गढ़वाल, एसडीएम विजयपुर अभिषेक मिश्रा
ये अधिकारी अपने-अपने अनुभाग क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रभारी रहेंगे तथा आवश्यकतानुसार अधीनस्थ अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित कर सकेंगे।
इसके अतिरिक्त:
डिप्टी कलेक्टर यशवीर सिंह तोमर को गुड फ्राइडे (18 अप्रैल) को प्रार्थना स्थलों पर एवं परशुराम जयंती (30 अप्रैल) की शोभायात्रा के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
तहसीलदार अर्जुन सिंह भदौरिया को हनुमान जयंती, अम्बेडकर जयंती एवं परशुराम जयंती के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्राओं के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तहसील स्तर पर नियुक्तियाँ इस प्रकार हैं:
तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा – संपूर्ण तहसील क्षेत्र बड़ौदा एवं वृत्त पांडोला
नायब तहसीलदार सुश्री रोशनी शेख – संपूर्ण तहसील क्षेत्र कराहल
तहसीलदार रवीश भदौरिया – संपूर्ण तहसील क्षेत्र वीरपुर
तहसीलदार श्रीमती प्रेमलता पाल – संपूर्ण तहसील क्षेत्र विजयपुर
वृत्त स्तर पर नियुक्त कार्यपालिक मजिस्ट्रेट:
नायब तहसीलदार दर्शनलाल जाटव – वृत्त रघुनाथपुर
शैलेन्द्र सिंह सेंगर – वृत्त प्रेमसर एवं मानपुर
नरेन्द्र जैन – वृत्त अगरा एवं गसवानी
जांच में 56 गर्भवती महिलाएं हाईरिस्क के रूप में चिन्हित
श्योपुर, 10 अप्रैल 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान के अंतर्गत माह की प्रत्येक 9 एवं 25 तारीख को जिला अस्पताल सहित कराहल, बड़ौदा और विजयपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में स्त्रीरोग विशेषज्ञों द्वारा गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच और उपचार किया जा रहा है।
इसी क्रम में 9 अप्रैल को आयोजित शिविर में कुल 281 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें से 56 महिलाओं को हाईरिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया। इन 56 हाईरिस्क महिलाओं सहित कुल 101 महिलाओं की सोनोग्राफी ई-पैनल्ड निजी सोनोग्राफी केंद्रों के माध्यम से कराई जाएगी। निर्धारित तिथि पर महिलाओं को सोनोग्राफी केंद्र तक पहुंचाने हेतु संबंधित अस्पतालों द्वारा एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीएस सिकरवार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक 9 एवं 25 तारीख को जिला अस्पताल के साथ-साथ कराहल, बड़ौदा और विजयपुर में भी विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
हाईरिस्क श्रेणी की गर्भवती महिलाओं पर स्वास्थ्य अमला विशेष निगरानी रखता है। प्रसव के बाद तक इनकी देखभाल सुनिश्चित की जाती है, जिसमें समय पर टीकाकरण, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और निरंतर परामर्श शामिल हैं। सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पतालों में बर्थ वेटिंग वार्ड भी बनाए गए हैं, जहां प्रसव से पूर्व महिलाओं को भर्ती कर निगरानी में रखा जाता है।
श्योपुर:ज़मीनी घोटाले की गूंज: पटवारी ने किया खेल, कलेक्टर मौन! ग्राम काशीपुर के पटवारी पर भूमि हेराफेरी का आरोप, कलेक्टर कार्यालय की निष्क्रियता पर उठे सवाल
ज़मीनी घोटाले की गूंज: पटवारी ने किया खेल, कलेक्टर मौन
श्योपुर, दिनांक 9/4/25
ग्राम काशीपुर में ज़मीन को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है — जहां एक पटवारी ने खुलेआम रजिस्टर्ड रजिस्ट्री वाली ज़मीन को घुमा-फिरा कर किसी और के नाम चुपचाप दर्ज कर दिया! मामला सिर्फ ज़मीन का नहीं, सिस्टम के मुंह पर तमाचा है।
प्रार्थी गजानन्द खटीक का दावा है कि उन्होंने 1989 में नाथ्या पुत्र अमरया से 5 बीघा ज़मीन (सर्वे नंबर 391/मिन) की रजिस्ट्री खरीदी थी। राजस्व रिकॉर्ड में नाम भी दर्ज हो चुका था, यानी सब कुछ कानून के दायरे में था। फिर अचानक क्या हुआ?
पटवारी की ‘पैठ’ और खेल की चाल
ग्राम काशीपुर के पटवारी ने सांठगांठ करके, बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के, खसरे में सीधे किसी और का नाम चढ़ा दिया! ना कोई सुनवाई, ना कोई नोटिस – सीधा हेराफेरी!
टीएल में हुआ खुलासा – फिर भी खामोशी क्यों?
4 फरवरी 2025 को शिकायत कलेक्टर के पास पहुंची (टीएल क्रमांक 487475)। जांच हुई, 25 फरवरी को नायब तहसीलदार ने भी सच माना (क्रमांक 495519/25/02/25)। बावजूद इसके कलेक्टर ऑफिस में अभी तक सन्नाटा पसरा है। सवाल ये उठता है — क्या ये महज़ लापरवाही है या फिर कहीं बड़े खेल की बू?
प्रार्थी का दर्द, सिस्टम की चुप्पी
गजानन्द कहते हैं, “मेरे पास रजिस्ट्री भी है, नामांतरण भी हो चुका था। लेकिन पटवारी ने सांठगांठ कर ज़मीन हड़पवा दी। अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई, इंसाफ की उम्मीद अब मीडिया और जनता से है।”
🔥 सवाल उठता है –
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आखिर कलेक्टर श्योपुर इस फर्जीवाड़े पर चुप क्यों हैं?
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क्या सिस्टम भ्रष्टाचार के आगे बेबस है?
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क्या आम आदमी की ज़मीन अब सुरक्षित नहीं?
रिपोर्ट: क्राइमनेशनल न्यूज – न्याय की उम्मीद अब जनता की आवाज से!



