Sunday, March 29, 2026
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जनसुनवाई में त्वरित राहत: कमली बाई को मौके पर पेंशन स्वीकृति, संबल व रेडक्रॉस से आर्थिक सहायता

श्योपुर, 23 दिसंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा द्वारा आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आमजन की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करते हुए शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को तत्काल लाभ प्रदान किया गया। जनसुनवाई के दौरान 5 लोगों को उपचार हेतु रेडक्रॉस फंड से 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।

जनसुनवाई कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत सुश्री सौम्या आनंद, एसडीएम  गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन,  विजय शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में कुल 152 आवेदन प्राप्त हुए।

कमली बाई को मौके पर ही मिला पेंशन स्वीकृति आदेश

ग्राम बडौदाराम निवासी श्रीमती कमली बाई ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं मिलने की शिकायत जनसुनवाई में दर्ज कराई। इस पर कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देश पर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए कल्याणी पेंशन योजना अंतर्गत स्वीकृति आदेश मौके पर ही प्रदान किया गया। अब कमली बाई को 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।

तीन हितग्राहियों को मिलेगा संबल योजना का लाभ

जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना से संबंधित आवेदनों का भी निराकरण किया गया।
श्रीमती मंजू बैरवा (प्रेमपुरा) एवं श्रीमती बजरंगी बाई (जैदा) को योजना अंतर्गत दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि का ईपीओ जारी होने की जानकारी दी गई। वहीं ग्राम बिलेडी निवासी श्रीमती धौड़ा बाई बैरवा को पति स्व. रघुवीर बैरवा की दुर्घटना में मृत्यु के पश्चात 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि स्वीकृत होने की सूचना दी गई।

रेडक्रॉस से 5 लोगों को 21 हजार रुपये की सहायता

जनसुनवाई में उपचार हेतु 5 जरूरतमंदों को कुल 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
प्रेरणा वृद्धाश्रम में निवासरत रामप्रसाद नामा को पैर के ऑपरेशन हेतु 10 हजार रुपये,
बबलू बंजारा (रघुनाथपुर) को 5 हजार रुपये,
महेश कुमार को पुत्री के उपचार हेतु 2 हजार रुपये,
नंदकिशोर गुप्ता एवं गनी मोहम्मद (वार्ड 22) को 2-2 हजार रुपये की सहायता दी गई।

लंबे समय से लंबित शिकायत का निराकरण

ग्राम पाण्डोला निवासी रामभरत मीणा की शौचालय निर्माण से संबंधित लंबे समय से लंबित शिकायत का भी समाधान किया गया। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत तकनीकी कारणों से अटकी 12 हजार रुपये की राशि को रेडक्रॉस के माध्यम से प्रदान कर शिकायत का निराकरण किया गया।

जनसुनवाई में त्वरित फैसलों और मौके पर सहायता मिलने से आमजन ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त किया।

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, जेसीबी से रास्ते किए गए ध्वस्त

 

श्योपुर, 23 दिसंबर 2025
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम  गगन सिंह मीणा एवं तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा के नेतृत्व में दो अवैध कॉलोनियों में जेसीबी चलाकर बनाए गए रास्तों को नष्ट किया गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्बा श्योपुर के सर्वे क्रमांक 410, 411 एवं 412 में गिर्राज गुप्ता द्वारा लगभग 18 बीघा भूमि पर बिना अनुमति अवैध रूप से कॉलोनी काटकर रास्तों का निर्माण कराया गया था। इसी प्रकार सलापुरा हल्के में सर्वे क्रमांक 156 एवं 157 की लगभग 2 बीघा भूमि पर सत्यनारायण माली द्वारा अवैध कॉलोनी विकसित कर रास्ते बनाए गए थे।

प्रशासन द्वारा दोनों ही अवैध कॉलोनियों के अंदर बनाए गए रास्तों को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक  दिव्यराज धाकड़हल्का पटवारी पुरुषोत्तम राठौर एवं  सियाराम जाटव सहित राजस्व अमला मौजूद रहा।

उक्त दोनों अवैध कॉलोनियां चंबल नहर के समीप, रेलवे लाइन के किनारे स्थित हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी

अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन सख्त, जांच दल गठित

कॉलोनी सेल बनाने की प्रक्रिया जारी, नागरिकों को दी गई एडवाइजरी

श्योपुर, 23 दिसंबर 2025
जिले में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में की गई कार्रवाई के बाद सामने आए अन्य मामलों पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन द्वारा जांच दल का गठन किया गया है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अवैध कॉलोनियों में भू-खण्ड की खरीद-फरोख्त से बचें। नागरिकों को मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट में कॉलोनी सेल बनाने की प्रक्रिया भी जारी है।

कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि सलापुरा नहर के समीप, खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित कस्बा श्योपुर की विभिन्न भूमि सर्वे क्रमांकों पर भूमिस्वामियों द्वारा डब्ल्यूबीएम सड़क बनाकर कॉलोनी विकसित की जा रही है। इस प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए प्रशासन ने समिति गठित की है।

जांच समिति का गठन

गठित समिति में एसडीएम  गगन मीणा, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन एवं  विजय शाक्य, तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा, उप पंजीयक स्टाम्प एवं पंजीयन  सौरव शाक्य, राजस्व निरीक्षक  दिव्यराज धाकड़ तथा पटवारी  पुरुषोत्तम राठौर शामिल हैं। समिति को तीन दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इन बिंदुओं पर होगी जांच

जांच समिति यह परीक्षण करेगी कि संबंधित भूमि का स्वामित्व इतिहास क्या है, भूमि पूर्व में शासकीय पट्टा अथवा भूदान की तो नहीं रही है, कॉलोनी विकास के दौरान वृक्षों की कटाई की गई है या नहीं तथा इसके लिए वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने, भू-खण्ड विक्रय एवं डब्ल्यूबीएम सड़क निर्माण की भी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पंजीयन और निर्माण पर रोक

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित सर्वे नंबरों में भू-खण्ड के रूप में क्रय-विक्रय पंजीयन नहीं किया जाए। इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कॉलोनी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैधानिक निर्माण न हो

कॉलोनी सेल से मिलेगा मार्गदर्शन

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण आम नागरिकों को बिजली, पानी, सड़क, नामांतरण एवं आवास ऋण जैसी सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए कलेक्ट्रेट में कॉलोनी सेल बनाई जा रही है, जहां नागरिक प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता संबंधी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।

भू-खण्ड खरीदने वालों के लिए एडवाइजरी

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि प्लॉट खरीदने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि कॉलोनाइज़र पंजीकृत है, भूमि डायवर्टेड है तथा टीएनसीपी एवं अन्य आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त हैं। बिना जांच-पड़ताल किए प्लॉट खरीदने से भविष्य में नामांतरण एवं मूलभूत सुविधाओं में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 100 वर्ष पूर्ण हिन्दू सम्मेलन का हुआ भूमि पूजन

 

श्योपुर दिनांक 21दिसंबर 25

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है।
संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे देश में उत्सव का माहौल है।” “शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में पथ संचलन निकाले जा रहे हैं

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और अब संघ इस ऐतिहासिक अवसर को
हिंदू सम्मेलन के माध्यम से मनाने जा रहा है।” 11 दिसंबर को आयोजित होगा भव्य हिंदू सम्मेलन
जिसमें दो से ढाई वार्ड मिलाकर एक बस्ती बनाई जाएगी।” “सम्मेलन की तैयारियों के तहत
आज पूरे देश में भूमि पूजन का आयोजन किया गया।” “11 दिसंबर को
 कलश यात्रा निकाली जाएगी
और इसके बाद हिंदू सम्मेलन का आयोजन होगा।”

🙏 “इस सम्मेलन में
सभी भाई-बहन, साधु-संत और गणमान्य जनों का आगमन होगा
और संघ अपने 100 वर्षों की यात्रा और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएगा।”

📢 “शताब्दी वर्ष…
संघ का संकल्प, समाज का संगठित स्वरूप!”

श्योपुर आरटीओ में रिश्वत का नंगा नाच! बाबू कैमरे में कैद, फिर भी बेखौफ — प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

श्योपुर 22 दिसम्बर 2025
आरटीओ कार्यालय श्योपुर में भ्रष्टाचार अब परदे के पीछे नहीं, बल्कि खुलेआम कैमरों के सामने खेला जा रहा है। कार्यालय के बाबू संतोष माहौर को ऑफिस के अंदर ही रुपए लेते हुए कमरे में कैद किया गया, जिसके वीडियो अब सार्वजनिक हो चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि वाहन ट्रांसफर जैसे कामों के नाम पर वकीलों तक से रिश्वत मांगी जाती रही, और इसके भी वीडियो सामने आए हैं।

पूरे आरटीओ कार्यालय में दलालों का ऐसा साम्राज्य खड़ा हो चुका है कि बिना रिश्वत कोई भी फाइल आगे बढ़ने का नाम नहीं लेती। जब पढ़े-लिखे, समझदार लोगों का काम बिना पैसे के नहीं होता, तो सवाल उठता है कि ग्रामीण इलाकों से आए भोले-भाले लोगों का इस दफ्तर में क्या हाल होता होगा?

        वीडियो देखें 

अधिकारी के दर्शन ईद के चां द जैसे

आरटीओ अधिकारी रंजना कुशवाह से मिलना हो तो मानो ईद का चांद देखने जैसा दुर्लभ हो गया है।
पत्रकारों ने कई बार फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हर बार या तो घंटी बजकर कट जाती है, या फोन स्विच ऑफ मिलता है। सवालों से बचना और जवाब न देना अब आदत बन चुकी है।

कलेक्टर को अवगत कराया, फिर भी कार्रवाई शून्य

इस गंभीर मामले को लेकर श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को भी पूरी जानकारी दी गई।
लेकिन इसके बावजूद सरेआम रिश्वत लेते कैमरे में कैद बाबू पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होना, पूरे सिस्टम को संदेह के घेरे में खड़ा करता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—
👉 क्या वीडियो सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक मिलीभगत की ओर इशारा करता है?
👉 क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है?

आरटीओ बना ‘बंदरबांट’ का अड्डा

आरटीओ ऑफिस में चल रहा यह खेल किसी ‘बंदरबांट’ से कम नहीं।
एक भ्रष्ट बाबू पर कार्रवाई न होना, पूरे विभाग के लिए जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
नतीजा यह है कि बाबू और दलाल निडर होकर सरेआम रिश्वत मांग रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि शिकायत चाहे कहीं भी करो—कोई सुनवाई नहीं होगी।

दलालों की दुकानें, बाबू उनके दफ्तरों में

सबसे चौंकाने वाली तस्वीर यह है कि
👉 दलालों की दुकानें पूरे बाजार में खुली हैं
👉 आरटीओ विभाग के बाबू दिनभर दलालों के ऑफिस में बैठे रहते हैं
👉 अगर कोई आम नागरिक आरटीओ ऑफिस पहुंच भी जाए, तो उसे सीधे दलाल का पता बताकर लौटा दिया जाता है

तो सवाल यह है—
क्या बाबुओं को सरकारी ऑफिस में बैठकर जनता का काम नहीं करना होता?

जनता पूछ रही है अंतिम सवाल

क्या शासन–प्रशासन की मिलीभगत से ही बाबू और दलाल पाले जा रहे हैं?
क्या श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा इस भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करेंगे,
या फिर जिलेभर में यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

आज जनता जवाब मांग रही है…
और सिस्टम की चुप्पी सबसे बड़ा आरोप बन चुकी है।

बकाया बिजली बिल जमा करने का सुनहरा मौका, समाधान योजना 31 दिसंबर तक

श्योपुर, 21 दिसंबर 2025

मध्य प्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के तहत बकायादार बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने बकाया बिजली बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्त भुगतान पर सरचार्ज में अधिकतम छूट का लाभ उठा रहे हैं।

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्षितिज सिंघल ने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे योजना के प्रथम चरण में ही भुगतान कर अधिकतम छूट का लाभ लें। उन्होंने कहा कि यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित हो रही है जो सरचार्ज के कारण मूल राशि जमा नहीं कर पा रहे थे।

सरचार्ज में 60% से 100% तक छूट

समाधान योजना का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि से बकाया उपभोक्ताओं को विलंबित भुगतान सरचार्ज में राहत देना है। यह योजना “जल्दी आएं, एकमुश्त भुगतान करें और ज्यादा लाभ पाएं” के सिद्धांत पर आधारित है।

  • प्रथम चरण:
     3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025
    🔹 सरचार्ज में 60% से 100% तक माफी

  • द्वितीय चरण:
    1 जनवरी से 28 फरवरी 2026
    🔹 सरचार्ज में 50% से 90% तक माफी

प्रथम चरण में एकमुश्त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

पंजीयन अनिवार्य

योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को
🌐 portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा।
जल्द ही उपाय ऐप पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध होगी।

पंजीयन राशि

  • घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता: कुल बकाया का 10%

  • गैर-घरेलू एवं औद्योगिक उपभोक्ता: कुल बकाया का 25%

उपभोक्ता विस्तृत जानकारी विद्युत वितरण कंपनियों की वेबसाइट या नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं।

विकास, विश्वास और परिवर्तन के दावों के बीच श्योपुर की जमीनी हकीकत पर सवाल

श्योपुर, 19 दिसंबर 2025

भारतीय जनता पार्टी से श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला आज जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार के दो साल की उपलब्धियां गिनाते हुए “विकास, विश्वास और परिवर्तन” की नई गाथा का दावा किया।
लेकिन सवाल यह है कि क्या ये गाथा वास्तव में नई है या पुरानी घोषणाओं का नया पैकेज?

दो साल में पहली पत्रकार वार्ता, सवालों से असहजता

सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर पहली बार आयोजित की गई पत्रकार वार्ता में जब पत्रकारों ने जमीनी हकीकत से जुड़े सवाल पूछे, तो एक समय प्रभारी मंत्री कुर्सी से उठकर जाने लगे। सवालों की बौछार बढ़ी तो वे वापस आकर कुर्सी पर बैठे।
यह दृश्य अपने आप में यह संकेत देने के लिए काफी था कि उपलब्धियों की सूची लंबी हो सकती है, लेकिन सवालों के जवाब कठिन हैं।

             विडियो देखें 

चंबल नहर परियोजना: उपलब्धि या अधूरी कहानी?

प्रभारी मंत्री ने चंबल नहर परियोजना को बड़ी उपलब्धि बताया, लेकिन किसानों की सच्चाई कुछ और कहती है।
किसानों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा। अगर नहर से पानी नहीं, तो फिर यह उपलब्धि किसके लिए?

सड़कें विकास की नहीं, बदहाली की तस्वीर

  • कराहल से पोहरी तक सड़कें गड्ढों में तब्दील

  • NH-552 हाईवे पहली बारिश में ही धंस गया

  • बरसात के बाद सिर्फ खानापूर्ति के नाम पर मरम्मत

यह सवाल उठता है कि क्या सड़कें सिर्फ उद्घाटन के लिए बन रही हैं, चलने के लिए नहीं?

नालों का निर्माण या खुलेआम लापरवाही?

श्योपुर शहर में NH-552 के ठेकेदार द्वारा भरे पानी में रात के अंधेरे में गिट्टी-सीमेंट डालकर नाले बनाए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
जब आम नागरिकों ने हड़ताल की चेतावनी दी, तब जाकर प्रशासन जागा और जांच का आश्वासन दिया।
लेकिन सवाल यह है—क्या जांच हुई? और अगर हुई तो रिपोर्ट कहां है?

पंचायतों में भ्रष्टाचार, RTI बेअसर

जिले की लगभग हर पंचायत पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

  • RTI लगाओ तो सचिव जानकारी नहीं देते

  • अपील करो तो जनपद CEO जवाब नहीं देते

  • कलेक्ट्रेट में रोज समीक्षा बैठक, लेकिन ज़मीन पर कार्रवाई शून्य

CM हेल्पलाइन: राहत नहीं, दबाव का हथियार

अगर कोई आम नागरिक CM हेल्पलाइन पर शिकायत करता है, तो
➡️ संबंधित विभाग उस पर दबाव बनाता है
➡️ शिकायत वापस लेने को मजबूर किया जाता है
➡️ अंत में शिकायत “संतोषजनक निराकरण” बताकर बंद

तो सवाल यह है—क्या CM हेल्पलाइन जनता के लिए है या विभागों की फाइलें साफ करने के लिए?

कलेक्टर सक्रिय, लेकिन सिस्टम कमजोर

वर्तमान कलेक्टर  अर्पित वर्मा का जमीनी निरीक्षण और सक्रियता प्रशंसनीय है।
कई जगह उन्होंने मौके पर भोजन चखकर, निरीक्षण कर सख्त निर्देश भी दिए।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या उनके आदेश नीचे तक पहुंच पाते हैं?
या फिर बीच के अधिकारी और कर्मचारी उन्हें गुमराह कर फाइलों में ही सब कुछ निपटा देते हैं?

घटिया भोजन, ठेकेदारों की मिलीभगत

शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक समूह भोजन व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
बड़े ठेकेदारों की मिलीभगत से हर जगह घटिया गुणवत्ता का खाना पहुंचने की शिकायतें हैं।

आवाज़ उठाओ तो FIR

यदि विपक्ष या आम नागरिक प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए आवाज उठाता है, तो उस पर FIR दर्ज कर दी जाती है
यह लोकतंत्र है या डर का तंत्र?

आरटीओ विभाग: दलालों के भरोसे सिस्टम

श्योपुर RTO विभाग पर आरोप है कि

  • बिना लेन-देन कोई काम नहीं

  • दलाल तय करते हैं किसका काम होगा

  • अधिकारी तीन जिलों का प्रभार बताकर जिम्मेदारी से बचते हैं

अब सवाल प्रभारी मंत्री से

ये सभी विषय प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला के अधिकार क्षेत्र में आते हैं—

इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
❓ दोषियों पर सख्त कदम कब उठेंगे?
❓ जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं होती?
❓ क्या विकास सिर्फ फाइलों और मंचों तक सीमित है?

यह केवल एक सवाल नहीं, बल्कि श्योपुर जिले की बदकिस्मती पर एक गंभीर विचारणीय मुद्दा है।

दबंग शिक्षक ने दूरदर्शन समाचार के पत्रकार पर किया हमला

नौकरी पर अनुपस्थितरहने की शिकायत के संदेह में की मारपीट, मामला देहात थाने पहुंचा

श्योपुर19 दिसंबर 2025

प्रेमसर संकुल अंतर्गत ग्राम पानड़ी स्थित शासकीय स्कूल में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक रामचरित रावत द्वारा एक वरिष्ठ पत्रकार पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक रामचरित रावत पिछले लंबे समय से स्कूल नहीं जा रहे थे। कभी-कभार स्कूल पहुंचकर केवल उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर लौट जाते थे, वहीं ई-अटेंडेंस भी नहीं लगाई जा रही थी। इस संबंध में कुछ दिन पूर्व जिला कलेक्टर को शिकायत किए जाने की चर्चा चल रही थी।

इसी शिकायत के संदेह में आरोपी शिक्षक ने दूरदर्शन समाचार के वरिष्ठ पत्रकार भुवनेश मोहन मोडिया पर हमला कर दिया।

रास्ते में रोककर गाली-गलौज, फिर मारपीट

घटना देहात थाना क्षेत्र के खतौली रोड की है, जब पत्रकार भुवनेश मोहन मोडिया अपनी पत्नी (जो ग्राम ढोटी में शिक्षिका हैं) को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे। इसी दौरान आरोपी शिक्षक ने रास्ता रोककर गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी

स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से पत्रकार की जान बच सकी।

थाने में शिकायत, जांच शुरू

घटना के बाद पत्रकार मोडिया ने देहात थाने में लिखित आवेदन देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

संघ अध्यक्ष होने का दावा, राजनीतिक संरक्षण की चर्चा

सूत्रों के अनुसार आरोपी शिक्षक शिक्षक संघ का अध्यक्ष बताया जा रहा है और कुछ नेताओं के संरक्षण में लंबे समय से बिना पढ़ाए अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में लिप्त है। स्थानीय स्तर पर वह खुलेआम कहता रहा है कि “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”

अब बड़ा सवाल

क्या कानून से ऊपर है दबंग शिक्षक?
क्या पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या मामला दबा दिया जाएगा?


Crime National News सवाल करता है

शिक्षा विभाग कब जागेगा?
पत्रकार पर हमला क्या लोकतंत्र पर हमला नहीं?

विकास की दृष्टि से उपलब्धियों भरे रहे सरकार के दो साल

श्योपुर विकास, विश्वास और परिवर्तन की नई गाथा लिख रहा है – प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला

श्योपुर, 19 दिसंबर 2025

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री तथा श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि सरकार के दो साल उपलब्धियों से भरे रहे हैं। सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास और कल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाया है।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकारवार्ता में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सौम्या आनंद, अपर कलेक्टर  रूपेश उपाध्याय, एएसपी श्री प्रवीण भूरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष  शशांक भूषण सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

श्योपुर में विकास की नई रफ्तार

प्रभारी मंत्री शुक्ला ने कहा कि श्योपुर जिला शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज श्योपुर विकास, विश्वास और परिवर्तन की नई गाथा लिख रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

  • 100 सीटर मेडिकल कॉलेज का संचालन प्रारंभ

  • विजयपुर में ₹24 करोड़ की लागत से 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल

  • ढोढर में ₹10 करोड़ की लागत से 30 बिस्तरीय अस्पताल

  • श्योपुर में ₹14.8 करोड़ का नर्सिंग कॉलेज

  • ₹14.95 करोड़ की लागत से 50 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालय

चीता प्रोजेक्ट से अंतरराष्ट्रीय पहचान

कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट सफलता की ओर अग्रसर है। वर्तमान में कूनो में 27 चीते हैं। इस परियोजना से श्योपुर को अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ-साथ पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर मिले हैं।

सड़क, रेल और कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक कार्य

  • एनएच-552 मार्ग के लिए ₹1,979 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

  • गोरस–शिवपुरी 84 किमी सड़क ₹322 करोड़ से निर्माणाधीन

  • पार्वती नदी पर ₹64 करोड़ की लागत से नया पुल

  • कई पुलों का निर्माण पूर्ण, कुछ प्रगति पर

शिक्षा और औद्योगिक विकास

  • ₹100 करोड़ की लागत से 3 सांदीपनि विद्यालय

  • आदिवासी विद्यार्थियों हेतु ₹11 करोड़ के छात्रावास

  • ₹31 करोड़ के निवेश से 125 एमएसएमई इकाइयों की स्थापना

  • मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से युवाओं को ₹2.73 करोड़ ऋण

किसान एवं जनजातीय कल्याण

  • 1 लाख से अधिक किसानों को ₹100 करोड़ से अधिक की राहत

  • समर्थन मूल्य पर 1.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी

  • सहरिया जनजाति के लिए मल्टीपरपज सेंटर, सांस्कृतिक भवन

  • 1.08 लाख से अधिक महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का लाभ

श्योपुर बना ‘राह वीर योजना’ में प्रदेश का पहला जिला

सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित सहायता प्रदान करने वाली ‘राह वीर योजना’ में श्योपुर प्रदेश का पहला जिला बना।

मुख्यमंत्री का श्योपुर पर विशेष फोकस

प्रभारी मंत्री शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का श्योपुर के विकास पर विशेष ध्यान है। आने वाला समय श्योपुर का है और जिले में बड़े प्रोजेक्ट समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएंगे।

श्रम स्टार रेटिंग सिस्टम की शुरुआत


श्योपुर, 18 दिसंबर 2025

श्रम विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा श्रम कानूनों के स्वैच्छिक अनुपालन, श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं बेहतर कार्य वातावरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “श्रम स्टार रेटिंग सिस्टम” की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में श्योपुर जिले में भी पात्र उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग प्रदान किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।

श्रम स्टार रेटिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य उद्योगों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को श्रम कानूनों के प्रभावी पालन तथा श्रमिक कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह प्रणाली उत्पादों की स्टार रेटिंग की तर्ज पर विकसित की गई है, जिसके माध्यम से किसी प्रतिष्ठान के श्रम अनुपालन स्तर एवं कार्यस्थल की गुणवत्ता का प्रमाणन एवं सार्वजनिक प्रदर्शन किया जा सकेगा।

पांच सितारा श्रम स्टार रेटेड प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक कार्य वातावरण, बेहतर वेतन, रोजगार सुरक्षा, सौहार्दपूर्ण कर्मचारी-नियोक्ता संबंध तथा सतत विकास पर आधारित कार्य संस्कृति का अनुभव प्राप्त होता है। उच्च श्रम स्टार रेटिंग से श्रमिकों की संतुष्टि बढ़ने के साथ-साथ उद्योग की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता में भी वृद्धि होती है।

श्रम स्टार रेटिंग सिस्टम के प्रमुख उद्देश्य

  • श्रम कानूनों के अनुपालन हेतु मानक स्थापित करना एवं नियोक्ताओं की विश्वसनीयता बढ़ाना

  • पारदर्शी एवं भरोसेमंद रेटिंग प्रणाली के माध्यम से उद्योगों का मूल्यांकन

  • उपभोक्ता विश्वास, निवेशक भरोसा एवं बेहतर बाजार स्थिति के माध्यम से अनुपालन करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन

  • श्रम अनुपालन की सार्वजनिक पहचान एवं प्रमाणन

श्योपुर जिले के समस्त उद्योगों, कारखानों एवं प्रतिष्ठानों से अपील की जाती है कि वे इस अभिनव पहल में सहभागिता करें, श्रम कानूनों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें तथा श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने प्रतिष्ठान की सामाजिक जिम्मेदारी एवं गुणवत्ता को प्रदर्शित करें।

श्रम स्टार रेटिंग से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवेदन प्रक्रिया एवं मार्गदर्शन हेतु संबंधित प्रतिष्ठान कार्यालय श्रम पदाधिकारी, जिला श्योपुर में  सौरभ श्रीवास से दूरभाष क्रमांक 09340-832970 पर संपर्क कर सकते हैं।