वर्ष 2025 बना नवाचार, रिकॉर्ड निवेश और पर्यटन विस्तार का स्वर्णिम अध्याय
भोपाल 31दिसम्बर 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में हो रहे सतत प्रयासों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने वर्ष 2025 में पर्यटन, संस्कृति और निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग के मार्गदर्शन तथा मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की सक्रिय भूमिका से वर्ष 2025 प्रदेश के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।
वेबसाइट www.flyola.in / https://www.air.irctc.co.in/ पर ऑफर, शेड्यूल और किराया, टिकट बुकिंग।
वर्ष 2025 में प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा और पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा जैसी अभिनव पहलें शुरू की गईं। इन सेवाओं से इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, खजुराहो, रीवा, सिंगरौली सहित प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। इससे न केवल पर्यटकों की आवाजाही आसान हुई, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए।
ग्रामीण पर्यटन को नई मजबूती देते हुए पिछले दो वर्षों में 400 से अधिक होमस्टे प्रारंभ किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए साधन विकसित हुए हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 1000 होमस्टे विकसित करने का है। रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट जैसे आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे निजी निवेश को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में ओंकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा के पश्चात अद्वैत लोक के द्वितीय चरण के लिए 2424 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई है। इन प्रयासों का सीधा असर पर्यटन आंकड़ों पर दिखा और वर्ष 2024 में प्रदेश में 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
संस्कृति संरक्षण और संवर्धन के लिए उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर और महेश्वर में संग्रहालयों की एक नई श्रृंखला विकसित की जा रही है। श्रीरामचंद्र वनगमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय, धार्मिक लोकों और सांस्कृतिक कॉरिडोर जैसी योजनाओं ने प्रदेश को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।
वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए। समावेशी और सुरक्षित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया गया। आगामी वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 500 नए होटल, 20 हजार कक्ष और 500 मार्ग सुविधा केंद्र विकसित किए जाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर वर्ष 2025 मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के लिए नवाचार, निवेश और विस्तार का ऐसा स्वर्णिम अध्याय रहा, जिसने प्रदेश को भारत के अग्रणी पर्यटन राज्यों की पंक्ति में और अधिक सशक्त रूप से स्थापित कर दिया है।
