पर्यटन स्थलों के दस्तावेजीकरण का कार्य शुरू – विरासत, वन्यप्राणी और वन संपदा के आधार पर बढ़ेगा पर्यटन

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श्योपुर, 10 सितंबर 2025

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट  अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिले में पर्यटन विकास को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कलेक्टर ने बताया कि श्योपुर जिले के पर्यटन स्थलों का दस्तावेजीकरण और प्रोफेशनल फोटोग्राफी का कार्य किया जा रहा है। विरासत, वन्यप्राणी और वन संपदा को आधार बनाकर जिले को पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त तरीके से स्थापित किया जाएगा।

बैठक के प्रमुख बिंदु:

  • ईको टूरिज्म के तहत आमेठ दुर्ग व डोब कुण्ड मार्ग को सुगम बनाया जाएगा।

  • देव-खो पर अस्थाई कैंटीन शुरू होगी।

  • कूनो नेशनल पार्क के पास टिकटोली गेट पर पर्यटकों के लिए 4 टेंट लगाए जाएंगे।

  • सफारी संचालन एजेंसी को पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था के निर्देश।

  • जिले की सीमाओं पर प्रवेश द्वार और साइन बोर्ड लगाए जाएंगे।

  • कूनो नेशनल पार्क की ओर जाने वाली सड़कों पर सरकारी भवनों की आकर्षक साज-सज्जा होगी।

डीएफओ कूनो आर. थिरूकुराल ने जानकारी दी कि वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में 16 चीते खुले में विचरण कर रहे हैं और 1 अक्टूबर से जंगल सफारी शुरू होगी।

एडीएम रूपेश उपाध्याय ने बताया कि 5 अक्टूबर से सेसईपुरा में कूनो फेस्टिवल का आयोजन होगा। इसमें टेंट सिटी बनाई जाएगी और जिले की विरासत, वन्यप्राणी एवं वन संपदा पर आधारित प्रदर्शनी भी लगेगी।

इस बैठक में अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, डीएफओ कूनो आर थिरूकुराल, ईई पीडब्ल्यूडी  पुष्कल प्रताप, फ्लाइंग कैट सफारी प्रतिनिधि  आदर्श गुप्ता,  कैलाश पाराशर, आदित्य चौहान, डीपीएम एनआरएलएम  सोहनकृष्ण मुदगल, आरटीओ श्रीमती रंजना कुशवाह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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