किसान संघ का सरकार पर दबाव, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
श्योपुर। गेहूं के समर्थन मूल्य को लेकर किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखा। भारतीय किसान संघ और भारतीय मजदूर संघ ने संयुक्त रूप से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह चौधरी ने दो टूक कहा—“चुनाव के समय सरकार ने वादा किया था कि किसानों से गेहूं 2700 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जाएगा। इसी भरोसे किसानों ने सरकार का समर्थन किया, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है।”
वादा अधूरा, किसान नाराज
नरेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल नहीं किए जाने से किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। यदि सरकार ने शीघ्र इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया, तो भारतीय किसान संघ बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।
संयुक्त किसान–मजदूर मोर्चा
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय किसान संघ और भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इस अवसर पर रि. डीएसपी शंभू सिंह जाट, हरिशंकर पालीवाल, कुंजबिहारी द्रोण, रामभरत मीणा, प्रीतम शर्मा, नंदलाल पालीवाल सहित किसान और मजदूर संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आंदोलन की चेतावनी
किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द गेहूं के भाव पर निर्णय नहीं लिया, तो जिले से प्रदेश स्तर तक आंदोलन तेज किया जाएगा।
किसानों का स्पष्ट संदेश—घोषणा नहीं, निर्णय चाहिए; वादा नहीं, 2700 का भाव चाहिए।


