अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन का बड़ा अभियान, शासकीय भूमि की होगी सख्त जांच प्लाटिंग-रास्तों में सरकारी जमीन शामिल मिली तो बेदखली, जुर्माना और धारा 248 की कार्रवाई

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श्योपुर, 13 जनवरी 2026
जिले में अवैध कॉलोनाइजिंग पर शिकंजा कसते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सभी एसडीएम को निर्देश जारी किए हैं कि अवैध कॉलोनियों में प्लाटिंग एवं रास्तों के निर्माण में शासकीय भूमि के उपयोग की गहन जांच की जाए। यदि किसी भी स्थान पर सरकारी भूमि का अनाधिकृत उपयोग पाया गया, तो संबंधित व्यक्तियों एवं कॉलोनाइजरों के विरुद्ध धारा 248 के तहत बेदखली और जुर्माना लगाया जाएगा।

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि अभियान मोड में ऐसी कॉलोनियों को चिन्हित किया जाए, जहां शासकीय भूमि को शामिल कर प्लाटिंग की गई है। इन स्थलों पर संयुक्त दल गठित कर सीमांकन कराया जाए तथा राजस्व अभिलेखों के आधार पर शासकीय भूमि की सटीक पहचान की जाए।

सीमांकन के उपरांत शासकीय भूमि की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए तार फेसिंग, स्थायी मुड्डियां एवं चिन्हांकन किया जाएगा, ताकि भविष्य में अतिक्रमण न हो सके। शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और प्लाटिंग वाले स्थलों की सूची तैयार कर स्थल निरीक्षण भी किया जाएगा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जहां कहीं भी शासकीय भूमि का दुरुपयोग पाया जाएगा, वहां संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और भूमि को मुक्त कराया जाएगा। सभी एसडीएम को यह कार्यवाही 15 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

आम नागरिकों से अपील

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिन कॉलोनियों में शासकीय भूमि को शामिल कर अवैध रूप से प्लाटिंग की गई है, वहां प्लाट न खरीदें। ऐसे मामलों में प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।

उन्होंने बताया कि भू-खण्ड की वैधता की जानकारी एवं उचित परामर्श उपलब्ध कराने के लिए कलेक्ट्रेट में कॉलोनी सेल का गठन किया गया है। नागरिक वैध कॉलोनी में प्लाट खरीदने से पहले डिप्टी कलेक्टर संजय जैन से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रशासन का सख्त संदेश:
शासकीय भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनाइजिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तय है।

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