श्योपुर 08 जनवरी 2026
जनवरी माह में शीतलहर के चलते रबी फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है। पाला पड़ने से पौधों की पत्तियां व फूल झुलसकर गिर सकते हैं। विशेष रूप से चना, मटर, धनिया, आलू, दलहनी–तिलहनी फसलें अधिक प्रभावित होती हैं।
❄️ पाले से बचाव के प्रभावी उपाय
🔹 रात में खेत की मेड़ों पर 6–8 स्थानों पर कचरा/खरपतवार जलाकर धुआं करें
🔹 पाले की संभावना पर हल्की सिंचाई अवश्य करें
🔹 सुबह जल्दी रस्सी से फसल को हिलाएं, पत्तियों पर जमी ओस गिर जाएगी
🔹 सल्फर डस्ट 8–10 किग्रा/एकड़ का भुरकाव करें
🔹 या 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें:
▪️ घुलनशील सल्फर – 200 ग्राम
▪️ ग्लूकोज पाउडर – 500 ग्राम
▪️ थायो यूरिया – 500 ग्राम
▪️ पोटाश (0:0:50) – 200 ग्राम
🔹 साइकोसिल 400 ग्राम/एकड़ का छिड़काव भी लाभकारी
🌧️ मावठा गिरने की स्थिति में
चना फसल में फूल झड़ने से बचाव हेतु एनएए 4.5 एमएल प्रति पंप का छिड़काव करें।
👉 किसान भाई कीट-व्याधि नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान दें।
👉 अधिक जानकारी के लिए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें।
