महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर शौर्य और स्वाभिमान को किया गया नमन
जाट समाज ने निकाली भव्य वाहन रैली, पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
श्योपुर, 25 दिसंबर25
भरतपुर के संस्थापक, अजेय योद्धा को कोटि-कोटि श्रद्धांजलि
भरतपुर रियासत के संस्थापक, अजेय योद्धा एवं जाट समाज के गौरव वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस पर जिलेभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर उनके शौर्यपूर्ण व्यक्तित्व, अदम्य साहस और राष्ट्ररक्षा में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया गया।
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महाराजा सूरजमल को इतिहास में एक ऐसे अजेय योद्धा के रूप में जाना जाता है, जो धर्म और जातिभेद के संकीर्ण विचारों से ऊपर उठकर मातृभूमि की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहे। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण स्वाभिमान, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक रहा।
कार्यक्रमों एवं सोशल मीडिया माध्यमों पर उन्हें एशियाई प्लूटो, हिंदू हृदय सम्राट, भारतवर्ष के अजय योद्धा और वीर शिरोमणि जैसी उपाधियों से स्मरण किया गया। दिनभर सोशल मीडिया देशभक्ति और धर्मरक्षा के जयघोषों से गूंजता रहा।
वक्ताओं ने कहा कि महाराजा सूरजमल ने अपने अदम्य साहस और बलिदान से यह सिद्ध किया कि राष्ट्र और समाज की रक्षा सर्वोपरि है। उनका जीवन आत्मसम्मान, पराक्रम और न्यायप्रिय शासन की अनुपम मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
बलिदान दिवस के अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने महाराजा सूरजमल के चरणों में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
वीर शिरोमणि महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस के अवसर पर जहाँ पुरे देश भर में महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस धूम धाम से मनाया गया बुधवार को श्योपुर जिले में जाट समाज द्वारा श्रद्धा, सम्मान और ऐतिहासिक गौरव के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर जाट छात्रावास परिसर में महाराजा सूरजमल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत समाज द्वारा भव्य वाहन रैली निकाली गई, जो बंजारा डैम के ऊपर मंडी तराई से प्रारंभ होकर पॉल दरवाजा, तोड़ी गणेश मंदिर चौराहा होते हुए मुख्य बाजार से गुजरी और पुनः जाट छात्रावास पहुंचकर संपन्न हुई।
रैली में जिले के हर गांव एवं क्षेत्र से बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग शामिल हुए। ट्रैक्टर, चारपहिया एवं दोपहिया वाहनों के काफिले ने नगर में ऐतिहासिक वातावरण निर्मित कर दिया। रैली के मार्ग में आम नागरिकों द्वारा पुष्प वर्षा कर प्रतिभागियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के वीरता, न्यायप्रियता, कुशल नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन से स्वाभिमान, एकता और स्वराज का संदेश दिया। जाट समाज ने उनके बलिदान को स्मरण करते हुए आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
25 दिसंबर को मनाया जाने वाला महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस जाट समाज के लिए गौरव, प्रेरणा और इतिहास को जीवंत रखने का प्रतीक माना जाता है।
