श्योपुर में बिन मौसम बरसात से तबाह हुई धान फसल, किसानों पर टूटा संकट का पहाड़

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श्योपुर दिनांक 28/10/2025

मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार सुबह श्योपुर शहर सहित पूरे जिले में तेज बारिश और हवा चली, जिससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल गिर गई। कटाई के बीच हुई इस बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम कर दिया है।

शनिवार रात से ही मौसम का मिजाज बदल गया था। रविवार सुबह झमाझम बारिश शुरू होते ही खेतों में पानी भर गया। किसानों का कहना है कि धान की कटाई का समय चल रहा है, ऐसे में बारिश से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। अगर अगले एक-दो दिन और बारिश हुई तो खेतों में खड़ी फसल सड़ सकती है।


🌧️ बारिश और हवा से झुकी बालियां, खेतों में भर गया पानी

किसानों ने बताया कि हवा और बारिश के कारण कई जगहों पर धान की बालियां झुक गईं, जिससे कटाई मुश्किल हो जाएगी और उत्पादन में गिरावट आएगी। कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से मशीनों का इस्तेमाल ठप पड़ गया है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया है, जबकि ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी ठहर गया है।

यदि मौसम का यही रुख जारी रहा, तो आने वाले दिनों में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।


किसान नेता बोले — किसानों के लिए अभिशाप बनी बिन मौसम बरसात

किसानों नें बताया कि पूरे श्योपुर जिले में धान की फसल पककर तैयार है, लेकिन अब बिन मौसम बरसात ने संकट खड़ा कर दिया है। धान पूरी तरह पका हुआ है और बारिश के चलते फसल खराब होने की कगार पर पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब खेतों में हार्वेस्टर कंपाइन मशीनें नहीं चल पाएंगी, जिससे कटाई रुक गई है। आने वाले दो दिनों में और बारिश की संभावना जताई जा रही है। यह बारिश किसानों के लिए “अभिशाप” बनकर आई है।


🌾 खेतों में खड़ी फसल पानी में लबालब, मशीनें ठप

रविवार सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। खेतों में पानी भर जाने से खड़ी फसल अब सड़ने की स्थिति में पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि अब न तो खेतों में मशीनें चल पाएंगी और न ही कटाई हो सकेगी।


खलिहानों में रखी धान भी नहीं बची, बरसात ने बिगाड़ी हालत

बिन मौसम बरसात ने किसानों की जान पर आफत डाल दी है। जिन किसानों ने फसल काटकर खलिहानों में रखी है, वे भी अब चिंता में हैं। बारिश के कारण खलिहानों में रखा धान भीग गया है। किसानों का कहना है कि धान को हर दूसरे दिन उलट-पुलट कर सुखाने की जरूरत होती है, लेकिन अब उसे ढंककर दबाकर रखना पड़ रहा है। इससे अंदर गर्मी पैदा होकर धान सड़ने और काला पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

कई किसानों के खलिहानों में रखी फसल पर बारिश का पानी सीधे गिरा, जिससे धान पानी में तैरने लगा और उसके पूरी तरह खराब होने की आशंका बन गई है।


कलेक्टर बोले — खलिहान की फसल का भी होगा सर्वे, मिलेगा मुआवजा

श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बताया कि बारिश से खेतों और खलिहानों दोनों जगह रखी फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सभी प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराया जाएगा और मुआवजा राशि दिलाई जाएगी।


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