97.9 करोड़ मतदाताओं की ताकत, स्टॉकहोम में गूंजी भारत की लोकतांत्रिक गूंज CEC ज्ञानेश कुमार ने दुनिया को बताया चुनावी समावेशिता और पारदर्शिता का भारतीय मंत्र

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नई दिल्ली/स्टॉकहोम, 11 जून 2025
स्वीडन के स्टॉकहोम में आयोजित Stockholm International Conference on Electoral Integrity में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC)  ज्ञानेश कुमार ने जब 97.9 करोड़ मतदाताओं, 10 लाख से अधिक मतदान केंद्रों और 62 लाख EVMs का ज़िक्र किया, तो वैश्विक मंच पर भारत की लोकतांत्रिक शक्ति को हर कोई दंग रह गया।

कुमार ने अपने मुख्य भाषण में भारत के चुनावी इतिहास, विविधता, निष्पक्षता और भागीदारी को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “भारत में चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी का उत्सव हैं।”

 भारत की लोकतांत्रिक विशेषताएं जो बनीं चर्चा का केंद्र:

  • 979 मिलियन पंजीकृत मतदाता, दुनिया में सबसे अधिक

  • 743 राजनीतिक दल, 20,271 प्रत्याशी, और 10.5 लाख मतदान केंद्र

  • 62 लाख से अधिक EVMs, चुनाव प्रक्रिया की रीढ़

  • दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिकों, थर्ड जेंडर और दूरस्थ क्षेत्रों तक चुनावी पहुंच

  • “कोई मतदाता न छूटे” की नीति से एक अकेले मतदाता वाले बूथ तक मतदान कराया गया

कुमार ने यह भी बताया कि भारत चुनावी पारदर्शिता को गंभीरता से लेता है। हर साल अपडेट होने वाली निर्वाचन सूची सभी मान्यता प्राप्त दलों से साझा की जाती है, जिससे दावा-आपत्ति की निष्पक्ष प्रक्रिया को बल मिलता है।

वैश्विक मंच पर भारत का संवाद

सम्मेलन के इतर कुमार ने मेक्सिको, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी, यूके सहित कई देशों के चुनाव अधिकारियों से द्विपक्षीय चर्चा की। प्रमुख मुद्दे रहे:

  • प्रवासी मतदान

  • चुनाव तकनीक का उन्नयन

  • संस्थागत मजबूती

  • मतदाता जागरूकता और भागीदारी

भारत के चुनाव आयोग की साख अब केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक है — यही संदेश स्टॉकहोम में पूरी दुनिया ने सुना।

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