श्योपुर २९ नवम्बर 25
जब समाज बाहरी सुरक्षा के तमाम साधन जुटाने के बाद भी असुरक्षित महसूस कर रहा है, तब इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि आज रक्षक स्वयं भक्षक बन गए हैं। यह मार्मिक उद्गार दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तृतीय दिवस पर भागवताचार्या महामनस्विनी साध्वी मेरुदेवा भारती जी ने व्यक्त किए।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, ग्वालियर शाखा द्वारा 25 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक पुलिस स्टेशन ग्राउंड (कथा स्थल), बड़ौदा, जिला श्योपुर में भव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन संस्थान के संस्थापक एवं संचालक परम पूज्य सद्गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य प्रेरणा एवं कृपा से संपन्न हो रहा है।


तृतीय दिवस की कथा में साध्वी मेरुदेवा भारती जी ने भक्त प्रहलाद की गाथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि किस प्रकार उसके पिता हिरण्यकश्यप ने उस पर अमानवीय अत्याचार किए—कभी पर्वत से गिराया गया, कभी सागर में फेंका गया—परंतु हर बार प्रभु की कृपा से उसकी रक्षा हुई। इसका कारण केवल एक था—ईश्वर के सच्चे नाम का संरक्षण।
उन्होंने कहा कि आज का समाज बाहर से सुरक्षित होने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, पर भीतर से असुरक्षित, अशांत और दुखी है। क्योंकि वास्तविक सुरक्षा हथियारों, व्यवस्थाओं या पदों से नहीं, बल्कि ईश्वर के शाश्वत नाम से प्राप्त होती है।

साध्वी जी ने स्पष्ट किया कि आज संसार ईश्वर के केवल गुणवाचक नामों का जप करता है, जो जिह्वा से लिए जाते हैं, परंतु वह नाम मुक्ति देने में सक्षम नहीं होता—
“राम-राम सब कोई कहे, ठग ठाकुर और चोर,
जिस नाम से मुक्ति मिले, वो नाम कुछ और।”
उन्होंने कहा कि प्रभु का आदि, शाश्वत नाम न बोला जाता है, न लिखा जाता है और न ही जपा जाता है। वह नाम केवल एक पूर्ण ब्रह्मनिष्ठ गुरु ही शिष्य के भीतर प्रकट कर सकता है। यही वह नाम है जिससे द्रौपदी की भरी सभा में रक्षा हुई और यही नाम आज के कलियुग में भी मानव का सच्चा सुरक्षा कवच बन सकता है।
शास्त्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा—
“कलयुग केवल नाम आधारा,
सुमिर-सुमिर नर उतरहि पारा।”
साध्वी जी ने समाज से आह्वान किया कि यदि जीवन में वास्तविक सुरक्षा, शांति और समाधान चाहिए, तो ब्रह्मनिष्ठ गुरु की शरण में जाना अनिवार्य है, क्योंकि वही प्रभु का सच्चा सुरक्षा कवच प्रदान करने में समर्थ हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव कल हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है।

मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिया गया सशक्त संदेश
इसी क्रम में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, ग्वालियर शाखा द्वारा प्रोजेक्ट आरोग्य के अंतर्गत “मन की शक्ति” विषय पर मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बड़ौदा (श्योपुर) में किया गया।
कार्यशाला का संचालन ऊर्जावान YPSS भाइयों द्वारा किया गया। पेपर एक्टिविटी, वज़न घटाने के प्रयोग, आउटलाइन ड्रॉइंग, टंग ट्विस्टर्स जैसे रोचक माध्यमों से विद्यार्थियों को मानसिक शक्ति, समस्या समाधान और सकारात्मक सोच के व्यावहारिक सूत्र समझाए गए।
कार्यक्रम के समापन पर साध्वी शीतला भारती जी ने विषय का प्रेरक सार प्रस्तुत किया। इसके बाद योग वार्म-अप सत्र एवं उत्साहवर्धक भजन से वातावरण ऊर्जा और आनंद से भर उठा।
विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की और कार्यक्रम को अत्यंत लाभकारी बताया। विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों ने भी आयोजन की सराहना की।
यह समस्त आयोजन परम पूज्य सद्गुरु श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य कृपा एवं आशीर्वाद से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

