एनडीपीएस एक्ट के तहत एक माह में कई कार्रवाई, लाखों का माल जब्त — लेकिन बड़े कारोबारी अब भी अछूते
श्योपुर, 10 अक्टूबर 2025
श्योपुर पुलिस ने जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए लगातार कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय भोपाल, पुलिस महानिरीक्षक चंबल जोन तथा पुलिस उप महानिरीक्षक चंबल रेंज मुरैना के निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक श्योपुर सुधीर कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई की गई।
थाना बड़ौदा:
10 अक्टूबर को पुलिस ने आरोपी मुकेश पुत्र जुगराज सुमन (28) निवासी ग्राम पाण्डोला थाना चडौदा के कब्जे से 10 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग ₹1 लाख) और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (कीमत ₹70 हजार) जब्त की। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया।
थाना कराहल:
9 अक्टूबर को पुलिस ने सुरेश पुत्र झींगा आदिवासी (39) और उसकी पत्नी द्रोपदी आदिवासी (37) निवासी सूखाखारा कराहल को पकड़ा। उनके पास से 3 किलो 100 ग्राम डोडाचूरा (कीमत ₹12 हजार) और मोटरसाइकिल (कीमत ₹80 हजार) जब्त की गई। दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया।
थाना कोतवाली:
10 अक्टूबर को बड़ौदा रोड स्थित पाइप फैक्ट्री के पास शानू पुत्र शिद्दीक खान (30) निवासी करबला वार्ड क्रमांक 12 श्योपुर के पास से 12 ग्राम स्मैक (कीमत ₹1 लाख 20 हजार) जब्त की गई। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजा गया।
अन्य कार्रवाई:
थाना आवदा पुलिस ने 7 अक्टूबर को दो आरोपियों से 1 किलो 211 ग्राम गांजा और 1 किलो 252 ग्राम डोडाचूरा बरामद किया, वहीं थाना गसवानी पुलिस ने 26 सितंबर को एक आरोपी से 1 किलो 100 ग्राम गांजा जब्त किया।
एक माह में 19 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक अग्रवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पिछले एक माह में 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पुलिस का दावा है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।
बड़े कारोबारी अब भी परे दायरे से बाहर
हालांकि जब एसपी श्योपुर से यह पूछा गया कि जिले में नशे के विक्रेताओं पर कब कार्रवाई होगी, तो उन्होंने इस सवाल को टालम टोल जबाब देते रहे हुए कहा — कि नशा अभियान लोगों को जागरूक करना है बाकि पीने वाले की मर्जी पर निर्भर है पीना है या नहीं
आखिर टालमटोल जबाब के चलते हमे मानना पड़ा “नशा बिकता रहेगा, पीने वाले ही दूर हो सकते हैं।”
यह बयान जिले में नशा मुक्ति अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। पुलिस की कार्रवाई छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित दिख रही है, जबकि स्मैक और गांजे के थोक कारोबारियों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। महज शराब पर कार्य वही कर के बाहबाही लूटना ही इस प्कारेस कांफ्रेंस उद्देश्य दिखाई दिया
जनता में बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान केवल दिखावटी है। जब तक बड़े सप्लायरों और नेटवर्क को पकड़ा नहीं जाएगा, तब तक “नशा मुक्ति” सिर्फ पोस्टर और अपीलों तक सीमित रहेगा।
पुलिस अधीक्षक की अपील
फिर भी पुलिस अधीक्षक श्योपुर ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध नशे के कारोबार में लिप्त लोगों की सूचना पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
जब हमारे प्रति निधि ने शहर में लोगों से की चर्चा तो सामने आई सच्चाई
किन्तु इस बात की जब शहर में आम लोगों से चर्चा की तो नाम ना बताने की शर्त पर बोले कि हमने कई बार कोतवाली पुलिस को सुचना दी है जिसमे स्मैक और गांजा बेचने बालों की, और सट्टा चलाने वालों की सुचना दी थी किन्तु थोड़ी देर बाद ही पुलिस ने गुप्त लेनदेन कर के उन्हें छोड़ दिया था हम उनके दुश्मन हो जाते है पुलिस रूपये लेकर मजे करती है
