डिवीजनल कमिश्नर को योजना की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश
श्योपुर, 02 अगस्त 2025
देश में सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। इसी क्रम में सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी पूरे देश में सड़क सुरक्षा की योजनाओं की निगरानी कर रही है। यह कमेटी राज्यों से रिपोर्ट लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन्स की समीक्षा कर सुप्रीम कोर्ट में प्रतिवेदन प्रस्तुत करती है।
इसी सिलसिले में परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए नगदी रहित उपचार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।
निर्देशों के अनुसार, इस स्कीम एवं गाइडलाइन्स को मई और जून 2025 में जारी किया गया था। साथ ही 21 मई 2025 को ‘यूजर मैनेजमेंट पोर्टल’ भी लॉन्च किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत यदि पीड़ित वाहन का वैध थर्ड पार्टी बीमा होता है, तो इलाज का खर्च केंद्र सरकार द्वारा सामान्य बीमा कंपनियों के सहयोग से बनाए गए फंड से किया जाएगा। फंड से भुगतान स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA) द्वारा अस्पताल के क्लेम को मंजूरी देने के 10 दिन के भीतर किया जाएगा, जिसमें जिला कलेक्टर की अनुमति भी आवश्यक होगी।
योजना के तहत दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों के भीतर अस्पताल में भर्ती मरीज को प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹1.5 लाख तक नगदी रहित उपचार की सुविधा मिलेगी।
📞 आपात स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दी जा सकती है।
नियमित समीक्षा के निर्देश
परिवहन सचिव द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि जिला स्तर पर योजना की निगरानी के लिए किसी वरिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाए। साथ ही, सभी संभागायुक्तों को भी योजना की आवश्यक गतिविधियों की नियमित मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन विभाग ने इस योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश भी जिला कलेक्टरों को भेज दिए हैं, ताकि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
