कराहल में मोदी आये उस दिन पिया नल से पानी लुहारी की नल जल योजना बनी शो पीस

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श्योपुर-कराहलःआज हम बात करेंगे श्योपुर जिले में नल जल मिशन की,जिले में नल जल मिशन योजना बीरबल की खिचड़ी पक कर  बन्दर बाँट हो  चुकी है। 2019 में शुरू हुई यह  योजना का काम 2024 में पूरा होना था। लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। लेकिन जिले में अब भी काम अधूरा है। सरकारी रिकार्ड के माने तो अब तक 70 गांवों में नल से जल नहीं पहुंच पाया है। जबकि 150 करोड़ खर्च हो चुके हैं। अब सरकार ने इस योजना की अवधि को बढ़ा दिया है। दिलचस्प बात ये है कि पीएचई ने गांवों में पानी सप्लाई के लिए जो टंकियां बनाई, उनमें से कुछ तो शोपीस बन चुकी है। वहीं जिन इलाकों में ट्यूबवैल के जरिए सप्लाई शुरू की गई है, वहां के लोग भी गर्मियों में पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं।लेकिन क्या पानी की समस्या तब तक सुलझ जाएगी? जिसके लिए अफसर अब फिर से नया खर्चा करने की तैयारी कर रहे हैं। लुहारी के निवासियों ने बताया कि कराहल में मोदी आये उस दिन हमने पिया था नल से पानी उसके बाद आज तक पानी नलों में नहीं आया यहाँ तक की नल पाईप  ही टूट चुके है टोंटियाँ तो 80 फीसदी गांवों में देखने को भी नहीं मिलेगी   लुहारी की नल जल योजना भी  शो पीस बनकर रह गई है

पूरे प्रदेश की तरह श्योपुर जिले में भी नल जल मिशन के तहत 511 गांवों में नल से जल पहुंचाने की योजना थी। जिसमें 387 गांवों के लिए चंबल से पानी लाया जाना था। ये • काम जल निगम को करना था। वहीं 124 गांवों के लिए मुजरी डेम से पानी लाने की योजना बनाई  थी। हालांकि बाद में तय हुआ कि जिन गांवों में चंबल से पानी सप्लाई होना था, वहां पीएचई भी ट्यूबवैल या ओवरहेड टैंक के माध्यम से नल के कनेक्शन करेगी। जिससे भविष्य में यदि ग्राउंड वाटर लेबल कम भी होता है तो जनता को पेयजल समस्या का सामना नहीं करना पड़े। पीएचई को 315 गांवों में नल से जल पहुंचाना था, जिसका कुल बजट 200 करोड़ था। 196 गांवों में समूह योजना के तहत पेयजल सप्लाई किया जाएगा। पीएचई के दावे के मुताबिक 315 में से अब तक 244 गांवों में पेयजल सप्लाई शुरू हो गई है। सरकारी दावे के मुताबिक भी अब तक 71 गांवों में नल से जल नहीं पहुंचा है।

तो आपने देखा कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों से कितनी अलग है। 900 करोड़ की इस योजना में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन कई गांवों में अब भी बूंद-बूंद पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या 2028 तक यह समस्या हल हो पाएगी? या फिर यह योजना कागजों में ही रह जाएगी?

जबकि सूत्रों की मानें तो जहां विभाग पानी सप्लाई का दावा कर रहा है, उसमें भी कई गांव ऐसे हैं, जहां नल से जल नहीं पहुंचा है। पीएचई के कार्यपालन यंत्री शुभम अग्रवाल ने कहा- हमने कलारना की टंकी। साल पहले शुरू कर दी थी। तीन माह ठेकेदार ने संचालन किया फिर मेंटेनेंस नहीं हुआ तो मोटर खराब हो गई। इसके बाद बरसात आ गई थी, अभी बंद है। हमने सर्वे किया है, जल्द ही मोटर सही कराकर सप्लाई चालू की जाएगी। डेंगदा में हमने टंकी को ग्राम पंचायत के हैंडओवर किया था। दो तीन बार हमने मोटर रिपेयर भी कराई थी, अब फिर खराब हो गई है। वैसे भी वहां एक मोहल्ले को पानी पहुंचता है, बाकी जगह नहीं। मेंटेनेंस की समस्या है जो ग्राम पंचायतों को ही करना है। हम टंकी, ट्यूबवैल और लाइन बिछाकर कनेक्शन दे सकते हैं, लेकिन संचालन मेंटेनेंस तो पंचायतों को ही करना है, इसी वजह से दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि 20 प्रतिशत जगह ही इस प्रकार की परेशानी है। कराहल में हम जिन कालोनियों में पानी नहीं पहुंच रहा, वहां नया ट्यूबवैल खनन कराकर सप्लाई चालू कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।

फैक्ट फाइल

900 करोड़ से जिले में 511 गांवों में पहुंचना था पानी

315 गांवों में पीएचई को करना है काम 196 गांवों में समूह योजना के तहत पेयजल की व्यवस्था होना है 700 करोड़ में जल निगम चंबल से लाएगा 387 गांवों में पानी

244 गांवों में 150 करोड़ खर्च कर पानी पहुंचाने का दावा

71 गांवों में सरकारी रिकार्ड के मुताबिक भी अब तक पेयजल सप्लाई नहीं

स्थान – ढेंगदा गांव विकासखंड करहाल टंकी की क्षमता-150 किलो लीटर स्थिति- टंकी पर मोटर खराब पड़ी है। यहां तैनात कर्मचारी के मुताबिक बिजली भी समस्या है, जब लाइट आती है तब ही टंकी भरती है। अफसरों को सूचना दे दी गई है, लेकिन मोटर अब तक रिपेयर नहीं हुई है। वाल्व खराब है, जिससे दिन भर पानी बर्बाद

होता रहता है। स्थान-कलारना गांव विकासखंड

कराहल

टंकी की क्षमता 1 लाख लीटर

स्थिति-टंकी बंद पड़ी है। अंदर शराब की बोतल और बिस्तर पड़ा है। साफ है बंद टंकी के स्थान को लोगों ने शराबखोरी का अड्डा बना लिया है। चौकीदार के रहने के कमरे पर भी ताला डला है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक लंबे समय से टंकी बंद है। यहां से पानी सप्लाई नहीं हो रहा है।

ढंगदा पानी की टंकी पर खराब वाल्व के कारण फैलता पानी। नईदुनिया

स्थिति- यहां हर घर पेयजल सप्लाई के लिए बकायदा ट्यूबवैल खनन हुआ, लेकिन अब भी इंद्रा कालोनी, आम बाला सहराना, बड़ी कालोनी, जवाहर कालोनी, मैन बाजार आदि कई इलाकों में पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके अलावा कई अन्य ग्रामीण इलाकों में भी पेयजल सप्लाई को लेकर दिक्कतें आ रही हैं

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