Friday, April 10, 2026
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प्रदेश में निवेश के लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अगला पड़ाव बेंगलुरू में मध्यप्रदेश में आईटी सेक्टर में निवेश के अवसरों पर इंटरेक्टिव सेशन 8 अगस्त को मुख्यमंत्री बेंगलुरू में उद्योगपतियों से करेंगे चर्चा

श्योपुर 03 -8- 2024

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अगला पढ़ाव बेंगलुरू में होने जा रहा है। जहाँ उद्योगपतियों के साथ 8 अगस्त को इंटरेक्टिव सेशन होगा। मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों को बढ़ाने के लिए किये जा रहे विशेष प्रयासों के तहत यह सत्र फरवरी, 2025 में होने वाले “इन्वेस्ट मध्यप्रदेश-ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025” से पहले ‘रोड़ टू जीआईएस’ श्रृंखला का हिस्सा है। GIS-25 में आईटी सेक्टर में उद्योगपतियों को निवेश के लिये आमंत्रित करने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7-8 अगस्त को बेंगलुरू में इंटरेक्टिव सेशन में उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। बेंगलुरू विप्रो, इंफोसिस, टीसीएस, आईबीएम जैसी कई बड़ी आईटी कंपनियों का हब है।

सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाएँ (आईटीईएस), इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम), कपड़ा और परिधान, एयरोस्पेस और रक्षा, ऑटोमोबाइल और ओईएम, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर और मेडिकल डिवाइस संबंधी उद्योगों के प्रदेश में निवेश पर विस्तृत चर्चा की जायेगी। वर्तमान आवश्यकतानुरूप प्रदेश में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में निवेश होने से म.प्र. के विकास में नए आयाम स्थापित होंगे। इसके अतिरिक्त सत्र में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और हितधारक शामिल होंगे। 7 अगस्त की शाम को नेटवर्किंग डिनर में उद्योगपतियों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ जुड़ने और संभावित सहयोग पर चर्चा करने का विशेष अवसर प्राप्त होगा।

सत्र में औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग/ एमपीएसईडीसी द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों पर प्रस्तुतीकरण दिया जायेगा। प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा मध्यप्रदेश में अपने अनुभव साझा करने और राज्य के औद्योगिक परिदृश्य और भविष्य की विकास संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जायेगी। 8 अगस्त को इंटरेक्टिव सत्र में फिल्म “एडवांटेज मध्य प्रदेश” दिखाई जाएगी, जो उद्योगपतियों को राज्य में अपने उद्योग स्थापित करने के लिये निवेश की सुविधाओं की जानकारी देगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार के दृष्टिकोण और नवाचारों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन बैठक, साथ ही वैश्विक क्षमता केंद्रों, आईटी और परिधान क्षेत्रों के साथ राउंड टेबल चर्चा भी होगी।

मुंबई और कोयंबटूर में सफल सत्रों के बाद, कर्नाटक के प्रमुख औद्योगिक केंद्र भारत की सिलिकॉन वैली बेंगलुरू में आयोजित किया जा रहा है। सत्र का उद्देश्य मध्यप्रदेश के प्रचुर संसाधनों, कुशल कार्यबल और अनुकूल औद्योगिक वातावरण से देश के प्रमुख औद्योगिक संस्थानों को अवगत कराकर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित कर मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी निवेश स्थल बनाना है। म.प्र. में आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश सरकार नवाचार कर रही है

चंबल संभागायुक्त  झा द्वारा एसडीएम व तहसीलदार न्यायालय कराहल का निरीक्षण

श्योपुर, 01 -8- 2024
राजस्व महाअभियान 2.0 के तहत चंबल संभागायुक्त  संजीव कुमार झा ने आज गुरूवार को श्योपुर जिले की तहसील कराहल के एसडीएम व तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसील न्यायालय में नामांतरण, बटवारा व समग्र ई-केवाईसी के प्रकरणों की जांच की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर डॉ अनुज कुमार रोहतगी, सीईओ जिला पंचायत  अतेन्द्र सिंह गुर्जर, तहसीलदार सहित अन्य आर आई, पटवारी मोजूद थे।
चंबल आयुक्त  संजीव कुमार झा ने इस अवसर पर एसडीएम न्यायालय, तहसीलदार कराहल न्यायालय सहित नायब तहसीलदार गोरस एवं पहेला न्यायालयों का निरीक्षण कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की स्थिति का अवलोकन किया गया। इस दौरान न्यायालयो में दर्ज राजस्व प्रकरणों तथा उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की गई तथा दायरा पंजी एवं अन्य राजस्व रिकार्ड का निरीक्षण किया गया। आरसीएमएस में दर्ज प्रकरणों एवं विभिन्न पंजियों के संधारण की स्थिति का अवलोकन भी किया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने बडौदा पहुंचे कलेक्टर

श्योपुर, 01 अगस्त 2024


कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा बडौदा पहुंचकर एसडीआरएफ की टीम द्वारा किये जा रहे रेक्स्यू ऑपरेशन का जायजा लिया गया तथा अतिवर्षा के कारण बडौदा के जलभराव वाले क्षेत्रो का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार बडौदा श्रीमती मनीषा मिश्रा, नायब तहसीलदार पाण्डोला  दर्शन लाल जाटव, नगर परिषद बडौदा के अध्यक्ष प्रतिनिधि  राजू सुमन आदि उपस्थित थे।


बडौदा में अतिवर्षा के कारण नाले में बालक के डूब जाने की सूचना पर एसडीआरएफ की दो टीमे सर्चिग के लिए लगाई गई थी, एक टीम पहले से ही सर्चिग कर रही थी, इसके बाद दूसरी टीम को भी कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड द्वारा मौके पर भेजा गया था। सर्चिग अभियान के दौरान तहसीलदार श्रीमती मनीषा मिश्रा एवं अन्य प्रशासनिक अमला पूरे समय मौके पर मौजूद रहा, इसके बाद कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने बडौदा पहुंचे। इसी के साथ उन्होने बडौदा में जलभराव वाले स्थानो का अवलोकन भी किया।

पार्वती नदी का जलस्तर बढा

पार्वती नदी में जलस्तर बढ गया है, रिपोर्ट के अनुसार शाम 7 बजे खातौली पुल पर डेढ फीट पानी की जानकारी एरिकेशन विभाग द्वारा दी गई है, जिसके चलते कोटा-खातौली मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया गया है। पार्वती नदी का डेंजर लेबल 198 मीटर है तथा वर्तमान में पानी का जलस्तर खतरे के निशान से 4.5 मीटर कम है। चंबल नदी में पाली पुल पर अभी 187.76 मीटर पानी का लेबल है, चंबल का डेंजर लेबल 199.50 मीटर है। आवदा बांध की भराव क्षमता 48.50 मीटर के लगभग है तथा वर्तमान में डैम शत प्रतिशत भर गया है।

वंदेमातरम के साथ कार्यालयो में हुई कामकाज की शुरूआत

श्योपुर, 01 अगस्त 2024
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड के नेतृत्व में माह अगस्त 2024 के प्रथम कार्य दिवस पर कार्यालय प्रारंभ होने के तत्काल पूर्व संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन स्थित कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारियों ने राष्ट्रीयगीत वंदेमातरम का गायन कलेक्ट्रेट परिसर श्योपुर में किया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर डॉ अनुज कुमार रोहतगी, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन,  वायएस तोमर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों ने राष्ट्रीयगीत वंदे मातरम का गायन किया। इसके उपरांत शासकीय कार्यालयों में काम-काज की शुरूआत हुई।

 

*पीएमजेजेवाय में 1.30 लाख और पीएमएसबीवाय में 1.70 लाख आंगनवाड़ी /मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को मिलेगा बीमा का लाभ

 

श्योपुर 31 जुलाई, 2024

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा ष्सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0ष् के अंतर्गत आंगनवाड़ी /मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को सामाजिक सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बीमा कवर का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। गत मंगलवार को मंत्रि-परिषद ने भी इसकी मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत कुल एक लाख 30 हजार 894 आंगनवाड़ी/ मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका लाभांवित होगी। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में कुल एक लाख 70 हजार 439 आंगनवाड़ी/ मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को लाभ मिलेगा। दोनों बीमा योजनाओं का क्रियान्वयन आंगनवाड़ी/मिनी कार्यकर्ता एवं सहायिका के मानदेय जमा किये जाने वाले बैंक खाते से संबंधित बैंक शाखा द्वारा किया जायेगा। बीमा योजना की प्रीमियम राशि उनकी सहमती से काटी जायेगी। जिसकी प्रतिपूर्ति भारत सरकार 60 प्रतिशत तथा राज्य सरकार 40 प्रतिशत वित्तीय व्यय भार अनुसार की जायेगी। योजना पर प्रतिवर्ष 6.05 करोड़ रूपये संभावित है, जिसमें राज्यांश के रूप में 2.42 करोड़ एवं केन्द्रांश राशि 3.63 करोड़ रूपये सम्मलित है।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाओं को 436 रूपये प्रति हितग्राही वार्षिक प्रीमियम के भुगतान से, किसी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये का जीवन जोखिम कवर किया जायेगा।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

योजना में 18 से 59 आयु वर्ग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिकाओं को 20 रूपये प्रति हितग्राही वार्षिक प्रीमियम के भुगतान से दूर्घटना में मृत्यु एवं स्थाई पूर्ण अपंगता की स्थिति में 2 लाख तथा आंशिक किन्तु स्थाई अपंगता की स्थिति में एक लाख रूपये की राशि का प्रावधान है।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत नवीन श्रेणी में असंगठित एवं प्रवासी श्रमिक को भी मिलेगा राशन

श्योपुर, 31 जुलाई 2024
मध्यप्रदेश शासन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग मंत्रालय के आदेशानुसार ई श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों को पात्रतानुसार खाद्यान्न की आवश्यकता की पूर्ति हेतु पात्रतापर्ची (राशनकार्ड) जारी किया जाना है। इसके लिये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत प्राथमिकता श्रेणी में नवीन श्रेणी असंगठित एवं प्रवासी श्रमिक जोडी जाती है। जिसकी पात्रता पर्ची एवं राशन प्रदाय प्रकिया निम्नानुसार होगी।
नवीन प्राथमिकता परिवार श्रेणी- असंगठित एवं प्रवासी श्रमिक श्रेणी के पंजीयन हेतु श्रम विभाग नोडल विभाग होगा। नवीन पात्रता श्रेणी जोडने का उदेश्य- ऐसे असंगठित एवं प्रवासी श्रमिक जो वर्तमान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत लाभांवित नहीं हो रहे हैं, को राशन उपलब्ध कराना है।
असंगठित एवं प्रवासी श्रमिक श्रेणी में श्रम विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना एवं ई- श्रम (भारत सरकार) पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिक, संबल योजना एंव ई- श्रम (भारत सरकार) पोर्टल पर पंजीकृत प्रवासी श्रमिक, केवल उन्हीं श्रमिकों का पंजीयन किया जाएगा, जो छथ्ै। अंतर्गत वर्तमान में किसी भी श्रेणी में पात्र न होने के कारण योजना का लाभ प्राप्त करने से वंचित हैं (ऐसे परिवार को छोड़कर जिनके मुखिया या सदस्य आयकरदाता हो या केन्द्र/राज्य सरकार के किसी कार्यालय, शासकीय/अर्द्ध शासकीय/सार्वजनिक/स्वायत्त उपक्रम जिसमें राष्ट्रीय बैक एवं सहकारी संस्थायऐं शामिल हैं, में प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय श्रेणी का अधिकारी/कर्मचारी हो) पात्र होंगे।
राशन मित्र पोर्टल पर पात्रता पर्ची संबंधी आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेजों में समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन पोर्टल अंतर्गत पंजीकृत समग्र परिवार आईडी एवं समस्त सदस्यों की आईडी, आवेदक सदस्य एवं परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड की छायाप्रति, मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के अंतर्गत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक का ई-कार्ड, ई-श्रम (भारत सरकार) पोर्टल पर दर्ज श्रमिकों का यूएएन नंबर/ई-कार्ड, परिवार के मुखिया या किसी एक सदस्य का मोबाईल नंबर शामिल हैं।

सीएम हेल्पलाइन एवं टीएल प्रकरणों के निराकरण में बेहतर कार्य के लिए मिलेगे प्रशस्ती पत्र ओपीडी समय के पूर्व ले रोगी वार्डो का राउंड-कलेक्टर

श्योपुर, 30 जुलाई 2024
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक के दौरान कहा कि सीएम हेल्पलाइन एवं टीएल मार्क आवेदनो के निराकरण में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रशस्ती पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जायेगा। इसके साथ ही अधिकारी समय सीमा में निराकरण नही करेंगे, उनके विरूद्ध जुर्माना लगाने की कार्यवाही भी की जायेगी। 
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने कहा कि आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु उनके आवेदन टीएल मार्क कर संबंधित अधिकारियों को प्रेषित किये जा रहे है। इन प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि ऐसे विभागीय अधिकारी जो टीएल मार्क प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में नही करेंगे, उनके 25 प्रतिशत आवेदनो को छोडकर शेष आवेदनो के निराकरण नही होने की स्थिति में 250 रूपये प्रति आवेदन जुर्माना लगाया जायेगा। यह कास्ट 5 हजार रूपये अधिकतम होगी। यह राशि रेडक्रॉस सोसायटी में जमा कराई जायेगी।
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिला अस्पताल की ओपीडी में सभी चिकित्सक अपने निर्धारित समयावधि तक रोगियों को देखना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि रोगी वार्डो का रांउड ओपीडी समय से पूर्व लिया जाये। इसी प्रकार मेटरनिटी वार्ड की ओपीडी में सभी स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं चिकित्सक अलग-अलग कक्ष में बैठकर प्रसुता एवं अन्य महिला रोगियों को देखेगे। इस अवसर पर उन्होने आंकाक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान में स्वास्थ्य विभाग के तीन सूचकांक एएनसी रजिस्ट्रेशन, डायबिटिज एवं ब्लडप्रेशर चैकअप के कार्य की समीक्षा भी की गई।
कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड ने मेरी पाठशाला-आदर्श पाठशाला अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूलो में विद्यार्थियो की उपस्थिति बढाई जाये। पालक शिक्षक संघ की बैठक बुलाकर अभिभावको से चर्चा की जायें। विद्यालयो में बुनियादी सुविधाओ के साथ बेहतर अकादमिक वातावरण तैयार करने में अपना सहयोग प्रदान किया जायें। इसके साथ ही उन्होने निर्देश दिये कि आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासो के निरीक्षण के लिए नियुक्त अधिकारी निरीक्षण उपरांत अपना प्रतिवेदन शीघ्रता से प्रस्तुत करें।

बैठक में डीएफओ कूनो  आर थिरूकुराल, अपर कलेक्टर डॉ अनुज कुमार रोहतगी, एसडीएम  उदयवीर सिंह सिकरवार, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन एवं  वायएस तोमर सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी उपस्थित थे।

श्योपुर में 56 मदरसे असंचालित पाये गये बंद पाये गये मदरसों की मान्यता की गई समाप्त

 

भोपाल मंगलवार,  30-7- 2024

श्योपुर में 56 मदरसे पूर्ण रूप से संचालित नहीं पाये गये है। जिला शिक्षा अधिकारी श्योपुर की रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड ने इन मदरसों की मान्यता समाप्त कर आदेश जारी कर दिये है। रिपोर्ट में बताया गया कि श्योपुर जिले में 80 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हो रहे है। इनमें 54 ऐसे मदरसे है जिन्हें राज्य शासन से अनुदान प्राप्त हो रहा है।

सचिव मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड ने बताया कि प्रदेशभर में समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गये है कि वे अपने क्षेत्र में संचालित मदरसों का मैदानी अमले द्वारा भौतिक निरीक्षण कराये। निरीक्षण में जो मदरसे राज्य शासन के नियमानुसार संचालित नहीं हो रहे है, उनकी मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड को भेजे जायें। नियमानुसार संचालित नहीं हो रहे मदरसों को स्कूल शिक्षा विभाग से मिलने वाली मदद तत्काल बंद कराई जायेगी।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने जारी किये निर्देश

स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों में मैदानी अमले से सभी शिक्षण संस्थाओं का सतत निरीक्षण करें। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार की विभागीय योजनाओं का लाभ मिले साथ ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने प्रदेश में संचालित मदरसो की भौतिक सत्यापन की जांच में तेजी लाने के भी निर्देश भी दिये है। उन्होंने कहा कि जो मदरसे नियमानुसार संचालित नहीं हो रहे है उनकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाये। साथ ही प्रायवेट शिक्षण संस्थाओं के स्कूलों का भी भौतिक सत्यापन तेज गति से किया जाये

जलावर्धन योजना में मंडी गांव की डेढ़ किलोमीटर सीसी सड़क को तोड़ा गया, 6 महिने के पश्चात भी कंपनी ने नहीं किया सीसी सड़क का निर्माण, ग्रामीण परेशान।

श्योपुर – दिनांक 28/07/24

तत्काल सीसी सड़क का निर्माण किया जाए एंव परियोजना में किए जा रहे भ्रष्टाचार की जांच करें प्रशासन- राधेश्याम मीणा मूंडला


 जलावर्धन योजना के अंतर्गत पार्वती नदी से बिछाई जा रही पाइप लाइन के कारण राधापुरा पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम मंडी की डेढ़ किलोमीटर सीसी सड़क को तोड़ दिया गया है । ग्रामीणों की सूचना पर रविवार को किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला ने गांव की समस्या की जानकारी ली । किसान नेता राधेश्याम मीणा ने बताया की लगभग 170 करोड़ की जलावर्धन परियोजना की के अंतर्गत जिले में पाइपलाइन बिछाई जा रही है । ग्राम मंडी में पाइप लाइन बिछाने के लिए डेढ़ किलोमीटर की सीसी सड़क को तोड़ दिया गया है परंतु 6 महीने गुजर जाने के पश्चात भी संबंधित कंपनी ने तोड़ी गई सीसी का निर्माण नहीं किया है जिसके कारण ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो चुका है एवं ग्राम वासियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । इस परियोजना में संबंधित कंपनी के द्वारा लापरवाही बरती जा रही है एवं भ्रष्टाचार भी किया जा रहा है । किसान नेता राधेश्याम मीणा ने जिला प्रशासन से मांग करते हुए कहा की तोड़ी गई सीसी सड़क का निर्माण सीघ्र किया जाए एंव परियोजना में बरती जा रही अनियमिताओं की जांच की जाए

इस मोके पर ग्राम पंचायत राधापुरा के सरपंच धारासिंह मीणा ने भी तोड़ी गई सीसी सड़क का सीघ्र निर्माण कार्य करवाए जाने की मांग की है

बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य करें, बांधों के गेट खुलने पर ग्रामीणों को करें सूचित रू मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा सुनिश्चित करें रू मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पुल-पुलियों और रपटों पर बहाव तेज हो तो आवागमन न किया जाए
अतिवर्षा और बाढ़ की स्थिति में सेना भी सहयोग करेगी, कलेक्टर्स समय पर सूचित करें
मंत्रालय से हुई वीडियो कांफ्रेंस से जुड़े प्रदेश के सभी जिले
श्योपुर, 29- 7- 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि वर्षा काल में प्रदेश में कहीं भी जन हानि न हो, इसके लिए सभी कलेक्टर्स अपने नेतृत्व में जिलों में प्रशासनिक अमले को दायित्व सौंपे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य करे। संबंधित अमला चैतन्य रहे और घटना-दुर्घटना के पूर्व आम जनता को आगाह भी किया जाए। अतिवर्षा या बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए समन्वय में कोई कमी नहीं रहना चाहिए। लोगों की जीवन रक्षा के लिए कहीं सेना की जरूरत हो तो कलेक्टर्स समय पर बताएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कल दिल्ली में ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए एक हादसे में बेसमेंट क्षेत्र में पानी भरने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे तीन युवाओं की असामयिक मृत्यु दुरूखद और दर्दनाक है। इस घटना के प्रकाश में मध्यप्रदेश के बेसमेंट में संचालित कोचिंग केंद्रों के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में वर्षा की स्थिति और कुछ जिलों में बाढ़ की आशंका के संबंध में समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अनेक जिलों के कलेक्टर्स-कमिश्नर्स से प्रदेश में अतिवर्षा की स्थिति में आवश्यक प्रबंधों के संबंध में चर्चा कर निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग ऐसे पुल-पुलियों की जानकारी संकलित कर, जहां दुर्घटनाएं पूर्व में हुई हैं, ऐसे रपटों और पुलों पर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे। पुलों पर पानी का भराव हो तो लोगों को न जाने दें। बांधों से पानी छोड़ें तो प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट करें। तैराक दल भी ऐसे स्थानों पर उपलब्ध रहें। स्थानीय स्तर पर तालमेल रहे। जिलों और तहसीलों की परस्पर जानकारी रहे। अति वर्षा की स्थिति और बाढ़ की चुनौती से प्रशासन को निपटना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोई जनहानि न हो, इसके लिए सजग रहें। निरंतर मानीटरिंग होती रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कंट्रोल रूम की ड्यूटी वाले अधिकारी- कर्मचारी 24 घंटे चैतन्य रहें। जरूरत के अनुसार स्काउट- गाइड और सेवा भावी संस्थाओं की सेवाएं अति वर्षा की स्थिति में प्राप्त करें।
आवश्यक सेवाओं में बाधा न हो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्षा के दिनों में पेयजल आपूर्ति में स्वच्छता का ध्यान रखें। आम जनता को जीवन की उपयोगी वस्तुएं बिना बाधा के मिलती रहें। आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित किया जाए। वर्षाकाल में उत्पन्न समस्याओं के कारण मवेशियों की मृत्यु भी हो जाती है। कहीं मृत मवेशी न रखे रहें, उनको उठवाने का कार्य समय पर किया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन पुल-पुलियों अथवा रपटों पर जल बहाव तेज हो, वहां से नागरिकों को आवागमन न करने दिया जाए। उनकी जीवन रक्षा के लिए आवश्यक तैराक दल भी ऐसी जगह पर उपलब्ध रहना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र का जिले और तहसील से संपर्क रहे। जहां दुर्घटना की या जल भराव ज्यादा होने के आशंका है, आवश्यक ध्यान रखा जाए।
कटनी के परिवार के लिए मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से राशि मंजूर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हाल ही में जबलपुर,मंडला और कटनी जिलों में अति वर्षा से कुछ नागरिकों की असमय मृत्यु हुई है, जो पीड़ादायक है। ऐसे दुर्घटनाएं आगे न हों, यह सुनिश्चित किया जाए। जहां लोग पिकनिक मनाने के लिए जाते हैं, ऐसी नदियों तालाबों पर बचाव दल की आवश्यक व्यवस्था रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ जिलों में अधिक वर्षा से हुई जन हानि को दुखद बताया। उन्होंने विशेष रूप से कटनी जिले में एक कुएं में गिरने से चार लोगों की मृत्यु पर भी दुख व्यक्त किया। इस प्रकरण में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवार के वैध वारिसों को प्रति मृत व्यक्ति 4 लाख रुपए के मान से 16 लाख रुपए की राशि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाएं नहीं होना चाहिए। खुले बोरवेल भी बंद हों। ऐसी लापरवाही से किसी की जान जा सकती है। नागरिक स्वयं सजग रहें और प्रशासनिक अमला भी सक्रिय और सजग रहे।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सावन के महीने में मंदिरों में श्रद्धालुओं का आना- जाना निरंतर होता है। इसका जिला वार आकलन किया जाए। त्यौहारों पर नागरिकों के धर्म स्थलों पर जाने के मार्ग और अथवा उन स्थानों पर भी आवश्यक सुरक्षा आवश्यक है, जो धर्मस्थल जल स्रोतों के पास या नदियों के पास हैं। ऐसी जगहों पर जहां जल स्तर बढ़ सकता है,वहां सुरक्षा की दृष्टि से निरंतर नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमिश्नर उज्जैन, कलेक्टर शाजापुर, कलेक्टर नर्मदापुरम, कलेक्टर जबलपुर और कलेक्टर कटनी से वर्षा की स्थिति और बाढ़ की आशंका के संबंध में जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए।
बेसमेंट में चलने वाले कोचिंग संस्थानों के निरीक्षण के निर्देश जारी
इस अवसर पर प्रमुख सचिव राजस्व  निकुंज कुमार श्रीवास्तव ने प्रजेंटेशन दिया। बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास  नीरज मंडलोई ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशों के परिपालन में प्रदेश में बेसमेंट में चल रहे कोचिंग के स्थानों में जल भराव होने पर जल निकासी की व्यवस्था देखने और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजौरा ने बताया कि 16 नगर निगम कमिश्नर्स भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े हैं। उन्हें बेसमेंट में चल रहे कोचिंग संस्थानों और अन्य धर्मशालाओं और संस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके अलावा विभिन्न नगरों- कस्बों में निचली बस्तियों में भी आवश्यक सावधानियां बरतने एवं कच्चे मकानो में बिजली के करंट फैलने से वर्षा काल में उत्पन्न होने वाली समस्या के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव राजस्व ने बताया कि प्रदेश में एक जून से 29 जुलाई तक 18.5 इंच वर्षा दर्ज हुई है। अधिक वर्षा वाले जिलों में राजगढ़, नीमच, भोपाल, सिवनी, ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, रायसेन एवं सीहोर शामिल हैं। प्रदेश के सिर्फ कटनी जिले में अधिक वर्षा से उत्पन्न स्थिति के कारण राहत शिविर का संचालन किया जा रहा है। बरगी जलाश्य का जल स्तर बढ़ने पर गेट खोलने का निर्णय लिया जा रहा है। इसके प्रवाह से प्रभावित होने वाले जिलों को अलर्ट किया गया है। अनेक बांधों में जल भराव 50 से 75 प्रतिशत के मध्य है। जिला कलेक्टरों को निचली बस्तियों में रहने वाले निवासियों को समय पर सतर्क करने और आवश्यकतानुसार अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ उन्मुख नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी के लिए कहा गया है। सभी विभाग निर्धारित पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें और बाढ़ की पूर्व सूचना के लिए समुचित व्यवस्था करें, ऐसे निर्देश दिए गए हैं। आवश्यक सेवाओं के रख-रखाव और बचाव दलों की व्यवस्था के लिए भी कहा गया है। प्रजेंटेशन में बताया गया कि डिसास्टर वार्निंग रिस्पॉन्स सिस्टम लागू किया गया है। इससे जलाशयों, नदियों के स्तर और गेटों के खोलने की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जल संसाधन विभाग द्वारा एसडीआरएफ, जिला प्रशासन और नागरिकों को एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही राजस्व एवं राहत आयुक्त के अमले द्वारा वर्षा से क्षति पर रिपोर्ट तैयार करने, जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों को भारी वर्षा की चेतावनी और एसएमएस अलर्ट देने के साथ ही एसडीआरएफ एवं राज्य आपदा केंद्र के स्टाफ द्वारा जिला प्रशासन और नागरिकों को सूचित कर सजग करने की भूमिका निभाई जा रही है।
मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा द्वारा पूर्व में प्रदेश के सभी जिलों को अति वर्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।
वीसी के दौरान एनआईसी कक्ष श्योपुर में कलेक्टर  लोकेश कुमार जांगिड, पुलिस अधीक्षक  अभिषेक आंनद, अपर कलेक्टर डॉ अनुज कुमार रोहतगी, सीईओ जिला पंचायत  अतेन्द्र सिंह गुर्जर, डिप्टी कलेक्टर  संजय जैन सहित विभिन्न विभागो के अधिकारी उपस्थित रहें।