श्रवण एवं वाक् बाधितों को न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल, श्योपुर में गूंजा ‘अनुगूंज’ विधिक साक्षरता शिविर

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प्रदेश के 55 जिलों में एक साथ हुआ आयोजन, दिव्यांगजनों को कानूनी अधिकारों, योजनाओं और न्याय तक पहुंच की दी गई जानकारी

श्योपुर, 13 जून 2026

#CrimeNationalNews  न्याय तक समान पहुंच और दिव्यांगजनों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अभिनव पहल ‘अनुगूंज राज्यव्यापी विधिक साक्षरता शिविर’ शनिवार को श्योपुर सहित प्रदेश के सभी 55 जिलों में एक साथ आयोजित किया गया। श्रवण एवं वाक् बाधित समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी संरक्षण और सरकारी सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस विशेष अभियान ने दिव्यांगजनों को न्याय की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। #Anugoonj2026

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संरक्षक न्यायमूर्ति विवेक रुसिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस राज्यव्यापी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से किया गया, जिससे प्रदेशभर के जिलों में एक साथ सहभागिता सुनिश्चित हुई।  #LegalAwarenessCamp

एडीआर भवन में जुटे न्यायिक अधिकारी, चिकित्सक और विशेषज्ञ #MadhyaPradesh

श्योपुर जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन में आयोजित शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश कपिल मेहता की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश, जिला रजिस्ट्रार, अन्य न्यायिक अधिकारी, चिकित्सक, सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी, जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के प्रतिनिधि, सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ तथा बड़ी संख्या में श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्ति शामिल हुए। #DistrictLegalServicesAuthority 

“न्याय तक पहुंच हर नागरिक का अधिकार”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कपिल मेहता ने कहा कि श्रवण एवं वाक् बाधित समुदाय सहित प्रत्येक दिव्यांगजन को सम्मान, समान अवसर और न्याय तक निर्बाध पहुंच उपलब्ध कराना समाज और शासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता के माध्यम से दिव्यांगजन अपने अधिकारों के प्रति सजग होकर समाज में अधिक सशक्त भूमिका निभा सकते हैं। #SheopurNews

सांकेतिक भाषा के माध्यम से सुनी गईं समस्याएं और अनुभव

शिविर के दौरान सांकेतिक भाषा विशेषज्ञों की सहायता से उपस्थित श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों से संवाद स्थापित किया गया। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए न्यायिक प्रक्रियाओं, सरकारी योजनाओं और दिव्यांगजन अधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस संवाद ने प्रशासन और दिव्यांग समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हेल्पडेस्क पर मिली चिकित्सा और प्रमाण पत्र संबंधी सहायता

कार्यक्रम के दौरान जिला चिकित्सालय की चिकित्सकीय टीम एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों द्वारा विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए गए। यहां दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा दिव्यांगता प्रमाण पत्र, पात्रता, शासकीय योजनाओं और अन्य आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रियाओं से संबंधित मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान की गई।  #DivyangRights

पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रवण एवं वाक् बाधित व्यक्तियों ने जिला न्यायालय परिसर में पौधरोपण किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का संदेश देते हुए सभी प्रतिभागियों ने हरित वातावरण के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

‘अनुगूंज’ शिविर केवल एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि दिव्यांगजनों को न्याय, अधिकार और सम्मान की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी अभियान साबित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम समाज में समावेशी न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ दिव्यांग समुदाय के आत्मविश्वास और सहभागिता को भी नई दिशा प्रदान करते हैं।

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