जिला मजिस्ट्रेट का सख्त आदेश: बिना अनुमति रैली, जुलूस, सभा और नारेबाजी पर रोक, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
श्योपुर | 09 जून 2026 #CrimeNationalNews
जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक गतिविधियों में बाधा रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शीला दाहिमा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए जिले में धरना, प्रदर्शन, जुलूस और रैलियों के आयोजन पर कड़ी शर्तें लागू कर दी हैं। SheopurNews
जारी आदेश के अनुसार अब किसी भी व्यक्ति, संगठन, संघ या समूह को धरना, प्रदर्शन, जुलूस, सभा अथवा रैली आयोजित करने से पहले संबंधित एसडीएम से विधिवत अनुमति प्राप्त करनी होगी। इसके लिए कम से कम 48 घंटे पूर्व लिखित आवेदन देना अनिवार्य रहेगा।
कलेक्ट्रेट बना नो-प्रोटेस्ट जोन Section163
प्रशासन ने संयुक्त जिला कार्यालय (कलेक्ट्रेट) परिसर और उसके चारों ओर 100 मीटर की परिधि को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस दायरे में बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस, सभा, नारेबाजी और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।
हथियार लेकर निकलने वालों पर होगी कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक पदार्थ, आग्नेयास्त्र, लाठी, डंडा, भाला, बरछी, फरसा, कुल्हाड़ी, तीर-धनुष या अन्य धारदार हथियार लेकर नहीं चलेगा और न ही किसी सशस्त्र जुलूस में भाग ले सकेगा।
हालांकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी और सुरक्षाकर्मी इस आदेश से मुक्त रहेंगे।
आवेदन में देनी होगी पूरी जानकारी BNSS2023
यदि कोई संगठन या व्यक्ति धरना-प्रदर्शन करना चाहता है तो उसे आवेदन में आयोजन का उद्देश्य, स्थान, समय, संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देना अनिवार्य होगा। प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर ही कार्यक्रम की अनुमति दी जाएगी। SheopurCollector
उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई SheopurUpdate
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का संदेश: शांति व्यवस्था से कोई समझौता नहीं
जिला प्रशासन का कहना है कि यह कदम जिले में शांति, सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। बिना अनुमति किसी भी प्रकार की भीड़, प्रदर्शन या जुलूस अब सीधे कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएगा।
