घड़ियाल, मगरमच्छ से लेकर प्रवासी पक्षियों तक होगी वैज्ञानिक गणना
श्योपुर, 06 फरवरी 2026
चंबल नदी क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण और वैज्ञानिक आंकड़ों के संकलन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जलीय जीवों एवं पक्षियों की वार्षिक गणना के लिए गठित सर्वेक्षण दल को गुरुवार को चंबल नदी के घाट दांतरदा क्षेत्र से रवाना किया गया।
मुख्य वन संरक्षक, ग्वालियर वृत्त एवं वनमंडलाधिकारी, मुरैना द्वारा सर्वेक्षण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह सर्वेक्षण चंबल नदी क्षेत्र में संरक्षण, प्रबंधन और दीर्घकालीन अध्ययन के लिए अहम माना जा रहा है।
घड़ियाल, मगरमच्छ और प्रवासी पक्षियों पर विशेष फोकस
सर्वेक्षण दल द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार—
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घड़ियाल
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मगरमच्छ
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अन्य जलीय जीव
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स्थानीय, प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षियों
की गणना की जाएगी। इससे चंबल नदी क्षेत्र में वन्यजीवों की वास्तविक स्थिति और संख्या का सटीक आकलन हो सकेगा।
मध्यप्रदेश-राजस्थान का संयुक्त सर्वेक्षण दल
इस सर्वेक्षण में वन विभाग के फील्ड स्टाफ के साथ राजस्थान वन विभाग के प्रतिनिधि भानु प्रताप सिंह एवं उनका फील्ड स्टाफ भी शामिल है। संयुक्त सर्वेक्षण से आंकड़ों की विश्वसनीयता और समन्वय को मजबूती मिलेगी।
वन अधिकारी व कर्मचारी रहे मौजूद
सर्वेक्षण दल की रवानगी के दौरान—
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अधीक्षक, राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य, श्योपुर संदीप वास्कले
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गेम रेंज ऑफिसर, सबलगढ़ दीपक शर्मा
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वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी
मौजूद रहे।
चंबल संरक्षण की दिशा में अहम कदम
यह वार्षिक गणना न केवल चंबल नदी की पारिस्थितिकी को समझने में मदद करेगी, बल्कि घटती या बढ़ती वन्यजीव आबादी पर नजर रखने और भविष्य की संरक्षण योजनाओं को मजबूत आधार भी प्रदान करेगी।
